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                <title>Vande Mataram Controversy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Vande Mataram Controversy RSS Feed</description>
                
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                <title>&quot;वंदे मातरम्&quot; को लेकर कांग्रेस पर Rajnath Singh का बड़ा निशाना, बोले- संविधान और देशभक्ति पर उठ रहे गंभीर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस द्वारा अपने कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' के केवल शुरुआती दो अंतरे गाने के निर्णय को असंवैधानिक और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत का अनादर करना देश की निष्ठा और देशभक्ति पर सवाल उठाता है, जो भविष्य के लिए गंभीर राजनीतिक संकट पैदा कर सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singhs-big-target-on-congress-regarding-vande-mataram-said/article-163524"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/rajnath-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के पूर्ण गायन के बजाय शुरूआत के दो अंतरे गाये जाने के निर्णय को असंवैधानिक, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय करार देते हुए कहा है कि यह राजनैतिक दृष्टि से भविष्य में गंभीर संकट को पैदा करने वाला है।रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट में इस निर्णय पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि संसद से पारित कोई भी कानून हर व्यक्ति के लिए बाध्यकारी होता है। यदि कोई कानून को नहीं मानता है तो संविधान के प्रति उनकी निष्ठा संदेह के घेरे में आ जाती है और उनकी देशभक्ति पर सवालिया निशान है।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा, "कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम् का सम्मान करने से औपचारिक रूप से न केवल इंकार करना, बल्कि सीधे-सीधे विरोध करना, अत्यंत दुर्भाग्य जनक और संवैधानिक दृष्टि से बहुत गंभीर विषय है। भारत के संविधान के अनुसार, संसद देश की सर्वोच्च संस्था है और संसद से पारित कोई भी क़ानून हर व्यक्ति के लिये बाध्यकारी है। यदि कोई इसे मानने से मना करता है तो निश्चित रूप से संविधान के प्रति उनकी निष्ठा संदेह के घेरे में आ जाती है और यदि राष्ट्र गीत का सम्मान करने से कोई मना करता है, तो उसकी देशभक्ति पर भी सवालिया निशान लग जाता है।"</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस 1937 के जिस प्रस्ताव की बात करती है, वह कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की कट्टरपंथी मांगों के आगे नतमस्तक होकर पारित किया था और उसका ख़ामियाज़ा भविष्य में देश को विभाजन के रूप में देखना पड़ा। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी तत्वों के आगे समझौता करना, हमेशा देश के लिए घातक साबित हुआ है और आज कांग्रेस जब कट्टरपंथी तत्वों के आगे उसी प्रकार समर्पण कर रही है, तो यह देश के भविष्य के लिए गंभीर खतरे के संकेत हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि कांग्रेस का यह निर्णय सवर्था असंवैधानिक और निंदनीय है साथ ही राजनैतिक दृष्टि से भविष्य में एक गंभीर संकट को पैदा करने वाला है। वंदे मातरम का विरोध करके कांग्रेस ने अपने नासमझी भरे खतरनाक इरादों को देश के सामने बता दिया है।" उल्लेखनीय है कि कांग्रेस कार्यसमिति की हाल ही में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि कांग्रेस अपने कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का पूर्ण गायन नहीं करेगी और पहले की तरह केवल शुरूआत के दो अंतरे ही गाये जायेंगे। सरकार ने मानसून सत्र में विधेयक पारित कर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को राष्ट्र गान के समान दर्जा देते हुए इसका अपमान करने वाले के लिए सजा तथा दंड का प्रावधान किया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 15:44:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>वंदे मातरम पर राजनीति करने की बजाय जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना जरुरी: मायावती</title>
                                    <description><![CDATA[बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने 'वंदे मातरम' के गायन पर हो रही राजनीति को अनुचित ठहराया है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से राजनीतिक स्वार्थ छोड़कर देश और जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों जैसे- बेरोजगारी, युवाओं, स्कूली बच्चों और बाढ़ की समस्या पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/instead-of-doing-politics-on-vande-mataram-it-is-important/article-163484"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/mayawati03.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने देश में ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर शुक्रवार को कहा कि इस मुद्दे को लेकर इस समय राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ सभी राजनीतिक दलों से जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की। मायावती ने एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि देश में ‘वंदे मातरम’ का पूरा गाना गाया जाना है अथवा उसके शुरुआती दो छंद गाए जाने हैं, इसको लेकर जिस तरह की राजनीति हो रही है, वह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का स्पष्ट मत है कि वंदे मातरम के गायन को लेकर संसद में जो कानून पारित किया गया है, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है।</p>
<p>बसपा प्रमुख ने कहा कि केंद्र और राज्यों में सत्ता परिवर्तन के दौरान राजनीतिक दल अपने राजनीतिक स्वार्थ और फायदे के लिए अथवा अपनी कमियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए पहले से बने कानूनों में बदलाव करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति के बजाय जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश और जनहित से जुड़े कई गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर केंद्र तथा सभी राज्य सरकारों के साथ राजनीतिक दलों को भी समुचित ध्यान देना चाहिए। मायावती ने विशेष रूप से बेरोजगार युवाओं, ‘जेन-जी’ और स्कूली बच्चों के मुद्दों का उल्लेख किया।<br />बसपा अध्यक्ष ने देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ से हो रही जान-माल की हानि समेत अन्य महत्वपूर्ण समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में इन मुद्दों पर ध्यान देना ही देश और जनहित में सबसे जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 13:22:48 +0530</pubDate>
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                <title>&quot;वंदे मातरम् विवाद&quot; में सोनिया गांधी घिरीं: कर्नाटक भाजपा नेताओं ने उरवा थाने में दर्ज कराई शिकायत, कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के गायन के समय सोनिया गांधी पर अपमानजनक आचरण का आरोप लगाते हुए कर्नाटक भाजपा ने मंगलुरु के उरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोनिया गांधी केवल मल्लिकार्जुन खरगे के बैठने की व्यवस्था पर बात कर रही थीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sonia-gandhi-surrounded-by-vande-mataram-controversy-karnataka-bjp-leaders/article-163069"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/sonia-gandhi.png" alt=""></a><br /><p>मंगलुरु। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी पर राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ उरवा थाना में शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के एक वीडियो के वायरल होने के बाद दर्ज कराई गई, जिसमें सोनिया गांधी को वंदे मातरम के पूरे गायन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर इशारा करते और उनसे बात करते हुए देखा गया था। भाजपा नेताओं ने इन इशारों को गायन पर आपत्ति जताने या उसमें बाधा डालने की कोशिश के तौर पर देखा और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिससे यह घटना भाजपा और कांग्रेस के बीच एक नया राजनीतिक विवाद बन गई।</p>
<p>भाजपा ने राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया है कि सार्वजनिक और आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का भी उतना ही सम्मान किया जाना चाहिए जितना राष्ट्रगान का। यह विवाद तब और बढ़ गया जब भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व पर वंदे मातरम के पूरे संस्करण से लंबे समय से समस्या होने का आरोप लगाया। पार्टी ने इस ताजा घटना को कांग्रेस के उस ऐतिहासिक फैसले से जोड़ा है जिसमें राष्ट्रीय समारोहों में गीत के केवल पहले दो छंदों को ही गाने तक सीमित कर दिया गया था।</p>
<p>कांग्रेस ने ताजा वीडियो के बारे में भाजपा के नजरिए को खारिज कर दिया है। पार्टी के अनुसार सोनिया गांधी वंदे मातरम् पर आपत्ति नहीं जता रही थीं बल्कि कार्यक्रम के दौरान खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने के बारे में उनसे बात कर रही थीं। इस विवाद पर व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है, जिसमें भाजपा नेताओं ने सोनिया गांधी से माफी की मांग करते हुए जोर दिया है कि वंदे मातरम् की पवित्रता और ऐतिहासिक महत्व को कम नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों में गीत के शुरुआती दो पद गाने का फैसला अकेले जवाहरलाल नेहरू का नहीं था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला आजादी की लड़ाई के कई बड़े नेताओं की सामूहिक सहमति से लिया गया था। इसलिए ताजा शिकायत सिर्फ कैमरे में कैद हुए एक पल तक ही सीमित नहीं है। इसने 'वंदे मातरम्' के इतिहास, उसे गाने के तरीके और उसके राजनीतिक अर्थ को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच पुरानी लड़ाई को फिर से छेड़ दिया है। एक बार फिर यह राष्ट्रीय गीत राष्ट्रवाद, धर्मनिरपेक्षता और आजादी की लड़ाई की विरासत को लेकर टकराव का मुद्दा बन गया है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 18:40:32 +0530</pubDate>
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