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                <title>sacrifice - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>आप पार्टी ने की भगत सिंह शहीद दिवस पर सामुहिक उपवास की घोषणा, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता शामिल  होकर अर्पित करेंगे शहीदों को श्रद्धांजलि </title>
                                    <description><![CDATA[शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के सर्वोच्च बलिदान को नमन करने के लिए सोमवार को आम आदमी पार्टी जयपुर में 'सामूहिक उपवास' करेगी। 23 मार्च को सुबह 11 बजे शहीद स्मारक पर आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटेंगे। यह आयोजन देश की आज़ादी के नायकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक संकल्प है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/aap-party-announces-mass-fast-on-bhagat-singh-martyrs-day/article-147408"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/aap-party-jaipur.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: आप पार्टी सोमवार को भगत सिंह शहीद दिवस पर सामूहिक उपवास कार्यक्रम करेगी। आप पार्टी जयपुर की ओर से आयोजित कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 23 मार्च 1931 को भारत के महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु ने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।</p>
<p>उनके इस बलिदान को नमन करते हुए 23 मार्च को शहीद दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर सुबह 11 बजे सामूहिक उपवास रखा जाएगा। कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी जयपुर जिले के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता शामिल  होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 14:34:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सच्चाई की प्रेरणा देती है गुरु तेग बहादुर की कुर्बानी : रेखा गुप्ता</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने गुरु साहब के बलिदान को मानवता और भारतीय संस्कृति की रक्षा का प्रतीक बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/guru-teg-bahadurs-sacrifice-inspires-truth-rekha-gupta/article-138667"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/rekha-gupta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में कहा कि सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर ने धर्म और समाज की रक्षा के लिए सर्वोच्च कुर्बानी दी जो आज भी हमें सच्चाई और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देती है। रेखा गुप्ता ने शहीदी दिवस पर सदन में चर्चा में कहा कि यह महान समागम सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस मनाया गया जो गुरु साहब की मेहरबानी से संभव हुआ है। इसमें लाखों लोगों ने उस समागम में हिस्सा लिया। जिस लाल किला से गुरु साहब से फरमान दिया गया उसी स्थान से गुरबानी के सुर सुनाई दे रहे थे और हजारों लोग लंगर चख रखे थे, यह हम सबके लिए गर्व की बात है। यह हमारा सौभाग्य है कि गुरु साहब की शहादत पर वर्तमान पीढी की तरफ से नमन कर पाये। </p>
<p><strong>अपनी संस्कृति को सहेज कर रखना हमारा कर्तव्य  </strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति को सहेज कर रखना हमारा कर्तव्य है। इस महान बलिदान को जन जन तक पहुंचाने सभी के सहयोग से संभव हुआ है। जो देश अपना इतिहास भूल जाता है उसे कभी भी भविष्य में याद नहीं रखता है। उन्होंने कहा कि जिसे अपने पुरुखों पर नाज नहीं है उसका कोई नाम लेने वाला नहीं बचता है। विकास और विरासत के मार्ग पर दिल्ली सरकार काम कर रही है। इस तेज रफ्तार जिंदगी में करोड़ों लोग अपने गांव और शहर से दिल्ली में रोजगार के लिए आते हैं इसलिए उनको अपने जड़ों से जुड़ने का हक है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार करोड़ों लोगों की आस्था का सम्मान करती है। इसी प्रकार कांवड़ यात्रा में दिल्ली सरकार ने पूरी सुविधाएं दी। सरकार ने हर राज्य के स्थापना दिवस को बड़े गर्व से मनाया। </p>
<p><strong>दिल्ली भारत की आत्मा</strong></p>
<p>हमने पहली बार भव्यता के दिवाली मनाई। दिल्ली का अपना बहुत बड़ा इतिहास है। दिल्ली की अपनी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, यह भारत की आत्मा है। पिछले ग्यारह महीने में हमने दिल्ली शहर को मिनी इंडिया का रूप दिया। दिल्ली सरकार हर त्योहार को सिर्फ मनाती नहीं बल्कि उसे जीती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने धर्म और समाज की रक्षा के लिए अपना शीश दिया। यह आज भी हमें सच्चाई और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देती है। गुरु साहब के एक पंथ के गुरु नहीं थे बल्कि भारत के साझा संस्कृति और मूल्यों प्रखर रक्षक थे। उनके जैसा व्यक्ति बिरले ही समाज में आता है जिसने अपना परिवार खो दिया। </p>
<p><strong>गुरुओं का याद करना हम सबका फर्ज</strong></p>
<p>उनका जीवन एक कालखंड की कहानी नहीं बल्कि यह मानवता के साहस और धर्मनिष्ठा का शाश्वत आदर्श है। समय समय पर गुरुओं का याद करना हम सबका फर्ज है। गुरु तेग बहादुर सिंह को हिंद का चादर कहा गया।  उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की जनता के साथ लगातार जुड़कर एक परिवार की तरह काम करते रहेंगे। दिल्ली वासियों के सुख दुख में खड़े रहेंगे। कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने नियम 270 के तहत गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर सदन में वक्तव्य रखते हुए कहा कि देश दुनिया में गुरु तेगबहादुर की 350 साल के शहादत को मनाया जा रहा है। </p>
<p>उन्होंने मानवता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। इससे बड़े बलिदान का इतिहास दुनिया में कोई नहीं मिला है। उनके शहादत ने सिर्फ सिख समुदाय ही नहीं बल्कि पूरी मानवता को एक अहम संदेश देने का काम किया। उनके शहीदी दिवस के अवसर पर लाल किला में एक भव्य आयोजन किया गया जिसमें देश विदेश से लोगों ने सहभागिता की। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 11:28:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मां बच्चों का संसार होती है, मां से बढ़कर कोई रिश्ता नहीं होता</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति ने एकल मां के दर्द को जाना जिसने समाज में संर्घष कर अपने बच्चों योग्य बनाया और उन्हें समाज में सम्मान से जीने की राह दिखाई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mother-is-the-world-of-children--there-is-no-relation-better-than-mother/article-113879"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(2)31.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। किसी भी बच्चे के लिए मां से बढ़कर कोई नहीं होता है और यह एक बहुत ही प्यारा और अनोखा रिश्ता होता है।  किसी भी बच्चे के लिए उसका संसार मां ही होती है। इस रिश्ते में सिर्फ ममता और निस्वार्थ प्यार ही देखने को मिलता है। मां के त्याग और प्रेम की तुलना आप दुनिया में किसी भी चीज से नहीं कर सकते हैं। मां के इसी त्याग और प्यार को सम्मान देते हुए हर साल मदर्स डे मनाया जाता है।  इस दिन को मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है और इस बार ये दिन 11 मई आया है। लोग अपने अपने हिसाब से अपनी मां प्यार और त्याग बलिदान और अपने बच्चों पर किए उपकार को अलग अलग तरीके से सेलिब्रेट करेंगे। परिवार के बीच तो मां बच्चों का पालन कर ही लेती है लेकिन एकल नारी के लिए अपने बच्चों को योग्य बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है। दैनिक नवज्योति ने ऐसी मां से के दर्द को जाना जिसने समाज में संर्घष कर अपने बच्चों योग्य बनाया और उन्हें समाज में सम्मान से जीने की राह दिखाई। एकल महिला शब्द सुनते ही लोगो के जहन मे कमजोर अबला नारी की छवि सामने आती है, लेकिन एकल महिला और खासतौर पर यदि वो मां है तो उसकी ताकत सौ गुना बढ़ जाति है, एक मां सबसे ताकतवर होती है जब उसके बच्चों पर कोई मुसीबत हो तो वो हर स्थिति चुनौती से लड़ जाती है। यहां कुछ सिंगल मदर मिशाल है जिन्होंने अपने बच्चों को मेहनत मजदूरी करके काबिल बनाया। </p>
<p><strong>मां सबसे ताकतवर होती वो बच्चों पर कोई मुसीबत नहीं आने देती</strong><br />एकल नारी शक्ति संस्थान की निदेशक चंद्रकला शर्मा ने बताया कि एकल महिला खासतौर पर यदि वो मां है तो उसकी ताकत सौ गुना बढ़ जाती है, एक मां सबसे ताकतवर होती है जब उसके बच्चों पर कोई मुसीबत हो तो वो हर स्थिति चुनौती से लड़ जाती है। एकल नारी शक्ति संस्थान में हजारों एकल नारियां अपने बच्चों को मेहनत मजदूरी करके काबिल बना रही है। एकल नारी शक्ति संस्थान में एक लाख के लगभग एकल महिलाएं जुडी हुई है संस्थान ने हजारों एकल महिलाओं को ताकत हिम्मत दी जिससे उन्होंने अपने अपने व बच्चों के जीवन को बेहतर और सम्मानजक बनाया है, सभी ऐसी मातृशक्ति को सेल्यूट है। </p>
<p><strong>परिवार ने साथ छोड़ा, मां ने बेटे को बनाया इंजीनियर</strong><br /> चंद्रकला बाई ने बताया कि वो सिगल मदर है। इनके एक ही बेटा नाम दुष्यंत है जब दुष्यंत 3-4 साल का था तभी उसके पिता की मृत्यु हो गई।  जिसके बाद  ससुराल वालों ने काफी हिंसा की। घर मकान, जमीन सब छीन लिए फिर भी हार नहीं मानी और हिम्मत सब चुनौतियों का सामना करते हुए अपने अधिकार  के लिए बेटे को पढ़ाया लिखाया और उसे आईटीआई करवाकर भिवाड़ी की एक कंपनी मे मैकेनिकल सुपरवाइजर बनाया। दुष्यंत कहता है मेरी मां मेरी प्रेरणा स्त्रोत और ताकत है। मां है तो जहान है। </p>
<p><strong>दिव्यांग मां ने दोनों बेटियों को बनाया योग्य</strong><br />लाली धाकड़ ने बताया कि उसका डेढ़ साल की उम्र मे ही बाल विवाह हो गया था।  14 साल की उम्र में ससुराल आ गई थी और 17 साल की उम्र मे दो बच्चियों की मां बन गई, में पैर से विकलांग थी और बेटे की चाहत में पति ने दूसरी शादी कर ली।  मुझे घर से निकाल दिया । पीहर मे रहकर आंगनबाडी में काम किया।  मजदूरी की और एकल नारी संस्था के साथ जुडी और काफी संघर्ष और चुनौतियों से लड़ते हुए अपनी बेटियों की खुद शादी की उनको पढ़ाया लिखाया और एक बेटी पूजा जो नर्स बनना चाहती थी उसे अपने पैरो पर खड़ा किया, और आज समाज में अन्य ऐसी महिलाओं को हिम्मत और साहस देने का कार्य कर रही हूं। मां चाहे तो कुछ भी कर सकती है। लाली कहती है मेरी बेटियां ही मेरे बेटे हैं, क्योंकि लाली के पिताजी के भी कोई बेटा नहीं था, और हम बेटियों ने ही उनको संभाला। </p>
<p><strong>बेटे को डॉक्टर और बेटी को बनाया टीचर</strong><br />समाज में एकल नारी के लिए बच्चों का पालन पौषण करना मुश्किल हो जाता जब पति नहीं होता है और परिवार भी साथ छोड़ देता है। ऐसे में एक अकेली मां अपने बच्चो के लिए समाज से संर्घष कर उन्हें योग्य बनाती है। हंसा देवी ने बताया कि उनके पति की मौत तब हो गई जब उनका बेटा चार साल का और बेटी 6 साल की थी।  एकल नारी के लिए उनके बच्चों को योग्य बनाना सबसे बड़ी चुनौती थी। हंसादेवी ने साथिन का काम शुरू किया।  उसके साथ मजदूरी और संघर्ष किया, एकल नारी शक्ति संगठन मे जुड़ंकर उनको शक्ति और साहस मिला, उनकी हिम्मत और जज्बा देखकर ससुराल का परिवार भी उनके साथ खड़ा हुआ और आज उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से अपने दोनों बच्चों लड़के लोकेश को डॉक्टर और बेटी रेखा को टीचर बनाया। यह एक मां ही कर सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 15:54:25 +0530</pubDate>
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                <title>एकता का महायज्ञ बनेगा महाकुंभ 2025: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[मोदी ने कहा कि हमारा भारत पवित्र स्थलों और तीर्थों का देश है। यह गंगा, यमुना, सरस्वती, कावेरी, नर्मदा जैसी अनगिनत पवित्र नदियों का देश है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mahakumbh-2025-will-become-a-great-sacrifice-of-unity-modi/article-97578"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(15)2.png" alt=""></a><br /><p>महाकुम्भ नगर। प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी ने शुक्रवार को संगम नगरी प्रयागराज में अगले साल 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ को एकता का महायज्ञ बताते हुए कहा कि धार्मिक आस्था का यह संगम देश की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक पहचान को नए शिखर पर पहुंचाएगा। मोदी ने प्रयागराज में 5500 करोड़ की 167 परियोजनाओं का लोकार्पण किया और बहुभाषिनी एआई चैटबॉट ‘कुम्भ सहायक’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि विश्व का इतना बड़ा आयोजन, हर रोज लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत और सेवा की तैयारी, लगातार 45 दिनों तक चलने वाला महायज्ञ, एक नया नगर बसाने का महा अभियान, प्रयागराज की इस धरती पर एक नया इतिहास रचा जा रहा है। मैं विश्वास और श्रद्धा के साथ कहता हूं कि अगर इस महाकुम्भ का वर्णन एक वाक्य में करना हो तो मैं कहूंगा यह एकता का ऐसा महायज्ञ होगा जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में होगी। </p>
<p><strong>हमारा भारत पवित्र स्थलों और तीर्थों का देश </strong><br />मोदी ने कहा कि हमारा भारत पवित्र स्थलों और तीर्थों का देश है। यह गंगा, यमुना, सरस्वती, कावेरी, नर्मदा जैसी अनगिनत पवित्र नदियों का देश है। इन नदियों के प्रवाह की जो पवित्रता है, इन अनेकानेक तीर्थों का जो महत्व है उनका संगम, उनका समुच्चय, उनका योग, उनका सहयोग, उनका प्रभाव, उनका प्रताप, यह प्रयाग है। यह केवल तीन पवित्र नदियों का ही संगम नहीं है, प्रयाग के बारे में कहा गया है कि माघ मकरगत रवि जब होई, तीरथ पतिहिं आव सब कोई...अर्थात जब सूर्य मकर में प्रवेश करते हैं, सभी दैवीय शक्तियां, सभी तीर्थ, सभी ऋषि, महर्षि, मनीषी प्रयाग में आ जाते हैं। यह वह स्थान है जिसके प्रभाव के बिना पुराण पूरे नहीं होते। प्रयाग वह है जहां पग-पग पर पवित्र स्थान है, जहां पग पग पर पुण्य क्षेत्र हैं।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Dec 2024 11:53:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी जोकोविच के वैक्सीन को लेकर तीखे तेवरे, कहा, 'वैक्सीन लगवाने के बजाय खिताबों का त्याग करने को तैयार हूं</title>
                                    <description><![CDATA[मैं कभी भी टीकाकरण के खिलाफ नहीं था, लेकिन आप अपने शरीर में क्या डालते हैं, मैं इसे चुनने की स्वतंत्रता का समर्थन करता हूं:जोकोविच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/world-s-number-one-tennis-player-djokovic-sharply-expressed-about-the-vaccine--said--i-am-ready-to-sacrifice-the-titles-instead-of-getting-the-vaccine/article-4508"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/novak-new.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वैक्सीनेशन को लेकर देश-दुनिया की सरकारें अपने स्तर पर लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन इस बीच टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच का चौंकाने वाला बयान सामने आया है।  जिसमें उन्होनें कहा है कि 'वैक्सीन लगवाने के बजाय खिताबों का त्याग करने को तैयार हूं।</p>
<p>दरअसल 20 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता और दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने मंगलवार को कहा कि वह कोरोना वैक्सीन लगाने के बजाय टेनिस प्रतियोगिताओं में भाग लेने का त्याग करने के लिए तैयार हैं। जोकोविच ने इस बारे में कि क्या वह कोरोना वैक्सीन पर अपने रुख के चलते आगामी विंबलडन और फ्रेंच ओपन जैसे टेनिस टूर्नामेंटों का त्याग करने को तैयार हैं, कहा, '' हां, यही वह कीमत है जो मैं चुकाने को तैयार हूं। ''<br /><br />दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी ने बीबीसी के साथ एक साक्षात्कार में कहा, '' मैं कभी भी टीकाकरण के खिलाफ नहीं था, लेकिन आप अपने शरीर में क्या डालते हैं, मैं इसे चुनने की स्वतंत्रता का समर्थन करता हूं। अपने शरीर के बारे में निर्णय लेने के सिद्धांत मेरे लिए किसी भी खिताब या किसी अन्य चीज से अधिक महत्वपूर्ण हैं। मैं जितना संभव हो सके अपने शरीर के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहा हूं। मैं समझता हूं कि विश्व स्तर पर हर कोई इस वायरस से निपटने के लिए बड़ा प्रयास करने की कोशिश कर रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही इस वायरस का अंत हो जाएगा।''<br /><br />उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के आप्रवासन मंत्री एलेक्स हॉक ने जोकोविच का वीजा रद्द कर दिया था, क्योंकि उन्होंने अपने टीकाकरण की स्थिति नहीं बताई थी। उन्हें ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश से वंचित कर दिया गया था और उन्हें कई दिन आप्रवासन केंद्र में बिताने पड़े थे। बाद में ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत ने उन्हें नजरबंदी से रिहा करने का आदेश दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Feb 2022 17:44:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>बलिदान के अपमान पर फूटा गुस्सा :  चौतरफा मांग ‘कंगना को गिरफ्तार करो, पद्मश्री वापस लो’</title>
                                    <description><![CDATA[


फिल्म अभिनेत्री के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AB%E0%A5%82%E0%A4%9F%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BE----%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97-%E2%80%98%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B--%E0%A4%AA%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%B8-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E2%80%99/article-2333"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/kangana_ranaut_ians_4.jpg" alt=""></a><br /><p>फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के आजादी पर दिए बयान को लेकर स्वतंत्रता सेनानियों, कांग्रेस, एनसीपी समेत कई राजनीतिक पार्टियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं में गुस्सा है। सभी का कहना है कि कंगना का यह बयान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का अपमान है। लोगों ने मांग की है कि उससे पद्मश्री सम्मान वापस लेकर उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। <br /><br /><strong>प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी भी आग बबूला</strong><br /><strong>कड़ी से कड़ी सजा मिले : रामेश्वर चौधरी</strong><br />जयपुर। फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के विवादित बयान को लेकर प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी भी आग बबूला है। उन्होंने कंगना के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।<br />झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ के पा बाय गांव में निवास कर रहे स्वतंत्रता सेनानी रामेश्वर चौधरी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का अपमान करने वाली कंगना रनौत से पद्मश्री वापस लेकर उसे कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए। करीब 103 वर्षीय चौधरी ने कहा कि हम जानते हैं आजादी कैसे मिली है। अंग्रेजों ने कैसे-कैसे जुल्म ढहाए है। लम्बे संघर्ष के बाद आजादी मिली है। दिन-रात हमारे पीछे अंग्रेज पुलिस लगी रहती थी। जानवरों की घोर में छिपकर रहते थे। हम लो मौसम तक की परवाह नहीं करते थे। सर्दी, गरमी और बरसात में भी देश की आजादी के लिए काम करते थे। आज भी मैं आजादी के लिए संषर्घ के उन दिनों को याद करता हंू तो रूह कांप जाती है। स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर कंगना रनौत कहती है कि असली आजादी तो 2014 में मिली है। उसे यह पता नहीं कि 1947 में आजादी नहीं मिलती तो जिनकी वह तारीफ कर रही है, आज ये लोग बोलने लायक नहीं रहते। स्वतंत्रता सेनानियों का इस तरह अपमान करने वाली कंगना रनौत को माफ नहीं किया जाना चाहिए। उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। दरअसल कंगना रनौत ने गत दिवस एक कार्यक्रम में 1947 में मिली आजादी और हिंसा का जिक्र करते हुए कहा था कि वो आजादी नहीं थी, बल्कि भीख थी। कंगना इतने पर ही नहीं रुकीं, उन्होंने आगे कहा कि जो आजादी मिली है, वह 2014 में मिली है।<br /><br />बुनियादी सवालों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के जुमले उछाले गए हैं। यह अभिनेत्री हैं जो इस तरह का अभिनय कर रही हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कंगना का बयान देश के शहीदों का अपमान है। उन्हें पता ही नहीं कितने लोगों ने देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राण दिए हैं।-<strong>निशा सिद्दू, वरिष्ठ नेता सीपीआई, जयपुर</strong><br /><br />कंगना का बयान स्वतंत्रता आन्दोलन का अपमान है। महात्मा गांधी, भगतसिंह, राजगुरु सहित हजारों स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है। इस बयान की खोज नागपुर यूनिवसिर्टी से हुई है। कगना ने यह कहकर पदमश्री का अपमान किया है, इस तरह के लोगों को पदमश्री नहीं दिया जाना चाहिए। सरकार को इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। -<strong>नरेन्द्र आचार्य, सचिव, सीपीआई, राजस्थान</strong><br /><br />ंकंगना ने देश के इतिहास को नहीं पढ़ा है। उसे यह पता नहीं है कि कितने ही लोगों ने देश को आजाद कराने में अपने प्राणों की आहूति दी है। इस तरह की अभिनेत्री के खिलाफ देशद्रोह में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए। -<strong>डॉ. गौरव शर्मा, लेखक</strong><br /><br /><strong>आजादी को लेकर दिया था विवादित बयान</strong><br /><strong>कंगना के खिलाफ  प्रदेश के कई जिलों में शिकायत दर्ज</strong><br /> देश की आजादी को लेकर विवादित बयान देने पर बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनोट के खिलाफ प्रदेश के चार जिलों जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और चूरू में शिकायत दर्ज कराई गई है। रनोट के खिलाफ जयपुर के कोतवाली और जोधपुर के शास्त्रीनगर, उदयपुर के सुखेर और चूरू के कोतवाली थाने में शिकायत दी है। <br /><br /><strong>कंगना रनौत मामला</strong><br />जयपुर में शहर महिला कांग्रेस ने कोतवाली थाने में रनोत के खिलाफ  दी शिकायत में लिखा है कि रनौत ने आजादी के लिए शहीद हुए क्रांतिकारियों की प्रतिष्ठा का अपमान करने, संविधान के प्रति आस्था रखने वालों को आहत किया है। महिला मोर्चा की अध्यक्ष रानी लुबाना ने शिकायत में बताया कि 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ और उस आजादी के लिए हजारों लोगों ने अपना बलिदान दिया। वो क्षण प्रत्येक आजाद भारतीय के लिए गौरवान्वित क्षण था। पूरी दुनिया ने भारत की आजादी देखी और शहीदों को आज भी सम्मान की नजर से देखता है। गौरतलब है कि अभिनेत्री कंगना रानावत ने सार्वजनिक मंच  से बयान दिया था कि 1947 में भारत को आजादी मिली थी, वह आजादी नहीं भीख थी। असल में भारत को आजादी 2014 में मिली है। <br /><br /><strong>लहू की फुहारों से मिली आजादी का अपमान: पाण्डे</strong><br />प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे ने कंगना के बयान पर विरोध जताते हुए कहा कि अभिनेत्री ने लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों का तिरस्कार किया है। लहू की फुहारों से मिली आजादी का अपमान किया है। ऐसे में उन पर उचित कार्रवाई की जाए और पद्मश्री वापस लिया जाए। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेहाना रियाज ने बताया कि राजस्थान के सभी जिलों में कंगना के खिलाफ पदाधिकारियों ने एफआईआर दर्ज कराई है। <br /><br />कंगना रनौत का बयान महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, और सरदार पटेल जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का ही नहीं, बल्कि सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों के बलिदान का भी अपमान है। सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। माननीय राष्टÑपति को कंगना से तत्काल पद्म सम्मान वापस लेना चाहिए। -<strong>आनंद शर्मा, कांग्रेस नेता</strong><br /><br />मैं अभिनेत्री कंगना रनौत के बयान की कड़ी निंदा करता हूं। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है। केंद्र सरकार को कंगना से पद्मश्री वापस लेकर उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए। -<strong>नवाब मलिक, एनसीपी नेता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Sat, 13 Nov 2021 11:50:30 +0530</pubDate>
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