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                <title>वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ बना जन आंदोलन, 5 दिनों में 7.31 लाख कार्यक्रम आयोजित </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जारी 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' में रिकॉर्ड 3 करोड़ लोगों ने भाग लिया। 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस तक प्रदेश में वॉटर हार्वेस्टिंग सफाई, रन फॉर एन्वायर्न्मेंट और पौधारोपण जैसी विशेष गतिविधियां चलाई जाएंगी, जिससे जल और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vande-ganga-water-conservation-mass-campaign-becomes-mass-movement-731/article-155660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/secratrait4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आह्वान पर चल रहा ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ प्रदेशभर में जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। अभियान के तहत मात्र पांच दिनों में 7.31 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 3 करोड़ लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के अंतर्गत 3 जून को सभी जिलों में जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर विशेष नवाचार एवं अभिनव पहल के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विद्युत ट्रांसफार्मरों के आसपास साफ-सफाई अभियान चलाया जाएगा। 4 जून को जिलों में ‘रन फॉर एन्वायर्न्मेंट’ का आयोजन होगा तथा सरकारी कार्यालयों में निर्मित रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं की सफाई कर उन्हें उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा। इसके अलावा सड़क किनारे पौधारोपण की अग्रिम तैयारियां भी की जाएंगी।</p>
<p>जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निबंध एवं नारा लेखन, चित्रकला, खेलकूद प्रतियोगिताएं तथा नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। वहीं विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को वन क्षेत्रों में जल संग्रहण संरचनाओं की साफ-सफाई, तुलसी पौधों का वितरण, नर्सरियों में विशेष स्वच्छता कार्यक्रम और चयनित स्थानों पर ईको-फ्रेंडली आर्ट गतिविधियां आयोजित होंगी। अभियान के तहत जिलों में नदी-नालों के अपशिष्ट जल के परिष्करण के लिए एसटीपी एवं सीईटीपी संयंत्रों की आवश्यकता और उपलब्धता का आकलन कर प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 16:07:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाएगी राज्य सरकार, 25 मई से शुरू होगा ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में 25 मई से 5 जून 2026 तक ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बीसलपुर बांध पर जल पूजन कर इस जन आंदोलन का शुभारंभ करेंगे। इसके तहत प्रदेशभर में पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई, श्रमदान, पौधारोपण और जल योद्धाओं को 'जल गौरव सम्मान' देने जैसे कार्यक्रम होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/state-government-will-make-water-conservation-a-mass-movement-vande/article-154869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/bhajan-lal-sharma.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार 25 मई से प्रदेशभर में ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ की शुरुआत करने जा रही है। गंगा दशमी के अवसर पर शुरू होने वाला यह अभियान 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न रखकर जन आंदोलन का स्वरूप देना है, जिसमें पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक संगठनों, उद्योगपतियों, महिलाओं, युवाओं और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री 25 मई को टोंक स्थित बीसलपुर बांध पर जल पूजन और शिव मंदिर में अभिषेक के साथ अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही वे ईसरदा, बंध बरेठा और गालवा बांध का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। वहीं भरतपुर में गंगा माता मंदिर में आरती और सुजानगंगा नहर में दीपदान कार्यक्रम आयोजित होगा।</p>
<p>अभियान के तहत प्रदेशभर में कुओं, बावड़ियों, तालाबों, नहरों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की साफ-सफाई, श्रमदान, दीप प्रज्वलन और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही नए जल संरक्षण कार्यों का शिलान्यास, भूमि पूजन और पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए प्रभात फेरियां, लेखन प्रतियोगिताएं और जागरूकता कार्यक्रम होंगे, जबकि राजीविका से जुड़ी महिलाओं द्वारा कलश यात्राएं निकाली जाएंगी।</p>
<p>26 मई को जल संरक्षण को लेकर नुक्कड़ नाटक, शपथ कार्यक्रम और अमृत सरोवर सहित विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। 27 मई को गोशालाओं, पशु चिकित्सालयों और दुग्ध संघों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा तथा धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के साथ संवाद कार्यक्रम होंगे।</p>
<p>28 मई को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मंडियों सहित सार्वजनिक स्थलों पर ‘वंदे गंगा जल सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान वर्षा जल संचयन तकनीकों की जानकारी, जल परीक्षण और जनजागरूकता गतिविधियां होंगी। उद्योग विभाग द्वारा ग्रीन ऑफिस, एनर्जी ऑडिट और ग्रीन बजट को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।</p>
<p>29 और 30 मई को ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों, जोहड़ों और अन्य जल स्रोतों की मैपिंग, सफाई और मरम्मत के कार्य होंगे। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत पूर्ण कार्यों का लोकार्पण और नए कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर जल चौपाल भी आयोजित होंगी।</p>
<p>31 मई को प्रभात फेरियां, साइकिल रैलियां और जागरूकता अभियान निकाले जाएंगे। पुलिस, सेना और अर्द्धसैनिक बल चिन्हित स्थानों पर श्रमदान करेंगे। इसके अलावा पक्षियों के लिए परिंडे बांधने और पशुओं के लिए पेयजल व्यवस्था जैसे कार्यक्रम भी होंगे।</p>
<p>1 जून को कृषि एवं उद्यानिकी विभाग सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों पर कार्यशालाएं और प्रदर्शनी आयोजित करेगा। कृषि विज्ञान केंद्रों पर प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और प्रिसीजन फार्मिंग को लेकर किसान चौपालें आयोजित होंगी। 2 जून को नदियों, बांधों और नहरों पर पूजन कार्यक्रम तथा नहरों की सफाई और गाद निकालने के कार्य किए जाएंगे।</p>
<p>3 और 4 जून को जिला स्तर पर नवाचार कार्यक्रम, निबंध, चित्रकला, खेलकूद प्रतियोगिताएं और नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। वहीं ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर जल चौपाल लगाकर जल संरक्षण पर चर्चा की जाएगी।</p>
<p>5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण, जल संरचनाओं की सफाई और ईको फ्रेंडली गतिविधियां आयोजित होंगी। इसी दिन जिला स्तरीय समापन समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले भामाशाहों, संस्थाओं, पंचायतों, नगर निकायों और जल योद्धाओं को “जल गौरव सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष इस अभियान के दौरान प्रदेश की लगभग 11 हजार ग्राम पंचायतों में 3 लाख 70 हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित हुए थे, जिनमें करीब 2 करोड़ 53 लाख लोगों ने भागीदारी निभाई थी। राज्य सरकार इस वर्ष भी व्यापक जनभागीदारी के जरिए जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:15:45 +0530</pubDate>
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                <title>विलायती बबूल के उन्मूलन के लिए योजना बने : मदन दिलावर</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण के लिए विलायती बबूल (जूलिफ्लोरा) के उन्मूलन की तैयारी शुरू हो गई है। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर और वन मंत्री संजय शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्थानीय वनस्पति प्रजातियों को बचाने के लिए चरणबद्ध अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/madan-dilawar-made-a-plan-for-the-eradication-of-foreign/article-154835"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/mmadan-dilawarr.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन की दिशा में राज्य में विलायती बबूल (जूलिफ्लोरा) के उन्मूलन को लेकर शनिवार को पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में वन मंत्री संजय शर्मा के साथ  पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी भी उपस्थित रहे। बैठक में दिलावर ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चरणबद्ध कार्ययोजना बनाकर विलायती बबूल के उन्मूलन के लिए प्रभावी अभियान संचालित किया जाए। ताकि स्थानीय प्रजातियों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिले। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 14:36:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान में 25 मई से शुरू होगा ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण जन अभियान-2026, सीएम भजनलाल शर्मा ने दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए 25 मई से 5 जून 2026 तक "वंदे गंगा अभियान" चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार इस अभियान में पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और जल स्रोतों की सफाई जैसे कार्य होंगे, जिसमें करोड़ों नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vande-ganga-water-conservation-public-campaign-will-start-from-may/article-154718"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bhajanlal1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व एवं जल संरक्षण के उनके संकल्प के अनुरूप प्रदेशभर में 25 मई (गंगा दशमी) से 05 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक “वंदे गंगा” जल संरक्षण जन अभियान–2026” चलेगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा आमजन की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए हैं। अभियान के अंतर्गत गत वर्ष आमजन की ऐतिहासिक भागीदारी के साथ प्रदेशभर में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े व्यापक और दूरगामी महत्व के कार्य किए गए।</p>
<p>अभियान के तहत लगभग 3 लाख 70 हजार कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें 2 करोड़ 53 लाख नागरिकों ने भागीदारी निभाई। महत्वूपर्ण बात यह रही कि महिलाओं की भागीदारी पुरूषों के मुकाबले काफी अधिक रही। अभियान के दौरान प्रदेश में 1 लाख 2 हजार 100 स्थानों पर 2 करोड़ 47 लाख मानव दिवस श्रमदान किया गया। “हरियालो राजस्थान” अभियान के अंतर्गत लगभग 3 करोड़ 42 लाख पौधारोपण गड्ढे तैयार किए गए तथा “कर्मभूमि से मातृभूमि” योजना के तहत लगभग 4 हजार 560 रिचार्ज शाफ्ट निर्मित किए गए। अभियान में 42 हजार 200 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 18 हजार 900 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण एवं अवलोकन तथा 5 हजार 600 नवीन कार्यों का शुभारंभ किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:24:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>'मेट्रो मंडे' की शुरुआत: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने किया मेट्रो और डीटीसी बस का सफर, दिया ईंधन बचत का संदेश  </title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'मेरा भारत, मेरा योगदान' अभियान के तहत 'मेट्रो मंडे' पहल में भाग लिया। उन्होंने सचिवालय पहुंचने के लिए मेट्रो और डीटीसी फीडर बस का उपयोग किया। सीएम की अपील पर मंत्रियों और अधिकारियों ने भी सार्वजनिक परिवहन अपनाया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/delhi-cm-rekha-gupta-said-fuel-saving-and-public/article-154270"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rekha-gupta.png" alt=""></a><br /><p>न्ई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि 'मेरा भारत, मेरा योगदान' अभियान के तहत राष्ट्रहित में किया गया छोटा-सा प्रयास भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक संतुलन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सीएम गुप्ता ने आज 'मेरा भारत, मेरा योगदान' जन-अभियान के अंतर्गत शुरू की गई 'मेट्रो मंडे' पहल में भाग लिया और सार्वजनिक परिवहन, ईंधन संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक भागीदारी का संदेश दिया। मुख्यमंत्री की अपील पर दिल्ली सरकार के सभी मंत्रियों एवं सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने कार्यालय पहुंचने के लिए मेट्रो रेल और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों का उपयोग किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने अपने दिन की शुरुआत आवास से लोक निवास में उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के लिए पैदल पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रिक कार के माध्यम से कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन तक यात्रा की और वहां से आईटीओ मेट्रो स्टेशन तक दिल्ली मेट्रो सेवा का उपयोग किया। आईटीओ मेट्रो स्टेशन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने कार्यालय दिल्ली सचिवालय तक जाने के लिए फीडर बस सेवा का उपयोग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और रविन्द्र इंद्राज भी मौजूद थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 'मेरा भारत, मेरा योगदान' अभियान केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि जनभागीदारी का आंदोलन है। इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को यह संदेश देना है कि राष्ट्रहित में किया गया छोटा-सा प्रयास भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक संतुलन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की जो अपील की है, दिल्ली सरकार उसे जन-अभियान के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि 'मेट्रो मंडे' उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से लोगों को सप्ताह में कम-से-कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सरकारी स्तर पर भी कई बड़े कदम उठा रही है। इनमें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था, सरकारी वाहनों के उपयोग में कटौती, ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा तथा सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग जैसी पहल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मेट्रो-डीटीसी बसों का अधिक उपयोग न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण को कम करने में भी प्रभावी भूमिका निभाएगा। दिल्ली सरकार का उद्देश्य राजधानी को अधिक स्वच्छ, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील की, कि सभी नागरिक यथासंभव सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें। इससे न केवल देश के लिए ईंधन की बचत होगी, बल्कि दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं को कम करने में भी बड़ी मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 18:50:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईंधन बचाने के लिए रेल सफर पर निकलीं दिया कुमारी, बोलीं- छोटा प्रयास भी राष्ट्र निर्माण में अहम</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने रविवार को जयपुर से अजमेर की यात्रा भारतीय रेल से की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का संदेश दिया। यात्रा के दौरान उन्होंने सहयात्रियों से आत्मीय संवाद किया और नागरिकों से प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/dia-kumari-who-set-out-on-a-train-journey-to/article-154140"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/diya-kumari.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ईंधन बचाने के लिए ट्रेन में सफर कर रही हैं डिप्टी सीएम दिया कुमारी दिया कुमारी ने रविवार को अजमेर प्रवास के दौरान भारतीय रेल से यात्रा कर पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के “राष्ट्र प्रथम” के प्रेरणादायी आह्वान को आत्मसात करते हुए उन्होंने अजमेर यात्रा के लिए रेल मार्ग का चयन किया। यात्रा के दौरान उन्होंने सहयात्रियों से आत्मीय संवाद कर उनके विचारों और अनुभवों को भी जाना।</p>
<p>दिया कुमारी ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत को भी जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए। सार्वजनिक परिवहन के प्रति बढ़ता विश्वास देश को आर्थिक सुदृढ़ता, ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छ परिवेश की दिशा में नई गति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देशभर में प्रकृति संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास को लेकर जनभागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। प्रत्येक नागरिक का छोटा प्रयास भी राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान साबित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 17:03:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रेट निकोबार परियोजना पर कांग्रेस ने जताई चिंता: जयराम रमेश ने रक्षा मंत्री को लिखा पत्र, आदिवासी अधिकारों के उल्लंघन की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर ग्रेट निकोबार परियोजना के मौजूदा स्वरूप पर पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर व्यावसायिक बदलावों से पर्यावरण और आदिवासियों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए वैकल्पिक सैन्य परिसंपत्तियों के विस्तार का सुझाव दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-expressed-concern-over-the-great-nicobar-project-jairam-ramesh/article-154130"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jairam-ramesh2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने ग्रेट निकोबार परियोजना के मौजूदा स्वरूप पर राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुनर्विचार की आवश्यकता जताते हुए कहा है कि इससे पर्यावरणीय नुकसान तथा आदिवासी अधिकारों के उल्लंघन की आशंका है। पार्टी का कहना है कि वह लगातार इस संबंध में सरकार को अवगत करा रही है, लेकिन उसकी चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने रविवार को बताया कि उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम को पत्र लिखने के बाद अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि सरकार एक व्यावसायिक परियोजना को सुरक्षा जरूरतों के आधार पर उचित ठहराने की कोशिश कर रही है, जबकि इसके पर्यावरणीय प्रभावों तथा आदिवासी हितों पर पड़ने वाले असर को लेकर लगातार आलोचना हो रही है।</p>
<p>जयराम रमेश ने कहा कि देश की रक्षा क्षमता मजबूत करने पर कोई मतभेद नहीं है, लेकिन ग्रेट निकोबार के कैंपबेल बे स्थित आईएनएस बाज के रनवे विस्तार और नौसैनिक जेट्टी जैसी योजनाएं कम पर्यावरणीय नुकसान के साथ बेहतर विकल्प हो सकती हैं। उन्होंने आईएनएस कार्दीप, आईएनएस कोहासा, आईएनएस उत्क्रोश, आईएनएस जरावा और कार निकोबार वायुसेना स्टेशन जैसी मौजूदा सैन्य परिसंपत्तियों के विस्तार का भी सुझाव दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि परियोजना में प्रस्तावित ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और टाउनशिप से सैन्य क्षमता नहीं बढ़ती, फिर भी इन्हें सुरक्षा कारणों से उचित ठहराया जा रहा है। उन्होंने रक्षा मंत्री से परियोजना के मौजूदा स्वरूप पर पुनर्विचार करने और नौसेना अधिकारियों द्वारा सुझाए गए विकल्पों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 13:08:29 +0530</pubDate>
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                <title>ऊर्जा बचत के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा कदम : ईवी कार से पहुंचे सचिवालय कपिल मिश्रा, वर्क फ्रॉम होम पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने ऊर्जा बचत का संदेश देने के लिए ईवी कार का उपयोग किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने 'मेट्रो मंडे' और दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' जैसे कड़े कदम उठाए हैं। व्यापारियों और अधिकारियों ने भी ईंधन बचाने और प्रदूषण कम करने के इस राष्ट्रीय दायित्व में अपना समर्थन दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/energy-conservation-is-not-just-an-option-but-a-national/article-153981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/kapil-mishra.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के कला, संस्कृति एवं भाषा और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है। कपिल मिश्रा ऊर्जा संरक्षण का सन्देश देने के लिए आज ईवी कार चलाकर दिल्ली सचिवालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार दिल्ली वासियों के सहयोग से ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली में मेट्रो मंडे, दो दिन वर्क फ्रॉम होम और न्यूनतम गाड़ियों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने सभी मंत्रीगण और अधिकारीगण भी सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे और अपने लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि श्रम मंत्रालय से एडवाइजरी भी जारी की गई है और इसे लेकर आज सुबह से उन्होंने दिल्ली के कई व्यापारियों एवं उद्योगपतियों से चर्चा भी की है। सभी लोग स्वतः प्रेरणा से प्रधानमंत्री के आह्वान के साथ खड़े हैं और वर्क फ्रॉम होम और इलेक्ट्रिक पॉलिसी को लागू कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है। प्रधानमंत्री की देशवासियों से ईंधन बचत और ऊर्जा के जिम्मेदार उपयोग की अपील की गई तथा दिल्ली सरकार और दिल्ली वासी इसे पूरा करने के लिए संकल्पित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 18:32:01 +0530</pubDate>
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                <title>पीएम मोदी की अपील पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: एक साल तक कोई मंत्री नहीं करेगा विदेशी दौरा, सरकारी कर्मचारी 2 दिन करेंगे वर्क फ्रॉर्म होम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में बड़े सुधार लागू किए हैं। अब सरकारी कर्मचारी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम करेंगे। ईंधन और बिजली बचाने के लिए कार्यालयों के समय में बदलाव किया गया है और मंत्रियों के विदेश दौरों पर एक साल तक पूर्ण रोक लगा दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-delhi-government-on-pm-modis-appeal-no/article-153833"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rekha-guprta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में बढ़ते ऊर्जा संकट और ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी कामकाज में ऊर्जा बचत और खर्चों में कटौती के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। दिल्ली सरकार के अनुसार अब सरकारी कर्मचारी सप्ताह में दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” करेंगे, ताकि कार्यालयों में बिजली और संसाधनों की खपत कम की जा सके। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत दफ्तरों का टाइम टेबल चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा, जिससे ट्रैफिक दबाव और ईंधन की खपत कम हो सके। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने कहा है कि अब से आने वाले एक साल तक कोई भी मंत्री विदेश दौरा नहीं करेगा।</p>
<p>सरकार ने कर्मचारियों के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने का भी फैसला लिया है। इससे निजी वाहनों का उपयोग घटेगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। वहीं खर्चों में कटौती के तहत दिल्ली सरकार के किसी भी मंत्री को अगले एक साल तक विदेश दौरे की अनुमति नहीं होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचत, आत्मनिर्भरता और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की अपील की थी। दिल्ली सरकार उसी दिशा में यह कदम उठा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 16:11:38 +0530</pubDate>
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                <title>भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला: बांसवाड़ा, सिरोही और उदयपुर में विकसित होंगे चंदन वन, अधिकारियों को निर्देश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए बांसवाड़ा, सिरोही और उदयपुर में चंदन के वन विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उच्च गुणवत्ता वाले पौधारोपण और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के वन क्षेत्र का विस्तार करना और पारिस्थितिकी संतुलन को मजबूत बनाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-decision-of-bhajanlal-government-instructions-issued-to-sandalwood-forest/article-152555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bhajanlal.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में वन क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बांसवाड़ा, सिरोही और उदयपुर में चंदन के वन विकसित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर वन एवं पर्यावरण विभाग की समीक्षा बैठक लेते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में चंदन के पौधों का चयन उच्च गुणवत्ता का हो और उनकी सुरक्षा व उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पौधारोपण अभियान की सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं, ताकि निर्धारित समय पर प्रभावी ढंग से अभियान संचालित किया जा सके।</p>
<p>बैठक में मुख्यमंत्री ने वन संरक्षण के साथ-साथ हरित क्षेत्र बढ़ाने के प्रयासों को और तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण और वन विकास अत्यंत आवश्यक है। बैठक में वन एवं पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:35:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस का हमला: ग्रेट निकोबार परियोजना में पर्यावरण, आदिवासी अधिकार और पारदर्शिता नदारद, इन विषयों पर जवाब देने में वह विफल रही सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[जयराम रमेश ने ग्रेट निकोबार विकास परियोजना को पारिस्थितिक आपदा करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने लेदरबैक कछुओं के आवास, आदिवासी अधिकारों और पारदर्शिता को दरकिनार किया है। राहुल गांधी की यात्रा के बाद, कांग्रेस ने पेड़ों की कटाई और पर्यावरणीय मंजूरी में हितों के टकराव पर सरकार से जवाब मांगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-government-fails-to-respond-on-issues-like-environment/article-152514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jairam-ramesh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना में मोदी सरकार ने पर्यावरण, आदिवासियों के अधिकार, वित्तीय व्यवहार्यता और पारदर्शिता को पूरी तरह नजरअंदाज किया है और इन चिंताओं का जवाब देने में वह विफल रही है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक बयान में कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की गत 28 अप्रैल की ग्रेट निकोबार यात्रा से सरकार विचलित हुई है, इसलिए उसने एक मई को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ध्यान भटकाने की कोशिश की है। सरकार संभावित पर्यावरणीय संकट से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है।</p>
<p>जयराम रमेश ने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप पारिस्थितिकी दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और विशिष्ट क्षेत्र है। वहां गत पांच वर्षों में पक्षियों, सांपों, गिको (छिपकली) और केकड़ों सहित लगभग 50 नयी प्रजातियां खोजी गई हैं। गैलाथिया खाड़ी, जहां बंदरगाह प्रस्तावित है, तटीय विनियमन क्षेत्र-1-ए में आती है और यह लेदरबैक कछुओं का प्रमुख प्रजनन स्थल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया में भारतीय वन्यजीव संस्थान और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण जैसी संस्थाओं पर दबाव डाला गया और बाद में इन्हीं को परियोजना से जुड़े कार्य सौंपे गए, जिससे हितों के टकराव की स्थिति उत्पन्न होती है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि पेड़ों की कटाई के आंकड़ों को लेकर सरकार के अलग-अलग दावे सामने आए हैं और अब तक इसमें स्पष्टता नहीं है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समय पर भिन्न आंकड़े दिए जाने से स्थिति संदिग्ध हो जाती है। उन्होंने प्रतिपूरक वनीकरण के प्रस्ताव को पर्यावरणीय दृष्टि से अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि निकोबार जैसे समृद्ध पारिस्थितिक क्षेत्र की भरपाई भिन्न भौगोलिक क्षेत्र में वृक्षारोपण से नहीं की जा सकती और यह पर्यावरणीय सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि गैलाथिया खाड़ी को पहले वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था, लेकिन बाद में परियोजना के लिए इसे अधिसूचना से हटाकर इसकी श्रेणी बदली गई।</p>
<p>आदिवासी अधिकारों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि निकोबारी समुदाय ने परियोजना को लेकर चिंता जताई है और शोंपेन जैसे संवेदनशील समुदाय की सहमति की प्रक्रिया पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत अधिकारों की प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी की गई। परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठाते हुए श्री रमेश ने कहा कि प्रस्तावित हवाई अड्डे और परियोजना के अन्य दावे अव्यावहारिक प्रतीत होते हैं और इससे जुड़े कई व्यावहारिक प्रश्न अनुत्तरित हैं। उन्होंने पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और सूचना के अधिकार के तहत भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसे परियोजना से जोड़ना उचित नहीं है और इस पर संसद में व्यापक चर्चा होनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 17:59:26 +0530</pubDate>
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                <title>लद्दाख का विकास स्थानीय हितों के अनुरूप हो : राहुल गांधी का आरोप, बोले-लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का हो रहा प्रयास </title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लद्दाख में लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र को 'पुलिस राज' में बदल दिया गया है और उद्योगपतियों के लाभ के लिए नाजुक पर्यावरण से समझौता हो रहा है। उन्होंने गृह मंत्री से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और भूमि संरक्षण सुनिश्चित करने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/development-of-ladakh-should-be-in-accordance-with-local-interests/article-152228"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rahul-gandhii.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि लद्दाख में लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास हो रहा है और वहां के लोगों की आवाज़ को दबाया जा रहा है। राहुल गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि लद्दाख के युवाओं ने उन्हें बताया है कि किस तरह से उनके क्षेत्र को एक तरह के 'पुलिस राज' में बदल दिया गया है। वहां लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है और स्थानीय लोगों की आवाज़ को दबाया जा रहा है। उन्होंने यह भी लिखा कि लद्दाख की ज़मीन और नाज़ुक पर्यावरण को कथित रूप से बड़े उद्योगपतियों के हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ी है।</p>
<p>राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि लद्दाख के लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे ऐसा विकास चाहते हैं जो स्थानीय समुदाय को रोज़गार और आर्थिक लाभ पहुंचाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि गृह मंत्री अमित शाह अपने प्रस्तावित दौरे में क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को समझेंगे और वहां के लोगों की चिंताओं पर ध्यान देंगे। गौरतलब है कि लद्दाख में हाल के वर्षों में राजनीतिक अधिकारों, ज़मीन और विकास मॉडल को लेकर असंतोष बढ़ा है। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के बाद केंद्र शासित प्रदेश बनने से वहां विधानसभा नहीं है, जिससे स्थानीय लोग अपने अधिकार सीमित होने की बात कहते हैं। इसके साथ ही वहां के लोग बाहरी निवेश और बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर ज़मीन, रोज़गार और नाज़ुक पर्यावरण पर इसके असर की आशंका भी जता रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:32:07 +0530</pubDate>
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