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                <title>Delhi High Court - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Delhi High Court RSS Feed</description>
                
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                <title>राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत, 1.5 करोड़ की डीडी जमा करवाने के बाद मिली जमानत</title>
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                        <![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को 18 मार्च तक अंतरिम जमानत दे दी है। अभिनेता ने 1.5 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट जमा कराया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/trending-today/big-relief-to-rajpal-yadav-from-delhi-high-court-after/article-143386"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(17)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। 16 साल पुराने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को आखिरकार दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिल ही गई है। बता दें कि राजपाल यादव ने सुनवाई के दौरान करीब 1.5 करोड़ का ड्राफ्ट जमा कराया, जिसके बाद कोर्ट ने पासपोर्ट सरेंडर कराने का आदेश दिया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने राजपाल यादव को 18 मार्च तक अंतरिम जमानत दे दी है। इससे पहले 12 फरवरी को कोर्ट ने सुनवाई की थी जिसमें जमानत देने से इंकार कर दिया था। उस समय कोर्ट ने अभिनेता और उनके वकील दोनों को फटकार लगाई थी और कार्रवाई को 16 फरवरी के लिए टाल दिया था।</p>
<p>बता दें कि अभिनेता राजपाल यादव की तरफ से जमानत याचिका भतीजी की शादी अटेंड करने के लिए दाखिल की गई है, जो कि 19 फरवरी को है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 15:24:54 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>चेक बाउंस केस में सुनवाई आज: राजपाल यादव को जेल मिलेगी या बेल? जानें पूरा मामला </title>
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                        <![CDATA[अभिनेता राजपाल यादव आज 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में जमानत हेतु कोर्ट पहुंचेंगे। सोनू सूद और अन्य बॉलीवुड सितारों ने उनकी आर्थिक मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hearing-in-check-bounce-case-today-rajpal-yadav-will-get/article-143347"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(9)2.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। 16 साल पुराने चेक बाउंस मामले में आज अभिनेता राजपाल यादव कोर्ट पहुंचेंगे, जहां इस मामले में सुनवाई होगी। इससे पहले 12 फरवरी को कोर्ट में सुनवाई हुई थी लेकिन किन्ही कारणों से इस केस में सुनवाई को आज के लिए टाल दिया गया था लेकिन आज इस मामले में कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। बता दें कि ये पूरा मामला करीब 9 करोड़ रूपए का है, जिसके कारण अभिनेता को दूसरी बार तिहाड़ जेल जाना पड़ा है। एक्टर ने हाल ही में 5 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर किया था। 12 फरवरी को एक्टर के वकील ने घर में शादी का हवाला देकर जमानत के लिए याचिका दायर की थी जिसे कोर्ट ने टाल दिया था। ऐसे में अब अभिनेता घर के फंक्शन में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत की मांग करेंगे। </p>
<p>दिल्ली हाईकोर्ट ने इससे पहले 12 को सुनवाई करते हुए एक्टर और उनके वकील दोनों को फटकार लगाई थी। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत ने सुनवाई करते हुए अभिनेता और उनके वकील को कहा, वो जेल इसलिए गए क्योंकि उन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया। इस दौरान कोर्ट ने पिछले कोर्ट ऑर्डर को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया था लेकिन राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली थी।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, चेक बाउंस केस में राजपाल यादव के ​दौबारा जेल जाने की खबर सामने आते ही बॉलीवुड के कई सेलेब्स उनके समर्थन में खड़े हो चुके हैं और इसके लिए सबसे बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया और उनको अपनी आने वाली फिल्म में कास्ट करने का फैसला किया, जिसके लिए वो राजपाल यादव को साइनिंग अमाउंट भी दे रहे हैं। इसके अलावा राजनीतिक गलियारे से तेज प्रताप यादव ने भी एक्टर की मदद करने का आश्वान दिया है। वहीं, फिल्म इंडस्ट्री से गुरु रंधावा, अजय देवगन, सलमान खान, रतन जैन और वरुण धवन समेत कई सेलेब्स उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। इस बात की पुष्टि राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव ने की है। इसके लिए राधा यादव ने सभी का धन्यवाद दिया है। अब देखना ये होगा कि इस केस में क्या आज हाई कोर्ट अभिनेता को जमानत देता है या नहीं।</p>]]>
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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:54:23 +0530</pubDate>
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                <title>चेक बाउंस मामला: तिहाड़ जेल में ही रहेंगे अभिनेता राजपाल यादव, हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इंकार</title>
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                        <![CDATA[नई दिल्ली में अभिनेता राजपाल यादव की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज की। चेक बाउंस मामले में आत्मसमर्पण के बाद वे तिहाड़ जेल में हैं, अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/actor-rajpal-yadav-will-remain-in-tihar-jail-high-court/article-142920"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(8).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अभिनेता राजपाल यादव पिछले सात दिनों से तिहाड़ जेल में बंद है। बता दें कि 12 फरवरी 2026 को उनकी जमानत पर सुनवाई हुई लेकिन कोर्ट ने उनको लताड लगाते हुए ​रिहा करने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि वे जमानत पर सुनवाई अब 16 फरवरी सोमवार को करेंगे। हाईकोर्ट ने जमानत पर सुनवाई के दौरान कहा कि राजपाल यादव अपने वादे को नहीं निभा पाएं जिसके कारण उनको जेल जाना पड़ा और अभी फिलहाल वो जेल में ही रहेंगे।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, इससे पहले राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई थी कि आज राजपाल यादव बेल पर टेम्पररी रिहा हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। </p>
<p>बता दें कि हास्य अभिनेता राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर चेक बाउंस मामले में जेल में आत्मसमर्पण किया था। ये पूरा मामला साल 2010 है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के लिए करीब 5 करोड़ का लोन लिया था लेकिन वो उनको चुकाने में असफल हो गए।</p>
<p> </p>]]>
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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 15:49:23 +0530</pubDate>
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                <title>उन्नाव रेप: कुलदीप सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, पिता की मौत मामले में सज़ा निलंबित करने से इनकार</title>
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                        <![CDATA[दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी, 2026) को उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में बीजेपी से निकाले गए नेता कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई 10 साल की सज़ा को निलंबित करने से इनकार कर दिया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-blow-to-unnao-rap-kuldeep-sengar-as-delhi-high/article-140153"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/sengar.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार, 19 जनवरी 2026 को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को राहत देने से मना कर दिया। जस्टिस रविंदर डुडेजा ने सेंगर की 10 साल की सज़ा को निलंबित करने वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा कि राहत का कोई ठोस आधार नहीं है।</p>
<p><strong>अदालत की सख्त टिप्पणी</strong></p>
<p>अदालत ने कहा कि हालांकि सेंगर लंबे समय से जेल में है, लेकिन उसकी अपील पर सुनवाई में देरी का मुख्य कारण खुद उसके द्वारा बार-बार दायर की गई याचिकाएं हैं। ट्रायल कोर्ट ने मार्च 2020 में सेंगर को गैर-इरादतन हत्या (IPC 304) और साजिश रचने का दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी। पीड़िता के पिता की 9 अप्रैल 2018 को पुलिस कस्टडी में बर्बर पिटाई के कारण मौत हो गई थी।</p>
<p><strong>सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख</strong></p>
<p>गौरतलब है कि मुख्य दुष्कर्म मामले (नाबालिग से रेप) में सेंगर को उम्रकैद की सजा मिली हुई है। दिसंबर 2025 में हाई कोर्ट ने उस सजा पर रोक लगाई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर 2025 को उस आदेश पर तत्काल रोक लगा दी। अब हाई कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 3 फरवरी 2026 को करेगा। पीड़िता के वकील ने दलील दी कि सेंगर की रिहाई से पीड़ित परिवार की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 18:50:18 +0530</pubDate>
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                <title>राहुल गांधी का गंभीर आरोप, उन्नाव सामूहिक दुष्कर्म पीड़तिा के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार दुखद </title>
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                        <![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्नाव सामूहिक दुष्कर्म मामले के दोषी कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने पीड़िता के साथ पुलिसिया व्यवहार को 'अमानवीय' बताते हुए कहा कि न्याय के बजाय पीड़िता को प्रताड़ित किया जा रहा है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rahul-gandhis-serious-allegation-unjust-treatment-of-unnao-gang-rape/article-137089"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rahul-gandhi-on-parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्नाव सामूहिक दुष्कर्म मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने और पीड़तिा का विरोध करने पर उसके साथ हुए व्यवहार पर हैरानी जताई और कहा कि न्याय देने की बजाय उसके साथ अन्याय किया जा रहा है।</p>
<p>राहुल गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में सवाल किया कि आखिर न्याय के लिए आवाज उठा रही दुष्कर्म पीड़िता के साथ अन्याय क्यों हो रहा है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में सबको विरोध करने का हक है और यदि पुलिस विरोध करने वाले के साथ इस तरह का व्यवहार करती है तो यह अन्याय है। उन्होंने सवाल किया कि क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है। क्या उसकी 'गलती' ये है कि वो न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत कर रही है। उसके अपराधी को जमानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है। खासकर तब, जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ति किया जा रहा हो, और वो डर के साए में जी रही हो। बलात्कारियों को जमानत और पीड़तिाओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार-ये कैसा न्याय है।</p>
<p>राहुल गांधी ने कहा, हम सिर्फ एक मृत अर्थव्यवस्था ही नहीं है, बल्कि ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं। लोकतंत्र में असहमति की आवाज उठाना अधिकार है और उसे दबाना अपराध। पीड़तिा को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए -न कि बेबसी, भय और अन्याय।</p>
<p>गौरतलब है कि, उन्नाव दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंजूर की है। पीडि़ता का आरोप है कि इस अपराधी ने उसके ताऊ तथा उसके पिता की हत्या करवाई है और फिर उसकी बहिन के साथ दुष्कर्म कर उसके चाचा को झूठे मामले में फंसाकर जेल भिजवाया है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 18:01:44 +0530</pubDate>
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                <title>परिवार में गृहिणियों के योगदान को मान्यता देने की वकालत : विधायिका की ओर से उचित कदम उठाने की आवश्यकता, हाईकोर्ट ने कहा : मालिकाना अधिकारों का फैसला लेने में मदद मिलेगी</title>
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                        <![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में परिवारों में गृहिणियों को योगदान को मान्यता देने की वकालत की है]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/advocating-to-recognize-the-contribution-of-housewives-in-the-family/article-126813"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/court-hammer05.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में परिवारों में गृहिणियों को योगदान को मान्यता देने की वकालत की है। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अब समय आ गया है कि गृहिणियों की भूमिका को संपत्ति के स्वामित्व संबंधी अधिकारों के संदर्भ में मान्यता दी जाए। कोर्ट ने कहा कि घर बनाने से लेकर उसे चलाने में गृहिणियों का अहम योगदान होता है। घर, परिवार और बच्चों की देखभाल में गृहिणियों के योगदान को देखते हुए उनके मालिकाना अधिकारों का फैसला लेने में मदद मिलेगी और ऐसे योगदानों का मूल्य तय किया जा सकेगा। इसके लिए विधायिका की ओर से उचित कदम उठाने की जरुरत है।</p>
<p><strong>महिला ने फैमिली कोर्ट के आदेश को दी थी चुनौती</strong><br />दरअसल एक महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसने उसके दीवानी याचिका को खारिज कर दिया था। महिला ने हाईकोर्ट से मांग की थी कि वो ये घोषित करे कि विवादित संपत्ति में उसका भी समान और वैध अधिकार होगा। महिला ने मांग की थी कि उसे भी संपत्ति में कब्जे के साथ ही आधे का मालिक घोषित किया जाए। महिला की ओर से कहा गया था कि उसे उसके हिस्से को वंचित करना अन्याय होगा क्योंकि उसने परिवार की देखभाल के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ दी थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने साफ किया कि ससुराल में पत्नी का रहना मात्र, अपने आप में उसे पति के नाम पर मौजूदा संपत्तियों पर मालिक होने का अपराजेय अधिकार प्रदान नहीं कर सकता है। इसके लिए ठोस साक्ष्य और घरेलू योगदान को स्थापित करना जरुरी है। </p>
<p><strong> महिलाओं की छोटी बचत, बड़ी सहायता</strong><br />हाईकोर्ट ने साफ किया कि किसी को भी यह नहीं भूलना चाहिए कि इस देश में बहुत से परिवारों में खासकर उन परिवारों में जहां घरेलू सहायक आदि के रूप में कोई मदद नहीं है। ऐसे घरों में पूर्णकालिक गृहिणियों की मौजूदगी परिवार को उन खर्चों से बचाती हैं जो घर और परिवार को रखरखाव के लिए उठाने पड़ते हैं। इस बचत के जरिए परिवारों को घर संपत्ति खरीदने जैसी सुविधा मिलती है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Sep 2025 12:34:43 +0530</pubDate>
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                <title>पीएम मोदी की डिग्री सार्वजनिक नहीं होगी : दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की</title>
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                        <![CDATA[दरअसल आम आदमी पार्टी से जुड़े नीरज शर्मा ने सूचना के अधिकार के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय से मोदी की डिग्रियों की जानकारी मांगी थी।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-degree-will-not-be-public-delhi-high-court/article-124749"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/modi-3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिग्री विवाद के मामले पर केंद्रीय सूचना आयोग के आदेश के खिलाफ दिल्ली यूनिवर्सिटी की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले पर सुनवाई के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा था कि वो कोर्ट को डिग्री दिखा सकती है लेकिन किसी अजनबी को नहीं। दिल्ली यूनिवर्सिटी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि एक वैसे छात्र की डिग्री मांगी जा रही है जो आज देश का प्रधानमंत्री है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। यूनिवर्सिटी हर साल का रजिस्टर मेंटेंन करती है। </p>
<p><strong>याचिकाकर्ता ने यह दी थी दलील</strong><br />इस मामले में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि सूचना के अधिकार के तहत किसी छात्र को डिग्री देना निजी कार्य नहीं बल्कि एक सार्वजनिक कार्य है। सूचना के अधिकार कानून के तहत दिल्ली यूनिवर्सिटी एक सार्वजनिक प्राधिकार है। ऐसे में सूचना मांगने वाले की नीयत के आधार पर किसी की डिग्री की सूचना देने से इनकार नहीं किया जा सकता है।</p>
<p><strong>दिल्ली विश्वविद्यालय ने किया था इनकार</strong><br />दरअसल आम आदमी पार्टी से जुड़े नीरज शर्मा ने सूचना के अधिकार के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय से मोदी की डिग्रियों की जानकारी मांगी थी। दिल्ली विश्वविद्यालय ने इसे निजी जानकारी बताते हुए साझा करने से इनकार कर दिया था। विश्वविद्यालय के मुताबिक इससे कोई सार्वजनिक हित नहीं पूरा होता है। उसके बाद नीरज शर्मा ने केंद्रीय सूचना आयोग का रुख किया जिसने दिल्ली विश्वविद्यालय के सूचना अधिकारी मीनाक्षी सहाय पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। आयोग ने डिग्री से संबंधित जानकारी देने का भी आदेश दिया। केंद्रीय सूचना आयोग के इसी फैसले के खिलाफ दिल्ली विश्वविद्यालय ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 09:18:07 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली हाईकोर्ट सख्त : छात्रों के साथ गुलामों जैसा व्यवहार करने वाले स्कूल को बंद कर देना चाहिए</title>
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                        <![CDATA[बीचए न्यायालय ने जिला मजिस्ट्रेट; की अध्यक्षता वाली आठ सदस्यीय निरीक्षण समिति की निरीक्षण रिपोर्ट का अवलोकन किया।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/delhi-high-court-strict-on-delhi-public-school/article-111030"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(5)24.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। फीस नहीं देने पर छात्रों के साथ अपमानजनक व्यवहार करने से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने द्वारका के दिल्ली पब्लिक स्कूल को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि फीस नहीं देने पर छात्रों को लाइब्रेरी में बंद करके और क्लास में न आने देकर अपमानित नहीं किया जा सकता। फीस नहीं देने से इस तरह का व्यवहार करने का लाइसेंस नहीं मिल जाता। एक छात्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि छात्रों के साथ गुलामों जैसा व्यवहार करने वाले स्कूल को बंद कर देना चाहिए।  कोर्ट ने कहा कि छात्रों का उत्पीड़न रोकने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय किए जाने की जरूरत है, क्योंकि स्कूल केवल पैसे कमाने की मशीन के तौर पर चलाए जा रहे हैं। इस बीचए न्यायालय ने जिला मजिस्ट्रेट; की अध्यक्षता वाली आठ सदस्यीय निरीक्षण समिति की निरीक्षण रिपोर्ट का अवलोकन किया। इसने फीस वृद्धि विवाद के बीच छात्रों के खिलाफ कई भेदभावपूर्ण व्यवहारों की ओर इशारा किया था।</p>
<p><strong>छात्रों ने कहा: स्वीकृत फीस राशि देने को तैयार</strong><br />नाराज छात्रों के अभिभावकों ने दावा किया कि स्कूल के अधिकारियों ने अनाधिकृत शुल्क का भुगतान न करने के लिए उनके बच्चों को परेशान किया। न्यायालय ने कहा कि समिति की रिपोर्ट ने स्कूल में चिंताजनक स्थिति को उजागर किया है। सुनवाई के दौरान छात्रों ने दावा किया कि वे स्वीकृत फीस राशि का भुगतान करने को तैयार हैं। </p>
<p><strong>छात्रों को कक्षाओं में भाग लेने की अनुमति दें स्कूल </strong><br />मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया कि वह छात्रों को कक्षाओं में आने दे और उन्हें अन्य छात्रों से अलग न करे। पीठ ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ऐसे छात्रों को न तो स्कूल में अपने दोस्तों से मिलने-जुलने से रोकेगा और न ही उन्हें सुविधाओं से वंचित करेगा।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 09:45:04 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली हाईकोर्ट के जज के घर मिले करोड़ों रुपए : हाईकोर्ट सीजे से मांगी तथ्य-खोजी रिपोर्ट, कॉलेजियम ने की जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की सिफारिश </title>
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                        <![CDATA[सूत्रों ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने इस संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय से एक तथ्य-खोजी रिपोर्ट भी मांगी है]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/crores-of-rupees-received-from-delhi-high-court-judge-the/article-108253"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/copy-of-news1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश  यशवंत वर्मा के आवास पर पिछले दिनों आग लगने के बाद कथित तौर बड़ी संख्या में नकदी की बरामदगी संबंधी प्रतिकूल रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में ‘इन-हाउस’ जांच शुरू की है। सूत्रों ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने इस संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय से एक तथ्य-खोजी रिपोर्ट भी मांगी है। सूत्रों के अनुसार, इससे पहले इस घटनाक्रम के बाद न्यायमूर्ति खन्ना की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने गुरुवार को सर्वसम्मति से न्यायमूर्ति वर्मा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय स्थानांतरित की सिफारिश की थी। हालांकि, न्यायमूर्ति वर्मा के तबादले के संबंध में कॉलेजियम का प्रस्ताव खबर लिखे जाने तक सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया है।</p>
<p><strong>न्यायमूर्ति वर्मा नहीं आए कोर्ट </strong><br />न्यायमूर्ति वर्मा ने नकदी की बरामदगी पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। न्यायमूर्ति वर्मा शुक्रवार को अवकाश पर रहे। सुबह अदालत में उनके कर्मचारियों द्वारा उनकी अनुपस्थिति की आधिकारिक घोषणा की गई।</p>
<p><strong>इलाहाबाद बार एसोसिएशन कॉलेजियम के फैसले से स्तब्ध</strong><br />इस बीच, इलाहाबाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने कहा कि वह न्यायमूर्ति वर्मा को उनके मूल उच्च न्यायालय में वापस भेजने के कॉलेजियम के फैसले से स्तब्ध है। मूल रूप से उच्च न्यायालय इलाहाबाद से आने वाले न्यायमूर्ति वर्मा को अक्टूबर 2021 में दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था।</p>
<p><strong>14 मार्च को रात घर पर लगी आग</strong><br />न्यायमूर्ति वर्मा के नई दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास पर आग की यह घटना 14 मार्च को रात करीब 11.30 बजे हुई। उस समय वह घर पर नहीं थे। आग बुझाने के दौरान दमकल कर्मियों और पुलिस को एक कमरे में कथित तौर पर भारी संख्या में नकदी मिली।  </p>
<p><strong>राज्यसभा में उठा मुद्दा</strong><br />नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश के आवास में होली की रात लगी आग को बुझाने के दौरान अग्निशमन दल द्वारा कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नकदी बरामद किए जाने का मुद्दा शुक्रवार को राज्यसभा में उठा और ऐसे न्यायाधीशों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कानून बनाने की मांग उठी। सुबह में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के जयराम रमेश ने इस मुद्दे को उठाया।</p>
<p><br />इस पर सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि यदि इस समस्या से निपटा गया होता तो शायद हमें इस तरह के मुद्दों का सामना नहीं करना पड़ता। सदन के नेता यहां नहीं हैं। मुझे इस बात पर बहुत ही केंद्रित तरीके से विचार करने का अवसर मिला कि भारतीय संविधान में जो कुछ भी लिखा है, वह सबसे पहले हमारे संविधान निर्माताओं से निकला है और फिर जो भी परिवर्तन किया गया है, उसे संसद और कुछ मामलों में 50 प्रतिशत राज्य विधानसभाओं द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए और फिर अंत में अनुच्छेद 111 के तहत माननीय राष्ट्रपति द्वारा उस पर हस्ताक्षर किए जाने के साथ ही उसे संवैधानिक स्वीकृति मिलनी चाहिए और इसलिए मैंने सदन के नेता से अनुरोध किया था कि सदन को उस संविधान को जानने की आवश्यकता है जो इस निर्देश के अनुसार आज लागू है। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 12:03:17 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल की याचिका पर फैसला रखा सुरक्षित</title>
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                        <![CDATA[29 जुलाई को नियमित जमानत पर होगी सुनवाई]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/delhi-high-court-reserved-its-decision-on-kejriwals-petition/article-84984"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/arvind_kejriwal_22may1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति में कथित घोटाले को लेकर गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। </p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने सीबीआई की गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई के बाद अंतरिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया। </p>
<p><strong>ईडी केस में मिली थी जमानत</strong><br />सुप्रीम कोर्ट ने ईडी केस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे दी थी। जमानत के बावजूद केजरीवाल को सीबीआई केस में गिरफ्तारी के कारण जेल से रिहाई नहीं मिली थी।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jul 2024 15:42:05 +0530</pubDate>
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                <title>डीपफेक वीडियो के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर</title>
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                        <![CDATA[दिल्ली उच्च न्यायालय में आगामी लोकसभा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले डीपफेक वीडियो के प्रसार के खिलाफ बुधवार को एक जनहित याचिका दायर की गयी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pil-filed-in-delhi-high-court-against-deepfake-video/article-76444"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/delhi_high_court_630x400-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली । दिल्ली उच्च न्यायालय में आगामी लोकसभा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले डीपफेक वीडियो के प्रसार के खिलाफ बुधवार को एक जनहित याचिका दायर की गयी।</p>
<p>वरिष्ठ अधिवक्ता जयंत मेहता ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ के समक्ष इस याचिका का उल्लेख किया। मेहता ने अदालत को सूचित किया कि याचिका एक वकील निकाय द्वारा दायर की गयी है और अनुरोध किया कि इसे तत्काल सूचीबद्ध किया जाये। इसके बाद अदालत ने जनहित याचिका को कल दो मई के लिए तत्काल सूचीबद्ध करने की अनुमति दे दी।</p>]]>
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                <pubDate>Wed, 01 May 2024 16:28:17 +0530</pubDate>
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                <title>केजरीवाल को सीएम पद से हटाने की याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- हम न्यायिक समीक्षा नहीं कर सकते</title>
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                        <![CDATA[कोर्ट ने कहा कि इस मामले में न्यायिक दखल की जरुरत नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि हम न्यायिक समीक्षा नहीं कर सकते हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/petition-to-remove-kejriwal-from-the-post-of-cm-rejected--court-said--we-cannot-do-judicial-review/article-73899"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/arvind-kejriwal.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सीएम पद से हटाने की याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि यह कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र का मामला है। इस मामले में न्यायिक दखल की जरुरत नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि हम न्यायिक समीक्षा नहीं कर सकते हैं।</p>
<p>कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने सुजीत सिंह यादव की याचिका ठुकराते हुए कहा कि इस मामले की जांच करना कार्यपालिका और राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र है। अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। किसान एवं सामाजिक कार्यकर्ता दिल्ली निवासी याचिकाकर्ता यादव ने अपनी याचिका में दावा किया कि वित्तीय घोटाले के कथित आरोपी केजरीवाल को मुख्यमंत्री के पद (सार्वजनिक पद)पर बने रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।</p>
<p>केजरीवाल को 21 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल उसकी हिरासत में हैं।</p>]]>
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                <pubDate>Thu, 28 Mar 2024 13:29:45 +0530</pubDate>
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