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                <title>गर्मी में कई गांव प्यासे : दो माह से गहराया जल संकट</title>
                                    <description><![CDATA[कलमोदिया पंचायत में पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/several-villages-thirsty-amidst-summer-heat--water-crisis-deepens-over-two-months/article-153689"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(2)45.png" alt=""></a><br /><p>सारथल। ग्राम पंचायत कलमोदिया के करीब आधा दर्जन गांवों में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। पंचायत क्षेत्र के खेड़ी जागीर बंजारा बस्ती, कलमोदिया भील बस्ती, गोगाटोड़ी, चारपुरा, कालाटोल भील बस्ती, और सेकुड़ सहित कई गांवों में पिछले करीब दो माह से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण महिलाओं को दो से तीन किलोमीटर दूर जाकर पीने का पानी लाना पड़ रहा है। खेड़ीजागीर के ग्रामीणों देवलाल गुर्जर और अर्जुन सिंह ने बताया कि जल संकट को लेकर पंचायत प्रशासन, जलदाय विभाग और उपखंड प्रशासन को अवगत करा चुके है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ना पंचायत प्रशासन सुध ले रहा है और ना ही संबंधित विभाग है, पानी के टैंकरों की व्यवस्था कर रहा जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>समाजसेवी निजी खर्च पर कर रहे टैंकर जल सेवा</strong><br />भीषण गर्मी के बीच जल संकट से जूझ रहे कलमोदिया पंचायत के इन गांवों में कुछ समाजसेवी लोगों ने आगे आकर सहत पहुंचाने का कार्य शुरू किया है। मानवता की मिसाल पेश करते हुए समाजसेवी अपने निजी खर्च पर पिछले एक सप्ताह से इन गांवों में पानी के टैंकर पहुंचाकर लोगों और पशु-पक्षियों के लिए जल सेवा कर रहे हैं। ग्रामीणों ने ऐसे लोगों की सराहना करते हुए प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों का दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित</strong><br />जल संकट के कारण ग्रामीणों का दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। सुबह से ही महिलाएं और बच्चे पानी की तलाश में दूर-दराज क्षेत्रों की ओर निकल पड़ते हैं। कई स्थानों पर हैंडपंप और जल स्रोत सूख चुके हैं, जिससे लोगों को निजी साधनों और समाजसेवियों के सहयोग पर निर्भर रहना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में पानी की कमी से पशुधन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। समाजसेवियों द्वारा निजी खर्च पर पानी के टैंकर भेजे जाने से ग्रामीणों को अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।</p>
<p>परेशानी भीषण गर्मी में पानी की समस्या ने ग्रामीणों की बढ़ा दी है। महिलाओं को रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी भरना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक टैंकर सुविधा भी शुरू नहीं की गई।<br /><strong>-अमरलाल, ग्रामीण</strong></p>
<p>गांव में पिछले दो माह से पेयजल संकट बना हुआ है। कई बार प्रशासन और जलदाय विभाग को सूचना देने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।<br /><strong>- लल्लू सिंह, ग्रामीण</strong></p>
<p>गांवों में पानी की भारी किल्लत के कारण आमजन के साथ पशु-पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द स्थायी व्यवस्था करने और नियमित पानी के टैंकर भेजने की मांग की।<br /><strong>- अशोक मेहर, ग्रामीण</strong></p>
<p>पंचायत के इन गांव, बस्तीयों में पेयजल समस्या को लेकर एक सप्ताह पहले ही पानी टैंकर सुविधा लगाने को लेकर प्रस्ताव जलदाय विभाग को भेज रखा है।<br /><strong>- अनीता मीणा, सरपंच, कलमोदिया ग्राम पंचायत</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 15:24:23 +0530</pubDate>
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                <title>अधूरी सड़क बन रही हादसों का कारण, ग्रामीणों में रोष</title>
                                    <description><![CDATA[खड़िया-उमरदा मार्ग पर गिट्टी डालकर रोका निर्माण कार्य।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/unfinished-road-becomes-a-cause-for-accidents--villagers-outraged/article-153528"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(2)41.png" alt=""></a><br /><p>बपावरकलां। आदर्श ग्राम पंचायत खड़िया में निर्माणाधीन डामरी सड़क  ग्रामीणों के लिए परेशानी और हादसों बनाई है। का कारण बनती जा रही है।  बारां-झालावाड़ मेगा हाइवे से खड़िया होकर उमरदा जाने वाले मुख्य मार्ग पर करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में ठेकेदार द्वारा सड़क खोदकर  गिट्टी डालने के बाद निर्माण कार्य  अधूरा छोड़ दिया गया है। पिछले डेढ़  माह से बंद पड़े काम के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा खड़िया-उमरदा-अरनिया मार्ग का निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था।, ठेकेदार ने संड़क पर मोटी और नुकीली गिट्टी डाल दी, लेकिन उसके बाद कार्य बंद कर दिया। सड़क पर फैली गिट्टियों के कारण बाइक चालकों का संतुलन बिगड़ रहा है और लगातार हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में खड़िया निवासी प्रमोद मेघवाल की हो पत्नी सड़र्क पर फिसलकर घायल गई, जिससे परिवार को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। इससे पहले प्रभुलाल गोचर की पत्नी की भी इसी सड़क पर गिट्टी में श्वाइक फिसलने से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर सड़क निर्माण पूरा नहीं हुआ तो बारिश के मौसम में हालात और गंभीर हो जाएंगे।</p>
<p><strong>सड़कनिर्माण पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी</strong><br />मंडल कांग्रेस अध्यक्ष विशाल मीणा ने कहा कि सड़क निर्माण समय पर करवाना सार्वजनिक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी है। यदि डामर महंगा हो गया है तो इसका खामियाजा आमजन को नहीं भुगतना चाहिए।</p>
<p>कार्य में विलंब हुआ है। ठेकेदार को नोटिस देकर पाबंद किया जोएगा तथा जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करवाने का प्रयास किया जा रहा है। अन्यथा ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की<br />जाएगी। <br /><strong>- पवन कुमार भगत, एईएन, सार्वजनिक निर्माण विभाग सांगोद</strong></p>
<p>वह अपनी पत्नी के साथ बाइक से जा रहे थे, तभी गिट्टी में बाइक फिसल गई और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। सार्वजनिक निर्माण विभाग से जल्द सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की है।<br /><strong>- प्रमोद कुमार मेघवाल, ग्रामवासी</strong></p>
<p>यदि ठेकेदार काम करने का इच्छुक नहीं है तो विभाग किसी अन्य एजेंसी से निर्माण कार्य करवाए। जब समय पर काम पूरा नहीं करना था तो सड़क को खोदकर अधूरा क्यों छोड़ दिया गया।<br /><strong>- हरिराम, ग्रामीण</strong></p>
<p>पूरी विधानसभा क्षेत्र में कई कई सड़कें इसी तरह अधूरी पड़ी हैं और लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। <br /><strong>- मिर्जाशकील अहमद, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, सांगोद</strong></p>
<p><strong>जल्द शुरू करवाया जाएगा निर्माण कार्य</strong><br />भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश शर्मा ने बताया कि ठेकेदार से बातचीत की गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि डामर महंगा होना देरी का कारण हो सकता है, लेकिन कार्यसमय पर पूरा होना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 14:44:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर का  खबर : झूलती 11 केवी लाइन का खतरा टला, नए पोल लगाकर ऊंचे किए तार </title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासन के निर्देश पर विद्युत विभाग ने मौके पर समस्या का तुरंत समाधान कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/impact-of-the-report--threat-posed-by-sagging-11-kv-line-averted--wires-raised-by-installing-new-poles/article-152632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>सारथल। सारथल उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गांगटी में मुख्य सड़क मार्ग पर झूल रही 11 केवी विद्युत लाइन से बना बड़ा खतरा अब टल गया है। 2 मई को दैनिक नवज्योति में “हाई वोल्टेज लाइन से खतरा” शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और गांगटी ग्राम पंचायत में झूल रही 11 केवी विद्युत लाइन की समस्या का त्वरित समाधान करते हुए तारों को ऊंचा कर आमजन के लिए मार्ग को सुरक्षित बना दिया। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए विद्युत विभाग को आवश्यक निर्देश दिए, जिसके बाद मौके पर समस्या का समाधान कर दिया।</p>
<p><strong>उपखंड अधिकारी ने दिए शीघ्र कार्यवाही के निर्देश </strong><br />ग्रामीणों ने पूर्व में छीपाबड़ौद उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गांगटी से पाडलिया जाने वाले मुख्य मार्ग पर झूलते बिजली तारों से उत्पन्न खतरे से अवगत कराया था। इस पर उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्युत विभाग हरनावदाशाहजी के सहायक अभियंता को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। सहायक अभियंता विकास कुमार महावर ने बताया कि आमजन की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में तत्परता दिखाते हुए रविवार को कनिष्ठ अभियंता मदनलाल मीणा के नेतृत्व में विभागीय टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मार्ग के दोनों ओर नए विद्युत पोल खड़े कराकर तारों को ऊंचा कराया, जिससे आवागमन सुरक्षित हो गया।</p>
<p><strong>पहले विद्युत लाइन नीचे झूलने से बना रहता था खतरा </strong><br />पीडब्ल्यूडी द्वारा मार्ग पर नई पुलिया निर्माण के कारण विद्युत लाइन की ऊंचाई कम हो गई थी। इस संबंध में विद्युत विभाग ने फरवरी माह में ही पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र लिखकर सचेत किया था, लेकिन समय पर ध्यान नहीं दिए जाने से समस्या उत्पन्न हुई। ग्रामीणों के अनुसार, पहले खाल के समीप विद्युत लाइन काफी नीचे झूल रही थी, जिससे ट्रैक्टर, स्कूल बस सहित बड़े वाहनों के गुजरने में खतरा बना रहता था। अब समस्या के समाधान के बाद गांगटी और पाडलिया के ग्रामीणों ने दैनिक नवज्योति का आभार जताया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 15:17:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रंगराजपूरा मुख्य सड़क जर्जर : किनारों पर मिट्टी फैलने से मार्ग संकरा, नवीन निर्माण की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[ डामर उखड़ने से कच्चे मार्ग में तब्दील, जगह-जगह गड्ढे होने से आमजन परेशान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/rangrajpura-main-road-in-dilapidated-state--encroaching-soil-narrows-path--demand-for-new-construction/article-148855"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। अरनेठा क्षेत्र के रंगराजपूरा गांव की मुख्य सड़क इन दिनों जर्जर हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं तथा डामर उखड़ने से मार्ग कच्चे रास्ते में तब्दील होता जा रहा है। ग्रामीण किशन गोपाल मीणा ने बताया कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित की गई थी, लेकिन लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और किनारों पर मिट्टी फैलने से मार्ग संकरा हो गया है। इसके चलते पैदल राहगीरों, किसानों एवं वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p>ग्रामीणों को सिर पर सामान लेकर पैदल चलने को मजबूर होना पड़ रहा है, वहीं दोपहिया वाहन चालक भी सावधानीपूर्वक गुजर रहे हैं। प्रतिदिन विद्यालय आने-जाने वाले बच्चे भी सड़क की खराब स्थिति के कारण चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र ही सड़क का नवीन निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />रंगराजपूरा की क्षतिग्रस्त सड़क मेरी जानकारी में हैं। इसको इब्ल्यूएम डलवाकर ठीक करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- राजाराम मीणा, एक्सईएन, पीडब्लूडी, लाखेरी।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:27:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कस्बे में पेयजल स्रोतों की स्थिति खराब : अव्यवस्थित प्याऊ, जर्जर व गंदे जल स्रोत बने खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[खेळ में काई, गंदा पानी जमा होने व आसपास  जर्जर लोहे के टुकड़े बिखरे होने से मवेशियों की जान  को खतरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/poor-state-of-drinking-water-sources-in-town--neglected-water-kiosks-and-dilapidated-sources-become-a-hazard/article-148852"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(3)5.png" alt=""></a><br /><p>कनवास। कनवास में पेयजल  व्यवस्था की बदहाल स्थिति अब गंभीर खतरे का रूप ले चुकी  है। गंदे पानी और  विद्युत करंट के खतरे से आमजन और मवेशियों की जान जोखिम में बनी हुई है।कस्बे में पेयजल स्रोतों की अनदेखी के चलते हालात चिंताजनक हो गए हैं। मवेशियों और आमजन के लिए बनाए गए जल स्रोत जहां अस्वच्छ हो चुके हैं, वहीं कई स्थानों पर करंट का - खतरा भी बना हुआ है। जानकारी के अनुसार कस्बे में मवेशियों के लिए केवल तीन पानी के खेळ हैं, जबकि पंचायत समिति सदस्य महावीर मेरोठा द्वारा ग्रामीणों और राहगीरों के लिए करीब 6 से 7 ठंडे पानी के प्याऊ स्थापित किए गए थे। लेकिन नियमित देखरेख के अभाव में इनकी स्थिति खराब हो चुकी है।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि प्याऊ पर उपलब्ध पानी गंदा और अस्वच्छ है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। वहीं कई प्याऊ विद्युत चालित होने के कारण उनमें पहले भी करंट आने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मवेशियों के लिए बनी पानी की खेळों की स्थिति भी खराब है। वहां गंदा पानी जमा है और आसपास नुकीले व जर्जर लोहे के टुकड़े व पत्थर बिखरे पड़े हैं, जिससे मवेशियों के घायल होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों के अनुसार चित्तौड़ा कुंड स्थित खेळ पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने लगाई प्रशासन से गुहार</strong><br />स्थानीय ग्रामीण घनश्याम कुमावत, राम प्रताप बेरवा और मुकुट मेरोठा ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं कपिल गौतम, बंसीलाल वर्मा, धर्मेंद्र बेरवा और मुकेश मिस्त्री ने बताया कि प्याऊ की नियमित सफाई और विद्युत कनेक्शन की जांच नहीं होने से खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल स्रोतों की तत्काल सफाई, मरम्मत और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा विद्युत कनेक्शनों की जांच कर संभावित हादसों को रोका जाए।</p>
<p>मामले की जांच करवाकर सफाई करवा दी जाएगी तथा बिजली कनेक्शन की भी जांच कराई जाएगी। ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।<br /><strong>-कुशलेश्वर सिंह, बीडीओ, सांगोद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:26:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मांडूहेड़ा गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय का मामला : भवन के अभाव में छोटे टीन शेड के नीचे पढ़ने को मजबूर नौनिहाल</title>
                                    <description><![CDATA[ जर्जर भवन के बाद नहीं बना नया स्कूल, घोषणाओं के बावजूद निर्माण अधूरा; ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/case-of-the-government-primary-school-in-manduheda-village--young-children-forced-to-study-under-a-small-tin-shed-due-to-lack-of-a-building/article-147086"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/manduhera-gaanv-k-rajakey-prathamik-vidyalay-ka-mamala-bhavan-k-abhav-mein-chhote-teen-shed-k--niche-padhane-ko-majaboor-naunihal...kanwas,-kota-news-19.03.2026.jpg.jpeg" alt=""></a><br /><p>कनवास। कनवास उपखंड क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामने आई है, जहां ग्राम पंचायत मामोर के गांव मांडूहेड़ा में राजकीय प्राथमिक विद्यालय भवन के अभाव में बच्चे टीन शेड के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। जानकारी अनुसार कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को खुले आसमान के नीचे या ग्रामीणों द्वारा चंदे से बनाए गए छोटे टीन शेड में पढ़ाई करनी पड़ रही है। गर्मी, सर्दी और बारिश के बीच पढ़ाई करने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता रामेश्वर मामोर ने बताया कि सांगोद पंचायत समिति क्षेत्र के इस गांव में पुराना स्कूल भवन जर्जर होने के कारण पहले ही गिर चुका है, लेकिन अब तक नए भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।</p>
<p><strong>जनप्रतिनिधियों की घोषणाएं भी अधूरी </strong></p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की घोषणाएं भी अधूरी साबित हो रही हैं। ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर द्वारा विद्यालय भवन के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। गौरतलब है कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी इसी जिले से हैं, इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना सवाल खड़े करता है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार </strong></p>
<p>ग्रामीण मुकेश मेघवाल, ओमप्रकाश, छोटूलाल, रामचंद्र नागर, रिंकू एरवाल, दिग्विजय सिंह, भेरूलाल, रामप्रसाद बेरवा और शशिकांत मेघवाल सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द विद्यालय भवन का निर्माण कराया जाए। गांव के अधिकांश विद्यार्थी दलित समुदाय से हैं। ग्रामीणों का कहना है कि संसाधनों के अभाव में बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, विशेषकर बरसात और तेज गर्मी के दौरान हालात और अधिक गंभीर हो जाते हैं।</p>
<p><strong>- रामेश्वर मामोर, आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता</strong></p>
<p>नए भवन के लिए एडीपीसी को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।</p>
<p><strong>- आनंद स्वरूप बड़ोलिया, कार्यवाहक सीबीईओ, शिक्षा विभाग</strong><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 17:29:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हर घर नल योजना बनी 'हर घर समस्या', सहरिया बस्तियों में सूखे नल</title>
                                    <description><![CDATA[कनेक्शन दिए, पाइप डाले पर पानी नहीं, गर्मी शुरू होते ही ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/-har-ghar-nal--scheme-turns-into--har-ghar-samasya---problem-in-every-home---taps-run-dry-in-sahariya-settlements/article-146680"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(4)9.png" alt=""></a><br /><p>राजपुर। सहरिया अंचल क्षेत्र में सर्दी विदा होते ही गर्मी ने दस्तक दे दी है और इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट भी सामने आने लगा है। पीएम जनमन योजना के तहत सहरिया परिवारों को हर घर नल कनेक्शन दिए गए थे लेकिन कई गांवों में नलों में पानी नहीं पहुंचने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लगे नल केवल शोपीस बनकर रह गए हैं और ग्रामीणों को जरूरत का पानी इधर-उधर से लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी गर्मी का शुरूआती दौर है और पानी की कमी महसूस होने लगी है। आने वाले दिनों में जब भीषण गर्मी पड़ेगी तो समस्या और गंभीर हो जाएगी। वर्तमान में लोग दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर हैं। शाहाबाद उपखंड क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों की सहरिया बस्तियों में यही हालात बने हुए हैं। शाहाचाद, राजपुर, मामोनी, शुभघरा, मझारी, मुगावली, आबादी, किराड़ पहाड़ी और बेहटा सहित कई गांवों की बस्तियों में नलों में पानी नहीं आ रहा है, जिससे ग्रामीणों को रोजाना पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान</strong><br />ग्रामीण आनंदपुर निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र नाथूलाल सहरिया, किराड़ पहाड़ी निवासी चिरंजीलाल सहरिया, घनश्याम सहरिया, राजकुमार, मामोनी निवासी प्रेमचंद ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों तथा ग्राम विकास अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सर्दी के मौसम में पानी की समस्या कम रहती थी, लेकिन गर्मी शुरू होते ही पेयजल संकट गहराने लगा है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर एवं विधायक को ज्ञापन भेजकर पीएम जनमन योजना के तहत किए गए कार्यों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हर घर नल योजना के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी किया गया, लेकिन धरातल पर लोगों को पानी नहीं मिल रहा है और कागजों में ही सप्लाई दिखा दी गई है। नल कनेक्शन किए गए हैं लेकिन उनमें टोटी नहीं लगाई गई है। कई लोगों ने तो नलों की लाइनों में शराब के खाली पव्वे लगा रखे हैं।</p>
<p><strong>महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी</strong><br />ग्रामीणों का कहना है कि पानी की समस्या का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। उन्हें रोजाना दूर-दूर के कुओं और हैंडपंपों से पानी लाना पड़ रहा है। कई बार सुबह और शाम लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे समय और अम दोनों की बबार्दी होती है।</p>
<p><strong>नल बने शोपीस</strong><br />कई सहरिया बस्तियों में नल कनेक्शन तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आने से ये केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। कुछ जगहों पर तो नलों में टोटियां तक नहीं लगाई गई हैं, जिससे योजना की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p><strong>जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप</strong><br />ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या को ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है।</p>
<p><strong>जल्द समाधान की उम्मीद</strong><br />ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द ही जांच करवाएगा और अधूरे कार्यों को पूरा कराकर पानी की नियमित सप्लाई शुरू कराएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कई परिवारों के घरों में नल कनेक्शन तो लगाए गए, लेकिन आज तक उनमें पानी की एक बूंद भी नहीं आई। ठेकेदार ने केवल औपचारिकता पूरी करते हुए कनेक्शन दे दिए, जबकि कई स्थानों पर पाइप लाइन को टंकियों से जोड़ा ही नहीं गया, जिससे पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई।<br /><strong>- राहुल, ग्रामीण</strong><br /> <br />ठेकेदारने पाइप लाइन तो बिछा दी, मगर कई जगह उसे पानी की टंकी से जोड़ा ही नहीं गया।<br /><strong>- रामजीलाल, ग्रामीण</strong></p>
<p>ठेकेदार ने अधूरा काम छोड़ दिया और कई पाइप लाइनें टंकियों से जुड़ी ही नहीं<br /><strong>- राजेन्द्र, ग्रामीण</strong></p>
<p>नल कनेक्शन तो दिए गए, लेकिन उनमें पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई। जिसके कारण नल केवल शोपीस बनकर रह गए हैं।<br /><strong>- चिरंजीलाल सहरिया, ग्रामीण</strong></p>
<p>मामले को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही पीएचईडी विभाग के एईएन से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।<br /><strong>- हर्ष महावर, विकास अधिकारी</strong></p>
<p>पीएचईडीविभाग से समन्वय कर शीघ्र ही पानी की समस्या का निराकरण कराया जाएगा।<br /><strong>-जब्बर सिंह, अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं सहरिया परियोजना अधिकारी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 14:52:31 +0530</pubDate>
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                <title>लबानिया चौराहे पर लगातार हो रहे हादसों से आक्रोश,स्पीड ब्रेकर लगवाने की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[मेगा हाइवे पार कर विद्यालय जाने वाले बच्चों की सुरक्षा पर खतरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/recurrent-accidents-at-the-labania-intersection-have-sparked-outrage--and-a-demand-for-a-speed-breaker/article-142595"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(8)1.png" alt=""></a><br /><p>बपावरकलां। कैथून-धरनावदा मुख्य मार्ग पर स्थित लबानिया चौराहे पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। शुक्रवार रात एक अज्ञात ट्रैक्टर द्वारा चौराहे पर नंदी महाराज को टक्कर मार दिए जाने की घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर में गिट्टी और सरिया भरा हुआ था। जिससे चालक समय पर ब्रेक नहीं लगा सका। ग्रामीणों का कहना है कि चालक को यह जानकारी होने के बावजूद कि आगे आबादी क्षेत्र है,वाहन की गति कम नहीं की गई। चौराहे के पास ही राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लाबानिया स्थित है। जहां विद्यार्थियों को प्रतिदिन मेगा हाइवे पार कर विद्यालय जाना पड़ता है। जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी</strong><br />गोसेना एवं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि दस दिनों के भीतर स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए गए तो वे सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में जब संबंधित विभाग के अधिकारी राज विजयवर्गीय से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें अभी जानकारी मिली है और ग्रामीणों की मांग को देखते हुए शीघ्र ही स्पीड ब्रेकर लगवाए जाएंगे।</p>
<p><strong>स्पीड ब्रेकर के अभाव में हो सकता है बड़ा हादसा</strong><br />ग्रामीणों ने मांग की है कि लबानिया चौराहे पर दोनों ओर बड़े स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं। ताकि वाहन चालक गति नियंत्रित कर सकें और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ब्रेकर नहीं लगाए गए तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />हमें घटना की जानकारी नहीं है। ग्रामीणों की मांग है तो जल्दी ही ब्रेकर लगवा दिए जाएंगे।<br /><strong>- राज विजयवर्गीय, आरएसआरडी अधिकारी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:56:56 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>आजादी के बाद भी डडवाड़ा गांव पक्की सड़क से वंचित, बरसात में कट जाता है संपर्क</title>
                                    <description><![CDATA[चारपाई पर मरीज को कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/even-after-independence--dadwara-village-remains-without-a-paved-road--connectivity-is-cut-off-during-the-rainy-season/article-140115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(2)31.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। खरायता पंचायत के डडवाड़ा गांव में आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को पक्की सड़क नसीब नहीं हो सकी है। गांव तक पहुंचने वाला रास्ता आज भी कच्चा है, जो बरसात के मौसम में कीचड़ में तब्दील हो जाता है। ऐसे में गांव का संपर्क न केवल आसपास के गांवों से, बल्कि पंचायत मुख्यालय से भी लगभग कट जाता है।</p>
<p>ग्रामीण विनोद मीणा ने बताया कि डडवाड़ा गांव में करीब 60 से अधिक घरों की आबादी निवास करती है। यह बस्ती मुख्य सड़क से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन आज तक यहां पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। बरसात के दिनों में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि बीमारों को अस्पताल ले जाना तक मुश्किल हो जाता है। कई बार चारपाई पर मरीज को कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ता है। ग्रामीण राधेश्याम, अखिलेश मीणा, हरिप्रसाद, गोबरीलाल, गजानंद सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि स्कूली छात्र-छात्राओं को भी रोजाना इसी कच्चे रास्ते से गुजरकर स्कूल जाना पड़ता है। बारिश में फिसलन और कीचड़ के कारण बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड पंच, सरपंच, प्रधान, विधायक, सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार पक्की सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले। चुनाव के समय वादे जरूर किए जाते हैं, पर बाद में समस्या जस की तस बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र पक्की सड़क निर्माण की मांग की है, ताकि वर्षों पुरानी इस समस्या से निजात मिल सके।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />ग्राम सभा में  डामरीकरण अथवा सी सी सड़क के निर्माण के लिये कई बार प्रस्ताव लेकर सक्षम अधिकारियों समेत जनप्रतिनिधियों को भिजवा चुके है परन्तु अब तक स्वीकृति नही मिली है सड़क पर आवश्यकतानुसार ग्रेवल करवाया जा चुका है परन्तु बरसात में परेशानी आती है। <br /><strong>- बद्रीलाल मीणा सरपंच खरायता</strong></p>
<p>जिला परिषद की बैठकों में कई बार इस इस मामले उठा गया है परन्तु विभाग के अधिकारियों ने इस सड़क के पस्तावो को प्राथमिकता नही लेने से समस्या बनी हुई है सड़क निर्माण के प्रयास जारी है <br /><strong>- के.सी. वर्मा, जिला परिषद सदस्य। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 17:48:04 +0530</pubDate>
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                <title>सालभर में जर्जर हुआ पापड़ी ओवरब्रिज, भारी वाहनों की आवाजाही से पुल में कंपन</title>
                                    <description><![CDATA[पुल पर तेज रफ्तार में चढ़ने वाले वाहन कमजोर हिस्सों को और नुकसान पहुंचा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/papri-overbridge-deteriorates-within-a-year--heavy-vehicle-traffic-causes-vibrations-in-the-bridge/article-138860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग पर कोटा-दौसा मेगा हाईवे स्थित पापड़ी गांव के समीप निर्मित ओवरब्रिज सालभर में ही बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। वाहनों का आवागमन शुरू होने के कुछ ही महीनों बाद पुल की सीसी सतह में गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। कई स्थानों पर डामर उखड़कर सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। एक्सप्रेसवे के भारी वाहनों की आवाजाही से पुल में कंपन महसूस किया जा रहा है, जिससे दरारें और टूट-फूट बढ़ती जा रही हैं। इससे ग्रामीणों में हादसे की आशंका को लेकर भय का माहौल है।</p>
<p><strong>भारी वाहनों से बढ़ा दबाव, जाम की स्थिति</strong><br />जिला परिषद सदस्य केसी वर्मा एवं सहकारी अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि रोजाना हजारों वाहन इस ओवरब्रिज से गुजरते हैं। क्षतिग्रस्त स्थिति के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खरायता सरपंच बद्री लाल मीणा व लबान सरपंच बुद्धि प्रकाश मीणा ने बताया कि दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस वे के भारी वाहन भी इसी पुल से गुजर रहे हैं। तेज रफ्तार में चढ़ने वाले वाहन कमजोर हिस्सों को और नुकसान पहुंचा रहे हैं। पुल की एप्रोच सड़कें गहरे गड्ढों से भरी हैं, जिससे दुपहिया वाहन चालक रोज दुर्घटना से बाल-बाल बच रहे हैं।</p>
<p><strong>डिजाइन पर भी सवाल</strong><br />लबान निवासी रामावतार मीणा व गुहाटा निवासी रामहेत मीणा ने बताया कि एल-आकार की डिजाइन और तीखे घुमावों के कारण बड़े लोडिंग वाहन आसानी से मुड़ नहीं पाते, जिससे बार-बार जाम की स्थिति बनती है।</p>
<p><strong>निर्माण अवधि पर उठे सवाल</strong><br />जानकारी के अनुसार ओवरब्रिज का प्रस्ताव 2012 में स्वीकृत हुआ, 2018 में निर्माण शुरू हुआ और 2025 की शुरूआत में इसे जनता के लिए खोला गया, लेकिन छह माह में ही यह जर्जर होने लगा। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन, पीडब्ल्यूडी व रेलवे विभाग से तत्काल मरम्मत और समाधान की मांग की है।</p>
<p> एक्सप्रेस-वे के ट्रैफिक को मेगा हाइवे से डायवर्ड करने के लिये उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है,जल्द ही समाधान की उम्मीद है।<br /><strong> - राहुल पाटील, मैनेजर, रिडकोर मेगाहाइवे</strong></p>
<p>उच्च स्तर पर अधिकारों को समस्या की गम्भीरता से अवगत करवा रखा है। एक्सप्रेस के ट्रैफिक को डायवर्ड करने पर ही समस्या का समाधान होगा। समय-समय पर मरम्मत करवाई जाती है।<br /><strong> - एस के सिंघल, अधिशाषी अभियंता,लाखेरी</strong></p>
<p>समस्या के स्थायी समाधान के लिये एक्सप्रेस के दूसरे खण्ड के अधूरे निर्माण को त्वरित गति करवाया जा रहा है। मार्च महीने तक लबान से सवाईमाधोपुर के बीच एक्सप्रेस पर वाहनों का आवागमन शुरू करने के प्रयास है।<br /><strong> - संजीव अग्रवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर, एक्सप्रेस-वे एनएचआई</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 15:44:34 +0530</pubDate>
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                <title>चंबल के किनारे बसी आबादी को नहीं मिल रहा पेयजल </title>
                                    <description><![CDATA[अवैध कनेक्शन से मोटर  जलने  और केबल चोरी की घटनाएं आम हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/population-living-along-the-chambal-river-banks-not-receiving-drinking-water/article-138584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px13.png" alt=""></a><br /><p>भैंसरोड़गढ़। राणा प्रताप सागर बांध से पूरे प्रदेश में जलापूर्ति होने के बावजूद रावतभाटा नगरपालिका क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाड़ोलिया में कई वर्षां से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणें का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही और अवैध नल कनेक्शन के चलते पीने के पानी की आपूर्ति बूंद-बूंद तक सीमित हो गई है। जबकि निजी कनेक्शन के माध्यम से पानी की बबार्दी जारी है। ग्रामवासियों ने बताया कि नगर पालिका में विलय के बाद से उन्हें पानी के लिए लगातार टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अवैध कनेक्शन से मोटर पर अत्यधिक लोड पड़ता है। जिसके बार-बार मोटर जल जाती है और केबल चोरी की घटनाएं आम बात हो गई है। इसके चलते न केवल पीने का पानी प्रभावित हुआ है,बल्कि ग्रामीणों पर आर्थिक और मानसिक बोझ भी बढ गया है।     </p>
<p><strong>मोटर और पाइप लाइन में बार-बार आग लगने से बढी परेशानी </strong><br />ग्रामवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि  मोटर और पाइप लाइन में बार-बार आग और चोरी की घटनाएं हो रही है, बावजूद इसके पुलिस और नगर पालिका द्वारा कोई ठेोस कार्रवाई नहीं की जा रही। तहसीलदार और नगरपालिका प्रशासन द्वारा टेक्स्ट संदेश के माध्यम से शिकायतें तो प्राप्त हुई, लेकिन समाधान अब तक नहीं हो पाया। </p>
<p>कई स्थानों पर कर्मचारी अपने घर पर पानी का उपयोग खेती के लिए कर रहे है, जबकि निजी वाहन धोने के लिए भी पानी का उपयोग किया जा रहा है। <br /><strong>-अंजलि, गृहणी।</strong></p>
<p>हमारे घरों में तो पीने का पानी नहीं आ रहा, वहीं नगर पालिका द्वारा नियुक्त कर्मचारी चार महीने से भुगतान न मिलने के कारण समय पर नहीं खोलते।                                                             <br /><strong>-ममता, गृहणी।</strong></p>
<p>हमारे यहां जिस मोटर से पानी आता है वहां की कभी केबल चोरी हो जाती है तो कभी केबल में आग लगा दी जाती है।  पूर्व में ना तो किसी सचिव ने और वर्तमान में किसी कर्मचारी या नगर पालिका ने केबल चोरी की शिकायत पुलिस थाने में नहीं की।  जिसे चोरों के हौसले बुलंद है। <br /><strong>-मयंक, ग्रामवासी। </strong></p>
<p>समस्या का अतिशीघ्र समाधान किया जाएगा। जलापूर्ति की व्यवस्था सुचारू करने के लिए कदम उठाए जा रहे है। <br /><strong>- विवेक गरासिया, तहसीलदार। </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 16:00:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चारागाह भूमि की खुदाई के दौरान मिला सिल्वर का देग</title>
                                    <description><![CDATA[सींदडा गांव में चरागाह भूमि की खुदाई के दौरान 10 फीट नीचे एक चांदी का देग मिला है। पुलिस ने इसे जब्त कर ट्रेजरी में रखवाया है, जिसे पुरातत्व विभाग खोलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/silver-cauldron-found-during-digging-of-pasture-land/article-138304"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/niwai.png" alt=""></a><br /><p>निवाई। ग्राम पंचायत सींदडा के गांव देवरी में शनिवार खुदाई के दौरान देग मिलने की सूचना पर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। जानकारी के अनुसार शनिवार शाम 4 बजे चरागाह भूमि पर कुछ ग्रामीणों ने ताजा गुलाब की पत्तियां बिखरी हुई और एक चप्पल जोडी दिखाई दी। ग्रामीणों ने मामले से सरपंच रामसहाय मीणा को अवगत कराया। सरपंच ने पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी। मौके पर ग्रामीणों ने इस स्थान पर शव दबा होने की बात कहीं। जेसीब बुलाकर इस स्थान पर खुदाई करवाई गई। </p>
<p>खुदाई के दौरान जमीन में लगभग 10 फीट नीचे एक सिल्वर का देग निकाला। देग देखकर ग्रामीणों ने खजाना मिलने की संभावना जताई। सूचना पर थानाधिकारी घासीराम, तहसीलदार नरेश गुर्जर, भू अभिलेख अधिकारी लक्ष्मण मीणा मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी देग को थाने पर ले आए। तहसीलदार ने बताया कि कलक्टर के आदेश अनुसार देग को ट्रेजरी ऑफिस में सुरक्षित रखवा सुरक्षा में दो जवान तैनात किए गए। पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में ही देग को खोला जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 13:04:56 +0530</pubDate>
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