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                <title>Recruitment Exams - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Recruitment Exams RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, JSSC CGL और CDPO परीक्षा रद्द करने के सरकार के आदेश पर लगाई अंतरिम रोक</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड हाईकोर्ट ने जेएसएससी सीजीएल और सीडीपीओ परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। अदालत ने सरकार को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 15 सितंबर तय की है। इस अंतरिम आदेश से हजारों परीक्षार्थियों और चयनित उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/jharkhand-high-courts-big-decision-interim-stay-on-governments-order/article-163514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/jharkhand3.png" alt=""></a><br /><p>रांची। झारखंड सरकार की ओर से जेएसएससी सीजीएल और सीडीपीओ परीक्षा को रद्द करने के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को रोक लगा दी। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि इस मामले में भी सेम ऑर्डर फॉलो किया जाएगा। मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने 15 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। हाई कोर्ट के न्यायधीश जस्टिस दीपक रौशन के कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई</p>
<p>सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। वहीं, प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमृतांश वत्स समेत अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। मामले में हस्तक्षेपकर्ता की ओर से अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज ने अपनी दलीलें पेश कीं। वहीं, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा।</p>
<p>हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद जेएसएससी सीजीएल और सीडीपीओ परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ सीजीएल अभ्यर्थियों की ओर से शुक्रवार को ही हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने फिलहाल सरकार के रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी। ज्ञातव्य है कि झारखंड सरकार ने राज्य में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कई परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इसी क्रम में जेएसएससी सीजीएल और सीडीपीओ परीक्षा को भी रद्द किया गया था। सरकार के इस फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों और परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी।</p>
<p>इससे एक दिन पहले, गुरुवार को भी झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा को रद्द किए जाने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी। अब जेएसएससी सीजीएल और सीडीपीओ परीक्षा के मामले में भी कोर्ट के अंतरिम आदेश से अभ्यर्थियों को राहत मिली है। मामले की अगली विस्तृत सुनवाई 15 सितंबर को होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 16:21:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पेपर लीक कानून ऐतिहासिक कदम, लोकतंत्र को भीड़तंत्र में नहीं बदलना चाहिए: शांता कुमार</title>
                                    <description><![CDATA[प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में पेपर लीक रोकने वाले नए कानून को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि कड़े कानूनी प्रावधानों से नकल और संगठित अपराध पर अंकुश लगेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि विशेषज्ञ समिति के सुझावों से भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक व्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/paper-leak-law-is-a-historic-step-democracy-should-not/article-161381"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/shanta-kumar.png" alt=""></a><br /><p>पालमपुर। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने पेपर लीक रोकने वाले कड़े कानून की संसद में मंज़ूरी का स्वागत किया है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है जो परीक्षा के पेपर लीक होने की समस्या पर प्रभावी तरीके से रोक लगाएगा। बुधवार को यहां जारी एक बयान में कुमार ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबे संघर्ष के बाद दो अहम घटनाक्रम हुए हैं। पहला, लोकसभा द्वारा पेपर लीक को रोकने के लिए एक कड़ा कानून पारित किया जाना।</p>
<p>भाजपा नेता ने इस कानून का समर्थन करने के लिए सभी विपक्षी दलों का धन्यवाद किया और कहा कि यह कानून पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध से सख्ती से निपटेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने में मदद करेगा। कुमार ने कहा कि दूसरी अहम बात इस मुद्दे के लिए लंबे समय तक चलने वाले समाधान सुझाने के मकसद से छह जाने-माने राष्ट्रीय विद्वानों की एक समिति का गठन करना था। उन्होंने भरोसा व्यक्त किया कि समिति की सिफारिशें इस समस्या को पूरी तरह से हल करने में मदद करेंगी।</p>
<p>देश में हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि टेलीविज़न पर हो रही घटनाओं को देखकर उन्हें अक्सर चिंता और दुख होता था। उन्होंने चेतावनी दी कि यह डर बढ़ रहा है कि भारत के लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील की कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करें और यह सुनिश्चित करें कि लोकतंत्र मजबूत बना रहे और भीड़तंत्र के प्रभाव से सुरक्षित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 13:25:58 +0530</pubDate>
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