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                <title>95 लाख खर्च... फिर भी फुटबॉल मैदान बना 'खेत', आखिर विकास की रकम गई कहां ?</title>
                                    <description><![CDATA[राजकीय वोकेशनल स्कूल हॉस्टल का हुआ जीर्णोद्धार, लेकिन खिलाड़ियों के सपनों का मैदान आज भी बदहाल।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/%E2%82%B995-lakh-spent----yet-the-football-field-resembles-a--farm---where-did-the-development-funds-actually-go/article-162278"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)36.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय वोकेशनल स्कूल नयापुरा स्थित हॉस्टल और फुटबॉल मैदान कभी हाड़ौती में फुटबॉल प्रतिभाओं की पहचान हुआ करते थे। इसी मैदान से कई खिलाड़ियों ने जिला और राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, लेकिन आज यही मैदान अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। वर्ष 2022-23 में कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) द्वारा मैदान और हॉस्टल के विकास के लिए 95 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इतना बड़ा बजट मिलने के बावजूद मैदान की हालत में कोई उल्लेखनीय सुधार नजर नहीं आता। खिलाड़ियों का कहना है कि मैदान आज भी किसी खेल मैदान से अधिक खेत जैसा दिखाई देता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि यदि 95 लाख रुपये खर्च हुए हैं तो उनका परिणाम आखिर जमीन पर क्यों दिखाई नहीं देता?</p>
<p><strong>कभी राज्य स्तरीय प्रतियोगितियों की पहचान था यह मैदान</strong><br />स्थानीय खेल प्रेमियों और वरिष्ठ खिलाड़ियों का कहना है कि एक समय ऐसा था जब इस मैदान पर जिला एवं राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन होता था। बाहर से टीमें यहां खेलने आती थीं और यह मैदान कोटा की खेल संस्कृति का प्रमुख केंद्र माना जाता था। लेकिन वर्षों से रखरखाव के अभाव और विकास कार्य अधूरे रहने के कारण मैदान अपनी पहचान खो चुका है। अब मैदान की सतह ऊबड़-खाबड़ हो चुकी है, घास और समतलीकरण का अभाव है तथा खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान लगातार चोट लगने का खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>95 लाख के काम पर उठ रहे सवाल</strong><br />जिस ठेकेदार के पास यह कार्य था, श्रवण सिंह ने बताया कि स्वीकृत राशि से हॉस्टल का रिनोवेशन कराया गया तथा मैदान में दर्शक दीर्घा का निर्माण किया गया, जिसमें पूरा बजट खर्च हो गया। हालांकि खेल प्रेमियों का कहना है कि 95 लाख जैसी बड़ी राशि केवल इन कार्यों में समाप्त हो जाना सहज स्वीकार्य नहीं लगता। उनका कहना है कि यदि इतनी बड़ी धनराशि खर्च हुई है तो उसका स्पष्ट और प्रभावी परिणाम मैदान पर दिखाई देना चाहिए। खिलाड़ियों और स्थानीय नागरिकों की मांग है कि संबंधित विभाग खर्च का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करे ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस मद में कितनी राशि खर्च हुई।</p>
<p><strong>कोच बोले—कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें कीं</strong><br />मैदान की खराब स्थिति को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।आज हालात ऐसे हैं कि खिलाड़ी ठीक से अभ्यास भी नहीं कर पा रहे हैं। यदि समय रहते मैदान का विकास नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में कोटा की फुटबॉल प्रतिभाएं प्रभावित होंगी।<br /><strong>- प्रवीण, फुटबॉल कोच</strong></p>
<p><strong>हॉस्टल में रह रहे खिलाड़ियों की पीड़ा</strong><br />वोकेशनल स्कूल परिसर में 10 कमरों का फुटबॉल हॉस्टल संचालित है, जहां करीब 20 खिलाड़ी रहकर प्रशिक्षण लेते हैं। कई वर्षों से मैदान की स्थिति खराब बनी हुई है। समतल मैदान नहीं होने के कारण नियमित अभ्यास प्रभावित होता है और हम अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाते।<br /><strong>- मनीष प्रजापति, खिलाड़ी</strong></p>
<p>मजबूरी में दूसरे मैदानों पर अभ्यास के लिए भटकना पड़ता है। कई बार स्कूल के अन्य मैदानों या पत्थरीली जगहों पर अभ्यास करना पड़ता है, जिससे चोट लगने का खतरा बना रहता है। यदि हॉस्टल में रहने वाले खिलाड़ियों को ही गुणवत्तापूर्ण मैदान नहीं मिलेगा तो खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद कैसे की जा सकती है।<br /><strong>-क्रिस, खिलाड़ी</strong></p>
<p><strong>प्रिंसिपल का कहना</strong><br />वोकेशनल स्कूल के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा ने कहा कि यह सही है कि मैदान और हॉस्टल के विकास के लिए 95 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन इतनी बड़ी राशि का कार्य जमीन पर दिखाई भी देना चाहिए। यदि पैसा खर्च हुआ है तो उसका प्रत्यक्ष लाभ मैदान और खिलाड़ियों को मिलना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 14:55:10 +0530</pubDate>
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