<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/victims/tag-8657" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>victims - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/8657/rss</link>
                <description>victims RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रिपोर्ट में दावा: हमास ने अक्टूबर 2023 में यौन उत्पीड़न को दिया अंजाम, पीड़ितों में 52 देशों के नागरिक शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[सिविल कमीशन की 300 पन्नों की रिपोर्ट "साइलेंस्ड नो मोर" ने 7 अक्टूबर के हमलों और गाजा में बंधकों के खिलाफ योजनाबद्ध यौन हिंसा का पर्दाफाश किया है। 10,000 साक्ष्यों के आधार पर इसे 'युद्ध का हथियार' और नरसंहार बताया गया है। रिपोर्ट में अपराधियों पर अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत मुकदमा चलाने की मांग की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/israeli-civil-commission-report-claims-hamas-committed-sexual-assault-in/article-153733"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/11-(630-x-400-px)1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। आज सिविल कमीशन ने महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध की अपनी 300 पेज की जाँच रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के अनुसार, इज़रायल में 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमले के दौरान तथा गाज़ा में बंधक बनाकर ले जाए गए लोगों के खिलाफ ‘‘योजनाबद्ध और व्यापक’’ एसजीबीवी को अंजाम दिया गया। ‘‘साइलेंस्ड नो मोरः सेक्सुअल टेरर अनवील्ड’’ नाम की इस रिपोर्ट में जाँचकर्ताओं ने व्यापक प्रमाण और रिकॉर्ड पेश किए हैं, जिनसे यह खुलासा होता है कि ये जघन्य अत्याचार हिंसा की आकस्मिक घटनाओं की बजाय युद्ध के सोचे-समझे हथियार थे।</p>
<p>ये नतीजे डॉ. कोचाव एल्कायम-लेवी के नेतृत्व में की गई दो साल की तहकीकात के बाद मिले हैं। जाँचकर्ताओं द्वारा 10,000 से अधिक फोटो, वीडियो तथा 1,800 घंटे से अधिक के विज़्युअल प्रमाणों की समीक्षा की गई। पीड़ितों, गवाहों, वापस आए बंधकों, विशेषज्ञों और उनके परिवार के सदस्यों के 430 से अधिक साक्षात्कार लिए गए, उनके बयान दर्ज किए गए तथा उनके साथ बैठकें की गईं। कमीशन के अनुसार, पीड़ितों में 52 देशों के नागरिक शामिल थे, जिससे स्पष्ट होता है कि इन अपराधों का दायरा अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक फैला था। कमीशन के मुताबिक उत्पीड़न एक पैटर्न में बार-बार दोहराया गया, जिसमें बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, यौन उत्पीड़न, अंगों को काटना, जबरदस्ती नंगा करना, यौन उत्पीड़न करना, जान से मारकर शव को अपमानित करना और आतंक फैलाने के लिए हिंसा का वीडियो बनाकर उसका प्रसार करना शामिल था।</p>
<p>इस रिपोर्ट के मुताबिक ये अपराध किनसाईडल यौन हिंसा पर केंद्रित थे। इस रिपोर्ट में आतंक के डिजिटल थिएटर का विस्तार से जिक्र किया गया है। यानी इन दुष्कृत्यों का वीडियो बनाया गया और उन्हें पीड़ितों के अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से हाथों-हाथ प्रसारित किया गया। यह रिपोर्ट यूनाईटेड नेशंस की विशेष प्रतिनिधि, प्रमिला पाटन द्वारा पहले दिए गए नतीजों की पुष्टि करती है, जिनके मुताबिक हमलों के दौरान और बाद में इस तरह की हिंसक घटनाएं हुई थीं, इस पर यकीन करने के ठोस आधार मौजूद हैं।</p>
<p>कमीशन के अनुसार ये अपराध अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध, मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार की श्रेणी में आते हैं। कमीशन ने निष्कर्ष दिया कि इन अपराधों के खिलाफ तुरंत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। सार्वभौम न्यायक्षेत्र का उपयोग करके अपराधियों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए तथा युद्ध के समय हुई यौन हिंसा के लिए विशेष ज्यूडिशियल चैंबर स्थापित किए जाने चाहिए। डॉ. एल्कायम-लेवी ने इस बात पर जोर दिया कि न्याय के लिए इन अपराधों को औपचारिक पहचान दिया जाना सबसे महत्वपूर्ण है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इन घटनाओं को स्थायी ऐतिहासिक रिकॉर्ड में सही-सही दर्ज किया जाए।</p>
<p>सिविल कमीशन एक स्वतंत्र, गैर-सरकारी संगठन है, जिसमें युद्ध अपराधों को दर्ज करने के लिए समर्पित कानूनी विशेषज्ञ और मानव अधिकार कार्यकर्ता शामिल हैं। इस रिपोर्ट में अंतर्राष्ट्रीय कानूनी अधिकारियों, जैसे माननीय इरविन कोटलर और प्रोफेसर डेविड क्रेन ने अपना योगदान दिया है। यह रिपोर्ट सार्वजनिक और न्यायिक समीक्षा के लिए कमीशन की आधिकारिक वेबसाईट पर उपलब्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/israeli-civil-commission-report-claims-hamas-committed-sexual-assault-in/article-153733</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/israeli-civil-commission-report-claims-hamas-committed-sexual-assault-in/article-153733</guid>
                <pubDate>Wed, 13 May 2026 15:32:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/11-%28630-x-400-px%291.png"                         length="288993"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आखिर क्यों जेफरी एपस्टीन की सहयोगी मैक्सवेल ने संसद की समिति के सवालों का जवाब देने से किया इनकार? जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[एपस्टीन की सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल ने अमेरिकी हाउस कमेटी के सवालों पर पांचवें संशोधन का हवाला देकर जवाब देने से इनकार किया, पीड़ितों ने न्याय की मांग दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/why-did-jeffrey-epsteins-associate-maxwell-refuse-to-answer-the/article-142652"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(8)8.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल ने सोमवार को हाउस कमेटी ऑन ओवरसाइट एंड अकाउंटेबिलिटी के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, मैक्सवेल टेक्सास की जेल में बंद है, जहाँ वह यौन तस्करी के लिए 20 साल की सजा काट रही है। जेल के ही बंद कमरे से वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समिति के सामने पेश हुई थी।</p>
<p>समिति के अध्यक्ष जेम्स कोमर ने कहा कि जैसा कि उम्मीद थी, मैक्सवेल ने पांचवें संशोधन(कानून) का सहारा लेते हुए चुप रहने के अपने अधिकार का उपयोग किया। जेम्स कोमर ने कहा, यह स्पष्ट रूप से बहुत निराशाजनक है। हमारे पास उन अपराधों के बारे में पूछने के लिए कई सवाल थे जो उसने और एपस्टीन ने किए थे, साथ ही संभावित सह-साजिशकर्ताओं के बारे में भी सवाल थे। उन्होंने कहा कि जीवित बचे लोगों के लिए न्याय ही इस जांच का मकसद है।</p>
<p>अमेरिकी संविधान का पांचवां संशोधन अमेरिकियों को सवालों का जवाब देने से इनकार करके खुद के खिलाफ सबूत देने से बचने का अधिकार देता है। सुनवाई के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधि मेलानी स्टैंसबरी ने पत्रकारों को बताया कि मैक्सवेल ने इस अवसर का उपयोग क्षमादान के लिये अभियान चलाने के तौर पर किया। </p>
<p>जेम्स कोमर ने कहा कि एपस्टीन के पीड़ितो से बात करने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मैक्सवेल एक बहुत ही बुरी महिला है जो किसी भी प्रकार की छूट की हकदार नहीं है। इससे पहले एक सोशल मीडिया पोस्ट में मैक्सवेल के वकील डेविड ऑस्कर मार्कस ने कहा था कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा क्षमादान दिया जाता है तो मैक्सवेल पूरी तरह और ईमानदारी से बोलने के लिए तैयार है। उन्होंने पोस्ट किया, केवल वही पूरा विवरण दे सकती है। कुछ लोगों को शायद वह पसंद न आए जो वे सुनेंगे, लेकिन सच्चाई मायने रखती है।</p>
<p>मैक्सवेल की पेशी से पहले हाउस ओवरसाइट कमेटी को भेजे गए एक पत्र में एपस्टीन पीड़तिों के एक समूह ने सांसदों से मैक्सवेल द्वारा दी गई किसी भी जानकारी पर संदेह करने का आग्रह किया। उन्होंने एपस्टीन के तस्करी अभियान में शामिल कई शक्तिशाली लोगों की पहचान करने से इनकार करने और कानून प्रवर्तन के साथ सार्थक सहयोग न करने के लिए उसकी आलोचना की। व्हाइट हाउस ने पहले कहा था कि मैक्सवेल के संबंध में किसी भी उदारता पर चर्चा नहीं की जा रही है।</p>
<p>मैक्सवेल को 2021 में अपने पूर्व प्रेमी एपस्टीन के लिये नाबालिग लड़कियों को शोषण के लिए फंसाने में उसकी भूमिका के लिए दोषी ठहराया गया था। एपस्टीन की 2019 में जेल में मृत्यु हो गई थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/why-did-jeffrey-epsteins-associate-maxwell-refuse-to-answer-the/article-142652</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/why-did-jeffrey-epsteins-associate-maxwell-refuse-to-answer-the/article-142652</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:36:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%288%298.png"                         length="734784"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आवारा श्वानों का आतंक, 8 महीने में 837 जख्मी</title>
                                    <description><![CDATA[आवारा कुत्तों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिसकी वजह उनके द्वारा एक बार में अधिक बच्चे दिए जाना है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/terror-of-stray-dogs--837-injured-in-8-months/article-103801"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(5)9.png" alt=""></a><br /><p>झालावाड़। झालावाड़ शहर इन दिनों आवारा कुत्तों के आतंक से ग्रसित है, शहर में प्रतिदिन 3 से ज्यादा लोगों को कुत्ते काट रहे हैं, सरकारी आंकड़ों की यदि बात करें तो पिछले एक वर्ष में कुल 1450 लोगों को कुत्तों ने काटा जबकि पिछले 8 महीना में 837 लोगों को यह आवारा कुत्ते काट चुके हैं। शहर के गली मोहल्लों और चौराहों पर इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, इन आवारा कुत्तों के चलते कई बार वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं। लेकिन विडंबना देखिए कि शहर को इन आवारा कुत्तों से मुक्त कराने के लिए जिम्मेदार झालावाड़ नगर परिषद के अधिकारी एवं प्रतिनिधि चैन की नींद सो रहे हैं। झालावाड़ जिले में यूं तो ग्रामीण इलाकों में भी कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है,लेकिन इन पर नियंत्रण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से अब यह बच्चों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहे है। शहर की सड़कों और चौराहों पर धमाल मचाते रहने वाले आवारा कुत्तों का किसी भी प्रकार से मानव जीवन मे कोई खास उपयोग नही है। जबकि घरों में पाले जाने वाले कुत्तों को लेकर तो मालिक पर कुछ हद तक जिम्मेदारी निर्धारित है। </p>
<p><strong>लाइलाज है रैबीज</strong><br />झालावाड़ अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्मेंट के डॉ.आसिफ अहमद कुरेशी के बताया कि रेबीज वायरस जनित रोग है, यह कुत्ता, बिल्ली ,बंदर समेत अन्य जानवरों से फैलता है, अगर कोई कुत्ता संक्रमित हो जाता है तो वह संक्रमण उसकी नसों तक फेल जाता है फिर वह जितने भी कुत्तों को या अन्य लोगों को अपना शिकार बनाता है, उतनी ही यह बीमारी फैलती जाती है। डॉक्टर बताते हैं कि इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, नसों तक अगर इसका संक्रमण पहुंच जाता है तो इसका कोई इलाज नहीं है,लेकिन कुत्ते के काटने के बाद ठीक समय पर सही टीका लगाया जाए तो बीमारी का खतरा खत्म हो जाता है।</p>
<p><strong>लगातार बढ़ रही है संख्या</strong><br />आवारा कुत्तों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिसकी वजह उनके द्वारा एक बार में अधिक बच्चे दिए जाना है। पशु पालन विभाग के डॉक्टरों के अनुसार सर्दी के मौसम में इनका प्रजनन काल रहता है, ऐसे में इस सीजन में इनकी संख्या लगातार बढ़ती रहती है। बच्चों की संख्या भी कोई निर्धारित नही है। एक बार में गर्भवती कुतिया 5 से 6 बच्चों को जन्म देती है।</p>
<p><strong>अभियान चलेगा</strong><br />झालावाड़ जिला कलेक्टर ने माना कि यह समस्या वाकई गंभीर है उन्होंने कहा कि नगर परिषद को उसके लिए अभियान चलाना होता है लेकिन फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, इसलिए नगर परिषद को निर्देशित कर तुरंत अभियान चलाया जाएगा ताकि शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित किया जा सके और लोगों को इनसे होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके।</p>
<p>डॉग बाइट के मामले में सबसे पहले सही इलाज दिया जाना जरूरी है, कुत्ते के काटने से बने घाव को देखकर अलग-अलग उपचार दिया जाता है, जिसमें टीके भी शामिल हैं। यदि ठीक इलाज मिल जाए तो रेबीज का खतरा कम हो जाता है, रेबीज एक लाइलाज बीमारी है, इसलिए ध्यान देना जरूरी है। <br /><strong>- डॉक्टर आसिफ कुरेशी, </strong><strong>प्रभारी कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, झालावाड़ मेडिकल कॉलेज </strong></p>
<p><br />आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं, इनकी आबादी के नियंत्रण के लिए स्थानीय निकायों एवं विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से नसबंदी की जाती है। नगर परिषद द्वारा उनकी नसबंदी के लिए अभियान चलाया जाता है, यदि नगर परिषद अभियान चलाएगा तो पशु चिकित्सालय में निशुल्क नसबंदी की सुविधा उपलब्ध है।<br /><strong>- डॉक्टर टी आर बंसोड़, पशु चिकित्सक, झालावाड़</strong></p>
<p>शहर में डॉग बाइट के मामले ज्यादा आ रहे हैं तो उनको रोकने के लिए आवारा कुत्तों के समुचित प्रबंधन के लिए नगर परिषद को निर्देश देकर अभियान चलाया जाएगा, ताकि आमजन को परेशानी ना हो। <br /><strong>- अजय सिंह राठौड़, जिला कलेक्टर, झालावाड़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/terror-of-stray-dogs--837-injured-in-8-months/article-103801</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/terror-of-stray-dogs--837-injured-in-8-months/article-103801</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Feb 2025 18:28:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/257rtrer-%285%299.png"                         length="390409"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाथरस पीड़ितों को लेकर राहुल ने लिखा योगी को पत्र, आर्थिक सहायता प्रदान करने का किया आग्रह </title>
                                    <description><![CDATA[गौरतलब है कि हाथरस में गत 2 जुलाई को एक सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-wrote-a-letter-to-yogi-regarding-hathras-stampede-case/article-83975"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/rahul_gandhi_.jpg1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाथरस भगदड़ के पीड़ितों की पीड़ा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आर्थिक सहायता बढ़ाकर उनकी जल्द से जल्द मदद करने का आग्रह किया है और घटना के लिए स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।</p>
<p>गांधी ने लिखा कि उन्होंने भगदड़ हादसे से प्रभावित पीड़ति परिवारों से मिलकर उनका दुख महसूस कर उनकी समस्या को जानने का प्रयास किया है और समस्या से अवगत कराकर उनकी आर्थिक सहायता बढ़ाने का आग्रह कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने मुख्यमंत्री से शोकाकुल परिवारों को जल्द से जल्द सहायता प्रदान करने का आग्रह करते हुए कहा है कि दुख की इस घड़ी में उन्हें सामूहिक संवेदना और सहायता की ज़रूरत है और बिना देर किए उन्हें ज्यादा राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने घटना के लिए स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार बताया और कहा कि घटना की पारदर्शी जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा देकर लोगों को न्याय मिलना चाहिए।</p>
<p>गौरतलब है कि हाथरस में गत 2 जुलाई को एक सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद गांधी पीड़ति परिवारों से मिलने गए और उनसे बातचीत की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-wrote-a-letter-to-yogi-regarding-hathras-stampede-case/article-83975</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-wrote-a-letter-to-yogi-regarding-hathras-stampede-case/article-83975</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jul 2024 16:37:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-01/rahul_gandhi_.jpg1.png"                         length="232428"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत सेवा संस्थान और एनवाईपी ने भेजी मणिपुर के हिंसा पीड़ितों को मदद</title>
                                    <description><![CDATA[ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर राजस्थान के संयोजक हनुमान शर्मा को राहत सामग्री के साथ इम्फाल भेजा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bharat-seva-sansthan-and-nyp-sent-help-to-the-victims/article-79013"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(6)20.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नेशनल यूथ प्रोजेक्ट (एनवाईपी) और भारत सेवा संस्थान ने मणिपुर की ताजा हिंसा के शिकार लोगों को मदद पहुंचाने के लिए मणिपुर के अनेक जिलों में राहत सामग्री का वितरण शुरू किया है। भारत सेवा संस्थान के सचिव गिरधारी सिंह बापना ने बताया कि पिछले एक वर्ष से जातीय हिंसा की आग में झुलस रहे मणिपुर में हालत बहुत खराब है।</p>
<p>हिंसा के ताजा दौर के बाद संस्थान ने अपने संस्थापक अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर राजस्थान के संयोजक हनुमान शर्मा को राहत सामग्री के साथ इम्फाल भेजा है। एनवाईपी के राष्ट्रीय सचिव रणसिंह मुरैना से भी उनके साथ हैं। ये दोनों वहां एकता परिषद के स्वयंसेवकों के सहयोग से इम्फाल ईस्ट और वेस्ट के साथ विष्णुपुर, थाउबल और काकचिंग के राहत शिविरों में रह रहे लोगों, विशेष रूप से बच्चों को दूध पाउडर, सेरेलैक, लैकटोजन और अन्य सामग्री वितरित कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bharat-seva-sansthan-and-nyp-sent-help-to-the-victims/article-79013</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bharat-seva-sansthan-and-nyp-sent-help-to-the-victims/article-79013</guid>
                <pubDate>Thu, 23 May 2024 12:31:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/t21rer-%286%2920.png"                         length="590528"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर बम ब्लास्ट का फैसला हुआ, लेकिन पीड़ितों को न्याय का अभी तक इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में 13 मई 2008 को हुई इस घटना के मामले में विशेष न्यायालय ने भले ही चार गुनहगारों को मृत्यु दंड़ की सजा सुना दी हो, लेकिन अभियुक्तों को फांसी नहीं मिलने के चलते शहरवासियों को सही मायने में अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/decision-of-the-jaipur-bomb-blast-was-taken--but-the-victims-are-still-waiting-for-justice/article-9689"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/bomb-blast.gif" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में आठ जगह हुए सिलसिलेवार बम ब्लास्ट की घटना को आज पूरे 14 साल हो चुके हैं। चंद मिनटों के अंतराल हुए शहर को स्तब्ध करने वाली घटना के घाव आज भी शहरवाासियों के सीने में ताजा हैं। शहर में 13 मई 2008 को हुई इस घटना के मामले में विशेष न्यायालय ने भले ही चार गुनहगारों को मृत्यु दंड़ की सजा सुना दी हो, लेकिन अभियुक्तों को फांसी नहीं मिलने के चलते शहरवासियों को सही मायने में अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।</p>
<p><br />मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों शाहबाज हुसैन, मोहम्मद सैफ, सरवर आजमी, सैफुर्रहमान और सलमान को गिरफ्तार किया था। जबकि कुछ अन्य आरोपियों को अब तक गिरफ्त में नहीं ले पाई है। इस मामले में पुलिस ने आठ मुकदमे दर्ज किए थे और इन सभी में आरोपियों पर चार्ज तय होने के बाद ट्रायल हुई। मामलों में एक हजार से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद विशेष अदालत ने 18 दिसंबर 2019 को शाहबाज हुसैन को बरी करते हुए अन्य चारों अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई थी। शाहबाज हुसैन पर आरोप लगाया गया था कि उसने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए ईमेल भेजा था।</p>
<p><br /><strong>अभियोजन पक्ष की गलती से फांसी में देरी</strong><br />कानून के जानकारों का कहना है कि मामले में अभियोजन पक्ष ने शुरू से ही तकनीकी गलती की। जिसके चलते अभियुक्तों को अभी तक फांसी नहीं हो पाई है। एक ही दिन एक समान घटना होने के बाद भी पुलिस ने आठ ब्लास्ट के मामले में आठ अलग-अलग मामले दर्ज किए। वहीं अदालत में अलग-अलग आठ आरोप पत्र पेश किए। जिसके चलते अदालत ने भी आठों मामलों में अलग-अलग सुनवाई कर अपने फैसले दिए। जिसके चलते राज्य सरकार के डेथ रेफरेंस और अभियुक्तों की कुल अपीलों की संख्या मिलाकर करीब 44 हो गई हैं। ऐसे में हाईकोर्ट में सुनवाई में देरी होना लाजमी है।</p>
<p><br /><strong>फैसले के बाद जिंदा बम को लेकर फिर पेश किया आरोप पत्र</strong><br />विशेष न्यायालय की ओर से फैसला सुनाने के करीब आठ माह बाद अभियोजन पक्ष ने चांदपोल हनुमान मंदिर के बाहर जिंदा मिले बम को लेकर शाहबाज हुसैन सहित बाकी चारों अभियुक्तों के खिलाफ फिर से आरोप पत्र पेश कर दिया। आरोप पत्र में मूल मामले के तथ्यों को दोहराते हुए समान धाराएं रखी गई हैं। इस मामले में अदालत में अभियोजन पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं हाईकोर्ट आरोपी शाहबाज हुसैन को गत 25 फरवरी को जमानत पर रिहा कर चुकी है।</p>
<p><br /><strong>ये हैं आरोपी</strong><br />पहला आरोपी शाहबाज हुसैन उर्फ शानू निवासी मौलवीगंज, उत्तरप्रदेश। जयपुर में 13 मई 2008 को हुए बम ब्लास्ट के बाद सबसे पहले 8 सितंबर 2008 को शाहबाज हुसैन को गिरफ्तार किया गया। हालांकि विशेष न्यायालय ने बरी कर दिया। दूसरा आरोपी मोहम्मद सैफ, निवासी सरायमीर, आजमगढ़ उत्तरप्रदेश है। इसे 23 दिसंबर 2008 को गिरफ्तार किया गया। तीसरा आरोपी मोहम्मद सरवर आजमी, निवासी चांदपट्टी, आजमगढ़ उत्तरप्रदेश है। इसे 29 जनवरी 2009 को गिरफ्तार किया गया। चौथा आरोपी सैफ उर्फ सैफुर्रहमान, निवासी आजमगढ़ उत्तरप्रदेश है। इसको 23 अप्रेल 2009 को गिरफ्तार किया गया। पांचवा आरोपी सलमान, निवासी निजामाबाद, उत्तर प्रदेश है। इसे 3 दिसंबर 2010 को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा कई अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं।<br /><br /><strong>16 मिनट के अंतराल में इन जगहों पर हुए बम धमाके</strong><br />1. 13 मई 2008 की शाम करीब 7.20 बजे पहला बम ब्लास्ट खंदा माणक चौक, हवा महल के सामने हुआ। इसमें 1 महिला की मौत हुई जबकि 18 लोग घायल।<br />2. दूसरा बम धमाका बड़ी चौपड़ के पास मनिहारों के खंदे में ताला चाबी वालों की दुकानों के पास शाम करीब 7.25 बजे हुआ। जिसमें 6 लोगों की मौत हुई साथ ही 27 लोग घायल हुए।<br />3. तीसरा बम ब्लास्ट शाम करीब 7.30 बजे छोटी चौपड़ पर कोतवाली थाने के बाहर पार्किंग में हुआ। इनमें 2 पुलिसकर्मियों सहित 7 लोगों की मौत हुई। जबकि 17 लोग घायल हुए थे।<br />4. चौथा बम धमाका भी इसी समय दुकान नंबर 346 के सामने, त्रिपोलिया बाजार के पास हुआ। इसमें 5 लोगों की मौत और 4 लोग घायल हुए।<br />5. पांचवां बम धमाका चांदपोल बाजार स्थित हनुमान मंदिर के बाहर पार्किंग स्टैंड पर शाम 7.30 बजे हुआ। इनमें सबसे ज्यादा 25 लोगों की मौत हुई, जबकि 49 लोग घायल हुए।<br />6. छठा बम ब्लास्ट जौहरी बाजार में पीतलियों के रास्ते की कार्नर पर नेशनल हैंडलूम के सामने शाम करीब 7.30 बजे हुआ। इनमें 8 लोगों की मौत और 19 लोग घायल हुए।<br />7. सातवां बम धमाका शाम 7.35 बजे छोटी चौपड़ पर फूलों के खंदे में हुआ। इसमें 2 लोगों की मौत और 15 लोग घायल हुए।<br />8. आठवां बम धमाका जौहरी बाजार में सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर के बाहर शाम 7.36 बजे हुआ। इसमें 17 लोगों की मौत हुई जबकि 36 लोग घायल हुए।<br />9. नौवे ब्लास्ट की कोशिश दुकान नंबर 17 के सामने चांदपोल बाजार में एक गेस्ट हाउस के बाहर करने की थी। बम में रात 9 बजे का टाइमर सेट था, लेकिन 15 मिनट पहले बम स्कॉड टीम ने इसे डिफ्यूज कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/decision-of-the-jaipur-bomb-blast-was-taken--but-the-victims-are-still-waiting-for-justice/article-9689</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/decision-of-the-jaipur-bomb-blast-was-taken--but-the-victims-are-still-waiting-for-justice/article-9689</guid>
                <pubDate>Fri, 13 May 2022 15:20:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/bomb-blast.gif"                         length="2146847"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जयपुर से रहा है विशेष रिश्ता : व्रत में ना गाने का नियम भी तोड़ा था राजस्थान की जनता की भलाई के लिए</title>
                                    <description><![CDATA[1987 में अकाल पीड़ितों की सहायता के लिए दिया था एसएमएस स्टेडियम में कार्यक्रम :एक करोड़ एक लाख का चेक भेट किया था मुख्यमंत्री को]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE---%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F/article-4300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/lata_haridev-jodhi.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन से पूरा देश स्तब्ध एवं शोक में है लेकिन राजस्थान के लोगों को उनके निधन से सदमा और पीड़ा बेहद है कारण की राजस्थान खासकर जयपुर से उनका विशेष रिश्ता रहा है। 1987 में जब राजस्थान में भीषण अकाल पड़ा और तत्कालीन सरकार के पास अकाल का मुकाबला करने के लिए रूपयों की कमी महसूस हुई तो सरकार के मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी ने सुर संगम संस्था के अध्यक्ष के सी मालू से स्वर कोकिला का जयपुर में अकाल पीड़ितों की सहायता के लिए चैरिटी कार्यक्रम कराने के लिए आमंत्रित करने को कहा। उस समय लता दीदी फिल्मों के गानों को लेकर बेहद व्यस्त थी लेकिन जब राजस्थान सरकार और के सी मालू ने उन्हें राजस्थान में भीषण अकाल के बारे में बताया तो वे तुरंत जयपुर में आने और अकाल पीड़ित राजस्थान की जनता के लिए अपने गीतो का कार्यक्रम देने के लिए राजी हो गई। लता दीदी अपने वायदे के मुताबिक जयपुर पहुंची और एसएमएस स्टेडियम में चालीस हजार दर्शकों से भी अधिक लोगों की मौजूदगी में अपने गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्वयं मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी ने टिकट खरीदकर एक उदाहरण भी पेश किया। फिल्म वितरक राज बंसल भी उस कार्यक्रम में बतौर वोलेंटियर व्यवस्था बनाने में शामिल थे। वे बताते है कि लता दीदी ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत ऐ मेरे वतन के लोगों से जैसे ही की तो पूरा एसएमएस स्टेडियम उनके स्वागत में खड़ा हो गया और तालियों की करतल ध्वनि से स्टेडियम गूंज उठा। लता मंगेशकर ने 26 बेहद सुरीले गीत गाएं और राजस्थान की जनता का दिल जीत लिया।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कार्यक्रम का समापन अजीब दास्तां है ये, कहा शुरू कहा खत्म से किया, जबकि आएगा आने वाला और मेरा साया साथ होगा जैसे सदाबहार नगमे भी गाए। उनके साथ मोहमद अजीज एवं उनकी बहन उषा मंगेशकर ने भी गीतों में उनका साथ दिया। लता दीदी ने जनता की डिमांड पर राजस्थानी भाषा में थांये काजलिया गीत नितिन मुकेश के साथ युगल रूप में सुनाया। और  वापस जयपुर आने का वायदा भी किया। उस कार्यक्रम से प्राप्त एक करोड़ एक लाख का चेक लता दीदी ने मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी को अकाल पीड़ितों की सहायता के लिए भेट किया। बंसल बताते है कि उन दिनों लोग सिगरेट खुले आम पिया करते थे स्टेडियम में उस कार्यक्रम के दौरान जब लोग सिगरेट पी रहे थे तो उस धुआं से लता दीदी सहज होकर गा नही पा रही थी जब उन्होंने सिगरेट ना पीने की अपील जनता से की तो सभी ने अपनी सिगरेटे बुझा दी। बंसल कहते है की उस दिन लता दीदी का व्रत था वे अमूमन व्रत के दिन गीत नहीं गाती थी लेकिन राजस्थान की अकाल पीड़ित जनता की भलाई के लिए ना केवल उन्होंने अपना नियम तोड़ा बल्कि जयपुर की उस तारीख को इतिहास में दर्ज कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE---%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F/article-4300</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE---%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F/article-4300</guid>
                <pubDate>Sun, 06 Feb 2022 12:03:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-02/lata_haridev-jodhi.jpg"                         length="71282"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना से हो जाएं अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[एक सप्ताह में 70 नए रोगी आए, अकेले जयपुर में 44 शिकार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%B2%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F/article-2456"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/corona-mks1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। प्रदेश में कोरोना के बढ़ने की आहट नजर आ रही है। सप्ताहभर पहले जहां प्रदेश में दस से कम मरीज आ रहे थे, अब यह बढ़कर 15 या इससे अधिक हो गए हैं। एक माह का आंकलन देखें तो प्रदेश में संक्रमित होने वालों की सप्ताहभर से संख्या ढाई गुना के करीब है। प्रदेश में नौ नवम्बर से बीते एक माह में प्रदेश में 114 नए मरीज आए थे, लेकिन अब सप्ताहभर में ही 70 नए रोगी सामने आए हैं। इनमें से अकेले जयपुर में 44 नए केस सामने आए हैं। प्रदेश में कोरोना के मंगलवार को भी 15 नए रोगी सामने आए हैं। इनमें से अकेले जयपुर में ही 10 नए केस आए हैं। वहीं अजमेर में 3, उदयपुर-बाड़मेर में 1-1 नया संक्रमित आया है। एक्टिव केस भी उसी रफ्तार से बढ़ रहे हैं। प्रदेश में  नवम्बर की शुरुआत में एक्टिव केस 35 के करीब बचे थे, लेकिन संक्रमण बढ़ने से अब यह 75 हो गए हैं। इनमें अकेले 51 एक्टिव केस जयपुर में हैं। इसके अलावा अजमेर में 11, बाड़मेर में 5, भीलवाड़ा-जोधपुर-अलवर-कोटा-नागौर में 1-1 एक्टिव केस हैं। हालांकि राहत यह है कि 24 जिले फिलहाल कोरोना फ्री हैं और 108 दिन से प्रदेश में कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%B2%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F/article-2456</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%B2%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F/article-2456</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Nov 2021 11:49:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/corona-mks1.jpg"                         length="375533"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सावधान रहें, बढ़ रहा कोरोना संक्रमण 16 नए रोगी, अकेले जयपुर में 12 शिकार </title>
                                    <description><![CDATA[ प्रदेश में शादी-ब्याह का सीजन शुरू होने और लोगों की लापरवाही से तीन दिन से कोरोना संक्रमण शनै-शनै बढ़ रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%82--%E0%A4%AC%E0%A5%9D-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%A3-16-%E0%A4%A8%E0%A4%8F-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80--%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-12-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2382"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/corona1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। प्रदेश में शादी-ब्याह का सीजन शुरू होने और लोगों की लापरवाही से तीन दिन से कोरोना संक्रमण शनै-शनै बढ़ रहा है। इसलिए सावधान रहने की जरूरत है। लापरवाही फिर कोरोना लहर ला सकती है। रविवार को प्रदेश में 16 नए रोगी मिले हैं। इनमें अकेले जयपुर में 12 नए शिकार हुए हैं। इसके अलावा अजमेर में 2, कोटा-नागौर में 1-1 नए रोगी सामने आए हैं।</p>
<p><br />हालांकि प्रदेश में मौतों से राहत बरकरार है। प्रदेश में रविवार को 106वें दिन भी कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है, लेकिन रिकवरी रेट नए मरीजों के मुकाबले कम हो गई है। रविवार को भी केवल 5 ही मरीज रिकवर हुए हैं। इसके लिए एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर प्रदेश में 82 हो गई है। जयपुर में एक्टिव केस पचास पार होकर 53 जा पहुंचे हैं। इसके अलावा अजमेर में 9, बीकानेर में 7, बाड़मेर में 5, जोधपुर में 3, गंगानगर-भीलवाड़ा-अलवर-कोटा-नागौर में 1-1 एक्टिव केस हैं। अभी 24 जिले कोरोना फ्री है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%82--%E0%A4%AC%E0%A5%9D-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%A3-16-%E0%A4%A8%E0%A4%8F-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80--%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-12-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2382</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%82--%E0%A4%AC%E0%A5%9D-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%A3-16-%E0%A4%A8%E0%A4%8F-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80--%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-12-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2382</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Nov 2021 11:34:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/corona1.jpg"                         length="76346"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        