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                <title>एनएचएआई की लापरवाही से दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भ्रमित हो रहे वाहन चालक</title>
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                        <![CDATA[कराड़िया में दो इंटरचेंज, दोनों के मोड़ पर संकेतक नहीं होने से भटक रहे वाहन चालक।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/nhai-s-negligence-is-causing-confusion-for-drivers-on-the-delhi-mumbai-expressway/article-141796"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(20).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एनएचएआई की लापरवाही वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन रही है। कराड़िया क्षेत्र में बने कोटा और बारां के दो अलग-अलग इंटरचेंज के मोड़ पर संकेतक नहीं होने से वाहन चालक भ्रमित हो रहे हैं। नतीजा यह है कि कोटा आने वाले वाहन चालक अनजाने में बारां नेशनल हाइवे पर पहुंच रहे हैं, जहां से उन्हें अतिरिक्त चक्कर काटकर वापस लौटना पड़ता है। वहीं, कुछ वाहन चालकों को लंबी दूरी से बचने के लिए मजबूरी में 300 मीटर रॉन्ग साइड चलना पड़ता है। जिससे गंभीर हादसा होने का खतरा बना रहता है। यह समस्या स्टेट हाइवे 70 जालिमपुरा इंटरचेंज से कोटा आने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।</p>
<p><strong>दोनों इंटरचेंज के घूम पर नहीं संकेतक बोर्ड</strong></p>
<p>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के कराड़िया क्षेत्र में कोटा और बारां के लिए दो अलग-अलग इंटरचेंज बनाए गए हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन इंटरचेंज के मोड़ पर कहीं भी ऐसा संकेतक नहीं है जो यह बता सके कि कौनसा रास्ता कोटा और बारां की ओर जाता है।इधर,वाहन चालक रफीक मोहम्मद, सतीश नायक, अजय मेडतवाल का कहना है कि रात के समय स्थिति और विकट हो जाती है। अंधेरे में बिना संकेतक के सही रास्ता पहचानना मुश्किल हो जाता है।</p>
<p><strong>दोनों इंटरचेंज के बीच सिर्फ 50 मीटर का फासला</strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार, बारां इंटरचेंज के बाद महज 50 मीटर आगे ही कोटा रोड का इंटरचेंज मौजूद है। यदि यहां और पहले वाले मोड़ पर स्पष्ट और बड़े संकेतक बोर्ड लगा दिए जाएं, तो न केवल वाहन चालक भ्रमित होने से बचेंगे बल्कि उन्हें 1 किलोमीटर लंबा चक्कर और रॉन्ग साइड जाने से भी बच सकेंगे। हालांकि, कोटा इंटरचेंज के मोड़ पर बिल्कुल छोटे शब्दों में लाल रंग से कोटा लिखा हुआ है, जो देखने से भी दिखाई नहीं देता। बरहाल, बारां इंटरचेंज के मोड़ पर तो संकेतक ही नहीं है।</p>
<p><strong>वाहन चालकों की मांग</strong></p>
<p>स्थानीय निवासी और वाहन चालकों ने एनएचएआई से मांग की है कि कराड़िया के दोनों इंटरचेंज के मोड़ पर तुरंत बड़े और रिफ्लेक्टिव संकेतक बोर्ड लगाए जाएं। वहीं, रात के समय दिखने वाले फ्लोरोसेंट साइन बोर्ड लगाए जाएं।</p>
<p><strong>वाहन चालक बोले- एक्सप्रेस-वे पर बुनियादी चूक से बढ़ा खतरा</strong></p>
<p>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर इस तरह की बुनियादी चूक वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। दो बार मैं खुद इस गफलत का शिकार हो चुका हूं। एनएचएआई को वाहन चालकों के हित में रिफ्लेक्टिव संकेतक बोर्ड लगवाने चाहिए।</p>
<p>कुछ दिनों पहले सुल्तानपुर से कोटा गया था। जालिमपुरा इंटरचेंज होते हुए कराड़िया पहुंचा। यहां दो इंटरचेंज बने हुए हैं और दोनों के मोड पर कोई सांकेतिक बोर्ड नहीं होने के कारण मैं बारां वाले इंटरचेंज की ओर मुड़ गया और टोल पार करने के बाद पता चला कि कोटा रोड की जगह बारां नेशनल हाईवे पर आ गया। ऐसे में मुझे करीब एक किलोमीटर लंबा अतिरिक्त चक्कर काटने के बाद सही रास्ते पर पहुंच सका। एनएचएआई की लापरवाही के कारण मानसिक परेशानी हुई और समय भी व्यर्थ हुआ।</p>
<p>यह दिखने में छोटी लेकिन गंभीर समस्या है, जब एनएचएआई टोल पूरा लेती है तो वाहन चालकों व यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। सबसे ज्यादा मुसीबत बाहर से आने वाले व पहली बार जालिमपुरा से कराड़िया एक्सप्रेसवे पर आने वाले वाहन चालकों के लिए रहती है। एनएचएआई की लापरवाही कभी बड़ा हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में जरूरी है कि समय पर व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाए। दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे पर सभी जगह संकेतक बोर्ड लगे हुए हैं। रही बात कराड़िया में बारां और कोटा इंटरचेंज के मोड़ पर संकेतक बोर्ड की तो दिखवाएंगे।<br /><br /></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 18:05:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>खोखला हुआ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, सड़कों की दरारों में भरा पानी, बह गई मिट्टी   </title>
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                        <![CDATA[ल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर लबान से मंडावरा के बीच ऐठलेन पहला मानसून भी नहीं झेल पाया]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/delhi-mumbai-expressway-became-hollow/article-125258"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(4)53.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर लबान से मंडावरा के बीच ऐठलेन पहला मानसून भी नहीं झेल पाया।  जगह-जगह से सड़कें खोखली हो गई। जबकि, सड़क का निर्माण हजारों करोड़ की लागत से हुआ है। लेकिन, मानसून की पहली बारिश में ही एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता बिखर गई। बदहाल सड़कों की तस्वीरें भ्रष्टाचार की ओर ईशारा कर रही है। वहीं, पीपल्दा विधायक चेतन पटेल ने एनएचएआई की भूमिका पर सवाल उठाते हुए एक्सप्रेस-वे को भ्रष्टाचार की खुली किताब बताया। वहीं, पैकेज-12 की लबान से मंडावरा  तक 28 किमी की सड़क पर जानलेवा गड्ढ़े हो गए। जबकि, इस सड़क का निर्माण 1071.27 करोड़ की लागत से हुआ है। </p>
<p><strong>4 किमी में जानलेवा गड्ढ़े </strong><br />पैकेज-12 पर ऐट लेन का निर्माण संवेदक फर्म जीआर इंफ्रा लिमिटेड ने किया है। इस 28 किमी की सड़क पर चंबल पुलिया से मंडावरा के बीच 3 से 4 किमी के दायरे में जगह-जगह जानलेवा गड्ढ़े हो गए। वहीं, 2 से 3 इंच गहरी दरारें पड़ गई। </p>
<p><strong>ढह गई शू-लेन, बह गई मिट्टी, ड्रेनेज फेल</strong><br />बारिश के पानी की निकासी के लिए एक्सपे्रस-वे पर बनाई गई शू-लेन भी ढह गई। रोड के नीचे की मिट्टी पानी के साथ बह गई। जिससे शू-लेन खोखली हो गई।  जबकि, ऐठलेन से ट्रक, ट्रोला, ट्रेलर सहित भारी वाहनों का आवागमन रहता है। ऐसे में खोखली सड़कों से बड़ा हादसा घटित होने की आशंका बनी रहती है। </p>
<p><strong>एक्सप्रेस-वे की थर्ड व फोर्थ लेन धंसी</strong><br />लबान से मंडावरा की ओर चैनेज नंबर 349.400 पर  ऐटलेन की तीसरी और चौथी लेन जगह-जगह से धंस गई।  डामर सड़कों के टुकड़े हो गए और सुरक्षा दीवार की रेलिंग टूट गई। हालात यह हैं, एक्सप्रेस-वे शुरू होने के 8 माह में ही सड़क गुणवत्ता की धज्जियां उड़ गई।  जबकि, ऐटलेन का निर्माण एनएचएआई की निगरानी में हुआ है। ऐसे में एनएचएआई अधिकारियों की भूमिका सवालों के कठघरे में आ गई। </p>
<p><strong>एनएचएआई ने बिना सीओडी के शुरू करवा दिया टोल</strong><br />सीमलिया के बगरू से गोपालपुरा मंडाना तक 31 किमी की सड़क पैकेज-14 कहलाती है। इसका निर्माण जीएचवी कम्पनी ने 887.53 करोड़ की लागत से किया है। जिसे एनएचएआई ने बिना सीओडी (कॉर्मशियल ऑपरेशन डेट) किए टोल चालू करवा दिया है। </p>
<p><strong>हर माह 22 लाख का टोल</strong><br />एक्सप्रेस वे से हर महीने एनएचएआई 22 लाख रुपए की टोल वसूली करती है। इसके बावजूद एक्सप्रेस-वे बदहाल हो रहा है। प्रतिदिन 3 हजार से अधिक वाहन ऐटलेन से गुजरते हैं। ऐसे में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। <br />हालांकि, अभी गोपालपुरा से लबान तक हाइवे बंद है। </p>
<p><strong>दावा-120 किमी स्पीड का, हकीकत-70 पर ही डगमगा रहे वाहन</strong><br />एनएचएआई द्वारा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 120 किमी की स्पीड से वाहन चलाने का दावा करती है लेकिन हकीकत में 70 की स्पीड में ही कार डगमगा जाती है। कई जगहों पर एप्रोच सड़क धंस गई है। वाहनों का अलाइनमेंट बिगड़ रहा है। ऐसे में यहां से गुजरने पर गाड़ी जम्प करती है। इससे कार सवारों को तेज झटका लगता है और वाहन अनियंत्रित होने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। <br /><strong>- शशिकांत शर्मा, अशोक गुप्ता, महावीर नगर विस्तार</strong><br /><strong> </strong><br /><strong>यह कहते हैं वाहन चालक</strong><br />एक्सप्रेस-वे शुरू हुए अभी 8 महीने ही हुए हैं। मानसून की पहली बारिश में ही सड़कें उधड़ गई। एनएचएआई ने सड़क गुणवत्ता में गंभीर लापरवाही बरतते हुए वाहन चालकों की जान से खिलवाड़ किया है। एक्सप्रेस-वे  निर्माण की जांच की जानी चाहिए।<br /><strong>- पुलकित वैष्णव, सद्दाम हुसैन, बोरखेड़ा</strong></p>
<p><strong>सवालों से बचते रहे अधिकारी</strong><br />खबर को लेकर नवज्योति ने एनएचएआई के कोटा प्रोजेक्ट डायरेक्टर से रीजनल आॅफिसर जयपुर तक से फोन पर पक्ष जानना चाहा लेकिन, सवाल सुनने के बाद मिटिंग में होने का हवाला देकर एक घंटे बाद बात करने को कहा लेकिन बाद में न फोन अटैंड किया और न ही मैसेज का जवाब दिया। </p>
<p>मैं अभी मिटिंग में हूं, एक घंटे बाद बात करुंगा।<br /><strong>- प्रदीप अत्री, रीजनल ऑफिसर</strong></p>
<p>मैं जयपुर मिटिंग में आया हूं। बाद में बात करुंगा।<br /><strong>- संदीप अग्रवाल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई, कोटा</strong></p>
<p><strong>इधर, सवाल सुना और फोन काटा</strong><br />मामले को लेकर नवज्योति ने पैकेज-12 के प्रोजेक्ट मैनेजर फूलचंद कुमार को फोन कर पक्ष जानना चाहा लेकिन उन्होंने सवाल सुनने के बाद आवाज नहीं आने का हवाला देकर फोन कट कर दिया। इसके बाद उन्हें मैसेज किया लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।</p>
<p><strong>एक्सप्रेस-वे का निर्माण, भ्रष्टाचार की खुली किताब</strong><br /> केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाइवे पर 120 किमी की रफ्तार से वाहन चलाने के दावे किए हैं लेकिन एक्सप्रेस-वे की वर्तमान स्थिति को देखते हुए 80 की स्पीड पर भी वाहन नहीं चला सकते। 8 माह में ही मानसून की पहली बारिश में ही ऐटलेन उखड़ गया। यह भ्रष्टाचार की खुली किताब है। यहां से वाहनों का गुजरना मौत को आमंत्रण देना जैसा है। इसके निर्माण कार्य की जांच करवाई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार सामने आएगा। मामले को विधानसभा में उठाएंगे।<br /><strong>- चेतन पटेल, विधायक, पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Aug 2025 17:46:24 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राजस्थान बजट 2025 : 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का होगा निर्माण, एलिवेटेड सड़कें, आरओवी, पुल आदि के निर्माण में खर्च होंगे 5 हजार करोड़ </title>
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                        <![CDATA[ वित्त मंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में भजनलाल सरकार का दूसरा पूर्ण बजट पेश किया]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-budget-2025-9-green-field-expressway-will-be-constructed/article-104840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(3)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में भजनलाल सरकार का दूसरा पूर्ण बजट पेश किया। कुमारी ने अपना तीसरा बजट पेश किया। उनका यह दूसरा पूर्ण बजट है। इससे पहले वह एक पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट पेश कर चुकी है। बजट भाषण की शुरूआत करते हुए दीया कुमारी ने कहा कि हमारी सरकार ने नए कीर्तिमान स्थापित किए है। बजट में सड़कों को लेकर भी घोषणाएं की गई है। </p>
<p><strong>सड़क : </strong></p>
<ul>
<li>स्टेट हाईवे, बाईपास रोड, फ्लाईओवर्स, एलिवेटेड सड़कें, आरओवी, पुल आदि के निर्माण, तमचंपत तथा उन्नयन के कार्य 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न कार्य</li>
<li> 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे, 2 हजार 750 किलोमीटर से अधिक लम्बाई</li>
<li>21 हजार किलोमीटर नॉन पेचेबल सड़कों के कार्य 6 हजार करोड़ रुपये की लागत से </li>
<li>प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रा में 10-10 करोड़ रुपये की राशि से नॉन पेचेबल सड़कों के कार्य, मरूस्थलीय क्षेत्रों में यह राशि 15-15 करोड़ रुपये प्रति विधानसभा क्षेत्र</li>
<li>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना : चतुर्थ चरण, एक हजार 600 बसावटों को आगामी 2 वर्षों में डामर सड़क से जोड़ना</li>
<li>अटल प्रगति पथ, 5 हजार से अधिक आबादी वाले 250 ग्रामीण कस्बों में सीमेंट कंक्रीट लागत 500 करोड़ रुपये</li>
<li>15 शहरों में रिंग रोड के निर्माण कार्य के लिए डीपीआर, 50 करोड़ रुपये का प्रावधान</li>
<li>जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं अजमेर की विभिन्न सेक्टर रोड के कार्य, लागत 575 करोड़ रुपये</li>
<li>जयपुर शहर के ट्रैफीक की स्थिति में सुधार हेतु 250 करोड़ रुपये के कार्य</li>
<li>जयपुर में बीआरटीएस को हटाया जाना</li>
<li>रोडवेज के लिए जीसीसी मॉडल पर 500 नयी बसें, शहरी क्षेत्रों हेतु भी 500 बसें</li>
<li>सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्रा से अम्बाबाड़ी एवं विद्याधरनगर (टोडी मोड़ तक) जयपुर मेट्रो का कार्य हाथ में, 12 हजार करोड़ रुपये की लागत</li>
<li>जगतपुरा एवं वैशाली नगर क्षेत्रों में मेट्रो के विस्तार हेतु डीपीआर </li>
<li>समस्त संभागीय मुख्यालयों हेतु विस्तृत मोबिलिटी प्लान</li>
<li>‘पंचगौरव योजना’ को गति देना, 550 करोड़ रुपये के कार्य</li>
<li>डांग, मगरा, मेवात एवं बृज क्षेत्रीय विकास योजनाओं हेतु 100-100 करोड़ रुपये</li>
<li>सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए ‘मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम’, 150 करोड़ रुपये का फंड  एवं टीएसपी फंड की राशि में वृद्धि, एक हजार 750 करोड़ रुपये</li>
<li>महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत 3 हजार 400 लाख मानव दिवसों का सृजन</li>
<li>स्वामित्व योजना, ड्रोन सर्वे कर 2 लाख परिवारों को नए पट्टे </li>
</ul>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 16:37:28 +0530</pubDate>
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                <title>90 हजार करोड़ से बनेगा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे, डीपीआर के लिए जारी की निविदा </title>
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                        <![CDATA[इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने डीपीआर के लिए निविदा जारी की है। डीपीआर तैयार होने में करीब तीन से चार माह का समय लगेगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/field-expressway-will-be-built-with-90-thousand/article-90515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/6633-copy30.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में जल्द ही नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे के बाद अब ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे भी नजर आएंगे। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरने वाले ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस की डीपीआर तैयार होगी। चार से छह लेन के आठ पैकेजों की डीपीआर बनाने पर करीब 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने डीपीआर के लिए निविदा जारी की है। डीपीआर तैयार होने में करीब तीन से चार माह का समय लगेगा।</p>
<p><strong>लागत कम करने पर रहेगा फोकस</strong><br />ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे पर लागत कम करने के लिए ऐसे क्षेत्रों का चयन किया जाएगा, जो आबादी से बाहर हो ताकि मुआवजे के तौर पर कम से कम राशि दी जाए। 2400 किलोमीटर लंबे इन एक्सप्रेस वे के लिए 90 हजार करोड़ की आवश्यकता होगी। इसके लिए सरकार एनएचएआई के साथ ही अन्य विकल्प पर भी विचार कर रही है। सरकार के पास इतनी भारी भरकम राशि खर्च करने की स्थिति को देखते हुए पहले ही इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है। लागत की राशि टोल के जरिए भी वसूली जा सकेगी।</p>
<p><strong>15 जिलों में नेटवर्क होगा तैयार</strong><br />राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में इन एक्सप्रेस हाईवे की घोषणा की। इन रूट में हालांकि बाद में बदलाव भी हो सकता है, लेकिन अभी तक के निर्धारित रूट के अनुसार ये एक्सप्रेस वे 15 जिलों से होकर गुजरेंगे, जिनमें आवाजाही में लगने वाला घंटों का समय आधे से भी कम हो जाएगा। सरकार की कोशिश है कि नए साल 2025 तक डीपीआर तैयार होने के बाद इनका काम शुरू कर दिया जाए। जब तक इसके लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए। </p>
<p>भूमि अधिग्रहण 1679 हैक्टेयरचा र से छह लेन के ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के 8 पैकेज के लिए डीपीआर तैयार करवाई जाएगी। इसके बाद स्थिति सामने आएगी कि परियोजना पर कुल लागत कितनी आएगी और वित्तीय प्रबंधन क्या होगा। डीपीआर के लिए निविदा जारी की गई है।<br /><strong>- विकास दीक्षित, मुख्य अभियंता (एन.एच.), पीडब्ल्यूडी</strong></p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Sep 2024 14:11:28 +0530</pubDate>
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                <title>इंतजार और, एक्सप्रेस वे की डेड लाइन खिसकी</title>
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                        <![CDATA[ऐसे में कोटा से दिल्ली तक एक्सप्रेस को संभवतया अब अगले साल तक ही शुरू किया जा सकेगा। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wait-more--expressway-deadline-slipped/article-88964"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/intajar-or-expresway-ki-deadline-khisaki...kota-news-29.08.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से बनाए जा रहे दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य लगभग एक साल पीछे चल रहा है। अब इस देरी में थोड़ा और इजाफा हो सकता है क्योंकि मानसून के कारण एक्सप्रेस वे पर सड़क निर्माण कार्य धीमा हो गया है। जिसके चलते कोटा से दिल्ली और कोटा से मुंबई तक एक्सप्रेस रफ्तार में अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार दौसा से कोटा के बीच और मध्यप्रदेश के सोहना से गुजरात के वडोदरा के बीच अभी काम अधूरा है।</p>
<p><strong>बारिश के चलते डामरीकरण में समस्या</strong><br />वर्तमान में पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय है जिसके चलते कई इलाकों में पानी भरा हुआ है। इसी तरह एनएचएआई द्वारा बनाए जा रहे दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर भी बारिश के चलते निर्माण कार्य बाधित हो रहा है। एक्सप्रेस वे के कोटा से दिल्ली मुंबई वाले सेक्शन में सवाई मधोपुर के मुई गांव से बूंदी के हरदेवगंज तक बनने वाले पैकेज संख्या 10 का कार्य अटका हुआ है। जिससे पूरा होने में अभी तीन से चार महीने का समय लग सकता है। जिसके बाद ही कोटा से दिल्ली सेक्शन को पूरी तरह से चालू किया जा सकेगा। एनएचएआई की ओर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक दौसा क्षेत्र में केवल इसी पैकेज में सड़क का निर्माण बाकी है। जो मानसून के सक्रिय होने के कारण पूरा नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कोटा से दिल्ली तक एक्सप्रेस को संभवतया अब अगले साल तक ही शुरू किया जा सकेगा। </p>
<p><strong>रतलाम से बहरूच तक निर्माण बाकी</strong><br />दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे का निर्माण लगभग एक साल पीछे चल रहा है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी पूरे प्रोजेक्ट की डेडलाइन को आगे बढ़ाकर अब अक्टूबर 2025 तक कर दिया है। इसके पीछे की मुख्य वजह कोटा में दरा टनल का कार्य और रतलाम से वडोदरा तक कार्य अधूरा होना है। जहां दरा टनल की अभी करीब 3 हजार मीटर की खुदाई हो पाई है। टनल का अभी 45 फीसदी से ज्यादा कम बचा हुआ है। टनल की खुदाई का कार्य इसके सबसे कमजोर हिस्से से गुजर रहा है जिसमें काफी सावधानी के साथ ड्रीलिंग करनी होती इसी के चलते कार्य की धीमी हो रही है। वहीं एक्सप्रेस वे का गुजरात के वलसाड जिले में 35 किलोमीटर और नवसारी जिले में 27 किलोमीटर का कार्य अधूरा है। इसमें भी वलसाड सेक्शन का कार्य अप्रैल और नवसारी सेक्शन का कार्य इसी माह शुरू हुआ है। जिन्हें पूरा होने में लगभग एक साल का समय लगेगा जिसके बाद ही एक्सप्रेस वे पूरी तरह से चालू हो पाएगा।</p>
<p>कोटा से दिल्ली आने जाने के लिए मौजूदा मार्ग से 11 से 12 घंटे का समय लग जाता है, साथ ही दूरी भी बढ़ती है। एक्सप्रेस वे का कार्य जल्दी पूरा होता है तो इससे बहुत सारे फायदे हैं। क्योंकि दिल्ली से कोटा तक माल लाने में समय के साथ र्इंधन की भी बचत होगी और समय पर माल यहां पहुंचने से प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी। कई सड़क मार्ग से ज्यादा समय लगने के कारण टैÑन से माल मंगाना पड़ता है जिसमें बहुत सारी कागजी कारवाई से गुजरना पड़ता है एक्सप्रेस वे जल्द शुरू हो तो इन सब से बचा जा सकेगा।<br /><strong>- अशीष बसवाल, कपड़ा व्यापारी</strong></p>
<p> वर्तमान में मौजूद मार्ग से दिल्ली जाने में अधिक समय लगता है, इसके अलावा कई जगहों पर हाईवे से उतरने चढ़ने के साथ घूम कर जाना होता है। अगर एक्सप्रेस वे का काम जल्द हो जाए तो कोटा से दिल्ली और मुंबई आने जाने में आसानी हो जाएगी। क्योंकि बंद ट्रैफिक होने से जाम सहित अन्य स्थितियों से भी बचा जा सकेगा और सीधा मार्ग होने से वाहन को भी कम नुकसान होगा।<br /><strong>- प्रीतम धाकड़, केशवपुरा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />एक्सप्रेस वे का कोटा सेक्शन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, केवल टनल का कार्य निर्माणाधीन है। जिसे भी अगले साल मार्च तक पूरा की लिया जाएगा। कोटा से दिल्ली ट्रैफिक दौसा और सवाई माधोपुर सेक्शन पूरा होने के बाद शुरू हो पाएगा।<br /><strong>- संदीप अग्रवाल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई कोटा</strong></p>
<p>दौसा सेक्शन में केवल पैकेज संख्या 10 का कार्य पूरा होना बाकी है, इसके अलावा सभी पैकेज का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। पैकेज 10 का निर्माण कार्य भी नंवबर तक कार्य पूरा होने की उम्मीद है। उसके बाद ट्रैफिक शुरू कर दिया जाएगा।<br /><strong>- बलबीर सिंह यादव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई दौसा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 15:14:03 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा से मुंबई तक एक्सप्रेस रफ्तार में अभी दरा टनल और गुजरात की बाधा</title>
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                        <![CDATA[दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे देश के छ राज्यों से गुजर रहा है। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dara-tunnel-and-gujarat-are-still-a-hindrance-in-the-speed-of-the-expressway-from-kota-to-mumbai/article-85518"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/kota-s-mumbai-tk-express-raftar-me-abhi-dara-tunnel-or-gujrat-ki-badha...kota-news-22-07-2024.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा से मुंबई तेज रफ्तार से जाने के लिए अभी और लंबा इंतजार करना होगा। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के पूरा होने में दरा के पास बन रही टनल का कार्य धीमा होना बाधा बन गया है। जिसका कार्य अगले साल अक्टूबर तक पूरा हो पाएगा। इसके अलावा एक्सप्रेस वे के गुजरात में चल रहे कार्य को भी पूरा होने में एक से डेढ़ साल का समय लग सकता है। जिसके बाद ही एक्सप्रेस वे पूरी तरह से चालू हो पाएगा। हालांकि इस दौरान वाहनों को अन्य वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। जिससे वाहनों को एक्सप्रेस वे से बार बार चढ़ना और उतरना पड़ेगा। जिसमें समय के साथ ईधन भी ज्यादा लगेगा। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सूत्रों के अनुसार जल्द ही बचे हुए कार्यों को पूरा करके एक्सप्रेस वे को पूरी तरह से खोला जाएगा।</p>
<p><strong>एनएचएआई ने बदली टनल खोदने की प्रक्रिया</strong><br />दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर दरा में मुकुंदरा हिल्स के नीचे बन रही टनल का कार्य अभी धीमा हो गया है। जिसकी वजह टनल के सबसे कमजोर भाग में खुदाई का कार्य चलना है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि टनल की खुदाई का लगभग 50 फीसदी कार्य हो चुका है। वहीं ये कार्य टनल के सबसे कमजोर भाग में पहुंच गया है जहां से इसके उपर 500 मीटर तक एक प्राकृतिक नाला गुजर रहा है। ऐसे में टनल की खुदाई के लिए तरीका भी बदना पड़ा है जिसमें पहले टनल की खुदाई मशीनों से ड्रिल एवं ब्लास्ट करके की जा रही थी, लेकिन अब इसके लिए पाइप रूफिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसके तहत पहले टनल में पाइप रूफिंग की जाती है जिससे उपरी भाग सुरक्षित हो जाए। टनल के इस हिस्से में 8 गुणा 7 मीटर का पायलट हॉल बनाकर उसे धीरे-धीरे गहरा किया जा रहा है, जिससे पहाड़ का कमजोर हिस्से में किसी प्रकार का क्रेक न आए और जमीन धंसे नहीं। इस प्रक्रिया में एक से डेढ़ साल का समय लग सकता है जिसके अनुसार टनल अब अगले साल अक्टूबर तक ही चालू हो पाएगी।</p>
<p><strong>एक बार में टनल की 1.2 मीटर खुदाई होती है </strong><br />पाइप रूफिंग तकनी के माध्यम से टनल की एक बार में 1.2 मीटर की खुदाई हो पाती है। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि इस नई तकनीक के द्वारा टनल की एक बार खुदाई करने पर 8 मीटर चौड़ा और 7 मीटर उंचा का एक पायलट हॉल बनाया जाता है, जिसमें 300 एमएम का पाइप 15 मीटर गहराई में डालकर उसी से टनल में कांक्रीट डाला जाता है। इस प्रक्रिया से पहाड़ जिस हिस्से में खुदाई हो रही है उसके ऊपरी हिस्से में खोखलापन या कमजोरी नहीं आती है और वो सुरक्षित रहता है। इस तरह से एक बार में केवल 1.2 मीटर टनल आगे बढ़ती है, जिसके बाद फिर से पाइप रूफिंग की जाती है। टनल की कुल लंबाई 4900 मीटर होगी, जिसमें से 3300 मीटर की टनल पहाड़ के नीचे से बनाई जाएगी और बाहर की ओर दोनों तरफ 500-500 मीटर के हिस्से को बफर बनाया जाएगा। वहीं पहाड़ के नीचे वाले हिस्से में टनल की अभी तक 2855 मीटर की खुदाई हो चुकी है।</p>
<p><strong>गुजरात में दो पैकेज का कार्य भी अधूरा</strong><br />दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे देश के छ राज्यों से गुजर रहा है। जिसमें इसका कार्य केवल गुजरात को छोड़कर वहीं बाकि राज्यों में लगभग पूरा हो चुका है। एक्सप्रेस वे का गुजरात के वलसाड जिले में 35 किलोमीटर और नवसारी जिले में 27 किलोमीटर का कार्य अधूरा है। इसमें भी वलसाड सेक्शन का कार्य अप्रैल और नवसारी सेक्शन का कार्य इसी माह शुरू हुआ है। जिन्हें पूरा होने में लगभग एक साल का समय लगेगा जिसके बाद ही एक्सप्रेस वे पूरी तरह से चालू हो पाएगा।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 18:30:54 +0530</pubDate>
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                <title>एक्सप्रेस-वे पर लेन चेंज करने पर लगेगा जुर्माना</title>
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                        <![CDATA[ ऐसे में इन पर रोक लगाने के लिए एनएचएआई ने कैमरे लगाने का फैसला किया है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/fine-will-be-imposed-for-changing-lane-on-expressway/article-50086"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size54.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर लेन सिस्टम लागू किया जाएगा। लेन चेंज करने पर जुर्माना लगेगा। इस पर कैमरों से नजर रखी जाएगी। एक्सप्रेस वे पर अब तक के हादसों की स्टडी करने के बाद यह प्लान तैयार किया गया है। इसे जल्द ही लागू किया जा सकता है। अब तक की जांच में सामने आया है कि एक्सप्रेस वे पर हादसे बेलगाम दौड़ रही गाड़ियों से हुए है। साथ ही बाइकर्स के स्टंट भी शामिल है। ऐसे में इन पर रोक लगाने के लिए एनएचएआई ने कैमरे लगाने का फैसला किया है। ये कैमरे सामान्य सीसी टीवी की बजाय व्हीकल स्पीड डिटेक्शन सिस्टम पर बेस्ड होंगे। ये कैमरे एक्सप्रेस वे पर गुजरने वाले हर व्हीकल की स्पीड से लेकर लेन को ट्रैक करेंगे। इस माह में ओवर स्पीड के करीब डेढ़ दर्जन केस सामने आए है।</p>
<p><strong>प्रदेश में 374 किमी लंबाई</strong><br />इस एक्सप्रेस वे का 2023 तक काम पूरा होगा। अभी तक 350 किलोमीटर का एक्सप्रेस वे बनकर तैयार हुआ है। राजस्थान के अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा जिलों से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस वे की लंबाई 374 किलोमीटर है। इसमें 18 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 12 फरवरी को दौसा में एक्सप्रेस वे के सोहना-दौसा खंड का उद्घाटन किया था।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Jun 2023 10:36:32 +0530</pubDate>
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                <title> एक्सपे्रस-वे पर दौड़ने के लिए कोटा को करना पड़ेगा इंतजार</title>
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                        <![CDATA[कोटा जिले में इस मार्ग का पूरा पोर्शन नहीं बना है,1,386 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे का पहला खंड 246 किलोमीटर लंबा है। दिल्ली-दौसा-लालसोट के बीच का यह खंड दिल्ली से जयपुर की यात्रा को आसान करेगा। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-will-have-to-wait-to-run-on-the-expressway/article-37313"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/express-way-par-daudanei-k-liye-kota-ko-karna-hoga-intazar...kota-news..14.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के पहले खंड का उद्घाटन भले ही कर दिया हो लेकिन कोटावासियों को अभी इस एक्सप्रेस-वे से जयपुर और दिल्ली जाने के लिए कम से कम 6-8 महीने और इंजार करना होगा। अभी इस मार्ग पर होकर यात्रा नहीं की जा सकती है। उसका कारण ये है कि ये एक्सप्रेस-वे दिल्ली से दौसा के लिए लिए शुरू हुआ है । कोटा जिले में इस मार्ग का पूरा पोर्शन नहीं बना है,1,386 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे का पहला खंड 246 किलोमीटर लंबा है। दिल्ली-दौसा-लालसोट के बीच का यह खंड दिल्ली से जयपुर की यात्रा को आसान करेगा। इसके बनने के बाद दिल्ली से जयपुर का पांच घंटे का सफर महज साढ़े तीन घंटे में पूरा हो सकेगा। आठ लेन का ये एक्सप्रेस-वे विश्व का पहला सबसे लम्बा एक्सप्रेस वे है जिसे बारहलेन तक बढ़ाया जा सकता है। </p>
<p><strong>कोटा जिले में होगा 106 किलोमीटर सड़क निर्माण</strong><br />कोटा जिले में होने वाले 106 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य में से 33.5 किलोमीटर के हिस्से में मुकुन्दरा टनल और चेचट तथा रामगंजमंडी के इलाकें आते है तो 72.5 किलोमीटर में दीगोद, लाडपुरा और कनवास तहसील के 47 गांव आते हैं। इनमे से 33.5 किलोमीटर हिस्से में से एक मुकुन्दरा टनल में लगभग 20-25 प्रतिशत सड़क ही बन पाई है तो दूसरे हिस्से में लगभग 70 प्रतिशत सड़क बन चुकी है। वहीं 72.5 किलोमीटर में से लगभग 38-40 किलोमीटर की सड़क बन चुकी है। </p>
<p><strong>यह रहेंगे एन्ट्री और एक्जिट के पॉइंट, पूरे मार्ग पर नहीं होगा कोई ब्रेकर</strong><br />जिले में जिन स्थानों पर एन्ट्री/एग्जिट की सुविधा दी जाएगी उनमें मंंंंंंंंडावरा, जालिमपुरा, कराड़िया, बालापुरा, गोपालपुरा तथा चेचट शामिल हैं। कोटा जिले के चेचट तथा रामगंज मंडी इलाके में सड़क निर्माण में अभी 6 से 8 माह का समय लगेगा तो मुकुन्दरा टनल के हिस्से की सड़क पूरा करने में 15 माह से अधिक का समय लगने की संभावना है। कोटा जिले से होकर गुजरने वाली सड़क में 6 इंटरचेंज होंगे। ये संख्या राजस्थान के उन सभी 7 जिलों में सबसे अधिक है जहां से एक्सप्रेस-वे की सड़क गुजरेगी। जहां से एन्ट्री और एग्जिट की सुविधा होगी। </p>
<p><strong>स.माधोपुर होकर पहुंचा जा सकेगा जयपुर</strong><br />इस एक्सप्रेस-वे के पूरा होने के बाद दिल्ली से मुंबई तक का सफर का 24 घंटे से घटकर 12 घंटे का हो जाएगा। इसके अलावा एक्सप्रेस - वे के बीच पड़ने वालों शहरों की दूरी भी अब आसान हो जाएगी। इस मार्ग पर कोटा से जयपुर करीब ढाई से तीन घंटे में और कोटा से दिल्ली करीब 4 घंटे में पहुंचा जा सकेगा। कोटा से जयपुर जाने के यहां से सवाईमाधोपुर और दौसा होकर जाना पड़ेगा। एक्सप्रेस वे में एंट्री/एग्जिट सिर्फ एंटरचेंज पर ही मिलगा। इस एक्सपे्रस-वे पर कोई ब्रेकर नहीं होगा। स्पीड अधिकतम 120 किलोमीटर प्रतिघंटा तय की गई है।  </p>
<p><strong>दुनिया का दूसरा एक्सप्रेस-वे जिसमें पशु पुल यानि अंडरपास की सुविधा</strong><br />यह एक्सप्रेस-वे एशिया में पहला और दुनिया में दूसरा है जिसमें वन्यजीवों की बिना रोक-टोक आवाजाही की सुविधा के लिए पशु पुल (अंडरपास) की सुविधा है। इसमें 3 वन्य जीव और 5 हवाई पुल (ओवरपास) होंगे जिनकी कुल लंबाई 7 किमी होगी। एक्सप्रेस-वे में दो बड़ी 8 लेन सुरंगें भी शामिल होंगी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे विभिन्न वनों, शुष्क भूमि, पहाड़ों, नदियों जैसे कई विविध क्षेत्रों से गुजरता है। अधिक वर्षा वाले वडोदरा-मुंबई खंड के लिए कठोर फुटपाथ डिजाइन को अपनाया गया है। </p>
<p>वन्यजीवों के लिए ग्रीन ओवरपास की सुविधा <br />यह एशिया का पहला ऐसा हाईवे है जिसके निर्माण में वन्यजीवों के लिए ग्रीन ओवरपास की सुविधा दी जाएगी। इस एक्सप्रेस वे को भारतमाला प्रोजेक्ट परियोजना के पहले चरण के हिस्से के रूप में बनाया जा रहा है। माना जा रहा है कि ये एक्सप्रेस-वे सही मायनों में देश की प्रगति का एक्सप्रेस-वे साबित हो सकता है। इस एक्सप्रेस-वे पर हैलीपैड भी बनाने की योजना है। दोनो ओर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की भी योजना है। निर्माण पूरा होने पर जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, कोटा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, भोपाल, उज्जैन, इंदौर, अहमदाबाद तथा वडोदरा जैसे आर्थिक केन्द्रों से कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इससे इन शहरों में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा। </p>
<p><strong>यह लागत आएगी इस एक्सप्रेस-वे की</strong><br />उल्लेखनीय है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की आधारशिला 9 मार्च 2019 को रखी गई थी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 246 किलोमीटर लंबे दिल्ली-दौसा-लालसोट खंड को 12,150 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। इस खंड के चालू होने से दिल्ली से जयपुर की यात्रा का समय 5 घंटे से घटकर लगभग 3.5 घंटे हो जाएगा। इसके अलावा सरकार ने पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को एक बड़ा बढ़ावा मिलने का भी दावा किया है। पूरी परियोजना की बात करें तो 1,386 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे को 98,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। </p>
<p><strong>ये खासियत है एक्सप्रेस-वे की </strong><br />दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा। यह राष्ट्रीय राजधानी, दिल्ली और मुंबई के बीच संपर्क को बढ़ाएगा। एक्सप्रेस-वे 93 पीएम गति शक्ति टर्मिनल, 13 बंदरगाहों, आठ प्रमुख हवाई अड्डों और आठ मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) के साथ-साथ जेवर हवाई अड्डे, नवी मुंबई हवाई अड्डे और जवाहर लाल नेहरू बंदरगाह जैसे नए आने वाले ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों को भी जोड़ेगा।</p>
<p><strong>एनएचएआई नहीं कर पाया है टोल की पूरी तैयारी</strong><br />राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) टोल वसूली की तैयारी पूरी नहीं कर पाया है, इसीलिए रविवार को उद्घाटन के बाद भी वाहन चालकों को सफर के लिए 15 फरवरी तक इंतजार करना पड़ेगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के बड़े पैमाने पर टेंट लगाए गए हैं। उन्हे उतारने के लिए समय चाहिए, इसलिए लोकार्पण के बाद 15 फरवरी के बाद से ही सफर शुरू किया जाएगा।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />फिलहाल इस एक्सपे्रस-वे को दौसा से दिल् ली के लिए शुरू किया गया है। कोटा जिले में पोर्शन का काम अभी पूरा नहीं हुआ हैं। कोटा से जयपुर और दिल्ली के लिए इस मार्ग पर यात्रा कब से शुरू की जा सकेगी मैं तारीख तो नहीं बता सकता लेकिन कम से कम 6 महीने तो लगेंगे ही।   <br /><strong>-जे.पी. गुप्ता, परियोजना निदेशक, राष्टÑीय राजमार्ग प्राधिकरण, कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Feb 2023 14:28:56 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे का नाम महाराणा प्रताप के नाम पर रखने की मांग </title>
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                        <![CDATA[प्रदेश के समस्त सांसदों को पत्र प्रेषित कर प्रधानमंत्री से आग्रह हेतु  लिखा जायेगा।  उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री  जन भावनाओं का सम्मान करते हुए राजस्थान के हिस्से वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का नाम महाराणा प्रताप के नाम पर अवश्य रखेंगे । ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/demand-to-name-delhi-mumbai-expressway-after-maharana-pratap/article-36771"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/site-photo-size-(5)3.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। महाराणा प्रताप जन्मोत्सव आयोजन समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र प्रेषित कर एवं जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन देकर आग्रह किया है कि दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के दौरान बनने वाले राजस्थान के हिस्से वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का नाम वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के नाम पर रखा जाए।  समिति संयोजक गिर्राज गौतम ने बताया कि 12 फरवरी को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान के दौसा आ रहे हैं । जिसके अंतर्गत वह इस राष्ट्रीय राजमार्ग के बड़े हिस्से को देश को समर्पित करेंगे । इस दौरान राजस्थान वासियों में खुशी एवं उत्साह की लहर है । इस राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने से विकास के कई द्वार खुलेंगे । साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री  से आग्रह किया है  वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप ने केवल राजस्थान बल्कि प्रत्येक राष्ट्रवासी की आस्था एवं सम्मान के केंद्र हैं । उनसे हर पीढ़ी प्रेरणा लेती है । ऐसे में इस एक्सप्रेस वे का बड़ा हिस्सा राजस्थान से होकर गुजरेगा इसलिए इस राष्ट्रीय राजमार्ग का नाम वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के नाम पर किया जाए  जिससे इससे गुजरने वाले लोगों को गौरव की अनुभूति हो।  </p>
<p>संरक्षक मंडल सदस्य पूर्व प्रदेश मंत्री हिरेंद्र शर्मा व पूर्व न्यास अध्यक्ष राम कुमार मेहता ने बताया कि राजस्थान में मेवाड़ के बाद कोटा में महाराणा प्रताप जन्मोत्सव बड़े उल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है । इसीलिए प्रदेश के समस्त सांसदों को पत्र प्रेषित कर प्रधानमंत्री से आग्रह हेतु  लिखा जायेगा।  उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री  जन भावनाओं का सम्मान करते हुए राजस्थान के हिस्से वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का नाम महाराणा प्रताप के नाम पर अवश्य रखेंगे । पत्र की प्रतिलिपि सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी  को भी भेजी गई है । राजपूत प्रताप सेना के अध्यक्ष तेजवीर सिंह ने कहा कि इस बार महाराणा प्रताप जन्मोत्सव का आयोजन बहुत ही भव्य एवं विशाल होगा ।प्रतिनिधिमंडल में समिति सदस्य राकेश निर्मल सेन,किशोर सिंह राठौड़, पवन आर्य, शुभम सैनी, देव गौतम, आदि उपस्थित रहे।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Feb 2023 16:31:26 +0530</pubDate>
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                <title>यमुना एक्सप्रेस वे पर भीषण सड़क हादसे में 7 लोगों की मौत</title>
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                        <![CDATA[यमुना एक्सप्रेस वे पर मथुरा के नजदीक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की मृत्यु हो गयी, जबकि एक बालक समेत तीन गंभीर रूप से घायल हो गये।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/7-peoples-killed-in-road-accident-on-yamuna-expressway/article-9286"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/accident1.jpg" alt=""></a><br /><p>आगरा। यमुना एक्सप्रेस वे पर मथुरा के नजदीक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की मृत्यु हो गयी, जबकि एक बालक समेत तीन गंभीर रूप से घायल हो गये। सभी हताहत हरदोई जिले के संडीला क्षेत्र में गांव बहादुरपुर के निवासी थे और अपने गांव से नोएडा लौट रहे थे। मृतकों में तीन महिलाएं, एक बालक और तीन पुरुष शामिल हैं। हादसे में घायल हुए एक बालक समेत दो लोगों की हालत गंभीर है। इन्हें मथुरा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।</p>
<p>पुलिस सूत्रों ने बताया कि हादसा सुबह करीब पांच बजे हुआ, जब मथुरा जिले के थाना नौहझील क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे के बाजना कट के समीप वैगन-आर कार अज्ञात वाहन में पीछे से घुस गई। कार में बहादुरपुर निवासी लल्लू गौतम, उनके बेटे राजेश, गोपाल गौतम, संजय, उसकी पत्नी निशा, लल्लू की पत्नी छुटकी, राजेश की पत्नी नन्दनी, संजय के पुत्र धीरज और संजय के दूसरे पुत्र कृष सवार थे। हादसे में कृष और गोपाल घायल हो गए। शेष की मौके पर ही मौत हो गई। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 May 2022 14:43:51 +0530</pubDate>
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                <title>मोदी ने यूपी में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का किया उद्घाटन</title>
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                        <![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछली सरकारों पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास की उपेक्षा का आरोप लगाया। करीब 22 हजार करोड़ की लागत से तैयार 341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुये मोदी ने कहा कि यह यूपी के विकास का एक्सप्रेस वे है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%B2-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%B5%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A4%A8/article-2440"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/whatsapp-image-2021-11-15-at-16.45.33-copy.jpeg" alt=""></a><br /><p>सुलतानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछली सरकारों पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास की उपेक्षा का आरोप लगाया। करीब 22 हजार करोड़ की लागत से तैयार 341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुये मोदी ने कहा कि यह यूपी के विकास का एक्सप्रेस वे है। यूपी के निर्माण का एक्सप्रेस वे है। यूपी की मजबूत होती अर्थ व्यवस्था का एक्सप्रेस वे है। उन्होंने कहा कि देश के संपूर्ण विकास के लिये क्षेत्रों का संतुलित विकास भी आवश्यक है। कुछ क्षेत्र आगे चले जाये और कुछ दशकों तक पीछे चले जाये। यह असमानता सही नहीं है। यूपी का सर्वांगीण विकास पर भी पिछली सरकारों ने ध्यान नहीं दिया।     </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश की भूमि और यहां के लोगों का परिश्रम एवं कौशल अभूतपूर्व है। मोदी ने कहा कि पहले यूपी में बिजली कटौती होती थी। यूपी में कानून व्यवस्था की क्या स्थिति थी। मेडिकल सुविधाओं की क्या स्थिति थी। यूपी में स्थिति ऐसी बना दी थी। नये मेडिकल कॉलेज बन रहे है। एक्सप्रेस वे बन रहे है। आधुनिक शिक्षा संस्थान बन रहे है।<br /> उन्होने कहा कि कुशीनगर में हाल ही में हवाई अड्डा का लोकार्पण किया। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे ने निर्माण के दौरान भी हजारों को रोजगार दिया और आगे भी लाखों नये रोजगार का माध्यम बनेगा। <br /> <br /> <br />  </p>]]>
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                <pubDate>Tue, 16 Nov 2021 14:57:58 +0530</pubDate>
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