<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/native/tag-8591" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>native - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/8591/rss</link>
                <description>native RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गंदे नालों में देशी-विदेशी पक्षियों का बसेरा, शहर के अधिकतर नाले गंदे, नियमित नहीं हो रही सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[पक्षियों को प्राकृतिक आवासों में पर्याप्त भोजन न मिलने के कारण वे अवांछित स्थानों जैसे नालों में भोजन की तलाश में जा रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirty-drains-are-home-to-both-native-and-foreign-birds--and-most-of-the-city-s-drains-are-dirty-and-lack-regular-cleaning/article-127770"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(1)24.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहरी क्षेत्र में वैटलेंड लगातार घट रहे हैं। कहीं अतिक्रमण तो कहीं विकास की भेंट चढ़ गए। नतीजन,  देश-विदेश से आने वाले परिंदों के सामने भोजन व रहवास का संकट गहरा गया। ऐसे में गंदे नाले उनकी शरणस्थली <br />बन गई। जहां भोजन के साथ अनगिनत बैक्टीरिया, वायरस, संक्रमण, रसायन भी मिल रहे हंै, जो न केवल पक्षियों के जीवन चक्र को बीमारियों की जद में ला रहा बल्कि उनकी उम्र भी घटा रहा है। जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण माइग्रेट बर्ड्स की संख्या में भी कमी देखी जा रही है। शहर के कई इलाकों के नाले नियमित सफाई के अभाव में गंदगी से अटे पड़े हैं। जिनमें साजीदेहड़ा, एलबीएस मार्ग स्थित नाला, केशवपुरा, डीसीएम रोड, देवली अरब सहित कई नाले शामिल है। जहां गंदगी के बीच भोजन ढृूंढ रहे देसी-विदेशी पक्षियों को होने वाले नुकसान, कारण, सुझाव पर पक्षी विशेषज्ञों से जाना। पेश है रिपोर्ट के प्रमुख अंश...</p>
<p><strong>नालों में भोजन से परिंदों को संभावित नुकसान</strong><br /><strong>बीमारियां व संक्रमण : </strong>नालों का पानी अक्सर गंदा और प्रदूषित होता है। इसमें बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी होते हैं, जो पक्षियों को संक्रमण देकर बीमार कर सकते हैं। </p>
<p><strong>रसायन व अपशिष्ट पदार्थ :</strong> सीवेज या नालों में औद्योगिक व घरेलू कचरे से निकलने वाले रसायन और भारी धातुएं (लेड, पारा, आर्सेनिक आदि) पक्षियों के शरीर में जमा होकर उनकी प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डालते हैं। जिससे अंडे देने की क्षमता भी प्रभावित होती है। </p>
<p><strong>प्लास्टिक और कचरे का खतरा :</strong> नालों में कई ऐसे अपशिष्ट पदार्थ, रासायनिक व अपचनीय सामग्री भी प्रवाहित होती हैं, जिन्हें पक्षी भोजन समझकर निगल लेते हैं, जो पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाती हैं और कई बार उनकी मृत्यु तक हो सकती है।</p>
<p><strong>धागे व तार में उलझने से घायल:</strong> नालों में हर तरह का कचरा आता है। जिनमें तार, बैलून से बंधे धागे भी होते हैं। कई बार फिडिंग के दौरान उनके शरीर में जाकर फंस जाते हैं और पंजों व पंखों में उलझने से घायल हो जाते हैं। वहीं,  गंदे पानी में पनपने वाले कीड़े व परजीवी पक्षियों की चोंच, आंखों व पैरों पर भी विपरीत असर डालते हैं।</p>
<p><strong>जीवन दर घटने की आशंका : </strong>यदि, प्रवासी पक्षी लगातार गंदे नालों या प्रदूषित जलाशयों पर निर्भर होने लगे तो उनकी जीवित रहने की दर घट सकती है और उनकी संख्या में गिरावट आ सकती है।</p>
<p><strong>आलनिया तालाब वैटलेंड, पेटा काशत बने मुसीबत</strong><br />पक्षी विशेषज्ञ बताते हैं, आलनिया डेम का तालाब पक्षियों के लिए बेहतरीन वेटलैंड है,यहां हर साल हजारों देसी-विदेशी पक्षी आते हैं। लेकिन, यहां पेटा काश्त परिंदों के लिए मुसीबत बनी है। तालाब में जब पानी कम होता है तो यहां लोग अतिक्रमण कर तालाब की जमीन पर पेटा काश्त करते हैं।  जिसका सीधा असर प्रवासी पक्षियों पर पड़ता है। यहां आने वाली माइगे्रटरी बर्ड्स जमीन पर अंडे देते हैं क्योंकि डेम की भूमि में नमी होती है। वहीं, आसपास झाड़ियों में घौंसला बनाकर रहते हैं, जिसे पेटाकाश्त करने वाले लोग नष्ट कर देते हैं।</p>
<p><strong>शहर में वैटलेंड हो विकसित</strong><br />पक्षियों को प्राकृतिक आवासों में पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा है, जिसके कारण वे अवांछित स्थानों जैसे नालों में भोजन की तलाश में जा रहे हैं। वन विभाग को शहरी क्षेत्र में वैटलेंड डवलप करवाए जाने चाहिए। साथ ही रहवास सुरक्षित हो, यह सुनिश्चित की जानी चाहिए। नगर निगम को भी नालों की नियमित सफाई करवानी चाहिए।  <br /><strong>- एएच जैदी, नेचर प्रमोटर </strong></p>
<p>अतिक्रमण पर कार्रवाई हो तो रुके पक्षियों का पलायन आलनिया तालाब बेहतर वैटलैंड है, यहां की परिस्थितियां पक्षियों के अनुकूल है। भोजन पानी की उपलब्धता भी पर्याप्त है लेकिन तालाब पर पेटा काश्तकारों के अतिक्रमण बड़ी समस्या है। प्रशासन को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि, परिंदों को गंदे जलाश्यों पर आश्रित न रहना पड़े और उनका पलायन रुके।<br /><strong>- रवि नागर, बायोलॉजिस्ट </strong></p>
<p>पक्षी नालों में फिडिंग के आदी हो गए हैं। क्योंकि, यहां कीड़े-मकोड़े भोजन के रूप में मिल जाते हैं। ऐसी परिस्थितियां क्यों बनी, इसके कारण विभाग को तलाशने चाहिए। प्रदूषित जलस्रोतों  में कई तरह के बैक्टीरिया होते हैं, जो उनके जीवन चक्र को  प्रभावित करता है।  ऐसे में वेटलैंड्स (आर्द्रभूमियों) का संरक्षण बेहद जरूरी है।<br /><strong>- डॉ. अंशु शर्मा, पक्षी विशेषज्ञ </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />गंदगी में रहने से पक्षियों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव जरूर पड़ता है। बर्ड्स वहां रहती है तो वह स्थान एक तरह से उनका रहवास है। कीट, पतंगे, कीड़े-मकोड़े खाकर वायरस, संक्रमण फैलने से रोकती है,जो इंसानों को बीमारियों से बचाव के लिए अहम रोल अदा रही है। लेकिन, मनुष्य पक्षियों के प्रति अपना फर्ज नहीं निभा रहा है। नालों की नियमित सफाई होनी चाहिए ताकि, अपशिष्ट व रसायनिक पद्धार्थ को बहने से रोका जा सके। रही बात वैटलेंड की तो हमारे क्षेत्र में डवलप कर रहे हैं। जिनमें अभेड़ा तालाब, जोहरा बाई का तालाब, उम्मेदगंज पक्षी विहार, बायोलॉजिकल पार्क सहित भैंसरोडगढ़ व शेरगढ़ सेंचुरी के कई क्षेत्र शामिल हैं।<br /><strong>- अनुराग भटनागर, डीएफओ वन्यजीव विभाग कोटा </strong></p>
<p>नगर निगम द्वारा नालों की समय-समय पर सफाई करवाई जाती है। यदि, कहीं गंदगी की शिकायत मिलती है तो तुरंत  सफाई करवा दी जाएगी।<br /><strong>- अशोक त्यागी, आयुक्त नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirty-drains-are-home-to-both-native-and-foreign-birds--and-most-of-the-city-s-drains-are-dirty-and-lack-regular-cleaning/article-127770</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirty-drains-are-home-to-both-native-and-foreign-birds--and-most-of-the-city-s-drains-are-dirty-and-lack-regular-cleaning/article-127770</guid>
                <pubDate>Wed, 24 Sep 2025 15:44:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/copy-of-news-%281%2924.png"                         length="584669"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का पैतृक गांव में अंतिम संस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[मानसा। कम उम्र में देश-विदेश में गायकी में नाम कमाने वाले मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का आज उनके पैतृक गांव मूसा में अंतिम संस्कार कर दिया गया। भीषण गर्मी में अपने हरमन प्यारे गायक, भाई और चहेते को अंतिम विदाई देने पहुंचे लाखों प्रशसंकों ने उन्हें अश्रुपूर्ण विदाई दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/famous-punjabi-singer-sidhu-moosewala-cremated-in-his-native-village/article-10906"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/moose-wala.jpg" alt=""></a><br /><p>मानसा। कम उम्र में देश-विदेश में गायकी में नाम कमाने वाले मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का आज उनके पैतृक गांव मूसा में अंतिम संस्कार कर दिया गया। भीषण गर्मी में अपने हरमन प्यारे गायक, भाई और चहेते को अंतिम विदाई देने पहुंचे लाखों प्रशसंकों ने उन्हें अश्रुपूर्ण विदाई दी। उनके खेत में ही नौजवान गायक का अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर खेतों से लेकर पूरे गांव में पैर रखने तक को जगह नहीं थी। चाहे कोई जानने वाला हो या अंजान हरेक की आंखें नम थीं। पंजाब के कोने-कोने से लोग अपने भाई और गायक के अंतिम दर्शन करने आये। खेतों से लेकर पेड़ों पर उनके चाहने वाले दिखाई दे रहे थे। उनके पिता ने बदहवास हालत में अपने अपने इकलौतेे पुत्र का अंतिम संस्कार किया। <br /><br />देश-विदेश और बालीवुड और टालीवुड से जुड़ी हस्तियों ने मूसेवाला की हत्या पर गहरा दुख जताते हुये कहा है कि पंजाब में जिस तरह पिछले कुछ सालों में गैंगवार,नशा और अपराध बढ़ा और उसने कलाकारों, खिलाड़ियो और आम लोगों की जानें ली हैं। इससे पंजाब के भविष्य पर सवालिया निशान लग रहे हैं। विदेश में बैठे गैंगस्टर अपने गुर्गों से हत्यायें करा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारों को इसका खात्मा करने के लिये ठोस कदम उठाने चाहिये । <br /><br />इस अवसर पर सामाजिक,राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्र के लोग भी पहुंचे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग, पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा सहित कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। उन्होंने हाल के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर मानसा हलके से राजनीति में हाथ आजमाया लेकिन प्रदेश में लहर आम आदमी पार्टी के पक्ष में होने के कारण वह आप के डॉ विजय इंदर सिंगला से चुनाव हार गये। बाद में भ्रष्टाचार के मामले में यही डॉ सिंगला स्वास्थ्य मंत्री पद से हटाये गये और अब वह मुकदमे का सामना कर रहे हैं। <br /><br />उल्लेखनिय है कि मूसेवाला (27) की उनके गांव के समीप हमलावरों ने विदेशी हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग करके हत्या कर दी थी। उनकी लंबे समय से रेकी की जा रही थी। उनकी सुरक्षा के कारण हमलावर उनकी हत्या को अंजाम नहीं दे पा रहे थे। पंजाब की भगवंत मान सरकार के 424 वीआईपी की सुरक्षा में कटौती के अगले दिन वह अपनी बीमार मौसी को देखने पास के गांव खारा बरनाला जा रहे थे। उस दिन वह अपने दो गनमैन और बुलेटप्रूफ गाड़ी छोड़कर अकेले थार जीप से अपने दो दोस्तों के साथ निकल पड़े और पांच किलोमीटर दूर जवाहरके गांव में उनका पीछा कर रहे हत्यारों ने उनकी गाड़ी को दोनों तरफ से घेर उनकी हत्या को अंजाम दिया। हत्या की जिम्मेदारी लारेंस बिश्नोई और उसके साथी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने फेसबुक पर पोस्ट करके ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/famous-punjabi-singer-sidhu-moosewala-cremated-in-his-native-village/article-10906</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/famous-punjabi-singer-sidhu-moosewala-cremated-in-his-native-village/article-10906</guid>
                <pubDate>Tue, 31 May 2022 17:43:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/moose-wala.jpg"                         length="47520"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शौर्य चक्र सम्मानित कैप्टन वरूण सिंह के निधन का समाचार मिलते ही पैतृक गांव कन्हौली में शोक की लहर, श्रंद्धाजलि देने वालों का जमावड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[देवरिया। तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर हादसे में  सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत समेत 13 लोगों की मौत के बाद हादसे में एक  मात्र जीवित बचे उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के कन्हौली निवासी ग्रुप कैप्टन  वरुण सिंह की उपचार के दौरान बुधवार को निधन की सूचना मिलने के बाद देश के साथ उनके पैतृक गांव  कन्हौली में शोक की लहर दौड़ गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B6%E0%A5%8C%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%9A%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%A4%E0%A5%83%E0%A4%95-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%8C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%B9%E0%A4%B0--%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%BF-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE/article-3236"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/7.jpg" alt=""></a><br /><p>देवरिया। तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर हादसे में  सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत समेत 13 लोगों की मौत के बाद हादसे में एक  मात्र जीवित बचे उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के कन्हौली निवासी ग्रुप कैप्टन  वरुण सिंह की उपचार के दौरान बुधवार को निधन की सूचना मिलने के बाद देश के साथ उनके पैतृक गांव  कन्हौली में शोक की लहर दौड़ गई। हालांकि देवरिया के लाल की  सलामती के लिए लोग प्रार्थना कर रहे थे लेकिन  ग्रुप कैप्टन  कई दिनों से जिन्दगी के लिए लड़ रही जंग हार गये। बहादुर लाल के  निधन की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश में देवरिया जिले के रूद्रपुर तहसील  क्षेत्र के उनके पैतृक गांव कन्हौली में शोक की लहर छायी हुई है और उनके  आवास पर शोकाकुल लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है और भीड़ अपने लाल को गम में शहीद के आवास पर जमा होकर शहीद को श्रंद्धाजलि दे रही हैं। <br /><br />शहीद वरूण सिंह के परिवार में माता,पिता,भाई के साथ पत्नी और दो बच्चे हैं। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई उड़ीसा में हुई थी और वह  एनडीए की परीक्षा पासकर वायु सेना में अधिकारी बने। उनके पिता कृष्ण  प्रताप सिंह आर्मी में कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वरुण के छोटे  भाई तनुज सिंह मुंबई में भारतीय नौसेना में अधिकारी हैं। पिछले साल एक उड़ान  के दौरान विमान में बड़ी तकनीकी खराबी के बाद भी कैप्टन वरुण सिंह ने विमान  को हैंडल करते हुए विमान को सकुशल जमीन पर उतारा था। उनके इस अदम्य साहस के  लिए उन्हें 15 अगस्त 2021 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शौर्य चक्र से  सम्मानित किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B6%E0%A5%8C%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%9A%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%A4%E0%A5%83%E0%A4%95-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%8C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%B9%E0%A4%B0--%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%BF-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE/article-3236</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B6%E0%A5%8C%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%9A%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%A4%E0%A5%83%E0%A4%95-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%8C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%B9%E0%A4%B0--%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%BF-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE/article-3236</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Dec 2021 16:13:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/7.jpg"                         length="92795"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिंदी को लेकर शाह का बड़ा बयान : कहा, मूल भाषा में शिक्षा दी जाती तो देश पिछड़ता नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[''हमारा देश पिछड़ गया, उसका मूल कारण है कि हमने अपनी पढ़ाई अपनी मूल भाषा नहीं की।''-अमित शाह]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8---%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%9B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82/article-2349"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/amit-shah-sambodhan.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आजादी के बाद देश पर पिछड़े होने का धब्बा लगने के पीछे अपनी मूल भाषा में शिक्षा दीक्षा नहीं होने को मुख्य वजह बताते हुये कहा है कि ''हमारा देश पिछड़ गया, उसका मूल कारण है कि हमने अपनी पढ़ाई अपनी मूल भाषा नहीं की।'' शाह ने शनिवार को यहां राजभाषा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के बाद देश को स्वराज तो मिल गया अब इसे 'सुराज' में बदलना है, मगर, स्वदेशी और स्वभाषा, पीछे छूट गये हैं। उन्होंने आह्वान किया कि आजादी के अमृत महोत्सव में हम पीछे छूटे इन लक्ष्यों को पूरा करें। <br />  </p>
<p> शाह ने देश को आजादी मिलने के बाद भी मातृ भाषा सहित अन्य स्थानीय भाषाओं के साथ सौतेला व्यवहार किये जाने को ऐतिहासिक भूल बताते हुये कहा कि अब वह समय चला गया है जब अपनी मूल भाषा जानने वालों को शर्म का अहसास करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि जो देश अपनी भाषाओं को भुला देता है वह देश अपना मौलिक ङ्क्षचतन भी खो देता है। इसीलिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंचों पर अपनी बात अपनी राजभाषा में ही रखी। <br />  </p>
<p>दो दिन के वाराणसी प्रवास पर आये शाह ने यहां स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन को संबोधित करते हुये यह बात कही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बनने के बाद राजभाषा सम्मेलन को दिल्ली से बाहर ले जाने का जब फैसला किया तो यह सौभाग्य की बात है कि यह सम्मेलन अपने पहले पड़ाव के रूप में भाषाओं के गोमुख कहे जाने वाले शहर वाराणसी में पहुंचा।  <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8---%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%9B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82/article-2349</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8---%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%9B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82/article-2349</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Nov 2021 16:06:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/amit-shah-sambodhan.jpg"                         length="123234"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        