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                <title>street lighting - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सड़क, सफाई और रोड लाइट बनी सबसे बड़ी समस्या, अतिक्रमण से संकरे हो रहे रास्ते</title>
                                    <description><![CDATA[पार्कों में सुविधाओं की कमी, तलवंडी में बढ़ता अतिक्रमण लोगों के लिए परेशानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads--sanitation--and-street-lighting-emerge-as-major-issues--encroachment-narrowing-pathways/article-163559"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)46.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के वार्ड नंबर 55, 56, 57, 58 और 59 की ग्राउंड रिपोर्ट में शहर की कई ऐसी समस्याएं सामने आईं, जिनसे स्थानीय लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं। पांचों वार्डों में लोगों ने सबसे ज्यादा परेशानी सड़क, सफाई और रोड लाइट को लेकर बताई। कई क्षेत्रों में रोड लाइटें लगी होने के बावजूद जलती नहीं हैं, तो कुछ जगहों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था ही नहीं है। शाम ढलने के बाद अंधेरा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे वाले क्षेत्रों में असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों का खतरा भी बना रहता है। महावीर नगर प्रथम क्षेत्र के पार्कों में लगी लाइटों की चोरी भी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि पार्कों में रोशनी की व्यवस्था होने के बावजूद लाइटें चोरी हो जाने से शाम के समय पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो जाती है। ऐसे में पार्कों की नियमित निगरानी और चोरी रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जरूरत है।</p>
<p><strong>तलवंडी में थड़ियों-गुमटियों से बढ़ता अतिक्रमण, रास्ते हो रहे संकरे</strong><br />तलवंडी क्षेत्र में अतिक्रमण की समस्या ने भी गंभीर रूप ले लिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार जगह-जगह थड़ियां और गुमटियां लगाकर सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा किया जा रहा है। सड़क किनारे और रास्तों पर बढ़ते अतिक्रमण से आवागमन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि धीरे-धीरे अतिक्रमण बढ़ने के कारण कई स्थानों पर रास्ते संकरे होते जा रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से अतिक्रमण की पहचान कर नियमित कार्रवाई करने और हटाए गए अतिक्रमण पर दोबारा कब्जा नहीं होने की व्यवस्था करने की मांग की है।</p>
<p><strong>पार्क हैं, लेकिन बच्चों के लिए झूले और सुविधाएं नदारद</strong><br />वार्डों में पार्कों की मौजूदगी के बावजूद कई जगह बच्चों के मनोरंजन के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पार्कों में बच्चों के लिए झूले लगाए जाने चाहिए, ताकि वे सुरक्षित माहौल में खेल सकें। कई पार्कों में बैठने, रोशनी और रखरखाव की भी जरूरत है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पार्कों को केवल विकसित करने तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उनकी नियमित देखरेख भी सुनिश्चित की जाए।</p>
<p><strong>वार्ड संख्या व क्षेत्र</strong><br />वार्ड संख्या 55 का क्षेत्र: सिटी पार्क, राजीव गांधी नगर, महावीर नगर प्रथम एवं पत्रकार कॉलोनी का क्षेत्र इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 56 का क्षेत्र: न्यू राजीव गांधी नगर, फ्रेंड्स बाजार, पीएमसी हॉस्पिटल, तलवंडी सेक्टर-1ए, आधा इंदिरा विहार एवं भाटिया बिल्डिंग का क्षेत्र इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 57 का क्षेत्र: संपूर्ण तलवंडी सेक्टर-4 एवं सेक्टर-5 तथा तलवंडी सेक्टर-ए और सेक्टर-बी का संपूर्ण भाग इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 58 का क्षेत्र: विज्ञान नगर आवासीय योजना के सेक्टर-2 एवं सेक्टर-3 की निर्धारित ब्लॉक संख्या, हरमीत मेडिकल, सुश्रुत मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, जायसवाल अस्पताल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विज्ञान नगर एवं झूलेलाल पार्क का क्षेत्र इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 59 का क्षेत्र: पीएचईडी कॉलोनी, पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, पी एंड टी कॉलोनी सहित विज्ञान नगर आवासीय योजना के सेक्टर-2 की निर्धारित ब्लॉक संख्या तथा सेक्टर-4 की ब्लॉक संख्या इस वार्ड में शामिल है।</p>
<p>वार्ड के विकास कार्यों को केवल कार्यकाल तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि आज भी क्षेत्र की समस्याओं पर लगातार नजर रखी जाती है। समय-समय पर वार्ड का दौरा कर व्यवस्थाओं की स्थिति देखी जाती है और जरूरत के अनुसार संबंधित विभाग से समाधान करवाने का प्रयास किया जाता है।<br /><strong>-विवेक मित्तल,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्डवासियों की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई। इंदिरा विहार क्षेत्र में लंबे समय से बनी हुई पानी की समस्या को दूर करवाया गया, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान करवाने का प्रयास किया जाता है। खराब लाइट की सूचना मिलते ही संबंधित कर्मचारियों से संपर्क कर उसे दुरुस्त करवाया जाता है, ताकि रात के समय लोगों को परेशानी न हो।<br /><strong>-योगेश अहलूवालिया ,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्डवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही। आवागमन सुगम हुआ और लंबे समय से खराब सड़कों की समस्या दूर हुई। उन्होंने बताया कि वार्ड की प्रत्येक गली में रोड लाइटें लगवाई गईं, ताकि रात के समय लोगों को पर्याप्त रोशनी मिल सके और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर हो।<br /><strong>-योगेंद्र कुमार शर्मा,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्ड क्षेत्र में अतिक्रमण का जाल लगातार फैलता जा रहा है। जगह-जगह लोगों ने सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर कब्जे कर रखे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इस समस्या को लेकर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती। अतिक्रमण के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है ।<br /><strong>-हितेश कुशाल सेन,वार्डवासी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 12:00:19 +0530</pubDate>
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                <title>कहीं सफाई-रोशनी बेहाल, कहीं चंबल के शहर में पानी का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[ जमीनी हकीकत में सामने आईं मूलभूत सुविधाओं की तस्वीरें ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sanitation-and-lighting-in-disarray-in-some-areas--a-wait-for-water-in-this-city-by-the-chambal/article-163409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(4)27.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नए वार्डों की हकीकत जानने के लिए की गई ग्राउंड रिपोर्टिंग में अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं। छह वार्डों में लोगों से बातचीत के दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें सफाई, सड़क और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी मिलीं। कई इलाकों में लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनाव के दौरान समस्याएं दूर करने के दावे तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वही समस्याएं जस की तस रह जाती हैं। वहीं कुछ वार्ड ऐसे भी मिले, जहां लोगों ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर संतोष जताया और जनप्रतिनिधि के उपलब्ध रहने को बड़ी उपलब्धि बताया। छह वार्डों की जमीनी तस्वीर बताती है कि एक ही शहर में सुविधाओं को लेकर अलग-अलग तस्वीरें मौजूद हैं।</p>
<p><strong>वार्ड 35 में सफाई और लाइट की समस्या से परेशान लोग</strong><br />वार्ड नंबर 35 में आने वाले इलाकों में लोगों ने सबसे ज्यादा परेशानी सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट को लेकर बताई। स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगह नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी की समस्या बनी रहती है। वहीं रात के समय कई स्थानों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि सफाई व्यवस्था नियमित की जाए और खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट को समय पर दुरुस्त किया जाए, ताकि रात में आवागमन करने वालों को परेशानी नहीं हो।</p>
<p><strong>चंबल किनारे बसे शहर में पानी को तरस रही पूनम कॉलोनी</strong><br />वार्ड नंबर 37 की पूनम कॉलोनी में ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान पानी की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई। कॉलोनीवासियों का कहना है कि जिस शहर में चंबल नदी बहती है, उसी शहर की एक कॉलोनी के लोगों को आज तक चंबल का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। लोगों के मुताबिक कॉलोनी में अब तक पाइपलाइन तक नहीं डाली गई है। वर्षों से समस्या झेल रहे परिवार अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहते हैं।</p>
<p><strong>मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित, पार्षद से सीधे संवाद से लोग संतुष्ट</strong><br />छह वार्डों की ग्राउंड रिपोर्ट में वार्ड नंबर 40 की तस्वीर बाकी वार्डों से अलग नजर आई। यहां वार्डवासियों ने क्षेत्र की स्थिति को संतोषजनक बताया। लोगों के अनुसार वार्ड में सामुदायिक भवन, पार्क, सड़क, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित हैं। स्थानीय लोगों ने सबसे सकारात्मक बात पार्षद की उपलब्धता को बताया। उनका कहना है कि जब भी पार्षद से मिलने का समय तय होता है, वे उस समय उपलब्ध रहते हैं और लोगों की समस्याएं सुनते हैं। वार्डवासियों के अनुसार समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि तक सीधी पहुंच होना भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व शामिल क्षेत्र</strong><br />-वार्ड नंबर 35| चित्रेश नगर, पार्वतीपुरम, महात्मा गांधी कॉलोनी, खारी बावड़ी, मण्दीपाड़ा, रेल विहार कॉलोनी, कृषि फार्म, सुमन नगर, श्रीजी विहार आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 36| रामदास नगर, लक्ष्मी नगर, गोपाल विहार, काला तालाब, रंग तालाब, चौथ माता मंदिर, बाबड़ी, लोको कॉलोनी, रजा नगर, श्रीराम विहार, कृष्ण विहार, पुरोहित नगर आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 37| पूनम कॉलोनी, छोटा सोगरिया, सोगरिया ग्राम पंचायत का भाग, गणपति नगर, दुर्गा नगर, प्रताप टाउनशिप आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 38| न्यू रेलवे कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, रेलवे अस्पताल, रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड, तुल्लापुरा, रेलवे कॉलोनी, पुरानी रेलवे कॉलोनी, वर्कशॉप, जेपी कॉलोनी, उड़िया बस्ती, हरिजन बस्ती, रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर 4 के सामने का समस्त क्षेत्र, शिवाजी कॉलोनी, पुरोहित जी की टापरी, सुंदर नगर आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 39| जनकपुरी, इंदिरा कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, रेलवे सोसाइटी, सेंट पॉल स्कूल, माला फाटक, कच्ची बस्ती क्षेत्र, राम मंदिर, गुरुद्वारा स्कूल, डाक बंगला स्कूल, राज केसर होटल क्षेत्र आदि।<br />-वार्ड नंबर 40| महाराजा भीम सिंह कॉलोनी, चंबल कॉलोनी, दरबार की कोठी, संपूर्ण आर्मी क्षेत्र, जैन मंदिर क्षेत्र, पोस्ट ऑफिस रोड, मयूर कॉलोनी, रबर फैक्ट्री रोड, मंगलायतन, सनफ्लावर रेस्टोरेंट, उम्मेद भवन आदि क्षेत्र।</p>
<p>पहली बार पार्षद बनने के बाद पहली प्राथमिकता वार्ड की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करना रही। उन्होंने खारी बावड़ी स्थित प्राथमिक विद्यालय का जीर्णोद्धार करवाया। इसके साथ ही वार्ड में रोड़ लाइटें लगवाईं, सीसी रोड का निर्माण करवाया और नालियों का निर्माण कराया। वार्ड में सामुदायिक भवन या पार्क के लिए पर्याप्त भूमि नहीं है, जिसके चलते इन सुविधाओं का विकास संभव नहीं हो पाया।<br /><strong>- रचना शर्मा, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड में सबसे बड़ी समस्या खराब सड़कों की थी। इसे दूर करने के लिए मेरे कार्यकाल में कई जगह सीसी रोड का निर्माण करवाया गया। श्मशान के पास और कब्रिस्तान के सामने बने कचरा पॉइंट को हटाना भी बड़ी चुनौती थी, जिसे मेनें हटवाया। वार्ड में रोड लाइट की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई थी, जिसे दूर करते हुए नई रोड लाइटें लगवाई गई। वार्ड में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लगातार प्रयास किए गए।<br /><strong>- हुकुमचंद, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>कांग्रेस शासन के दौरान वार्डवासियों की मूलभूत सुविधाओं का लगातार ध्यान रखा गया, लेकिन सरकार बदलने के बाद वार्ड में समस्याएं बढ़ने लगीं। अब वार्डवासियों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसी फार्म पर हस्ताक्षर करवाने जैसे सामान्य कार्य के लिए भी लोगों को नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके बावजूद वहां भी उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।<br /><strong>- साजिश खान, निवर्तमान पार्षद</strong></p>
<p>शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में पहचान दिलाने की बात की जाती है, लेकिन हमारे वार्ड में स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाएं नजर नहीं आतीं। वार्ड में ऐसा कोई पार्क नहीं है, जहां बच्चे खेल सकें और झूला झूल सकें या लोग सुबह-शाम सुकून से टहल सकें। इसी तरह सामुदायिक भवन का भी अभाव है। कई परिवार ऐसे हैं, जो निजी स्तर पर बड़े स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में सामुदायिक भवन की सुविधा उनके लिए बेहद जरूरी है।<br /><strong>- राहुल शर्मा, वार्डवासी</strong></p>
<p>भाजपा सरकार के कार्यकाल में वार्ड की सफाई व्यवस्था बदहाल हो गई है। नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरा जमा रहता है। कचरा संग्रहण के लिए दो वार्डों में एक ही गाड़ी लगा रखी है, जिसके कारण समय पर कचरा नहीं उठ पाता और लोगों को परेशानी होती है। वार्डवासी आज भी सड़क, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।<br /><strong>- मोहम्मद शरीफ, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 15:05:43 +0530</pubDate>
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                <title>शहर में शामिल, फिर भी गांव जैसे हालात</title>
                                    <description><![CDATA[बोले- नगर निगम में शामिल होने के बाद भी नहीं मिलीं शहर जैसी सुविधाएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/included-in-the-city--yet-conditions-resemble-a-village/article-163224"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(6)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा शहर की सीमा में शामिल होने के बावजूद वार्ड नंबर 1 से 5 तक के कई इलाकों की तस्वीर आज भी गांव जैसी नजर आती है। शहर का हिस्सा होने के बावजूद यहां रहने वाले लोगों को सड़क, पानी, बिजली, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कई जगह मुख्य सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं नालियों का पानी सड़कों पर बहता रहता है। बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। सड़क पर जमा गंदा पानी पैदल राहगीरों के साथ वाहन चालकों के लिए भी परेशानी का कारण बन रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान और क्षेत्र के विकास की उम्मीद में जनप्रतिनिधि चुने, लेकिन उम्मीद के मुताबिक काम नहीं हो पाया। कई इलाकों में आज भी विकास कार्यों की दरकार है। लोगों का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में आने के बाद भी यदि मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलें तो शहर और गांव में अंतर ही क्या रह जाता है।</p>
<p><strong>कहीं सड़क बदहाल तो कहीं नालियों का पानी सड़कों पर</strong><br />इन वार्डों के कई क्षेत्रों में सड़कें लंबे समय से क्षतिग्रस्त हैं। जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों को परेशानी होती है। कई स्थानों पर नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण घरों और गलियों का पानी सड़क पर आ जाता है। इससे लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ। स्ट्रीट लाइटों की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर पोल तो लगे हैं, लेकिन लाइटें नियमित रूप से नहीं जलतीं। रात के समय अंधेरा रहने से लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीण क्षेत्र से शहर का हिस्सा बने इन इलाकों में तेजी से विकास की जरूरत है, लेकिन सुविधाओं का विस्तार उस गति से नहीं हुआ है।</p>
<p><strong>शहर जैसी सुविधाओं की उम्मीद, विकास अंतिम छोर तक पहुंचे</strong><br />क्षेत्रों के लोगों की सबसे बड़ी मांग अब शहर जैसी मूलभूत सुविधाओं की है। लोगों का कहना है कि केवल वार्ड सीमा में शामिल करना पर्याप्त नहीं, बल्कि विकास का लाभ भी अंतिम छोर तक पहुंचना चाहिए। मुख्य सड़कों की मरम्मत, नालियों की नियमित सफाई, जलभराव का स्थायी समाधान और खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करना प्राथमिकता होनी चाहिए। स्थानीय लोगों को ऐसे प्रतिनिधि की उम्मीद है, जो उनके बीच रहकर समस्याएं सुने और अधिकारियों से समन्वय कर समाधान करवाए। लोगों का कहना है कि अब गांव जैसी बदहाली नहीं, बल्कि शहर जैसी सुविधाएं चाहिए।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर और क्षेत्र</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 1-</strong> शंभूपुरा, गिरधरपुरा एवं गोवर्धनपुरा ग्राम<br /><strong>वार्ड नंबर 2-</strong> कबीर आश्रम, विजय राजे सिंधिया चौराहा, ज्ञान सरोवर कॉलोनी, नयागांव उर्फ दौलतगंज, रोझड़ी का आंशिक भाग, पटवार ट्रेनिंग स्कूल, मोदी इंस्टीट्यूट, कौटिल्य कॉलेज आदि<br /><strong>वार्ड नंबर 3- </strong>ग्राम आमली, रथकांकरा, बंधा, धरमपुरा की समस्त राजस्व सीमा, देवनारायण योजना, रोझड़ी राजस्व ग्राम का आंशिक भाग, धरमपुरा रोड की समस्त कॉलोनियां<br /><strong>वार्ड नंबर 4- </strong>रानपुर, पुनिया देवरी, रानपुर एजुकेशन एरिया, रेतिया चौकी, लखावा, जगपुरा, खेड़ा जगपुरा, भीमपुरा, उमेदपुरा, भामाशाह मंडी, रानपुर औद्योगिक क्षेत्र, कोयला तलाई आदि<br /><strong>वार्ड नंबर 5-</strong> कंवरपुरा ग्राम, श्रीराम नगर, कच्ची बस्ती, कहारों की बस्ती, डीसीएम कॉलोनी, डीसीएम श्रीराम फैक्ट्री, श्रीराम कॉलोनी, उमेदगंज गांव का संपूर्ण क्षेत्र, राजनगर का आंशिक क्षेत्र, मानसरोवर कॉलोनी, कोटा क्लब, गायत्री विहार एवं रायपुरा क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>घर-घर पाइपलाइन पहुंचाने के साथ सड़क निर्माण, स्कूल निर्माण और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करवाया गया। वार्डवासियों की सुविधा के लिए पट्टे बनवाने का काम भी किया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड के लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करवाने का हरसंभव प्रयास किया गया और जरूरत के अनुसार विकास कार्यों को गति दी गई।<br /><strong>-पवन मीणा,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>पार्षद कार्यकाल के दौरान राजनीतिक फेरबदल के कारण उनके साथ भेदभाव किया गया, जिसके चलते वार्ड में प्रस्तावित कई विकास कार्य पूरे नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी प्राथमिकता हमेशा वार्डवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना रही।<br /><strong>- सोनू भील,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्ड की स्थिति आज भी गांव जैसी बनी हुई है। नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। जनप्रतिनिधियों के साथ निगम के अधिकारियों ने भी वार्ड की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। इसके कारण स्थानीय लोगों को सड़क, सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br /><strong>-कपिल गुर्जर,वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में सड़कें लगातार क्षतिग्रस्त हो रही हैं और जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि वार्ड में रोड लाइटें तो लगाई गई हैं, लेकिन कई जगह रात के समय ये जलती नहीं हैं। इससे अंधेरा रहने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।<br /><strong>- भागचंद,वार्डवासी</strong></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 14:31:12 +0530</pubDate>
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