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                <title>solar - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>आदिवासी क्षेत्रों के गरीबों को सौर ऊर्जा की योजनाएं उपलब्ध, प्रधानमंत्री सूर्य मुफ्त बिजली योजना का लाभ लें लोग : जोशी </title>
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                        <![CDATA[इस योजना से गरीब बिजली पैदा कर सकता है और उसमें जो बिजली बचे, उस ऊर्जा को वह सरकार को बेच कर लाभ कमा सकता है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/solar-energy-schemes-are-available-to-the-poor-in-tribal/article-96684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/23.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार नें कहा है कि गरीबों और आदिवासी क्षेत्रों के अत्यधिक गरीब लोगों को सौर ऊर्जा जैसी कई योजनाएं उपलब्ध हैं और ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री सूर्य मुफ्त बिजली जैसी योजना का लाभ लेना चाहिए। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने गरीब से गरीब व्यक्ति को बिजली उपलब्ध कराने के लिए पीएम सौर ऊर्जा योजना बनाई हैं, और इनका निशुल्क लाभ देश के आदिवासी तथा दूसरे क्षेत्र के सभी गरीबों को दिया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को पक्के घर दिए जा रहे हैं, और उसके तहत हर घर के ऊपर एक किलोवाट अक्षय ऊर्जा पैदा कराने की सुविधा भी दी जा रही हैं। इस योजना से गरीब बिजली पैदा कर सकता है और उसमें जो बिजली बचे, उस ऊर्जा को वह सरकार को बेच कर लाभ कमा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में ग्राम उत्कर्ष अभियोजना चलाई जा रही है। इसके साथ ही सबको बिजली देने की और भी कई योजनाएं हैं, जिसका लाभ आदिवासी क्षेत्र के गरीबों को लेना चाहिए। इसके अलावा पीएम सूर्य बिजली मुक्ति योजना भी है, जिसका लाभ आदिवासियों को लेना चाहिए। इस योजना का उपयोग कर गरीब को फ्री में बिजली उपलब्ध हो सकेगी।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Dec 2024 15:49:04 +0530</pubDate>
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                <title>सर्वोटेक ने लांच की सोलर की नई सीरीज </title>
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                        <![CDATA[ सर्वोटेक के मुताबिक उनके उत्पादों से किसानों को सोलर एनर्जी का इस्तेमाल करके आर्थिक रूप से सशक्त होने में मदद मिलेगी और हरित खेती को बढ़ावा मिलेगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/servotech-launches-new-series-of-the-solar%C2%A0innovative/article-93957"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/6633-copy86.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सर्वोटेक ने घरों और कमर्शियल छतों के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम योजना जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं के अनुरूप सोलर ऑन-ग्रिड इनवर्टर, सोलर हाइब्रिड इनवर्टर, सोलर माइक्रो इनवर्टर, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और सोलर पंप कंट्रोलर की अपनी इनोवेटिव और उच्च तकनीक वाली नई सीरीज लॉन्च की है। सर्वोटेक के मुताबिक उनके उत्पादों से किसानों को सोलर एनर्जी का इस्तेमाल करके आर्थिक रूप से सशक्त होने में मदद मिलेगी और हरित खेती को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>सर्वोटेक के फाउंडर और एमडी रमन भाटिया ने कहा कि हमारे सोलर सॉल्यूशंस न केवल कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद करते हैं, बल्कि सस्टेनेबल ग्रोथ को भी बढ़ावा देते हैं। रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में एक ग्लोबल लीडर के रूप में हम तमाम उत्पादों के जरिये भविष्य को गति देने में सबसे आगे हैं। हम ग्राहकों, उद्योगों और समाज को लाभ पहुंचाने वाले ऊर्जा-कुशल, डीकार्बोनाइजिंग और सर्कुलर सॉल्यूशंस प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी की सीमाओं को लगातार आगे बढ़ाते हैं।</p>
<p>रमन भाटिया ने कहा कि उनके अत्याधुनिक समाधान घरेलू और व्यावसायिक क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा कर पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता को कम करेंगे। उन्होंने बताया कि सर्वोटेक के प्रोडक्ट्स की रेंज में 1 किलोवाट-100 किलोवाट के ऑन ग्रिड इनवर्टर, 2 किलोवाट से 7.5 किलोवाट (1 फेज), 10 किलोवाट से 22.5 किलोवाट (3 फेज) हाईब्रिड इनवर्टर एवं 1.2 डब्ल्यूएच से 15 डब्ल्यूएच बैट्री एनर्जी स्टोरेड सिस्टम डोमिस्टिक इस्तेमाल के लिए और ईरिक्शा के लिए 5.1 केडब्ल्यू मॉडल शामिल हैं। इसके अलावा 2 एचपी से 10 एचपी के सोलर वाटर पंप कंट्रोलर और 800 वाट से 1600 वाट के माइक्रो इनवर्टर भी उपलब्ध हैं।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Oct 2024 11:07:04 +0530</pubDate>
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                <title>सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाने की कवायद तेज, सबसे ज्यादा 400 मेगावाट क्षमता के प्लांट लगेंगे</title>
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                        <![CDATA[टेंडर में शामिल होने वाली कंपनियों को कम से कम एक मेगावाट सोलर प्लांट लगाने का अनुभव होना जरूरी है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/efforts-to-install-solar-panels-on-government-buildings-intensified-maximum/article-88460"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/solar.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाने की कवायद तेज कर दी है। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम ने सरकारी बिल्डिंगों पर एक हजार मेगावाट क्षमता के सोलर रूफटॉप लगाने की प्रक्रिया तेज कर टेंडर कर दिए हैं। कुल तय क्षमता में जयपुर में सबसे ज्यादा 400 मेगावाट और राजसमंद में सबसे कम 3.27 मेगावाट के सोलर प्लांट लगेंगे।  सरकारी बिल्डिंगों पर रूफटॉप लगाने की प्रक्रिया में सभी सरकारी बिल्डिंगों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। अक्षय ऊर्जा निगम ने जारी टेंडरों में टेंडर लेने वाली कंपनियों को 25 साल के लिए आॅपरेशन एंड मेंटनेंस की जिम्मेदारी मिलेगी। टेंडर प्रक्रिया में कम से कम पांच मेगावाट और अधिकतम सौ मेगावाट तक टेंडर जारी होंगे। इसके लिए आठ अगस्त तक प्री बिड मींटिग हो चुकी और 29 अगस्त को टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 अगस्त को टेंडर खुलेंगे। टेंडर में शामिल होने वाली कंपनियों को कम से कम एक मेगावाट सोलर प्लांट लगाने का अनुभव होना जरूरी है। </p>
<p><strong>छोटे छोटे टुकड़ों में होंगे टेंडर : डिडेल</strong><br />अक्षय ऊर्जा निगम एमडी नथमल डिडेल के अनुसार प्रदेशभर में एक हजार मेगावाट के ये सोलर प्लांट लगने से बिजली की बड़ी मांग पूरी होगी। सरकार खेती की जमीनों पर भी सोलर लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। सरकारी बिल्डिंगों पर सोलर पैनल के लिए टेंडर को छोटे छोटे टुकड़ों में किया जाएगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा बिडर आ सकें और काम जल्दी हो सके। संभवत: एक साल में प्रदेश की सभी सरकारी बिल्डिंगों में रूफटॉप सोलर लगाने का टारगेट है। सरकारी बिल्डिंगों पर रूफटॉप सोलर लगने से बिजली की डिमांड तो पूरी होगी ही, जनता को पावर कट से भी काफी हद तक निजात मिलेगा। </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 10:50:21 +0530</pubDate>
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                <title>घरेलू श्रेणी में बिजली की एक हजार मेगावाट की डिमांड बढ़ी</title>
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                        <![CDATA[बिजली कंपनियों को फिलहाल थर्मल, सोलर और अन्य उत्पादन इकाइयों से बिजली उपलब्ध हो रही है। थर्मल कम्पनियों के पास फिलहाल 10 से 15 दिनों का कोयला मौजूद है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/demand-for-electricity-in-domestic-category-increased-by-1000-mw/article-78273"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/electric.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भीषण गर्मी में घरेलू श्रेणी में सामान्य की तुलना में एक हजार मेगावाट की अधिक डिमांड बढ गई है। अगले 2 महीने यह डिमांड और बढ़ेगी। बिजली कम्पनियां बिजली के बढ़ते लोड पर निगरानी बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर एक्सचेंज और अन्य माध्यमों से बिजली खरीदने की तैयारी भी कर रखी है।<br />भीषण गर्मी के चलते घरेलू, अघरेलू, औद्योगिक श्रेणी में बिजली की डिमांड बढ़ गई है। पिछले महीने अप्रैल में ही डिमांड एक हजार मेगावाट तक बढ़ गई थी और मई में एक हजार से ज्यादा पहुंच गई है। जून और जुलाई में डिमांड का अंतर डेढ से 2 हजार मेगावाट बढ सकता है। बिजली कंपनियों को फिलहाल थर्मल, सोलर और अन्य उत्पादन इकाइयों से बिजली उपलब्ध हो रही है। थर्मल कम्पनियों के पास फिलहाल 10 से 15 दिनों का कोयला मौजूद है। कोयले की किल्लत हुई तो एक्सचेंज और अन्य माध्यमों से बिजली खरीद की तैयारी कर रखी है। सोलर एनर्जी सेक्टर से भी उत्पादन बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 May 2024 20:23:35 +0530</pubDate>
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                <title>रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही सब्सिडी</title>
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                        <![CDATA[केन्द्र सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए रूफटॉप सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी देती है। राजस्थान के उपभोक्ताओं को यह बिजली कम्पनियों की कार्यशैली की वजह से नहीं मिल रही है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-subsidy-not-getting-of-solar-coustumers/article-13857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/46546546550.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केन्द्र सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए रूफटॉप सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी देती है। राजस्थान के उपभोक्ताओं को यह बिजली कम्पनियों की कार्यशैली की वजह से नहीं मिल रही है। सोलर पैनल लगाने वाली कम्पनियों के लिए टेंडर प्रक्रिया रोक के रखने के चलते उपभोक्ताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिजली कम्पनियों के इसी रवैये के चलते रूफटॉप में राजस्थान 777 मेगावाट के साथ तीसरे नंबर पर है। गुजरात 1050 मेगावाट के साथ पहले और कर्नाटक 825 मेगावाट के साथ दूसरे पायदान पर है।</p>
<p><strong>30 से 40 प्रतिशत सब्सिडी देने के आदेश</strong> <br />ऊर्जा मंत्रालय ने रूफटॉप सोलर पैनल पर 30 से 40 प्रतिशत तक सब्सिडी देने के लिए आदेश छह महीने पहले ही जारी कर दिए। पहले अक्षय ऊर्जा निगम के जरिए सब्सिडी मिलती थी। इसके बाद में बिजली कम्पनियों के जरिए यह व्यवस्था कर दी। प्रदेश में तीनों डिस्कॉम को 55 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जाने के टारगेट मिले हुए हैं। सबसे ज्यादा जयपुर डिस्कॉम 25 मेगावाट और अजमेर-जोधपुर डिस्कॉम को 15-15 मेगावाट का लक्ष्य मिला हुआ है। तीनों ही कम्पनियों में यह टारगेट सोलर पैनल लगाने वाली कम्पनियों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण पूरा नहीं हो पाया है। केन्द्र के प्रावधानों के अनुसार एक से तीन किलोवाट तक पर 40 प्रतिशत और चार से दस किलोवाट तक पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है।<br /><br /><br /><br /></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 10:47:21 +0530</pubDate>
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                <title>सौर ऊर्जा के विकल्पों पर ध्यान आकर्षित करने की है आवश्यकता : मोदी</title>
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                        <![CDATA[सतत विकास के लिए ऊर्जा के क्रम में पर्यावरण को संतुलित रखने का भी प्रयास कर सौर ऊर्जा के विकल्पों पर विशेष ध्यान आकर्षित करने की आवश्यकता है। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/necessary-to-work-in-energy-area--says-modi/article-5445"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/modi.jpg02-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सतत विकास के लिए ऊर्जा के क्रम में पर्यावरण को संतुलित रखने का भी प्रयास कर सौर ऊर्जा के विकल्पों पर विशेष ध्यान आकर्षित करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में सतत विकास पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि सतत विकास सतत ऊर्जा से ही भारत संभव है, लेकिन ऊर्जा के वैकल्पिक क्षेत्रों में भी विशेष काम करने की आवश्कयता है, ताकि पर्यावरण को संतुलित रखने में सहायता मिल सके। भारत सौर ऊर्जा में अंतरराष्ट्रीय मंच का नेतृत्व कर रहा है और दुनिया में स्वच्छ ऊर्जा के विकास के संकल्प को आगे बढ़ा रहा है। इसके लिए बुनियादी स्तर पर काम चल रहा है और बजट में बैटरी एफिशिएंसी विषयों को महत्व दिया गया है।</p>
<p>इसका उद्देश्य यह है कि जहां भी अधिक बिजली की आवश्यकता है। वहां बिजली बचत को महत्व मिले और स्वच्छ ऊर्जा के प्रयोग को मिशन के साथ आगे बढ़ाया जा सके। मोदी ने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस एक योजना से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिला है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। चार करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सका है। <br /><br /><br /></p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Mar 2022 11:02:59 +0530</pubDate>
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                <title>सौर ऊर्जा से मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी</title>
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                        <![CDATA[<p>  जयपुर। जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (जेएमआरसी) बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक (फेज-1-सी) पर दिन में सौर ऊर्जा से ट्रेनों का संचालन करने की योजना बना रहा है। सीएमडी अजिताभ शर्मा की अध्यक्षता में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। वहीं मेट्रो के फेज-1 सी और 1-डी की रिवाज्ड डीपीआर बनाई जाएगी। सीएमडी ने बताया कि मेट्रो चलाने में बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक सौर ऊर्जा का उपयोग होगा। रिवाइज्ड डीपीआर में इसका प्रावधान किया जाएगा। मेट्रो का बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक (1-सी) का जीरो वेस्टेज कॉन्सेप्ट<br /><br /><strong>वेस्टेज</strong></p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/preparation-to-run-metro-train-with-solar-energy--decision-taken-in-the-meeting-chaired-by-metro-cmd/article-5379"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/jaipur-metro.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (जेएमआरसी) बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक (फेज-1-सी) पर दिन में सौर ऊर्जा से ट्रेनों का संचालन करने की योजना बना रहा है। सीएमडी अजिताभ शर्मा की अध्यक्षता में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। वहीं मेट्रो के फेज-1 सी और 1-डी की रिवाज्ड डीपीआर बनाई जाएगी। सीएमडी ने बताया कि मेट्रो चलाने में बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक सौर ऊर्जा का उपयोग होगा। रिवाइज्ड डीपीआर में इसका प्रावधान किया जाएगा। मेट्रो का बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक (1-सी) का जीरो वेस्टेज कॉन्सेप्ट पर निर्माण होगा। <br /><br /><strong>वेस्टेज को किया जाएगा दोबारा से उपयोग</strong> <br />कॉरिडोर निर्माण से निकले मलबे, तोड़फोड़, सिविल वर्क और इलेक्ट्रिक वर्क से जो भी वेस्टेज निकलेगा उसे विभिन्न कार्यों के लिए दोबारा से उपयोग में लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर जेडीए, पीडब्ल्यूडी या अन्य विभाग को यह वेस्टज दिया जा सकता है। सीएमडी ने अधिकारियों को न्यूनतम कार्बन फुट प्रिंट की बैंच मार्किंग की संभावना तलाशने के निर्देश दिए। इसमें डीएमआरसी की ओर से यह संभावना तलाशी जाएगी। देश में अब तक बने कॉरिडोर में सबसे कम रिडक्शन का क्लेम होगा।  </p>
<p><br /><strong>ग्रीन प्रोजेक्ट की रेटिंग के लिए आवेदन</strong><br />सीएमडी ने पैकेज को ग्रीन प्रोजेक्ट की रेटिंग के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए। यह रेटिंग मिलने पर इंटरनेशनल एजेंसी से ऋण मिल सकेगा। बडी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर के लिए पूर्व में बनाई गई डीपीआर में इसकी लागत 870 करोड़ रुपए बताई गई थी। अब इसे संशोधन किया जाएगा, जिसमें लागत बढ़ने की संभावना है। डीएमआरसी 15 दिन में डीपीआर बनाकर सौंपेगी। बैठक में डीएमआरसी के निदेशक (बिजनेस डवलपमेंट) प्रमीत कुमार गर्ग, परियोजना निदेशक (डीएमआरसी-नोएडा) महेश भूराडिया, जीएम कंसल्टेंसी आरजी शर्मा और (जेडीएम फाइनेंस) विनय भवसिंहका सहित आलाधिकारी मौजूद रहे।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/preparation-to-run-metro-train-with-solar-energy--decision-taken-in-the-meeting-chaired-by-metro-cmd/article-5379</link>
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                <pubDate>Thu, 03 Mar 2022 11:34:59 +0530</pubDate>
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                <title>500 वर्गमीटर से बड़े भूखण्डों पर लगाना होगा रूफ टॉप सोलर पैनल</title>
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                        <![CDATA[मॉडल बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन का जोड़ा प्रावधान]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/500-%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%96%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AB-%E0%A4%9F%E0%A5%89%E0%A4%AA-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%B2/article-3947"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/udh-busilding1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहरी क्षेत्रों में अस्पताल, नर्सिंग होम, होटल, रिसोर्ट, धर्मशाला, छात्रावास और 500 वर्गमीटर से बड़े भूखण्ड पर अब रूफ टॉप सोलर पैनल लगाना अनिवार्य होगा। नगरीय विकास विभाग ने मॉडल बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन करते हुए इसका सख्ती से प्रावधान किया है। प्रावधानों के अनुसार आवासीय भूखण्डों पर रूफ टॉप सोलर लगाने की बाध्यता की गई है। यह गलियारा, कॉरिडोर, सीढ़ियां व अन्य कॉमन एरिया में इनके जरिए रोशनी की अनिवार्यता भी की गई है। वर्तमान में बायलॉज में सोलर लाइटिंग का ही प्रावधान था, जिसे अब रूफ टॉप सोलर पैनल लगाना अनिवार्य किया गया है।</p>
<p><strong><br /> सिरोही पालिका अध्यक्ष निलंबित</strong><br /> स्वायत्त शासन विभाग ने नवगठित नगर पालिका जावाल सिरोही के अध्यक्ष विक्रम राणा को निलंबित कर दिया है। राणा के खिलाफ एसीबी में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की न्यायिक जांच कराई जाएगी। इसके बाद कार्यवाहक चेयरमैन की जिम्मेदारी कानाराम भील को दी गई है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Jan 2022 11:54:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रूफटॉप सोलर पर सब्सिडी का और करना पड़ेगा इंतजार</title>
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                        <![CDATA[सब्सिडी के लिए डिस्कॉम स्तर पर टेंकर प्रक्रिया की कवायद, दो महीने का लग सकता है समय]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AB%E0%A4%9F%E0%A5%89%E0%A4%AA-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%A1%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%9C%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2317"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/solar.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाकर बिजली बिल में बचत की उम्मीद करने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी के लिए करीब दो महीने और इंतजार करना पड़ सकता है। अभी प्रदेश में सोलर प्लांट पर केन्द्र सरकार के स्तर से सब्सिडी बंद है। इसलिए राजस्थान डिस्कॉम के जरिए उपभोक्ताओं को सब्सिडी देने पर कवायद की जा रही है। डिस्कॉम में जारी इस कवायद को अभी दो महीने का समय लग सकता है। रूफटॉप सोलर प्लांट पर मिलने वाला अनुदान केन्द्र सरकार की ओर से पिछली 31 अगस्त से बंद है। अब यह काम राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के जरिए नहीं होकर राजस्थान डिस्कॉम के माध्यम से होगा।</p>
<p><br /> इसके पीछे तर्क यह है कि सब्सिडी वाले सोलर प्लांट में नेट मीटरिंग की कार्रवाई डिस्कॉम के माध्यम से होती है। उपभोक्ताओं को डिस्कॉम के जरिए ही सब्सिडी वाला सोलर प्लांट लगाया जा सकता है। डिस्कॉम के स्तर पर टेंडर प्रक्रिया चल रही है, जिसमें करीब दो महीने का समय और लग सकता है। <br /> <strong><br /> पहले मिलती थी ये सब्सिडी</strong>: केन्द्र सरकार ने राजस्थान सहित अन्य राज्यों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए 20 से 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दी है। प्रदेश में दस जून 2020 से 31 अगस्त तक कनेक्शनों पर ग्रांट या सब्सिडी दी, जिसमें जयपुर डिस्कॉम को 25 हजार किलोवाट, जोधपुर डिस्कॉम को 15 हजार किलोवाट और अजमेर डिस्कॉम को पांच हजार किलोवाट क्षमता तक सब्सिडी वाले सोलर प्लांट लगाने का टारगेट मिला। योजना के तहत राजस्थान में दस सितम्बर तक घरेलू बिजली उपभोक्ताओं से आवेदनों के आधार पर सोलर प्लांट लगाने का काम पूरा हो चुका है। केन्द्र की सब्सिडी रोक की वजह से नए आवेदन पिछले दो महीने से बंद कर रखे हैं।</p>
<p><strong><br /> प्राइवेट कम्पनियों से नहीं मिलती सब्सिडी</strong>: राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के पैनल में शामिल कम्पनी या एजेंटों के माध्यम से सब्सिडी वाले सोलर प्लांट लगाने का काम होता है। सब्सिडी बंद के बाद उपभोक्ता इन निजी कम्पनियों और एजेंटों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनसे सब्सिडी नहीं मिलती। इन कम्पनियों और एजेंटों को पहले दस सितम्बर तक आवेदन लेने की छूट दी थी, ताकि वे तीन दिसम्बर तक ये प्लांट लगा सकें।</p>
<p><strong><br /> अब केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही सब्सिडी</strong>:केन्द्र सरकार ने फरवरी 2015 में सोलर प्लांट लगाने की स्कीम शुरू की। राजस्थान में छह हजार किलोवाट बिजली रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का टारगेट तय हुआ। शुरूआत में यह सब्सिडी घरेलू, संस्थानिक, वाणिज्यिक और सामाजिक संस्थाओं को दी गई। फरवरी 2019 में बदलाव हुआ और अब केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही सोलर प्लांट पर सब्सिडी दी जाती है। रूफटॉप सोलर प्लांट लगवाने पर तीन किलोवाट तक के प्लांट पर घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को सरकार 40 प्रतिशत सब्सिडी देती है,वहीं तीन से दस किलोवाट तक सरकार 20 प्रतिशत सब्सिडी देती है।</p>]]>
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                <pubDate>Fri, 12 Nov 2021 16:30:38 +0530</pubDate>
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