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                <title>दियो के अलावा नायकों के कर्तव्य पथ से भी हुई थी जगमग दीपावली, पुलिस, डॉक्टर, रेलवे कर्मियों ने निभाया फर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[नायकों की ड्यूटी और समर्पण ने पूरे शहर को सिखाया दीपावली का असली अर्थ।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/diwali-was-illuminated-not-only-by-lamps-but-also-by-the-path-of-duty-of-these-heroes--police--doctors--and-railway-workers-fulfilled-their-responsibilities/article-131064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/diyo-k-alawa-nayako-k-kartavya-path-s-bhi-hui-thi-jagmag-deepwali,-police,-doctor,-railway-karmiyo-ne-nibhaya-farz...kota-news-31.10.2025.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। त्योहारों के रंग, रोशनी और उत्सव के बीच जब हर कोई अपने परिवार के साथ दीपावली की खुशियां मना रहा था, तब कोटा शहर के कुछ असली नायक अपनी ड्यूटी निभाने में व्यस्त थे। इन नायकों की दीपावली रोशनी और पटाखों से नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य, त्याग और सेवा की ज्योति से जगमगाई। पुलिसकर्मी, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और रेलकर्मी इस दीपावली पर भी अपने घर-परिवार से दूर रहकर समाज के लिए रोशनी फैलाते रहे। इन नायकों की ड्यूटी और समर्पण ने पूरे शहर को यह सिखाया कि दीपावली का असली अर्थ केवल घर को सजाना नहीं, बल्कि किसी के जीवन में प्रकाश फैलाना है। यही सेवा का दीप, मानवता की सबसे बड़ी ज्योति है। कोटा की इस दीपावली ने यह साबित किया कि सच्ची रोशनी दीयों की लौ से नहीं, बल्कि उन लोगों के समर्पण से फैलती है जो समाज की सेवा में खुद को समर्पित कर देते हैं। </p>
<p><strong>सुरक्षा की ड्यूटी ही बन गई दीपावली</strong><br />शहर की सड़कों पर शांति बनाए रखने के लिए कोटा पुलिस की टीमें दिन-रात मुस्तैद रहीं। थाना चौकियों से लेकर बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों तक पुलिसकर्मी चौकसी में तैनात रहे। दीपावली की रात हमारे लिए ड्यूटी की सबसे लंबी रात होती है। परिवार जब घर पर पूजा करता है, तब हमारा ध्यान लोगों की सुरक्षा लगता रहता है। हमारी चौकसी से न केवल यातायात सुचारु रहा, बल्कि दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाएं भी ना के बराबर रही। जब शहरवासी सुकून से दीप जलाते रहे तब पुलिस कर्मियों ने वर्दी की शपथ को निभाते हुए त्योहार पर लोगों को राहत पहुंचाई।<br /><strong>- राकेश मीणा, हैड कांस्टेबल, ट्रॉफिक पुलिस कोटा</strong></p>
<p><strong>आपातकालीन सेवा ही बनी सबसे बड़ा उत्सव</strong><br />कोटा के मेडिकल कॉलेज संबंद्ध अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड में दीपावली की रात भी गतिविधियां सामान्य दिनों की तरह ही जारी रहीं। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के लिए वहां आने वाला हर मरीज उनके लिए दीप का उजाला था। हमारे लिए किसी की जान बचाना ही सबसे बड़ा लक्ष्मी पूजन है। दीपावली की रात भी हादसे होते हैं, इसलिए हमारा अस्पताल में होना जरूरी है। हमने वीडियो कॉल पर घरवालों को शुभकामनाएं दीं और आॅनलाइन लक्ष्मीपूजन किया। जब किसी मरीज को राहत मिलती है, तो वही हमारे लिए सच्ची दीपावली होती है। यह भावना ही सेवा को पूजा बनाती है।<br /><strong>- डॉ. निर्मल कुमार गुप्ता, विभागाध्यक्ष, प्लास्टिक सर्जरी विभाग, मेडिकल कालेज कोटा</strong></p>
<p><strong>रेलवे कर्मियों का अनोखा त्याग</strong><br />कोटा रेलवे स्टेशन पर त्योहारों की भीड़ के बीच रेलकर्मी भी ड्यूटी पर तैनात रहते है। ट्रेनों की आवाजाही से लेकर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा तक, सब कुछ सुचारु रखने में हमारी भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। हमारी दीपावली तब पूरी होती है जब यात्री सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच जाए। यही हमारे लिए सबसे बड़ा तोहफा होता है। हमारा स्टाफ 24 घंटे सेवाओं में लगे रहते है ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो। त्योहारों पर अपने परिवार से दूर रहकर भी हम खुश हैं क्योंकि हमारा काम ही यात्रियों की खुशी की वजह बनता है।<br /><strong>- दीपक शर्मा, सीटीआई रेलवे मंडल, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 15:34:31 +0530</pubDate>
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                <title>राष्ट्रपति भवन में देश के विरों का सम्मान : अभिनंदन वीर चक्र और प्रकाश जाधव  कीर्ति चक्र से सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[ राष्ट्रपति भवन में आयोजित हुआ रक्षा अलंकरण समारोह।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8---%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B6-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%B5--%E0%A4%95%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%9A%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-2620"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/71.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अदम्य साहस और  अपनी वीरता के पराक्रम से मातृभूमि की रक्षा करने वाले सशस्त्र सेनाओं के जाबांजों को आज यहां वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जिनमें वायु सेना के ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान को बालाकोट स्ट्राइक के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति कोविंद ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में ग्रुप कैप्टन वर्धमान को वीर चक्र और सेना  नायक सोमबीर को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया है।<br /><br /> ग्रुप कैप्टन वर्धमान ने आतंकवादियों के ठिकानों पर सेना की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के जवाबी हमले के दौरान  27 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के एफ 16 विमान को मार गिराया था। जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए सेना के सिपाही प्रकाश जाधव को मरणोपरत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।राष्ट्रपति ने अलंकरण समारोह में कई अन्य शूरवीरों को भी वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया। इन पुरस्कारों की घोषणा पहले ही की जा चुकी थी और राष्ट्रपति कोविंद ने सोमवार ये पुरस्कार विधिवत रूप से प्रदान किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Nov 2021 17:34:08 +0530</pubDate>
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                <title>न्यूजीलैंड को आठ विकेट से हरा पहली बार जीता टी-20 विश्व कप का खिताब</title>
                                    <description><![CDATA[आस्ट्रेलिया टी-20 का नया चैंपियन : जीत के हीरो : मिशेल मार्श (नाबाद 77), डेविड वार्नर (53) और जोश हेजलवुड (16/3 विकेट)]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%86%E0%A4%A0-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%9F%E0%A5%80-20-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A4%AA-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AC/article-2379"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/111.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>दुबई।</strong> मिशेल मार्श के 50 गेंद में नाबाद 77 रन और डेविड वॉर्नर के अर्धशतक की मदद से वनडे क्रिकेट में पांच बार की विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को न्यूजीलैंड को आठ विकेट से हराकर पहली बार टी-20 विश्व कप जीत लिया। पहले बल्लेबाजी के लिए भेजी गई न्यूजीलैंड टीम ने कप्तान केन विलियमसन की 48 गेंद में 85 रन की पारी की मदद से चार विकेट पर 172 रन बनाए। जवाब में बड़े मैचों के खिलाड़ी वॉर्नर (38 गेंद में 53 रन) और मार्श ने सात गेंद बाकी रहते महज दो विकेट खोकर टीम को जीत दिलाई। मार्श ने अपनी पारी में छह चौके और चार छक्के लगाए जिनमें से ईश सोढी को जड़े दो छक्के शानदार रहे। टी-20 विश्व कप टीम में अपने चयन को लेकर हुई आलोचना का उन्होंने करियर की सबसे यादगार पारी खेलकर जवाब दिया।<br /> <br /> <strong>इसी मैदान पर आईपीएल में छिनी वार्नर की कप्तानी</strong><br /> इसी मैदान पर आईपीएल की एक टीम द्वारा अपमानित हुए वॉर्नर ने इस जीत में अहम भूमिका निभाई। आईपीएल में वॉर्नर की कप्तानी छीनी गई और उन्हें आखिरी मैचों में टीम में जगह भी नहीं दी गई थी। उन्होंने टी-20 प्रारूप में ही सबसे बड़े मंच पर यादगार पारी खेलकर आलोचकों का मुंह बंद किया।<br /> <strong><br /> काम न आई विलियम्सन की पारी</strong><br /> पहले बल्लेबाजी के लिये भेजी गई न्यूजीलैंड टीम पहले दस ओवर में रन बनाने के लिये जूझती नजर आई । मार्टिन गुप्टिल ने 35 गेंद में 28 रन बनाए। इसके बाद विलियमसन ने 48 गेंद में 10 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 85 रन बनाकर पारी का नक्शा बदल दिया। न्यूजीलैंड ने आखिरी दस ओवरों में 115 रन बनाकर फाइनल मुकाबले को रोमांचक बनाने की नींव रखी। <br /> <br /> <br /> विलियमसन टी-20 विश्व कप फाइनल में सर्वोच्च स्कोर बनाने वाले कप्तान भी बन गए लेकिन उनकी लाजवाब पारी भी न्यूजीलैंड के काम नहीं आई। <br /> हेजलवुड ने झटके तीन विकेट<br /> हेजलवुड ने चार ओवर में 16 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि जाम्पा ने चार ओवर में 24 रन देकर एक विकेट चटकाया। स्टार्क बेहद खर्चीले साबित हुए। उन्होंने 4 ओवर में 60 रन लुटाए। <br /> <br /> <span style="background-color:#ccffcc;"><span style="color:#0000ff;"><strong>अब तक के विजेता</strong></span></span><br /> साल    विजेता    उपविजेता<br /> 2007    भारत    पाकिस्तान<br /> 2009    पाकिस्तान    श्रीलंका<br /> 2010    इंग्लैंड    आस्ट्रेलिया<br /> 2012    वेस्ट इंडीज    श्रीलंका<br /> 2014    श्रीलंका    भारत<br /> 2016    वेस्टइंडीज    इंग्लैंड<br /> 2021    आस्ट्रेलिया    न्यूजीलैंड<br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>स्कोर-बोर्ड </strong></span></span></span><br /> न्यूजीलैंड पारी :     रन    गेंद    4    6<br /> गुप्तिल को. स्टोइनिस बो. जम्पा    28    35    3    0<br /> मिचेल को. वेड बो. हेजलवुड    11    8    0    1<br /> विलियम्सन को. स्मिथ बो. हेजलवुड    85    48    10    3<br /> फिलिप्स को. मैक्सवेल बो. हेजलवुड    18    17    1    1<br /> नीशम अविजित    13    7    0    1<br /> सैफर्ट अविजित    8    6    1    0<br /> अतिरिक्त :     9<br /> कुल : 20 ओवर में 4 विकेट पर 172 रन।<br /> विकेट पतन : 1-28 (डेरिल मिचेल), 2-76 (मार्टिन गुप्तिल), 3-144 (ग्लेन फिलिप्स), 4-148 (केन विलियम्सन) .<br /> गेंदबाजी : स्टार्क 4-0-60-0, हेजलवुड 4-0-16-3, ग्लेन मैक्सवेल 3-0-28-0, पैट कमिंस 4-0-27-0, एडम जम्पा 4-0-26-1, मिशेल मार्श 1-0-11-0.<br /> आस्ट्रेलिया पारी :     रन    गेंद    4    6<br /> वार्नर बो. बोल्ट    53    38    4    3<br /> फिंच को. मिशेल बो. बोल्ट    5    7    1    0<br /> मिशेल मार्श अविजित    77    50    6    4<br /> ग्लेन मैक्सवेल अविजित    28    18    4    1<br /> अतिरिक्त :     10<br /> कुल : 18.5 ओवर में 2 विकेट पर 173 रन।<br /> विकेट पतन : 1-15 (फिंच), 2-107 (वार्नर).<br /> गेंदबाजी : ट्रेंट बोल्ट 4-0-18-2, टिम साउदी 3.5-0-43-0, एडम मिल्ने 4-0-30-0, इश सोढी 3-0-40-0, मिशेल सैंटनर 3-0-23-0, जेम्स नीशम 1-0-15-0.</p>
<p><br /> प्लेयर ऑफ द मैच : मिशेल मार्श (ऑस्ट्रेलिया)<br /> प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट : डेविड वार्नर (ऑस्ट्रेलिया)<br /> <br /> <strong>टॉप-5 बल्लेबाज</strong><br /> खिलाड़ी           रन     उच्चतम    औसत<br /> बाबर आजम      303      70       60.60<br /> डेविड वार्नर    289    89*    48.16<br /> मोहम्मद रिजवान    281    79*    70.25<br /> जोस बटलर    269    101*    89.66<br /> असालंका    231    80*    46.20 <br /> <br /> <strong>टॉप-5 गेंदबाज </strong><br /> खिलाड़ी    विकेट    सर्वश्रेष्ठ    औसत<br /> हसारंगा    16    3/9    9.75<br /> एडम जंपा    13    5/19    12.07<br /> ट्रेंट बोल्ट    13    3/17    13.30<br /> शाकिब हसन    11    4/9    11.18<br /> हैजलवुड    11    4/39    15.90</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Nov 2021 10:45:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हकदारों को सम्मान!</title>
                                    <description><![CDATA[नरेन्द्र मोदी ने देश की सत्ता संभालने के साथ ही जमीन से जुड़े लोगों और समाज और देश को समर्पित रहे गुमनाम नायकों को पद्मश्री पुरस्कार देने का सिलसिला शुरू किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/618f87b6c9414/article-2348"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/padamshri-samman1.jpg" alt=""></a><br /><p>नरेन्द्र मोदी ने देश की सत्ता संभालने के साथ ही जमीन से जुड़े लोगों और समाज और देश को समर्पित रहे गुमनाम नायकों को पद्मश्री पुरस्कार देने का सिलसिला शुरू किया। इसी क्रम में गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में असली समाज सेवकों को सम्मानित किया गया। कर्नाटक के हरेलाला हजब्बा, जिनके पांव में चप्पल तक नहीं थी और कोई शिक्षा भी नहीं उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया। ऐसा इसलिए कि उन्होंने ठान लिया था कि स्वयं चाहे अनपढ़ रह गई, लेकिन गांव में किसी बच्चे को अनपढ़ नहीं रहने देंगी। उन्होंने संतरे बेचकर पैसे जुटाए और गांव में स्कूल खोल दिया। स्कूल में नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध करवाकर अक्षर संतरे नाम से लोकप्रियता पाई। वहीं 72 वर्षीय तुलसी गौडा ने पर्यावरण की सजग प्रहरी बन तीस हजार से अधिक पौधे लगाकर समाज में आदर्श स्थापित किया। 72 वर्षीय तुलसी कपड़ों के नाम पर केवल चादर लपेटे आईं। उन्हें प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह जैसी हस्तियों ने प्रणाम किया जो पर्यावरण योद्धा को समर्पित था। तुलसी गौड़ा पिछले छह दशकों से पर्यावरण के संरक्षण में जुटी हैं। उन्हें जंगल में पाए जाने वाले हर पौधे व जड़ी-बुटियों की गहरी जानकारी है। इसी वजह से उन्हें इनसाइक्लोपीडिया ऑफ फॉरेस्ट कहा जाता है। पद्मश्री हासिल करने वाली महाराष्ट्र के अहमदनगर की साधारण महिला राही बाई सीमा पोपरे का पेशा खेती-किसानी है, लेकिन वह नारी सशक्तिकरण की एक सशक्त मिसाल हैं। उन्हें पीड मदर कहा जाता है। उन्हें जैविक खेती का अच्छा अनुभव है। पद्मश्री प्राप्त करने वाली ट्रांसजेंडर मंजम्मा जोगती का जीवन एक संघर्ष की गाथा है। तमाम चुनौतियों से जूझते हुए उन्होंने जोगती नृत्य सीखा। इस पारम्परिक लोक नृत्य को जो महिलाएं करती हैं, वह ट्रांस वीमेन होती हैं। उन्हें 2006 में कर्नाटक जनपद अकादमी अवार्ड दिया गया था। आज वह लोक कला का विस्तार कर रही है। पहले जहां ऐसे लोगों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाता था, जो पाश्चात्य सभ्यता के मोह में अंधे होकर भारतीय संस्कृति का हर मंच से खुला मजाक उड़ाते थे। लेकिन अब जिन हकदारों को पद्मश्री से सम्मानित होता देखकर गर्व महसूस होता है। ये ऐसे लोग हैं जिनसे समाज को प्रेरणा मिलती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Nov 2021 15:42:41 +0530</pubDate>
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