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                <title>सीएम भजनलाल की ओड समाज को बड़ी सौगात: जयपुर में छात्रावास और रामदेवरा में धर्मशाला के लिए भूमि आवंटन का ऐलान,  राज्य सरकार पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को उतार रही धरातल पर</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओड समाज के लिए जयपुर में छात्रावास और रामदेवरा में धर्मशाला हेतु भूमि आवंटन की घोषणा की। 'ओड समाज संवाद' में उन्होंने जल संरक्षण और निर्माण में समाज के ऐतिहासिक योगदान को सराहा। सरकार पीएम विश्वकर्मा और पेंशन योजनाओं के जरिए श्रमिकों व वंचित वर्गों के सामाजिक उत्थान और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cm-bhajan-lals-ode-big-gift-to-the-society-announcement/article-152547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/jaipur-cm.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओड समाज को बड़ी सौगात देते हुए जयपुर में छात्रावास और रामदेवरा में धर्मशाला के लिए भूमि आवंटन की घोषणा की। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित ओड समाज संवाद कार्यक्रम में उन्होंने समाज के योगदान को सराहते हुए इसे गौरवशाली परंपरा वाला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओड समाज ने किलों, महलों और जल संरचनाओं के निर्माण में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। जल संरक्षण की परंपरा को समृद्ध करने में इस समाज की भूमिका उल्लेखनीय रही है, जिसने संसाधनों के बेहतर उपयोग की सीख दी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रही है और किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर जल और लखपति दीदी जैसी पहलों को जनकल्याणकारी बताया। मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि ‘श्रमेव जयते’ के मंत्र के साथ श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 20 लाख श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन किया गया है और विभिन्न योजनाओं के तहत लाखों श्रमिकों को आर्थिक सहायता दी गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत दस्तकारों को सस्ती दरों पर ऋण और प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना के माध्यम से श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स और लोक कलाकारों को 60 वर्ष की आयु के बाद 3 हजार रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान किया गया है। शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र  में सरकार की पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के लिए विशेष योजनाएं लागू की गई हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने ओड समाज के युवाओं से कौशल प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने, बेटियों को शिक्षित करने और समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर ओड महासभा के अध्यक्ष प्रेम ओड सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 16:16:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आत्म-प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा का संगम: एफबीएस सोलफुल नेटवर्किंग मीट ने छोड़ी खास छाप</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के 'नुरोह' में एफबीएस द्वारा आयोजित "सोलफुल नेटवर्किंग मीट" में 40 प्रतिभागियों ने शिरकत की। फाउंडर मेघा गुप्ता के नेतृत्व में मैनिफेस्टेशन कैंडल मेकिंग, गाइडेड मेडिटेशन और फ्लो डांस जैसे सत्रों ने सकारात्मकता का संचार किया। यह आयोजन आपसी जुड़ाव, आत्म-प्रेम और सपनों को साकार करने के आत्मविश्वास का एक अनूठा संगम रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fbs-soulful-networking-meet-a-confluence-of-self-love-and-positive/article-147096"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jaipur-1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हाल ही में एफबीएस जयपुर द्वारा सी-स्कीम स्थित नुरोह में आयोजित “सोलफुल नेटवर्किंग मीट” आत्म-प्रेम, सकारात्मक सोच और आपसी जुड़ाव को बढ़ावा देने वाला एक यादगार आयोजन साबित हुआ। कार्यक्रम में करीब 40 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रचनात्मक और प्रेरणादायक गतिविधियों का अनुभव किया।</p>
<p>फाउंडर मेघा गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत परिचय और नेटवर्किंग सत्र से हुई, जहां प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा कर नए रिश्तों की शुरुआत की। इसके बाद तापसी वाधवा द्वारा मैनिफेस्टेशन कैंडल मेकिंग गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें सभी ने अपने लक्ष्यों और इच्छाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष कैंडल्स बनाई।</p>
<p>वैशाली मोदी, मुनमुन पोद्दार और रखी खंडेलवाल के गाइडेड मैनिफेस्टेशन सेशन ने प्रतिभागियों को अपने सपनों के प्रति स्पष्टता और आत्मविश्वास प्रदान किया। वहीं प्रीति सचदेवा के फ्लो डांस सेशन ने सभी को ऊर्जा, आनंद और आत्म-जुड़ाव का अनूठा अनुभव दिया। मनोरंजक गेम्स, पुरस्कार वितरण और सामूहिक नृत्य के साथ यह आयोजन आत्म-प्रेम, प्रेरणा और सकारात्मकता का खूबसूरत उत्सव बन गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 17:35:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मानसरोवर-119 में पारंपरिक पौष बड़ा उत्सव, 2 हजार से अधिक लोगों ने पंगत में बैठकर लिया प्रसादी का आनंद</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के मानसरोवर सेक्टर-119 में नववर्ष पर भव्य पौष बड़ा महोत्सव आयोजित हुआ। करीब दो हजार निवासियों ने गणेश पूजन और कन्या पूजन के बाद पारंपरिक प्रसादी ग्रहण कर सामाजिक एकता का संदेश दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-traditional-paush-festival-in-mansarovar-119-more-than-2-thousand/article-138343"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/mansrover.png" alt=""></a><br /><p> जयपुर। नववर्ष के अवसर पर मानसरोवर सेक्टर-119 में पारंपरिक पौष बड़ा उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सेक्टर-119 विकास समिति के तत्वावधान में आयोजित इस सामूहिक आयोजन में करीब दो हजार से अधिक कॉलोनीवासियों ने सहभागिता की और पारंपरिक भोजन-प्रसादी का आनंद लिया।</p>
<p>विकास समिति के अध्यक्ष पंकज सोनी ने बताया कि संस्कार पार्क, अग्रवाल फार्म में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत रूप से गणेश जी को प्रसाद का भोग अर्पित कर तथा पांच कन्याओं को सबसे पहले भोजन करवाकर की गई। इसके बाद सभी अतिथियों और निवासियों के लिए पंगत की व्यवस्था की गई, जहां लोगों ने पौष बड़े, मूंग का हलवा, पूरी और सब्जी की प्रसादी ग्रहण की।</p>
<p>सोनी ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य पौष मास की सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखना और क्षेत्रवासियों को सामाजिक एकता के सूत्र में पिरोना रहा। कार्यक्रम के लिए पूर्व से ही कूपन व्यवस्था की गई थी और टेबल-कुर्सियों सहित सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं।<br />बड़ी संख्या में परिवारों, वरिष्ठजनों और युवाओं की मौजूदगी ने आयोजन को सामुदायिक उत्सव का स्वरूप दिया। क्षेत्रवासियों ने ऐसे आयोजनों को सामाजिक सौहार्द और आपसी मेलजोल को बढ़ावा देने वाला बताते हुए विकास समिति की सराहना की। आयोजकों ने विश्वास जताया कि यह पौष बड़ा उत्सव नववर्ष की शुरुआत को सामूहिकता और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ यादगार बनाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 16:44:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुख्यमंत्री से मिला सिख समाज का  प्रतिनिधिमण्डल, साहिबजादों का साहस और बलिदान युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा</title>
                                    <description><![CDATA[ शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महत्वपूर्ण निर्णय लेकर साहिबजादों की शहादत को वीर बाल दिवस के रूप में चिरस्थाई बनाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/delegation-of-sikh-community-met-the-chief-minister-the/article-137231"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/6622-copy75.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को सीएमआर पर सिख समुदाय के प्रतिनिधिमण्डल से मुलाकात की। उन्होंने वीर बाल दिवस की पूर्व संध्या पर कहा कि गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों ने मातृभूमि एवं धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महत्वपूर्ण निर्णय लेकर साहिबजादों की शहादत को वीर बाल दिवस के रूप में चिरस्थाई बनाया।</p>
<p>उन्होंने युवा पीढ़ी से साहिबजादों के अदम्य साहस और बलिदान से प्रेरणा लेने की अपील की। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी, राजस्थान सिख समाज अध्यक्ष सरदार अजयपाल सिंह, जयपुर के विभिन्न गुरुद्वारों के प्रतिनिधि सहित विभिन्न गणमान्य उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 09:31:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>निगम के सामुदायिक भवनों का उपयोग हो रहा न कमाई,  सुविधाओं का अभाव </title>
                                    <description><![CDATA[भवनों का बढ़ा किराया बोर्ड बैठक में किया कम, कागजों में नहीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-corporation-s-community-buildings-are-not-being-used--nor-are-they-generating-revenue--and-lacking-amenities/article-134955"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में नगर निगम के सामुदायिक भवन तो बने हुए हैं लेकिन विभाग की अनदेखी के चलते अधिकतर भवन दुर्दशा का शिकार हो रहे हैं। साथ ही बोर्ड बैठक में भवनों का बढ़ा किराया कम करने का निर्णय तो कर दिया लेकिन कागजों में अभी भी बढ़ा हुआ किराया ही लिया जा रहा है। जिससे न तो इन भवनों का उपयोग हो रहा है और न ही निगम को कमाई। शहर में जहां प्राइवेट सेक्टर में बड़े-बड़े मैरिज गार्डन व सामुदायिक भवन बने हुए हैं। वहीं कोटा विकास प्राधिकरण के सामुदायिक भवन भी काफी बड़े व वैवाहिक आयोजनों के हिसाब से बने हुए हैं। वहां हॉल से लेकर गार्डन तक और जन सुविधा से लेकर बिजली- पानी तक की सभी सुविधाएं हैं। सुविधाएं पर्याप्त होने से इनका किराया भी उसी हिसाब से वसूल किया जा रहा है। वहीं शहर में नगर निगम के सामुदायिक भवन तो बने हुए हैं। ये अधिकतर क्षेत्रों में है। फिर चाहे भीमगंजमंडी क्षेत्र हो या खेड़ली फाटक, नयापुरा हो या विज्ञान नगर। किशोरपुरा हो या छावनी क्षेत्र। सभी जगह पर सामुदायिक भवन हैं लेकिन उनमें से अधिकतर में सुविधाओं का अभाव है।</p>
<p><strong>बाहर से ही देखने पर पता चल रही स्थिति</strong><br />शहर में नगर निगम के सामुदायिक भवनों की हालत बाहर से ही देखने पर पला चल रही है। बाहर की तरफ ही कचरे का इतना अधिक अम्बार लगा हुआ है कि उसे देखते हुए ही आयोजन के लिए लोग इनका उपयोग करने से कतराने लगे। वहीं अंदर जाने पर न तो उनमें लाइटें हैं और न ही पानी की सुविधा। इतना ही नहीं स्नानघर से लेकर जन सुविधाएं तक की इतनी दुर्दशा कि उन्हें देखकर ही लोग आयोजन करना तो दूर वहां कुछ देर तक टिक भी नहीं पाते। यह स्थिति किसी एक भवन की नहीं अधिकतर की है।</p>
<p><strong>अधिकतर बस्तियों में भवन</strong><br />निगम के अधिकतर सामुदायिक भवन बस्तियों में बने हुए हैं। जिनका निगम के स्तर पर संचालन तो किया जा रहा है लेकिन उनका उपयोग बिना निगम की जानकारी के ही स्थानीय लोगों द्वारा किया जा रहा है। पूर्व में ऐसा ही एक मामला छावनी सामुदायिक भवन का आया था। जिस पर निगम अधिकारियों ने उस भवन को खाली करवाकर उस पर अपना ताला लगाया था। वहीं किशोरपुरा मुख्य मार्ग पर स्थित सामुदायिक भवन की स्थिति यह है कि उसके बाहर कबाड़ का ढेर लगा हुआ है। हैंडपम्प लगा है लेकिन उसमें पानी ही नहीं आता। भवन के अंदर गंदगी हो रही है। धूल मिट्टी इतनी अधिक हो रही है जिसे देखकर लगता है कि इसका काफी समय से उपयोग ही नहीं हुआ होगा। जिस तरह से इस भवन के बाहर आयुक्त की आज्ञा से चेतावनी लिखी हुई है उसे देखते हुए लगता है कि इसका उपयोग भी बिना निगम की अनुमति के ही किया जा रहा होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सामुदायिक भवन का किराया पहले से सात गुना अधिक बढ़ा दिया है। पहले एक हजार रुपए किराया था लेकनि अब यह 7 हजार से अधिक कर दिया है। ऐसे में गरीब परिवार के लोग इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।</p>
<p><strong>बिजली का बिल चढ़ा तो कटवा दी लाइट</strong><br />सूत्रों के अनुसार पूर्व में सभी सामुदायिक भवनों में बिजली कनेक् शन चालू थे। लेकिन उनका बिजली का बिल काफी बढ़ गया था। उसे चुकाने के लिए निगम के पास बजट नहीं था। ऐसे में कोटा दक्षिण के तत्कालीन आयुक्त कीर्ति राठौड़ के समय में सभी सामुदायिक भवनों का बिजली कनेक् शन कटवा दिया था। उसके बाद से जो भी इन भवनों को किराए पर लेता है। उसे निगमर की ओर से विशेष मोहर लगाकर दी जाती है। जिसमें लिखा हुआ है कि बिजली व पानी की व्यवस्था आयोजक को स्वयं के स्तर पर ही करनी होगी।सूत्रों के अनुसार कोटा दक्षिण क्षेत्र में भीतरिया कुंड समेत कुल १२ सामुदायिक भवन हैं। उनमें से भीतरिया कुंड के अलावा विज्ञान नगर व गोविंद नगर के ही भवनों की बुकिंग होती है। वह भी बढ़ी हुई दर से ही की जा रही है।</p>
<p><strong>कोटा दक्षिण आयुक्त ने बढ़ाया था किराया</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर के सामुदायिक भवनों का किराया तो अभी भी पुराना ही बना हुआ है। जबकि कोटा दक्षिण निगम क्षेत्र के भवनों का किताया निगम के तत्कालीन आयुुक्त द्वारा महापौर की जानकारी के बिना ही कई गुना बढ़ा दिया था। जिसका स्थानीय लोगों व पार्षदों ने विरोध किया था। उसके बाद निगम की बोर्ड बैठक में सामुदायिक भवनों का बढ़ा किराया विड्रो करते हुए फिर से पुराना किराया ही लागू कर दिया था। लेकिन हालत यह है कि अभी भी सिर्फ भीतरिया कुंड का ही किराया कम हुआ है। जबकि अन्य सामुदायिक भवनों का किराया अभी भी बढ़ी हुई दर से ही लिया जा रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कोटा उत्तर व दक्षिण निगम एक होने के बाद सामुदायिक भवनों की सूची संधारित करवाई जा रही है। साथ ही निर्माण अनुभाग से इनकी मरम्मत व अन्य आवश्यक कार्य करवाए जाएंगे। बढ़ा हुआ किराया कम करने के संबंध में अलग से आदेश जारी किया जाएगा। शीघ्र ही किराया तो कम कर दिया जाएगा। जिससे अधिकतर लोग इनका उपयोग कर सके। हालांकि पिछले कुछ समय से सामुदायिक भवनों की बकिंग ही नहीं हुई है।<br /><strong>-धीरज कुमार सोनी, उपायुक्त राजस्व, नगर निगम कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Dec 2025 15:45:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बहू को बेटी मान किया कन्यादान, जोशी परिवार ने पेश की अनूठी मिसाल</title>
                                    <description><![CDATA[ पुत्र ने कहा था कि उसके न रहने पर उसकी पत्नी का अच्छा रिश्ता देखकर फिर से घर बसा देना।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-joshi-family-set-a-unique-example-by-treating-their-daughter-in-law-as-their-daughter-and-performing-her-kanyadaan/article-134792"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/111-(1200-x-600-px)-(6).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बहू भी बेटी समान ही होती है। यह शब्द सुनने में तो अच्छा लगता है जबकि हकीकत में ऐसा होता बहुत कम है। कलयुग में जहां कई परिवारों में बहू बेटी बनकर नहीं रह पाती है। वहीं इस समय में जोशी परिवार ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने अपनी बहू को बेटी मानकर उसकी दोबारा शादी करवाई और उसके माता </p>
<p><strong>पिता बनकर कन्यादान किया</strong><br />यह कोई कहानी नहीं वरन् हकीकत है। कोटा में ही मूल रूप से कैथूनीपोल हाल लक्षमण विहार कुन्हाड़ी निवासी भुवनेश जोशी व दीक्षा जोशी ने इस मिसाल को कायम किया है। वन विभाग से सेवानिवृत्त भुवनेश जोशी के पुत्र कुणाल जोशी(निक्कू) की शादी 6 जुलाई 2018 को दिल्ली के शाहदरा निवासी कीर्ति शर्मा(श्वेता) से हुई थी। शादी के करीब सवा तीन साल बाद 20 अक्टूबर 2021 को किसी बीमारी के कारण कुणाल का निधन हो गया। शादी के इतने कम समय में ही जहां एक परिवार ने अपना बेटा खोया वहीं एक पत्नी का सुहाग उजड़ गया। लेकिन पहाड़ जैसे इस दु:ख को न केवल दो परिवारों ने वरन् उस महिला ने भी सहा जिसकी दुनिया शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई थी। लेकिन न तो उस महिला ने और न ही उस जोशी परिवार ने हिम्मत हारी और दोनों ही एक दूसरे का सहारा बनकर आगे बढ़ते रहे।</p>
<p><strong>अच्छा परिवार मिला तो किए हाथ पीले</strong><br />भुवनेश जोशी ने बताया कि बीमारी के समय अस्पताल में भर्ती उनके पुत्र ने इच्छा जाहिर की थी कि उसके ठीक नहीं होने व दुनिया से चले जाने के बाद उनकी पत्नी का अच्छा रिश्ता देखकर फिर से घर बसा देना। उसकी इच्छा को देखते हुए बहू से बात की। लेकिन वह पहले तो राजी नहीं हुई। वह हमारे साथ ही इस परिवार का हिस्सा बनकर रहने को तैयार थी। लेकिन उसे समझाया कि उनका बुढ़ापा है। वे कब तक उसे इस तरह से रख पाएंगे। उसे दोबारा से घर बसाने के लिए राजी किया।<br />इसके बाद बहू के पीहर वालों व समाज के लोगों से सम्पर्क कर दिल्ली के शाहदरा में ही एक अच्छा परिवार देखा। जहां विजय नाम के लड़के से बात कर 30 नवम्बर को ही बहू को बेटी मानकर उसका विवाह रचाया और कन्या दान किया। विवाह की यह रस्म दिल्ली के आर्य समाज में निभाई गई। विजय व उनके परिवार को पूरी जानकारी देने के बाद ही ऐसा किया गया है। जिससे किसी तरह की कोई गलत फहमी नहीं रहे।</p>
<p>जोशी ने बताया कि उनके परिवार ने बहू को कभी बहू माना ही नहीं शुरूआत से बेटी की तरह ही रखा। लेकिन कम उम्र में उस पर जो दु:खों का पहाड़ टूटा था। ऐसे में उसका दोबारा घर बसाकर दिख का काफी बोझ हल्का हुआ है। उससे हमेशा का रिश्ता बना रहेगा।</p>
<p><strong>जन्म दिन के दिन ही हुआ निधन</strong><br />भुवनेश जोशी ने बताया कि उनके बेटे कुणाल का जन्म 20 अक्टूबर 1989 को हुआ था। शादी को सवा तीन साल ही हुए थे कि 20 अक्टूबर 2021 को जन्म दिन की तारीख को ही उसका निधन हो गया। उनकी एक बेटी रूचि है जिसका भी जयपुर में विवाह कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 15:06:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सामुदायिक भवनों पर एक शहर में दो नियम, निगम को हो रहा राजस्व का नुकसान </title>
                                    <description><![CDATA[ एक ही शहर में दो नगर निगम होने से दोनों निगम अपने-अपने हिसाब से काम कर रहे है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/two-rules-in-one-city-on-community-buildings/article-121692"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news69.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  एक ही शहर में दो नगर निगम होने से दोनों निगम अपने-अपने हिसाब से काम कर रहे है। एक ही तरह के सामुदायिक भवनों के मामले में दोनों निगमों के नियम भी अलग-अलग हैं। कोटा दक्षिण निगम जहां बढ़ा हुआ किराया  वसूल रहा है वहं उत्तर निगम पुरानी दर से ही किराया वसूल रहा है।  नगर निगम कोटा दक्षिण के वार्ड 44 में एक दिन पहले नगर निगम अधिकारियों की जानकारी में आया कि उनके सामुदायिक भवन की निगम में बिना बुकिंग करवाए ही उपयोग किया जा रहा है। निगम की आड़ में सामुदायिक भवन की अवैध वसूल की जा रही है। जिससे निगम को तो राजस्व का नुकसान हो रहा है और कुछ लोग चांदी कूट रहे हैं।  इसकी जानकारी मिलने पर निगम ने उस सामुदायिक भवन पर अपना ताला लगाया और बिना निगम की अनुमति के वहां कार्यक्रम नहीं करने की चेतावनी भी चस्पा की। इस तरह के कोटा दक्षिण निगम में कई अन्य सामुदायिक भवनों की भी अवैध वसूली की जा रही है। जिसकी जानकारी निगम अधिकारियों तक होने के बाद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। </p>
<p><strong>किराया अधिक होने से बुकिंग प्रभावित</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से कुछ समय पहले उनके क्षेत्र में आने वाले सभी सामुदायिक भवनों का किराया कई गुना बढ़ा दिया था।  बिना सामुदायिक भवनों की मरम्मत व सुविधा के  किराया बढ़ाने के कारण इनकी बुकिंग भी प्रभावित हुई है। सूत्रों के अनुसार जो सामुदायिक भवन पहले शादी समारोह या अन्य आयोजनों के लिए बुक हो रहे थे वह या तो किराया बढ़ने के बाद से बुक ही नहीं हुए हैं या एक दो ही बुक हुए हैं।  जिससे निगम को मिलने वाले राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।</p>
<p><strong>भीतरिया कुंड तिबारी का कम किया किराया</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण क्षेत्र में आने वाले भीतरिया कुंड बारहद्वारी व तिबारी का कि राया फिर से कम किया गया है। सूत्रों के अनुसार पहले जहां इसका किराया बढ़ाकर 17 हजार से अधिक कर दिया था। वहीं विरोध के बाद इसे फिर से घटाकर 27 सौ के करीब कर दिया है। सूत्रों के अनुसार भीतरिया कुंड तिबारी की सबसे अधिक बुकिंग होती है। सावन में यहां धार्मिक आयोजन के साथ ही  पार्टियां भी होती है। यहां का किराया कम होने से इसकी ही बुकिंग अधिक हो रही है।</p>
<p><strong>कोटा उत्तर ने नहीं बढ़ाया किराया</strong><br />एक ओर जहां कोटा दक्षिण निगम ने सामुदायिक भवनों का किराया कई गुना बढ़ा दिया है। वहीं कोटा उत्तर निगम पुरानी दर से ही किराया वसूल कर रहा है। हालांकि कोटा उत्तर निगम क्षेत्र में सामुदायिक भवन छोटे से उनकी बुकिंग कम होती है। नगर निगम कोटा दक्षिण के राजस्व अनुभाग अधिकारियों का कहना है कि किराया बढ़ने के बाद से नई दर से ही सामुदायिक भवनों की बुकिंग की जा रही है। हालांकि अभी शादी समारोह बंद होने से बुकिंग नहीं हो रही है। भीतरिया कुंड में गोठ व आयोजन अधिक होने से इसका किराया वापस कम कर दिया गया है। यहां बुकिंग हो रही है।  उन्होंने बताया कि छावनी में जिस सामुदायिक भवन पर बिना निगम की जानकारी के आयोजन हो रहे थे उसकी शिकायत मिलते ही कार्रवाई  की गई है।  इधर नगर निगम कोटा उत्तर के राजस्व अनुभाग अधिकारियों का कहना है कि कोटा उत्तर निगम ने सामुदायिक भवनों का किराया नहीं बढ़ाया है। यहां पुरानी दर से ही किराया लिया जा रहा है। हालांकि अभी बुकिंग कम हो रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 15:42:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उत्तर चला रहा पुराने से काम, दक्षिण ने बढ़ाए कई गुना दाम</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा दक्षिण में सामुदायिक भवनों की पिछले तीन सप्ताह से बुकिंग ही नहीं हुई है
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/north-is-running-the-same-old-work--south-has-increased-the-prices-several-times/article-111091"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(3)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  एक ही शहर में नगर निगम  कोटा उत्तर व दक्षिण के सामुदायिक भवनों के किराए में  इतना अधिक अंतर है कि उत्तर में किराया कम और दक्षिण में अधिक है। हालत यह है कि दक्षिण निगम में जब से सामुदायिक भवनों का किराया बढ़ाया गया है उसके बाद से एक भी सामुदायिक भवन की बुकिंग नहीं हुई है। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण में छोटे-बड़े करीब 15-15 सामुदायिक भवन है। जो बरसों पुराने होने से उनमें पर्याप्त सुविधाएं तक नहीं है। उसके बावजूद भी इनका किराया कम होने व छोटे- आयोजनों के लिए लोग निगम के सामुदायिक भवनों का उपयोग करते रहे हैं। निगम की तुलना में केडीए के सामुदायिक भवनों का किराया अधिक है। लेकिन केडीए के सामुदायिक भवन बड़े और सुविधा युक्त भी है। जिससे लोगों को उनका किराया अधिक होने पर भी बुक करवाने में कोई समस्या नहीं है।  बिना सुविधाओं के भी लोग निगम के सामुदायिक भवनों को बुक कर उनका उपयोग कर रहे थे। कोटा उत्तर निगम में अभी भी किया जा रहा है। लेकिन कोटा दक्षिण में सामुदायिक भवनों की पिछले तीन सप्ताह से बुकिंग ही नहीं हुई है। </p>
<p><strong>पार्षदों ने जताया विरोध, नहीं हुआ असर</strong><br />निगम आयुक्त द्वारा 24 मार्च को सामुदायिक भवनों का किराया बढ़ाने का आदेश जारी होने के साथ ही कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करना शुरु कर दिया था। पार्षद अनुराग गौतम, कपिल शर्मा, गफ्फार हुसैन, प्रफुल्ल पाठक समेत कई पार्षदों ने विरोध करते हुए किराए को कम करने की मांग की थी।  उनका कहना था कि इतना अधिक किराया बढ़ाकर निगम जनता पर आर्थिक भार डाल रहा है। जबकि निगम के सामुदायिक भवन सस्ते होने से अधिकतर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग ही इनका उपयोग करते हैं।  पार्षदों का कहना है कि किराया बढ़ाने से न तो  सामुदायिक भवनों की बुकिंग हो रही है। जिससे  न तो लोगों को उसका लाभ मिल रहा है और न ही निगम को राजस्व प्राप्त हो रहा है। दोनों तरफ से नुकसान भुगतना पड़ रहा है। लेकिन अभी तक उस पर कोई निर्णय नहीं किया गया। </p>
<p><strong>24 मार्च से लागू किया बढ़ा किराया</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से गत माह 24 मार्च को आदेश जारी कर उनके क्षेत्र के सभी सामुदायिक भवनों, भीतरिया कुंड बारहद्वारी का ुकराया 5 से 10 गुना बढ़ा दिया है।  निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार सामदायिक भवनों की बुकिंग निगम के राजस्व अनुभाग के माध्यम से की जाती है। लेकिन किराया बढ़ाने के बाद 24 मार्च से कोटा दक्षिण निगम में न तो भीतरिया कुंड बारहद्वारी की बुकिंग हुई है और न ही सामुदिायिक भवनों की। जिससे कम किराए में निगम को जो राजस्व प्राप्त हो रहा था वह भी बंद हो गया है। </p>
<p><strong>जानकारी कर रहे लेकिन बुक नहीं</strong><br />नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार किराया बढ़ाने से पहले भीतरिया कुंड समेत अन्य सामुदायिक भवनों की नियमित बुकिंग हो रही थी। हालांकि बुकिंग आॅफ लाइन ही की जाती है। लेकिन हालत यह है कि सबसे अधिक आयोजनों के लिए बुक होने वाला भीतरिया कुंड तक में 24 मार्च के बाद कोई बुकिंग नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार लोग सामुदायिक भवन व भीतरिया कुंड की बारहद्वारी को बुक तो करना चाहते है। यही कारण है कि निगम में इसकी जानकारी भी कर रहे है। साथ ही यह भी पूछ रहे हैं कि  किराया कम हुआ या नहीं। जवाब नहीं मिलने पर वे दोबारा  लौटकर ही नहीं आ रहे। </p>
<p> नगर निगम के सामुदायिक भवन व भीतरिया कुंड के बारहद्वारी सस्ते होने से अधिक लोग इनका उपयोग कर पा रहे थे। लेकिन निगम ने बिना उनमें सुधार किए उनका किराया इतना अधिक बढ़ा दिया कि आम आदमी उनका किराया देखकर ही घबराने लगा है। निगम के सामुदायिक भवनों में सुविधाएं नहीं होने से साथ ही ये छोटे भी है। ऐसे में इनका किराया बढ़ाने से आम आदमी पर आर्थिक भार डाला जा रहा है। <br /><strong>- राजेन्द्र सिंह, शिवपुरा</strong></p>
<p>छावनी समेत कई जगह पर निगम के सामुदायिक भवन तो हैं लेकिन उनकी दशा इतनी अधिक खराब हो रही है कि उनका उपयोग करने से पहले लोग उसी दशा देखकर ही दूर भागते है। लेकिन किराया कम होने से कई लोग इनका उपयोग भी कर रहे थे। वहीं निगम ने बिना इनकी मरम्मत करवाए और सुविधाएं बढ़ाए बिना किराया बढ़ा दिया जिससे मध्यम व गरीब वर्ग के लोगों के लिए समस्या खड़ी कर दी है। वे इन्हें किराए पर लेना तो चाहते हैं लेकिन किराया पहले से कई  गुना बढ़ाने पर इनका उपयोग नहीं कर रहे हैं। <br /><strong>- वल्लभ अग्रवाल, छावनी</strong></p>
<p><strong>महापौर ने लिखा था यृू ओ नोट</strong><br />इधर आयुक्त द्वारा किराया बढ़ाए जाने का आदेश जारी होते ही कोटा दक्षिण निगम के महापौर राजीव अग्रवाल ने उसी दिन आयुक्त के नाम यू ओ नोट लिखा था। जिसमें बढ़ाए गए किराए को आगामी आदेश तक स्थगित रखने के लिए निर्देशित किया गया था।  लेकिन हालत यह है कि तीन सप्ताह होने के बाद भी न तो यू ओ नोट पर कोई कार्रवाई की गई और न ही उसका जवाब दिया गया। </p>
<p>निगम के सामुदायिक भवनों का किराया इतना अधिक बढ़ाना जनता पर सीधा आर्थिक भार डालना है। किराया बढ़ाने की जानकारी मिलते ही आयुक्त को यू ओ नोट लिख दिया था। जिसमें बढ़े हुए किराए को फिलहाल स्थगित रखने के लिए निर्देशित किया था। लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ना ही आयुक्त ने यू ओ नोट का कोई जवाब दिया है। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p>नगर निगम कोटा उत्तर में सामुदायिक भवनों का किराया नहीं बढ़ाया है। पुरानी दर से ही किराया लिया जा रहा है। वहीं निगम के सामुदायिक भवनों की नियमित बुकिंग भी हो रही है। <br /><strong>- महावीर सिंह सिसोदिया, उपायुक्त, नगर निगम कोटा उत्तर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 14:31:39 +0530</pubDate>
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                <title>एलएन अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा, समाज हुआ एकजुट</title>
                                    <description><![CDATA[महिला के परिजनों एवं परिचितों ने कई उदाहरण देते हुए पुलिस और प्रशासन से एलएन अस्पताल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/uproar-over-the-death-of-a-woman-in-ln-hospital--society-united/article-93373"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/27rtrer-(3).png" alt=""></a><br /><p>झालावाड़। झालावाड़ के एलएन अस्पताल में विवाहिता की मौत के बाद अस्पताल के मालिक और अन्य लोगों द्वारा मृतक महिला के परिजनों की बेसबाल के बल्लों से बर्बरता पूर्वक पिटाई के बाद मृतक महिला के समाज जन सड़कों पर उतर आए। मृतक महिला पाटीदार समाज से थी, जिसके चलते पाटीदार समाज के अध्यक्ष के नेतृत्व में समाज के कई लोग झालावाड़ अस्पताल पहुंचे तथा महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाने और शव लेने से इनकार कर दिया। पाटीदार समाज के लोगों ने साफ तौर पर कहा कि पूरे मामले में एलएन अस्पताल द्वारा गुंडागर्दी की गई है। जिसके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों का कहना था कि अस्पताल के विरुद्ध पूर्व में भी इस तरह की कई शिकायतें आई है, कई मामलों में मारपीट भी हुई है। अस्पताल के स्टाफ एवं मालिक द्वारा लगातार लोगों के साथ लड़ाई झगड़ा और बुरा बर्ताव किया जाता है, जिसके चलते हैं यहां आए दिन झगड़ा होते रहते हैं।</p>
<p><strong>सचिवालय में लगाया धरना</strong><br />मृतक महिला के परिजनों एवं उसके समाज के लोगों द्वारा झालावाड़ अस्पताल से मिनी सचिवालय पहुंचकर धरना लगाया गया, इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक हर्ष राज सिंह खरेड़ा और उपखंड अधिकारी अभिषेक चारण मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की। महिला के परिजनों का साफतौर पर कहना था कि एल एन अस्पताल द्वारा इलाज में लापरवाही की गई है जिसके चलते यह हादसा हुआ है। महिला के परिजनों एवं परिचितों ने कई उदाहरण देते हुए पुलिस और प्रशासन से एलएन अस्पताल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की। पाटीदार समाज के लोग प्रमुख रूप से तीन मांगों को लेकर आए थे जिसमें अस्पताल के विरुद्ध कड़ी एवं सीजिंग कार्यवाही की मांग भी शामिल रही। पाटीदार समाज के लोगों की मांगों पर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सकारात्मक रूप दिखाया जिसके बाद पूरे मामले में सहमति बन गई और मृतक महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसके परिजनों को सौंपा गया। प्रशासन की तरफ से पाटीदार समाज के लोगों को आश्वासन दिया कि फिलहाल जो मुकदमे पुलिस ने दर्ज किए हैं उन पर कानूनी कार्रवाई होगी, इसके अतिरिक्त महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाने के बाद, तथा बाकी के घटनाक्रम के मद्दे नजर रखते हुए मुकदमा दर्ज किया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। बाद में मृतक के परिजनों की सहमति मिलने के पश्चात महिला के शव का पोस्टमार्टम करवा कर उसके परिजनों को सौंप दिया गया। इस संबंध में एलएन अस्पताल प्रबंधन से इनका पक्ष लेने के लिए सम्पर्क किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।</p>
<p><strong>रिटायर्ड कंपाउंड द्वारा आॅपरेशन किए जाने का आरोप</strong><br />सारे मामले को लेकर प्रदर्शन करने वाले पाटीदार समाज के लोगों ने बताया कि उन्हें ऐसी जानकारी मिल रही है कि मृतक महिला का आॅपरेशन झालावाड़ के सरकारी अस्पताल से रिटायर्ड हुए एक कंपाउंडर द्वारा किया गया, जबकि नियमानुसार शल्य चिकित्सा का काम तजुबेर्कार सर्जनों द्वारा किया जाता है । प्रदर्शन करने वाले लोगों ने कहा कि प्रशासन और पुलिस अस्पताल और उसके आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो कंपाउंडर द्वारा आॅपरेशन किए जाने की बात की पुष्टि हो जाएगी।</p>
<p><strong>आरोपियों को मिली जमानत</strong><br />उधर, मृतक महिला के परिजनों के साथ मारपीट के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए एलएन हॉस्पिटल के मालिक वरुण व्यास एवं उसके तीन सहयोगियों को पुलिस द्वारा न्याय अधिकारी के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया।</p>
<p><strong>यह था मामला</strong><br />गुरुवार रात झालावाड़ के एलएन अस्पताल में महिला की मौत के बाद हुए हंगामे के दौरान अस्पताल संचालकों ने महिला के परिजनों के साथ मारपीट की थी। अस्पताल के मालिक और उसके गुर्गों ने बेसबाल के बल्लों से महिला के परिजनों को जमकर पीटा था। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने अस्पताल के मालिक वरुण व्यास एवं उसके सहयोगी रंजीत, मनोज और अनिल को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस से प्राप्त जानकारी अनुसार झालावाड़ जिले के भवानीमंडी क्षेत्र के आंवली कला की रहने वाली ममता बाई को बच्चेदानी का आॅपरेशन के लिए झालावाड़ के एलएन अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उसका आॅपरेशन होने के पश्चात सब कुछ ठीक था, महिला का पति एवं अन्य परिजन बाजार में कुछ सामान खरीदने गए थे तभी उनको पता लगा कि महिला की मौत हो गई है, वह तुरंत भाग कर अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने पाया कि महिला की मृत्यु हो चुकी थी। महिला के परिजनों का कहना है कि वह जब अस्पताल से गए थे तब तक सब कुछ ठीक था। महिला का परिजनों में आरोप लगाया कि जब उन्होंने आकस्मिक मौत के बारे में पूछा तो अस्पताल संचालकों द्वारा बेसबॉल के बल्लों से उन्हें पीटा गया। जानकारी के लिए आपको बता दें कि झालावाड़ अस्पताल के सामने स्थित एलएन अस्पताल में पहले भी इस तरह के कई मामले हो चुके हैं, जिन में पुलिस को दखल देना पड़ा है। यहां पर पैसों को लेकर और मृतक लोगों के शव देने को लेकर अक्सर विवाद होते हैं देखे गए हैं, जिसको लेकर प्रशासन ने कभी भी गंभीर रूख नहीं अपनाया और इन घटनाओं की पुनरावृत्ति लगातार होती चली आ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Oct 2024 17:12:49 +0530</pubDate>
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                <title>  भीलवाड़ा में समुदाय विशेष के 2 युवाओं के साथ मारपीट, बाइक जलाई, गरमाया माहौल </title>
                                    <description><![CDATA[भीलवाड़ा । शहर के समीपवर्ती सांगानेर कस्बे में बुधवार रात समुदाय विशेष के दो युवकों के साथ बाइक पर आए अज्ञात युवकों ने मारपीट कर उनकी बाइक को आग लगा दी जिससे वहाँ माहौल गरमा गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bhilwara/in-bhilwara--two-youths-of-a-particular-community-were-beaten-up--lit-bikes-heated-up/article-9147"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/bhilwara.jpg" alt=""></a><br /><p> भीलवाड़ा । शहर के समीपवर्ती सांगानेर कस्बे में बुधवार रात समुदाय विशेष के दो युवकों के साथ बाइक पर आए अज्ञात युवकों ने मारपीट कर उनकी बाइक को आग लगा दी, जिससे वहाँ माहौल गरमा गया।</p>
<p>हालांकि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी गई। वहीं घायलों को महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार सुभाषनगर थाना क्षेत्र के सांगानेर कस्बे के शाहपुरा रोड पर  कर्बला के बाहर बुधवार रात समुदाय विशेष के दो युवक सांगानेर निवासी सद्दाम हुसैन पुत्र हसन मोहम्मद मेवाती और आजाद मंसूरी पुत्र सत्तार मंसूरी बैठे हुए थे। तभी 2-3 बाइक पर आए अज्ञात युवकों ने उन पर हमला कर दिया और उनकी बाइक को आग के हवाले कर दिया। सुचना मिलने पर सुभाष नगर थाना पुलिस मौके पहुंची और घायलों को महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया । उधर समुदाय विशेष के युवकों के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद अस्पताल में बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। सूचना पर भीमगंज थाना प्रभारी सुरजीत सिंह, डीएसपी सिटी हंसराज बेरवा, एडीएम सिटी उत्तम सिंह शेखावत सहित अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली।  पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की ।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>भीलवाड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 May 2022 11:49:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
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                <title>गांवों में बनेंगी मॉडल सड़कें और कचरे से खाद, सामुदायिक शौचालय, महिलाओं के बनाए उत्पाद बिकेंगे मॉल्स में : मीणा</title>
                                    <description><![CDATA[मंत्री का दावा: ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग में जल्दी दिखेंगे कई बदलाव, कचरे और ड्रेनेज व्यवस्था में बदलाव कर खाद भी बनाएंगी पंचायतें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%89%E0%A4%A1%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%9C%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A6--%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%B6%E0%A5%8C%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF--%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%8F-%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%89%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82---%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A3%E0%A4%BE/article-3294"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/ramesh-meena.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग में पिछले एक साल में हुए कार्यों पर नजर डालें तो ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं पर कई योजनाओं का पैसा खर्च हुआ है। कोरोनाकाल की वजह से नरेगा, राजीविका, वाटरशेड सहित कई योजनाओं में कुछ मद चाहकर भी खर्च नहीं हो पाया। </p>
<p><br />इस राशि से विभाग आगामी दिनों में नए सिरे से खर्च करने का खाका तैयार कर रहा है। पंचायतीराज मंत्री रमेश मीणा ने दावा किया है कि गांवों में जल्दी ही मॉडल सड़कें, शहरी तर्ज पर शौचालय, महिला समूहों के उत्पादों का शहरी मॉल्स में बिकना, ग्रामीण युवाओं को रोजगार, बेहतर जल प्रबंधन नजर आएंगे। <br /><br /><strong>सरकार के तीन साल होने पर पंचायतीराज मंत्री रमेश मीणा से दैनिक नवज्योति ने की खास बातचीत</strong><br />    पिछले एक साल में सरकार की योजनाओं का ग्रामीण क्षेत्रों में कितना असर रहा और लोगों तक कितना फायदा पहुंचा।<br />जवाब: राज्य सरकार ने कई नीतिगत निर्णय लेकर क्रियान्वयन किया। नरेगा, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, जलग्रहण और भू संरक्षण, शौचालय निर्माण, आवास निर्माण, सड़क, बिजली, पानी आदि में खूब काम कराए। प्रशासन गांव के संग अभियान में चारागाह भूमि पर भी लोगों को पट्टे मिले। कोरोनाकाल में जरूर कुछ काम बाधित हुए, लेकिन विधायकों के फंड से ग्रामीण क्षेत्रों में खूब काम कराए गए। </p>
<p><br />    केन्द्र और राज्य की कई योजनाओं के काम भी अटके रहे, ये कब पूरे होंगे।<br />जवाब: यह सही है कि कोरोना के चलते केन्द्र और राज्य की कई योजनाओं का काम पूरी तरह धरातल पर नहीं हो पाया। कुछ केन्द्रीय योजनाओं का पैसा समय से नहीं मिलने के कारण भी परेशानी हुई। कोरोनाकाल के दौरान वित्तीय प्रबंधन के दौरान कुछ कार्यों की रफ्तार कम हुई तो उन्हें अब गति दी जाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कम रफ्तार वाले कार्यों पर खुद सजग हैं। </p>
<p><br />    पिछले एक साल में हुए कार्यों में वित्तीय संकट जैसे अडंगों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाएंगे।<br />जवाब: कोरोनाकाल के दौरान कई योजनाओं के मद का पैसा रोका गया था। अब इस पैसे को ढंग से उपयोग के लिए प्लानिंग चल रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद विभागीय अफसर अलग-अलग मदों के पैसे का आंकलन कर रहे हैं। कन्वर्जेंस के माध्यम से यह पैसा अटके कार्यों पर खर्च किया जाएगा। </p>
<p><br />    किस तरह के बदलाव नजर आएंगे और इनके लिए क्या प्लानिंग की जा रही है।<br />जवाब: एमएलए और एमपी लैड स्कीम, वित्त आयोगों की राशि, केन्द्र और राज्य प्रवर्तित योजनाओं के सभी मदों में खर्च और अवशेष राशि का डाटा तैयार किया जा रहा है। इस पैसे को कन्वर्जेंस माध्यम से खर्च कर गांव में मॉडल सड़कें, गांव के कचरे और ड्रेनेज से खाद बनाने, राजीविका के तहत महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को और अधिक रोजगार से जोडने, नरेगा, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, वाटरशेड, जल जीवन मिशन आदि योजनाओं के अधूरे कार्यो पूरा करेंगे। तैयार प्लान को मुख्यमंत्री के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।</p>
<p><br />    शहरी तर्ज पर विकास की बात कही, किस तरह से विकास करेंगे।<br />जवाब: पीडब्ल्यूडी से कन्वर्जेंस के माध्यम से एक दूसरे गांव को जोड़ने के लिए मॉडल सड़कें बनाएंगे। शहरी तर्ज पर सामुदायिक शौचालय बनाएंगे। गांवों में कचरे और ड्रेनेज व्यवस्था में बदलाव कर मेकेनाइज्ड सिस्टम से खाद बनाएंगे। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के रोजगार को बढ़ावा देने के लिए उत्पादों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इन महिलाओं के उत्पाद शहरों के बड़े नामी गिरामी मॉल्स में बेचे जाएंगे। वाटर रिसोर्स के कार्यों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि बारिश के पानी को सहेज कर ग्रामीणों को सालभर पानी उपलब्ध हो सके। नरेगा में रोजगार को बढ़ावा देने पर हमारा फोकस और ज्यादा रहेगा। <br /><br />विभाग की प्रमुख उपलब्धियां<br />    राजीव गांधी जल संचय योजना के तहत हजारों गांव में जल संरक्षण के कार्य।<br />    प्रशासन गांव के संग अभियान में करीब नौ लाख पट्टे वितरित।<br />    पेयजल योजना में 16 हजार से ज्यादा काम।<br />    साढ़े तीन लाखे ज्यादा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी।<br />    78 हजार से ज्यादा शौचालय निर्माण का भुगतान किया।<br />    भूमिहीन परिवारों को 15,716 पट्टे जारी।<br />    25,297 बीपीएल परिवारों को निशुल्क भूखण्ड आवंटन, 16,348 पात्र व्यक्तियों को रियायती दर पर भूखंड मिला।<br />    जलग्रहण क्षेत्रों की 3580 हैक्टेयर बंजर भूमि में पौधारोपण।<br />    कोरोनाकाल में ग्रामीणों के पलायन के चलते 22 जिलों में गरीब कल्याण रोजगार <br />अभियान चलाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Dec 2021 14:22:04 +0530</pubDate>
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                <title>हाईकोर्ट से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें पढ़े यहां......</title>
                                    <description><![CDATA[मिरासी समुदाय को एमबीसी में शामिल करने को लेकर राज्य सरकार चार माह में करें निर्णय-हाईकोर्ट : बिना तैयारी पेश की गई जनहित याचिका पर कोर्ट नहीं ले सकती प्रसंज्ञान-हाईकोर्ट : बिना वैक्सीन लगवाए प्रवेश से रोकना जनहित में सही]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%88%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%82----/article-2355"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/hc2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>NEWS1.</strong> <strong>बिना तैयारी पेश की गई जनहित याचिका पर कोर्ट नहीं ले सकती प्रसंज्ञान-हाईकोर्ट</strong><br />जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सिलिकोसिस पीडित खान श्रमिकों के लिए बने डीएमएफटी फंड का उपयोग नहीं करने से जुड़े मामले में दायर जनहित याचिका में दखल से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि भले ही याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका के जरिए महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है, लेकिन बिना तैयारी और आवश्यक सूचनाएं एकत्रित किए बिना पेश प्रकरण पर सुनवाई की अनुमति नहीं दी जा सकती। सीजे अकील कुरैशी और जस्टिस रेखा बोराणा की खंडपीठ ने यह आदेश बाबूलाल जाजू की जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि हम याचिकाकर्ता के लिए कोर्ट के दरवाजे हमेशा के लिए बंद नहीं कर रहे हैं। यदि याचिकाकर्ता मामले में आवश्यक दस्तावेज और पूरी तैयारी के साथ आते हैं तो अदालत ज्यादा गंभीरता से उस पर विचार करेगी।</p>
<p><br />जनहित याचिका में कहा गया था कि राज्य सरकार ने खनन कार्य में लगे श्रमिकों और सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ितों की देखभाल के लिए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट बना रखा है। इसके तहत राज्य सरकार ने एक फंड का गठन किया है। डीएमएफटी नियम, 2016 के तहत फंड का साठ फीसदी बजट उच्च वरीयता वाले मदों पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण आदि के लिए और चालीस फीसदी अन्य वरीयता में शामिल मदों में करने का प्रावधान है। इसके बावजूद राज्य सरकार उच्च वरीयता के मदों में फंड को खर्च नहीं कर रही है। जिससे खान श्रमिकों के हितों का हनन हो रहा है।<br /><br /><br /><strong>NEWS2. बिना वैक्सीन लगवाए प्रवेश से रोकना जनहित में सही</strong><br />जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि कोरोना से बचाव के लिए एक भी वैक्सीन नहीं लगवाने वाले व्यक्ति का हाईकोर्ट में प्रवेश रोकना व्यापक जनहित में है। इसके अलावा परिसर में प्रवेश देने के लिए इस तरह की शर्त लगाना अव्यवहारिक भी नहीं है। अदालत ने कहा कि दो बार मौका देने के बाद भी न तो याचिकाकर्ता और ना ही उनके वकील अदालत में पैरवी के लिए पेश हुए हैं। इससे लगता है कि याचिकाकर्ता को इस मुद्दे पर कोई दिलचस्पी नहीं है। ऐसे में अदालत मामले में स्व प्रेरणा से प्रसंज्ञान नहीं ले सकती। सीजे अकील कुरैशी और जस्टिस रेखा बोराणा की खंडपीठ ने यह आदेश परमेश्वर पिलानिया की जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिका में चुनौती दी गई अधिसूचना वकीलों, पक्षकारों और नियमित रूप से आने वाले कोर्ट स्टाफ की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। ऐसे में इस तरह की शर्त को अव्यवहारिक नहीं कहा जा सकता। जनहित याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट प्रशासन ने गत एक जुलाई को नोटिफिकेशन जारी कर कोरोना वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगवाने वालों का प्रवेश हाईकोर्ट में प्रतिबंधित कर दिया था। जिसे चुनौती देते हुए कहा गया कि अदालत को मामले में स्व प्रेरणा से प्रसंज्ञान लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।</p>
<p> </p>
<p><strong>NEWS3. मिरासी समुदाय को एमबीसी में शामिल करने को लेकर राज्य सरकार चार माह में करें निर्णय-हाईकोर्ट</strong><br />जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने मिरासी समुदाय को एमबीसी में शामिल करने के मामले में कहा है कि किसी भी जाति या समुदाय विशेष को एमबीसी में शामिल करने या नहीं करने के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार राज्य सरकार को है। हाईकोर्ट को इस संबंध में दखल का अधिकार नहीं है। वहीं इस मुद्दे को अंतहीन समय तक लंबित भी नहीं रखा जा सकता। ऐसे में राज्य सरकार को निर्देश दिए जाते हैं कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए जाने वाले विस्तृत अभ्यावेदन का परीक्षण कर चार माह में उचित निर्णय लिया जाए। न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव और न्यायाधीश फरजंद अली की खंडपीठ ने यह आदेश राजकुमार मिरासी की ओर से दायर जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए दिए।<br /><br />याचिका में कहा गया कि कई दशकों से समारोह में गा-बजाकर लोगों का मनोरंजन करने वाले लोगों को मुस्लिम मिरासी नाम दिया गया है। इस वर्ग के लोग शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी पिछडे हुए हैं। ऐसे में उन्हें एमबीसी वर्ग में शामिल कर लाभान्वित किया जाए। इस संबंध में आवश्यक दस्तावेजों के साथ राज्य सरकार को कई बार अभ्यावेदन भी दिया जा चुका है, लेकिन उन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाए। जिसका निस्तारण करते हुए खंडपीठ ने इस संबंध में याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए जाने वाले अभ्यावेदन को चार माह में निस्तारित करने को कहा है।</p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 13 Nov 2021 18:30:40 +0530</pubDate>
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