<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/controversy/tag-8595" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>controversy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/8595/rss</link>
                <description>controversy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असम CM हिमंता की पत्नी पर विवादित टिप्पणी मामला : सुप्रीम कोर्ट से पवन खेड़ा को बड़ा झटका, अंतरिम जमानत पर स्टे</title>
                                    <description><![CDATA[असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर विवादित टिप्पणी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अंतरिम जमानत पर रोक लगा दी है। अदालत ने उन्हें राहत के लिए असम कोर्ट जाने का निर्देश दिया है। इस फैसले से खेड़ा की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/controversial-comment-on-assam-cm-himantas-wife-case-big-blow/article-150487"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pawan-kheraa1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने के तेलंगाना उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगा दी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की एक शिकायत से संबंधित है। न्यायालय का यह आदेश असम पुलिस की एक अपील पर आया है। इसमें असम पुलिस ने कहा था कि तेलंगाना उच्च न्यायालय के पास इस मामले में सुनवाई का क्षेत्राधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल एस. चांदुरकर की पीठ ने यह अंतरिम आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया कि श्री खेड़ा असम की उचित अदालत से राहत मांगने के लिए स्वतंत्र हैं। पीठ ने कहा कि अगर श्री खेड़ा असम की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करते हैं, तो उच्चतम न्यायालय के इस आदेश का उस आवेदन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p>
<p>गौरतलब है कि यह पूरा मामला गत पांच अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान श्री खेड़ा के लगाए उन आरोपों से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि श्रीमती सरमा के पास कई पासपोर्ट हैं और उन्होंने विदेशी संपत्तियों का खुलासा नहीं किया है। इससे पहले 10 अप्रैल को तेलंगाना उच्च न्यायालय ने खेड़ा को एक सप्ताह की अग्रिम जमानत देते हुए गुवाहाटी उच्च न्यायालय जाने का निर्देश दिया था। अब उच्चतम न्यायालय के इस पर रोक लगाए जाने के बाद श्री खेड़ा को असम की संबंधित अदालत से ही राहत लेनी होगी। फिलहाल उच्चतम न्यायालय ने इस याचिका पर नोटिस जारी कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/controversial-comment-on-assam-cm-himantas-wife-case-big-blow/article-150487</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/controversial-comment-on-assam-cm-himantas-wife-case-big-blow/article-150487</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 13:03:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/pawan-kheraa1.png"                         length="882640"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केरल: भाजपा उम्मीदवार गोपालकृष्णन के खिलाफ विवादित बयान को लेकर मामला दर्ज, चुनाव नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[गुरुवायुर से भाजपा प्रत्याशी बी. गोपालकृष्णन के खिलाफ "हिंदू विधायक" वाले विवादित बयान पर मामला दर्ज किया गया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर आचार संहिता उल्लंघन के तहत यह कार्रवाई हुई। उन पर धर्म के आधार पर वोट मांगने और मंदिर परिसर का राजनीतिक उपयोग करने का आरोप है। हालांकि, उन्हें नामांकन दाखिल करने से नहीं रोका गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/case-registered-against-kerala-bjp-candidate-gopalakrishnan-for-controversial-statement/article-147498"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/b-gopalakrishnan.png" alt=""></a><br /><p>त्रिशूर। पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं केरल में गुरुवायुर से पार्टी के उम्मीदवार बी. गोपालकृष्णन के खिलाफ उनके विवाद बयान को लेकर एक मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई गुरुवायुर मंदिर के सामने दिए गए उनके विवादित बयान "हिंदू विधायक" को लेकर की है। यह मामला गुरुवायुर मंदिर पुलिस ने त्रिशूर की ज़िला कलेक्टर शिखा सुरेंद्रन के निर्देश पर दर्ज किया। कलेक्टर ने मुख्य चुनाव अधिकारी रतन यू. केलकर के निर्देश पर यह कदम उठाया।</p>
<p>गोपालकृष्णन के खिलाफ यह कार्रवाई कई राजनीतिक दलों की शिकायतों के बाद की गई, जिनमें चुनाव नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। शिकायत में कहा गया था कि उम्मीदवारों को धर्म या समुदाय की भावनाओं के आधार पर वोट मांगने और चुनाव प्रचार के लिए पूजा स्थलों का उपयोग करने की मनाही है।</p>
<p>कलेक्टर के निर्देश के बाद गोपालकृष्णन द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया गया। यह विवादित बयान गोपालकृष्णन ने गुरुवायुर में चुनाव प्रचार के दौरान दिया था। उन्होंने कहा था कगि इस विधानसभा क्षेत्र की 48 प्रतिशत आबादी ने पिछले 50 वर्षों में किसी भी हिंदू विधायक को नहीं चुना है। गोपालकृष्णन शनिवार को भाजपा उम्मीदवार के तौर पर गुरुवायुर से अपना नामांकन दाखिल करने वाले हैं। हालांकि, इस आदेश से उन्हें नामांकन दाखिल करने से नहीं रोका गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/case-registered-against-kerala-bjp-candidate-gopalakrishnan-for-controversial-statement/article-147498</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/case-registered-against-kerala-bjp-candidate-gopalakrishnan-for-controversial-statement/article-147498</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 12:26:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/b-gopalakrishnan.png"                         length="497524"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पैरोल के बीच आसाराम बापू ने बाबा विश्वनाथ के दर पर टेका माथा : वीआईपी व्यवस्था पर उठे सवाल, काफिले के साथ पहुंचे मंदिर</title>
                                    <description><![CDATA[चिकित्सकीय पैरोल पर बाहर आसाराम ने भारी सुरक्षा के बीच काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए। वीआईपी व्यवस्था और महंगी गाड़ियों के काफिले को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने आधिकारिक प्रोटोकॉल से इनकार किया है, जबकि आसाराम अनौरा आश्रम में अनुयायियों से मुलाकात कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन फिलहाल मौन है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/asaram-bapu-convicted-in-rape-case-bowed-his-head-at/article-146629"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/aasaram-bapu.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। दुष्कर्म के मामले में सजायाफ्ता आसाराम बापू ने रविवार शाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। आसाराम को दी गई कथित वीआईपी व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। रविवार शाम करीब साढ़े आठ बजे उनका काफिला मंदिर के गेट नंबर चार पर पहुंचा, जहां उन्हें देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।  </p>
<p>पुलिस के अनुसार, आसाराम के लिए कोई आधिकारिक प्रोटोकॉल जारी नहीं किया गया था। उनके निजी कर्मचारी और सहयोगी उन्हें दर्शन के लिए लेकर आए थे। मंदिर में प्रवेश के समय अन्य श्रद्धालुओं की तरह ही उनकी भी डीएफएमडी जांच की गई। सुरक्षा के मद्देनजर परिसर के अंदर और आसपास पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं और भीड़ को देखते हुए आमजन की सुविधा के लिए पुलिस वहां मौजूद थी। वहीं, मंदिर प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।</p>
<p>आसाराम वर्तमान में चिकित्सकीय पैरोल पर बाहर हैं और 13 मार्च से काशी में प्रवास कर रहे हैं। वे बड़ागांव स्थित अनौरा आश्रम में ठहरे हुए हैं, जहां उन्होंने अपने कई शिष्यों से मुलाकात भी की। सूत्रों के अनुसार, आश्रम में प्रवचन के दौरान किसी को भी मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी। शनिवार को वे अलईपुर स्थित आश्रम भी पहुंचे थे। उनके काफिले में कई महंगी गाड़यिां शामिल थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/asaram-bapu-convicted-in-rape-case-bowed-his-head-at/article-146629</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/asaram-bapu-convicted-in-rape-case-bowed-his-head-at/article-146629</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 12:55:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/aasaram-bapu.png"                         length="753298"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शंकराचार्य कौन होगा? क्या अब केंद्र सरकार तय करेगी सबकुछ; स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बोला सरकार पर हमला </title>
                                    <description><![CDATA[स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विधानसभा बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि कोई मुख्यमंत्री यह तय नहीं कर सकता कि शंकराचार्य कौन होगा; यह धार्मिक हस्तक्षेप है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/who-will-be-shankaracharya-will-the-central-government-now-decide/article-143158"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विधानसभा में शंकराचार्य के मुद्दे पर दिए गए बयान के बाद शनिवार को काशी से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि जिसे वे प्रमाण-पत्र देंगे, वही शंकराचार्य कहलाएगा, जबकि देश में ऐसी कोई विधिक व्यवस्था नहीं है कि प्रदेश का मुख्यमंत्री किसी को शंकराचार्य घोषित कर दे। उन्होंने इसे आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र के मंदिर यानी विधानसभा में इस प्रकार की टिप्पणी उचित नहीं है।</p>
<p>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, क्या अब केंद्र सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार यह तय करेगी कि शंकराचार्य कौन होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा जिन वासुदेवानंद जी को शंकराचार्य कहा जा रहा है, उन्हें लेकर न्यायालयों में आपत्तियां दर्ज हैं। उनके अनुसार उच्चतम न्यायालय और निचली अदालतों ने संबंधित व्यक्ति को स्वयं को शंकराचार्य के रूप में प्रस्तुत करने से रोका है, इसके बावजूद उन्हें यह पदवी दी जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिन्हें परंपरागत मान्यता प्राप्त है, उन्हें शंकराचार्य नहीं माना जा रहा, जो कि धार्मिक क्षेत्र में हस्तक्षेप का संकेत है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर पद के अहंकार का आरोप भी लगाया। कुंभ और माघ मेले में स्नान पर उठे विवाद के संदर्भ में उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अनादि काल से मर्यादा के अनुसार स्नान करते आए हैं और कभी भगदड़ की शिकायत नहीं रही। उन्होंने प्रश्न किया कि इसी बार इनके समय में भगदड़ की आशंका कैसे उत्पन्न हो गई।</p>
<p>गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री के विधानसभा में दिए गए बयान के बाद यह विवाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/who-will-be-shankaracharya-will-the-central-government-now-decide/article-143158</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/who-will-be-shankaracharya-will-the-central-government-now-decide/article-143158</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 17:46:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/1200-x-600-px%29-%287%291.png"                         length="684011"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने हैदराबाद में ओवैसी की प्राथमिकी पर दी प्रतिक्रिया, बोलें-अगर मेरे खिलाफ कोई मामला है तो मैं जेल जाने को तैयार हूं</title>
                                    <description><![CDATA[एआई-जनरेटेड वीडियो विवाद पर सीएम हिमंता सरमा ने कहा, उन्हें वीडियो की जानकारी नहीं। ओवैसी की एफआईआर पर जरूरत पड़े तो जेल जाने को तैयार हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/assam-cm-himanta-biswa-sarma-reacts-on-owaisis-fir-in/article-142671"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(14)7.png" alt=""></a><br /><p>गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर मुसलमानों को निशाना बनाने वाली हिंसक तस्वीरों वाले एक पोस्ट को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने के परिप्रेक्ष्य में मंगलवार को कहा कि उन्हें ऐसे किसी वीडियो की जानकारी नहीं है और जरूरत पडऩे पर जेल जाने को भी तैयार हैं।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी की असम इकाई ने एक एआई-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया, जिसमें मुख्यमंत्री को टोपी पहने दो लोगों पर बेहद करीब से गोली चलाते हुए दिखाया गया था, हालांकि बाद में इसे डिलीट कर दिया गया। ओवैसी ने इसी वीडियो के संदर्भ में हैदराबाद में सरमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।</p>
<p>इस संबंध में पूछे जाने पर सीएम सरमा ने कहा, मुझे ऐसे किसी वीडियो की जानकारी नहीं है, हालांकि अगर उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई है, तो मैं जेल जाने को तैयार हूं। अगर मेरे खिलाफ कोई मामला है, तो पुलिस को आकर मुझे गिरफ्तार करना चाहिए। मैं इस पर आपत्ति कैसे कर सकता हूं? मैं जेल जाने को तैयार हूं। उन्होंने कहा, लेकिन मैं अपनी कही बात पर कायम हूं। मैं बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ हूं और आगे भी उनके खिलाफ खड़ा रहूंगा।</p>
<p>यहां यह उल्लेख करना जरूरी है कि इस वीडियो के कारण सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हुई, जिसके चलते भाजपा को बाद में इसे हटाना पड़ा। वीडियो को बाद में क्यों हटाया गया, इस सवाल पर असम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने स्पष्ट किया कि वीडियो को इसलिए हटाया गया क्योंकि इसकी गलत व्याख्या की गई थी और ऐसा लग रहा था कि इससे लोगों को असुविधा हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/assam-cm-himanta-biswa-sarma-reacts-on-owaisis-fir-in/article-142671</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/assam-cm-himanta-biswa-sarma-reacts-on-owaisis-fir-in/article-142671</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 18:49:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2814%297.png"                         length="957031"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लॉर्ड मैंडेलसन ने जेफरी एपस्टीन से संबंधों को लेकर सत्तारुढ़ पार्टी से दिया इस्तीफा, सामने आई ये बड़ी वजह</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटेन के पूर्व मंत्री लॉर्ड पीटर मैंडेलसन ने जेफरी एपस्टीन से संबंधों पर नए खुलासों के बाद लेबर पार्टी से इस्तीफा दिया, पार्टी को शर्मिंदगी से बचाने की बात कही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/lord-mandelson-resigned-from-the-ruling-party-over-his-relations/article-141702"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(12)1.png" alt=""></a><br /><p>लंदन। ब्रिटेन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अमेरिका में पूर्व राजदूत लॉर्ड पीटर मैंडेलसन ने दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ अपने पिछले संबंधों के बारे में नए खुलासे के बाद सत्तारुढ़ लेबर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टस में यह जानकारी दी गयी है।      </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, मैंडेलसन कहा कि उन्होंने लेबर सरकार को और शर्मिंदगी से बचाने के लिए पार्टी छोडऩे का फैसला किया। उन्होंने एपस्टीन के साथ अपने संबंधों की जानकारी देने वाले ईमेल सामने आने के बाद पिछले साल अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत के पद से इस्तीफा दे दिया था।</p>
<p>मैंडेलसन ने पार्टी के महासचिव को लिखे एक पत्र में लिखा, इस सप्ताहांत जेफरी एपस्टीन को लेकर हो रहे हंगामे से मेरा नाम और जोड़ा गया है और मुझे इस पर अफसोस है। पत्र के कुछ हिस्से मीडिया में भी छपे। रिपोर्टस में बताए गए दस्तावेजों के मुताबिक एपस्टीन ने 2003 में 25,000 डॉलर के तीन अलग-अलग लेन देन के जरिए लॉर्ड मैंडेलसन को कुल 75,000 डॉलर का भुगतान किया था। लेबर पार्टी के सूत्रों ने कहा कि इस कदम का मकसद विवाद से होने वाले राजनीतिक असर को रोकना था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/lord-mandelson-resigned-from-the-ruling-party-over-his-relations/article-141702</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/lord-mandelson-resigned-from-the-ruling-party-over-his-relations/article-141702</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 15:21:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2812%291.png"                         length="868020"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का सरकार पर हमला, बोलें-यूजीसी के नई नियमावली पूरी तरीके से सनातन विरोधी</title>
                                    <description><![CDATA[यूजीसी की नई नियमावली पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर सनातन विरोधी होने का आरोप लगाया। कहा, नियम समाज को बांटकर जातीय टकराव बढ़ाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/shankaracharya-swami-avimukteshwarananda-should-attack-the-central-government-ugcs/article-141191"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(10).png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नई नियमावली ने पूरे देश में नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रयागराज से काशी लौटे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गुरुवार को यूजीसी के इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार सनातन धर्म को बांटना चाहती है तथा एक जाति को दूसरी जाति से लड़वाना चाहती है। नई नियमावली पूरी तरह सनातन विरोधी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में न्याय की कोई आशा नहीं दिखती और देश को यही संदेश जा रहा है। पूरे देश ने देखा कि किस तरह बटुकों की चोटी पकड़कर उनका अपमान किया गया। सरकार और प्रशासन का चेहरा सबके सामने आ गया है। न तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की और न ही सुधार का कोई प्रयास किया।  </p>
<p>यूजीसी की नई नियमावली पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ये नियम जानबूझकर इस उद्देश्य से लाए गए हैं, ताकि वास्तविक कमियों पर चर्चा न हो सके। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की व्यवस्था में जातियां संघर्ष के लिए नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों की आजीविका और संतुलन को सुरक्षित रखने के लिए बनाई गई थीं। इस कानून के बाद सरकार आखिर देश में क्या कराना चाहती है? </p>
<p>शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि यूजीसी के माध्यम से एक जाति को दूसरी जाति के सामने खड़ा कर दिया गया है, जिससे समाज में टकराव बढ़ेगा। इससे आपसी संघर्ष बढ़ेगा और अंतत: नुकसान पूरे ङ्क्षहदू समाज को होगा। यह एक ही हिंदू समुदाय को बांटने वाला कानून है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/shankaracharya-swami-avimukteshwarananda-should-attack-the-central-government-ugcs/article-141191</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/shankaracharya-swami-avimukteshwarananda-should-attack-the-central-government-ugcs/article-141191</guid>
                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 14:53:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/500-px%29-%2810%29.png"                         length="1649014"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीरजा मोदी स्कूल मान्यता विवाद : अधर में विद्यार्थियों का भविष्य, पढ़ाई के साथ बच्चों की मानसिक स्थिति को लेकर अभिभावकों की बढ़ी चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के मानसरोवर स्थित नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता को लेकर उठे विवाद से विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। अभिभावकों का कहना है कि बीच सत्र में स्कूल बदलने से बच्चों की पढ़ाई और मानसिक संतुलन प्रभावित होगा। उन्होंने प्रशासन से निर्णय पर पुनर्विचार कर विद्यार्थियों के हित में संतुलित समाधान निकालने की मांग की है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/neerja-modi-school-recognition-controversy-future-of-students-in-limbo/article-139808"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/vvhsjjjsss.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिप्रापथ, मानसरोवर स्थित नीरजा मोदी स्कूल से जुड़े मान्यता विवाद के बाद विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। वर्षों से इसी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों का शैक्षणिक भविष्य अचानक अनिश्चितता के दौर में पहुंच गया है, जिससे पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की मानसिक स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।</p>
<p>अभिभावकों का कहना है कि नीरजा मोदी स्कूल केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि बच्चों के लिए एक सुरक्षित, अनुशासित और परिचित शैक्षणिक वातावरण रहा है। ऐसे में बीच सत्र में स्कूल बदलने का निर्देश बच्चों के भावनात्मक संतुलन और अकादमिक निरंतरता को प्रभावित कर सकता है। कई विद्यार्थियों के लिए यह समय बोर्ड परीक्षाओं और महत्वपूर्ण शैक्षणिक चरणों का भी है।</p>
<p>अभिभावकों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि स्कूल में किसी स्तर पर कमियां पाई गई हैं, तो उन्हें सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि उसका प्रतिकूल असर बच्चों पर न पड़े। उनका मानना है कि किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई में विद्यार्थियों के हित को प्राथमिकता मिलनी चाहिए और सुधारात्मक कदमों के साथ पढ़ाई को जारी रखने की व्यवस्था होनी चाहिए।</p>
<p>इस पूरे मामले में अभिभावकों और शिक्षाविदों की मांग है कि संबंधित प्राधिकरण मान्यता से जुड़े निर्णय पर पुनर्विचार करे और ऐसा संतुलित समाधान निकाले, जिससे नीरजा मोदी स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो और उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/neerja-modi-school-recognition-controversy-future-of-students-in-limbo/article-139808</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/neerja-modi-school-recognition-controversy-future-of-students-in-limbo/article-139808</guid>
                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 15:10:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/vvhsjjjsss.png"                         length="1038252"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कपिल मिश्रा का गंभीर आरोप, बोलें-आतिशी ने की गुरुओं के खिलाफ की बेअदबी, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[मंत्री कपिल मिश्रा ने आतिशी की सिख गुरुओं पर टिप्पणी को बेअदबी और पाप बताया, माफी की मांग की और विधानसभा गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kapil-mishras-serious-allegation-says-atishi-has-committed-disrespect-against/article-139432"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/atishi-and-kapil-mishra.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सिख गुरुओं के लिए जो शब्द बोले गये वह बेअदबी, गुनाह और पाप हैं तथा उनका कोई औचित्य नहीं था। मिश्रा ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि छह जनवरी को दिल्ली विधानसभा में एक अभूतपूर्व और गंभीर पाप हुआ। गुरु तेग बहादुर जी, भाई सतीदास जी, भाई मतीदास जी और भाई दयाला जी की शहादत के 350 वर्ष पूरे होने पर चल रही चर्चा के दौरान आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा बोले गए शब्द बेअदबी, गुनाह और पाप हैं तथा उनका कोई औचित्य नहीं था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि घटना के बाद आतिशी मीडिया, जनता और विधानसभा से लगातार अनुपस्थित रहीं। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा बार-बार बुलाए जाने के बावजूद उन्होंने  सदन में आकर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की। कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर इस मामले को दबाने के लिए पंजाब सरकार के संसाधनों और पंजाब पुलिस का दुरुपयोग किया गया। इस मामले में झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए और डराने की कोशिश की गई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि आस्था और सदन की गरिमा से जुड़ा विषय बताया गया। इस मामले में पूर्व सीएम केजरीवाल को चाहिए था कि वह आतिशी से माफी मंगवाते। पंजाब पुलिस को इस पूरे मामले से दूर रखा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आतिशी को भागने या छुपने के बजाय मीडिया और जनता के सामने आना चाहिए। उन्हें विधानसभा की विशेषाधिकार समिति  और कानूनी प्रक्रिया का सामना चाहिए।</p>
<p>कपिल मिश्रा ने कहा कि सात जनवरी को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा वीडियो का शब्दश: सदन में पढ़ा गया, जिस पर किसी ने आपत्ति नहीं जताई। इसके बावजूद बाहर जाकर पंजाब पुलिस से झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई गई। उन्होंने पंजाब पुलिस को राजनीतिक कार्यों के बजाय राज्य की सुरक्षा में लगाने की अपील की गई।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/kapil-mishras-serious-allegation-says-atishi-has-committed-disrespect-against/article-139432</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/kapil-mishras-serious-allegation-says-atishi-has-committed-disrespect-against/article-139432</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 13:25:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/atishi-and-kapil-mishra.png"                         length="726332"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस ने पुतिन को अगवा करने को लेकर ब्रिटिश अधिकारी के बयान की निंदा की, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[रूस ने ब्रिटिश रक्षा सचिव जॉन हीली की पुतिन को अगवा करने वाली टिप्पणी की निंदा की, इसे अभद्र और गैरजिम्मेदाराना बयान बताते हुए ब्रिटेन की आलोचना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-condemned-british-officers-statement-regarding-kidnapping-of-putin-know/article-139324"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/putin-kidnep.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के विदेश मंत्रालय ने रविवार को ब्रिटिश रक्षा सचिव जॉन हीली के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अगवा करेंगे।</p>
<p>मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने रूसी टीवी चैनल टीवी एत्सेंटर पर एक कार्यक्रम के दौरान इन टिप्पणियों को ब्रिटिश विकृत लोगों की अभद्र कल्पनाएं कहा। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि यूक्रेनी मीडिया ने शुक्रवार को जॉन हीली से पूछा था कि वह किस विश्व नेता को किडनैप करना चाहेंगे, जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि वह पुतिन को हिरासत में लेंगे और उन्हें युद्ध अपराधों के लिए जवाबदेह ठहराएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/russia-condemned-british-officers-statement-regarding-kidnapping-of-putin-know/article-139324</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/russia-condemned-british-officers-statement-regarding-kidnapping-of-putin-know/article-139324</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 17:56:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/putin-kidnep.png"                         length="405477"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आशीष सूद ने केजरीवाल से शिक्षकों के बारे में 'भ्रामक बयान' को लेकर माफी मांगने को कहा, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने अरविंद केजरीवाल के 'कुत्तों की गणना' वाले बयान को गलत बताते हुए उनसे माफी मांगने को कहा है। उन्होंने इसे शासन में बाधा डालने वाला दुष्प्रचार बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ashish-sood-asked-kejriwal-to-apologize-for-the-misleading-statement/article-138560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/kejriwal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की तैनाती को लेकर दिये गये उनके 'गलत एवं भ्रामक बयानों' के लिए माफी मांगने को कहा है। आशीष सूद ने पांच जनवरी को लिखे पत्र में केजरीवाल के उस आरोप को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि शिक्षकों को लावारिस कुत्तों की गिनती के काम में लगाया जा रहा है। उन्होंने इस दावे को गलत और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़ा सरकारी परिपत्र पहले से ही सार्वजनिक है।</p>
<p>शिक्षा मंत्री ने कहा कि केजरीवाल के पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते उनके ऐसे बयानों को केवल एक गलतफहमी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि ये टिप्पणियां सार्वजनिक सुरक्षा की एक महत्वपूर्ण पहल को पटरी से उतारने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास लगती हैं। आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाकर भाग जाने वाली राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह के आचरण से अनावश्यक अशांति पैदा होती है, जनता का भरोसा कम होता है और शासन व्यवस्था में बाधा आती है।</p>
<p>उन्होंने जोर देकर कहा कि वह बच्चों के कल्याण या स्कूलों के कामकाज में किसी भी गलत सूचना को बाधा नहीं बनने देंगे। उन्होंने पूर्व सीएम केजरीवाल से दुष्प्रचार करने की जिम्मेदारी लेने और दिल्ली की जनता से सार्वजनिक माफी मांगने का आग्रह किया। आशीष सूद ने कहा कि जिम्मेदार राजनीतिक चर्चा के लिए संयम, ईमानदारी और सच्चाई के प्रति सम्मान की आवश्यकता होती है। उन्होंने केजरीवाल से भविष्य में झूठे और भ्रामक बयान देने से बचने की अपील की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ashish-sood-asked-kejriwal-to-apologize-for-the-misleading-statement/article-138560</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ashish-sood-asked-kejriwal-to-apologize-for-the-misleading-statement/article-138560</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 16:13:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/kejriwal.png"                         length="661867"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिहाद के मुद्दे पर मोहन भागवत को दी गई ओवैसी की चुनौती की सरकार ने की कड़ी आलोचना, लापरवाह और संवेदनहीन दिया करार </title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना भाजपा ने सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान को संवेदनहीन बताया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि ओवैसी डेटा की आड़ में 'संगठित गलत कामों' और धर्मांतरण जैसे गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/government-strongly-criticized-owaisis-challenge-to-mohan-bhagwat-on-the/article-138437"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/mohan-bhagwat.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई ने सोमवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन  (एआईएमआईएम) सांसद असदुद्दीन ओवैसी की कड़ी आलोचना करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को 'जिहाद' के मुद्दे पर दी गई चुनौती को लापरवाह और संवेदनहीन करार दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि सांसद असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणियां या तो जानबूझकर दिखाई गई अज्ञानता को दर्शाती हैं या फिर व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बहाने 'संगठित गलत कामों' को संरक्षण देने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है।</p>
<p>एक बयान में भाजपा की राज्य इकाई के मुख्य प्रवक्ता एन वी सुभाष ने कहा, ओवैसी द्वारा इस मुद्दे को 'व्यक्तिगत पसंद' तक सीमित करने का प्रयास बौद्धिक रूप से बेईमानी और राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि जिहाद की अवधारणा, चाहे वह वैचारिक हो, मनोवैज्ञानिक हो या जबरदस्ती वाली हो, अच्छी तरह से दर्ज है। संघ प्रमुख की टिप्पणियों को राजनीतिक लाभ के लिए मरोडऩा जमीनी हकीकतों को नहीं बदलता है।</p>
<p>एन वी सुभाष ने ओवैसी द्वारा 'लव जिहाद' पर 'डेटा' मांगे जाने के संदर्भ में इसे शरारतपूर्ण और भ्रामक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि, केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि 'लव जिहाद' शब्द के तहत कोई केंद्रीकृत डेटा मौजूद नहीं है, लेकिन कई राज्यों ने पीड़ितों और उनके परिवारों की शिकायतों के आधार पर गैर-कानूनी धार्मिक रूपांतरण कानूनों के तहत मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड ने जांच के बाद ऐसे मामलों को स्वीकार किया है।</p>
<p>एन वी सुभाष ने टिप्पणी करते हुए कहा, सिर्फ इसलिए क्योंकि कोई केंद्रीय लेबल वाला डेटासेट नहीं है, ओवैसी का यह ढोंग करना कि यह मुद्दा मौजूद ही नहीं है, ठीक वैसा ही है जैसे भ्रष्टाचार से इनकार करना क्योंकि उस पर अलग-अलग कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाता है। सांसद असदुद्दीन ओवैसी की इस टिप्पणी पर कि मुस्लिम युवाओं को रोजगार की जरूरत है और आरएसएस उन्हें 'गुमराह' कर रहा है, भाजपा नेता ने कहा कि इस बयान से पाखंड झलकता है। उन्होंने झूठी पहचान, भावनात्मक हेरफेर और धर्मांतरण के दबाव के माध्यम से दूसरे धर्मों की लड़कियों को लुभाने के कथित संगठित प्रयासों की चुप्पी पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या ये अलग-थलग घटनाएं थीं या राज्यों में दोहराया जाने वाला एक स्वरूप।</p>
<p>एन वी सुभाष ने कहा कि खोजी रिपोर्ट,'द केरला स्टोरी' जैसी फिल्मों और हालिया सार्वजनिक बहस ने सांसद असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं को विचलित कर दिया है, क्योंकि ये असहज करने वाले मुद्दों को खुलकर सामने ला रहे हैं। भाजपा नेता एन वी सुभाष ने कहा कि आंकड़ों की बार-बार मांग करना और मुद्दे को खारिज करने का प्रयास सोची-समझी इनकार की रणनीति को दर्शाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के हथकंडे जबरन और धोखाधड़ी वाले धार्मिक धर्मांतरण से जुड़ी चिंताओं की गंभीरता को कम नहीं कर पाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/government-strongly-criticized-owaisis-challenge-to-mohan-bhagwat-on-the/article-138437</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/government-strongly-criticized-owaisis-challenge-to-mohan-bhagwat-on-the/article-138437</guid>
                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 19:10:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/mohan-bhagwat.png"                         length="877753"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        