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                <title>mann ki baat - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>mann ki baat RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मन की बात में देश की उपलब्धियों और सकारात्मक बदलावों पर जोर : विकसित भारत की यात्रा में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करता है  कार्यक्रम, भजनलाल ने कहा-  विकास में जनभागीदारी को करता है मजबूत </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 133वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक बदलावों और उपलब्धियों का उल्लेख किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/emphasis-on-countrys-achievements-and-positive-changes-in-mann-ki/article-151761"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(4)21.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 133वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक बदलावों और उपलब्धियों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के सांगानेर में इस कार्यक्रम को सुना और कहा कि ‘मन की बात’ आमजन को विकसित भारत की यात्रा में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करता है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम, पवन ऊर्जा, बीटिंग रिट्रीट के संगीत की वेव्स ओटीटी पर उपलब्धता, कच्छ के रण में फ्लेमिंगो पक्षियों का संरक्षण, उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में ‘गज मित्र’ पहल, छत्तीसगढ़ में काले हिरण, रेगिस्तानी क्षेत्रों में गोडावण संरक्षण तथा नॉर्थ-ईस्ट में बैम्बू सेक्टर की सफलता जैसे विषयों का उल्लेख किया।</p>
<p>इसके साथ ही उन्होंने नेशनल आर्काइव्स ऑफ इंडिया के अभिलेख, यूरोपीय गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड में भारतीय छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन, डिजिटल जनगणना अभियान और देश के विभिन्न राज्यों में बन रही चीज (चीज़/पनीर उत्पाद) का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती का उल्लेख करते हुए देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम समाज के हर वर्ग को प्रेरित करता है और देश के विकास में जनभागीदारी को मजबूत करता है। कार्यक्रम के दौरान सांसद मदन राठौड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 17:25:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जोधपुर में ‘मन की बात’ को लेकर दिखा उत्साह, जनप्रतिनिधियों संग आमजन ने सुना कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[जोधपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को लेकर भारी उत्साह देखा गया। कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल और राज्य मंत्री के.के. बिश्नोई ने कार्यकर्ताओं के साथ पीएम के विचारों को सुना। मंत्रियों ने इसे समाज को जोड़ने और सकारात्मक बदलाव लाने वाला एक सशक्त माध्यम बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/enthusiasm-was-shown-regarding-mann-ki-baat-in-jodhpur-common/article-148339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jodhpur-maan-ki-baat.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात को लेकर रविवार को जोधपुर में विभिन्न स्थानों पर उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर कार्यक्रम को सुना।लूणी विधानसभा क्षेत्र में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने आमजन और कार्यकर्ताओं के साथ मन की बात कार्यक्रम सुना। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के विचारों को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रहा है। कुड़ी मंडल की ओर से कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।</p>
<p>वहीं, उद्योग राज्य मंत्री केके बिश्नोई ने भी भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम को सुना। उन्होंने कहा कि मन की बात’देशवासियों को एक सूत्र में बांधने का माध्यम बन चुका है।शास्त्री नगर स्थित अपने आवास पर भी मंत्री केके बिश्नोई ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर कार्यक्रम का श्रवण किया। इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए विषयों पर चर्चा करते हुए उन्हें जनहित में महत्वपूर्ण बताया।कार्यक्रम के दौरान सभी स्थानों पर देशभक्ति और जनभागीदारी का माहौल देखने को मिला।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 18:03:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी ने की मछुआरा समुदाय की सराहना: बताया आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव, एक घंटे में 2.51 लाख पौधे लगाकर जनभागीदारी की ताकत से बना विश्व रिकॉर्ड, जल संरक्षण के संकल्प को दोहराया</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मछुआरों को 'समुद्र का योद्धा' बताते हुए उनके आर्थिक योगदान को सराहा। उन्होंने वाराणसी में 2.51 लाख पौधे रोपने के विश्व रिकॉर्ड और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान की प्रशंसा की। पीएम ने जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने पर जोर दिया और छत्तीसगढ़ व त्रिपुरा के सफल मॉडलों का उदाहरण साझा किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-praised-the-fishermen-community-said-that-it-is/article-148334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के मछुआरा समुदाय की सराहना करते हुए कहा है कि मछुआरे केवल समुद्र के योद्धा ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव भी हैं। पीएम मोदी ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 132 वीं कड़ी में कहा कि मछुआरे सुबह होने से पहले समुद्र में उतरकर न सिर्फ अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बंदरगाहों के विकास, बीमा योजनाओं और तकनीकी सहायता के जरिए मछुआरों का जीवन आसान बनाया जा रहा है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि समुद्र में काम करने वाले मछुआरों के लिए मौसम की जानकारी बेहद अहम होती है, इसलिए तकनीक के माध्यम से उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इन प्रयासों से देश का मत्स्य पालन क्षेत्र तेजी से समृद्ध हो रहा है और इसमें नवाचार भी बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि आज मत्स्य पालन और समुद्री शैवाल (सीवीड) के क्षेत्र में नए-नए नवाचार हो रहे हैं, जिससे मछुआरे आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने ओडिशा के संबलपुर की सुजाता भूयान का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने हीराकुंड जलाशय में मछली पालन शुरू कर कुछ ही वर्षों में सफल व्यवसाय में बदल दिया। उनकी सफलता आज अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।</p>
<p>पीएम मोदी ने लक्षद्वीप के मिनीकॉय की हाव्वा गुलजार का भी जिक्र किया, जिन्होंने मत्स्य प्रसंस्करण इकाई (फिश प्रोसेसिंग यूनिट) के साथ कोल्ड स्टोरेज स्थापित कर अपने कारोबार को नई ऊंचाई दी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, बेलगावी के शिवलिंग सतप्पा हुद्दार ने पारंपरिक खेती छोड़कर फिश फार्मिंग अपनाई और अब बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में ऐसे प्रयास प्रेरणादायक हैं और फिशरीज सेक्टर से जुड़े लोगों का योगदान भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रहा है। उन्होंने इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों की सराहना करते हुए कहा कि उनका परिश्रम और नवाचार देश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में जनभागीदारी से एक घंटे में 2.51 लाख पौधे लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की सराहना करते हुये बदलाव के लिये समाज की भागीदारी को सबसे बड़ी ताकत बताया है। उन्होंने कहा कि जब लोग मिलकर काम करते हैं, तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिवर्तन की नींव बन जाते हैं। पीएम मोदी ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 132 वीं कड़ी में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुए एक विशेष अभियान का जिक्र किया, जहां मात्र एक घंटे में 2 लाख 51 हजार से अधिक पौधे लगाए गए। इस उपलब्धि के साथ एक नया गिनिज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें हजारों लोगों ने एक साथ भाग लिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में भाग लेने वालों में छात्र, जवान , स्वयंसेवी संगठन और विभिन्न संस्थाओं ने अपना योगदान दिया। सभी ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया, जो जनभागीदारी की एक प्रेरक मिसाल है। पीएम मोदी ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत देशभर में करोड़ों पेड़ लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करते हैं, बल्कि समाज को एकजुट कर सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संचय को आवश्यक बताते हुए कहा है कि देश के कई हिस्सों में गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है और जल संकट से बचने के लिए देशवासियों को जल संरक्षण के अपने संकल्प को दोहराने की आवश्यकता है। पीएम मोदी ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 132वीं कड़ी में कहा कि पिछले 11 वर्षों में 'जल संचय अभियान' ने लोगों को काफी जागरूक बनाया है। इस अभियान के तहत देश भर में करीब 50 लाख कृत्रिम जल संचय ढांचे बनाए गए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, "मुझे यह देखकर अच्छा लगता है कि अब जल संकट से निपटने के लिए गाँव-गाँव में सामुदायिक स्तर पर प्रयास होने लगे हैं। कहीं पुराने तालाबों की सफाई हो रही है, तो कहीं वर्षा जल को सहेजने के प्रयास किए जा रहे हैं। 'अमृत सरोवर' अभियान के तहत भी देशभर में करीब 70 हजार सरोवर बनाए गए हैं। बारिश का मौसम आने से पहले इनकी साफ-सफाई भी शुरू हो गई है। मैं इस बारे में आपसे कुछ प्रेरक उदाहरण भी साझा करना चाहता हूँ। ये उदाहरण बताते हैं कि जनभागीदारी से जल संरक्षण का काम कितना व्यापक हो जाता है।"</p>
<p>उन्होंने त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि जंपुई पहाड़ियों में बसा वांगमुन गाँव, जो लगभग 3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, कभी गंभीर जल संकट से जूझ रहा था। गर्मियों में लोगों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। बाद में ग्रामीणों ने वर्षा जल की हर बूंद को सहेजने का संकल्प लिया। आज इस गाँव के लगभग हर घर में वर्षा जल संचयन के उपाय किए गए हैं और यह गाँव जल संरक्षण की प्रेरक मिसाल बन गया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने एक अन्य उदाहरण देते हुए कहा, "इसी तरह छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में भी एक अनोखी पहल देखने को मिली है। यहाँ के किसानों ने अपने खेतों में छोटे-छोटे रिचार्ज तालाब और सोखता गड्ढे बनाए, जिससे वर्षा का पानी खेतों में ही रुकने लगा और धीरे-धीरे जमीन में समाने लगा। आज इस क्षेत्र के 1200 से अधिक किसान इस मॉडल को अपना चुके हैं और भूजल स्तर में सुधार हुआ है। इसी तरह तेलंगाना के मंचेरियाल जिले के मुधिगुंटा गाँव में भी लोगों ने मिलकर पानी की समस्या दूर की है। गाँव के 400 परिवारों ने अपने घरों में सोखता गड्ढे बनाए और जल संरक्षण को जन-आंदोलन बना दिया। इससे गाँव का भूजल स्तर बढ़ा है और प्रदूषित पानी से होने वाली बीमारियाँ भी काफी कम हो गई हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 17:09:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम एशिया युद्ध से उत्पन्न संकट में स्वार्थी राजनीति न करें, एकजुट रहें और अफवाह न फैलाएं : पीएम मोदी </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' में पश्चिम एशिया युद्ध से उपजे ईंधन संकट पर चिंता जताई। उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों से अफवाहों से बचने और स्वार्थी राजनीति न करने की अपील की। पीएम ने खाड़ी देशों का आभार जताते हुए बताया कि 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित लौटे हैं और सरकार पेट्रोलियम रिजर्व बढ़ाकर ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/do-not-do-selfish-politics-in-the-crisis-arising-from/article-148330"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi-maan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस समय पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पूरी दुनिया में ईंधन का संकट पैदा हो गया है। इसलिए देशवासियों से आग्रह है कि वे संकट के इस दौर में एकजुट हों, स्वार्थी राजनीति न करें और किसी तरह की अफवाह न फैलाएं। पीएम मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ''मन की बात'' की 132वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया के कारण उत्पन्न संकट से पूरी दुनिया की तरह भारत भी अछूता नहीं है। लेकिन इस संकट के दौर में सभी देशवासियों से अपील की कि जो लोग इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहे हैं, उन्हें स्वार्थी राजनीति नहीं करनी चाहिए। संकट के समय किसी को ऐसा नहीं करना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा, ''यह 140 करोड़ नागरिकों के हितों से जुड़ा मुद्दा है। इसमें स्वार्थी राजनीति की कोई जगह नहीं है। जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं, वे देश को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं। मैं सभी से अपील करता हूं कि सतर्क रहें, अफवाहों से भ्रमित न हों। सरकार लगातार सही जानकारी दे रही है। उसी पर भरोसा करें और उसी के आधार पर कदम उठाएं।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर बेहद घटनापूर्ण रहा है। हम सब याद करते हैं कि कोविड के कारण पूरी दुनिया को लंबे समय तक अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा। हम सबकी उम्मीद थी कि कोविड संकट से उबरने के बाद दुनिया एक नयी शुरुआत के साथ प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगी, लेकिन उसके बाद दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में युद्ध और संघर्ष की स्थितियां लगातार उभरती रहीं। अब वहां बेहद नाजुक स्थिति बनी हुई है और भारत के करोड़ों परिवारों के सदस्य वहां रहते हैं और खासकर खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने भारतीयों की मदद करने के लिए खाड़ी देशों का आभार जताते हुए कहा, ''खाड़ी देशों का बहुत आभार। उन्होंने एक करोड़ से अधिक भारतीयों को हर प्रकार की सहायता दी। अब तक 3.75 लाख से ज्यादा भारतीय सुरक्षित भारत वापस लाए जा चुके हैं। ईरान से लगभग 1000 भारतीय, जिनमें 700 से ज्यादा मेडिकल छात्र शामिल हैं, सकुशल भारत पहुंच चुके हैं।'' उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हमारे ऊर्जा जरूरतों, कच्चा तेल, गैस आदि ईंधन का प्रमुख केंद्र है। इस क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल और गैस का संकट बन रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही मुश्किल हो गई है, जिससे व्यापार मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। सरकार पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। देश में स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व 5.3 मिलियन टन से ज्यादा है और इसे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस संकट में राष्ट्र को एकजुट रहना चाहिए और अफवाहों से बचना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 16:00:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मन की बात : प्रधानमंत्री मोदी ने योग अपनाने और चीनी और तेल का सेवन घटाने पर दिया जोर, लोगों से खान-पान में भी सुधार लाने की अपील की </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' में फिटनेस को जीवन का मंत्र बताया। उन्होंने चीनी के सेवन और खाद्य तेल में 10% कटौती की अपील करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 100 दिनों के काउंटडाउन के बीच, उन्होंने अफ्रीका के 'अरविंद योग सेंटर' जैसे वैश्विक प्रयासों की भी सराहना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mann-ki-baat-prime-minister-modi-laid-emphasis-on-adopting/article-148328"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम मन की बात में देशवासियों से फिटनेस पर ध्यान देने और योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। श्री मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में अब 100 दिनों से भी कम समय बचा है और पूरी दुनिया में योग के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने बताया कि अफ्रीका के जिबूती में अल्मिस नामक व्यक्ति अपने 'अरविंद योग सेंटर' के माध्यम से योग का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं और विभिन्न स्थानों पर लोगों को योग सिखा रहे हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने लोगों से खान-पान में सुधार लाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर युवराज दुआ के पोस्ट पर उनकी प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि युवराज दुआ ने उनसे अपने पिता को चीनी कम करने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया था, जिसका सकारात्मक असर देखने को मिला।</p>
<p>पीएम मोदी ने देशवासियों से चीनी का सेवन कम करने की अपील की और खाने के तेल में कम से कम 10 प्रतिशत की कटौती करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के छोटे-छोटे बदलाव मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाने में मदद करेंगे। उन्होंने दोहराया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आज के समय की बड़ी जरूरत है और योग इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 14:32:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मन की बात: स्टार्टअप्स में गुणवत्ता को बनाएं अपना 'बेंचमार्क', विकसित भारत के लिए 'जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट' जरूरी </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में युवाओं और उद्योग से गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की अपील की। कहा, भारतीय उत्पादों की पहचान विश्वस्तरीय गुणवत्ता से होनी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/mann-ki-baat-make-quality-your-benchmark-in-startups-zero/article-140779"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को देश के युवाओं और उद्योग जगत से गुणवत्ता को अपना मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि होता है, चलता है का युग अब समाप्त हो चुका है और भारतीय उत्पादों की पहचान दुनिया में टॉप क्वालिटी के रूप में होनी चाहिए। वर्ष 2026 के अपने पहले मन की बात की 130वीं कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम, जल संरक्षण और उभरते हुए भजन क्लबिंग जैसे सांस्कृतिक रुझानों पर विस्तार से चर्चा की।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने कहा, भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और दुनिया की नजरें हम पर हैं। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम उत्कृष्टता को अपना बेंचमार्क बनाएं। हमारा संकल्प होना चाहिए कि गुणवत्ता में न कोई कमी होगी और न कोई समझौता। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने वर्ष 2016 में शुरू हुई स्टार्टअप इंडिया की यात्रा को याद करते हुए इसे देश के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आज हमारे स्टार्टअप एआई, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी और सेमीकंडक्टर्स जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिनकी कल्पना 10 साल पहले तक मुश्किल थी।</p>
<p>गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने आज 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर मतदाता के रूप में पंजीकरण को एक उत्सव की तरह मनाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि जब कोई युवा पहली बार वोटर बने, तो समाज को उसका अभिनंदन करना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक भागीदारी के प्रति जागरूकता बढ़े।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तमसा नदी के पुनरुद्धार और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में अनंत नीरू संरक्षणम प्रोजेक्ट की सराहना की। उन्होंने बताया कि कैसे स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर प्रदूषित नदियों को साफ किया और सूखे प्रभावित क्षेत्रों में जलाशयों को नया जीवन दिया।</p>
<p>सांस्कृतिक विषयों पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने जीजी के बीच लोकप्रिय हो रहे भजन क्लबिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा, युवा भक्ति को अपनी जीवन शैली में ढाल रहे हैं। मंच आधुनिक हो सकता है, लेकिन भजन की गरिमा और शुचिता अक्षुण्ण है। उन्होंने मलेशिया में भारतीय प्रवासियों द्वारा तमिल भाषा के संरक्षण और वहां आयोजित लाल पाड़ साड़ी वॉक की भी सराहना की।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश के युवाओं के 11 लाख किलो कचरा साफ करने और मध्य प्रदेश के पन्ना में बीट-गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार द्वारा औषधीय पौधों का डेटाबेस तैयार करने जैसे प्रयासों को सराहा। उन्होंने बताया कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत अब तक 200 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाए जा चुके हैं।</p>
<p>संबोधन के अंत में उन्होंने श्री अन्न के प्रति बढ़ते वैश्विक आकर्षण पर खुशी जताई। उन्होंने तमिलनाडु की महिला किसानों और राजस्थान के किसान उत्पादक संगठनों का उदाहरण दिया जो मोटे अनाज से रेडी टू ईट उत्पाद बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आगामी फरवरी माह में होने वाले इंडिया एआई इंपैक्ट समित का उल्लेख करते हुए अपनी बात समाप्त की और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग और युवा स्टार्टअप से गुणवत्ता को प्राथमिकता देने और उत्कृष्टता को मानक बनाने की अपील करते हुए रविवार को कहा कि देश को विकसित बनाने के लिए यह बेहद जरूरी है। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 130वें संस्करण में पीएम मोदी ने 10 साल पहले जनवरी 2016 में शुरू हुए स्टार्टअप इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि इसके माध्यम से कई युवाओं ने बंधे-बंधाये सहज दायरे से बाहर निकलकर ऐसे नवाचार कर रहे हैं जो इतिहास में दर्ज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उस समय भी सरकार को एहसास था कि भले ही यह छोटी पहल क्यों ने हो लेकिन युवा-पीढ़ी और देश के भविष्य के लिए काफी अहम है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, मैं देशवासियों, विशेषकर इंडस्ट्री और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं से एक आग्रह जरूर करना चाहता हूँ। देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत पर दुनिया की नजरें हैं। ऐसे समय में हम सब पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है-गुणवत्ता पर जोर देने की। आइये इस वर्ष हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को प्राथमिकता दें।</p>
<p>गुणवत्ता में निरंतर बेहतरी की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि चाहे हमारे वस्त्र हों या प्रौद्योगिकी, भारतीय उत्पादों की पहचान की उनकी गुणवत्ता से होनी चाहिये। उन्होंने युवा स्टार्टअप से उत्कृष्टता को हम अपना मानक बनाने की अपील की। उन्होंने कहा, हम संकल्प लें कि गुणवत्ता में न कोई कमी होगी, न गुणवत्ता से कोई समझौता होगा। ऐसा करके ही हम विकसित भारत की यात्रा को तेजी से आगे ले जा पाएंगे।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया मिशन का परिणाम यह हुआ कि आज भारत स्टार्टअप के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। ये स्टार्टअप लीक से हट कर हैं। वे ऐसे सेक्टरों में काम कर रहे हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले तक कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। एआई से लेकर अंतरिक्ष तक, परमाणु ऊर्जा से लेकर सेमीकंडक्टर तक, हर क्षेत्र में कोई न कोई भारतीय स्टार्टअप काम करते हुए दिख जाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 12:44:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मन की बात 129वीं कड़ी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आमजन के साथ कार्यक्रम सुना</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' की 129वीं कड़ी में 2025 को भारत के गौरव का वर्ष बताया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' और खेल-विज्ञान की सफलताओं का जिक्र किया। जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे सुना और कहा कि पीएम के संदेश राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणापुंज हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mann-ki-baat-129th-episode-chief-minister-bhajan-lal-sharma/article-137514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rajasthan-cm-on-maan-ki-baat.png" alt=""></a><br /><p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 129वीं कड़ी रविवार को प्रसारित हुई। वर्ष 2025 की यह अंतिम कड़ी थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर जनप्रतिनिधियों और आमजन के साथ कार्यक्रम सुना।</p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2025 में राजस्थान सहित पूरे देश ने विकास और उपलब्धियों के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देश की प्रगति, सकारात्मक प्रयासों और प्रेरक कार्यों को जन-जन तक पहुंचाया जाता है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम देश की उपलब्धियों पर गर्व करने का अवसर प्रदान करता है और समाज के हर वर्ग को राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार और संदेश आमजन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान विधायक डॉ. गोपाल शर्मा, पूर्व विधायक रामलाल शर्मा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 17:30:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>''मन की बात'' पीएम मोदी ने कहा, वर्ष 2025 की अनेक उपलब्धियों को याद रखेगा देश </title>
                                    <description><![CDATA['मन की बात' के 129वें अंक में प्रधानमंत्री मोदी ने 2025 को भारत की 'ऊंची छलांग' का वर्ष बताया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, वंदे मातरम के 150 वर्ष और क्रिकेट विश्व कप जीत जैसी सफलताओं का उल्लेख किया। पीएम ने कहा कि नवाचार और आत्मविश्वास के साथ भारत 2026 के नए संकल्पों के लिए तैयार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mann-ki-baat-pm-modi-said-the-country-will-remember/article-137496"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/maan-ki-baat-129.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि वर्ष 2025 में देश ने कई क्षेत्रों में ऊंची छलांग लगाई है और अनेक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है जिसके लिए इस वर्ष को याद किया जाएगा।</p>
<p>पीएम मोदी ने रेडियो पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात की 129वीं कड़ी में देश को संबोधित करते हुए रविवार को कहा कि 2025 ने कई उपलब्धियां दी है जिसके कारण पूरी दुनिया में भारत ने अपनी असाधारण और मजबूत छाप छोड़ी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस साल ऑपरेशन ङ्क्षसदूर ने पूरी दुनिया में अपनी विशेष छाप छोड़ी है और भारत ने दुनिया को बता दिया कि वह अपनी रक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जा सकता है। इसी तरह का जज्बा वंदे मातरम् के 150वें साल पर भी देखने को मिला और इसी का परिणाम है कि देशवासियों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, इसी तरह से खेल में हमारी क्रिकेट टीम ने आईसीसी चैंपियनशिप जीती, भारत की बेटियों ने क्रिकेट का विश्व कप जीता, विज्ञान और अंतरिक्ष क्षेत्र में भी भारत ने लंबी छलांग लगाई। साल 2025 में हुए प्रयागराज महाकुंभ ने पूरी दुनिया को चकित किया और साल के अंत में अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम ने हर भारतीयों को गर्व से भर दिया। इस साल भारत ने दुनिया को और ज्यादा आत्मविश्वास दिया है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि 2026 में हम नए संकल्पों के साथ आगे बढऩे के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया हमें देख रही है क्योंकि हमारा नवाचार और नई तकनीक तथा नया करने का जुनून तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारे युवाओं की जिज्ञासा  तेजी से बढ़ रही है और नया करने का जुनून उनके जीवन का हिस्सा बन रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 12:25:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मन की बात कार्यक्रम : खुदीराम की फांसी से गूंजी आज़ादी की पुकार, अगस्त बना क्रांति का महीना; मोदी ने कहा- किले हमारी संस्कृति के प्रतीक </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन की ताकत और इसकी जरूरत आज भी वैसी ही है और 11 वर्षों में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ एक जन-आंदोलन बन गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/mann-ki-baat-program-khudirams-hanging-from-the-hanging-of/article-121786"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/photo-(2).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन की ताकत और इसकी जरूरत आज भी वैसी ही है और 11 वर्षों में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ एक जन-आंदोलन बन गया है। मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में आज कहा कि कुछ लोगों को कभी-कभी कोई काम नामुमकिन सा लगता है कि क्या ये भी हो पाएगा? लेकिन, जब देश एक सोच पर एक साथ आ जाए, तो असंभव भी संभव हो जाता है। ‘स्वच्छ भारत मिशन’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। जल्द ही इस मिशन के 11 साल पूरे होंगे। लेकिन, इसकी ताकत और इसकी जरूरत आज भी वैसी ही है। इन 11 वर्षों में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ एक जन-आंदोलन बना है। लोग इसे अपना फर्ज मानते हैं और यही तो असली जन-भागीदारी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हर साल होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण ने इस भावना को और बढ़ाया है। इस साल देश के 4500 से ज्यादा शहर और कस्बे इससे जुड़े और 15 करोड़ से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया। ये कोई सामान्य संख्या नहीं है। ये स्वच्छ भारत की आवाज है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता को लेकर हमारे शहर और कस्बे अपनी जरूरतों और माहौल के हिसाब से अलग-अलग तरीकों से काम कर रहे हैं। और इनका असर सिर्फ इन शहरों तक नहीं है, पूरा देश इन तरीकों को अपना रहा है। उत्तराखंड में कीर्तिनगर के लोग, पहाड़ों में कचरा प्रबंधन की नई मिसाल कायम कर रहे हैं। ऐसे ही मेंगलुरु में तकनीक से ऑर्गेनिक कचरा प्रबंधन का काम हो रहा है। अरुणाचल में एक छोटा सा शहर रोइंग है। एक समय था जब यहाँ लोगों के स्वास्थ्य के सामने अपशिष्ट प्रबंधन बहुत बड़ी चुनौती थी। यहाँ के लोगों ने इसकी जिम्मेदारी ली। ‘ग्रीन रोइंग इनिशिएटिव शुरू हुआ और फिर अपशिष्ट पुनर्चक्रण से पूरा एक पार्क बना दिया गया। अहमदाबाद में रिवर फ्रंट पर सफाई ने भी सबका ध्यान खींचा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भोपाल की एक टीम का नाम है ‘सकारात्मक सोच’। इसमें 200 महिलाएं हैं। ये सिर्फ सफाई नहीं करती, सोच भी बदलती हैं। एक साथ मिलकर शहर के 17 पार्कों की सफाई करना, कपड़े के थैले बांटना, इनका हर कदम एक संदेश है। ऐसे प्रयासों की वजह से ही भोपाल भी अब स्वच्छ सर्वेक्षण में काफी आगे आ गया है। लखनऊ की गोमती नदी टीम का जिक्र भी जरूरी है। 10 साल से हर रविवार, बिना थके, बिना रुके इस टीम के लोग स्वच्छता के काम में जुटे हैं। गोवा के पणजी शहर का उदाहरण भी प्रेरक है। वहां कचरे को 16 श्रेणी में बांटा जाता है और इसका नेतृत्व भी महिलाएं कर रही हैं। पणजी को तो राष्ट्रपति पुरुस्कार भी मिला है। स्वच्छता सिर्फ एक वक्त का, एक दिन का काम नहीं है। जब हम साल में हर दिन, हर पल स्वच्छता को प्राथमिकता देंगें तभी देश स्वच्छ रह पाएगा।</p>
<p><strong>किले हमारी संस्कृति के प्रतीक : मोदी</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि किले हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं, जहां संस्कार और स्वाभिमान आज भी इन किलों की ऊंची-ऊंची दीवारों से झाँकते हैं। उन्होने कहा कि हम सभी को गर्व से भर देने वाली यूनेस्को से एक और खबर आई है । यूनेस्को ने 12 मराठा किलों को वैश्विक धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी है। ग्यारह किले महाराष्ट्र में, एक किला तमिलनाडु में। हर किले से इतिहास का एक-एक पन्ना जुड़ा है। हर पत्थर, एक ऐतिहासिक घटना का गवाह है। सल्हेर का किला, जहाँ मुगलों की हार हुई। शिवनेरी, जहाँ छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ। यह किला ऐसा जिसे दुश्मन भेद न सके। खानदेरी का किला, समुद्र के बीच बना अद्भुत किला। दुश्मन उन्हें रोकना चाहते थे, लेकिन शिवाजी महाराज ने असंभव को संभव करके दिखा दिया। प्रतापगढ़ का किला, जहाँ अफजल खान पर जीत हुई, उस गाथा की गूंज आज भी किले की दीवारों में समाई है। विजयदुर्ग, जिसमें गुप्त सुरंगें थी, छत्रपति शिवाजी महाराज की दूरदर्शिता का प्रमाण इस किले में मिलता है। मैंने कुछ साल पहले रायगढ़ का दौरा किया था। छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने नमन किया था। ये अनुभव जीवन भर मेरे साथ रहेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा देश के और हिस्सों में भी ऐसे ही अद्भुत किले हैं, जिन्होंने आक्रमण झेले, खराब मौसम की मार झेली, लेकिन आत्मसम्मान को कभी भी झुकने नहीं दिया। राजस्थान का चित्तौड़गढ़ का किला, कुंभलगढ़ किला, रणथंभौर किला, आमेर किला, जैसलमेर का किला तो विश्व प्रसिद्ध है। कर्नाटक में गुलबर्गा का किला भी बहुत बड़ा है। चित्रदुर्ग के किले की विशालता भी आपको कौतूहल से भर देगी कि उस जमाने में ये किला बना कैसे होगा!</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा उत्तर प्रदेश के बांदा में कालिंजर किला है। महमूद गजनवी ने कईं बार इस किले पर हमला किया और हर बार असफल रहा। बुन्देलखंड में ऐसे कई किले हैं - ग्वालियर, झांसी, दतिया, अजयगढ़, गढ़कुंडार, चँदेरी। ये किले सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं है, ये हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं। संस्कार और स्वाभिमान, आज भी इन किलों की ऊंची-ऊंची दीवारों से झाँकते हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूँ, इन किलों की यात्रा करें, अपने इतिहास को जानें, गौरव महसूस करें।</p>
<p><strong>स्वदेशी आंदोलन ने स्थानीय उत्पादों को उर्जा दी : मोदी</strong><br />प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि स्वदेशी आंदोलन ने स्थानीय उत्पादों, खासकर हैंडलूम को एक नई ऊर्जा दी थी और इसी स्मृति में देश हर साल सात अगस्त को ‘राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस’ मनाता है। उन्होने कहा कि “आप कल्पना कीजिए, बिल्कुल भोर का वक्त, बिहार का मुजफ्फरपुर शहर, तारीख है, 11 अगस्त 1908 हर गली, हर चौराहा, हर हलचल उस समय जैसे थमी हुई थी। लोगों की आँखों में आँसू थे, लेकिन दिलों में ज्वाला थी। लोगों ने जेल को घेर रखा था, जहां एक 18 साल का युवक, अंग्रेजों के खिलाफ अपना देश-प्रेम व्यक्त करने की कीमत चुका रहा था। जेल के अंदर, अंग्रेज अफसर,एक युवा को फांसी देने की तैयारी कर रहे थे। उस युवा के चेहरे पर भय नहीं था, बल्कि गर्व से भरा हुआ था। वो गर्व, जो देश के लिए मर-मिटने वालों को होता है। वो वीर, वो साहसी युवा थे, खुदीराम बोस। सिर्फ 18 साल की उम्र में उन्होंने वो साहस दिखाया, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। तब अखबारों ने भी लिखा था –“खुदीराम बोस जब फांसी के फंदे की ओर बढ़े, तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी”। ऐसे ही अनगिनत बलिदानों के बाद, सदियों की तपस्या के बाद, हमें आज़ादी मिली थी। देश के दीवानों ने अपने रक्त से आजादी के आंदोलन को सींचा था।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगस्त का महीना इसलिए तो क्रांति का महीना है। एक अगस्त को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि होती है। इसी महीने 8 अगस्त को महात्मा गाँधी के नेतृत्व में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत हुई थी। फिर आता है 15 अगस्त, हमारा स्वतंत्रता दिवस, हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं, उनसे प्रेरणा पाते हैं, लेकिन साथियों, हमारी आजादी के साथ देश के बंटवारे की टीस भी जुड़ी हुई है, इसलिए हम 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि सात अगस्त 1905 को एक और क्रांति की शुरुआत हुई थी। स्वदेशी आंदोलन ने स्थानीय उत्पादों और खासकर हैंडलूम को एक नई ऊर्जा दी थी। इसी स्मृति में देश हर साल 7 अगस्त को ‘राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस’ मनाता है। इस साल 7 अगस्त को ‘राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस’ के 10 साल पूरे हो रहे हैं। आजादी की लड़ाई के समय जैसे हमारी खादी ने आजादी के आंदोलन को नई ताकत दी थी, वैसे ही आज जब देश, विकसित भारत बनने के लिए कदम बढ़ा रहा है, तो टेक्सटाइल सेक्टर देश की ताकत बन रहा है। इन 10 वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों में इस क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों ने सफलता की कईं गाथाएं लिखी हैं।</p>
<p>महाराष्ट्र के पैठण गाँव की कविता धवले पहले एक छोटे से कमरे में काम करती थीं - न जगह थी और न ही सुविधा। सरकार से मदद मिली, अब उनका हुनर उड़ान भर रहा है। वो तीन गुणा ज्यादा कमा रही हैं। खुद अपनी बनाई पैठणी साड़ियां बेच रही हैं। उड़ीसा के मयूरभंज में भी सफलता की ऐसी ही कहानी है। यहाँ 650 से ज्यादा आदिवासी महिलाओं ने संथाली साड़ी को फिर से जीवित किया है। अब ये महिलाएं हर महीने हजारों रुपए कमा रही हैं। ये सिर्फ कपड़ा नहीं बना रही, अपनी पहचान गढ़ रही हैं। बिहार के नालंदा से नवीन कुमार की उपलब्धि भी प्रेरणादायक है। उनका परिवार पीढ़ियों से इस काम से जुड़ा है। लेकिन सबसे अच्छी बात ये कि उनके परिवार ने अब इस क्षेत्र में आधुनिकता का भी समावेश किया है। अब उनके बच्चे हैंडलूम तकनीक की पढ़ाई कर रहे हैं। बड़े ब्रांडों में काम कर रहे हैं। ये बदलाव सिर्फ एक परिवार का नहीं है, ये आसपास के अनेक परिवारों को आगे बढ़ा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Jul 2025 15:32:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>मन की बात कार्यक्रम : पीएम मोदी ने दोहराया 'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र, कहा- महिला नेतृत्व भारत का नया भविष्य बनाने को तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 'महिला नेतृत्व विकास का मंत्र देश का नया भविष्य बनाने को तैयार है और महिलाएं समाज की नयी दिशा तय कर रही है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/mann-ki-baat-program-modi-reiterated-the-mantra-of-wocal/article-118885"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(12)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 'महिला नेतृत्व विकास का मंत्र देश का नया भविष्य बनाने को तैयार है और महिलाएं समाज की नयी दिशा तय कर रही है। मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 123 वीं कड़ी में कहा कि देश के कोने-कोने में ऐसी ही अनगिनत महिलाएं, अपना और देश का भाग्य बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि 'महिला नेतृत्व विकास का मंत्र' भारत का नया भविष्य गढऩे के लिए तैयार है। हमारी माताएं, बहनें, बेटियां आज सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए नई दिशा बना रही हैं। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने तेलंगाना के भद्राचलम की महिलाओं की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि ये महिलाएं कभी खेतों में मजदूरी करती थीं। रोजी-रोटी के लिए दिन-भर मेहनत करती थीं। आज वही महिलाएं बाजरा - श्रीअन्न से बिस्किट बना रही है और 'भद्राद्री मिलेट मैजिक' नाम से ये बिस्किट हैदराबाद से लंदन तक जा रहे हैं। इन्होंने 'गिरि सैनिटरी पैड्स बनाना शुरू किया। सिर्फ 3 महीने में 40,000 पैड्स तैयार किए और उन्हें स्कूलों और आसपास के ऑफिसों में पहुँचाया। </p>
<p> प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटक के कलबुर्गी की महिलाओं ने ज्वार की रोटी को एक ब्रांड बना दिया है। इन्होंने सहकारी समिति बनाई है और उसमें हर रोज तीन हजार से ज्यादा रोटियाँ बन रही हैं। उन्होंने कहा कि 'इन रोटियों की खुशबू अब सिर्फ गाँव तक सीमित नहीं है। बेंगलुरु में विशेष दुकान खुल चुकी है। इसका बहुत शानदार असर इन महिलाओं पर पड़ा है और उनकी आय बढ़ रही है।<br />मोदी ने मध्यप्रदेश की सुमा उइके का उल्लेख किया। उन्होंने मशरूम की खेती से अपने जीवन में बदलाव किया है। </p>
<p>विश्व स्वास्थ्य संगठन, विश्व श्रम संगठन सराह रहे हैं भारत की उपलब्धियां : मोदी<br />प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आंख की बीमारी ट्रेकोमा से भारत मुक्त घोषित हो गया है और इसके साथ ही देश में सामाजिक सुरक्षा के लिए जो कदम उठाए गए हैं उसके लिए वैश्विक संगठन हमारी उपलब्धियां की तारीफ कर रहा है।<br />उन्होंने कहा 'पहली उपलब्धि आँखों की बीमारी ट्रेकोमा के ईलाज से जुड़ी है जो बैक्टीरिया से फैलती है। एक समय था जब यह बीमारी आम थी और ध्यान नहीं दिया गया तो इससे धीरे- धीरे आँखों की रोशनी तक चली जाती थी। हमने संकल्प लिया है कि ट्रेकोमा को जड़ से खत्म करेंगे और मुझे आपको ये बताते हुए बहुत खुशी है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को ट्रेकोमा मुक्त घोषित कर दिया है। अब भारत ट्रेकोमा मुक्त देश बन चुका है और यह उन लाखों लोगों की मेहनत का फल है, जिन्होंने बिना थके, बिना रुके, इस बीमारी से लड़ाई लड़ी।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने 'स्वच्छ भारत अभियान' को भी इस उपलब्धि के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इसे मिटाने में 'जल जीवन मिशन का भी बड़ा योगदान रहा है। आज जब घर-घर नल से साफ पानी पहुँच रहा है तो ऐसी बीमारियों का खतरा कम हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस बात की सराहना की है कि भारत ने बीमारी से निपटने के साथ-साथ उसके मूल कारणों को भी दूर किया है।</p>
<p>उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की एक ताजा रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी बड़ी अहम बात यह है कि इसमें कहा गया है कि भारत की 64 प्रतिशत से ज्यादा आबादी को अब कोई-ना-कोई सामाजिक सुरक्षा लाभ जरूर मिल रहा है। आज देश के लगभग 95 करोड़ लोग किसी-न-किसी सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ पा रहे हैं जबकि, 2015 तक 25 करोड़ से भी कम लोगों तक सरकारी योजनाएं पहुँच पाती थी।</p>
<p>मोदी ने दोहराया 'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र<br />प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र दोहराते हुए कहा है कि इससे भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ''भारत जिस तरह अपनी क्षेत्रीय, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है उसी तरह, कला, शिल्प और कौशल की विविधता भी हमारे देश की एक बड़ी खूबी है। प्रत्येक क्षेत्र में कोई एक विशेष वस्तु स्थानीय स्तर पर बहुत महत्व रखती है।</p>
<p> उन्होंने कहा कि मेघालय का एरी सिल्क ऐसी ही एक वस्तु है। इसका स्थानीय स्तर पर आदिवासी समाज उत्पादन करता है। इसे कुछ दिन पहले ही भू संकेतक मिला है। यह सिल्क मेघालय के लिए एक धरोहर की तरह है। स्थानीय जनजातियों ने, खासकर खासी समाज के लोगों ने पीढिय़ों से इसे सहेजा भी है और अपने कौशल से समृद्ध भी किया है। इस सिल्क की कई ऐसी खूबियाँ हैं जो इसे बाकी कपड़े से अलग बनाती हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि '' इस सिल्क को जो रेशम के कीड़े बनाते हैं, उसे हासिल करने के लिए कीड़ों को मारा नहीं जाता है, इसलिए इसे, अहिंसा सिल्क भी कहते हैं। आजकल दुनिया में ऐसे उत्पाद की मांग तेजी से बढ़ रही है जिनमें हिंसा न हो, और प्रकृति पर उनका कोई दुष्प्रभाव न पड़े, इसलिए, मेघालय का एरी सिल्क वैश्विक बाजार  के लिए एक उचित उत्पाद है।</p>
<p>मोदी ने कहा कि ये सिल्क  सर्दी में गरम करता है  और गर्मियों में ठंडक देता है। इसकी ये खूबी इसे ज्यादातर जगहों के लिए अनुकूल बना देती है। मेघालय की महिलाएं अब स्वयं सहायता समूह के जरिए अपनी इस धरोहर को और बड़े पैमाने पर आगे बढ़ा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा,'' मैं मेघालय के लोगों को एरी सिल्क को भू संकेतक मिलने पर बधाई देता हूँ। मैं आप सबसे भी अपील करूंगा कि आप भी एरी सिल्क से बने कपड़ों को जरूर देखें। उन्होंने कहा कि खादी, हथकरघा, हस्तशिल्प और वोकल फॉर लोकल को भी अपनाया जाना चाहिए।</p>
<p>मोदी ने कहा कि '' ग्राहक भारत में बने उत्पाद ही खरीदें और व्यापारी भारत में बने उत्पाद ही बेचें तो 'आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई ऊर्जा मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 29 Jun 2025 15:14:28 +0530</pubDate>
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                <title>मन की बात : गुजरात के गिर अभयारण्य में शेरों की संख्या बढ़कर 891 हुई, मोदी ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर ने दुनियाभर में आतंक के खिलाफ लड़ाई को नया विश्वास और उत्साह दिया</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के गिर अभयारण्य में एशियाई शेरों की संख्या 5 साल में करीब एक चौथाई बढऩे पर प्रसन्नता व्यक्त की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/mann-ki-baat-the-number-of-lions-in-gir-sanctuary/article-115325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(3)28.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के गिर अभयारण्य में एशियाई शेरों की संख्या 5 साल में करीब एक चौथाई बढऩे पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मोदी ने आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले मासिक कार्यक्रम'' मन की बात' के 122वें अंक में कहा कि ''मैं शेरों से जुड़ी एक बड़ी अच्छी खबर आपको बताना चाहता हूं। पिछले केवल 5 वर्षों में गुजरात के गिर में शेरों की आबादी 674 से बढ़कर 891 हो गई है। शेरों की गणना के बाद सामने आई शेरों की ये संख्या बहुत उत्साहित करने वाली है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ''आप में से बहुत से लोग यह जानना चाह रहे होंगे कि आखिर ये जानवरों की गिनती होती कैसे है, ये काम बहुत ही चुनौतीपूर्ण है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सिंह गणना 11 जिलों में 35 हजार वर्ग किलोमीटर के दायरे में की गई थी। गणना के लिए टीमों ने चौबीसों घंटे इन क्षेत्रों की निगरानी की। इस पूरे अभियान में सत्यापन और प्रति सत्यापन दोनों किए गए। इससे पूरी बारीकी से शेरों की गिनती का काम पूरा हो सका।''</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि एशियाई शेरों की आबादी में बढ़ोतरी ये दिखाती है कि जब समाज में अपनाने का भाव मजबूत होता है, तो कैसे शानदार नतीजे आते हैं। कुछ दशक पहले गिर में हालात बहुत चुनौतीपूर्ण थे। लेकिन वहां के लोगों ने मिलकर बदलाव लाने का बीड़ा उठाया। वहां नवीनतम तकनीक के साथ ही वैश्विक सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं को भी अपनाया गया। इसी दौरान गुजरात ऐसा पहला राज्य बना जहां बड़े पैमाने पर वन अधिकारियों के पदों पर महिलाओं की तैनाती की गई। आज हम जो नतीजे देख रहे हैं, उसमें इन सभी का योगदान है। वन्य जीवन संरक्षण के लिए हमें ऐसे ही हमेशा जागरुक और सतर्क रहना होगा।  </p>
<p><strong>सक्किम और उत्तराखंड में स्थानीय कलाओं को संवारना जीवन को सच्चा अर्थ देना</strong><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर में सिक्किम और उत्तराखंड में स्थानीय कलाओं को संवारने को जीवन को सच्चा अर्थ देना करार दिया है। मोदी ने आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले मासिक कार्यक्रम ''मन की बात' के 122वें अंक में कहा कि ''2-3 दिन पहले ही मैं पहली उभरता पूर्वोत्तर शिखर सम्मेलन में गया था। उससे पहले हमने पूर्वोत्तर के सामथ्र्य को समर्पित''अष्टलक्ष्मी महोत्सव' भी मनाया था। पूर्वोत्तर की बात ही कुछ और है, वहां का सामथ्र्य, वहां की प्रतिभा, वाकई अछ्वुत है। मुझे एक दिलचस्प कहानी पता चली है क्राफ्टेड फाइबर्स की। क्राफ्टेड फाइबर्स ये सिर्फ एक ब्रांड नहीं, सिक्किम की परंपरा, बुनाई की कला, और आज के फैशन की सोच - तीनों का सुन्दर संगम है। इसकी शुरुआत की डॉ. चेवांग नोरबू भूटिया ने। पेशे से वो वेटेनरी डॉक्टर हैं और दिल से सिक्किम की संस्कृति के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर। उन्होंने सोचा क्यूं न बुनाई को एक नया आयाम दिया जाए और इसी सोच से जन्म हुआ क्राफ्टेड फाइबर्स का। उन्होंने पारंपरिक बुनाई को आधुनिक फैशन से जोड़ा और इसे बनाया एक सोशल एंटरप्राइज। अब उनके यहां केवल कपड़े नहीं बनते, उनके यहां जिंदगियाँ बुनी जाती हैं। वे स्थानीय लोगों को कौशल प्रशिक्षण देते हैं, उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हैं। गांवों के बुनकर, पशुपालक और स्वसहायता समूहों आदि सबको जोड़कर डॉ. भूटिया ने रोजगार के नए रास्ते बनाए हैं। आज स्थानीय महिलाएं और कारीगर अपने हुनर से अच्छी कमाई कर रहे हैं। क्राफ्टेड फाइबर्स के शॉल, स्टोल, दस्ताने, मोजे, सब, स्थानीय हैंडलूम से बने होते हैं। इसमें जो ऊन का इस्तेमाल होता है, वो सिक्किम के खरगोशों और भेड़ों से आता है। रंग भी पूरी तरह प्राकृतिक होते हैं। कोई कैमिकल नहीं, सिर्फ प्रकृति की रंगत। डॉ. भूटिया ने सिक्किम की पारंपरिक बुनाई और संस्कृति को एक नई पहचान दी है। डॉ. भूटिया का काम हमें सिखाता है कि जब परंपरा को अभिरुचि से जोड़ा जाए, तो वो दुनिया को कितना लुभा सकती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ''आज मैं आपको एक ऐसे शानदार व्यक्ति के बारे में बताना चाहता हूँ जो एक कलाकार भी हैं और जीती-जागती प्रेरणा भी हैं। नाम है जीवन जोशी, उम्र 65 साल। अब सोचिए जिनके नाम में ही जीवन हो, वो कितनी जीवंतता से भरे होंगे। जीवन जी उत्तराखंड के हल्द्वानी में रहते हैं। बचपन में पोलियो ने उनके पैरों की ताकत छीन ली थी, लेकिन पोलियो, उनके हौसलों को नहीं छीन पाया। उनके चलने की रफ्तार भले कुछ धीमी हो गई, लेकिन उनका मन कल्पना की हर उड़ान उड़ता रहा। इसी उड़ान में, जीवन जी ने एक अनोखी कला को जन्म दिया - नाम रखा''बगेट''। इसमें वो चीड़ के पेड़ों से गिरने वाली सूखी छाल से सुंदर कलाकृतियाँ बनाते हैं। वो छाल, जिसे लोग आमतौर पर बेकार समझते हैं - जीवन जी के हाथों में आते ही धरोहर बन जाती है। उनकी हर रचना में उत्तराखंड की मिट्टी की खुशबू होती है। कभी पहाड़ों के लोक वाद्ययंत्र, तो कभी लगता है जैसे पहाड़ों की आत्मा उस लकड़ी में समा गई हो। जीवन जी का काम सिर्फ कला नहीं, एक साधना है। उन्होंने इस कला में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है। जीवन जोशी जैसे कलाकार हमें याद दिलाते हैं कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, अगर इरादा मजबूत हो, तो नामुमकिन कुछ नहीं। उनका नाम जीवन है और उन्होंने सच में दिखा दिया कि जीवन जीना क्या होता है।''</p>
<p>प्रधानमंत्री ने ड्रोन पायलट के रूप में खेती के काम में महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि आज कई ऐसी महिलाएं हैं, जो खेतों के साथ ही अब आसमान की ऊंचाइयों पर काम कर रही हैं। अब गाँव की महिलाएं ड्रोन दीदी बनकर ड्रोन उड़ा रही हैं और उससे खेती में नई क्रांति ला रही हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में कुछ समय पहले तक जिन महिलाओं को दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, आज वे ही महिलाएं ड्रोन से 50 एकड़ जमीन पर दवा के छिड़काव का काम पूरा कर रही हैं। सुबह 3 घंटे, शाम 2 घंटे और काम निपट गया। धूप की तपन नहीं, जहर जैसे केमिकल का खतरा नहीं। साथियो, गाँववालों ने भी इस परिवर्तन को दिल से स्वीकार किया है। अब ये महिलाएं''ड्रोन ऑपरेटर' नहीं,''स्काई वॉरियर्स' के नाम से जानी जाती हैं। ये महिलाएं हमें बता रही हैं - बदलाव तब आता है जब तकनीक और संकल्प एक साथ चलते हैं।</p>
<p><br /><strong>ऑपरेशन सिंदूर ने दुनियाभर में आतंक के खिलाफ लड़ाई को नया विश्वास और उत्साह दिया</strong></p>
<p> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि ''ऑपरेशन सिंदूर' ने दुनिया-भर में आतंक के खिलाफ लड़ाई को नया विश्वास और उत्साह दिया है क्योंकि हमारे जवानों ने आतंक के अड्डों को तबाह किया, यह उनका अदम्य साहस था और उसमें आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ भारत में बने हथियारों, उपकरणों और प्रौद्योगिकी की की ताकत शामिल थी। </p>
<p>मोदी ने आकाशवाणी पर अपने मासिक कार्यक्रम ''मन की बात' की 122वीं कड़ी में कहा कि आज पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है, आक्रोश से भरा हुआ है, संकल्पबद्ध है। आज हर भारतीय का आतंकवाद को खत्म करने का संकल्प है।''ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान हमारी सेनाओं ने जो पराक्रम दिखाया है उसने हर हिंदुस्तानी का सिर ऊँचा कर दिया है। जिस सटीकता के साथ हमारी सेनाओं ने सीमा पार के आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया वो अछ्वुत है।''ऑपरेशन सिंदूर' ने दुनिया-भर में आतंक के खिलाफ लड़ाई को नया विश्वास और उत्साह दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ''ऑपरेशन सिंदूर' सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं है ये हमारे संकल्प, साहस और बदलते भारत की तस्वीर है और इस तस्वीर ने पूरे देश को देश-भक्ति के भावों से भर दिया है, तिरंगे में रंग दिया है। देश के कई शहरों में, गावों में, छोटे-छोटे कस्बों में, तिरंगा यात्राएं निकाली गई। हजारों लोग हाथों में तिरंगा लेकर देश की सेना, उसके प्रति वंदन-अभिनंदन करने निकल पड़े। कितने ही शहरों में बड़ी संख्या में युवा एकजुट हो गए और सोशल मीडिया पर कविताएँ लिखी जा रही थीं, संकल्प गीत गाये जा रहे थे। छोटे-छोटे बच्चे पेंटिंग बना रहे थे जिनमें बड़े सन्देश छुपे थे।</p>
<p>मोदी ने कहा कि ''मैं अभी 3 दिन पहले बीकानेर गया था। वहाँ बच्चों ने मुझे ऐसी ही एक पेंटिंग भेंट की थी। ''ऑपरेशन सिंदूर' ने देश के लोगों को इतना प्रभावित किया है कि कई परिवारों ने इसे अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है। बिहार के कटिहार में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में और भी कई शहरों में, उस दौरान जन्म लेने वाले बच्चों का नाम ''सिंदूर' रखा गया है। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों ने आतंक के अड्डों को तबाह किया, यह उनका अदम्य साहस था और उसमें शामिल थी। भारत में बने हथियारों, उपकरणों और प्रौद्योगिकी की ताकत। उसमें ''आत्मनिर्भर भारत' का संकल्प भी था। हमारे इंजीनियर, हमारे टेक्नीशियन हर किसी का पसीना इस विजय में शामिल है। इस अभियान के बाद पूरे देश में ''वोकल फॉर लोकल'' को लेकर एक नई ऊर्जा दिख रही है। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि कई बातें मन को छू जाती हैं। एक माँ-बाप ने कहा ''अब हम अपने बच्चों के लिए सिर्फ भारत में बने खिलौने ही लेंगे। देश-भक्ति की शुरुआत बचपन से होगी। 'कुछ परिवारों ने शपथ ली है ''हम अपनी अगली छुट्टियाँ देश के किसी खूबसूरत जगह में ही बिताएंगे। कई युवाओं ने भारत में शादी करने का संकल्प लिया है, वे देश में ही शादी करेंगे। किसी ने ये भी कहा है अब जो भी उपहार देंगे, वह किसी भारतीय शिल्पकार के हाथों से बना होगा।</p>
<p>मोदी ने कहा कि भारत की असली ताकत जन-मन का जुड़ाव, जन-भागीदारी। उन्होंने देशवासियों से देश में बनी चीजों को प्राथमिकता देने का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि यह सिर्फ आर्थिक आत्मनिर्भरता की बात नहीं है, यह राष्ट्र के निर्माण में भागीदारी का भाव है। हमारा एक कदम भारत की प्रगति में बहुत बड़ा योगदान बन सकता है।''</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 25 May 2025 15:55:24 +0530</pubDate>
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                <title>मन की बात : पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को मिलेगा न्याय, मोदी ने कहा- दोषियों पर होगी कठोरतम कार्रवाई </title>
                                    <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय मिलेगा और दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mann-ki-baat-pahalgam-terrorist-attack-victims-will-get-justice/article-112225"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news54.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय मिलेगा और दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मोदी ने आकाशवाणी पर अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मां की बात की 121 वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले से देश का हर व्यक्ति पीड़ा और आक्रोश में है। उन्होंने कहा कि हमले से पीड़ित प्रत्येक परिवार के प्रति हर व्यक्ति की संवेदना है। उन्होंने कहा कि मैं पीडि़त परिवारों को फिर भरोसा देता हूँ कि उन्हें न्याय मिलेगा, न्याय मिलकर रहेगा। इस हमले के दोषियों और साजिश रचने वालों को कठोरतम जवाब दिया जाएगा।</p>
<p>मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने इस हमले में अपने परिजनों को खोया है, उनका दर्द देश का प्रतीक व्यक्ति महसूस कर रहा है। हर भारतीय का खून आतंकी हमले की तस्वीरों को देखकर खौल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा पहलगाम में हुआ ये हमला आतंक के सरपरस्तों की हताशा को दिखाता है, उनकी कायरता को दिखाता है। ऐसे समय में जब कश्मीर में शांति लौट रही थी, स्कूल-कॉलेजों में चहल-पहल थी, निर्माण कार्यों में अभूतपूर्व गति आई थी, लोकतंत्र मजबूत हो रहा था, पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही थी, लोगों की कमाई बढ़ रही थी, युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो रहे थे। देश और जम्मू-कश्मीर के दुश्मनों को ये रास नहीं आया। उन्होंने, आतंकी और आतंक के आका चाहते हैं, कश्मीर फिर से तबाह हो जाए और इसलिए इतनी बड़ी साजिश को अंजाम दिया। </p>
<p>मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ इस युद्ध में देश की एकता, 140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता, हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यही एकता, आतंकवाद के खिलाफ हमारी निर्णायक लड़ाई का आधार है। हमें देश के सामने आई इस चुनौती का सामना करने के लिए अपने संकल्पों को मजबूत करना है। हमें एक राष्ट्र के रूप में दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करना है। आज दुनिया देख रही है, इस आतंकी हमले के बाद पूरा देश एक स्वर में बोल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के हम लोगों में जो आक्रोश है, वही आक्रोश पूरी दुनिया में है। इस आतंकी हमले के बाद लगातार दुनिया-भर से संवेदनाएं आ रही हैं। मुझे भी वैश्विक नेताओं ने फोन किए हैं, पत्र लिखे हैं, संदेश भेजे हैं। इस जघन्य तरीके से किए गए आतंकी हमले की सब ने कठोर ङ्क्षनदा की है। उन्होंने मृतकों के परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। पूरा विश्व, आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में  भारतीयों के साथ खड़ा है।</p>
<p><strong> भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छूएगा: मोदी</strong><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि आने वाला समय अंतरिक्ष के क्षेत्र में बहुत सारी नई संभावनाएं लेकर आ रहा है और भारत इस क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने वाला है। मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में आज महान वैज्ञानिक डॉ. के. कस्तूरीरंगन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दो दिन पहले हमने देश के महान वैज्ञानिक डॉ. के. कस्तूरीरंगन को खो दिया है। उन्होंने कहा कि जब भी डॉ. कस्तूरीरंगनसे मुलाकात हुई, हम भारत के युवाओं के प्रतिभा, आधुनिक शिक्षा, अंतरिक्ष विज्ञान ऐसे विषयों पर काफी चर्चा करते थे। विज्ञान, शिक्षा और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाई देने में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके नेतृत्व में इसरो को एक नई पहचान मिली। उनके मार्गदर्शन में जो अंतरिक्ष कार्यक्रम आगे बढ़े, उससे भारत के प्रयासों को वैश्विक मान्यता मिली। उन्होंने कहा कि आज भारत जिन सैटेलाइट का उपयोग करता है, उनमें से कई डॉ. कस्तूरीरंगन की देखरेख में ही लांच की गई थी। उनके व्यक्तित्व की एक और बात बहुत खास थी, जिससे युवा-पीढ़ी उनसे सीख सकती है। उन्होंने हमेशा नवाचार को महत्व दिया। डॉ. के. कस्तूरीरंगन ने देश की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार करने में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। देश की नि:स्वार्थ सेवा और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इसी महीने अप्रैल में आर्यभट्ट सैटेलाइट की लांचिंग के 50 वर्ष पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, 50 वर्षों की इस यात्रा को याद करते हैं, तो लगता है हमने कितनी लंबी दूरी तय की है। अंतरिक्ष में भारत के सपनों की ये उड़ान एक समय केवल हौंसलों से शुरू हुई थी। राष्ट्र के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा पाले कुछ युवा वैज्ञानिक उनके पास न तो आज जैसे आधुनिक संसाधन थे, न ही दुनिया की तकनीक तक वैसी पहुँच थी।  अगर कुछ था तो वो था, प्रतिभा, लगन, मेहनत और देश के लिए कुछ करने का जज्बा। उन्होंने कहा कि आज भारत एक वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति बन चुका है। हमने एक साथ104 सैटेलाइट लांच करके रिकॉर्ड बनाया है। हम चंद्रमा के साउथ पोल पर पहुँचने वाले पहले देश बने हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि ''हम जब इसरो द्वारा किसी सैटेलाइट का लांच देखते हैं तो हम गर्व से भर जाते हैं। ऐसी ही अनुभूति मुझे तब हुई जब मैं 2014 में पीएसएलवी -सी -23 की लांङ्क्षचग का साक्षी बना था। 2019 में चंद्रयान -2 की लैंङ्क्षडग के दौरान भी, मैं बेंगलुरू के इसरो सेंटर में मौजूद था। उस समय चंद्रयान को वो अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी, तब वैज्ञानिकों के लिए बहुत मुश्किल घड़ी थी। लेकिन मैं अपनी आंखों से वैज्ञानिकों के धैर्य और कुछ कर गुजरने का जज्बा भी देख रहा था। और कुछ साल बाद पूरी दुनिया ने भी देखा कैसे उन्हीं वैज्ञानिकों ने चंद्रयान -3 को सफल करके दिखाया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अब भारत ने अपने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए भी खोल दिया है। आज बहुत से युवा अंतरिक्ष स्टार्टअप में नए झंडे लहरा रहे हैं। 10 साल पहले इस क्षेत्र में सिर्फ एक कंपनी थी, लेकिन आज देश में, सवा तीन सौ से ज्यादा स्पेस स्टार्टअप काम कर रहे हैं। आने वाला समय अंतरिक्ष में बहुत सारी नई संभावनाएं लेकर आ रहा है। भारत नई ऊंचाइयों को छूने वाला है। देश गगनयान, और चंद्रयान -4 जैसे कई अहम् मिशन की तैयारियों में जुटा है। हम वीनस ऑर्बिटल मिशन और मार्स मिशन पर भी काम कर रहे हैं। हमारे अंतरिक्ष वैज्ञानिक अपने नवाचार से देशवासियों को नए गर्व से भरने वाले हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sun, 27 Apr 2025 16:03:47 +0530</pubDate>
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