<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/decide/tag-8610" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>decide - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/8610/rss</link>
                <description>decide RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सरकार इसी माह करेगी नए जिलों का फैसला, टीकाराम जूली ने की विधानसभा सत्र बुलाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[पंवार कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मंत्रियों ने हर जिले पर अपनी राय दी है। जो जिले मापदंड पूरे कर रहे हैं, जहां जनसंख्या और क्षेत्रफल ज्यादा है, लोगों की सुविधा के लिए जिला बनना जरूरी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-will-decide-on-new-districts-this-month--half-end/article-94329"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/tikaram.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में बने नए जिलों को लेकर राज्य की भजनलाल सरकार इसी माह फैसला करेगी। इन जिलों के रिव्यू के लिए बनी मंत्रियों की कमेटी ने काम लगभग पूरा कर लिया है। राज्य में सात सीटों पर होने वाले उपचुनावों के बाद यह कमेटी सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सरकार नवंबर में गहलोत राज के छोटे जिलों को खत्म करने या बरकरार रखने पर फैसला करेगी। मंत्रियों की कमेटी का भी मानना है कि मापदंडों को पूरा नहीं करने वाले जिलों को मर्ज कर देना चाहिए। सूत्रों के अनुसार रिव्यू कमेटी गहलोत राज के छोटे जिलों को खत्म करने की सिफारिश करेगी। रिव्यू कमेटी में शामिल कई मंत्रियों ने पूर्व में भी इस तरह के संकेत दिए हैं। पंवार कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मंत्रियों ने हर जिले पर अपनी राय दी है। जो जिले मापदंड पूरे कर रहे हैं, जहां जनसंख्या और क्षेत्रफल ज्यादा है, लोगों की सुविधा के लिए जिला बनना जरूरी है।</p>
<p>उन जिलों को बरकरार रखने की सिफारिश होगी। सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज के दौरान बनाए गए छोटे जिलों में दूदू, सांचौर, गंगापुर सिटी, शाहपुरा और केकड़ी को लेकर कई तरह के सवाल उठे थे। इन जिलों के इलाके बहुत छोटे हैं। उपखंड जितना ही इलाका है। इन्हें जिले बनाने पर विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने भी खूब सवाल उठाए थे। रिव्यू कमेटी के संयोजक पहले उप मुख्यमंत्री डॉ.प्रेमचंद बैरवा थे। बैरवा खुद ही दूदू से विधायक हैं। दूदू को जिला बनाने पर पहले भी सवाल उठे थे। रिव्यू कमेटी दूदू को मर्ज करने पर सिफारिश कर सकती है। दूदू पर फैसले से पहले बैरवा को संयोजक पद से हटाकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को इसकी जिम्मेदारी दी गई। रिव्यू कमेटी के संयोजक बदलने से इस बात के साफ  संकेत मिल गए कि दूदू को मर्ज किया जा सकता है।</p>
<p><strong>विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए और कमेटी की रिपोर्ट सदन में रखे : जूली</strong><br />राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नए जिलों को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। जूली ने नए जिलों की समीक्षा के लिए बनी मंत्रियों की कमेटी की रिपोर्ट और ललित के पंवार कमेटी की रिपोर्ट विधानसभा सदन के सामने रखने की मांग करते हुए भजनलाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जूली ने एक बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार नए जिलों की समीक्षा के नाम पर प्रदेश में अस्थिरता और असमंजस की स्थिति कर रही है। अपनी नाकामी छिपाने के लिए भजनलाल सरकार नए जिलों में कटौती के मंसूबे बना रही है। नए जिलों और संभागों का मुद्दा बहुत संवेदनशील है। प्रदेश के दूरगामी हितों से जुड़ा हुआ है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार राजस्थान विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए और सदन को विश्वास में ले। उन्होंने कहा कि पूर्व आईएएस ललित के पंवार की रिपोर्ट विधानसभा सदन में रखें। मंत्रियों की सब कमेटी भी अपनी रिपोर्ट सदन के पटल पर रखे। इन दोनों रिपोर्ट पर सदन में खुली चर्चा हो। इसके बाद ही नए जिलों और संभागों पर फैसला हो। जूली ने कहा कि भजनलाल सरकार इस कदर पूर्वाग्रह से ग्रस्त है कि मंत्रियों की सब कमेटी का संयोजक पहले तो उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा को बनाया गया। बाद में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को बना दिया गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-will-decide-on-new-districts-this-month--half-end/article-94329</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-will-decide-on-new-districts-this-month--half-end/article-94329</guid>
                <pubDate>Sun, 03 Nov 2024 10:40:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/tikaram.png"                         length="273411"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट का महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करने अंतिम अवसर</title>
                                    <description><![CDATA[न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने फैसला करने में देरी पर एक बार फिर नाराजगी व्यक्त की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-gives-last-chance-to-maharashtra-assembly-speaker-to/article-59806"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/बंदर-ली-अधिकारी-कि-जगह(18).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नारवेकर को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अन्य शिवसेना विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय लेने के लिए यथार्थवादी समय-सीमा तय करने का मंगलवार को अंतिम अवसर देते हुए कहा कि वह इस मामले में अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को करेगा।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने फैसला करने में देरी पर एक बार फिर नाराजगी व्यक्त की। </p>
<p>पीठ ने कहा कि कुल मिलाकर देखा जाए तो अयोग्यता याचिकाओं का एक सेट जून 2022 से लंबित है। पीठ ने कहा कि दसवीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के मूल उद्देश्य को विफल नहीं किया जा सकता है।</p>
<p>इससे पहले, विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पेश मेहता ने पीठ के समक्ष कहा कि जहां तक ? अयोग्यता याचिका पर निर्णय लेने का सवाल है तो उन्हें एक यथार्थवादी समय सीमा तय करने के लिए कुछ और समय दिया जाना चाहिए। अदालत ने श्री मेहता की याचिका को स्वीकार कर लिया कि वह दशहरा अवकाश के दौरान इस मामले में व्यक्तिगत रूप से पीठासीन अधिकारी के साथ बातचीत करेंगे।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने शिवसेना के महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे गुट और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता जयंत पाटिल द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं पर अगली सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर की तारीख मुकर्रर कर दी।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश अध्यक्षता वाली इस पीठ ने 13 अक्टूबर को भी विधानसभा अध्यक्ष द्वारा फैसला करने में देरी पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा था कि'अयोग्यता की कार्यवाही को दिखावे तक सीमित नहीं किया जा सकता। तब पीठ ने 17 अक्टूबर तक एक समय- सारणी बताने को कहा था।</p>
<p>शीर्ष अदालत की संविधान पीठ ने 11 मई 2023 को अध्यक्ष को उचित अवधि के भीतर मामले का फैसला करने का निर्देश दिया था।</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समूह की नई याचिका में यह भी कहा गया है कि अध्यक्ष ने 23 जून 2022 से लंबित अयोग्यता याचिकाओं के संबंध में कोई बैठक नहीं बुलाई है, जबकि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के 11 मई 2023 के आदेश के बाद उन्हें तीन अभ्यावेदन भेजे गए थे, जिसमें उन्हें उचित अवधि के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया गया था।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-gives-last-chance-to-maharashtra-assembly-speaker-to/article-59806</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-gives-last-chance-to-maharashtra-assembly-speaker-to/article-59806</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Oct 2023 22:56:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-10/%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BF-%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%B9%2818%29.png"                         length="309006"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्रीय जलशक्ति मंत्री बोले...... यह तय करो कि किस नेता ने इनके साथ रोजा इफ्तारी की</title>
                                    <description><![CDATA[उदयपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने सोमवार को स्व. कन्हैयालाल साहू की धर्मपत्नी और पुत्रों से मुलाकात कर सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने इस हत्याकांड का जिम्मेदार राज्य सरकार और पुलिस को ठहराया।  भाजपा से आतंकी रियाज के कनेक्शन पर शेखावत ने कहा कि पहले यह तय किया जाए कि किस नेता ने इन लोगों के साथ रोजा इफ्तारी की थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/union-jal-shakti-minister-said--decide-which-leader-did-fasting-with-them/article-13613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/11.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने सोमवार को स्व. कन्हैयालाल साहू की धर्मपत्नी और पुत्रों से मुलाकात कर सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने इस हत्याकांड का जिम्मेदार राज्य सरकार और पुलिस को ठहराया।  भाजपा से आतंकी रियाज के कनेक्शन पर शेखावत ने कहा कि पहले यह तय किया जाए कि किस नेता ने इन लोगों के साथ रोजा इफ्तारी की थी।</p>
<p><br />केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि कन्हैयालाल की हत्या के बाद भले ही पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया हो लेकिन आरोपियों को पकड़ कर वह पल्ला नहीं झाड़ सकती। पूरे मामले में वे सभी पुलिस अधिकारी दोषी हैं जिन्होंने दिवंगत कन्हैयालाल की शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया। पुलिस ने दुकान में कैमरे लगवा कर सतर्क रहने की हिदायत दे दी। इस केस में पुलिसकर्मियों के साथ सरकार भी जिम्मेदार है। उदयपुर में आतंकी मानसिकता के लोग अब भी मौजूद हैं जो देश के लिए खतरा हैं। ऐसे में सबसे पहले उनको चिह्नित कर हिरासत में लेने की जरूरत है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/union-jal-shakti-minister-said--decide-which-leader-did-fasting-with-them/article-13613</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/union-jal-shakti-minister-said--decide-which-leader-did-fasting-with-them/article-13613</guid>
                <pubDate>Tue, 05 Jul 2022 11:32:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/11.jpg"                         length="52677"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[udaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच अदालत की सुनवाई से पहले हिरासत में, ऑस्ट्रेलिया में बिना टीकाकरण के रहने या उन्हें देश से निकालने पह होगा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[नोवाक जोकोविच को निर्वासन अपील से पहले हिरासत में लिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/61e160e0325f8/article-3993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/novak.jpg" alt=""></a><br /><p>केनबरा। ऑस्ट्रेलियाई आव्रजन अधिकारियों ने टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच को रविवार को अदालत की सुनवाई से पहले हिरासत में लिया ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि वह देश में बिना टीकाकरण के रह सकते हैं या उन्हें देश से निकाला जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस फैसले का मतलब है कि नंबर एक टेनिस खिलाड़ी को अब निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है, वह हालांकि अभी भी ऑस्ट्रेलिया में रहने के लिए एक और कानूनी चुनौती दे सकते हैं।</p>
<p>दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी 34 वर्षीय सर्बियाई जोकोविच का शुक्रवार को दूसरी बार वीजा रद्द करने के बाद निर्वासन का सामना करना पड़ा, जब ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने उन्हें कोरोना टीका नहीं लगाने पर जनता के लिए खतरा करार दिया। लहाल जोकोविच का अभी सोमवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलना तय है। उनके वकीलों ने एक 'तर्कहीन' फैसले के खिलाफ अपील दायर करने का फैसला किया है।<br /> <br /> जोकोविच पर अगली सुनवाई रविवार को स्थानीय समय साढ़े नौ बजे होगी। अगर वह वह अपील हार जाते हैं, तो उनको निर्वासन और तीन साल के वीजा रद्द करने का सामना करना पड़ेगा। अगर जोकोविच को देश में रहने दिया जाता है और वह दसवीं बार टूर्नामेंट जीतते हैं, तो वह खेल के इतिहास में सबसे सफल पुरुष टेनिस खिलाड़ी बन जाऐंगे।</p>
<p> </p>
<p>आस्ट्रेलिया ओपन के ड्रॉ में जोकोविच का नाम<br /> गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया ओपन के आयोजकों ने जोकोविच को उनके ऑस्ट्रेलिया में रहने को लेकर अनिश्चितताओं के बावजूद टूर्नामेंट के ड्रॉ में नामित किया और उन्हें पुरुष वर्ग में शीर्ष वरीयता दी गई। <br /> <br /> पूर्व क्रिकेट लीजेंड शेन वार्न ने कहा: ऑस्ट्रेलिया केपास जोकोविच को वापस भेजने का अधिकार<br /> पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वार्न ने शुक्रवार को कहा कि अगर दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच कोरोना वैक्सीन न लगवाने के लिए मजबूर हैं, तो ऑस्ट्रेलिया के पास भी उन्हें वापस भेजने का अधिकार है। शेन ने ट्वीट में कहा कि जोकोविच एक महान टेनिस खिलाड़ी हैं और सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक हैं। इसमें कोई शक नहीं, लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश संबंधी फॉर्म में झूठ बोला था। खुद के कोरोना संक्रमित होने के बारे में पता होने के बावजूद वह सार्वजनिक रूप से बाहर घूमे और अब कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं।<br /> <br />  पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज स्पिनर ने इससे पहले मंगलवार को एक ट्वीट में कहा था कि क्या नोवाक को चिकित्सीय छूट प्राप्त थी। यदि हां तो क्या उन्हें यह छूट देने वाले की पहचान कर ली गई है। वह छूट क्या थी। बस तथ्यों को प्राप्त करने की कोशिश कर रहा हूं, क्योंकि मैं इस स्थिति में एक विक्टोरियन के रूप में शर्मिंदा हूं। विक्टोरिया सरकार चुप है। क्या कोई हमें सरल शब्दों में समझा सकता है।<br />  </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/61e160e0325f8/article-3993</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/61e160e0325f8/article-3993</guid>
                <pubDate>Sat, 15 Jan 2022 11:39:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-01/novak.jpg"                         length="361295"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान आंदोलन का फैसला  4 दिसंबर को</title>
                                    <description><![CDATA[ किसान नेता एमएसपी की कानूनी गारंटी, आंदोलने के दौरान मृत किसानोंं के परिजनों को मुआवजा, किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी, बिजली बिल की माफी  और अन्य मामलों को लेकर अभी भी अड़े हुए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE--4-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B/article-2871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/rakesh-tiket.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। किसानों की मांग को लेकर पिछले एक साल से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसान संगठनों की बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर होने वाली बैठक स्थगित कर दी गई। किसान नेता राकेश टिकैत ने बताया कि छोटी मोटी बैठकें चलती रहती है लेकिन आज कोई बैठक नहीं है। टिकैत ने कहा कि किसान संगठनों की बैठक चार दिसंबर को होनी है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की सभी मांगों का सामाधान नहीं होता, यह आंदोलन चलता रहेगा। किसान नेता ने कहा, ''सरकार को आम सहमति से रास्ता निकालना चाहिये, किसानों से बातचीत करनी चाहिये।</p>
<p>मंगलवार को यूनियन नेताओं की तरफ से एक संकेत दिया गया कि उनकी एक बैठक बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर होगी, जिसमें 40 से अधिक किसान संगठन भाग लेंगे। <br /><br /> टिकैत ने बुधवार सुबह कहा, ''ऐसी कोई बैठक नहीं है, छोटी-मोटी बैठकें होती रहती हैं।'' मंगलवार को संगठनों की तरफ से यह बात सामने आयी कि सरकार ने पंजाब के एक किसान नेता से एमएसपी और अन्य मुद्दों पर सरकार की ओर से बनायी जाने वाली विशेषज्ञों की समिति में किसानों की ओर से पांच नाम भेजें।<br /><br /> किसान यूनियनों का कहना है कि सरकार की ओर से प्रस्तावित समिति पर उनके सामने अभी कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आया है। समिति का स्वरूप क्या होगा, इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। उनका यह भी कहना है कि सरकार की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव आएगा तो उस पर विचार करेंगे।<br /><br />संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता डॉ. दर्शन पाल ने कल कहा था कि आगामी चार दिसंबर को होने वाली किसान संगठनों की बैठक में समिति में किसानों के नाम भेजे जाने पर विचार किया जायेगा और आंदोलन की आगे की दिशा तय होगी। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की सभी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। <br /><br />गौरतलब है कि तीन नये कृषि कानूनों को रद्द किये जाने की मांग को लेकर किसानों ने पिछले साल 26 नवंबर को आंदोलन किया था और इस साल 26 जनवरी को उनके दिल्ली मार्च आंदोलने के दौरान बड़े पैमाने पर राजधानी में हिंसा हुई थी। <br /><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को गुरू पर्व के दिन राष्ट्र के नाम संबोधन में इन कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी और संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र के पहले दिन 29 नवंबर को लोकसभा और राज्यसभा में इन कानूनों को वापस लेने का विधेयक पारित करा लिया गया। प्रधानमंत्री ने एमएसपी और फसल विवधिकरण और ऐसे अन्य मुद्दों पर एक समिति बनाने की घोषणा की है। <br /><br /> किसान नेता एमएसपी की कानूनी गारंटी, आंदोलने के दौरान मृत किसानोंं के परिजनों को मुआवजा, किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी, बिजली बिल की माफी  और अन्य मामलों को लेकर अभी भी अड़े हुए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE--4-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B/article-2871</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE--4-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B/article-2871</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Dec 2021 16:08:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/rakesh-tiket.jpg"                         length="70039"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विपक्ष के 16 दलों के सांसदों की अहम बैठक, तृणमूल के नेता नहीं हुए शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[संसद परिसर में विपक्ष के सांसदों ने आगे की रणनीति की तय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%95%E0%A5%87-16-%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B9%E0%A4%AE-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95--%E0%A4%A4%E0%A5%83%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2/article-2840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/vipaksh-bethak.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्ष के 12 सदस्यों के निलंबन को लेकर विपक्ष के 16 दलों के नेताओं की मंगलवार को बैठक हुई जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया गया। बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े के संसद में स्थित कार्यालय में हुई जिसमें इन नेताओं ने कहा कि सदन में ऐसा कुछ नहीं हुआ जिसके कारण से विपक्ष के सांसदों को शीतकाल के पूरे सत्र के लिए निलंबित किया जाए। बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी साथ ही कई प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी, भाकपा, माकपा, राजद, नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित 16 दलों के नेताओं ने भाग लिया। इस बैठक मै तृणमूल के नेता शामिल नहीं हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%95%E0%A5%87-16-%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B9%E0%A4%AE-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95--%E0%A4%A4%E0%A5%83%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2/article-2840</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%95%E0%A5%87-16-%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B9%E0%A4%AE-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95--%E0%A4%A4%E0%A5%83%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2/article-2840</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Nov 2021 12:50:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/vipaksh-bethak.jpg"                         length="203652"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें पढ़े यहां......</title>
                                    <description><![CDATA[मिरासी समुदाय को एमबीसी में शामिल करने को लेकर राज्य सरकार चार माह में करें निर्णय-हाईकोर्ट : बिना तैयारी पेश की गई जनहित याचिका पर कोर्ट नहीं ले सकती प्रसंज्ञान-हाईकोर्ट : बिना वैक्सीन लगवाए प्रवेश से रोकना जनहित में सही]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%88%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%82----/article-2355"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/hc2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>NEWS1.</strong> <strong>बिना तैयारी पेश की गई जनहित याचिका पर कोर्ट नहीं ले सकती प्रसंज्ञान-हाईकोर्ट</strong><br />जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सिलिकोसिस पीडित खान श्रमिकों के लिए बने डीएमएफटी फंड का उपयोग नहीं करने से जुड़े मामले में दायर जनहित याचिका में दखल से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि भले ही याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका के जरिए महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है, लेकिन बिना तैयारी और आवश्यक सूचनाएं एकत्रित किए बिना पेश प्रकरण पर सुनवाई की अनुमति नहीं दी जा सकती। सीजे अकील कुरैशी और जस्टिस रेखा बोराणा की खंडपीठ ने यह आदेश बाबूलाल जाजू की जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि हम याचिकाकर्ता के लिए कोर्ट के दरवाजे हमेशा के लिए बंद नहीं कर रहे हैं। यदि याचिकाकर्ता मामले में आवश्यक दस्तावेज और पूरी तैयारी के साथ आते हैं तो अदालत ज्यादा गंभीरता से उस पर विचार करेगी।</p>
<p><br />जनहित याचिका में कहा गया था कि राज्य सरकार ने खनन कार्य में लगे श्रमिकों और सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ितों की देखभाल के लिए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट बना रखा है। इसके तहत राज्य सरकार ने एक फंड का गठन किया है। डीएमएफटी नियम, 2016 के तहत फंड का साठ फीसदी बजट उच्च वरीयता वाले मदों पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण आदि के लिए और चालीस फीसदी अन्य वरीयता में शामिल मदों में करने का प्रावधान है। इसके बावजूद राज्य सरकार उच्च वरीयता के मदों में फंड को खर्च नहीं कर रही है। जिससे खान श्रमिकों के हितों का हनन हो रहा है।<br /><br /><br /><strong>NEWS2. बिना वैक्सीन लगवाए प्रवेश से रोकना जनहित में सही</strong><br />जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि कोरोना से बचाव के लिए एक भी वैक्सीन नहीं लगवाने वाले व्यक्ति का हाईकोर्ट में प्रवेश रोकना व्यापक जनहित में है। इसके अलावा परिसर में प्रवेश देने के लिए इस तरह की शर्त लगाना अव्यवहारिक भी नहीं है। अदालत ने कहा कि दो बार मौका देने के बाद भी न तो याचिकाकर्ता और ना ही उनके वकील अदालत में पैरवी के लिए पेश हुए हैं। इससे लगता है कि याचिकाकर्ता को इस मुद्दे पर कोई दिलचस्पी नहीं है। ऐसे में अदालत मामले में स्व प्रेरणा से प्रसंज्ञान नहीं ले सकती। सीजे अकील कुरैशी और जस्टिस रेखा बोराणा की खंडपीठ ने यह आदेश परमेश्वर पिलानिया की जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिका में चुनौती दी गई अधिसूचना वकीलों, पक्षकारों और नियमित रूप से आने वाले कोर्ट स्टाफ की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। ऐसे में इस तरह की शर्त को अव्यवहारिक नहीं कहा जा सकता। जनहित याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट प्रशासन ने गत एक जुलाई को नोटिफिकेशन जारी कर कोरोना वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगवाने वालों का प्रवेश हाईकोर्ट में प्रतिबंधित कर दिया था। जिसे चुनौती देते हुए कहा गया कि अदालत को मामले में स्व प्रेरणा से प्रसंज्ञान लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।</p>
<p> </p>
<p><strong>NEWS3. मिरासी समुदाय को एमबीसी में शामिल करने को लेकर राज्य सरकार चार माह में करें निर्णय-हाईकोर्ट</strong><br />जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने मिरासी समुदाय को एमबीसी में शामिल करने के मामले में कहा है कि किसी भी जाति या समुदाय विशेष को एमबीसी में शामिल करने या नहीं करने के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार राज्य सरकार को है। हाईकोर्ट को इस संबंध में दखल का अधिकार नहीं है। वहीं इस मुद्दे को अंतहीन समय तक लंबित भी नहीं रखा जा सकता। ऐसे में राज्य सरकार को निर्देश दिए जाते हैं कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए जाने वाले विस्तृत अभ्यावेदन का परीक्षण कर चार माह में उचित निर्णय लिया जाए। न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव और न्यायाधीश फरजंद अली की खंडपीठ ने यह आदेश राजकुमार मिरासी की ओर से दायर जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए दिए।<br /><br />याचिका में कहा गया कि कई दशकों से समारोह में गा-बजाकर लोगों का मनोरंजन करने वाले लोगों को मुस्लिम मिरासी नाम दिया गया है। इस वर्ग के लोग शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी पिछडे हुए हैं। ऐसे में उन्हें एमबीसी वर्ग में शामिल कर लाभान्वित किया जाए। इस संबंध में आवश्यक दस्तावेजों के साथ राज्य सरकार को कई बार अभ्यावेदन भी दिया जा चुका है, लेकिन उन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाए। जिसका निस्तारण करते हुए खंडपीठ ने इस संबंध में याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए जाने वाले अभ्यावेदन को चार माह में निस्तारित करने को कहा है।</p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%88%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%82----/article-2355</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%88%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%82----/article-2355</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Nov 2021 18:30:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/hc2.jpg"                         length="48408"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        