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                <title>लघु एवं सीमान्त कृषकों को 26 लाख नि:शुल्क बीज मिनिकिट वितरण</title>
                                    <description><![CDATA[कृषकों द्वारा आवेदन करने पर प्राप्त आवेदनों को कमेटी के समक्ष प्रस्तुत कर कृषकों का चयन किया जा रहा है, जिसका रिकॉर्ड सम्बन्धित कृषि पर्यवेक्षक द्वारा रखा जायेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/26-lakh-free-seed-minikits-distributed-to-small-and-marginal/article-82569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/cm-bhajan-lal-lharma.png-1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की बजट घोषणा की अनुपालना में कृषि विभाग द्वारा प्रमुख खरीफ फसलों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए खरीफ 2024 में कृषकों को ज्वार, बाजरा, मूंग, मोठ एवं मक्का की उन्नत किस्मों के बीज मिनिकिटों का नि:शुल्क वितरण किया जा रहा है। </p>
<p>कृषि आयुक्त कन्हैया लाल स्वामी ने बताया कि प्रदेश के 12 लाख किसानों को मक्का, आठ लाख को बाजरा, चार लाख को मूंग और एक-एक लाख कृषकों को ज्वार व मोठ बीज के मिनिकिट वितरित किये जा रहे है। बीज मिनिकिट के बैगो पर नि:शुल्क टैग मार्किंग है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि बाजरा मिनिकिट 1.5 किग्रा का, ज्वार, मोठ व मूंग मिनिकिट चार किग्रा का और मक्का मिनिकिट पांच किग्रा वजन का है। जिनका वितरण अनुसूचित जाति व जनजाति, लघु व सीमान्त और महिला कृषकों को सम्बन्धित ग्राम पंचायत के सरपंच, एक महिला वार्ड पंच, एक अनुसूचित जाति या जनजाति के वार्ड पंच व कृषि पर्यवेक्षक की कमेटी द्वारा किया जा रहा है। सम्बन्धित संयुक्त निदेशक कृषि जिला परिषद द्वारा समस्त कृषकों को मिनिकिट वितरण कार्यक्रम की जानकरी विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कृषक गोष्ठियों और किसान सेवा केन्द्रों के माध्यम से दी जा रही है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि कृषकों को मिनिकिट का वितरण राज किसान साथी पोर्टल पर जन आधार कार्ड के माध्यम से ऑन-लाईन किया जा रहा है। एक पात्र कृषक परिवार को एक बीज मिनिकिट ही वितरित किया जायेगा। कृषकों द्वारा आवेदन करने पर प्राप्त आवेदनों को कमेटी के समक्ष प्रस्तुत कर कृषकों का चयन किया जा रहा है, जिसका रिकॉर्ड सम्बन्धित कृषि पर्यवेक्षक द्वारा रखा जायेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Jun 2024 20:30:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोजूसर उपाध्यान एवं भोजासर छोटा उप स्वास्थ्य केन्द्र पीएचसी में क्रमोन्नत</title>
                                    <description><![CDATA[ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुरू जिले की सरदारशहर पंचायत समिति के भोजूसर उपाध्यान एवं भोजासर छोटा उप स्वास्थ्य केन्द्र को  प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्नत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bhojusar-upadhyay-and-bhojasar-small-sub-health-center-upgraded-to/article-12711"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ashok02.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:8pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>जयपुर।</strong> मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुरू जिले की सरदारशहर पंचायत समिति के भोजूसर उपाध्यान एवं भोजासर छोटा उप स्वास्थ्य केन्द्र को<span>  </span>प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्नत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उल्लेखनीय है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा आमजनों की लंबे समय से चल रही मांग के कारण गहलोत ने नियमों में शिथिलता देते हुए यह निर्णय लिया है। श्री गहलोत के इस निर्णय से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।</span></p>
<p> </p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 15:20:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स हरा, छोटी और मझौली कंपनियों में बिकवाली से शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिले मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर  एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों में हुईं लिवाली के बल पर सेंसेक्स छह दिनों के बाद हरे निशान में लौटने में सफल रहा लेकिन छोटी और मझौली कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गयी जिससे शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद रही। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/sensex-green-the-stock-markets-growth-slowed-down-due-to-selling-in-small-and-medium-companies/article-12679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sensex5.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिले मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर  एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों में हुईं लिवाली के बल पर सेंसेक्स छह दिनों के बाद हरे निशान में लौटने में सफल रहा लेकिन छोटी और मझौली कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गयी जिससे शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद रही। <br /><br />बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 237.42 अंकों की तेजी के साथ 51597.84 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 56.65 अंकों की बढ़त के साथ 15350.15 अंक पर रहा। दिग्गज कंपनियों में लिवाली से जहां सेंसेक्स को बढ़त हासिल करने में मदद मिली वहीं छोटी और मझौली कंपनियों में जमकर बिकवाली की गयी जिससे बीएसई का मिडकैप 1.95 प्रतिशत उतरकर 20999.37 अंक पर और स्मॉलकैप 2.95 प्रतिशत गिरकर 23422.16 अंक पर रहा। <br /><br />बीएसई में कुल मिलाकर 3578 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 2725 को नुकसान हुआ जबकि 689 बढ़त हासिल करने में सफल रही। इस दौरान 164 कंपनियां उतार चढ़ाव के बीच स्थिर रही।<br /><br />बीएसई में शामिल अधिकांश समूह लाल निशान में दिखे जिसमें धातु में सबसे अधिक 4.46 प्रतिशत की गिरावट रही। इसी तरह से तेल एवं गैस में 3.48 प्रतिशत, एनर्जी में 3.26 प्रतिशत, बेसिक मटेरियल्स में 2.30 प्रतिशत और कैपिटल गुड्स में 2.14 प्रतिशत की गिरावट रही। बीएसई में शामिल मात्र चार समूह ही बढ़त में रहा जिससे सेंसेक्स हरे निशान में रहा। इसमें एफएमसीजी 1.21 प्रतिशत, वित्त 0.32 प्रतिशत, सीडी 0.41 प्रतिशत और हेल्थकेयर 0.17 प्रतिशत शामिल है। <br /><br />वैश्विक स्तर पर यूरोपीय बाजार में तेजी रही जबकि एशियाई बाजार मिश्रित रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.99 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 0.31 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 0.42 प्रतिशत की बढ़त में रहा। इस दौरान जापान का निक्केई 0.74 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.04 प्रतिशत उतर गया। <br /><br />बीएसई का सेंसेक्स 110 अंकों की तेजी के साथ 51470.03 अंक पर खुला। शुरूआती कारोबार में ही सेंसेक्स ने बढ़क को गंवाकर 51062.93 अंक के निचले स्तर तक उतरा लेकिन इसके बाद फिर से लिवाली शुरू हुयी। उतार चढ़ाव के बीच सत्र के अंतिम समय में यह लिवाली के बल पर 51714.61 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने में सफल रहा। अंत में यह पिछले दिवस के 51360.42 अंक की तुलना में 237.42 अंक अर्थात 0.46 प्रतिशत बढ़कर 51597.84 अंक पर रहा। <br /><br />एनएसई का निफ्टी 41अंकों की बढ़त के साथ 15334.50 अंक पर खुला। सत्र के दौरान यह 15191.10 अंक के निचले स्तर तक टूटा लेकिन लिवाली के बल पर यह 15382.50 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अंत में यह पिछले दिवस के 15293.50 अंक की तुलना में 0.37 प्रतिशत अर्थात 56.65 अंक बढ़कर 15350.15 अंक पर रहा। निफ्टी में शामिल 50 कंपनियों में से 27 हरे निशान में और 23 लाल निशान में रही। <br /><br />सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 17 हरे निशान में और 13 लाल निशान में रही। बढ़त में रहने वालों में एचडीएफसी 3.97 प्रतिशत, हिन्दुस्तान यूनिलवर 3.95 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 2.96 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट 2.96 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 2.47 प्रतिशत, विप्रो 2.30 प्रतिशत, इंफोसिस 1.95 प्रतिशत, नेस्ले इंडिया 1.68 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 1.47 प्रतिशत, सन फार्मा 1.44 प्रतिशत, टाइटन 1.40 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 0.82 प्रतिशत, टीसीएस 0.78, कोटक बैंक 0.27प्रतिशत, डॉ रेड्डीज 0.23 प्रतिशत, आईटीसी 0.23 प्रतिशत और एचसीएलटेक 0.11 प्रतिशत शामिल है। <br /><br />गिरावट में रहने वालों में टाटा स्टील 5.03 प्रतिशत, इंड्सइंड बैंक 2.92 प्रतिशत, एनटीपीसी 2.17 प्रतिशत, रिलायंस 1.80 प्रतिशत, पावरग्रिड 1.56प्रतिशत, महिंद्रा 1.54प्रतिशत, स्टेट बैंक 1.53 प्रतिशत, एल टी 1.23 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 1.20 प्रतिशत , मारूति 0.40 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 0.39 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 0.38 प्रतिशत और एयरटेल 0.36 प्रतिशत शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 19:10:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> पच्चीस लाख लघु एवं सीमान्त किसानों को मिलेंगे निःशुल्क बीज मिनीकिट:कटारिया</title>
                                    <description><![CDATA[ राज्य सरकार पच्चीस लाख लघु एवं सीमान्त किसानों को निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरित करेगी। खरीफ वर्ष 2022 में दस लाख किसानों को संकर बाजरा बीज के मिनीकिट, जिसमें प्रति कृषक डेढ़ किलो बाजरे का पैकैट होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/twenty-five-lakh-small-and-marginal-farmers-will-get-free-seed-minikit--kataria/article-11745"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/lal-chand-katariya-new.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">जयपुर</span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">।</span></strong> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">राज्य सरकार पच्चीस लाख लघु एवं सीमान्त किसानों को निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरित करेगी। खरीफ वर्ष </span>2022<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> में दस लाख किसानों को संकर बाजरा बीज के मिनीकिट</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">जिसमें प्रति कृषक डेढ़ किलो बाजरे का पैकैट होगा। विभाग द्वारा प्रति पैकेट कृषि साहित्य भी वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित है। यह बीज एक एकड़ क्षेत्र के लिए पर्याप्त होंगे।कृृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने बताया कि सरकार द्वारा कृषि के समग्र विकास के लिए ग्यारह मिशन प्रारम्भ किये गये हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण बीज उत्पादन एवं वितरण मिशन है। इस कार्यक्रम के तहत दक्षिणी राजस्थान के अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के आठ लाख कृषको को निःशुल्क संकर मक्का बीज मिनीकिट वितरित किये जायेंगे</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">जिसमें प्रति कृषक पांच किलो का पैकेट</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">जो कि </span>0.2<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> हैक्टर क्षेत्र के लिये पर्याप्त है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">वितरित किये जायेंगे। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">राज्य में दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए </span>2<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> लाख </span>74<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> हजार कृषकों को मूंग</span>, 31<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> हजार कृषकों को उड़द एवं </span>26<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> हजार कृषकों को मोठ फसल के प्रति कृषक </span>4<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> किलो बीज मिनीकिट निःशुल्क उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। यह बीज </span>0.25<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> हैक्टर क्षेत्र के लिये पर्याप्त होंगे। इसी प्रकार राज्य में सोयाबीन फसल को बढावा देने के उद्देश्य से </span>56<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> हजार किसानों को </span>0.1<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> हैक्टेयर क्षेत्र हेतु </span>8<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> किलो बीज मिनीकिट निःशुल्क उपलब्ध करवाये जायेंगे। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उल्लेखनीय है कि वर्तमान में खरीफ फसल के लिए बीज मिनीकिट वितरण कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। इच्छुक किसान अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायत स्तर पर गठित कमेटी अथवा स्थानीय कृषि कार्यकर्ता से सम्पर्क कर बीज प्राप्त कर सकते हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jun 2022 16:06:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट: बड़ी कंपनियों की एसेट्स बढ़ी और छोटी की घटी</title>
                                    <description><![CDATA[एमएसएमई पर कोरोना के दुष्प्रभाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/bank-of-baroda-report-large-companies-assets-increased-and-small-ones-decreased/article-10213"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/msme-new.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कारोबार तेजी से बड़ी कंपनियों के बीच सिमट रहा है। दूसरी ओर मध्यम और छोटी कंपनियों के फिक्स्ड एसेट घट रहे हैं। 2021-22 की पहली छमाही में सूक्ष्म, लघु और मध्यम (एमएसएमई) श्रेणी की 1,467 कंपनियों के फिक्स्ड एसेट 1,547 करोड़ रुपए घटे हैं। इसी अवधि में 774 बड़ी कंपनियों ने फिक्स्ड एसेट्स में 21,605 करोड़ रुपए का निवेश किया।<br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>शीर्ष कंपनियों का निवेश 24,786 करोड़ रुपए</strong> </span><br />पहली छमाही में टॉप.10 कंपनियों का कॉर्पोरेट इन्वेस्टमेंट कुल कॉर्पोरेट इन्वेस्टमेंट से ज्यादा रहा। उन्होंने 24,786 करोड़ रुपए निवेश किए। 35 अन्य कंपनियां ऐसी हैं, जिनमें हर कंपनी ने 100 करोड़ रुपए से अधिक रकम निवेश की है। यह जानकारी बैंक आॅफ  बड़ौदा की ताजा रिपोर्ट से सामने आई है।<br /><br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>क्रूड, ऑटोमोबाइल सेक्टर्स में अधिक निवेश</strong> </span><br />यह रिपोर्ट बैंक की इकोनॉमिस्ट दीपान्विता मजूमदार ने तैयार की है। इसके मुताबिक 33 में से 18 उद्योगों ने एसेट में निवेश बढ़ाया है। इनकी संपत्ति में 24,000 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। कंपनियों के निवेश में सबसे अधिक हिस्सेदारी क्रूड आॅयल, आॅटोमोबाइल, ईंधन और इंडस्ट्रियल गैसों की है। कैमिकल्स, टेलीकॉम, कंस्ट्रक्शन और माइनिंग जैसे उद्योग क्षेत्रों का निवेश भी उल्लेखनीय रहा है। वहीं लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइलए आयरन व स्टील व एंटरटेनमेंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे उद्योग क्षेत्रों में निवेश घटा है।<br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>एमएसएमई पर कोरोना के दुष्प्रभाव</strong></span><br />वित्त वर्ष 2021-22 की अप्रैल से सितंबर छमाही में एमएसएमई उद्योगों का प्रदर्शन कमजोर रहा। यह क्षेत्र महामारी के दुष्प्रभाव से निकलने के लिए संघर्ष कर रहा है। माइक्रो श्रेणी के 364 उद्यमों में 111 करोड़ का निवेश घटा। निवेश में उल्लेखनीय गिरावट एविएशन, हॉस्पिटैलिटी, एजुकेशन और एंटरटेनमेंट सेक्टर में आई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 May 2022 12:17:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दस साल से काम नहीं आई छोटी दमकल, फिर भी ख्ररीद ली 16 करोड़ में बड़ी दमकल</title>
                                    <description><![CDATA[दस साल पहले अग्नि शमन के बेड़े के लिए ख्ररीदी 42 मीटर वालीे हाइड्रोलिक दमकल एक दिन भी आग बुझाने के काम नहीं आई उसकी मरम्मत पर ही निगम लाखों रुपए खर्च करता है।  इसके बावजूद राज्य सरकार ने निगम के लिए 16 करोड़ की कीमत से  एक और हाइड्रोलिक दमकल खरीद ली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/small-fire-brigade--not-working-for-ten-years--yet-bought-big-fire-brigade-for-16-crores/article-5626"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/whatsapp-image-2022-03-07-at-14.02.57.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा । दस साल पहले अग्नि शमन के बेड़े के लिए ख्ररीदी 42 मीटर वालीे हाइड्रोलिक दमकल एक दिन भी आग बुझाने के काम नहीं आई,उलटा अधिकतर समय खड़ी रहने से वह कई बार खराब हो गई। उसकी मरम्मत पर ही निगम लाखों रुपए खर्च करता है।  इसके बावजूद राज्य सरकार ने निगम के लिए 16 करोड़ की कीमत से  एक और हाइड्रोलिक दमकल खरीद ली है। स्थिति यह है कि 42 मीटर की हाइड्रोलिक दमकल तो दस साल से काम नहीं आ पाई इसके बावजूद नई दमकल 60 मीटर वाली खरीदी गई है। इतना ही नहीं फिनलैंड से आने वाली यह दमकल अब तक निगम के हाथ नहीं आई है। इसे दिसम्बर तक यहां आना था इसके बावजूद  इसके पेटे  16 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। इसकी डिलीवरी को लेकर अब रूस-यूक्रेन युद्ध को कारण बताया जा रहा है। <br /><br /><strong>बहुमंजिला इमारतों में आग बुझाने के  काम आ सकती है</strong><br />कोटा में बहुमंजिला इमारतों की बाढ़ से आई हुई है। हॉस्टल से लेकर कोचिंग संस्थान तक और आवासीय बहुमंजिला इमारतें बन रहीे हैं। नए कोटा में अधिकतर बहुमंजिला इमारतें बनी हैं। जबकि नदी पार लैंडमार्क के अलावा अब बारां रोड, बूंदी रोड व कुन्हाड़ी समेत शहर के अन्य क्षेत्रों में भी लगातार इमारतें बन रही हैं। ऐसे में बहुमंजिला इमारतों में लगने वाली आग पर काबू पाने के लिए हाइड्रोलिक दमकल काम आ सकती है।  <br /><br /><strong>दस साल पहले आई थी 42 मीटर वालीे हाइड्रोलिक</strong><br />राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2012 में भी एक हाइड्रोलिक दमकल खरीदी गई थी। वह दमकल भी फिनलैंड से आई थी। दस साल से वह नगर निगम कोटा के अग्निशमन बेड़े में शामिल है। लेकिन अच्छी बात है कि अभी तक उसका आग बुझाने में उपयोग नहीं हो सका है। इतना है कि अधिकतर समय खड़े रहने से वह कई बार खराब हो चुकी है। जिसकी मरम्मत पर ही अब तक लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं।  <br /><br /><strong>60 मीटर ऊंचाई तक आएगी काम</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी जलज घसिया ने बताया कि हाइड्रोलिक दमकल 60 मीटर तक ऊंची दमकलों में आग लगने पर उसे बुझाने के काम आएगी। करीब 16 करोड़ रुपए की लागत वाली यह दमकल फिनलैंड से आनी है। इसके पिछले साल दिसम्बर तक कोटा आने की संभावना थी। दमकल फिनलैंड से पहले मुम्बई आएगी। उसके बाद कोटा पहुंचेगी। वहीं अब रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते हाइड्रोलिक के कोटा आने की राह अटकी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Mar 2022 17:35:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अलवर में भ्रष्टाचार: पार्षद तो छोटी मछली, मगरमच्छ पकड़ से दूर</title>
                                    <description><![CDATA[नगर परिषद् अलवर में सिविल कार्यों की निविदाओं में भ्रष्टाचार के मामले में पार्षद नरेन्द्र मीणा सहित दो ठेकेदार बीते गुरुवार पांच लाख पन्द्रह हजार की मोटी राशि सहित एसीबी के हत्थे चढ़ गए। इस कार्रवाई के बाद कई सवाल हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/corruption-in-alwar--councilor-is-a-small-fish--crocodile-away-from-catch--the-question-is--how-did-a-councilor-dare-to-have-such-a-huge-corruption--the-earnings-of-corruption-used-to-be-distributed-till-the-top/article-4822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/rishwat.jpg" alt=""></a><br /><p>अलवर। नगर परिषद् अलवर में सिविल कार्यों की निविदाओं में भ्रष्टाचार के मामले में पार्षद नरेन्द्र मीणा सहित दो ठेकेदार बीते गुरुवार पांच लाख पन्द्रह हजार की मोटी राशि सहित एसीबी के हत्थे चढ़ गए। इस कार्रवाई के बाद कई सवाल हैं। सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि एक पार्षद की इतने बड़े भ्रष्टाचार की हैसियत कैसे हुई। साफ है कि पार्षद नरेन्द्र मीणा तो एक छोटी मछली है। मगरमच्छ तो दूसरे ही हैं। भ्रष्टाचार की कमाई ऊपर तक बंटती थी।मामले में तीनों आरोपियों को एसीबी कोर्ट ने तीन दिन के रिमांर्ड पर सौंपा। तीनों की रिमांड अवधि समाप्त होने पर सोमवार को एसीबी ने आरोपियों को फिर से कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। एसीबी की इस कार्रवाई से भ्रष्टाचारियों में इस कदर खौफ छा गया कि नगर परिषद् को नरक परिषद् बना चुके कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं ठेकेदारों ने फोन बंद कर लिए। इससे साफ जाहिर होता है, कि नगर परिषद् में भ्रष्टाचार के खुले खेल में सभी लोग शामिल थे। <br /><br /><strong>ठेकेदारों का पूल बनाकर कम दर पर ठेके का खेल</strong><br />एक पार्षद स्तर का नेता नगर परिषद् की ओर से जारी निर्माण कार्यों की निविदाओं पर अपने चहेते ठेकेदारों का पूल बनाकर उन्हें 5 से 7 प्रतिशत ब्लो रेट पर टेंडर दिलवा रहा था। खास बात यह है, कि इनमें एक दर्जन से अधिक ऐसी फर्म हैं, जिन्हें ईएसआई व पीएफ जैसी शर्तों को दरकिनार करते हुए टेंडर दिए गए। </p>
<p><br /><strong>मंत्री और बड़े कांग्रेस नेताओं का करीबी</strong><br />लोगों के बीच पार्षद नरेन्द्र मीणा की जिले के एक पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्य के एक केबिनेट मंत्री सहित कांग्रेस के आला नेताओं से नजदीकियों को लेकर चर्चा है। राज्य सरकार में केबिनेट मंत्री के हर कार्यक्रम में पार्षद नरेन्द्र मीणा को मंच पर जगह मिलती रही है।  मीणा रिश्वत मामले में पकड़े जाने से पूर्व तक जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव के साथ ही प्रवक्ता भी थे। लोगों का कहना है कि केबिनेट मंत्री के सबसे कृपापात्र होने के कारण उनके हर कार्य को नरेन्द्र मीणा ही देखते थे। चाहे किसी को ठेका दिलवाना हो या फिर कोई डिजायर लिखवानी हो। इन सब कामों की फुल डीलिंग नरेन्द्र मीणा के हाथों  होती थी। <br /><br /><strong>पार्षद नरेन्द्र मीणा को मिला मंत्री की नजदीकी का फायदा</strong><br />अलवर से केबिनेट मंत्री बनने के साथ ही नरेन्द्र मीणा का कांग्रेस में रूतबा अचानक बढ़ गया। इससे पहले नरेन्द्र स्कीम नम्बर 5 स्थित मकान में रहते थे। लेकिन करीब तीन साल पहले मोती डूंगरी स्थित एक सोसायटी में फ्लैट लेकर केबिनेट मंत्री के पड़ौसी बन गए। तभी से नरेन्द्र मीणा का कद अचानक बढ़ता चला गया। <br /><br /><strong>बीना गुप्ता के ट्रैप होने के बाद सभापति बनने की थी तैयारी</strong><br />नगर परिषद् की पूर्व चेयरमैन बीना गुप्ता के रिश्वत प्रकरण में ट्रैप होने के बाद मंत्री का नजदीकी होने के कारण नरेन्द्र को ही चेयरमैन पद के चेहरे के रूप में देखा जा रहा था लेकिन कांग्रेस पार्षदों की आंतरिक कलह में क्रास वोट के डर से मुकेश सारवान को चेयरमैन बनाना पडा। इसमें नरेन्द्र मीणा की ही अहम भूमिका रही। यहां तक की मुकेश सारवान चेयरमैन बनते ही नगर परिषद् में नरेन्द्र मीणा के जयकारे लगाते दिखाई दिए। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है, कि चाहे नगर परिषद् में कोई भर्ती हो या फिर निविदा सहित अन्य कोई भी कार्य सबमें नरेन्द्र मीणा की सहमति सबसे जरूरी रहती थी।</p>
<p><br /><strong>आगाह कर रहे थे पार्षद</strong><br />कुछ पार्षदों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर यहां तक कहा कि उनके द्वारा एसीबी की कार्रवाई से पहले कुछ दिनों से नरेन्द्र मीणा को बार-बार आगाह किया जा रहा था। लेकिन मंत्री के साथ नजदीकियों के चलते अति आत्मविश्वास के चलते एसीबी  प्रकरण हुआ। इससे पहले भी कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में नरेन्द्र को लेकर काफी नाराजगियां रही। पार्षद नरेन्द्र मीणा राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Feb 2022 15:49:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनता को राहत: छोटे मुकदमों में खुद डीसीपी आमजन से ले रहीं पुलिस कार्रवाई का फीडबैक</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेशभर में पहली बार एसपी रेंडमली एफआईआर नम्बर देखकर पीड़ित को कर रहीं हैं फोन, लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की गोपनीय सूची कर रहीं तैयार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4--%E0%A4%9B%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%A6%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%A6-%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%AE%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%95/article-3913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/richa-tomar.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर शहर के पश्चिम जिले के हर थाने में दर्ज छोटे मुकदमों पर पुलिस की कार्रवाई जानने के लिए खुद डीसीपी ऋचा तोमर ने नई पहल शुरू की है। डीसीपी खुद हर रोज किसी न किसी थाने के दर्ज मुकदमों की सूची में से सलेक्ट कर मुकदमों के पीड़ितों को फोन कर जानकारी लेती है कि पुलिस ने उनकी ओर से दर्ज की गई एफआईआर में क्या कार्रवाई की। यदि आमजन पुलिस की कार्यशैली से संतुष्ट नजर आते हैं तो बेहतर माना जाता है और यदि किसी पुलिसकर्मी का रेस्पॉन्स सही नहीं होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करा दी जाती है। बताया जा रहा है कि यह पहली बार ऐसा प्रयास शुरू किया है। इससे पुलिस कर्मियों की कार्यशैली में सुधार आ रहा है और आमजन की पीड़ा को पुलिस सुन रही है। डीसीपी छेड़छाड़, महिलाओं से अभद्रता, मोबाइल लूट, चेन स्नेचिंग, दुर्घटना, चोरी, मारपीट जैसे मुकदमों से पुलिस का फीडबैक ले रही हैं। <br /> <br /> <strong>केस नम्बर: एक</strong><br /> नवीन सिंह पुत्र विनोद सिंह निवासी राजनोता प्रागपुरा ने रिपोर्ट दी कि उसके चाचा का लड़का सचिन कुमार चार जनवरी को सुबह साढ़े दस बजे बिना बताए कहीं चला गया। उसकी उम्र 15 साल है। वह कक्षा 9वीं का छात्र है। हमने सारे दिन सचिन को तलाश किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। हमने पुलिस कंट्रोल 100 पर भी फोन किया। हमारा घर रिद्धि-सिद्धि एन्क्लेव सिरसी में है। इस रिपोर्ट पर डीसीपी ने खुद पीड़ित को फोन कर जानकारी मांगी और पुलिस की कार्रवाई का फीडबैक लिया। पीड़ित पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नजर आया और बालक मिल गया। <br /> <br /> <strong>केस नम्बर: दो</strong><br /> सोहन लाल शर्मा पुत्र मदन लाल शर्मा निवासी गोकुलपुरा तेजाजी मन्दिर के पीछे कालवाड़ रोड करधनी ने रिपोर्ट दी कि पांच जनवरी, 2022 को वह अपने घर गोकुलपुरा से 200 फीट बाइपास होते हुए अजमेर रोड पर खुद के निजी कार्य से जा रहा था। करणी पैलेस चौराहे पर वैशाली नगर साइड से आ रही ओवर स्पीड मिनी बस ने मेरी गाड़ी स्विफ्ट गाड़ी को टक्कर मार दी। इससे गाड़ी में नुकसान हुआ। इस रिपोर्ट पर डीसीपी ने खुद पीड़ित को फोन कर पुलिस कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। परिवादी ने पुलिस के तुरंत मौके पर आकर जानकारी लेने और कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। <br /> <strong><br /> इनका कहना है</strong><br /> आमजन को राहत देने वाले दर्ज मुकदमों में खुद पीड़ित को फोन कर पुलिस कार्रवाई का फीडबैक लिया जाता है। इससे आमजन को तुरंत राहत देने का प्रयास होता है और पुलिस कार्रवाई के बारे में भी जानकारी मिलती है। यदि कोई पुलिसकर्मी लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। -<strong>ऋचा तोमर, पुलिस उपायुक्त पश्चिम </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jan 2022 13:04:04 +0530</pubDate>
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                <title>सुधार की पहल</title>
                                    <description><![CDATA[रिजर्व बैंक ने छोटे निवेशकों और वित्त क्षेत्र के ग्र्राहकों के लिए दो बड़ी योजनाओं की शुरूआत की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2/article-2396"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/rbi-bank.jpg" alt=""></a><br /><p>अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए छोटे निवेशकों को बढ़ावा देना जरूरी है, इसलिए इन निवेशकों के लिए नए विकल्प रखने की पहल की गई है। रिजर्व बैंक ने छोटे निवेशकों और वित्त क्षेत्र के ग्र्राहकों के लिए दो बड़ी योजनाओं की शुरूआत की घोषणा की है। इसके तहत अब खुदरा निवेशकों को भी सीधे सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश की इजाजत दे दी गई है। हालांकि खुदरा प्रत्यक्ष योजना का ऐलान रिजर्व बैंक ने इस साल फरवरी में अपनी मौद्रिक नीति में ही कर दिया था। अब शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने इसका शुभारंभ किया। अब न केवल बांड बाजार का दायरा बढ़ेगा, बल्कि निवेशकों को भी एक नया विकल्प मिलेगा। अर्थव्यवस्था में संस्थागत सुधार की लंबे समय से मांग की जा रही है। बांड बाजार को खुदरा निवेशकों के लिए खोलना इन्हीं प्रयासों की दिशा में बड़ा कदम है। छोटे निवेशकों की बाजार तक पहुंच बढ़ने से बाजार में पैसे का प्रवाह बनेगा। अब तक यह देखा गया है कि छोटे निवेशक शेयर बाजार, म्यूचुअल फण्ड, सोना कंपनियों और बैंकों की सावधि योजनाओं, डाकखानों की बचत योजनाओं तक ही सीमित रहती है। पहले जमीन-जायदाद में निवेश किया जाता था, लेकिन अब इसमें मंदी का दौर चल रहा है। ब्याज व बचत योजनाएं भी ज्यादा लाभदायक नहीं रही हैं। सरकार ने ब्याज लाभ में कटौती कर दी है। हालांकि बांडों में निवेश को सुरक्षित समझा जाता है, लेकिन प्रतिफल दूसरे विकल्पों की तुलना में कम रहता है तो निवेशक इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाते। अब सरकारी बांडों में प्रतिफल कैसा रहता है, यह देखने की बात होगी। यदि प्रतिफल आकर्षक नहीं रहा तो निवेशक शायद उत्साह न दिखाएं। फिर बांड योजनाओं में निवेंश की अवधि लंबी होने से भी निवेशक हिचकिचाते हैं। इसलिए सरकार जो बांड जारी करें, उसमें निवेशकों की इस मंशा को ध्यान में रखना होगा। बांड बाजार को शेयर बाजार से बेहतर बनाया जाएगा तभी निवेशक निवेश को ज्यादा आगे आएंगे। योजनाएं जो भी बने वे निवेशकों के अनुकूल मानी गई तो उन्हें स्वीकार होंगी और अर्थव्यवस्था को गति भी मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Nov 2021 14:01:02 +0530</pubDate>
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