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                <title>poison - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मुंबई में बड़ी साजिश नाकाम: मुहर्रम जुलूस में ज़हरीले कैप्सूल बांटने वाला गिरफ्तार, पूछताछ में 15 हजार लोगों को मारने की साजिश का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई के मुहर्रम जुलूस में कथित तौर पर ज़हर भरे कैप्सूल बांटने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने बड़ी साजिश की बात कही है। मौके से 14,900 कैप्सूल बरामद किए गए। 11 लोगों की तबीयत बिगड़ी, लेकिन समय पर इलाज से सभी खतरे से बाहर हैं। मामले की जांच केंद्रीय और राज्य एजेंसियां कर रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-conspiracy-foiled-in-mumbai-person-distributing-poisonous-capsules-in/article-158300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/mumbai1.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। दक्षिण मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान ज़हर भरे कैप्सूल बांटने के आरोप में गिरफ्तार किए गये पुणे के आरोपी व्यक्ति ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि वह 'कम से कम 15,000 लोगों' को मारना चाहता था। एक जांच अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले का कोई अंतरराष्ट्रीय संबंध या संभावित आतंकी पहलू है, क्योंकि आरोपी गिरफ्तारी से पहले ईरान और इराक की यात्रा कर चुका है।अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय और राज्य एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गयी हैं।</p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार, फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी को शुक्रवार को बायकुला में मुहर्रम आशूरा जुलूस के दौरान अत्यधिक जहरीले रसायन जिंक फॉस्फाइड से भरे कैप्सूल बांटते हुए गिरफ्तार किया गया था। प्रेमजी ने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) की उपाधि हासिल की है। जांचकर्ताओं ने बताया कि काम के सिलसिले में विदेश जाने से पहले वह अपने पिता की कंपनी में काम करता था। पुलिस ने खुलासा किया कि प्रेमजी ने अतीत में ईरान और इराक में काम किया था, जबकि उसका परिवार अभी ईरान में रहता है। अधिकारियों ने बताया कि वह अपनी पत्नी से अलग रह रहा है। मुहर्रम जुलूस से लगभग 15 दिन पहले प्रेमजी मुंबई आया और डोंगरी के एक लॉज में ठहरा। </p>
<p>इस दौरान उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड (एक घातक रसायन जिसका उपयोग आमतौर पर चूहे के जहर के रूप में किया जाता है) और लगभग 30,000 खाली एंटीबायोटिक कैप्सूल मंगवाए थे। घटना के दिन, 25 जून को प्रेमजी ने यह दावा करते हुए कैप्सूल बांटे कि वे दर्द निवारक और इम्युनिटी बढ़ाने वाली दवाएं हैं। कुछ मामलों में उसने लोगों को उन्हें खाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें 'चॉकलेट' कहकर भीड़ में फेंका।</p>
<p>रे रोड पर रहमतबाद कब्रिस्तान के पास मुफ्त में बांटे जा रहे उन कैप्सूल को लेकर एक महिला को शक हुआ, जिसके बाद कथित साज़िश का पता तब चला। बताया जा रहा है कि उसने एक कैप्सूल खोला और उसके अंदर अजीब पाउडर पाया, जिसके बाद उसने तुरंत बायकुला पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत प्रेमजी को हिरासत में ले लिया और मौके से लगभग 14,900 कैप्सूल बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 11 लोगों ने पहले ही कैप्सूल खा लिए थे और बाद में बीमार पड़ गए। सभी पीड़ितों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और समय पर इलाज मिलने के बाद अब वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। डॉक्टरों ने कहा कि जिंक फॉस्फाइड एक बेहद खतरनाक ज़हर है। शरीर में जाने के बाद, यह पेट के एसिड के साथ प्रतिक्रिया करके फॉस्फीन गैस बनाता है, जो दिल, फेफड़ों, लिवर और दिमाग को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, चिकित्सा विशेषज्ञों ने कहा कि इस ज़हर का कोई सीधा एंटीडोट (इलाज) उपलब्ध नहीं है। प्रेमजी को शनिवार रात अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 14:54:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सरकार ने लगाई रोक, अनाज मंडियों में अब नहीं बिकेगा जहर</title>
                                    <description><![CDATA[कृषि उपज मंडियों में अब कीटनाशक और पेस्टीसाइड का कारोबार नहीं हो सकेगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-imposed-ban--poison-will-no-longer-be-sold-in-grain-markets/article-114641"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(2)58.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कृषि उपज मंडियों में अब कीटनाशक और पेस्टीसाइड का कारोबार नहीं हो सकेगा। कृषि विपणन निदेशालय ने कृषि जिंसों के बीच कीटनाशक और पेस्टीसाइड की बिक्री पर रोक लगा दी है। कृषि उपज मंडियों में आने वाले अनाज, दलहन और तिलहन से करोड़ों लोग पेट भरते हैं। इन खाद्य कृषि जिंसों के बीच जहर का भंडारण और बिक्री जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में कृषि विपणन निदेशालय ने इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए अनाज मंडियों में कीटनाशक और पेस्टीसाइड का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही इस कारोबार के लिए लाइसेंस जारी करने वाले कृषि विभाग को भी पत्र भेजकर लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p><strong>मंडियों में सालभर होती है जिंसों की आवक</strong><br />हाड़ौती में भामाशाहमंडी सहित अन्य अनाज मंडियों में साल भर कृषि आवक होती है। सीजन के दौरान तो मंडियों में विभिन्न कृषि जिंसों की बम्पर आवक होती है। इस दौरान खरीदे गए माल को व्यापारियों द्वारा अपने दुकानों में रखा जाता है। मंडियों में कुछ व्यापारियों ने कीटनाशक और पेस्टीसाइड का लाइसेंस  भी ले रखा था। ऐसे में इन दुकानों पर कई बार अनाज के साथ ही कीटनाशक भी रख दिया जाता है। जिससे अनाज के प्रदूषित होने का खतरा हो सकता है। इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद अब निदेशालय ने मंडियों में कीटनाशकों के कारोबार पर रोक लगा दी है।</p>
<p><strong>इसलिए उठाया कदम</strong><br />असल में पिछले कुछ सालों में कृषि विभाग और कृषि उपज मंडी समिति में रहे अधिकारियों से मिलीभगत कर कृषि जिंसों के व्यापार के लिए आवंटित दुकानों में कीटनाशक और पेस्टीसाइड बेचने की दुकानें खोल दी गई। अनाज मंडियों में कृषि जिंसों के भंडारण के लिए बने गोदामों में पेस्टीसाइड व कीटनाशक रखना शुरू कर दिया। कुछ जगह तो एक ही जगह पर कृषि जिंस और पेस्टीसाइड रखे जाने लगे। यह मामला जब कृषि विपणन निदेशालय तक पहुंचा तो अधिकारी हैरान रह गए। निदेशालय ने कृषि जिंसों के बीच इन पदार्थो का कारोबार होने को गम्भीर माना और खाद्य कृषि जिंसों के बीच जहर के कारोबार पर रोक लगाने के लिए मंडी सचिवों को निर्देश जारी किए।</p>
<p><strong>सर्वे कर सूची कृषि विभाग को भेजी</strong><br />कृषि निदेशालय का निर्देश मिलने के बाद कृषि उपज मंडी समिति के सचिवों ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अनाज मंडी में अनुमत कृषि जिंसों के अलावा अन्य कोई सामान या पेस्टीसाइड आदि बेचने या दुकानें संचालित करने वालों का सर्वे किया। इस सर्वे की सूची मंडी समिति की ओर से कृषि विभाग को भेजी गई थी। इसके बाद कृषि विभाग की ओर से अनाज मंडियों में नियम विरुद्ध जारी पेस्टीसाइड बेचने के लाइसेंस रद्द करने के लिए सम्बंधित व्यापारियों को पत्र भेजा गया, जिसमें आगामी कुछ दिनों में अनाज मंडी से पेस्टीसाइड, कीटनाशक, खाद-बीज की दुकानों को हटाने के लिए संबंधित दुकानदारों को निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />अनाज मंडियों में पेस्टीसाइड व कीटनाशक के भंडारण और कारोबार से  किसानों और आमजन का जीवन का खतरे में आ सकता है। इस सम्बंध में गत दिनों कृषि विभाग के अधिकारियों को अवगत कराकर रोक लगाने की मांग की गई थी।<br /><strong>- जगदीश कुमार, किसान नेता</strong></p>
<p>पहले जारी गैर कृषि जिंसों खाद, बीज, पेस्टीसाइड के व्यवसाय की अनुमतियों को रद्द कर दिया है। इनकी सूची कृषि विभाग को भेज कर अवगत करवा दिया है। अब चूंकि मंडी परिसर में अनुमति नहीं है, ऐसे में इनके लाइसेंस रद्द करने होंगे।<br /><strong>- शशिशेखर शर्मा, संयुक्त निदेशक, कृषि विपणन विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 May 2025 17:17:52 +0530</pubDate>
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                <title>हवा में हर तरफ जहर ही जहर है</title>
                                    <description><![CDATA[वैज्ञानिक मानते हैं कि वायु प्रदूषण के उच्चतम स्तर की वजह से छोटे और विषैले कण विकसित हो रहे मस्तिष्क में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे मस्तिष्क में सूजन होती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/there-is-poison-everywhere-in-the-air/article-82617"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(6)10.png" alt=""></a><br /><p>पर्यावरण प्रदूषण 21वीं शताब्दी की सबसे बड़ी समस्या है। दिनोंदिन बढ़ती जनसंख्या औद्योगीकरण,शहरीकरण और अनियोजित विकास इस समस्या में  इजाफा कर रहे हैं। प्रदूषण के कारण भूमि, आकाश, जल, वायु सब प्रदूषित हो रहा है। लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ के चलते किसी को इसकी चिंता नहीं कि आने वाली पीढ़ी और वर्तमान जनसंख्या इसके लिए कितनी भारी कीमत अदा कर रहे हैं।<br />प्रदूषित हवा और उसके प्रभाव को जानने के लिए, वैज्ञानिक नित नए शोध में जुटे हुए हैं। लेकिन हाल में हुए एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि प्रदूषित हवा का अपराध से भी गहरा ताल्लुक है। वायु प्रदूषण बढ़ने से लोगों की चिंताएं बढ़ जाती हैं। तनाव और हार्मोन कार्टिसोल में वृद्धि का असर उनके मस्तिष्क को प्रभावित करने लगता है। उनमें बेचैनी और कसमसाहट होती है और वे अनैतिक और आपराधिक व्यवहार करने लगते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, वायु प्रदूषण न केवल स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि यह आपके अनैतिक व्यवहार के लिए जिम्मेदार भी है। एक्सपेरिमेंटल स्टडी के अनुसार, वायु प्रदूषण शारीरिक रूप से या मानसिक रूप से हमारे अनैतिक व्यवहार से जुड़ा हुआ है।</p>
<p>अब तक के साक्ष्य बताते हैं कि वायु प्रदूषण में बुरे व्यवहार को बढ़ाने की क्षमता अधिक है। बचपन में वायु प्रदूषण का सामना करने वाले बच्चों में किशोरावस्था में अवसाद, व्यग्रता और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। उस समय उत्पन्न हुई यह समस्याएं उनके समूचे जीवन को प्रभावित कर सकती हैं और उनके विकास की राह में बाधक बन सकती हैं। वैज्ञानिक मानते हैं कि वायु प्रदूषण के उच्चतम स्तर की वजह से छोटे और विषैले कण विकसित हो रहे मस्तिष्क में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे मस्तिष्क में सूजन होती है। इससे भावना और फैसले लेने के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क के हिस्से को नुकसान पहुंचता है। यह अध्ययन जर्नल ऑफ एब्नार्मल चाइल्ड साइकोलॉजी  में प्रकाशित हुआ है। यह रिसर्च स्वच्छ हवा के महत्व को बताने वाली एक चेतावनी है, जो यह दिखाती है कि शहरी क्षेत्रों में हरियाली की कितनी जरूरत है।  </p>
<p>समय समय पर हुए बहुत सारे अध्ययन यह बताते रहे हैं कि वायु प्रदूषण मस्तिष्क की गतिविधियों को प्रभावित करने में सक्षम है। अपराध को बढ़ावा देने के अलावा, यह मानसिक स्वास्थ्य में भी गंभीर गिरावट ला सकता है। मार्च 2019 के एक अध्ययन से यह भी पता चला है कि जहरीली, प्रदूषित हवा के संपर्क में आने  वाले किशोरों में मनोवैज्ञानिक घटनाओं का जोखिम अधिक होता है। जैसे कि आवाजें सुनना या घबराहट। लेड के बारे में कहा जाता है कि यह व्यवहार बदल डालता है। इससे सीखने और समझने में दिक्कत आती है। यह बच्चों के इंटेलीजेंट क्योंशेंट को कम कर देता था। शंघाई में एक अध्ययन के दौरान पाया गया कि सल्फर डाईऑक्साइड की अधिक मात्रा, जब हवा में होती है,तब अस्पतालों में मनोरोगियों की संख्या बढ़ जाती है। ज्यादातर अध्ययनों में  इस बात का खुलासा हुआ है कि है कि वायु प्रदूषण तनाव और व्यग्रता को बढ़ाता है और आप अनैतिक कार्यों की ओर आसानी से  अग्रसर हो जाते हैं। कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी् और  यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा्य  के जेसी बर्कहार्ट और उनके सहयोगियों द्वारा लिखे गए एक शोध पत्र के अनुसार, गंदी हवा में सांस लेना आक्रामक व्यवहार से जुड़ा हुआ है। अत्यधिक प्रदूषित हवा किशोरों में 7 दिनों के भीतर आत्महत्या के जोखिम को बढ़ा सकती है। किशोरों की सेहत पर हुआ एक अध्ययन इस बात की भी पुष्टि करता है कि प्रदूषित हवा का किशोरों के रक्तचाप पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। </p>
<p>इन अध्ययनों के आधार पर शोधकर्ताओं  ने निष्कर्ष निकाला है कि वायु प्रदूषण को कम करने से किशोर अपराध में कमी आ सकती है। प्रदूषित हवा के प्रभाव स्वास्थ्य और पर्यावरण  पर ज्ञात प्रभावों से कहीं आगे तक जाते हैं। फिर भी कई देशों में वायु प्रदूषण उच्च बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में दस में से नौ लोग अब जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। लेकिन अब तमाम शोध और अध्ययन के आधार पर हमारे पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि खराब वायु गुणवत्ता हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए खराब है। इस समस्या से निपटने के लिए राष्ट्रीय और स्थानीय सरकारों द्वारा अधिक टिकाऊ परिवहन, कुशल और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और उपयोग तथा अपशिष्ट  प्रबंधन  विकसित करके ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि हमारे देश के भविष्य और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा की जा सके।         </p>
<p><strong>-गीता यादव</strong><br /><strong>(ये लेखिका के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 11:04:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>मूकबधिर बालिका को माता-पिता और मामा ने ही एसएमएस में जहर देकर मारा</title>
                                    <description><![CDATA[10 दिन षड्यंत्र रचकर की थी वारदात,  एक माह बाद पुलिस ने खोला काला सच, माता-पिता और मामा गिरफ्तार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/deaf-and-mute-girl-was-killed-by-her-parents-and/article-81685"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/suicide.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। करौली जिले की हिण्डौन सिटी के नई मण्डी थाना पुलिस ने मूक-बधिर बच्ची से रेप कर जलाने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बच्ची की मौत जलने से नहीं उसे जहर देने से हुई थी। जहर उसके माता-पिता और मामा ने सवाई मानसिंह अस्पताल में बर्न वार्ड में चल रहे उपचार के दौरान दिया था। जहर खाने से बच्ची की तबियत बिगड़ी तो डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर पर लेने की तैयारी की तो परिजनों ने लिखित में मना कर दिया। पुलिस ने इस मामले में बच्ची के पिता करन सिंह मीना, मां कमलेशी मीना और मामा राजेश मीना को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p><strong>मां से झगड़ा हुआ तो बच्ची ने खुद को लगाई आग</strong><br />आईजी भरतपुर रेंज राहुल प्रकाश ने बताया कि नौ मई को मां से झगड़ा होने के बाद बच्ची ने घर से 100 मीटर दूर खेत में खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली थी। मां ने बात को छिपाने के लिए पेट्रोल की बोतल को घर में छिपा लिया था और पुलिस को घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। परिजनों बच्ची को हिंडौन सिटी हॉस्पिटल लेकर गए थे, जहां से उसे एसएमएस रैफर कर दिया। </p>
<p><strong>24 घंटे के अंदर दिया जहर</strong><br />आईजी राहुल प्रकाश ने बताया बच्ची का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया था। एफएसएल की ओर से छह जून को मिली रिपोर्ट में बच्ची के साथ रेप नहीं होने की बात सामने आई। इसी कि साथ मेडिकल रिपोर्ट में सामने आया कि उसे 24 घंटे पहले जहर दिया गया था। बर्न वार्ड में चल रहे उपचार में बच्ची स्वस्थ हो रही थी लेकिन जहर देने के कारण उसकी मौत हो गई। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Jun 2024 14:19:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>हथिनियों के खाने में जहर मिलाने का आरोप, एफआईआर दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[मंगलवार को मृत हथिनी लक्ष्मी के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान सैंपल लेकर जाँच के लिए फ़ॉरेंसिक लैब जयपुर और बरेली स्थित आईवीआरआई सेंटर भेजे जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fir-registered-for-mixing-poison-in-the-food-of-elephants/article-58204"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/elephant.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हाथीगाँव में रहवास कर रही 57 नम्बर हथिनी लक्ष्मी की मौत के बाद तीन और हथिनिया बीमार चल रही है। हाथी मालिक सद्दीक़ खान ने आरोप लगाया कि किसी ने हथिनियों को बाटियों में ज़हर मिलाकर खिलाया है। इसे लेकर थाने में एफ़आईआर भी दर्ज कराई है। वहीं वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ़ हो पाएगी।</p>
<p>गौरतलब है कि मंगलवार को मृत हथिनी लक्ष्मी के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान सैंपल लेकर जाँच के लिए फ़ॉरेंसिक लैब जयपुर और बरेली स्थित आईवीआरआई सेंटर भेजे जाएंगे। हथिनी की मौत के मामले में दैनिक नवज्योति ने बुधवार को ख़बर भी प्रकाशित की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Sep 2023 16:21:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पिकनिक मनाने गये प्रेमी युगल ने खाया जहर, प्रेमिका की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[ मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में जहर सेवन करने से प्रेमिका की मौत हो गयी, वहीं प्रेमी की हालत गंभीर बनी हुई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/lover-couple-went-for-picnic-ate-poison-girlfriend-died/article-53442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/vouple.png" alt=""></a><br /><p>सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में जहर सेवन करने से प्रेमिका की मौत हो गयी, वहीं प्रेमी की हालत गंभीर बनी हुई है। </p>
<p>पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि काजल नामक एक युवती वह अपने प्रेमी के रितिक के साथ कल मिडघाट पर पिकनिक मनाने गए थे। किसी बात को लेकर दोनों ने जहर सेवन कर लिया। 108 एम्बूलेंस से दोनों को बुधनी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत नाजुक होने पर दोनों को नर्मदापुरम रेफर किया गया। जहाँ इलाज के दौरान रात में युवती ने दम तोड़ दिया, वहीं युवक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Aug 2023 15:06:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>अफगानिस्तान में स्कूली छात्राओं को दिया जहर</title>
                                    <description><![CDATA[एक अधिकारी ने कहा कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है। इस बीच एक प्रभावित छात्रा के परिजनों ने इस घटना की निंदा की और प्रांतीय प्रशासन से इस अपराध के पीछे लोगों की पहचान करने और उन्हें न्याय दिलाने का आह्वान किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/poison-give-of-school-students-in-afghanistan/article-47892"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-की-कॉपी-(18).png" alt=""></a><br /><p>सारी पुल। अफगानिस्तान के उत्तरी सारी पुल प्रांत के संचारक में प्राथमिक बालिका विद्यालय की सैकड़ों छात्राओं को जहर दिए जाने का मामला सामने आया है। सूचना और संस्कृति के प्रांतीय निदेशक मुफ्ती आमिर सरिपुली ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संचारक जिले के काबोद आब क्षेत्र में फैजाबाद बालिका विद्यालय की कुल 77 छात्राओं, सात शिक्षकों और एक कर्मचारी को जहर दिया गया था, लेकिन इन लोगों की हालत स्थिर है। </p>
<p>एक अधिकारी ने कहा कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है। इस बीच एक प्रभावित छात्रा के परिजनों ने इस घटना की निंदा की और प्रांतीय प्रशासन से इस अपराध के पीछे लोगों की पहचान करने और उन्हें न्याय दिलाने का आह्वान किया। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jun 2023 10:26:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तम्बाकू: एक ऐसा जहर है जो पच्चीस रोगों और चालीस तरह के कैंसर को जन्म देता है। </title>
                                    <description><![CDATA[विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो तम्बाकू के सेवन से इंसान जिन रोगों का शिकार होता है उनमें कैंसर, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, फेफड़े और श्वांस सम्बंधी रोग प्रमुख हैं। कैंसर में खासतौर से मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, फेफड़े का कैंसर, प्रोस्टेट ग्रंथि का कैंसर, पेट का कैंसर और ब्रेन ट्यूमर आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/aditorial---world-tobacco-day--tobacco--poison---twenty-five-diseases---diseases--forty-types-of-cancer-cancer-smoking--death/article-10859"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/tambaku.jpg" alt=""></a><br /><p>तम्बाकू एक ऐसा जहर है जो पच्चीस रोगों और चालीस तरह के कैंसर को जन्म देता है। अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो तम्बाकू के सेवन से इंसान जिन रोगों का शिकार होता है उनमें कैंसर, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, फेफड़े और श्वांस सम्बंधी रोग प्रमुख हैं। कैंसर में खासतौर से मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, फेफड़े का कैंसर, प्रोस्टेट ग्रंथि का कैंसर, पेट का कैंसर और ब्रेन ट्यूमर आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। <strong>तम्बाकू सेवन के मामले में बांग्लादेश 43.3 फीसदी के साथ पहले, रूस 39.3 फीसदी के साथ दूसरे, 34.6 फीसदी के साथ भारत तीसरे नम्बर पर है। चीन 28.1 फीसदी के साथ चौथे स्थान पर है।</strong></p>
<p>विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिवर्ष 31 मई को विश्व तम्बाकू रहित दिवस के रूप में मनाता है। वह बरसों से तम्बाकू रहित विकास का नारा दे रहा है। उसके अनुसार सभी सरकारों का दायित्व है कि वे धूम्रपान के बढ़ते प्रचलन को खासकर बच्चों व नौजवानों पर विशेष ध्यान दें और उन्हें हमेशा के लिए इस अभिशाप से मुक्ति दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें। उस दशा में ही हम अपना और अपने बच्चों का भविष्य सुखी और स्वस्थ रखने में कामयाब हो सकेंगे। धूम्रपान की लत जितनी जल्दी शुरू होती है, उसका दुष्परिणाम उतना ही गंभीर होता है।</p>
<p>वयस्क व्यक्ति के नियमित धूम्रपान करने के कारण 50 फीसदी अधिक मृत्यु की संभावना रहती है। इनमें आधे से अधिक तो अधेड़ अवस्था में ही अपनी जीवन लीला समाप्त कर देते हैं। ऐसे लोगों की उम्र 22 साल कम हो जाती है। <strong>दुनिया में धूम्रपान करने वालों की तादाद एक बिलियन है। इनमें 19 फीसदी वयस्क जिसमें 33 फीसदी पुरुष और 6 फीसदी महिलाएं हैं। 80 फीसदी मध्य एवं निम्न आय वर्ग के हैं। 13 से 15 साल के धूम्रपान करने वाले युवाओं की तादाद 24 मिलियन है जिनमें 13 मिलियन तम्बाकू उत्पाद का प्रयोग करते हैं। तम्बाकू के सेवन से दुनिया में 7 मिलियन लोगों की हर साल मौत होती है।</strong> 20वीं सदी में धूम्रपान से 100 मिलियन लोगों की मौत हुई जबकि आशंका है कि 21वीं सदी में तकरीब एक बिलियन लोग इसके शिकार होंगे। अमेरिका में 40 मिलियन लोग धूम्रपान करते हैं।</p>
<p>इनमें 4.7 मिलियन हाईस्कूल में पढ़ने वाले छात्र हैं। वहां धूम्रपान से हर साल तकरीब 5 लाख की मौत होती है। हमारे यहां प्रतिवर्ष 120 मिलियन लोग धूम्रपान करते हैं। हमारे देश में धूम्रपान करने वालों की तादाद दुनिया की 12 फीसदी है। यह जानते -समझते हुए कि तम्बाकू में कैंसर के 70 रसायन पाए जाते हैं। एक सिगरेट में लगभग 400 रसायन तथा 20 कैंसर पैदा करने वाले पदार्थ होते हैं। धूम्रपान करने वाले व्यक्ति में सामान्य व्यक्ति की अपेक्षा हृदयरोग तथा कैंसर की संभावना 25 से 30 फीसदी अधिक होती है। इसके बावजूद 1998 से लेकर देश में तम्बाकू का सेवन करने वाले लोगों की तादाद में 36 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है।</p>
<p>यह जानने के बाद कि तम्बाकू के पौधे से कृषि, मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को काफी नुकसान होता है। ग्लोबल एडल्ट टोबेको सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार भारत की कुल 130 करोड़ की आबादी में से 28.6 फीसदी लोग तम्बाकू का सेवन करते हैं। 18.4 फीसदी युवा न सिर्फ  तम्बाकू, बल्कि बीड़ी, खैनी, गुटका और अफीम का भी सेवन करते हैं। देश में तकरीब 15 करोड़ पुरुष और 15 साल से अधिक की 7.8 करोड़ से अधिक महिलाएं नियमित रूप से धूम्रपान की लत की शिकार हैं। 40 लाख के करीब 15 साल से कम उम्र के बालक इसके शिकार हैं। देश में मिजोरम ऐसा राज्य है जहां 34.4 फीसदी लोग धूम्रपान करते हैं जो पूरे देश में सबसे ज्यादा हैं। आजकल नवयुवतियों-कॉलेज छात्राओं और महिलाओं में धूम्रपान एक फैशन और नौजवान पीढ़ी की पहली पसंद हुक्का बन गया है। यह खतरनाक संकेत है। हमारे यहां हर साल 85,000 पुरुषों में और 34,000 महिलाओं में कैंसर के नए मामले सामने आते हैं जिनमें 90 फीसदी से ज्यादा मामलों में तम्बाकू का प्रयोग होता है।</p>
<p>धूम्रपान के कारण महिलाओं में कैंसर के मामलों के अलावा मासिक धर्म के कम होने, दर्द होने, विटामिन सी की कमी, शरीर पर बाल अधिक होने, चेहरे पर झुर्रियां होने और उनके दूध में निकोटिन की मात्रा बढ़ने की शिकायतें आम होती हैं। गर्भवती महिला के धूम्रपान करने से बच्चे के मंदबुद्धि होने, वजन कम होने और श्वांस नली में विकार होने की आशंका बनी रहती है। तम्बाकू 41 फीसदी कैंसर से होने वाली मौतों के लिए तो जिम्मेवार है ही, वह न सिर्फ इसका सेवन करने वालों को बीमार कर रहा है बल्कि आसपास रहने वाले लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।</p>
<p>एम्स के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एस वी एस देव का कहना है कि एम्स में पिछले कई सालों से ऐसे रोगी आ रहे हैं जिनको ये बीमारी उनके आसपड़ोस, घर में रहने वाले लोगों से हुई। एम्स के ही एक अन्य प्रोफेसर डा. आलोक ठक्कर कहते हैं कि अब तो ऐसे बच्चों के केस आ रहे हैं जो घरवालों के धूम्रपान करने के कारण अस्थमा और कान की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। यही नहीं घरवालों के धूम्रपान या तम्बाकू सेवन के कारण महिलाओं में बच्चेदानी के कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।</p>
<p>इसका खुलासा करते हुए एमजीएम मेडीकल कालेज, जमशेदपुर की गायनिक विभाग की प्रोफेसर डा. बनीता सहाय का कहना है कि तम्बाकू के सेवन से पुरुषों के वीर्य में एचपी वायरस फैल जाता है। एचपी वायरस को सर्विक्स यानी बच्चेदानी के मुख के कैंसर का प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है। उनके अनुसार पहले महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले अधिक पाए जाते थे लेकिन अब बीते बरसों से बच्चेदानी के मुख के कैंसर के मामले तेजी से बढ़े हैं।</p>
<p>देश में ऐसे मामले दूसरे देशों की तुलना में अधिक सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में देश में हर आठ मिनट में एक महिला की मौत हो रही है। एम्स की प्रोफेसर डा. नीरजा बटाला का कहना है कि यदि 45 साल तक की महिलाओं को एचपीवी का टीका लग जाए तो बच्चेदानी के मुख के कैंसर से 80 फीसदी तक बचा जा सकता है। तम्बाकू के सेवन से देश में हर साल एक मिलियन यानी दस लाख लोगों की मौत हो जाती है। जबकि 2 अक्टूबर 2008 से सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने पर पाबंदी है। शुरू में तो इस पाबंदी का कुछ असर दिखाई भी दिया लेकिन उसके बाद यह बेमानी हो गई। यही हाल तम्बाकू नियंत्रण एवं उद्योगों की जबावदेही के लिए बनी अंतरराष्ट्रीय संधि ‘‘फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टोबेको कन्ट्रोल’’ का है।</p>
<p>यह दुनिया में पहली संधि है जो जन स्वास्थ्य व उद्योगों की जबावदेही के लिए बनी है। विडम्बना यह कि सिगरेट निर्माता कंपनियां उपभोक्ताओं को ही केन्द्र बिन्दु नहीं बना रहीं बल्कि सरकारी माध्यमों का भी अपने हिसाब से इस्तेमाल कर रही हैं। अब सवाल यह उठता है कि प्रभावकारी तम्बाकू नियंत्रण एवं उद्योगों की जबावदेही के लिए बनी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संधि होने के बावजूद आखिर इन कंपनियों पर प्रभावकारी नियंत्रण क्यों नहीं लग पा रहा है। कारण इनका वैश्विक स्तर पर इतना जबरदस्त जाल फैला है जिसके चलते केवल संधियों से तम्बाकू नियंत्रण की आशा बेमानी है। सबसे बड़ी बात यह कि तम्बाकू से होने वाली हर मौत को रोका जा सकता है यदि तम्बाकू सेवन पर अंकुश लगे। इस दिवस का यही पाथेय है।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>तम्बाकू निषेध दिवस</strong></span><br />धूम्रपान की लत जितनी जल्दी शुरू होती है, उसका दुष्परिणाम उतना ही गंभीर होता है। वयस्क व्यक्ति के नियमित धूम्रपान करने के कारण 50 फीसदी अधिक मृत्यु की संभावना रहती है। इनमें आधे से अधिक तो अधेड़ अवस्था में ही अपनी जीवन लीला समाप्त कर देते हैं। ऐसे लोगों की उम्र 22 साल कम हो जाती है। दुनिया में धूम्रपान करने वालों की तादाद एक बिलियन है। <br />  <br /> <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 May 2022 12:48:59 +0530</pubDate>
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                <title>छेड़छाड़ से तंग आकर बालिका ने खाया जहर  अस्पताल में भर्ती, पुलिस ने दर्ज किए बयान</title>
                                    <description><![CDATA[सिटी थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय स्कूली बालिका को पिछले एक साल से परेशान और छेड़छाड़ करने का संगीन मामला सामने आया है। इससे तंग आकर बालिका ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। उसका अस्पताल में उपचार जारी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/%E0%A4%9B%E0%A5%87%E0%A5%9C%E0%A4%9B%E0%A4%BE%E0%A5%9C-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%86%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%B9%E0%A4%B0--%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E2%80%A2%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80--%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-9374"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/rape1.jpg" alt=""></a><br /><p> नसीराबाद(अजमेर)। सिटी थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय स्कूली बालिका को पिछले एक साल से परेशान और छेड़छाड़ करने का संगीन मामला सामने आया है। इससे तंग आकर बालिका ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। उसका अस्पताल में उपचार जारी है। पीड़िता के दादा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पोस्को में मामला दर्ज किया है।</p>
<p>पीड़िता के दादा ने रिपोर्ट दी कि उसकी पोती शहर की एक स्कूल में अध्ययन कर रही है, जिसकी उम्र 12 वर्ष है। आरोपी छोटी बाजारी निवासी साहिल पुत्र देवप्रकाश उर्फ  बंटी उसकी पोती को बहला-फुसलाकर अपहरण करने की कोशिश कर रहा है और करीब एक वर्ष से स्कूल जाते समय उसे परेशान कर रहा है। उन्होंने आरोपी के पिता से तीन-चार बार इसकी शिकायत की लेकिन कोई असर नहीं हुआ। आरोपी से तंग आकर 6 मई को उसकी पोती ने आत्महत्या करने की कोशिश की। उसका चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। सिटी थाना पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 14:15:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है जहर: भाजपा चुनावी मोड में, धर्म की राजनीति शुरू : सीएम</title>
                                    <description><![CDATA[ सरकार ने धर्म के नाम पर जहर फैलानों वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है: गहलोत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--news--poison-is-being-spread-on-social-media--bjp-in-election-mode--politics-of-religion-started--cm/article-7738"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ashok-g1.jpg" alt=""></a><br /><p> बीकानेर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि  प्रदेश में भाजपा चुनावी मोड पर आ चुकी है और उसने धर्म की राजनीति करते हुए अपने लोगों को सक्रिय कर दिया है। ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा आम लोगों का कर्तव्य बनता है कि वे धर्म की राजनीति करने वालों के मंसूबों के बारे में जनता तक अपनी बात पहुंचाये। गहलोत रविवार को यहां सर्किट हाउस में मीडिया से बात कर रहे थे।</p>
<p><br />उन्होंने कहा कि बीकानेर में रेल फाटक समस्या के बारे में पिछले 40 साल से सुन रहे हैं। 68 करोड़ रुपए इसके समाधान के लिए उपलब्ध कराये मगर बार बार सरकार परिवर्तन के राजस्थान की जनता के फैसले के कारण अनेक कार्य अधूरे रह जाते हैं। अगली बार कांग्रेस की सरकार बनते ही बीकानेर की इस समस्या का समाधान पक्का हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा व आरएसएस ने सोशल मीडिया के माध्यम से जो नेहरू गांधी परिवार के खिलाफ जहर फैलाया है। धर्म के नाम पर जो लोगों को लड़वाना शुरू किया है उसका हम सबको डट कर मुकाबला करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने धर्म के नाम पर जहर फैलानों वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है। अब मीडिया के लोगों व आम लोगों को भी देश में धर्म के आधार पर हो रहे धु्रवीकरण के विरोध में जागरूक होकर अपनी बात कहनी होगी। <br /><br /><strong>गजेन्द्रसिंह पर फिर तंज</strong><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान से केन्द्र में ऐसे नेता मंत्री बने हुए हैं जो जिस विभाग के मंत्री हैं उसका फायदा भी राजस्थान को दिला नहीं पा रहे हैं। गहलोत ने गजेन्द्र सिंह शेखावत का नाम लिये बगैर कहा कि जो व्यक्ति जोधपुर के एक एमएलए जो राज्य का मुख्यमंत्री है उसकी सरकार के खिलाफ षडयंत्र करने में शामिल होता है और खुद मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहा है मगर जनता ऐसा होने नहीं देगी। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Apr 2022 12:10:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युवक-युवती ने वीडियो कॉल कर खाया जहर</title>
                                    <description><![CDATA[उदयपुर जिले के भीण्डर नगर में युवक-युवती ने शुक्रवार सुबह वीडियो कॉल कर एक साथ जहर खा लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/-udaipur-news---young-man-woman-ate-poison-by-video-call--the-engagement-of-the-girl-was-about-to-happen-today/article-7669"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/31.jpg" alt=""></a><br /><p>भीण्डर। उदयपुर जिले के भीण्डर नगर में युवक-युवती ने शुक्रवार सुबह वीडियो कॉल कर एक साथ जहर खा लिया। युवती की उदयपुर में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, वहीं युवक का इलाज जारी है। दोनों का पिछले कुछ वर्षों से प्रेम संबंध था। शनिवार को युवती की किसी अन्य युवक के साथ सगाई होने वाली थी। भीण्डर निवासी निधि (20) पुत्री पुरूषोतम चौबीसा एवं मनीष (21) पुत्र मदनलाल चौबीसा ने शुक्रवार सुबह मोबाइल से वीडियो कॉल पर बात करते हुए एक साथ विषाक्त का सेवन कर दिया। युवती की तबीयत खराब होने पर परिजन उसे लेकर भींडर चिकित्सालय पहुंचे। दूसरी ओर, युवक को भी तबीयत खराब होने पर परिजन चिकित्सालय ले गए, जहां से दोनों को उदयपुर रेफर किया गया। चिकित्सालय में निधि की इलाज के दौरान मौत हो गई। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Apr 2022 13:58:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हवा में जहर</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख अपनाने के बाद चेती दिल्ली सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बार फिर स्कूलों को एक हफ्ते तक बंद करने का फैसला लिया है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों से घर से ही काम करने को कहा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%B9%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%B9%E0%A4%B0/article-2439"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/polution_sc1.jpg" alt=""></a><br /><p>दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख अपनाने के बाद चेती दिल्ली सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बार फिर स्कूलों को एक हफ्ते तक बंद करने का फैसला लिया है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों से घर से ही काम करने को कहा गया है। निजी संस्थानों को भी ऐसा कदम उठाने को कहा है। इसके अलावा दिल्ली में निर्माण गतिविधियों को तीन दिन के लिए प्रतिबंधित किया गया है। ऐसा नहीं है कि दिल्ली में पहली बार ही प्रदूषण का संकट गहराया है, बल्कि पिछले कई सालों से अक्टूबर-नवंबर के महीने में हवा में जहर घुलने का सिलसिला चल रहा है। दिल्ली सरकार ने पिछले सालों में प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के कई प्रयोग किए हैं, लेकिन कोई अपेक्षित नतीजा नहीं निकला। दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी है और यहां से केन्द्रीय सत्ता भी चलती है, लेकिन केन्द्र सरकार दिल्ली के प्रदूषण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाती। अक्सर हर साल दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण की जिम्मेदारी पड़ोसी राज्यों के किसानों के कंधों पर कह दिया जाता है कि उनके पराली जलाने से हवा में धुआं घुल जाता है जिसकी वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट वैज्ञानिक अध्ययन का हवाला देते हुए मान लिया है कि पराली के धुएं का केवल 30 प्रतिशत ही योगदान है, जबकि 70 प्रतिशत अन्य स्थानीय कारणों से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण की वजह से आसपास के राज्यों पर पड़ रहा है। खबर है कि राजस्थान की राजधानी जयपुर, कोटा, उदयपुर के अलावा भिवाड़ी का प्रदूषण स्तर भी काफी बिगड़ा हुआ है। राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के कई बड़े शहरों की आबोहवा अच्छी तरह सांस लेने वाली नहीं रह गई है। प्रदूषण दिल्ली का ही नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संकट बन चुका है, जिससे केन्द्र सरकार को ही कोई ठोस योजना बनानी होगी और प्रदूषण से मुक्ति दिलानी होगी। हकीकत यह है कि प्रदूषण को लेकर राज्य सरकारें और केन्द्र की सरकार कतई गंभीर नहीं हैं। समय रहते ही आवश्यक कदम उठा लिए जाते तो दिल्ली ही नहीं, बल्कि हर शहर को प्रदूषण का ज्यादा दंश नहीं झेलना पड़ता। सरकारें एक्शन प्लान बनाती जरूर है, लेकिन क्रियान्वयन पर ध्यान नहीं दिया जाता, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना होता है और अनेक प्रकार की बीमारियों की पीड़ा झेलनी पड़ती है। केन्द्र व राज्यों को कारगर योजना बनानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Nov 2021 14:56:46 +0530</pubDate>
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