<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/political-asylum-india/tag-85446" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Political Asylum India - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/85446/rss</link>
                <description>Political Asylum India RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>केंद्र सरकार का दावा, शेख हसीना को राजनीतिक गतिविधियों के लिए नहीं दिया गया कोई भी मंच </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने संसदीय समिति को बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारतीय भूमि से किसी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी गई है। हसीना के प्रत्यर्पण हेतु बांग्लादेश के आवेदन का कानूनी परीक्षण जारी है। समिति ने द्विपक्षीय संबंधों में सुधार, वीजा बहाली और गंगा जल संधि नवीनीकरण की सिफारिश की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/central-government-claims-sheikh-hasina-was-not-given-any-platform/article-161624"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/bangladeshi-pm-hasina.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस साल के अंत तक अपने देश लौटने के संकेतों के बीच केन्द्र सरकार ने एक संसदीय समिति को सूचित किया है कि अगस्त 2024 से देश में हसीना को भारतीय क्षेत्र से राजनीतिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कोई मंच या स्थान नहीं दिया गया है। लोकसभा में 30 जून को प्रस्तुत 'भारत-बंगलादेश संबंधों का भविष्य' शीर्षक वाली नौवीं रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई रिपोर्ट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली विदेश मामलों की संसदीय समिति ने यह भी बताया कि हसीना के प्रत्यर्पण के लिए बांग्लादेश का अनुरोध फिलहाल विचाराधीन है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति को बताया, "प्रत्यर्पण अनुरोध का परीक्षण भारत सरकार के सक्षम अधिकारियों द्वारा लागू कानून और स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार किया जा रहा है।" समिति ने टिप्पणी की कि भारत द्वारा हसीना को शरण देने का निर्णय 'गंभीर संकट या अस्तित्व के खतरे का सामना कर रहे व्यक्तियों को शरण देने की सभ्यतागत लोकाचार और मानवीय परंपरा' को दर्शाता है। इसके साथ ही समिति ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने इस सिद्धांत का पूरी तरह पालन किया है कि 'हमारी भूमि से किसी भी अन्य देश के खिलाफ कोई राजनीतिक गतिविधि संचालित न हो।'</p>
<p>समिति ने सिफारिश की कि सरकार इस दृष्टिकोण को जारी रखे, जबकि यह भी सुनिश्चित करे कि ऐसी स्थितियों को 'उचित संवेदनशीलता' के साथ संभाला जाए। यह घटनाक्रम बंगलादेश के कानून मंत्री एम असदुज्जमान के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने गुरुवार को कहा था कि यदि हसीना भारत से लौटती हैं तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार किए जाने की संभावना है। समिति ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा प्रक्रिया को जल्द से जल्द सामान्य करने का भी सुझाव दिया। समिति ने चिंता व्यक्त की कि वीजा जारी करने की संख्या में कमी से भारत और बांग्लादेश के बीच जनसामान्य की धारणा और द्विपक्षीय संबंधों दोनों को नुकसान पहुंच रहा है।</p>
<p>भारत ने अगस्त 2024 में राजनीतिक अशांति और सुरक्षा चिंताओं के कारण लगाए गए दो साल के निलंबन को समाप्त करते हुए 28 जून से बांग्लादेशी नागरिकों को पर्यटक वीजा जारी करना फिर से शुरू कर दिया है। समिति ने वीजा नीति की समीक्षा करने, शिकायतों का निवारण करने और आवश्यक सुरक्षा उपायों को बनाए रखते हुए वैध यात्रियों को असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए एक द्विपक्षीय सहयोग तंत्र बनाने की सिफारिश की। इसके अलावा, 1996 के गंगा जल समझौते की समाप्ति की अवधि नजदीक आने के बीच संसदीय समिति ने समझौते के नवीनीकरण का आह्वान किया। यह देखते हुए कि बांग्लादेश के साथ औपचारिक चर्चा अभी शुरू होनी बाकी है, समिति ने सिफारिश की कि अद्यतन आंकड़ों और जलवायु परिवर्तन के अनुमानों के आधार पर और पश्चिम बंगाल तथा बिहार सरकारों के परामर्श से 'बिना किसी देरी के' बातचीत शुरू की जाए।</p>
<p>रिपोर्ट में विदेश मंत्रालय से कहा गया है कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के मुद्दे को ढाका के साथ अपनी बातचीत में प्रमुखता से उठाता रहे। समिति ने 'बांग्लादेश में चीन की बढ़ती मौजूदगी, विशेष रूप से बुनियादी ढांचे के विकास, बंदरगाह विस्तार और रक्षा सहयोग पर चिंता व्यक्त की। समिति ने सरकार से पड़ोसी देश में विदेशी शक्तियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा, क्योंकि 'अमित्र देशों' द्वारा वहां सैन्य ठिकाना स्थापित करने का कोई भी प्रयास भारत के लिए गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा करेगा। समिति ने यह भी नोट किया कि बांग्लोदश से अवैध प्रवास 'विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती राज्यों में गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/central-government-claims-sheikh-hasina-was-not-given-any-platform/article-161624</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/central-government-claims-sheikh-hasina-was-not-given-any-platform/article-161624</guid>
                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 12:29:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/bangladeshi-pm-hasina.png"                         length="407094"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        