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                <title>real estate - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>real estate RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा, संकटग्रस्त आवास परियोजनाओं को शर्त पूरा होने पर ही मिलेगी मदद</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में संकटग्रस्त आवास परियोजनाओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वामीह (SWAMIH) योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित 6 शर्तों का पालन अनिवार्य है। अब तक ₹10,000 करोड़ से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, जिससे राजस्थान और कर्नाटक सहित कई राज्यों में अटके प्रोजेक्ट्स को गति मिल रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/finance-minister-sitharaman-said-that-distressed-housing-projects-will-get/article-147529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/nirmal-sitaraman.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि संकटग्रस्त आवास योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है लेकिन परियोजना की शर्तों का इसमें पूरा होना आवश्यक है तभी परियोजना के लिए मदद दी जा सकती है। ​वित्त मंत्री सीतारमण ने लोकसभा में सोमवार को एक सवाल के जवाब में कहा कि 'संकटग्रस्त आवास परियोजनाओं के लिए 'स्वामीह' योजना' के तहत पहला चरण 2022 तक चला। इस चरण के लिए 15000 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए गए थे और इसमें 10000 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं। वर्ष 2022 के बाद के बाद दूसरी योजना चल रही है।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए कुछ शर्ते रखी गई है और उन सबका का पूरा होना आवश्यक है। इसके लिए सीमा तय की गई है और यदि प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ है तो फिर उसके लिए स्वामी योजना उपलब्ध नहीं होगी। उन्होंने बताया कि स्वामी योजना के लिए छह शर्तें रखी गई है। यदि इस योजना का लाभ लेना है तो हर योजना के लिए इन शर्तों का पूरा होना आवश्यक है।</p>
<p>वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि योजना का पहला चरण पूरा हो चुका है लेकिन उन्हें मालूम है कि अब भी बहुत सारे लोग हैं जिन्हें अभी इसका लाभ नहीं मिल पाया है। उनका कहना था कि इन योजनाओं के लिए जहां जरूरी शर्तें पूरी हैं वहां परियोजनाओं को लागू किया जा रहा है। इसके तहत राजस्थान, कर्नाटक में छह-छह और कई राज्यों में परियोजनाएं चल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 15:54:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जयपुर में वर्धमान ग्रुप पर इनकम टैक्स की छापेमारी, ऑफिस से करोड़ों का कैश बरामद, कई अहम दस्तावेज जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के प्रभावशाली वर्धमान ग्रुप के रियल एस्टेट और एजुकेशन कारोबार से जुड़े कई ठिकानों पर गुरुवार सुबह इनकम टैक्स विभाग ने व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/income-tax-raid-on-vardhaman-group-in-jaipur-cash-worth/article-135669"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/vardhman-it-raid-in-jaipur.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के प्रभावशाली वर्धमान ग्रुप के रियल एस्टेट और एजुकेशन कारोबार से जुड़े कई ठिकानों पर गुरुवार सुबह इनकम टैक्स विभाग ने व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कार्रवाई की शुरुआत मानसरोवर स्थित वर्धमान स्कूल परिसर में बने मुख्य कार्यालय से हुई, जहां टीम को जांच के दौरान भारी मात्रा में नकदी मिली। नकदी की रकम इतनी अधिक बताई जा रही है कि गिनती के लिए मौके पर ही नोट गिनने की मशीनें मंगानी पड़ीं। सूत्रों ने बताया कि करोड़ों रुपये की बेहिसाब रकम मिलने के बाद काउंटिंग मशीनों से गिनती लंबे समय तक चलती रही।</p>
<p>प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ग्रुप द्वारा बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन के जरिए टैक्स चोरी करने की आशंका पर की गई है। इनकम टैक्स टीम ने ऑफिस में मौजूद सभी फाइलों, रिकॉर्ड्स, अलमारियों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की। इसके साथ ही ग्रुप के प्रमुख पदाधिकारियों के बैंक खातों, प्रॉपर्टी डिटेल्स, लेनदेन के रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, बरामद नकदी को असंगठित आय माना जा रहा है, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, तलाशी अभियान वर्धमान ग्रुप के कई अन्य ठिकानों पर भी जारी है। आयकर विभाग खास तौर पर रियल एस्टेट सौदों में संभावित टैक्स चोरी और स्कूलों के जरिये आय छिपाने की संभावनाओं की जांच कर रहा है। ग्रुप से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है और उनके निवेश व संपत्तियों की जानकारी खंगाली जा रही है।</p>
<p>ज्ञात हो कि वर्धमान ग्रुप जयपुर का एक बड़ा कारोबारी नाम है, जो रियल एस्टेट विकास और शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपस्थिति रखता है। विभाग की यह कार्रवाई शहर में बड़ी वित्तीय अनियमितताओं का संकेत मानी जा रही है, जिसकी जांच आने वाले दिनों में और विस्तृत हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 19:24:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युवराज सिंह ने रियल एस्टेट फर्म को कोर्ट में घसीटा, घटिया सामान लगाने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[ याचिका में कहा गया है कि बिल्डर ने युवराज सिंह को नवंबर 2023 में फ्लैट का पजेशन लेटर दिया था। युवराज सिंह जब फ्लैट देखने गए तो उन्होंने पाया कि फ्लैट की क्वालिटी काफी घटिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/yuvraj-singh-drags-real-estate-firm-to-court-accuses-him/article-84230"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/yuvraj-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिकेटर युवराज सिंह की एक रियल एस्टेट फर्म के खिलाफ फ्लैट देने में देरी और करार का उल्लंघन करने के आरोपों पर सुनवाई करते हुए रियल इस्टेट कंपनी को नोटिस जारी किया है।  युवराज सिंह ने अपनी याचिका में बिल्डर और उनके बीच मामले को निपटाने के लिए मध्यस्थ की नियुक्ति की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि युवराज सिंह ने 2021 में बिल्डर एटोलाइट प्राईवेट लिमिटेड से एक फ्लैट बुक कराया था। </p>
<p><strong>14 करोड़ 10 लाख रुपए में फ्लैट खरीदा </strong><br />फ्लैट दिल्ली के हौज खास में स्थित है। युवराज सिंह ने 2021 में करीब 14 करोड़ 10 लाख रुपए में फ्लैट खरीदा था। याचिका में कहा गया है कि बिल्डर ने युवराज सिंह को नवंबर 2023 में फ्लैट का पजेशन लेटर दिया था। युवराज सिंह जब फ्लैट देखने गए तो उन्होंने पाया कि फ्लैट की क्वालिटी काफी घटिया है। याचिका में कहा गया है कि बिल्डर ने फ्लैट के निर्माण में अच्छी गुणवता की सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया है।</p>
<p><strong>पजेशन देने में भी देरी की</strong><br />याचिका में कहा गया है कि फ्लैट की फिटिंग, फर्निशिंग, लाईटिंग और फिनिशिंग घटिया क्वालिटी की है। इसके अलावा बिल्डर ने तय समय से देरी से फ्लैट दिया है। युवराज सिंह ने फ्लैट को देने में देरी और उसके निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर मुआवजा की मांग की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 09:42:25 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बिना रजिस्ट्रेशन के रियल स्टेट में खरीद-बेचान करने वाले एजेंटों पर रेरा अथॉरिटी का शिकंजा, थमाएं नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[ रियल स्टेट का कारोबार करने वाले नॉन पंजीकृत एजेंटों की अथॉरिटी में शिकायत आने के बाद अथॉरिटी की ओर से  एजेंट को नोटिस थमाए गए। इसके बाद एजेंटों के रजिस्ट्रेशन में भारी गति आई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rera-authority-clamps-down-on-agents-doing-real-estate-purchase/article-82268"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/6633-copy61.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रियल एस्टेट का कारोबार करने वाले एजेंट के रजिस्ट्रेशन में रफ्तार आने लगी है। प्रमोटर्स के साथ एजेंट भी अथॉरिटी में अपना रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। अथॉरिटी अब तक 8745 एजेंटों का रजिस्ट्रेशन हो चुका हैं, जबकि 1900 से अधिक प्रमोटर्स अथॉरिटी में पंजीकृत है। रियल स्टेट का कारोबार करने वाले नॉन पंजीकृत एजेंटों की अथॉरिटी में शिकायत आने के बाद अथॉरिटी की ओर से एजेंट को नोटिस थमाए गए। इसके बाद एजेंटों के रजिस्ट्रेशन में भारी गति आई है।</p>
<p>इससे पहले करीब 2000 एजेंट ही रजिस्ट्रेशन करवा कर अपना कारोबार कर रहे थे, लेकिन अब यह संख्या 8000 के पार पहुंच चुकी है। इसके साथ ही अथॉरिटी में किसी एजेंट के खिलाफ अगर किसी शिकायत आती है तो उसे हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाता है। वह किसी भी रियल एस्टेट के रेरा में पंजीकृत प्रोजेक्ट में खरीद बेचान का काम नहीं कर सकता। अथॉरिटी के रजिस्टर रमेश चंद शर्मा का कहना है कि जिन एजेंटों के खिलाफ शिकायत प्राप्त होती है, उनके खिलाफ एक्शन भी किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Jun 2024 18:53:00 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>RERA's Action : क्यूपीआर नही देने वाले बिल्डरों को  मिलेगा नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[अथॉरिटी रजिस्टर के अनुसार जिन प्रोजेक्ट में तिमाही प्रगति रिपोर्ट समिट नहीं हुई है उन्हें नोटिस दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/reras-action-builders-not-paying-qpr-will-get-notice/article-79226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/rera.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रेरा (<span class="BxUVEf ILfuVd" lang="hi" xml:lang="hi"><span class="hgKElc">रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी</span></span>) उन  बिल्डरों को नोटिस थमाने की तैयारी कर रहा है, जिन बिल्डरों ने रेरा में रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की तिमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट ऑनलाइन समिट नहीं की है। ऐसे प्रोजेक्ट को अथॉरिटी की ओर से खंगाले जा रहे हैं ।</p>
<p>माना जा रहा है कि जिन प्रोजेक्ट की क्यूपीआर समिट नहीं हुई है, उन प्रोजेक्ट का निर्धारित समय के अनुसार काम नहीं हो रहा है, अथॉरिटी में करीब 4000 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड है। उन प्रोजेक्ट के संबंध में निर्धारित शर्तों के अनुसार कितने समय में कितना काम होना है, यह ऑनलाइन दर्शाया गया है, ऐसे में संबंधित बिल्डर  प्रोजेक्ट की समय सीमा में किसी तरह की हेरा फेरी नहीं कर सकता। अथॉरिटी रजिस्टर के अनुसार जिन प्रोजेक्ट में तिमाही प्रगति रिपोर्ट समिट नहीं हुई है उन्हें नोटिस दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 May 2024 18:30:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रियल एस्टेट प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन पड़ेगा महंगा</title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान में मानक शुल्क के रूप में 10 रुपए प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/real-estate-project-registration-will-be-expensive/article-78240"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(2)33.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रियल एस्टेट के प्रोजेक्टों  को अब राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेशन अथॉरिटी में रजिस्ट्रेशन कराना महंगा पड़ेगा। रेरा अथॉरिटी  रजिस्ट्रेशन शुल्क में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर होगा। इससे पहले  रेगुलेटरी अथॉरिटी ने एक अगस्त 2023 को प्लॉटेड और वाणिज्यिक योजनाओं के पंजीकरण के लिए पंजीकरण शुल्क में संशोधन किया था। वर्तमान में मानक शुल्क के रूप में 10 रुपए प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। कोई भी प्रोजेक्ट डेवलपर जो 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूमि के टुकड़े पर नौ या अधिक प्लॉट विकसित करता है। ये दरें सरकार, शहरी सुधार ट्रस्ट, विकास प्राधिकरण, राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम और हाउसिंग बोर्ड द्वारा संचालित सभी योजनाओं पर भी  लागू हैं।</p>
<p>रेरा रजिस्ट्रार के अनुसार आवासीय भूखंडों पर प्लॉटेड विकास परियोजनाओं के लिए वर्तमान पंजीकरण शुल्क 5 रुपए प्रति वर्ग मीटर है। वाणिज्यिक, औद्योगिक और मिश्रित उपयोग वाले भूखंडों के लिए भी यह 5 रुपए प्रति वर्ग मीटर है। हालाँकि,  प्राधिकरण ने इस पंजीकरण शुल्क के अतिरिक्त एक मानक शुल्क लागू करने का निर्णय लिया है। यह मानक शुल्क आवासीय भूखंडों के लिए 5 रुपए प्रति वर्ग मीटर और वाणिज्यिक, औद्योगिक और मिश्रित उपयोग वाले भूखंडों के लिए 10 रुपए  प्रति वर्ग मीटर की दर से लिया जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 May 2024 15:42:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कोटा में लगातार बढ़ रहा रियल एस्टेट कारोबार</title>
                                    <description><![CDATA[पहले जहां शहर के आस-पास अधिकतर कृषि भूमि हुआ करती थी। वहां अब कृषि भूमि पर भी कॉलोनियां बस चुकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/real-estate-business-is-continuously-increasing-in-kota/article-75154"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/transfer-(5)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। औद्योगिक से शिक्षा और अब पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रहे कोटा शहर में रीयल एस्टेट कारोबार लगातार बढ़ रहा है। इसका अंदाजा हर साल करीब डेढ़ लाख प्रोपर्टी के रजिस्टर्ड होने से लगाया जा सकता है। कोटा शहर में पहले जहां सामान्य मकान बनाए जाते थे। वहीं अब यहां बहुमंजिला इमारतों व भवनों का निर्माण होने लगा है। आवासीय व व्यवसायिक भवनों का निर्माण लगातार हो रहा है। जिससे शहर का विकास व विस्तार भी तेजी से हो रहा है। हालत यह है कि शहर के हर क्षेत्र में दूर-दूर तक  बहुमंजिला इमारतों की भरमार देखी जा सकती है। इनमें हॉस्टलों के अलावा शिक्षण संस्थान, होटल, शोरूम, मॉल, हॉस्पिटल व आवासीय इमारतें भी शामिल है। यही कारण है कि कोटा शहर में प्रोपर्टी कारोबार काफी अधिक बढ़ गया है। यहां स्थानीय निवासियों के अलावा देश भर से मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए स्टूडेंट आ रहे हैं। ऐसे में उनके रहने  व शिक्षा के लिए हॉस्टल व कोचिंग के भी नए -नए बहुमंजिला आवासीय व व्यवसायिक भवन बन रहे हैं। ऐसे में रीयल एस्टेट कारोबारियों की संख्या भी बढ़ी है। कोटा शहर पहले जहां कुछ एरिया तक ही सीमित हुआ करता था। लेकिन धीरे-धीरे इसका विस्तार हुआ और पुराने कोटा के बाद नया कोटा विकसित हुआ। पहले स्टेशन, नयापुरा, परकोटा क्षेत्र ही हुआ करता था। वहीं अब दादाबाड़ी, गुमानपुरा, वल्लभ नगर, तलवंडी, जवाहर नगर, इंद्र विहार, बजरंग नगर, थेगड़ा रोड, देवली अरब रोड, बजरंग नगर, राजीव गांधी नगर, कम्पीटिशन कॉलोनी, राजीव गांधी स्पेशल योजना, महावीर नगर प्रथम,आर.के. पुरम्, श्रीनाथपुरम्, नदी पार क्षेत्र में लैंडमार्क, बारां रोड पर नयानोहरा तक कोरल पार्क, रावतभाटा रोड पर गेपरनाथ तक, बूंदी रोड पर बल्ललोप व तालेड़ा तक और रायपुरा से कैथून रोड तक चारों तरफ शहर का विस्तार हो रहा है। </p>
<p><strong>सरकार को अरबों रुपए राजस्व </strong><br />रियल एस्टेट कारोबार से जहां कारोबारियों व प्रोपर्टी डीलरों को लाभ हो रहा है। वहीं इमारतों के निर्माण के बाद उनकी रजिस्ट्री होने से सरकार को भी अरबों रुपए साल का राजस्व प्राप्त हो रहा है। जानकारी के अनुसार कोटा में वर्ष 2021-22 में हुई रजिस्ट्री से विभाग को 392 करोड़ 38 लाख 14 हजार रुपए, वर्ष 2022-23 में 554 करोड़ 27 लाख 19 हजार रुपए और वर्ष 2023-24 में 524 करोड़ 48 लाख 5 हजार रुपए की आय हुई।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br /><strong>वर्ष              रजिस्ट्री    राजस्व</strong><br />2021-22    140799    39238.34<br />2022-23    170250    55527.19<br />2023-24    162500    52448.05 </p>
<p><strong>कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियां</strong><br />रियल  एस्टेट कारोबार बढ़ने का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि यहां जमीनों के भावर डीएलसी रेट से तय होते हैं। हर जगह  व एरिया की रेट अलग है। पहले जहां शहर के आस-पास अधिकतर कृषि भूमि हुआ करती थी। वहां अब कृषि भूमि पर भी कॉलोनियां बस चुकी हैं। पिछली कांग्रेस सरकार में कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों को भी मालिकाना हक देते हुए पट्टे जारी किए हैं। जिससे कृषि भूमि पर भी बहुमंजिला इमारतें व आवासीय इमारतें बन चुकी हैं। </p>
<p><strong>तीन साल में हुई पौने 5 लाख रजिस्ट्रयां</strong><br />डीआईजी स्टाम्प कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटा संभाग में तीन साल वर्ष 2021-22 से 23-24 तक  करीब पौने 5 लाख रजिस्ट्रियां हुई है। इस हिसाब से हर साल करीब डेढ़ लाख से अधिक रजिस्ट्री हो रही है। ऐसे में सरकार को अरबों रुपए राजस्व भी अर्जित हो रहा है। </p>
<p><strong>यह रही वर्षवार स्थिति</strong><br />डीआईजी स्टाम्प कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटा संभाग में वर्ष 2021-22 में 1 लाख 40 हजार 799 रजिस्ट्री हुई। वर्ष 2022-23  में 1 लाख 70 हजार 250 और वर्ष 2023-24 में 1 लाख 62 हजार 500 रजिस्ट्री हुई। </p>
<p><strong>फ्लैट कल्चर बढ़ा है</strong><br />पहले परिवार बड़ा था और कमाने वाले कम थे। उस समय छोटे से पुराने घर में रहते थे। सरकारी नौकरी लगी और आर्थिक स्थिति सुधरी तो नए मकान में जाने पर विचार किया। नयापुरा की जगह अब बोरखेड़ा में मकान खरीदा है। हालांकि शहर में अब फ्लैट कल्चर बढ़ा है। अधिकतर लोग सुविधा व सुरक्षा की दृष्टि से फ्लैट खरीदना अधिक पसंद कर रहे हैं। <br /><strong>- अरुण वर्मा, प्रातप नगर बोरखेड़ा</strong></p>
<p><strong>लाइफ स्टाइल सुधरी व आय बढ़ी</strong><br />लोगों की लाइफ स्टाइल सुधरी है और आय भी बढ़ी है। ऐसे में लोग नई-नई प्रोपर्टी खरीद रहे हैं और बनवा रहे हैं। इससे पिछले कुछ सालों की तुलना में इस साल रीयल एस्टेट कारोबार की स्थिति सुधरी है। भविष्य में इसमें और सुधार होने की संभावना है।<br /><strong>- अभिषेक गुप्ता,आकांक्षा बिल्डर्स</strong></p>
<p><strong>मध्यम वर्गीय प्रोपर्टी में निवेश बढ़ा</strong><br />पिछले कुछ सालों की तुलना में इस साल रीयल एस्टेट कारोबार में सुधार हुआ है। लोगों की प्रोपर्टी क्रय क्षमता बढ़ी है। इनवेस्टमेंट उतना नहीं बढ़ा है। लेकिन मध्य वर्गीय जिनमें 50 लाख से 70 लाख तक की प्रोपर्टी में निवेष बढ़ा है। साथ ही सरकार की पॉलिसी भी सकारात्मक होने से इस कारोबार का भविष्य अच्छा है।<br /><strong>- चेतन सेनी सुमंगलम ग्रुप </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कोटा में रीयल एस्टेट के तहत जितना भी आवासीज व व्यवसायिक निर्माण होता है। उन सभी की रजिस्ट्री करवाना आवश्यक होता है। कोटा में दो कार्यालय है जिनके माध्यम से रजिस्ट्री की जा रही है। कोटा शहर में ही रोजाना करीब 150 से अधिक रजिस्ट्री हो रही है। जबकि संभाग में हर साल डेढ़ लाख से अधिक रजिस्ट्री हो रही है। इससे सरकार को भी राजस्व अर्जित होता है। विभाग की ओर से वर्ष 2024-25 के लिए 735 करोड़ 80 लाख रुपए का राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य तय किया है। <br /><strong>- कमल कुमार मीणा, डीआईजी स्टाम्प, कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Apr 2024 16:57:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2047 तक जीडीपी में रियल एस्टेट का योगदान 5.17 लाख करोड़ डॉलर होने का अनुमान</title>
                                    <description><![CDATA[क्रेडाई के निर्वाचित अध्यक्ष शेखर पटेल ने कहा कि वर्तमान में, वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भारत में महत्वपूर्ण सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि देखी जा रही है जो हमारे आर्थिक और क्षेत्रीय लचीलेपन का प्रमाण है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/real-estate-s-contribution-to-gdp-is-estimated-to-be-5-17-trillion-by-2047/article-72888"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/ph-(9).jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) ने विकसित भारत के लिए आज अपना रोडमैप जारी किया जिसमें 2047 तक सकल घेरलू उत्पाद (जीडीपी) में रियल एस्टेट का योगदान 5.17 लाख करोड़ डॉलर का होने का अनुमान है और यह अनुमानित जीडीपी का 17.5 प्रतिशत रह सकता है। </p>
<p>क्रेडाई ने आज अपने युवा इकाई द्वारा आयोजित वार्षिक सम्मेलन यूथकॉन में विकसित भारत के लिए भारतीय रियल एस्टेट के योगदान पर एक रिपोर्ट जारी किया जिसमें यह बात कही गयी है। इस कार्यक्रम के दौरान क्रेडाई ने एक रिपोर्ट बिल्डिंग विकसित भारत - भारत में रियल एस्टेट क्षेत्र की परिवर्तनकारी भूमिका के बारे में एक रिपोर्ट जारी किया। क्रेडाई के अनुसार रियल एस्टेट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। वित्त वर्ष 2034 तक इस क्षेत्र के जीडीपी में 1.3 लाख करोड़ डॉलर अर्थात अनुमानित जीडीपी का 13.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।  </p>
<p>भारतीय रियल एस्टेट का वर्तमान बाजार का साइज 24 लाख करोड़ रुपये है, जो क्रमश: 80 और 20 के अनुपात में आवासीय और वाणिज्यिक के बीच बंटा है।</p>
<p>क्रेडाई के अध्यक्ष बोमन आर ईरानी ने कहा, ''2047 तक भारत की एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने की यात्रा के बीच भारतीय रियल एस्टेट आज एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। यह क्षेत्र जीडीपी मूल्य को बढ़ाने और राजस्व, प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए बाध्य है जो लगातार बढ़ती खपत के कारण आत्मनिर्भर चक्र के एक हिस्से के रूप में आगे विकास में सहायता करेगा। भारत के अग्रणी रियल एस्टेट निकाय के रूप में,  हम पूरी तरह से विकसित अर्थव्यवस्था बनने के हमारे सामूहिक मिशन को प्राप्त करने की दिशा में एक सहज मार्ग सुनिश्चित करने के लिए इसमें शामिल सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।"</p>
<p>क्रेडाई के चेयरमैन मनोज गौड़ ने कहा, ''भारतीय रियल एस्टेट के प्रमुख निकाय के रूप में हमने एक उद्योग के रूप में जो हासिल किया है उस पर हमें बेहद गर्व महसूस होता है और हम उस क्षमता से भी अधिक उत्साहित हैं जो वर्तमान में इस क्षेत्र को देश के प्राथमिक आर्थिक इंजन के रूप में रखता है। विकसित भारत को प्राप्त करने के लिए रियल एस्टेट विकास के केंद्र में रहने जा रहा है जो कि हाल ही में हुई भारी मात्रा से भी मान्य है, जो मजबूत क्यूओक्यू जीडीपी संख्याओं के साथ मेल खाता है। रियल एस्टेट फिर से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है, क्योंकि भारत अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।"</p>
<p>क्रेडाई के निर्वाचित अध्यक्ष शेखर जी पटेल ने कहा ''वर्तमान में, वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भारत में महत्वपूर्ण सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि देखी जा रही है जो हमारे आर्थिक और क्षेत्रीय लचीलेपन का प्रमाण है। संपूर्ण रियल एस्टेट उद्योग इस मजबूत मंच पर निर्माण करने के लिए बेहद उत्साहित है और एक सुविधाजनक इको-सिस्टम के महत्व पर फिर से जोर देता है जो न केवल उद्योग के निरंतर और टिकाऊ विकास के लिए, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था के लिए सभी संबंधित हितधारकों का समर्थन करता है। अपने निष्कर्षों के माध्यम से, हमने विकसित भारत में भारतीय रियल एस्टेट के योगदान का एक रोडमैप तैयार किया है क्योंकि हम इस उपलब्धि को हासिल करने की दिशा में संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/real-estate-s-contribution-to-gdp-is-estimated-to-be-5-17-trillion-by-2047/article-72888</link>
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                <pubDate>Sat, 16 Mar 2024 18:54:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने रियल इस्टेट (नियमन और विकास) अधिनियम को सही ठहराया</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। रियल इस्टेट (नियमन और विकास) अधिनियम 2016(रेरा)को सही ठहराने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का दूरगामी नतीजा सामने आना निश्चित है। उल्लेखनीय हैम कि यह फैसला उन सभी चालू रियल्टी परियोजनाओं के सम्बंध में है, जिन्हें उक्त कानून के प्रभावी होने तक पूरा होने का प्रमाण पत्र नहीं मिला था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि इस कानून में विहित राज्यों से सम्बंधित नियमों में भारी परिवर्तन होंगे।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%B2-%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%9F--%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%A8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B8--%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A0%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE/article-2428"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/sc2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong>। रियल इस्टेट (नियमन और विकास) अधिनियम 2016(रेरा)को सही ठहराने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का दूरगामी नतीजा सामने आना निश्चित है। उल्लेखनीय हैम कि यह फैसला उन सभी चालू रियल्टी परियोजनाओं के सम्बंध में है, जिन्हें उक्त कानून के प्रभावी होने तक पूरा होने का प्रमाण पत्र नहीं मिला था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि इस कानून में विहित राज्यों से सम्बंधित नियमों में भारी परिवर्तन होंगे।  उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को साफ कर दिया कि इस कानून के लागू होने की तिथि तक अपूर्ण रहे और पूरा होने का प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं करने वाली परियोजनाओं पर रेरा कानून लागू होगा। उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु के नियम इस निर्णय के अनुपकूल नहीं हैं। इन राज्यों को सभी चालू परियोजनाओं को रेरा के अंतर्गत लाने के लिए अपने नियमों में संशोधन करना पड़ सकता है।  वर्ष 2017 में तत्कालीन आवासन मंत्री वेंकैया नायडू ने विभिन्न राज्यों द्वारा रेरा कानून को कमजोर करने पर चिंता जताई थी।</p>
<p><br /> उन्होंने उन राज्यों से कहा था कि उन्हें ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। मंत्रालय ने चालू परियोजनाओं और रेरा के क्षेत्राधिकार में टकराव के सम्बंध में कहा था कि जिन परियोजनाओं को एक मई 2017 तक पूरा होने का प्रमाण पत्र नहीं मिला, उन्हें रेरा के अंतर्गत रहना होगा।</p>
<p><br /> मकान खरीदने वालों की संस्था कलेक्टिव एफोर्ट्स के अध्यक्ष अभय उपाध्याय नेम कहा कि सुप्रीम कोर्ट को फैसले ने इस कानून के लागू होते समय तक अपूर्ण सभी रियल इस्टेट परियोजनाओं पर रेरा के क्षेत्राधिकार की पुष्टि कर दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Nov 2021 12:56:15 +0530</pubDate>
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