<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/cji/tag-866" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>CJI - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/866/rss</link>
                <description>CJI RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>न्यायमूर्ति सूर्यकांत बने भारत ने नए सीजेआई : मुर्मू ने दिलाई राष्ट्रपति भवन में शपथ, कई लोग रहे मौजूद</title>
                                    <description><![CDATA[उनका कार्यकाल 9 फऱवरी 2027 तक होगा। उन्होंने न्यायमूर्ति बीआर गवई का स्थान लिया है, जो 23 नवंबर को सेवानिवृत हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/justice-surya-kant-became-indias-new-cji-murmu-administered-the/article-133417"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/cji1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में उन्हें मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई। उनका कार्यकाल 9 फऱवरी 2027 तक होगा। उन्होंने न्यायमूर्ति बीआर गवई का स्थान लिया है, जो 23 नवंबर को सेवानिवृत हुए हैं।</p>
<p>इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी तथा कई अन्य प्रमुख केन्द्रीय मंत्री और अन्य व्यक्ति मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/justice-surya-kant-became-indias-new-cji-murmu-administered-the/article-133417</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/justice-surya-kant-became-indias-new-cji-murmu-administered-the/article-133417</guid>
                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 12:26:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/cji1.png"                         length="1122445"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खुद पर हुए हमले पर बोले सीजेआई : घटना से स्तब्ध हूं, अब यह एक भुला दिया गया अध्याय</title>
                                    <description><![CDATA[CJI बीआर गवई ने खुद पर जूता फेंकने की कोशिश को "भुला दिया गया अध्याय" बताया, जबकि जस्टिस भुयान ने सख्त कार्रवाई की मांग की। आरोपी वकील राकेश किशोर की सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन से सदस्यता तत्काल रद्द कर दी गई। एसोसिएशन ने इसे न्यायिक गरिमा पर हमला बताया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cji-said-on-the-attack-on-him-i-am-shocked/article-129260"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/_4500-px)-(7).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने एक अधिवक्ता द्वारा उन पर जूता फेंकने की कोशिश मामले में चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वह और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन 6 अक्टूबर को अदालती कार्रवाई के दौरान हुई उस घटना से स्तब्ध थे, लेकिन अब यह एक भुला दिया गया अध्याय है। उन्होंने एक अन्य मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।  मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा कि सोमवार को जो हुआ उससे मैं और मेरे विद्वान भाई (न्यायमूर्ति चंद्रन) बहुत स्तब्ध हैं। हमारे लिए यह एक भुला दिया गया अध्याय है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उस अधिवक्ता के उक्त कृत्य को अक्षम्य बताया और इस मामले में मुख्य न्यायाधीश की उदारता व धैर्य की सराहना की।</p>
<p><strong>मेरे विचार से इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए थी : जस्टिस भुयान</strong></p>
<p>मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ में शामिल न्यायमूर्ति उज्जल भुयान ने हालांकि असहमति जताते हुए कहा कि इस पर मेरे अपने विचार हैं। जस्टिस गवई मुख्य न्यायाधीश हैं। यह घटना होना मजाक की बात नहीं है। यह हमला शीर्ष अदालत का अपमान था और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए थी।</p>
<p><strong>हमला करने वाले वकील की सदस्यता रद्द :</strong></p>
<p>इस बीच मुख्य न्यायाधीश गवई पर  हमले की कोशिश मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने अधिवक्ता राकेश किशोर की सदस्यता गुरुवार को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी। एसोशिएशन ने उन्हें गंभीर कदाचार का दोषी पाया। एससीबीए ने कहा कि अधिवक्ता किशोर का निंदनीय, अव्यवस्थित और असंयमित व्यवहार न्यायिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला और पेशेवर नैतिकता, शिष्टाचार और शीर्ष अदालत की गरिमा का गंभीर उल्लंघन है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cji-said-on-the-attack-on-him-i-am-shocked/article-129260</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cji-said-on-the-attack-on-him-i-am-shocked/article-129260</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Oct 2025 14:23:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/_4500-px%29-%287%29.png"                         length="151787"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोर्ट में सीजेआई पर हमले की कोशिश : वकील ने कोई वस्तु फेंकी, चिल्लाते हुए कहा- सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय में एक असामान्य घटनाक्रम में एक वकील ने अदालती कार्रवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीआर गवई पर कथित रूप से कोई वस्तु फेंकने की कोशिश की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/attempt-to-attack-cji-in-court-the-lawyer-threw-something/article-128940"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(5)9.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय में सोमवार सुबह एक असामान्य घटनाक्रम में एक वकील ने अदालती कार्रवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीआर गवई पर कथित रूप से कोई वस्तु फेंकने की कोशिश की। अदालत कक्ष के अंदर नारे लगाने वाले वकील को सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत पकड़ लिया और कक्ष से बाहर ले गए। इस व्यवधान के कारण अदालत की कार्रवाई कुछ देर तक बाधित रही लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।</p>
<p><strong>कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा : जूता फेंका</strong></p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अदालत कक्ष से बाहर निकाले जाने के दौरान उसने चिल्लाते हुए कहा कि सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि उसने जूता फेंकने की कोशिश की जबकि अन्य ने कहा कि वह कागज का एक रोल था।</p>
<p><strong>हम इससे विचलित नहीं : गवई</strong></p>
<p>मुख्य न्यायाधीश गवई ने संयम दिखाते हुए व्यवधान के तुरंत बाद कार्रवाईफिर से शुरू की। उन्होंने वकील से बहस जारी रखने का आग्रह करते हुए शांतिपूर्वक कहा, ध्यान मत भटकाइए। हम इससे विचलित नहीं हैं। घटना के बाद अदालत कक्ष के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई।</p>
<p><strong>वकील का लाइसेंस रद्द :</strong></p>
<p>सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने आरोपी वकील राकेश किशोर कुमार का लाइसेंस रद्द कर दिया है। उसका रजिस्ट्रेशन 2011 का है। इसके साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी आरोपी को तुरंत निलंबित कर दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/attempt-to-attack-cji-in-court-the-lawyer-threw-something/article-128940</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/attempt-to-attack-cji-in-court-the-lawyer-threw-something/article-128940</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 11:00:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/copy-of-news-%285%299.png"                         length="373814"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जस्टिस बीआर गवई होंगे भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश, 52वें सीजेआई के तौर पर लेंगे शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[जस्टिस बीआर गवई से पहले अनुसूचित जाति समुदाय से जस्टिस केजी बालाकृष्णन सीजेआई रह चुके है। वह करीब 6 महीने तक भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/justice-br-gavai-will-be-the-next-chief-justice-of/article-111007"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/6622-copy77.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। जस्टिस बीआर गवई भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। उन्हें अनुसूचित जाति से दूसरे सीजेआई बनने का अवसर मिलेगा। वह 14 मई को देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने केंद्रीय कानून मंत्रालय को सीजेआई के लिए जस्टिस बीआर गवई के नाम की सिफारिश की है। </p>
<p>जस्टिस बीआर गवई से पहले अनुसूचित जाति समुदाय से जस्टिस केजी बालाकृष्णन सीजेआई रह चुके है। वह करीब 6 महीने तक भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/justice-br-gavai-will-be-the-next-chief-justice-of/article-111007</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/justice-br-gavai-will-be-the-next-chief-justice-of/article-111007</guid>
                <pubDate>Wed, 16 Apr 2025 17:20:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-04/6622-copy77.jpg"                         length="89902"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जस्टिस संजीव खन्ना बने देश के 51वें सीजेआई, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस संजीव खन्ना को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/justice-sanjeev-khanna-became-the-51st-cji-of-the-country/article-94819"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/27rtrer2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। जस्टिस संजीव खन्ना ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस संजीव खन्ना को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। जस्टिस खन्ना रविवार को सेवानिवृत्त हुए जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की जगह लेंगे,उनका कार्यकाल 13 मई, 2025 तक रहेगा। जस्टिस खन्ना के नाम की सिफारिश जस्टिस चंद्रचूड़ ने की थी।</p>
<p>राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। जस्टिस खन्ना चुनाव में ईवीएम की उपयोगिता बनाए रखना, चुनावी बांड योजना को खारिज करना, अनुच्छेद-370 के निरस्तीकरण के फैसले को कायम रखना और दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार के लिए अंतरिम जमानत प्रदान करने के फैसले देने वाले बेंच में शामिल थे। दिल्ली हाई कोर्ट के जज नियुक्त होने से पहले वे तीसरी पीढ़ी के वकील थे। उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/justice-sanjeev-khanna-became-the-51st-cji-of-the-country/article-94819</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/justice-sanjeev-khanna-became-the-51st-cji-of-the-country/article-94819</guid>
                <pubDate>Mon, 11 Nov 2024 12:33:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-11/27rtrer2.png"                         length="268347"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या विवाद के हल पर बोले सीजेआई, मैं भगवान के सामने बैठा और प्रार्थना की </title>
                                    <description><![CDATA[बेंच ने यह भी फैसला दिया था कि अयोध्या में ही वैकल्पिक पांच एकड़ के भूखंड पर एक मस्जिद बनेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cji-said-on-the-solution-of-ayodhya-dispute-i-sat/article-93536"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/cji-chandrachud-.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि उन्होंने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के समाधान के लिए भगवान से प्रार्थना की और कहा कि अगर किसी में आस्था है तो भगवान उसका हल निकाल लेंगे। वह पुणे के खेड़ तालुका में अपने पैतृक गांव कन्हेरसर के निवासियों को संबोधित कर रहे थे, जहां उनका सम्मान किया गया। </p>
<p>सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, अक्सर हमारे पास मामले होते हैं, लेकिन हम समाधान पर नहीं पहुंचते। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के दौरान भी कुछ ऐसा ही हुआ था, जो तीन महीने तक मेरे सामने था।</p>
<p>सीजेआई चंद्रचूड़ ने आगे कहा कि मैं भगवान के सामने बैठा और उनसे कहा कि आपको कोई समाधान खोजना होगा। यह कहते हुए कि वह नियमित रूप से पूजा करते हैं। सीजेआई ने कहा, मेरा विश्वास करें, यदि आप में आस्था है, तो भगवान हमेशा कोई रास्ता निकाल लेंगे। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पांच.न्यायाधीशों की पीठ ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करके एक विवादास्पद मुद्दे का निपटारा किया जो एक सदी से भी अधिक पुराना था।</p>
<p><strong>ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाली बेंच का हिस्सा थे चंद्रचूड़</strong><br />बेंच ने यह भी फैसला दिया था कि अयोध्या में ही वैकल्पिक पांच एकड़ के भूखंड पर एक मस्जिद बनेगी। सीजेआई चंद्रचूड़ उस पीठ का हिस्सा थे जिसने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। संयोग से, सीजेआई ने इस साल जुलाई में अयोध्या में राम मंदिर का दौरा किया था और पूजा की थी। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम इस साल जनवरी में किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cji-said-on-the-solution-of-ayodhya-dispute-i-sat/article-93536</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cji-said-on-the-solution-of-ayodhya-dispute-i-sat/article-93536</guid>
                <pubDate>Mon, 21 Oct 2024 11:02:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-11/cji-chandrachud-.png"                         length="295228"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बार काउंसिल कानून से अधिक नामांकन शुल्क नहीं वसूल सकती: SC </title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने कहा कि एक्ट के तहत सामान्य वर्ग के वकीलों के लिए 750 रूपये और एसटी/एससी वर्गों से आने वाले वकीलों को 125 रूपये नामांकन फीस है। बार काउंसिल को नियमों का पालन करना चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bar-council-cannot-charge-enrollment-fee-more-than-the-law/article-86297"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/supreme-court--2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने नए वकीलों को बार काउंसिल में नामांकन दाखिल करने के लिए शुल्क को लेकर बड़ा फैसला दिया है। सीजेआई ने जजमेंट में लिखा कि भारत और राज्य की बार काउंसिल वकीलों के लिए बार काउंसिल एडवोकेट्स एक्ट में तय शुल्क से अधिक नहीं ले सकते। संविधान के अनुच्छेद 19(1)(3) और 14 तथा अधिवक्ता अधिनियम की धारा 24(1)(एफ) का उल्लंघन है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एक्ट के तहत सामान्य वर्ग के वकीलों के लिए 750 रूपये और एसटी/एससी वर्गों से आने वाले वकीलों को 125 रूपये नामांकन फीस है। बार काउंसिल को नियमों का पालन करना चाहिए। अधिक शुल्क वसूली कमजोर वकीलों के आगे बढ़ने में अवरोध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/bar-council-cannot-charge-enrollment-fee-more-than-the-law/article-86297</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/bar-council-cannot-charge-enrollment-fee-more-than-the-law/article-86297</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jul 2024 15:11:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/supreme-court--2.jpg"                         length="195864"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET UG SC Hearing : आईआईटी दिल्ली को 3 सदस्ययी कमेटी बनाने का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[नीट यूजी परीक्षा में गड़बड़ी पर आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने आईआईटी दिल्ली को 3 सदस्ययी कमेटी बनाने के आदेश दिए है। मामले पर कल फिर सुनवाई होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sc-cji-is-hearing-the-neet-ug-paper-leak-case/article-85475"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/supreme-court--2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नीट यूजी परीक्षा में गड़बड़ी पर आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने एक सवाल के दो जवाब सही होने के मामले में आईआईटी दिल्ली को 3 सदस्ययी कमेटी बनाने के आदेश दिए है। मामले पर कल फिर सुनवाई होगी।</p>
<p>सरकार ने माना है कि 3300 अभ्यर्थियों को गलत पेपर मिला था। उन्हे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बैंक में रखा पेपर की जगर कैनरा बैंक में रखा पेपर दिया गया था।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पेपर 4 मई से पहले ही लीक हो गया था। </p>
<p>मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ समेत तीन जजों की बैंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। इस पहले 18 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को आदेश दिया था कि एनटीए सेंटरवाइज परिणाम 20 जुलाई तक वेबसाइट पर उपलब्ध करवाए।   </p>
<p>गौरतलब है कि नीट यूजी की परीक्षा एनटीए ने 5 मई को करवाई थी, जिसका परिणाम 4 जून को जारी किया था।</p>
<div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/sc-cji-is-hearing-the-neet-ug-paper-leak-case/article-85475</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/sc-cji-is-hearing-the-neet-ug-paper-leak-case/article-85475</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 10:28:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/supreme-court--2.jpg"                         length="195864"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Supreme Court में सोरेन ने अपनी गिरफ्तारी को दी चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड में कथित भूमि घोटाले से संबंधित धन शोधन के एक मामले में तीन माह से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्च न्यायालय से अपनी याचिका खारिज होने के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देते हुए शीघ्र सुनवाई की गुहार लगाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/soren-challenged-his-arrest-in-the-supreme-court/article-76985"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। झारखंड में कथित भूमि घोटाले से संबंधित धन शोधन के एक मामले में तीन माह से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्च न्यायालय से अपनी याचिका खारिज होने के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देते हुए शीघ्र सुनवाई की गुहार लगाई।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और जे बी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ के समक्ष सोरेन का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने रखा। उन्होंने लोकसभा के लिए 13 अप्रैल से शुरू और एक जून के अंतिम चरण के होने वाले मतदान के साथ ही अनुच्छेद 32 के तहत पहले दायर अपनी याचिका का जिक्र करते हुए (उच्च न्यायालय के आदेश के बाद दायर) 'विशेष अनुमति याचिका' पर शीघ्र सुनवाई के अनुरोध पर किया। इस पर पीठ उनसे कहा कि वह दोनों याचिकाओं के संबंध में ईमेल संदेश के जरिए सूचित करें।</p>
<p>झारखंड उच्च न्यायालय ने सोरेन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका तीन मई को खारिज कर दी थी। अदालत ने इस मामले में सुनवाई पूरी कर 28 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने अनुच्छेद 32 के तहत दायर सोरेन की याचिका पर सुनवाई करते हुए 29 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया था। साथ ही, शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि उच्च न्यायालय छह मई से शुरू होने वाले सप्ताह से पहले चाहे तो कोई आदेश पारित कर सकता है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दिपांकर दत्ता की पीठ ने 29 अप्रैल को पारित करते हुए इस मामले को अगले छह मई से शुरू होने वाले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि इस बीच झारखंड उच्च न्यायालय (जिसने इस मामले में 28 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था) चाहे तो कोई आदेश पारित कर सकता है।</p>
<p>न्यायमूर्ति खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष 28 अप्रैल को पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल ने 24 अप्रैल को भी झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता सोरेन का पक्ष रखते हुए उनकी ओर से अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया था। सिब्बल ने पीठ के समक्ष 'विशेष उल्लेख' के दौरान कहा था कि इस मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय ने 27 और 28 फरवरी को सुनवाई की थी, लेकिन अभी तक कोई आदेश पारित नहीं किया गया है।</p>
<p>पीठ के समक्ष उन्होंने कहा था कि उच्च न्यायालय के आदेश पारित कराने में देरी का मतलब यह होगा कि पूर्व मुख्यमंत्री सोरेन को लोकसभा चुनाव के दौरान जेल में ही रहेंगे।उन्होंने दलील देते हुए कहा था कि उच्च न्यायालय की ओर से इस मामले में कोई आदेश पारित करने में देरी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री सोरेन ने अनुच्छेद 32 के तहत शीर्ष अदालत के समक्ष याचिका दायर की थी।</p>
<p>केंद्रीय जांच एजेंसी (ईडी) ने 31 जनवरी 2024 को पूर्व मुख्यमंत्री सोरेन को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के मद्देनजर उसी दिन उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।उन्होंने तब राहत की गुहार लगाते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन तब उन्हें को राहत नहीं मिली। उनकी याचिका दो फरवरी को खारिज कर दी गई थी।</p>
<p>न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की विशेष पीठ ने तब (दो फरवरी को) याचिका खारिज करते हुए सोरेन को अपनी जमानत के लिए झारखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को कहा था।</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री सोरेन को झारखंड में कथित भूमि घोटाले से संबंधित धन शोधन के एक मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 31 जनवरी 24 को एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद में गिरफ्तार किया था। राज्य की एक विशेष अदालत ने एक फरवरी को उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिसकी अवधि सामय-समय बढ़ाई गई।</p>
<p>शीर्ष अदालत की पीठ ने दो फरवरी को याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता का पक्ष रख रहे वरिष्ठ सिब्बल से पूछा था, आपको उच्च न्यायालय क्यों नहीं जाना चाहिए? अदालतें सभी के लिए खुली हैं। विशेष पीठ ने वकील से यह भी कहा था, उच्च न्यायालय भी संवैधानिक अदालतें हैं। यदि हम एक व्यक्ति को अनुमति देते हैं तो हमें ऐसा सभी देनी होगी।</p>
<p>सोरेन की ओर से वरिष्ठ वकील ए एम सिंघवी ने भी दलील दी थी। उन्होंने दलील देते हुए कहा था कि शीर्ष अदालत को मामले पर विचार करने का समवर्ती क्षेत्राधिकार मिला हुआ है। वहीं, सिब्बल ने कहा था कि यह अदालत हमेशा अपने विवेक का इस्तेमाल कर सकती है। पीठ पर इन दलीलों का कोई असर नहीं पड़ा था और उसने सोरेन की याचिका खारिज कर दी थी।</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री सोरेन अपनी याचिका में गुहार लगाते हुए अपनी गिरफ्तारी को अनुचित, मनमाना और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन घोषित करने का अनुरोध शीर्ष अदालत से किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/soren-challenged-his-arrest-in-the-supreme-court/article-76985</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/soren-challenged-his-arrest-in-the-supreme-court/article-76985</guid>
                <pubDate>Mon, 06 May 2024 16:08:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-04/supreme-court--3.jpg"                         length="206029"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rajyasabha में पेश हो सकता है मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित बिल, सीजेआई की भुमिका हो सकती है खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[अब तक मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली समिति में प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और विपक्ष के नेता हुआ करते थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-bill-related-to-the-appointment-of-the-chief-election/article-54232"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/parliament-(2).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मानसून सत्र में केन्द्र सरकार की ओर से राज्यसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को रेगुलेट करने से संबंधित बिल पेश किया जा सकता है। इस बिल के अस्तित्व में आने पर मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका को खत्म किया जा सकता है।</p>
<p>अब तक मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली समिति में प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और विपक्ष के नेता हुआ करते थे। हालांकि अभी तक बिल का डार्फ्ट सामने नहीं आया है।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-bill-related-to-the-appointment-of-the-chief-election/article-54232</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-bill-related-to-the-appointment-of-the-chief-election/article-54232</guid>
                <pubDate>Thu, 10 Aug 2023 13:25:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-08/parliament-%282%29.png"                         length="456916"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और वरिष्ठ अधिवक्ता के. वी. विश्वनाथन ने ली सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय उच्चतम न्यायालय की कॉलेजियम ने 16 मई 2023 को न्यायमूर्ति मिश्रा और वरिष्ठ वकील विश्वनाथन को पदोन्नत कर शीर्ष अदालत का न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/justice-prashant-kumar-mishra-and-senior-advocate-k-k--v--vishwanathan-sworn-in-as-supreme-court-judge/article-45983"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/supreme-court.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और वरिष्ठ अधिवक्ता के. वी. विश्वनाथन को शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई गई। मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने उन्हें शीर्ष अदालत में आयोजित एक समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।</p>
<p>न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय उच्चतम न्यायालय की कॉलेजियम ने 16 मई 2023 को न्यायमूर्ति मिश्रा और वरिष्ठ वकील विश्वनाथन को पदोन्नत कर शीर्ष अदालत का न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी। </p>
<p>मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने गुरुवार को दोनों न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/justice-prashant-kumar-mishra-and-senior-advocate-k-k--v--vishwanathan-sworn-in-as-supreme-court-judge/article-45983</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/justice-prashant-kumar-mishra-and-senior-advocate-k-k--v--vishwanathan-sworn-in-as-supreme-court-judge/article-45983</guid>
                <pubDate>Fri, 19 May 2023 14:52:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-05/supreme-court.png"                         length="284822"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीजेआई ने छात्रों की खुदकुशी पर जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[ सीजेआई ने कहा कि हाल ही में मैंने आईआईटी बॉम्बे में एक दलित छात्र की आत्महत्या के बारे में पढ़ा था। इस घटना ने मुझे पिछले साल ओडिशा में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एक आदिवासी छात्र की आत्महत्या के बारे में याद दिलाया। मैं इन छात्रों के परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cji-expresses-concern-over-suicides-by-iit-students/article-38323"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/site-photo-size-(20)1.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने छात्रों द्वारा आत्महत्या के मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि वह सोच रहे हैं कि हमारे संस्थान कहां गलत हैं कि छात्र अपनी जान लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं। नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च में कॉन्वोकेशन को संबोधित करते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने आईआईटी बॉम्बे में हाल ही में एक दलित छात्र की कथित आत्महत्या की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के वंचित समुदायों के छात्रों में ऐसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। सीजेआई ने आगे कहा कि हाल ही में मैंने आईआईटी बॉम्बे में एक दलित छात्र की आत्महत्या के बारे में पढ़ा था। इस घटना ने मुझे पिछले साल ओडिशा में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एक आदिवासी छात्र की आत्महत्या के बारे में याद दिलाया। मैं इन छात्रों के परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि मैं यह भी सोच रहा हूं कि हमारे संस्थान कहां गलत हैं कि छात्रों को अपनी जान देनी पड़ रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/cji-expresses-concern-over-suicides-by-iit-students/article-38323</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/cji-expresses-concern-over-suicides-by-iit-students/article-38323</guid>
                <pubDate>Sun, 26 Feb 2023 10:20:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-02/site-photo-size-%2820%291.jpg"                         length="193231"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        