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                <title>Trump Amicable Discussions Iran Negotiations - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ईरान पर दबाव जारी, ट्रंप बोले- बातचीत सकारात्मक, लेकिन जरूरत पड़ी तो फिर करेंगे सैन्य कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस समय सकारात्मक बातचीत चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान पर दबाव बना हुआ है और यदि कूटनीतिक वार्ता किसी तार्किक नतीजे पर नहीं पहुंचती है, तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई का विकल्प चुन सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pressure-continues-on-iran-trump-said-talks-are-positive/article-161209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल "सौहार्दपूर्ण वार्ता" चल रही है, हालांकि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप ने मिशिगन के मिलफोर्ड में सोमवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, "हम उन पर जबरदस्त दबाव बना रहे हैं, लेकिन देखते हैं कि इसका क्या परिणाम निकलता है। इस समय उनके साथ हमारी बहुत सौहार्दपूर्ण वार्ता चल रही है।" उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने अमेरिका से उसकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने का अनुरोध किया है।</p>
<p>इससे पहले एक्सियोस ने शनिवार को सूत्रों के हवाले से खबर दी थी कि ट्रंप ने ईरान पर लगातार 13 दिनों तक चले हमलों के बाद आगे की सैन्य कार्रवाई रोकने का आदेश दिया है। वहीं, सोमवार को ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ बैठक का अनुरोध किया है, लेकिन यदि वार्ता विफल रहती है तो सैन्य विकल्प फिर अपनाया जा सकता है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, 18 जून को ईरान और अमेरिका ने 28 फरवरी से जारी संघर्ष समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे। अमेरिकी सेना ने आठ जुलाई से ईरान पर कई दौर के हमले किये। अमेरिकी केंद्रीय कमान का कहना था कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ ईरानी कार्रवाई के जवाब में किये गये, जबकि ईरान ने इसके जवाब में पश्चिम एशिया स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किये।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, 12 जुलाई को ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप समाप्त होने तक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की थी। इसके अगले दिन ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य का "संरक्षक" बनेगा। उन्होंने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी भी फिर से लागू कर दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 18:35:50 +0530</pubDate>
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