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                <title>dabur - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>डाबर ने निवेशकों किया मालामाल</title>
                                    <description><![CDATA[डाबर इंडिया ने हाल में ही सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, डाबर इंडिया ने इसके साथ ही घोषणा की है कि उसने बादशाह मसाले में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/dabur-made-investors-rich/article-27884"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/dabur_logo-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। डाबर इंडिया लिमिटेड ने दूसरी तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद भी 250 फीसदी का डिविडेंड देने की घोषणा की है। डाबर इंडिया के शेयरों की फेस वैल्यू एक प्रति शेयर है जबकि कंपनी ने 2.5 रुपए प्रति शेयर का डिविडेंड देने की घोषणा की है। इस हिसाब से डाबर इंडिया अपने शेयरों पर 250 फीसदी का अंतरिम डिविडेंड देने जा रही है। डाबर इंडिया ने हाल में ही सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, डाबर इंडिया ने इसके साथ ही घोषणा की है कि उसने बादशाह मसाले में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली है। डाबर इंडिया ने मई 2001 के बाद से अब तक 47 बार डिविडेंड देने की घोषणा की है। डाबर इंडिया लिमिटेड का सितंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 2.85 फीसदी घटकर 490.86 करोड़ रुपए रह गया है। शेयर बाजार के विश्लेषकों को यही अनुमान था। </p>
<p>डाबर इंडिया ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में यह बताया है। पिछले सितंबर तिमाही में कंपनी ने 503 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था। डाबर इंडिया की परिचालन आय 2022 की दूसरी तिमाही में 6 फीसदी बढ़कर 2986 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 2818 करोड़ थी।  डाबर इंडिया का कुल खर्च भी चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में करीब 9 फीसदी बढ़कर 2471 करोड़ रुपए हो गया है। एक साल पहले की इसी अवधि में यह 2268.47 करोड़ रुपए था। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में डाबर का एबिटडा 600 करोड़ रुपए रहा है, पिछले साल की दूसरी तिमाही में यह 620 करोड़ रुपए पर था। डाबर इंडिया के मार्जिन में भी मामूली कमजोरी दिखाई दी है। साल दर साल आधार पर यह 22 फीसदी से घटकर 20.1 फीसदी रह गया है। डाबर इंडिया ने डिविडेंड देने के लिए 4 नवंबर 2022 को रिकॉर्ड डेट तय किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Oct 2022 12:22:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>डाबर च्यवनप्राश का नियमित सेवन वायू प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से रखता है सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक डाबर च्यवनप्राश का नियमित सेवन वायू प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से रखता है सुरक्षित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%A1%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%82-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B7%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-2519"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/dabar.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आयुर्वेद कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड ने अपने प्रीमियम आयुर्वेदिक प्रोडक्ट- डाबर च्यवनप्राश पर एक वैज्ञानिक अध्ययन किया है। इस अध्ययन के द्वारा यह जानने की कोशिश की गई कि पार्टीकुलेट मैटर के कारण होने वाली श्वास संबंधी  की बीमारियों पर डाबर च्यवनप्राश किस तरह से असरदार है। अध्ययन से पता चला है कि डाबर च्यवनप्राश वायु प्रदूषकों जैसे पीएम 2.5 के कारण होने वाली फेफड़ों संबंधी बीमारियों से सुरक्षित रखने में काफ़ी कारगर है।<br /><br />अध्ययन के परिणामों से पता चला हे कि डाबर च्यवनप्राश का नियमित सेवन करने से इन्फेक्शन और पार्टीकुलेट मैटर के कारण फेफड़ों की बीमारियों की संभावना कम हो सकती  है। च्यवनप्राश सेहत के लिए, खासतौर पर रेस्पीरेटरी सिस्टम के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है। यह शरीर की इम्यूनिटी  बढ़ाकर क्रोनिक रेस्पीरेटरी रोगों जैसे क्षय (ट्युबरकुलोसिस)  म॓ समर्थन देता है।च्यवनप्राश में ऐसी कई जड़ी-बूटियां हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं और प्राचीनकाल से ही इम्यूनिटी बढ़ाने एवं लम्बी उम्र के लिए इनका उपयोग किया जाता रहा है।</p>
<p><br />इन परिणामों के बारे में बात करते हुए राजीव जॉन, वाईस प्रेज़ीडेन्ट- मार्केटिंग, डाबर इंडिया लिमिटेड ने कहा, ‘‘बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है और इसकी वजह से लोग कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। आज इम्युनिटी बढ़ाना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो चुका है। 40  से अधिक जड़ी-बूटियों जैसे आंवला, अश्वगंधा और गिलोय के गुणों से भरपूर डाबर च्यवनप्राश हमेशा से एलर्जी और इन्फेक्शन से लड़ने के लिए इम्यूनिटी बढ़ाता रहा है। सीपीसीएसईए के दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए किए गए इस अध्ययन के बाद हमें विश्वास है कि डाबर च्यवनप्राश खासतौर पर शहरी भारत के लोगों को वायू प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से सुरक्षित रखने में मददगार है।’ <br /><br />वायू प्रदूषण में पार्टीकुलेट मैटर मुख्य रूप से पाया जाता है, इसमें प्राकृतिक एवं मानवजनित स्रोतों से उत्पन्न होने वाले हानिकारक पदार्थ होते हैं। पार्टीकुलेट मैटर के कणों का आकार 2.5 स॓10 मिलीमीटर या इससे भी कम हो सकता है । ऐसे में ये लम्बे समय तक हवा में बने रहते हैं और सांस के साथ शरीर के भीतर जाकर फेफड़ों में जमा होने लगते हैं। ये मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।<br /><br /></p>
<p>डॉ जेएलएन शास्त्री, ग्लोबल आर एण्ड डी हैड, डाबर इंडिया लिमिटेड ने कहा कि इससे पहले भी डाबर ने कई क्लीनिकल और प्रीक्लीनिकल अध्ययन किए हैं जो बताते हैं कि च्यवनप्राश इम्यूनिटी , मौसम में बदलाव के कारण होने वाली बीमारियों, एलर्जी एवं इन्फेक्शन आदि के लिए काफ़ी फायदेमंद है। च्यवनप्राश त्रिदोष- वात, पित्त और कफ को संतुलित बनाने में मदद करता है, जिनका विवरण प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में दिया गया है। यह डेनड्रिटिकसैल्स, एन के सैल्स और मैक्रोफेजेज़ को एक्टिवेट कर जर्म्स से लड़ने में मदद करता है। डाबर हमेशा से आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के संयोजन के साथ हेल्थ सोल्युशन्स लाता रहा है। इस अध्ययन के परिणाम इम्यूनिटी  के लिए च्यवनप्राश के फायदों को  दर्शते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Thu, 18 Nov 2021 16:45:54 +0530</pubDate>
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                <title>सर्दियों में सेहतमंद रहे च्वयनप्राश के साथ</title>
                                    <description><![CDATA[डाबर च्यवनप्राश ने विशाल जागरूकता अभियान शुरू किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AF%E0%A4%A8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5/article-2315"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/ch.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। डाबर च्यवनप्राश ने शुक्रवार को विशाल जागरूकता अभियान शुरू किया। बीएचयू वाराणसी आयुर्वेदिक एमडी डॉक्टर परमेश्वर अरोड़ा ने बताया कि खासतौर पर यह अभियान जरूरतमंद बच्चों को ध्यान रखते हुए शुरू किया गया है। बदलते मौसम में वे किस तरह अपनी इम्यूनिटी बढ़ाकर बकेटेरिया एवम वायरस से होने वाली आम बीमारियों से अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं। डाबर के मार्केटिंग हैड प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि एक क्लीनिकल अध्ययन में डाबर चायनप्राश के नियमित सेवन से टेस्टेड लोगों में कोविड इंफेक्शन की संभावना में 12 गुणा तक कमी पायी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Nov 2021 16:16:45 +0530</pubDate>
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