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                <title>State Governments Notice Police Excesses Probe - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>State Governments Notice Police Excesses Probe RSS Feed</description>
                
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                <title>सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले छात्रों पर दमनात्मक कार्रवाई नहीं, व्यक्तिगत जानकारी भी रहेगी सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने देशव्यापी छात्र आंदोलनों के दौरान गिरफ्तार बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड वाले सभी छात्रों को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने केंद्र तथा सात राज्यों से जवाब तलब करते हुए छात्रों पर दमनकारी कार्रवाई रोकने, डिजिटल डेटा सुरक्षित रखने और हिंसा की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-order-of-supreme-court-no-repressive-action-on-students/article-161200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/supremm-court.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने पिछले सप्ताह हुए विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने पर गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए उन सभी छात्रों को मंगलवार को रिहा करने का आदेश दिया जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इसके साथ ही न्यायालय ने केंद्र सरकार और असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा केरल सरकारों से जवाब मांगा है। न्यायालय ने यह भी कहा कि राष्ट्रव्यापी छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और पुलिस कर्मियों को आई चोटों के आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जरूरी है। न्यायालय ने इस मामले में अंतरिम निर्देशों की एक श्रृंखला जारी करते हुए यह भी संकेत दिया कि वह अपने एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल का गठन कर सकती है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ पुलिस बर्बरता के आरोपों वाली याचिकाओं के साथ-साथ घायल पुलिस कर्मियों और मीडियाकर्मियों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। न्यायालय ने छात्र प्रदर्शनकारियों की व्यक्तिगत जानकारी और डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखने तथा ऐसी जानकारी को फिलहाल सार्वजनिक न करने का आदेश दिया। न्यायालय ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि प्रदर्शनकारियों के व्यक्तिगत विवरण प्रकाशित न किए जाएं। इसके साथ ही, बिना किसी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले छात्रों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने को लेकर कोई भी दंडात्मक या दमनकारी कार्रवाई न की जाए। न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को इन घटनाओं से जुड़े सभी सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज, कैमरा रिकॉर्डिंग, वायरलेस रिकॉर्ड और पीसीआर लॉग को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 15:14:21 +0530</pubDate>
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