<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/reform/tag-8694" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>reform - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/8694/rss</link>
                <description>reform RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नीट-यूजी पेपर लीक: एनटीए ने दी सुप्रीम कोर्ट को कड़े सुरक्षा उपायों की जानकारी, बहु-चरण परीक्षाओं को शुरू करने का दिया सुझाव</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया है कि नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा अब कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। पेपर लीक जांच सीबीआई को सौंपने और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर यह ऐतिहासिक बदलाव किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/neet-ug-paper-leaked-nta-informs-supreme-court-about-stringent-security/article-155418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nta-logo.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार को उच्चतन न्यायालय को बताया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 को रद्द करने और कथित पेपर लीक की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) को सौंपने का उसका फ़ैसला इस बात का प्रमाण है कि एजेंसी और केंद्र सरकार परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को कितनी गंभीरता से ले रही हैं। एनटीए ने कहा कि पिछले दो सालों में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए विवादों के बाद नीट परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए कई बड़े सुधार लागू किए गए हैं। उच्चतम न्यायालय में जमा किए गए एक हलफ़नामे में एनटीए ने शीर्ष न्यायालय के निर्देशों के पालन में बनाई गयी उच्च-स्तरीय समिति के गठन और कामकाज से जुड़ी समय-सीमा की जानकारी दी।</p>
<p>एजेंसी ने न्यायालय को बताया कि उसके द्वारा आयोजित सभी बड़ी परीक्षाओं में से नीट यूजी 2026 ही एकमात्र ऐसी परीक्षा है जो अभी भी पेन और पेपर टेस्ट (पीपीटी) मोड में आयोजित की जा रही थी। यह मुख्य रूप से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा तय की गयी योजना के अनुसार की जा रही थी। हलफ़नामे में कहा गया है, "एनटीए की अन्य सभी बड़ी परीक्षाएं पहले से ही कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित की जाती हैं।" एनटीए ने न्यायालय को बताया कि उच्च-स्तरीय समिति ने विशेष रूप से नीट यूजी को पीपीटी से सीबीटी मोड में बदलने की सिफ़ारिश की थी। साथ ही बहु-सत्र और बहु-चरण परीक्षाओं को शुरू करने का भी सुझाव दिया था।</p>
<p>एजेंसी के अनुसार, यह बदलाव संबंधित मंत्रालय के परामर्श से अगले परीक्षा चक्र से लागू किया जाएगा। यह हलफ़नामा नीट परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और व्यापक परीक्षा सुधारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं के संबंध में दायर किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/neet-ug-paper-leaked-nta-informs-supreme-court-about-stringent-security/article-155418</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/neet-ug-paper-leaked-nta-informs-supreme-court-about-stringent-security/article-155418</guid>
                <pubDate>Fri, 29 May 2026 18:52:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/nta-logo.png"                         length="810054"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत की चेतावनी : पाकिस्तान को स्वीकार करना होगा, सीमापार आतंकवाद प्रायोजित करने के होते हैं गंभीर परिणाम </title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद प्रायोजित करने के गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने यूएनएससी के वर्तमान ढांचे को '1940 के दशक का पुराना ढांचा' बताते हुए इसमें सुधार और भारत के लिए स्थायी सदस्यता की मांग पुरजोर तरीके से उठाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-warns-pakistan-that-sponsoring-cross-border-terrorism-has-serious-consequences/article-155237"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/harish.jpg" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में पाकिस्तान पर दशकों से आतंकवाद, धार्मिक उग्रवाद और हिंसक कट्टरवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे 'यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के गंभीर परिणाम होते हैं।' न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद की खुली बहस में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने कड़ा प्रतिवाद करते हुए कहा, "मैं आज पाकिस्तान द्वारा की गई आधारहीन और अनुचित टिप्पणियों का जवाब देने के लिए बाध्य हूँ। भारत तथ्यों को स्पष्ट करना चाहता है।"</p>
<p>राजदूत ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से पाकिस्तान का इतिहास भारत के खिलाफ आक्रामकता और सीमा पार आतंकवाद को लगातार प्रायोजित करने से भरा रहा है। उन्होंने कहा, "स्वतंत्र भारत ने अपनी शुरुआत पाकिस्तान द्वारा किए गए सीमा पार आक्रमण का मुकाबला करते हुए की थी।" हरीश ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कई 'हमले' किये हैं और 'बिना उकसावे के आक्रामकता' दिखाई है, जबकि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हुए सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देना भी जारी रखे हुए है।</p>
<p>हरीश ने 'भारत को हजार घाव देकर लहूलुहान करने के पाकिस्तान के सिद्धांत' का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के पास अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है और 'पाकिस्तान को यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के परिणाम होते हैं।'<br />राजदूत ने पाकिस्तान पर उसके गठन के समय से ही 'आतंकवाद, धार्मिक उग्रवाद और हिंसक कट्टरवाद की ताकतों' को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये तथ्य अच्छी तरह से दर्ज हैं। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान आतंकवाद के लिए हर तरह के समर्थन को 'विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से' समाप्त करे।</p>
<p>इस बहस से अलग, भारत ने इस मंच का उपयोग सुरक्षा परिषद के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए अपने अब तक के सबसे मजबूत तर्कों को पेश करने के लिए किया। भारत ने इसके वर्तमान ढांचे को '1940 के दशक के पूराने' ढांचे के रूप में वर्णित किया। हरीश ने कहा कि सुरक्षा परिषद की व्यवस्था अब पुरानी हो चुकी है। इसे समझाने के लिए उन्होंने 1945 के पुराने कंप्यूटर का उदाहरण दिया और कहा कि आज की आधुनिक एआई तकनीक को इतने पुराने सिस्टम पर चलाने जैसी स्थिति सुरक्षा परिषद की है।</p>
<p>राजदूत ने कहा कि केवल अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाना काफी नहीं है, जबकि पांच स्थायी सदस्यों (पी5) को वैसे ही रखा जाए। स्थायी सदस्यता में भी बदलाव और विस्तार होना चाहिए। इसी संदर्भ में भारत ने अपनी स्थायी सीट की मांग भी दोहराई। हरीश ने संयुक्त राष्ट्र में 'दोहरे मापदंड' अपनाने की भी आलोचना की। उन्होंने रेखांकित किया कि अलग-अलग मामलों में नियमों को अलग तरीके से लागू किया जाता है और बातों व कामों में फर्क दिखाई देता है। उन्होंने जोर दिया कि केवल ताकत और दबाव से मजबूत वैश्विक व्यवस्था या दुनिया का भला नहीं हो सकता। राजदूत ने कहा कि सुरक्षा परिषद को एक सक्रिय और समय के साथ बदलने वाली संस्था होना चाहिए, कोई 'जीवाश्म' यानी जड़ और पुरानी संस्था नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/india-warns-pakistan-that-sponsoring-cross-border-terrorism-has-serious-consequences/article-155237</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/india-warns-pakistan-that-sponsoring-cross-border-terrorism-has-serious-consequences/article-155237</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 14:20:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/harish.jpg"                         length="1350609"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेपर लीक मामला: कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, जयराम बोले-केंद्रीय शिक्षा मंत्री दे इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने फरवरी 2024 के परीक्षा विरोधी कानून को विफल बताते हुए आरोप लगाया कि ऊंचे दामों पर 'गेस पेपर' लीक किए गए। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और एनटीए में व्यापक सुधार की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/paper-leak-case-congress-attacks-central-government-jairam-said/article-154984"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/jairamm-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामलों को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार हुए पेपर लीक और नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने फरवरी 2024 में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम पारित किया था। कांग्रेस संचार विभाग प्रभारी जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि सरकार ने इस कानून को "ऐतिहासिक" बताया था, लेकिन विपक्ष ने उसी समय चेताया था कि यह कानून "गेस पेपर" और अन्य तरीकों से होने वाले पेपर लीक को रोकने में नाकाम रहेगा। </p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि अब यह स्पष्ट हो चुका है कि केंद्र सरकार का यह कानून पेपर लीक रोकने के लिए पर्याप्त नहीं था। उन्होंने कहा कि भले ही केंद्र सरकार शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सामने नीट 2026 में पेपर लीक से इनकार कर रही हो, लेकिन कथित तौर पर 'गेस पेपर' ऊंची बोली लगाने वालों तक पहुंचाया गया। पिछले दो वर्षों में लाखों छात्रों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी है। जयराम रमेश ने इस मामले में तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए, एनटीए में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए और सार्वजनिक परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया, प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर मूल्यांकन तक के लिए एक फुलप्रूफ प्रोटोकॉल तैयार किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या केंद्र सरकार छात्रों के हित और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बचाने के लिए ठोस कदम उठाएंगी या फिर मौजूदा स्थिति को जारी रखेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/paper-leak-case-congress-attacks-central-government-jairam-said/article-154984</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/paper-leak-case-congress-attacks-central-government-jairam-said/article-154984</guid>
                <pubDate>Mon, 25 May 2026 17:34:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/jairamm-ramesh.png"                         length="829479"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुर्भाग्यपूर्ण! नीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा पिछली गलतियों से नहीं लिया सबक, केंद्र और एनटीए से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[नीट-यूजी 2026 परीक्षा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और एनटीए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ताओं ने स्वतंत्र एजेंसी से दोबारा परीक्षा कराने और डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-is-strict-on-the-unfortunate-neet-paper-leak/article-154939"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/supreme-court-of-india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 परीक्षा को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में दाखिल विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जवाब मांगा है। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछली घटनाओं से अब तक कोई सबक नहीं लिया गया।</p>
<p>सुनवाई के दौरान कोर्ट ने NTA से उस मॉनिटरिंग कमेटी की स्थिति स्पष्ट करने को कहा, जिसे पहले अदालत के निर्देश पर गठित किया गया था। कोर्ट ने पूछा कि समिति की सिफारिशों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई और उसकी रिपोर्ट कहां है।</p>
<p>याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा प्रक्रिया में बड़े बदलाव की मांग की है। इसमें NTA को हटाकर नई स्वतंत्र एजेंसी बनाने, परीक्षा को कंप्यूटर आधारित करने और प्रश्नपत्रों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे सुझाव शामिल हैं। साथ ही, न्यायिक निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने और सेंटरवार रिजल्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-is-strict-on-the-unfortunate-neet-paper-leak/article-154939</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-is-strict-on-the-unfortunate-neet-paper-leak/article-154939</guid>
                <pubDate>Mon, 25 May 2026 14:45:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/supreme-court-of-india.png"                         length="957156"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक, बोले- पीछे मुड़कर देखने का नहीं है समय, विकास कार्यो में लाए तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 देशों के दौरे से लौटते ही मंत्रिपरिषद के साथ साढ़े चार घंटे लंबी समीक्षा बैठक की। इस बैठक में 30 कैबिनेट मंत्रियों सहित सभी मंत्री शामिल हुए। पीएम ने लंबित कार्यों को तेज करने, महंगाई पर लगाम लगाने और पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/council-of-ministers-meeting-chaired-by-pm-modi-said/article-154628"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(10)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जैसे पांच देशों के राजनयिक दौरे से लौटने के तुरंत बाद मंत्रिपरिषद के साथ साढ़े चार लंबी चली समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। सरकारी अधिकारियों ने इस बैठक को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की एक बड़ी मध्यावधि समीक्षा प्रक्रिया बताया है। इस बैठक में प्रशासनिक कामकाज, आर्थिक तैयारी, कल्याणकारी योजनाओं के वितरण और पश्चिम एशिया में बढ़ते विवाद का ऊर्जा सुरक्षा और महंगाई पर पड़ने वाले असर पर ध्यान केंद्रित किया गया।</p>
<p>इस बैठक में 30 कैबिनेट मंत्री, 36 राज्य मंत्री और 5 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री शामिल थे। यह इस साल मंत्रिपरिषद की पहली पूर्ण बैठक थी। बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने सभी केंद्रीय मंत्रियों को साफ़ तौर पर सभी लंबित सरकारी कामों को तेज़ी से पूरा करने का निर्देश दिया। कार्रवाई से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने परिषद से लंबित काम पूरे करने का आग्रह किया। मंत्रियों ने बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, आवास, रोज़गार पैदा करना, डिजिटल शासन और कल्याणकारी योजनाओं के वितरण जैसे प्रमुख कार्यक्रमों पर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट भी पेश की। इसमें उपलब्धियों, चुनौतियों और अंतिम छोर तक वितरण को बेहतर बनाने के लिए कार्य योजनाएं बताई गईं।</p>
<p>एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, "इस प्रक्रिया का मकसद प्रशासनिक नतीजों का मूल्यांकन करना और यह पक्का करना है कि प्रमुख कार्यक्रम ज़मीनी स्तर पर असरदार तरीके से काम करते रहें।" उन्होंने यह भी कहा कि "मंत्रालयों के बीच तालमेल सुधारने और वितरण के तरीकों को बेहतर बनाने पर भी ज़ोर दिया गया है।" चर्चा का एक बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट और उसके आर्थिक असर पर केंद्रित था। ईरान से जुड़े तनाव और बड़ी क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ज़्यादा हो गईं, इसलिए परिषद ने घरेलू महंगाई के दबाव को कम करने और ऊर्जा सुरक्षा को सुरक्षित रखने पर गहराई से विचार-विमर्श किया। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री परिवहन बाधा बिंदुओं पर चिंता जताई गई। यह दुनिया भर में तेल परिवहन के एक बड़े हिस्से के लिए एक ज़रूरी मार्ग है।</p>
<p>एक और सूत्र ने कहा, "सरकार दुनिया भर में अनिश्चितताओं और उनके घरेलू असर को लेकर सचेत है।" "चर्चा के दौरान आर्थिक मजबूती, कल्याणकारी सुरक्षा और रणनीतिक तैयारी मुख्य विषय बने रहने की उम्मीद है।" मंत्रिपरिषद ने अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बदलावों के जवाब में तुरंत राजकोषीय नीति उपायों और सरकार द्वारा शुरू की गई मितव्ययिता निगरानी प्रणाली का भी जायजा लिया। अर्थव्यवस्था के अलावा, सत्र में "अगली पीढ़ी के सुधारों" के लिए कार्ययोजना की समयसीमा का आकलन किया गया, जिसका मकसद "जीवन यापन में आसानी" और "व्यापार करने में आसानी" को बेहतर बनाना है। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने लागू करने की चुनौतियों, जवाबदेही प्रणाली और उभरते वैश्विक और घरेलू जोखिमों के लिए तैयारी पर मंत्रियों के साथ विस्तार से बातचीत की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/council-of-ministers-meeting-chaired-by-pm-modi-said/article-154628</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/council-of-ministers-meeting-chaired-by-pm-modi-said/article-154628</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 11:58:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1111200-x-600-px%29-%2810%293.png"                         length="1770893"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरजी कर मामला: पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल समेत तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर चली शुभेंदु अधिकारी की तलवार, इन लोगों की बढ़ सकती है मुश्किलें</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर बलात्कार-हत्या मामले में लापरवाही बरतने पर पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल सहित तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन पर जांच में कोताही और पीड़ित परिवार को रिश्वत देने के गंभीर आरोप हैं। मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और जांच में खामियों पर सख्त रुख अपनाया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rg-tax-case-shubhendu-adhikaris-sword-on-three-senior-ips/article-153980"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bengal-cm.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में शुक्रवार को कोलकाता पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और दो अन्य आईपीएस अधिकारियों इंदिरा मुखर्जी तथा अभिषेक गुप्ता को निलंबित कर दिया। उल्लेखनीय है कि तब गोयल कोलकाता (उत्तर) में पुलिस आयुक्त थे और 9 अगस्त, 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक 31 साल की पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डाक्टर की बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। मुखर्जी और गुप्ता उस समय अलग क्षेत्रों में उपायुक्त के पद पर तैनात थे।</p>
<p>सीएम अधिकारी ने कहा कि इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और इसकी विभागीय जांच होगी क्योंकि "वे पीड़ित के परिवार वालों को रिश्वत देने में शामिल थे और कम से कम एक अधिकारी ने कोलकाता पुलिस या गृह मंत्रालय से बिना किसी लिखित आदेश के संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया था।" गौरतलब है कि सरकारी अस्पताल में बलात्कार और हत्या के बाद दुनियाभर में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन भी हुए थे। इस मामले को सीबीआई को सौंपे जाने से पहले कोलकाता पुलिस ने 33 साल के एक पुलिस स्वयंसेवक संजय रॉय को गिरफ्तार किया था।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यह कार्रवाई उस घटना पर कोलकाता पुलिस के जवाब की समीक्षा के बाद की गई, जिसे बहुत गलत तरीके से हैंडल किया गया था। सीएम अधिकारी ने कहा कि चूंकि उनके पास गृह मंत्रालय भी है इसलिए उन्होंने कोलकाता पुलिस के प्रारंभिक जवाब और घटना से निपटने की जांच के तथा अन्य तथ्य खोजने के लिए मुख्य सचिव और गृह सचिव को शामिल किया था। सीएम अधिकारी ने हावड़ा के नबन्ना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "मैंने उनसे आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अपराध के तुरंत बाद उठाए गए कदमों का पता लगाने और विस्तृत विवरण बताने के लिए कहा था। इसके बाद मुझे एक खोजी रिपोर्ट सौंपी गई।" सीएम अधिकारी ने यह भी कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने और जांच करने में ऊंचे स्तर पर कमियां थीं। उन्होंने पीड़ित की मां रत्ना देबनाथ के आरोपों का भी जिक्र किया कि राज्य प्रशासन की तरफ से काम कर रहे दो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रिश्वत देने की कोशिश की और पैसे दिए। सीएम अधिकारी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान एक उपायुक्त के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/rg-tax-case-shubhendu-adhikaris-sword-on-three-senior-ips/article-153980</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/rg-tax-case-shubhendu-adhikaris-sword-on-three-senior-ips/article-153980</guid>
                <pubDate>Fri, 15 May 2026 18:04:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/bengal-cm.png"                         length="1000493"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET पेपर में छात्रों को राहतों की घोषणा: परीक्षा सेंटर चुनने का मिलेगा विकल्प, 15 मिनट का मिलेगा अतिरिक्त समय ; पढ़ें केंद्रीय मंत्री प्रधान ने और क्या कहां ?</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG छात्रों के लिए मुफ्त पुनः परीक्षा और केंद्र चुनने की सुविधा की घोषणा की है। नई परीक्षा दोपहर 2 बजे से होगी, जिसमें 15 मिनट अतिरिक्त समय मिलेगा। पेपर लीक मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है और भविष्य में परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) कराने की योजना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/announcement-of-relief-to-students-in-neet-paper-they-will/article-153884"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(2)53.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने छात्रों को कई राहतें देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अगली परीक्षा के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी और परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र चुनने की सुविधा भी दी जाएगी। नई परीक्षा अब दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी तथा छात्रों को 15 मिनट अतिरिक्त समय भी मिलेगा।</p>
<p>शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की है कि नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी और छात्रों को 14 जून तक प्रवेश पत्र जारी कर दिए जाएंगे। प्रधान ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा ओएमआर शीट के बजाय कंप्यूटर आधारित मोड में कराई जाएगी। साथ ही इस बार दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों को अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा शहर चुनने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा, ताकि उन्हें यात्रा और अन्य परेशानियों का सामना न करना पड़े।</p>
<p>उन्होंने कहा कि तीन मई को आयोजित परीक्षा के बाद सात मई को कुछ शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद सरकार ने तत्काल जांच शुरू कर दी। जांच में 12 मई तक यह स्पष्ट हो गया कि “गेस पेपर” के नाम पर असली प्रश्नपत्र के सवाल बाहर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि शिक्षा माफिया की वजह से किसी मेहनती और ईमानदार छात्र का भविष्य प्रभावित हो।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सरकार की लड़ाई जारी रहेगी और इस बार जांच एजेंसियां पूरी सख्ती से कार्रवाई करेंगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को कठोर दंड भुगतना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में फर्जी खबरें बड़ी चुनौती बन चुकी हैं, इसलिए छात्र और अभिभावक केवल सरकार या एनटीए की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।</p>
<p>प्रधान ने कहा कि एनटीए हर साल करोड़ों छात्रों की परीक्षाएं आयोजित करता है और “जीरो एरर” सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/announcement-of-relief-to-students-in-neet-paper-they-will/article-153884</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/announcement-of-relief-to-students-in-neet-paper-they-will/article-153884</guid>
                <pubDate>Fri, 15 May 2026 11:47:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1111200-x-600-px%29-%282%2953.png"                         length="1602855"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार के लाखों कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: मंहगाई भत्ते में बढ़ोतरी, सम्राट मंत्रिमंडल ने दी 18 प्रस्तावों को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। बैठक में 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें पुलिस सुदृढ़ीकरण हेतु नए पदों का सृजन और वित्तीय वर्ष के लिए ऋण योजनाओं को स्वीकृति प्रदान करना शामिल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-gift-to-lakhs-of-employees-of-bihar-increase-in/article-153664"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/da.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार के सम्राट मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि को मंजूरी देने के साथ विकास, वित्त और प्रशासन से जुड़े 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई यह बैठक मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार के बाद पहली बैठक थी, जिसमें सभी 34 मंत्री शामिल हुए। बिहार मंत्रिमंडल ने इस वर्ष 01 जनवरी से विभिन्न वेतन आयोगों के तहत डीए बढ़ाने को मंजूरी दी थी। इस निर्णय के तहत छठे वेतन आयोग के तहत डीए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत किया गया है। पांचवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए इसे 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत किया गया, जबकि सातवें वेतन आयोग के तहत डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।</p>
<p>बैठक में मंत्रिमंडल ने बाजार से 64,141.28 करोड़ रुपये उधार लेने की योजना को भी मंजूरी दी। इस मंजूरी के बाद बाजार ऋण के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल ऋण जुटाने का लक्ष्य 72,901.30 करोड़ रुपये हो गया। इस बैठक में संवेदनशील जिलों में पुलिस व्यवस्था मजबूत करने के लिए पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पांच पद सृजित करने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल के एक अन्य निर्णय में कैबिनेट ने ‘टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज’ के माध्यम से मूल्य वर्धित कर प्रबंधन सूचना प्रणाली (वैटमिस) अनुप्रयोग के वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) के नवीनीकरण के लिए एक करोड़ इकतीस लाख अस्सी हजार चार सौर चौदह (1,31,80,414) रूपये लागत को मंजूरी दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-gift-to-lakhs-of-employees-of-bihar-increase-in/article-153664</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-gift-to-lakhs-of-employees-of-bihar-increase-in/article-153664</guid>
                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:58:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/da.png"                         length="1592080"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET-UG रद्द होने पर आनंद कुमार का बड़ा बयान, बोले-चीन जैसी सख्ती से ही रुकेगा पेपर लीक</title>
                                    <description><![CDATA[सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार ने नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने छात्रों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही परीक्षा प्रणाली में चीन जैसे कड़े सुधार और कोचिंग संस्थानों पर सख्त निगरानी की वकालत की। उन्होंने परीक्षार्थियों से निडर होकर पुनः तैयारी में जुटने की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/anand-kumars-big-statement-on-cancellation-of-neet-ug-said/article-153598"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/andna.png" alt=""></a><br /><p>पटना। नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद सुपर-30 के संस्थापक और शिक्षाविद् आनंद कुमार ने परीक्षा प्रणाली में सख्ती बढ़ाने और कोचिंग संस्थानों पर कड़े नियम लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षा विवादों से छात्रों का मनोबल टूटता है और उनके भविष्य पर असर पड़ता है। आनंद कुमार ने कहा कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा रद्द होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन राहत की बात यह है कि मामले से जुड़े आरोपियों को पकड़ लिया गया है। उन्होंने छात्रों से हिम्मत बनाए रखने और दोबारा परीक्षा की तैयारी में जुटने की अपील की।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को चीन की तरह कड़े कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। राजस्थान एसओजी द्वारा कोचिंग संस्थानों की भूमिका की जांच के बीच कुमार ने कहा कि कोचिंग सेंटरों पर सख्त निगरानी और नियमों का कठोर पालन जरूरी है। वहीं, नितिन विजय ने भी छात्रों और अभिभावकों से घबराने की बजाय शांत रहने की अपील की। चीन में लागू एंटी-चीटिंग तकनीक, परीक्षा केंद्रों की कड़ी निगरानी और कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण जैसे उपायों का उदाहरण देते हुए विशेषज्ञों ने भारत में भी मजबूत परीक्षा सुरक्षा प्रणाली की जरूरत बताई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/anand-kumars-big-statement-on-cancellation-of-neet-ug-said/article-153598</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/anand-kumars-big-statement-on-cancellation-of-neet-ug-said/article-153598</guid>
                <pubDate>Tue, 12 May 2026 18:37:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/andna.png"                         length="370440"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन ने निजी स्कूलों और ट्यूशन इंडस्ट्री पर कसा शिकंजा, 100 अरब डॉलर का कारोबार प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने शिक्षा का व्यवसायीकरण रोकने के लिए कक्षा 1 से 9 तक के निजी स्कूलों और मुनाफे वाली कोचिंग पर पाबंदी लगा दी है। बच्चों का मानसिक दबाव कम करने हेतु अब ट्यूशन कंपनियां विदेशी निवेश या शेयर बाजार से फंड नहीं जुटा सकेंगी। इस ऐतिहासिक फैसले से $100 अरब की ट्यूशन इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव आएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-tightens-screws-on-private-schools-and-tuition-industry-business/article-153583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china2.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने अपनी शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 6 से 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए संचालित लाभ कमाने वाले निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला प्राथमिक और जूनियर सेकेंडरी शिक्षा यानी कक्षा 1 से 9 तक लागू किया गया है। नई नीति के तहत अब स्कूल विषयों की पढ़ाई कराने वाली कंपनियां मुनाफा नहीं कमा सकेंगी, विदेशी निवेश नहीं ले सकेंगी और शेयर बाजार से पूंजी जुटाने पर भी रोक रहेगी। कई कंपनियों को गैर-लाभकारी संस्था में बदलने या संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>इस फैसले से चीन की करीब 100 अरब डॉलर की निजी ट्यूशन इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। कई बड़ीं शिक्षा कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सरकार ने सप्ताहांत और छुट्टियों में ट्यूशन, विदेशी पाठ्यक्रम और बच्चों पर अधिक होमवर्क जैसे मामलों पर भी रोक लगाई है।</p>
<p>चीन का कहना है कि बढ़ते शैक्षणिक दबाव और महंगी शिक्षा बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और परिवारों पर असर डाल रही थी। हालांकि प्रतिबंधों के बावजूद देश में निजी ट्यूशन की मांग अब भी बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/china-tightens-screws-on-private-schools-and-tuition-industry-business/article-153583</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/china-tightens-screws-on-private-schools-and-tuition-industry-business/article-153583</guid>
                <pubDate>Tue, 12 May 2026 14:05:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/china2.png"                         length="367870"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NITI आयोग रिपोर्ट: देश में हर 10 में से 1 छात्र छोड़ रहा स्कूल, माध्यमिक शिक्षा पर बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[नीति आयोग की मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 11.5% छात्र माध्यमिक शिक्षा बीच में छोड़ रहे हैं। चंडीगढ़ 2% के साथ सबसे बेहतर, जबकि गुजरात और एमपी में यह दर 16% से अधिक है। आर्थिक तंगी प्रमुख कारण है। हालांकि, राजस्थान ने अपनी दर 18.8% से घटाकर 7.7% कर सराहनीय सुधार दिखाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/niti-commission-report-1-out-of-every-10-students-in/article-153283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rera2.pdf-(1200-x-600-px)-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नीति आयोग की मई 2026 में जारी रिपोर्ट ‘भारत में स्कूली शिक्षा प्रणाली’ ने माध्यमिक शिक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर दस में से एक छात्र सेकेंडरी स्तर पर पढ़ाई बीच में छोड़ रहा है। हालांकि पिछले एक दशक में स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन माध्यमिक स्तर अब भी सबसे ज्यादा ड्रॉप आउट वाला चरण बना हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2024-25 में माध्यमिक स्तर पर स्कूल छोड़ने की राष्ट्रीय औसत दर 11.5 प्रतिशत रही। आर्थिक तंगी, कम उम्र में कामकाज में लग जाना और संस्थागत सहयोग की कमी इसके प्रमुख कारण बताए गए हैं।</p>
<p>राज्यों के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिला। चंडीगढ़ में ड्रॉप आउट दर सबसे कम 2 प्रतिशत रही, जबकि झारखंड 3.5 प्रतिशत, उत्तराखंड 4.6 प्रतिशत और केरल 4.8 प्रतिशत के साथ बेहतर स्थिति में रहे। दूसरी ओर गुजरात में 16.9 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 16.8 प्रतिशत और लद्दाख में 16.2 प्रतिशत छात्र माध्यमिक शिक्षा बीच में छोड़ रहे हैं। रिपोर्ट में ओडिशा, झारखंड, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में सुधार को भी रेखांकित किया गया है। राजस्थान में ड्रॉप आउट दर 18.8 प्रतिशत से घटकर 7.7 प्रतिशत पहुंच गई है। नीति आयोग ने माना कि प्रगति के बावजूद माध्यमिक शिक्षा में छात्रों को स्कूल से जोड़े रखना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/niti-commission-report-1-out-of-every-10-students-in/article-153283</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/niti-commission-report-1-out-of-every-10-students-in/article-153283</guid>
                <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:36:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/rera2.pdf-%281200-x-600-px%29-%281%292.png"                         length="704946"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल में ईंधन सस्ता तो गैस महंगी : कस्टम नियमों में ढील, जानें भारत के मुकाबले सस्ता या महंगा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सीमा पार सामान पर कस्टम ड्यूटी नियमों में संशोधन कर यात्रियों को राहत दी है। जहां पेट्रोल-डीजल के दाम घटे हैं, वहीं रसोई गैस ₹150 महंगी हो गई है। ये फैसले नेपाल की अर्थव्यवस्था को सुधारने और राजस्व वृद्धि के लिए ऐतिहासिक माने जा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/petrol-and-diesel-become-cheaper-in-nepal-fuel-is-cheaper/article-152329"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/balendra-shah.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन शाह की नई सरकार ने सत्ता संभालने के एक महीने के भीतर कई अहम फैसले लिए हैं, जिनका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। इनमें सीमा पार से सामान लाने पर कस्टम ड्यूटी लागू करने का फैसला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। सरकार ने शुरुआत में भारत से लौटने वाले यात्रियों पर 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर टैक्स लगाने का नियम लागू किया था, जिससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विरोध बढ़ने के बाद सरकार ने इस नियम में आंशिक राहत देते हुए संशोधन किया है। अब यात्री कस्टम प्वाइंट पर सामान की अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) की स्वयं घोषणा कर सकेंगे, जिसके आधार पर क्लियरेंस दिया जाएगा।</p>
<p>इसी बीच ईंधन कीमतों में भी बदलाव किया गया है। नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए हैं, जिससे आम लोगों को राहत मिली है। हालांकि रसोई गैस (एलपीजी) की कीमत में 150 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसके बाद इसकी कीमत 2160 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, विमान ईंधन के दामों में भी इजाफा किया गया है।</p>
<p>पिछले दिनों बढ़ती कीमतों के कारण बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक भारत के पेट्रोल पंपों की ओर रुख कर रहे थे, लेकिन अब वहां ईंधन मिलने में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। ऐसे में सरकार के ये फैसले आम जनता के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आए हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/petrol-and-diesel-become-cheaper-in-nepal-fuel-is-cheaper/article-152329</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/petrol-and-diesel-become-cheaper-in-nepal-fuel-is-cheaper/article-152329</guid>
                <pubDate>Fri, 01 May 2026 14:11:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/balendra-shah.png"                         length="1337934"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        