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                <title>Defense Department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारियों की पॉलीग्राफ जांच: गोपनीय हथियारों की जानकारी लीक होने से मचा हड़कंप, ट्रंप बेहद नाराज</title>
                                    <description><![CDATA[गोपनीय हथियार भंडार से जुड़ी जानकारी लीक होने के बाद अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों की पॉलीग्राफ (झूठ पकड़ने वाली) जांच कराई गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस डेटा लीक से बेहद नाराज बताए जा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/polygraph-test-of-top-us-army-officers-leak-of-secret/article-164800"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के अत्यंत गोपनीय हथियार भंडार से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मीडिया में लीक होने के बाद अमेरिकी सेना के कई शीर्ष अधिकारियों से इस गर्मी में पॉलीग्राफ जांच करायी गयी। रिपोर्ट में तीन अलग-अलग अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि इस मामले में कई लोगों की जांच हुई, जिनमें सेंटकॉम और अन्य सैन्य कमानों के अधिकारी शामिल थे। दो सूत्रों ने बताया कि कोई भी अधिकारी मीडिया को जानकारी लीक करने से जुड़े सवालों की जांच में असफल नहीं हुआ।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन सूचनाओं के लीक होने से बेहद नाराज थे। सीमित संख्या में लोगों के पास ही संबंधित गोपनीय जानकारी की पहुंच होने के कारण किसी विदेशी खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रहे उच्च सुरक्षा मंजूरी वाले व्यक्ति की आशंका भी जतायी गयी। रक्षा विभाग के जनसंपर्क सहायक सचिव शॉन पार्नेल ने कहा कि विभाग आंतरिक जांच या कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर टिप्पणी नहीं करता, लेकिन गोपनीय जानकारी के लीक होने को "बेहद गंभीरता" से लेता है।</p>
<p>यह जांच ईरान के साथ युद्ध के दौरान अमेरिका के अत्याधुनिक और सीमित संख्या वाले हथियारों के तेजी से इस्तेमाल संबंधी खबरों के बाद शुरू हुई। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जुलाई में संवेदनशील सरकारी जानकारी मीडिया में लीक करने वालों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए रक्षा विभाग तथा न्याय विभाग की संयुक्त कार्यबल गठित करने की घोषणा की थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, शीर्ष गोपनीय जानकारी तक पहुंच रखने वाले अधिकारियों की पॉलीग्राफ जांच सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इस बार जांच का दायरा असामान्य रूप से व्यापक था। संघीय कानून और रक्षा विभाग के नियम पॉलीग्राफ के इस्तेमाल पर कुछ सीमाएं और प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय भी निर्धारित करते हैं।</p>
<p>यह भी उल्लेखनीय है कि सभी वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की जांच नहीं की गयी। संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन भी जांच के दायरे में नहीं थे। हेगसेथ इससे पहले भी पेंटागन से जानकारी लीक होने की आशंका में पॉलीग्राफ जांच का सहारा लेने की धमकी दे चुके हैं। पिछले वर्ष चीन से संबंधित एक गोपनीय पेंटागन ब्रीफिंग की जानकारी मीडिया में लीक होने के बाद उन्होंने तत्कालीन कार्यवाहक संयुक्त चीफ अध्यक्ष एडमिरल क्रिस्टोफर ग्रेडी से भी कथित तौर पर पूछताछ की थी। ग्रेडी की पॉलीग्राफ जांच नहीं करायी गयी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 11:02:21 +0530</pubDate>
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                <title>यमन में अमेरिकी एयरस्ट्राइक पर पेंटागन की रिपोर्ट: 3 हमलों में 153 नागरिकों की मौत, 243 घायल होने का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ किए गए तीन अमेरिकी हवाई हमलों में 153 आम नागरिकों की मौत हुई और 243 घायल हुए। रिपोर्ट के अनुसार, रास ईसा बंदरगाह पर किया गया हमला सबसे अधिक घातक था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pentagon-report-on-us-airstrike-in-yemen-reveals-153-civilians/article-162860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/yaman.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) की एक समीक्षा में पाया गया है कि पिछले वर्ष यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ किये गये तीन अमेरिकी हवाई हमलों में 153 नागरिक मारे गये और 243 घायल हुए। अमेरिकी कांग्रेस को बुधवार को भेजी गयी वार्षिक नागरिक हताहत रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आयी। समीक्षा अप्रैल 2025 में किये गये तीन हवाई हमलों पर केंद्रित थी। ये हमले यमन की राजधानी सना और उसके आसपास तथा हूती नियंत्रण वाले रास ईसा बंदरगाह को निशाना बनाकर किये गये थे। उस समय अमेरिकी सेना लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों और इजरायल पर हमले कर रहे हूती विद्रोहियों के खिलाफ अभियान चला रही थी।</p>
<p>पेंटागन की समीक्षा के अनुसार, इन तीन हमलों में कुल 153 नागरिकों की मौत हुई और 243 लोग घायल हुए। इनमें रास ईसा बंदरगाह पर किया गया हमला सबसे घातक था, जिसमें 80 लोग मारे गए और 171 घायल हुए। हमले के बाद घटनास्थल पर बड़े पैमाने पर आग लग गयी थी और कई टैंकर ट्रक जलकर नष्ट हो गये थे। हूती समर्थक अल-मसीरा टेलीविजन चैनल ने हमले के बाद के दृश्य प्रसारित किये थे। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने उस समय कहा था कि हमले का उद्देश्य यमन के लोगों को नुकसान पहुंचाना नहीं था। कमांड के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के लिए ईंधन के स्रोत को नष्ट करने और उनकी आय के अवैध स्रोतों को रोकने के लिए कार्रवाई की थी। समीक्षा में इन हमलों के पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा या सांत्वना राशि देने की सिफारिश नहीं की गयी। रिपोर्ट में इसका कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।</p>
<p>पेंटागन के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अभियानों में नागरिकों के मारे जाने या घायल होने की स्थिति में ऐसी सांत्वना राशि दी जा सकती है। कानून के तहत इसे देना अनिवार्य नहीं है और इसका भुगतान किसी गलती को स्वीकार करना भी नहीं माना जाता। अमेरिकी सेना ने इससे पहले भी ऐसे मामलों में सांत्वना राशि देने की पेशकश की है। वर्ष 2021 में अफगानिस्तान में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में 10 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें सात बच्चे थे। उस घटना के बाद पेंटागन ने पीड़ित परिवारों को ऐसी राशि देने की प्रतिबद्धता जतायी थी।</p>
<p>पेंटागन की यह समीक्षा ऐसे समय सामने आयी है जब ट्रंप प्रशासन के सैन्य अभियानों में नागरिकों की मौत को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में चिंता बढ़ रही है। इस वर्ष ईरान के साथ शुरू हुए युद्ध के शुरुआती दिनों में अमेरिकी मिसाइल हमले में एक प्राथमिक विद्यालय को निशाना बनाए जाने से कथित तौर पर 168 लोगों की मौत हुई थी। अमेरिकी सेना ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ पहली बार 2023 में हमले शुरू किए थे। यह कार्रवाई उस समय शुरू हुई थी जब हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाना शुरू किया था। लाल सागर वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जो स्वेज नहर के रास्ते भूमध्य सागर से जुड़ता है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 18:15:39 +0530</pubDate>
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