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                <title>White House News - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ट्रंप का बड़ा ऐलान! इस साल उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन से फिर मुलाकात करेंगे, परमाणु हथियारों पर भी किया बड़ा दावा</title>
                                    <description><![CDATA[अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह इस वर्ष के अंत में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन से मुलाकात करेंगे। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उत्तर कोरिया के पास 57 बेहद शक्तिशाली परमाणु हथियार मौजूद हैं ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-he-will-meet-north-korean-leader-kim/article-163440"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/donald-trump-123.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इस वर्ष उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन से मुलाकात करेंगे। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह बात कही। उनसे पूछा गया था कि क्या वह इस वर्ष के अंत में किम से मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा, "हां, मैं (उनसे मुलाकात) करूंगा।" उन्होंने दावा किया कि उत्तर कोरिया के पास 57 'बेहद शक्तिशाली' परमाणु हथियार हैं।</p>
<p>यह पहली बार है जब ट्रंप ने उत्तर कोरिया के परमाणु जखीरे की कोई निश्चित संख्या बतायी है। एक दिन पहले 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्रंप अपने सहयोगियों पर किम के साथ बैठक की तैयारी के लिए दबाव डाल रहे हैं। ऐसी बैठक नवंबर में चीन के शेनझेन में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन में ट्रंप की संभावित यात्रा के दौरान हो सकती है। ट्रंप ने हालांकि किम के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने की अपनी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। यह पूछे जाने पर कि क्या वह किम के साथ लिखित पत्रों के माध्यम से संपर्क में हैं, उन्होंने कहा, "मैं आपको यह नहीं बता सकता।"</p>
<p>ट्रंप ने बाद में एक अन्य संवाददाता सम्मेलन में इस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया कि किम के साथ बातचीत बहाल करने का उनका लक्ष्य अब भी उत्तर कोरिया का परमाणु निरस्त्रीकरण है या नहीं। इससे आशंका बढ़ी है कि उनका प्रशासन पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के बजाय तनाव कम करने और परमाणु जोखिम के प्रबंधन जैसे सीमित लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। ट्रंप प्रशासन इससे पहले उत्तर कोरिया के 'पूर्ण' परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति प्रतिबद्धता दोहरा चुका है।</p>
<p>ट्रंप ने कहा, "मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता, लेकिन जैसा कि आप जानते हैं, किम जोंग-उन के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं। उन्हें (जो) बाइडेन पसंद नहीं थे। उन्हें (बराक) ओबामा पसंद नहीं थे। उन्हें कोई पसंद नहीं था, लेकिन वह मुझे पसंद करता है।" ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब उनके किम के साथ व्यक्तिगत कूटनीति दोबारा शुरू करने की संभावना को लेकर अटकलें तेज हैं। अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने किम के साथ तीन बैठकें की थीं। दोनों नेताओं की पहली मुलाकात जून 2018 में सिंगापुर में, दूसरी फरवरी 2019 में हनोई में और तीसरी जून 2019 में पनमुनजोम स्थित अंतर-कोरियाई सीमा गांव में हुई थी।</p>
<p>इन अटकलों को ट्रंप के दक्षिण कोरिया-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यासों में कटौती के हालिया निर्देश से भी बल मिला है। इसे उत्तर कोरिया के प्रति एक सुलहकारी कदम के तौर पर देखा जा रहा है। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों को अपने खिलाफ युद्ध की तैयारी करार देता रहा है। यह सवाल बना हुआ है कि किम ट्रंप की पहल पर कैसी प्रतिक्रिया देंगे। रूस के साथ उत्तर कोरिया के राजनयिक, आर्थिक और सैन्य संबंधों में बढ़ोतरी तथा चीन के साथ बेहतर संबंधों ने उत्तर कोरिया की अमेरिका पर निर्भरता को पहले की तुलना में कम किया है।</p>
<p>ट्रंप की पहली प्रेस वार्ता से कुछ समय पहले ही किम जोंग-उन की प्रभावशाली बहन किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया-अमेरिका के जारी सैन्य अभ्यास में कटौती को लेकर कहा कि उत्तर कोरिया को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कदम 'टिप्पणी के लायक भी नहीं' है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप के लिए किम 'अच्छी यादें और भावनाएं' रखते हैं और दोनों नेताओं के संबंध अब भी उत्कृष्ट हैं। उनके इस बयान को अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने की संभावना के लिए एक खुला संकेत माना जा रहा है।</p>
<p>ट्रंप ने पहले उत्तर कोरिया को 'परमाणु शक्ति' कहा है, लेकिन यह पहली बार है जब उन्होंने उसके परमाणु जखीरे की कोई विशिष्ट संख्या बतायी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि उत्तर कोरिया के पास करीब 60 परमाणु हथियार हो सकते हैं और उसके पास इतनी विखंडनीय सामग्री भी हो सकती है जिससे दर्जनों और हथियार बनाए जा सकते हैं। ट्रंप ने कहा, "अगर मैं राष्ट्रपति होता तो इसकी अनुमति नहीं देता। लेकिन उसके पास ये हथियार हैं। मैं उसके साथ बहुत अच्छी तरह मिलता हूं। जब तक हमारे पास एक समझदार राष्ट्रपति है, वह ठीक रहेंगे। अगर हमारे पास कोई मूर्ख राष्ट्रपति है, तो शायद वह इतना ठीक नहीं रहेंगे।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 18:16:48 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान के साथ विवाद सुलझाने के लिए समय-सीमा तय करना मुश्किल : राष्ट्रपति ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि ईरान के साथ सैन्य तनाव सुलझाने के लिए समय-सीमा तय करना कठिन है। उन्होंने ईरान को एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी बताते हुए कहा कि पूर्व में हुआ संघर्ष विराम अब प्रभावी नहीं है, हालांकि विशेष वार्ताकारों की टीम के माध्यम से कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/president-trump-finds-it-difficult-to-set-a-deadline-to/article-161639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ विवाद को सुलझाने के लिए समय-सीमा तय करना मुश्किल है। ट्रंप ने शुक्रवार को 'रियल अमेरिकाज़ वॉयस' से कहा, "यह हमेशा मुश्किल होता है। हमने वेनेजुएला का मामला एक दिन से भी कम समय में निपटा लिया था। उसमें हमारा कोई नुकसान नहीं हुआ था। ईरान के मामले में, परिभाषाओं के आधार पर कहें तो, 16-18 लोग (प्रभावित हुए हैं)।"</p>
<p>उन्होंने माना कि चल रहे विवाद के दौरान ईरान उनकी पिछली सोच की तुलना में कहीं ज़्यादा कड़ा प्रतिद्वंद्वी साबित हुआ है। कैंप डेविड से बात करते हुए श्री ट्रंप ने कहा, "उनके पास न तो नौसेना है और न ही वायुसेना। ज़्यादातर लोग हार मान लेते। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, इसलिए मैं उन्हें इसका श्रेय देता हूं।" उनसे पूछा गया था कि इस्लामिक रिपब्लिक की क्षमताओं को कमज़ोर करने के लिए और कितने हमले करने होंगे।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, "वे बहुत सख्त माने जाते हैं। वे वाकई सख्त हैं।" ट्रंप ने उन अधिकारियों के नाम बताए जो अभी ईरान के साथ बातचीत में शामिल हैं, जिनमें विशेष दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल हैं। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "स्टीव बात कर रहे हैं, जेरेड... जेडी बहुत मज़बूती से शामिल हैं... मार्को भी शामिल हैं।" पेंटागन के 'डिफेंस कैजुअल्टी एनालिसिस सिस्टम' के अनुसार, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में मारे गए सैनिकों की संख्या 14 है। पेंटागन ने यह भी बताया कि "विदेशी अभियानों" में चार सैनिक मारे गए।</p>
<p>तेहरान और वॉशिंगटन ने 18 जून की रात एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें 28 फरवरी से शुरू हुए विवाद को खत्म करने की बात कही गई थी। हालांकि, 8 जुलाई के बाद से अमेरिकी सेना ने ईरान पर कई बार हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों के खिलाफ ईरान की कार्रवाई के जवाब में किए गए थे। ईरानी सेना ने मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमले करके जवाब दिया। ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक के बीच हुआ संघर्ष-विराम अब मान्य नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 18:31:58 +0530</pubDate>
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