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                <title>पापड़ी माइनर में भरी मिट्टी से अटका जल प्रवाह टेल क्षेत्र के किसानों में बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[नहरों में जल प्रवाह शुरू,  खेतों तक पानी ले जाने वाली नालियों का निर्माण अधूरा ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/flow-obstructed-by-mud-in-the-papadi-minor--raising-concerns-among-tail-end-farmers/article-133668"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/777.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। क्षेत्र में चंबल नहरों का जल प्रवाह शुरू कर दिया गया है, लेकिन प्रशासन ने नहरी तंत्र की मरम्मत और सफाई की स्थिति की अनदेखी करते हुए जल्दबाजी में जल प्रवाह आरंभ कर दिया। पाटन ब्रांच की पापड़ी माइनर में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है, जहां वर्षों से जमी मिट्टी और अवैध रास्ते के कारण पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। जानकारी के अनुसार पापड़ी रेल्वे फाटक के समीप मेगा हाइवे किनारे स्थित इस माइनर में किसानों द्वारा खेतों में हंकाई और जुताई के लिए ट्रैक्टर ले जाने से बीचों-बीच रास्ता बन गया। लगातार आवाजाही से माइनर में मिट्टी भर गई और जल मार्ग अवरुद्ध हो गया। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों ने बिना आवश्यक मरम्मत कराए ही जल प्रवाह शुरू कर दिया, जिससे पानी शुरूआती हिस्से में ही रुक गया।</p>
<p>किसान रामावतार मीणा ने बताया कि जल प्रवाह शुरू होने से पहले कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया था। अधिकारी मौके पर पहुंचे भी, लेकिन नहर की सफाई और मरम्मत का कार्य नहीं करवाया गया। किसानों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचना मुश्किल हो जाएगा और आगामी रबी फसल के लिए सिंचाई संकट गहरा सकता है। किसानों ने मांग की है कि पापड़ी माइनर की तुरंत सफाई कर जल प्रवाह को सुचारु बनाया जाए, ताकि खेतों तक पानी का बराबर वितरण सुनिश्चित हो सके।</p>
<p>किसानों ने नहर की स्थिति से अवगत करवाया है विभाग के उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत करवा कर तत्काल मरम्मत के लिये कहा है<br /><strong> -के सी वर्मा जिला परिषद सदस्य</strong></p>
<p><strong>जाड़ला माइनर के धोरों पर नालियां नहीं, सरसों-गेहूं के पलेवे पर संकट</strong><br />पाटन ब्रांच की जाड़ला माइनर में चंबल नहर प्रणाली का जल प्रवाह शुरू हो गया है, लेकिन नहर पक्की होने के बावजूद धोरों पर नालियां नहीं रखने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। वर्षों पुरानी मांग के बाद माइनर का पक्का निर्माण तो पूरा कर दिया गया, किन्तु खेतों तक पानी ले जाने वाली नालियों का निर्माण अधूरा ही छोड़ दिया गया। ऐसे में सरसों और गेहूं के पलेवे का समय करीब आते ही किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। जिला परिषद सदस्य के.सी. वर्मा, माइनर अध्यक्ष कमला शंकर मीणा, किसान रामावतार मीणा, टिन्नू मीणा और कमलेश मीणा सहित अन्य किसानों ने बताया कि धान की फसल के दौरान भी नालियां नहीं होने से उन्हें डीजल पम्पों से पलेवा करना पड़ा था, जिससे हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ा। अब एक बार फिर उसी स्थिति की पुनरावृत्ति हो रही है।</p>
<p>किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। ठेकेदार की मनमर्जी और कार्य में लापरवाही के कारण नालियों का निर्माण आज भी अधूरा पड़ा है, जिससे आगामी फसल सीजन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।</p>
<p><strong>किसान का पक्ष</strong><br /> नालियां नहीं होने से खेतों तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। नहर निर्माण के साथ ही नालियां रखनी चाहिए थीं, लेकिन लगातार अवगत कराने के बावजूद अब तक कार्य नहीं हुआ है, जबकि फसलों में पलेवे का समय आ चुका है।<br /><strong> - रामावतार मीणा, किसान। </strong></p>
<p><strong>अधिकारी का पक्ष</strong><br /> टेल क्षेत्र में नहर का पक्का कार्य पूरा कर दिया गया है। नालियां रखने में ठेकेदार द्वारा देरी की गई है। उसे तीन दिन में आवश्यक स्थानों पर नालियां रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कार्य समय पर नहीं हुआ तो ठेकेदार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- विष्णु सैनी, कनिष्ठ अभियंता, सीएडी विभाग।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Nov 2025 15:24:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>खेत बने तालाब...फसलें तबाह, काश्तकारों के अरमानों पर फिरा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[मवेशियों के लिए चारा तक नहीं बचा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/fields-turned-into-ponds---crops-destroyed--farmers--hopes-shattered/article-89782"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/1rtrer-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>सांवतगढ़। सांवतगढ़ सहित आसपास के क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से सैकड़ों बीघा खेतों में पानी भर गया है। इस वजह से फसलें तबाह हो गई है। ऐसे में किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। लंबे समय जिसे फसल को तैयार किया और उसक कटने का मौका आया तो पानी भरने से गल गई। ऐसे में अन्नदाताओं की सारी मेहनत पर पानी फिर गया और लाखों रुपए खर्च करने और दिन रात जागकर फसल की रखवाली की लेकिन  उनको मुनाफे के नाम पर एक ढेला तक नहीं मिल पाया। किसानों का आरोप है कि अभी तक प्रशासन द्वारा कोई सर्वे नहीं करवाया गया है। किसानों का कहना है कि बाजार से महंगे उर्वरक खरीदकर के हमने उड़द, मक्का, सोयाबीन, धान की फसलों की बुवाई की थी लेकिन लगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गया है और फसलें लगातार नष्ट हो रही है। जिससे हमें आर्थिक नुकसान हो रहा है। अभी तक फसल खराबे को लेकर कोई सर्वे नहीं करवाया गया है। इसको लेकर भी हम असमंजस में हैं। सरकार और प्रशासन से अनुरोध है कि जल्द ही सर्वे करवाकर हमको फसल खराबे का उचित मुआवजा दे।</p>
<p><strong>खाळ पर बनी दोनों पुलिया के उपर 2 फिट पानी, आवागमन बाधित</strong><br />सांवतगढ़ के नैनवां रोड पर बनी खाळ की पुलिया पर 2 फीट तक पानी की चादर चलने आवागमन बाधित हो गया और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बूंदी से जयपुर जाने वाली रोडवेज बस को सांवतगढ़ से ही वापस बूंदी डिपो के लिए लौटना पड़ा। साथ ही निजी बसें भी इस रूट पर नहीं आई। ग्रामीणों का कहना है कि इस पुलिया की ऊंचाई कम होने के कारण बरसात के दिनों में बार-बार आवागमन बाधित हो जाता है। इधर, सोरण रोड पर खाळ पर बनी पुलिया के ऊपर भी पानी का तेज बहाव रहा जिससे गली मोहल्लों और खेतों में पानी घुस गया।</p>
<p><strong>क्षेत्रवासियों की पीड़ा</strong><br />करीब 6 बीघा मक्का सोयाबीन की फसल की बुवाई की थी लगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी भर जाने से फसल चौपट हो गई है। प्रशासन से विनम्र अनुरोध है कि सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिलवायें।<br /><strong>- किसान राकेश किराड,सांवतगढ़।</strong></p>
<p>चार बीघा मक्का की फसल में लगातार हो रही बारिश से फसल जल मग्न हो गई है। महंगे उर्वरक लाकर बुवाई की थी लेकिन अब 1 रुपए की भी आमदनी के आसार नहीं है।<br /><strong>- किसान सोजीलाल प्रजापत,सांवतगढ़।</strong></p>
<p>14 बीघा में उड़द की फसल की बुवाई की थी अब तक 12 बीघा उड़द की फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। और बची हुई फसल भी नष्ट होने के कगार पर हैं।<br /><strong>- किसान रामधन नागर,सांवतगढ़।</strong></p>
<p>खाळ का पानी खेतों में भर गया है जिससे 5 बीघा धान 3 बीघा उड़द और 2 बीघा मक्का की फसल नष्ट हो गई है। और साथ ही पशुओं के चारे में भी पानी भर गया है। अन्य जगह नहीं होने के कारण पशुओं को भी पानी में बांधने के लिए मजबूर हैं।<br /><strong>- किसान रामरतन नागर सांवतगढ़।</strong></p>
<p>लगातार बारिश और खाळ का पानी खेत में भर जाने से 5 बीघा मक्का और 1 बीघा उड़द की फसल पूरी तरह से गल गई है। जिससे आर्थिक नुकसान वहन करना पड़ रहा है। <br /><strong>- किसान पप्पू किराड सांवतगढ़।</strong></p>
<p>सार्वजनिक निर्माण विभाग की अनदेखी के चलते सांवतगढ़ से बांसी जाने वाले रास्ते पर छोटी पुलिया बना दी गई। जबकि ग्रामीणों ने यहां पिलर वाली बड़ी पुलिया बनाने की मांग की थी। लेकिन उस वक्त विभागीय अधिकारियों ने बात को अनसुना कर दिया। और नतीजा यह हुआ कि आज बरसात के दिनों में यह मार्ग बंद हो जाने से कई राहगीर परेशान होते हैं।<br /><strong>- रामप्रसाद राठौर,सांवतगढ़।</strong></p>
<p>सांवतगढ़ खाळ की पुलिया पर चादर चलने से बसों को अन्य रूट से ले जाना पड़ा जिससे डीजल का अधिक भार वहन करना पड़ा और यात्री भी परेशान रहे। <br /><strong>- शंकर गुर्जर,निजी बस संचालक।</strong></p>
<p>ग्राम सांवतगढ़ में बारिश से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है व जल मग्न हो गई है । सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा बांसी रोड़ पर पुलिया छोटी व कम ऊंचाई की बनाने के कारण खेतों में पानी भर गया। आवागमन के साधन बाधित हो गए जिससे किसानों व आमजन को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस बाबत क्षेत्रीय सांसद व उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। <br /><strong>- अर्चना कंवर, सदस्य पंचायत समिति हिंडोली।</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सभी पटवारी अपने-अपने क्षेत्र में गिरदावरी कर रहे हैं,जहां फसल खराब होगी उसको गिरदावरी में दर्शाया जाएगा। <br /><strong>- भूपेंद्र सिंह हाड़ा, नायब तहसीलदार, उप तहसील दबलाना</strong></p>
<p>पूरी तरह से सर्वे कर के ही सांवतगढ़ के खाळ की पुलिया बनाई गई है। अत्यधिक बारिश होने से यह हालात बन गए हैं। सभी बांधों के ओवरफ्लो के कारण करीब-करीब सब जगह ऐसे हालात बने हुए है। <br /><strong>- रामरतन नरानिया, एईएन, सार्वजनिक निर्माण विभाग नैनवां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 18:06:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>डेढ़ साल बाद वापसी पर बोले ऋषभ पंत - मैं हर समय मैदान में रहना चाहता हूं</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत ने कहा कि लंबे समय के बाद मैदान में आने पर मुझे हर किसी का समर्थन मिला और हर चीज पसंद आई। उन्होंने कहा कि मैं हर समय मैदान में रहना चाहूता हूं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/rishabh-pant-said-on-his-return-after-one-and-a/article-78075"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/rishabh-panth.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत ने कहा कि लंबे समय के बाद मैदान में आने पर मुझे हर किसी का समर्थन मिला और हर चीज पसंद आई। उन्होंने कहा कि मैं हर समय मैदान में रहना चाहूता हूं।</p>
<p>लखनऊ सुपर जायंट्स खिलाफ मिली जीत के बाद पंत ने कहा कि हर कोई जानता था कि मैं डेढ़ साल बाद खेल रहा हूं। मैदान के बाहर मुझे वापसी करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। मैदान पर आने के बाद मुझे हर चीज पसंद आई। मैं अब इससे बिल्कुल भी दूर नहीं रहना चाहता। मैं हर समय मैदान पर रहना चाहता हूं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए मैदान पर वापस आना शानदार अनुभव था। मुझे पूरे भारत में जिस तरह का समर्थन मिला वह अद्भुत था। मैं यह देख कर काफी खुश था। मैं जहां भी खेलने गया, मुझे हर व्यक्ति से समर्थन मिला।</p>
<p> उन्होंने इस सत्र में टीम में कई तरह की समस्याओं पर कहा कि हमने सत्र की शुरुआत बहुत उम्मीद के साथ की थी। हालांकि कुछ खिलाड़ियों के चोट, कई उतार-चढ़ाव और कुछ खिलाड़ियों का बिमार हो जाना हमें महंगा पड़ा। हालांकि एक फ्रेंचाइजी के रूप में आप हर समय शिक़ायत नहीं कर सकते। आपके हाथ में जो कुछ भी है, उसका आपको सबसे अच्छा उपयोग करना होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हम प्लेऑफ बहुत करीब थे। जैसा कि आप देख सकते हैं कि आखिरी मैच तक देख हम प्लेऑफ के लिए करीबी मुकाबले में हैं। आप जानते हैं कि कुछ चीजें हैं, जिन्हें आप नियंत्रित कर सकते हैं, और कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें आप नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। पिछला मैच में नहीं खेल सका। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि अगर मैं खेला होता तो हम निश्चित रूप से जीत जाते लेकिन मुझे लगता है कि हमारे पास क्वालिफाई करने का बेहतर अवसर होता।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मैंने मैदान पर लगातार अपना शत प्रतिशत देने का प्रयास किया। वह इस सत्र में 155.40 की स्ट्राइक रेट से 13 मैचों में 446 रन बनाते हुए वह दिल्ली कैपिटल्स के शीर्ष स्कोरर रहे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 May 2024 14:36:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेज बारिश से खेत लबालब</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों द्वारा की गई रबी की फसल बुवाई भी खेतों में पानी पानी हो गया। खेत ट्यूरिस्ट स्पॉट बन गये हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/field-inundated-by-heavy-rain/article-26025"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/17.jpg" alt=""></a><br /><p>मानपुर। उपखण्ड क्षेत्र में 24 घंटे में पानी पानी हो गया। भारी बारिश के चलते जिले में खेत तलाइयों में तब्दील हो गए, तो वही सड़कों और नाले-नालियां पानी के तेज बहाव के चलते उफान पर आ गए। किसानों द्वारा की गई रबी की फसल बुवाई भी खेतों में पानी पानी हो गया। खेत ट्यूरिस्ट स्पॉट बन गये हैं। जानकारी के अनुसार, इस प्रकार खेत लबालब 15 साल बाद हुए हैं। सिकराय क्षेत्र के लिखली गांव में भारी बारिश के चलते दो मकान जमींदोज हो गए। वहीं, मकान गिरने की आवाज आई तो पास के मकान में ही सो रहे करीब आधा दर्जन लोग भयभीत होकर बाहर आ गए। गनीमत रही हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। </p>
<p>वहीं, अधिक बारिश होने से इलाके में चारों तरफ पानी ही पानी हो गया। अभी भी आकाश में घने बादल छाए हुए हैं और मौसम विभाग की माने तो जिले में इससे भी अधिक बारिश होने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन भी आपदा की स्थिति को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है। जिला मुख्यालय पर तैनात सिविल डिफेंस की टीम को भी अलर्ट रखा गया है। जिले के भराव क्षेत्रों में अधिक बारिश के चलते कोई आपदा की स्थिति उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए कलेक्टर द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। देर रात्रि को कई घंटों तक मूसलाधार बारिश चलने से ग्रामीण इलाकों में छोटे तालाब मर गए तो ही बड़े बांधों में भी पानी की आवक शुरू हुई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Oct 2022 11:10:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>खेल मैदान पर अतिक्रमण की शिकायत के बावजूद समस्या जस को तस</title>
                                    <description><![CDATA[पंचायत प्रशासन द्वारा कई बार अवगत कराने के बाद भी पंचायत स्तर पर खेल मैदान की साफ सफाई नहीं करवाई जा रही है। खेल मैदान पर बच्चें स्वयं की साफ सफाई करते है, लेकिन जहरीले कीडों के काटने का भय बना रहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/despite-complaints-of-encroachment-on-the-playing-field-the-problem/article-20636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/611.jpg" alt=""></a><br /><p>टोडारायसिंह। उपखण्ड की ग्राम पंचायत थडोली के गांव प्रधान नगर के राउप्रावि के खेल मैदान पर अतिक्रमण व घांस फूंस के भेंट चढा हुआ है। उपखण्ड प्रशासन को कई बार अतिक्रमण हटाने के लिए ज्ञापन व शिकायत भी की गई, लेकिन जस का तस बना हुआ है। गत साल जरूर तहसील प्रशासन की ओर से टीम गठित कर खेल मैदान का सीमा ज्ञान करवाया गया था, लेकिन मैदान पर कच्चे व पक्के निर्माण होने से ध्वस्त नहीं किया गया। तब से लेकर आज तक प्रशासन स्तर पर अतिक्रमण हटाने व खेल मैदान की दशा सुधारने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई।</p>
<p>विद्यालय के एसएमसी अध्यक्ष बाबूलाल सैनी ने बताया कि गांव के बच्चों को खेल सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। ब चें खेलने के लिए कहां जाएं। प्रशासन को कह कह कर थक गए, जिला कलक्टर तक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन स्थानीय प्रशासन पर जूं नहीं रेंग रही है। खेलों के अभाव में ब चों का शारीिरक विकास नहीं हो पा रहा है। बच्चें गलियों व आमरास्तों में खेलते है तो लडाई झगडा की स्थिति बनती है। सरकार द्वारा आगामी 29 अगस्त से होने वाले राजीव गांधी ओलम्पिक खेल 2022 आयोजित किए जा रहे है, ऐसे मैदान के अभाव में खेलों के लिए ब चों को अभ्यास की जगह नहीं मिल पाने से कैसे प्रतिभाएं निखरकर सामने आ पाएंगी। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल मे खेल मैदान नहीं होने से कई बार बच्चों के भविष्य के साथ िखलवाड की से परेशान है। सीमाज्ञान के बाद भी खेल मैदान से अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है और नहीं चार दीवारी की जा रही है। पंचायत प्रशासन द्वारा कई बार अवगत कराने के बाद भी पंचायत स्तर पर खेल मैदान की साफ सफाई नहीं करवाई जा रही है। खेल मैदान पर बच्चें स्वयं की साफ सफाई करते है, लेकिन जहरीले कीडों के काटने का भय बना रहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/despite-complaints-of-encroachment-on-the-playing-field-the-problem/article-20636</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Aug 2022 12:42:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  वन भूमि पर अतिक्रमण कर बना लिए खेत</title>
                                    <description><![CDATA[ किशनगंज तहसील मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर क्षेत्रीय वन अधिकारी कार्यालय से महज 4 किमी दूर वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमियों ने दिनदहाड़े वन भूमि पर अतिक्रमण कर सैंकड़ों हरे पेड़ पौधों को तबाह कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/field-made-by-encroachment-on-forest-land/article-17392"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/van-bhoomi-par-atikraman-khet-banaye-kishenganj-news-baran-2.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>किशनगंज।   किशनगंज तहसील मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर क्षेत्रीय वन अधिकारी कार्यालय से महज 4 किमी दूर वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमियों ने दिनदहाड़े वन भूमि पर अतिक्रमण कर सैंकड़ों हरे पेड़ पौधों को तबाह कर दिया। एक ओर वन विभाग बरसात में प्लानटेशन तैयार कर वन भूमि पर अधिक से अधिक पौधरोपण करने का दावा करता है। दूसरी ओर वन कार्यालय से महज कुछ किलोमीटर दूर ही लोगों द्वारा वन भूमि पर अवैध रूप से वनभूमि को खेत में तब्दील  कर दिया जाता है। यह कार्य लंबे समय से किया जा रहा है। धीरे-धीरे अतिक्रमियों ने सैंकड़ो हरे पेड़ो की बली दे दी,लेकिन  विभाग द्वारा संबंधितों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं किए जाने से आश्चर्य व्यक्त किया जा सकता है। वन विभाग की इस तरह की लगातार अनदेखी के कारण वन रेंज क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण के मामले भी अब बढ़ने लगे है।  वर्तमान में यह भूमि पूरी तरह खेत में तब्दील हो गई है। कुछ माह पूर्व हरे-भरे पौधों से लहलहा रही यह भूमि अब पूरी तरह उजाड़ दिखाई दे रही है। वनों की सुरक्षा और उनका संवर्धन करने की जिम्मेदारी वन विभाग पर है, वनभूमि पर इस तरह का अतिक्रमण करना गैर कानूनी है। बावजूद इसके क्षेत्र के अतिक्रमियो के हौसले बढ़ने लगे है। नेशनल हाइवे के पास होने के बावजूद अब तक कोई वनाधिकारी घटनास्थल पर पहुंच नहीं पाया है। ऐसे  मामलो को गंभीरता से नही लेना विभागीय कार्यवाही पर प्रश्न खड़ा करता है।<br /><br /><strong>15-20 बीघा वन भूमि पर अतिक्रमण कर उजाड़ दिए पेड़</strong><br />वन क्षेत्र के हीरापुर गांव के पास दबंग अतिक्रमियों द्वारा अतिक्रमण कर 15-से 20 बीघा वन भूमि पर अतिक्रमण कर वन भूमि से सागवान ,चूल्हे,आदि के पेड़ काट कर खेत में तब्दील कर दिया गया लेकिन आंखे बंद कर बैठे वन विभाग के कर्मचारियों को अतिक्रमण दिखाई नही दे रहा। वन विभाग की सह से अतिक्रमियों द्वारा कई जगह अतिक्रमण कर हरे भरे पेड़ो को तबाह करने में लगे है। <br /><br /><strong> सूचना के बाद भी नहीं हो रही कार्यवाही</strong><br /> किशनगंज वन क्षेत्र की वन भूमि पर दबंग अतिक्रमियों द्वारा वन भूमि पर पेड़ों की लगातार हो रही कटाई को लेकर वनकर्मियों को अवगत कराने के बाद भी उक्त अतिक्रमियों के खिलाफ कार्यवाही नही की जा रही। जिससे अतिक्रमियों के हौसले बुलंद हो रहे है। जिससे वह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने के सारे दावे खोखले साबित हो रहे है। वन मंडल अधिकारी, क्षेत्रीय वन अधिकारी से इस संबंध में कई बार बात करनी चाही लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किए। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि वन विभाग कितनी गहरी नींद में सोया हुआ है। <br /><br />वन भूमि पर अतिक्रमियों द्वारा अतिक्रमण कर पेड़ काटने का मामला सामने आया है। मौसम साफ होने पर ट्रेंच खुदवाकर अतिक्रमियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।<br /><strong>-पवन सहरिया, फोरेस्टर, किशनगंज</strong><br /><br />सीआईजी का पुराना प्लांटेशन था। डीएफओ से बात करके हमने उसे एपीओ में  शामिल किया है, अप्रूवल मिलने पर प्लांटेशन तयार किया जाएगा एवं अतिक्रमणयो पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।<br /><strong>-भूपेंद्र सिंह हाडा, क्षेत्रीय वन अधिकारी, किशनगंज</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Aug 2022 15:31:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेत में चरने गई 15 बकरियों की मौत,ग्रामीणों में मंचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[धौलपुर। खेत में चरने गई 15 बकरियों की अचानक मौत होने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बकरियों को बचाने के लिए मौके पर पहुंचे 9 लोग भी अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल धौलपुर में भर्ती कराया गया है। बकरियों की मौत का कारण प्रथम दृष्टया जहरीला चारा खाना माना जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dholpur/death-of-15-goats-that-went-to-graze-in-the-field--stirred-up-the-villagers/article-13218"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/m-3.jpg" alt=""></a><br /><p>धौलपुर। खेत में चरने गई 15 बकरियों की अचानक मौत होने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बकरियों को बचाने के लिए मौके पर पहुंचे 9 लोग भी अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल धौलपुर में भर्ती कराया गया है। बकरियों की मौत का कारण प्रथम दृष्टया जहरीला चारा खाना माना जा रहा है। मनियां थाना इलाके के गांव खेरली में सोमवार को 60- 70 बकरियों का झुंड खेतों में चरने के लिए गया था। शाम के समय घर वापस लौटते समय बकरियों का झुंड गांव के सुरेश के खेत में चरने के लिए घुस गया।</p>
<p>जिससे कुछ देर बाद ही एक के बाद एक बकरी बेहोश होकर जमीन पर गिरने लगी, जिससे बकरी चरा रहे लोगों में हड़कंप मच गया। अचेत बकरियों सहित सभी बकरियों को जल्दी-जल्दी खेत से बाहर निकाला। तब तक 15 बकरियों की मौत हो गई। बकरियों को खेत से निकालने के दौरान 3 नाबालिग बच्ची, 2 महिला एवं 4 पुरुष अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। मनिया अस्पताल से सीएससी प्रभारी डॉ. संगीता गुप्ता के निर्देशन में चिकित्सा टीम एवं 108 एंबुलेंस गांव के लिए रवाना की गई। जिसने ग्रामीणों को मौके पर प्राथमिक उपचार देकर 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल धौलपुर भेजा, जहां सभी का उपचार चल रहा है।</p>
<p>घटना में कुल 15 बकरियों की मौत हुई है। जिनमें से शीला की 4, रामू की 1, लाखन की 2, कुंजावती की 2, रामवरन की 4 एवं मछला की 2 बकरियों की मौत हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि खेत मालिक सुरेश ने जानबूझकर बकरियों को मारने के लिए खेत में जहरीली दवा का छिड़काव किया था, जिससे बकरियों की मौत हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इसे लेकर कुछ दिन पूर्व खेत मालिक बकरियों को जहरीली दवा का छिड़काव कर मारने की धमकी भी दे चुका था। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ बकरियां की तबीयत बिगड़ गई। जिनका ग्रामीणों ने अपने स्तर पर गांव में ही उपचार कराया। मंगलवार सुबह पशु चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची, जो पोस्टमार्टम की कार्रवाई में जुटी रही। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही ये पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा कि बकरियों की मृत्यु का कारण क्या है।</p>
<p>ग्रामीणों ने बताया कि बकरियों को बचाने खेत में गए लोग भी जहरीली दवा के कारण अचेत हो गए। जिसमें से कुछ लोगों का तो गांव में ही प्राथमिक उपचार कर दिया गया तथा 9 लोगों को जिला अस्पताल धौलपुर में भर्ती कराया गया। ललिता पुत्री विजय सिंह जाटव, सीता देवी पत्नी मुनेंद्र जाटव, दीपक पुत्र सुखबीर जाटव, धर्मेंद्र पुत्र शंकर जाटव, खुशबू पुत्री बनवारी लाल जाटव, सुनीता पत्नी गौतम जाटव, मोहित पुत्र विजय सिंह जाटव, विनीता पुत्री बृज किशोर जाटव एवं द्वारिका पुत्र रामचरण जाटव की तबीयत बिगड़ी है। जिन्हें जिला अस्पताल धौलपुर में भर्ती कराया गया है। जहां इनका उपचार चल रहा है।प्रशासन की सूझ बुझ से टला बड़ा हादसा : गत रात्रि राजाखेड़ा के ग्राम खेरली में हुई घटना में अस्वस्थ हुए व्यक्तियों की कार्यवाहक जिला कलक्टर सुदर्शन सिंह तौमर ने पुन: जिला अस्पताल पहुंच कर कुशल क्षेम जानी। उन्होंने बताया कि सभी 8 व्यक्ति स्वस्थ हैं तथा जिला अस्पताल में बेहतर उपचार सुविधा मुहैया करवाई जा रही है।</p>
<p>उन्होंने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि 27 जून रात्रि को राजाखेड़ा के ग्राम खेरली में कुछ लोगों के अचानक अस्वस्थ होने की जानकारी मिली। इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.गोपाल प्रसाद गोयल तथा डिप्टी सीएमएचओ डॉ. चेतराम मीणा के माध्यम से चिकित्सा विभाग की टीम मय एम्बुलेंस मौके पर भिजवा कर अस्वस्थ व्यक्तियो का उपचार करवाया तथा गंभीर अस्वस्थ 8 व्यक्तियों को तत्काल जिला अस्पताल रैफर करवाया। स्वयं कार्यवाहक जिला कलक्टर ने देर रात जिला अस्पताल पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। तथा अस्वस्थ व्यक्तियो के समुचित उपचार हेतु अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मेडिकल टीम द्वारा ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अवगत करवाया गया कि गांव के किसी खेत में कीटनाशक दवा का छिड़काव किया किया गया था, जिससे उस खेत में चरने वाली बकरियां कुछ देर में वहीं पर मृत होने लगी। गांव कुछ लोग जब उन बकरियों को बचाने हेतु उन्हें गोद में उठाकर गांव की तरफ ने जाने  लगे। जिन व्यक्तियों ने बकरियों को उठाया था या जो व्यक्ति मृत बकरियों के निकट सम्पर्क  में आये थे अस्वस्थ होकर बेहोश होने लगे। मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने एम्बुलेंस से 8 अस्वस्थ व्यक्तियों को जिला अस्पताल रैफर किया। मेडिकल टीम रात्रि भर घटना स्थल पर मौजूद रही। जिला प्रशासन द्वारा रातभर तहसीलदार धौलपुर भगवत शरण त्यागी ने रातभर पटवारी के माध्यम से घटना पर नजर बनाए रखी। अवस्थ व्यक्तियों को जिला अस्पताल पहुचाने में मदद की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धौलपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jun 2022 15:41:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नए कप्तान और कोच संग  मैदान में उतरेंगी भारत व इंग्लैंड टीम</title>
                                    <description><![CDATA[ 2021 में शुरू हुई टेस्ट सीरीज 2022 में पूरी होगी और भारत व इंग्लैंड दोनों टीमों की कमान अब एक नए कप्तान और कोच के हाथों में होगी। भारत इस सीरीज में 2-1 से आगे है। मूल रूप से ओल्ड ट्रैफर्ड़ में होने वाला यह मैच अब एजबेस्टन में खेला जाएगा। भारत के प्रमुख कोच राहुल द्रविड़ इस सीरीज के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/india-and-england-team-will-enter-the-field-with-new-captain-and-coach/article-12665"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/dravid.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। 2021 में शुरू हुई टेस्ट सीरीज 2022 में पूरी होगी और भारत व इंग्लैंड दोनों टीमों की कमान अब एक नए कप्तान और कोच के हाथों में होगी। भारत इस सीरीज में 2-1 से आगे है। मूल रूप से ओल्ड ट्रैफर्ड़ में होने वाला यह मैच अब एजबेस्टन में खेला जाएगा। भारत के प्रमुख कोच राहुल द्रविड़ इस सीरीज के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने कहा, यह सिर्फ एकमात्र टेस्ट नहीं है बल्कि इस पर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के अंक भी दांव पर लगे हुए हैं। जिन्होंने पिछले साल यह सीरीज खेली थी और भारत को बढ़त दिलाई थी, वे इस सीरीज को जीतने के लिए पूरी जान लगा देंगे। इंग्लैंड इस समय काफ़ी अच्छा खेल रही है, इसका भी हमें ध्यान रखना होगा। उन्होंने आगे कहा, जब हम पिछले साल इंग्लैंड से भिड़े थे तो स्थितियां कुछ अलग थीं। वे न्यूजीलैंड से हार कर आ रहे थे। लेकिन इस बार वे न्यूजीलैंड को हराकर आ रहे हैं। हालांकि हमारी टीम भी काफ़ी मजबूत है, इसलिए मैं एक अच्छे मैच की उम्मीद कर रहा हूं। मुझे टेस्ट क्रिकेट देखना, खेलना और उसके लिए लड़कों को तैयार करना काफ़ी अच्छा लगता है, मैं इसके लिए तैयार हूं। भारत को गुरुवार से लेस्टरशायर के खिलाफ चार दिन का अभ्यास मैच खेलना है। पिछले साल शुरू हुई इस सीरीज में भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री, कप्तान विराट कोहली और उपकप्तान आजिंक्य रहाणे थे, वहीं अब कोच द्रविड़, कप्तान रोहित शर्मा और उपकप्तान केएल राहुल हैं। हालांकि अभी राहुल की फ़टिनेस पर संदेह बना हुआ है। वहीं इंग्लैंड ने भी अपना कप्तान और कोच बदल लिया है। जो रूट की जगह अब बेन स्टोक्स कप्तान हैं, जबकि ब्रेंडन मैकुलम की कोचिंग में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को बुरी तरह से हराया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 16:13:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एटीएजीएस गन का सफल परीक्षण, मारक क्षमता 48 किमी</title>
                                    <description><![CDATA[ ATAGS मैक इन इंडिया के तहत बनी हुई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaisalmer/jaislmer--gunji-atags-gun-at-field-firing-range/article-9132"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/yudh-abhyas.jpg" alt=""></a><br /><p>जैसलमेर/जोधपुर। जैसलमेर की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम एटीएजीएस का सफल परीक्षण किया गया। इसकी मारक क्षमता 48 किलोमीटर तक हैं, लेकिन इसका ट्रायल 52 किलोमीटर तक के लिए किया जा रहा है। इसे डीआरडीओ डिफेंस रिसर्च एंड डवलपमेंट आर्गनाइजेशन के स्वदेशी प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है। दो भारतीय कंपनियां इसका निर्माण कर रही हैं। इसको माइनस 3 डिग्री में भी परखा गया है। इस बार भीषण गर्मी में 45 डिग्री से ऊपर तापमान में डीआरडीओ के अधिकारियों ने इसे जांचा परखा। <br /><br /><strong>2016 में हुआ था पहला परीक्षण  </strong><br />एटीएजीएस का पहला परीक्षण वर्ष 2016 में हुआ था। 26 जनवरी 2017 को गणतंत्र दिवस परेड में भी प्रदर्शन किया गया था। इसका वजन 18 टन है। सबसे लंबी दूरी तक निशाना मारने में सक्षम यह तोप पूरी तरह से स्वदेशी है। इसके बैरल की लंबाई 8060 मिलीमीटर है। यह माइनस 3 डिग्री से लेकर 75 डिग्री तक एलिवेशन ले सकता है। भारत के पास अभी 7 एटीएजीएस गन हैं।<br /><br /><strong>फायरिंग रेंज बढ़ाने का प्रयास</strong><br />भारतीय सेना के पास 155 एमएम की फिलहाल 7 गन हैं। 40 तोपों का आॅर्डर किया हुआ है। इसके अलावा 150 तोपों की मैन्युफैक्चरिंग और की जाएगी। इसे चलाने के लिए 6 से 8 लोगों की जरूरत पड़ती है। 60 मिनट में 60 राउंड फायर करता है। इसकी फायरिंग रेंज 48 से बढ़ाकर 52 किलोमीटर तक करने का प्रयास किया जा रहा है।<br /><br /><strong>भारत में बनाया</strong> <br />एटीएजीएस को दो फर्मों भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड की ओर से बनाया गया है। गन भारत में पूरी तरह से डिजाइन की गई है। यह विश्व स्तरीय हथियार प्रणाली से लैस है। अब तक इसके 6 से 7 परीक्षण हो चुके हैं।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जैसलमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 18:18:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेल मैदान दुर्दशा के शिकार फिर कैसे निखरेगी प्रतिभाएं ?</title>
                                    <description><![CDATA[खेल मैदानों में किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके चलते यह खेल मैदान कागजी रिकॉर्ड में मात्र सिमट कर रह गए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-playing-field-plight-of--how-will-the-talents-shine/article-7008"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/untitled-1.jpg" alt=""></a><br /><p>राजपुर।  एक और तो सरकार ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं में निखार लाने के लिए तरह तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने और खेल मैदान आवंटित कर रखे हैं लेकिन खेल मैदान दुर्दशा के शिकार हो रहे हैं। खेल मैदानों में किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके चलते यह खेल मैदान कागजी रिकॉर्ड में मात्र सिमट कर रह गए हैं। वही जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव बनाकर भेज रखा है जैसे ही बजट आ जाएगा तो खेल मैदान में सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी लेकिन लंबे समय से यह खेल मैदान अपनी दुर्दशा के आंसू रो रहा है और ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं आगे बढ़ने के लिए तरस रही है। <br /><br />राजपुर गणेशपुरा ग्राम पंचायत के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए खेल मैदान की भूमि आवंटित कर संकेत बोर्ड तो लगा दिये है लेकिन खेल मैदान में सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं में निखार नहीं आ पा रहा है। खेल मैदान में कांटेदार झाड़ियां उगी हुई है। मैदान समतलीकरण नहीं है। बाउंड्रीवाल और पानी की व्यवस्था भी नहीं है।  ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों में रोष बना हुआ है। क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों ने खेल मैदान को दुरुस्त और सर्व सुविधा युक्त करने की मांग की है ताकि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं में निखार आए।<br /><br /><strong> उगी हुई है कांटेदार झाड़ियां, साफ सफाई का अभाव....</strong><br /> आदिवासी अंचल क्षेत्र के अधिकांश स्थानों पर खेल मैदान बने हुए हैं इन खेल मैदानों में किसी प्रकार की सुविधाएं नहीं है। सिर्फ संकेत बोर्ड लगे हुए हैं जो खेल मैदान होने की गवाही देते हैं बाकी कहीं खेल मैदानों पर अतिक्रमण कर कब्जा कर लिया गया है या फिर कांटेदार झाड़ियों और गंदगी अटी पड़ी है तो कई खेल मैदानों में मिट्टी की खदान बन चुकी है। ऐसे में गांव के ग्रामीण खिलाड़ियों को काफी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। खेल मैदान की जगह तो है लेकिन खेल मैदान में सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में खिलाड़ियों को इधर-उधर खेलना पड़ता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों से खेल प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं अगर खेल मैदानों की प्रशासन सुध ले तो ग्रामीण क्षेत्रों से खेल प्रतिभाएं आगे बढ़ सकती हैं।<br /><br />खेल मैदान में किसी प्रकार की सुविधाएं नहीं है। काटेदार झाड़ियां उगी भी हैं। बाउंड्रीवाल नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं में निराशा है जिम्मेदारो को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं में निखार आए।- नीलेश ओझा, खेल प्रेमी।     <br /><br />खेल मैदान बदहाली के आंसू रो रहे हैं। कागजी रिकॉर्ड में खेल मैदान दर्शा रखे हैं, लेकिन खेल मैदान की स्थिति बदहाल है। खेल मैदानों में सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहिए ताकि खिलाड़ियों को परेशानी ना हो।  - सागर सोनी, क्रिकेट खिलाड़ी।<br />     <br />अगर खेल मैदान सुविधा युक्त हो तो ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को भी प्रतिभा में निखार लाने के लिए परेशानी ना हो खेलने के लिए खिलाड़ियों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़े। खेल मैदानों पर ध्यान देना चाहिए। - शत्रुघ्न भार्गव, युवा खिलाड़ी।<br />     <br />खेल मैदानों की स्थिति को दुरुस्त करना चाहिए ताकि ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को खेलने में असुविधा ना हो और खेल प्रतिभाओं में निखार आए और युवा पीढ़ी स्वस्थ रहे। मैदानों की स्थिति को लेकर जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए। - विकास बंसल, अग्रवाल समाज अध्यक्ष, राजपुर।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 16:24:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छोटे भाई ने बड़े भाई को डूबते हुए देखा तो बचाने के लिए डिग्गी में लगा दी छलांग,  दोनों ही नहीं जानते थे तैरना, डूबने से मौत</title>
                                    <description><![CDATA[मृतक धर्मेंद्र (15) और देवीलाल मेघवाल (13) के शव  बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिवार वालों को सौंप दिए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bikaner/bikaner--in-bikaner-district-of-rajasthan--two-brothers-of-teenage-age-died-after-drowning-in-a-water-tank-built-in-a-field-in-village-mundsar-under-napasar-police-station-area/article-6881"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/diggi.jpg" alt=""></a><br /><p>बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर जिले में नापासर थाना क्षेत्र के गांव मूंडसर में एक खेत में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से किशोर उम्र के दो सगे भाइयों की मृत्यु हो गई। दुर्घटना की जांच कर रहे एएसआई भागीरथ ने बताया कि मृतक धर्मेंद्र (15) और देवीलाल मेघवाल (13) के शव सोमवार को बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिवार वालों को सौंप दिए गए। दोनों भाई रविवार शाम सात बजे मूंडसर के नजदीक अपने खेत में थे। खेत में पानी की विशाल डिग्गी बनी है, जिससे फव्वारा पद्धति से फसल सिंचाई की जाती है।</p>
<p>रविवार शाम डिग्गी में अंदर लगे बूस्टर में कोई खराबी आ गई। उसने पानी बाहर निकालना बंद कर दिया। इस पर बड़ा भाई डिग्गी में उतर कर बूस्टर को चेक कर रहा था तो संतुलन बिगड़ गया। वह डिग्गी में गिर गया। छोटे भाई ने उसे डूबते हुए देखा तो बचाने के लिए डिग्गी में छलांग लगा दी। दोनों ही भाई तैरना नहीं जानते थे और डूब गए।<br /><br />एएसआई के अनुसार जिस समय यह घटना हुई,उस समय उनके परिवार के 1-2 सदस्य खेत में दूसरी तरफ दूर काम कर रहे थे। आसपास के अन्य खेतों में भी लोग अपने काम में व्यस्त थे। उन्होंने कुछ क्षण बाद देखा कि दोनों किशोर दिखाई नहीं दे रहे तो डिग्गी पर आकर देखा। दोनों डिग्गी में तैरते दिखाई दिया तो आनन-फानन में उन्हें बाहर निकाला गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बीकानेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Mar 2022 14:17:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कड़ाके की सर्दी, मावठ से अच्छी फसल तैयार : खेत में लहलहाती फसल से किसान की जगी उम्मीदें</title>
                                    <description><![CDATA[ राज्य में इस बार कड़ाके की सर्दी और मावठ के चलते रबी की अच्छी फसल की संभावना है। हालांकि तापमान के चार डिग्री से कम रहने से सब्जी की फसल चौपट हो गई और कई जगह गेहूं-जौ की फसल को नुकसान हुआ, लेकिन अब रबी की चार फसलों-गेहूं, जौ, चना और सरसो का अच्छा उत्पादन होने की संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cold-winter--good-crop-ready-from-mawth--farmers--hopes-raised-by-the-crop-growing-in-the-field/article-5484"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/fasal.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य में इस बार कड़ाके की सर्दी और मावठ के चलते रबी की अच्छी फसल की संभावना है। हालांकि तापमान के चार डिग्री से कम रहने से सब्जी की फसल चौपट हो गई और कई जगह गेहूं-जौ की फसल को नुकसान हुआ, लेकिन अब रबी की चार फसलों-गेहूं, जौ, चना और सरसो का अच्छा उत्पादन होने की संभावना है। चारों फसलों का करीब 187 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की संभावना है, जो बाजार में करीब 6117 करोड़ रुपए की होगी। इस बार किसान ने गेहूं की तुलना में सरसो की अधिक बुवाई की है। आमतौर पर गेहूं की बुवाई 30-33 लाख हैक्टेयर में होती है, लेकिन इस बार 27 लाख हैक्टेयर में की गई है। जबकि सरसो की बुवाई 27 लाख हैक्टेयर की बजाय 35 लाख हैक्टेयर में हुई है।<br /><br />                                          <span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>राज्य में 6117 करोड़ रुपए से अधिक की रबी फसल होगी</strong> </span><br /><br /><strong>गेहूं</strong><br />गेहूं रबी की मुख्य फसल में शामिल है। प्रदेश में करीब 27 लाख हैक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई है, जिसमें 103 लाख मीट्रिक टन मोटे तौर पर उत्पादन की संभावना है। यदि उत्पाद को मोटे तौर पर किसान 19 रुपए किलो बाजार में बेचता है तो उसे करीब 1957 करोड़ रुपए की आमद होगी। <br /><br /><strong>चना</strong><br />इस बार प्रदेश में 18 लाख हैक्टेयर में चने की बुवाई हुई है। करीब 14.4 लाख मीट्रिक टन चना किसान को मिलेगा। यदि चने की बिक्री 55 रुपए किलो होती है तो किसान को उससे 720 करोड़ रुपए मिलेंगे। <br /><br /><strong>सरसों</strong><br />राज्य में सरसो की करीब 35 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई है,किसान को 59.5 लाख मीट्रिक टन सरसो किसान को मिलेगी। यदि सरसो 55 रुपए प्रति किलो बिकती है तो 3272.5 करोड़ रुपए की बिक्री होगी।<br /><br /><strong>जौ</strong><br />राज्य में इस बार जौ की बुवाई 3.5 लाख हैक्टेयर में हुई है। प्रदेश में करीब 11.2 लाख मीट्रिक टन जौ का उत्पादन होगा। बाजार में जौ का भाव 15 रुपए प्रति किलो रहता है तो किसान को 168 करोड़ रुपए की आमद होगी। <br /><br />तक रबी की प्रमुख चारों फसलों की अच्छी पैदावार की संभावना हैं। हमने जो आंकड़े जुटाए हैं,उसके अनुसार चारों फसलों से किसान को 5910 करोड़ रुपए मिलेंगे। -<strong>बाबूलाल गुप्ता, चेयरमैन, राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ, जयपुर </strong><br /><br />किसान पर इस बार प्रकृति की कृपा रही है। अभी तक सब्जियों को छोड़कर सभी फसले अच्छी हैं। किसान को अच्छा उत्पादन मिलेगा,जिससे उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। - <strong>बद्रीनारायण चौधरी, राष्ट्रीय महामंत्री, भारतीय किसान संघ, जयपुर</strong><br /><br /><strong>राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के अनुसार उत्पादन 5910 करोड़ का होगा</strong><br />    राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ का मानना है कि उत्पादन 1951 लाख मीट्रिक टन होगा, जिससे किसान को करीब 5910 करोड़ रुपए मिलेंगे। <br />    गेहूं का 105 लाख मीट्रिक टन उत्पादन। बिक्री 18 रुपए प्रति किलो, किसान को 1890 करोड़ रुपए।<br />    सरसो-60 लाख मीट्रिक टन, 50 रुपए प्रति किलो, तीन हजार करोड़ की आमद। <br />    चना-15 लाख मीट्रिक टन, 50 का भाव और 750 करोड़ रुपए की आमद।<br />    जौ-15 लाख टन का उत्पादन, 18 का भाव और 270 करोड़ रुपए की आमद।<br /><br />अभी तक की सूचनाओं के अनुसार फसल अच्छी है। - <strong>डॉ. रामगोपाल शर्मा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग, आदान</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Mar 2022 16:27:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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