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                <title>letter-writing competition - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>डिजिटल दौर में लौटेगी चिट्ठी की खुशबू</title>
                                    <description><![CDATA[डाक विभाग कर रहा प्रकृति संरक्षण की पहल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-charm-of-letter-writing-returns-in-the-digital-age/article-163135"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(2)48.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डिजिटल दौर में सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप ने भले ही चिट्ठी लिखने की परंपरा को पीछे छोड़ दिया हो, लेकिन भारतीय डाक विभाग अब इसी पुरानी परंपरा को नए संदेश और नए उद्देश्य के साथ जीवंत करने जा रहा है। प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को लेकर डाक विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस बार प्रतियोगिता का विषय एक चिट्ठी धरती मां के नाम : प्रकृति की रक्षा, मेरा वादा रखा गया है। प्रतियोगिता में विद्यार्थी, युवा और आम नागरिक अपनी भावनाओं को कागज पर उतारकर धरती मां के प्रति अपना संकल्प व्यक्त कर सकेंगे। डाक विभाग की यह प्रतिष्ठित पत्र लेखन प्रतियोगिता 31 अक्टूबर तक चलेगी। प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल पत्र लेखन की कला को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर समाज के हर वर्ग में संवेदनशीलता और जागरूकता पैदा करना भी है।</p>
<p><strong>दो आयु वर्गों में होगी प्रतियोगिता</strong><br />प्रतियोगिता को दो प्रमुख आयु वर्गों में बांटा गया है। 18 वर्ष तक और 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागी इसमें हिस्सा ले सकेंगे। दोनों वर्गों में प्रतिभागियों को अंतरदेशीय पत्र अथवा लिफाफा श्रेणी में अपनी बात लिखनी होगी। प्रतियोगिता में केवल हस्तलिखित पत्र ही स्वीकार किए जाएंगे। टाइप किए गए, कंप्यूटर से प्रिंट निकाले गए अथवा फोटोकॉपी किए हुए पत्र मान्य नहीं होंगे। अंतरदेशीय पत्र श्रेणी में अधिकतम 500 शब्द, जबकि लिफाफा श्रेणी में अधिकतम 1000 शब्द लिखने की सीमा निर्धारित की गई है। प्रतिभागी हिंदी, अंग्रेजी अथवा अपनी स्थानीय/क्षेत्रीय भाषा में पत्र लिख सकेंगे।</p>
<p><strong>धरती मां के नाम होगा भावनाओं का इजहार</strong><br />प्रतिभागियों को पत्र के माध्यम से प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपने विचार साझा करने होंगे। इसमें पेड़-पौधों की रक्षा, जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, प्लास्टिक के कम उपयोग, जैव विविधता संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित धरती जैसे विषयों को प्रमुखता दी जा सकती है। खास बात यह होगी कि प्रतिभागी केवल पर्यावरण की समस्या नहीं बताएंगे, बल्कि ह्यप्रकृति की रक्षा के लिए मैं क्या करूंगाह्ण के रूप में अपना व्यक्तिगत संकल्प भी चिट्ठी में लिख सकेंगे। युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए डाक विभाग की ओर से स्कूलों और महाविद्यालयों का दौरा किया जाएगा। यहां पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यशालाएं, सेमिनार और प्रेजेंटेशन आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विशेष ह्यढाई आखर लेटर बॉक्सह्ण भी लगाए जाएंगे, ताकि विद्यार्थी और अन्य प्रतिभागी आसानी से अपनी प्रविष्टियां जमा कर सकें।</p>
<p><strong>सर्वश्रेष्ठ पत्रों पर पुरस्कारों की बरसात</strong><br />सर्कल स्तर पर चयनित प्रतिभागियों के लिए भी आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं। प्रत्येक श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 25 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 10 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 5 हजार रुपए दिया जाएगा। ऐसे में प्रतियोगिता युवाओं के लिए अपनी लेखन प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाने का भी बड़ा अवसर बनेगी। स्कूल स्तर पर भाषा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और वरिष्ठ पत्रकारों की एक मूल्यांकन समिति बनाई जाएगी। समिति चयनित प्रविष्टियों में से प्रत्येक श्रेणी के तीन सर्वश्रेष्ठ पत्रों, यानी कुल 12 पत्रों को सर्कल स्तर पर भेजेगी। डाक विभाग का मानना है कि चिट्ठी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भावनाओं, विचारों और संकल्पों को स्थायी रूप से अभिव्यक्त करने का माध्यम भी है।</p>
<p>डिजिटल युग में चिट्ठी लिखना अपने आप में अलग अनुभव होगा। धरती मां के नाम पत्र लिखकर पर्यावरण के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करने का मौका मिल रहा है। प्रकृति संरक्षण आज सबसे जरूरी विषयों में से एक है। प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को पर्यावरण के लिए कुछ करने का संकल्प लेने की प्रेरणा मिलेगी।<br /><strong>-विकास कुमार, युवा</strong></p>
<p>डाक विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस बार प्रतियोगिता का विषय एक चिट्ठी धरती मां के नाम : प्रकृति की रक्षा, मेरा वादा रखा गया है। प्रतियोगिता में विद्यार्थी, युवा और आम नागरिक अपनी भावनाओं को कागज पर उतारकर धरती मां के प्रति अपना संकल्प व्यक्त कर सकेंगे।<br /><strong>- ओमप्रकाश सेन, जनसम्पर्क निरीक्षक, डाक विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 15:41:23 +0530</pubDate>
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