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                <title>bribery - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कुचामन-डीडवाना में साईबर क्राइम टीम की बड़ी कार्रवाई, 6,00,000 रूपये की राशि जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[एसीबी अजमेर ने देर रात कार्रवाई कर हरियाणा के साइबर क्राइम थाने के उप निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार व पुलिस स्टाफ को 6 लाख रुपये की अवैध राशि सहित पकड़ा। आरोपी साइबर केस की जांच के नाम पर रिश्वत लेकर वाहन से हरियाणा जा रहे थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/big-action-by-cyber-crime-team-in-kuchaman-didwana-amount-of/article-136691"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/police-commissonerate-jaipur.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर, 21.12.2025 ए.सी.बी. मुख्यालय के निर्देश पर ए.सी.बी. अजमेर इकाई द्वारा दिनांक 20.12.2025 की देर रात्रि कार्यवाही करते हुये पुलिस थाना साईबर काईम सिरसा हरियाणा के उप निरीक्षक श्री सुरेन्द्र कुमार एंव पुलिस स्टॉफ के अन्य सदस्यो को 6,00,000 रूपये की अवैध राशि सहित पकडा।</p>
<p>भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो में गोपनीय जानकारी प्राप्त हुई कि हरियाणा पुलिस का स्टॉफ हरियाणा मे दर्ज साईबर क्राइम  के मुकदमें के अनुसंधान एंव मुल्जिमों की तलाश हेतु आये हुये है एंव प्रकरण में संदिग्ध लोगो को डरा धमकाकर अवैध रूप से रिश्वत राशि प्राप्त कर वाहन संख्या एचआर 24 जीवी 2222 से हरियाणा जा रहे है।</p>
<p>जिस पर डा० महावीर सिंह राणावत पुलिस अधीक्षक एसीबी अजमेर रेन्ज के सुपरवीजन में ए.सी.बी. चौकी अजमेर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वन्दना भाटी के नेतृत्व में तुरन्त कार्यवाही करते हुये नरेन्द्र सिंह निरीक्षक पुलिस एंव टीम द्वारा जिला डीडवाना-कुचामन में पुलिस थाना कुचामन सिटी के क्षेत्र त्रिशिंगिंया में आकस्मिक चैकिंग की जाकर पुलिस थाना साईबर काईम सिरसा हरियाणा के उप निरीक्षक  सुरेन्द्र कुमार व पुलिस स्टॉफ के अन्य सदस्यो को वाहन संख्या एचआर 24 जीबी 2222 में 6,00,000 रूपये की अवैध संदिग्ध रिश्वत राशि सहित परिवहन करते हुये पकडा। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में अग्रिम जांच कार्यवाही जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 14:17:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>RSRDC Bribery Scandal : लूथरा के लॉकरों से निकला 43 लाख रुपए का सोना</title>
                                    <description><![CDATA[एसीबी इस घूसकांड में शामिल रहे लोगों के यहां सर्च के दौरान मिली संदिग्ध फाइल और जमीनों में निवेश के कागजात समेत बैंक लॉकर-खातों का पता लगाकर चल-अचल संपत्ति का पता लगा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rsrdc-bribery-scandal-gold-worth-rs-43-lakh-recovered-from/article-80714"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/corruption2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आरएसआरडीसी) घूसकांड में लिप्त रिटायर्ड लेखाधिकारी संविदाकर्मी महेश गुप्ता और धौलपुर के डायरेक्टर सीयाराम चन्द्रावत को कोर्ट में पेश किया, जहां से इन्हें कोर्ट ने आठ जून तक रिमाण्ड पर सौंप दिया।</p>
<p>इस घूसकाण्ड की रेड के दौरान फरार हुए आरएसआरडीसी चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर आरके लूथरा के तीन लॉकरों को एसीबी ने खंगाला। यहां से टीम को 43 लाख रुपए कीमत का सोना मिला है। लूथरा की पत्नी की तबीयत खराब होने के कारण लॉकर नहीं खुल पा रहे थे।</p>
<p>एसीबी टीम ने इनके आईसीआईसीआई और एयू बैंक के लॉकर खोले। एसीबी ने लॉकर से करीब 43 लाख रुपए का सोना जब्त कर लिया। अभी एसीबी इस मामले में आरएसआरडीसी के एमडी सुधीर माथुर समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। एसीबी इस घूसकांड में शामिल रहे लोगों के यहां सर्च के दौरान मिली संदिग्ध फाइल और जमीनों में निवेश के कागजात समेत बैंक लॉकर-खातों का पता लगाकर चल-अचल संपत्ति का पता लगा रही है। लूथरा और उसकी पत्नी के दो बैंक आईसीआईआई और एयू के बैंक लॉकर गुरुवार को खोले गए जिनमें 43 लाख रुपए का सोना व कुछ अन्य मिला है। इनके बारे में वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। सोमवार रात झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित आरटीडीसी कार्यालय में दबिश देकर एसीबी ने आरएसआरडीसी धौलपुर के प्रोजेक्टर सियाराम चन्द्रावत, भरतपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर लक्ष्मण सिंह के साथ संविदाकर्मी रिटायर्ड लेखाधिकारी महेश चन्द गुप्ता को घूस के 1.20 लाख रुपए लेते और देते गिरफ्तार किया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 12:19:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>वीडियो, आडियो रिकॉर्डिंग और एग्रीमेंट खोलेंगे रिश्वत का खेल</title>
                                    <description><![CDATA[बताया गया कि एसीबी के एडिशन एसपी पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में डीएसपी आंचलिया की गिरफ्तारी में एसीबी के पास मौजूद दो साक्ष्य वीडियो-आडियो रिकॉर्डिंग और हस्तलिखित एग्रीमेंट अहम साबित हुए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/video-audio-recording-and-agreement-will-open-bribery-game/article-37141"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/11-udai-anchliya.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। सुखेर थाना क्षेत्र में भुवाणा स्थित एक बेशकीमती भूखंड के विवाद में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया, थानेदार सहित चार आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम ने इन्हें शनिवार सुबह कोर्ट में पेश किया। अग्रिम पूछताछ के लिए एसीबी टीम ने रिमांड मांगा, जिस पर न्यायाधीश ने निलंबित डीएसपी आंचलिया, एसआई रोशनलाल, भू दलाल रमेश राठौड़ और मनोज श्रीमाली को सोमवार तक रिमांड पर भेज दिया है। इधर,एसीबी टीम चारों से पूछताछ कर दस्तावेजी कार्रवाई पूरी करने में जुटी हुई है। </p>
<p>बताया गया कि एसीबी के एडिशन एसपी पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में डीएसपी आंचलिया की गिरफ्तारी में एसीबी के पास मौजूद दो साक्ष्य वीडियो-आडियो रिकॉर्डिंग और हस्तलिखित एग्रीमेंट अहम साबित हुए। इस वीडियो में आंचलिया परिवादी नीरज पूर्बिया से मिलते हुए दिख रहे हैं और रुपयों का लेन-देन भी साफ दिखाई दे रहा है। एसीबी ने यह मामला दिसंबर 2022 में दर्ज कर लिया था, लेकिन एसीबी ने एक महीने तक साक्ष्यों में मौजूद सभी वीडियो -आॅडियो की एफएसएल जांच करवाई और इसके बाद गिरफ्तारी की है। </p>
<p>दूसरा साक्ष्य जमीन के खरीद-बेचान का हस्तलिखित एग्रीमेंट हैं, जिसका परिवादी ने एफआईआर में भी हवाला देते हुए बताया कि एग्रीमेंट करते समय उसने अंकित मेवाड़ा को 71 लाख रुपए दिए थे और स्वयं की जमीन को ही खुद खरीदा था। एग्रीमेंट आंचलिया ने खुद लिखा था।</p>
<p><strong>संपत्तियों का लेखा-जोखा जुटा रही है एसीबी </strong><br />इधर, एसीबी की टीमों ने डीएसपी आंचलिया सहित चारों आरोपियों के घरों सहित अन्य ठिकानों की भी तलाशी ली  और अहम साक्ष्य जुटाने के प्रयास कर रही है। एसीबी टीम मामले से जुड़े सभी आरोपियों की समस्त संपत्ति का लेखा-जोखा पता कर रही है, ताकि आय से अधिक संपत्ति के मामले की भी संभावना देखी जा सके।</p>
<p><strong>एनआरआई की जेब पर पुलिस का डाका, 1.83 करोड़ रुपए हड़पे</strong><br />मामले की जांच में सामने आया है कि आरपीएस जितेन्द्र आंचलिया और एक थानेदार समेत चार लोगों ने षड्Þयंत्र रचकर एक एनआरआई की जेब पर करीब पौने दो करोड़ रुपए से ज्यादा का डाका मारा। एनआरआई नीरज पूर्बिया कुवैत में रहते हैं। आरोपियों ने उसे इतना डराया कि वह अपनी ही जमीन को एक करोड़ 83 लाख रुपए में खरीदने को तैयार हो गया।मामले में सब इंस्पेक्टर रोशनलाल ने 2 लाख रुपए की मांग की। इस पर नीरज पूर्बिया ने जयपुर एसीबी मुख्यालय जाकर इसकी शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत पर हरकत में आई एसीबी ने शुक्रवार रात को उदयपुर और राजसमंद में कुल 5 जगहों पर दबिश देकर चार आरोपियों को पकड़ा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Feb 2023 11:15:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>रिश्वत मामले में महिला पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, दलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज </title>
                                    <description><![CDATA[ रिश्वत के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) स्पेशल यूनिट ने बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय इटावा की महिला पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और दलाल के खिलाफ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से रिश्वत राशि मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/case-registered-against-woman-supervisor--anganwadi-worker--broker-in-bribery-case/article-9997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/11111-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा।  रिश्वत के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) स्पेशल यूनिट ने बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय इटावा की महिला पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और दलाल के खिलाफ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से रिश्वत राशि मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसीबी मामले की जांच में जुट गई है। <br /> एएसपी स्पेशल यूनिट कोटा के प्रभारी वियज स्वर्णकार ने बताया कि 31 मार्च को  यूनिट के उप-अधीक्षक धर्मवीर सिंह को एसीबी की हेल्प लाइन नंबर से सूचना मिली थी। जिसमें बताया गया था कि जोरावरपुरा पंचायत समिति इटावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पदमावती गोयल के खाते में आए पोषाहार के पैसों की राशि का बीस प्रतिशत कमीशन बतौर रिश्वत के आंगनबाड़ी सुपरवाइजर( महिला पर्यवेक्षक ) इंदू अटल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनीता मीणा के जरिए मांग रही हैं।  सूचना पर एसीबी ने गोपनीय सत्यापन कराया ।  महिला पर्यवेक्षक इंदू अटल एवं अनीता मीणा द्वारा वर्ष 2019-20 में कोरोना काल से पूर्व के पोषाहार के बकाया पेंडिंग बिलों की राशि में से बीस प्रतिशत की राशि की रिश्वत मांगना पाया गया। आरोपी महिला पर्यवेक्षक इंदू अटल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पदमावती गोयल को अपने कार्यालय इटावा में बुलाया जहां पदमावती गोयल को इंदू अटल ने पीपल्दाा निवासी दलाल महावीर शर्मा के सामने कहा कि उसके खाते में पोषाहार के पैसे आए हैं, उनका बीस प्रतिशत के हिसाब से रुपए महावीर शर्मा को दे देना। इसके बाद दलाल आरोपी महावीर शर्मा  ने पदमावती पर रुपए देने के लिए कई बार कहा कि इंदू के कमीशन के रुपए वह उसे ही दे तथा अनीता मीणा को नहीं देना है।<br /><br /> इससे पूर्व अनिता मीणा आगनबाड़ी कार्यकर्ता आगनबाड़ी केन्द्र भवानीपुरा, पीपल्दा जिला कोटा ने भी पदमावती  गोयल से पोषाहार की राशि का 20 प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत राशि की मांग इन्दु अटल के लिए की गई। इस बाद एसीबी ने 14 अप्रैल 2022 को  ट्रेप  करने का जाल बिछाया था। इस दौरान महिला सुपरवाइजर अनिता मेहरा, बाल  विकास परिया ेजना अधिकारी ईटावा जिला कोटा एवं  दलाल महावीर शर्मा  पुत्र गोविन्द नारायण निवासी पीपल्दा खुर्द को एसीबी की स्पेशल यूनिट ने पोषाहार  के पैसों में  से 15 प्रतिशत रिश्वत के लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। लेकिन  शक होने पर महिला सुपरवाइजर(पर्यवेक्षक ) इन्दु अटल द्वारा  रिश्वत राषि प्राप्त नहीं की गई। इसके बाद एसीबी द्वारा  जानकारी करने पर पता चला है कि इटावा पंचायत समिति में करीब 160 आंगनबाड़ी केन्द्र है जिन पर कोरोना काल से पूर्व के पोषाहार के बिलोंं की राशि प्रत्येक केन्द्र पर करीब 30 से  40 हजार रुपये आई थी। प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र से इटावा बाल विकास परिया ेजना अधिकारी  के कार्यालय में पदस्थापित महिला पर्यवक्षक इन्दु अटल व अनिता मेहरा द्वारा 20  प्रतिशत कमीशन के पैसे रिश्वत के रुप में दलालों के मार्फत मांगे जा रहे थे। महिला  सुपरवाईजर अनिता मेहरा व उसके दलाल महावीर शर्मा  को पूर्व में ही गिरफ्तार किया गया था, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में  चह रहे है। दूसरी महिला पर्यवक्षक इन्दु अटल, अनिता मीणा आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं दलाल महावीर शर्मा  के विरुद्ध रिश्वत मांंगने का प्रकरण दर्ज किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 May 2022 12:16:03 +0530</pubDate>
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                <title>  फीडर इंचार्ज 3 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[ एसीबी की अजमेर यूनिट ने गुरुवार को अजमेर डिस्कॉम के सेन्दरिया फीडर के इंचार्ज को 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/feeder-incharge-arrested-for-taking-bribe-of-3-thousand-rupees--bribery-was-sought-in-lieu-of-reducing-the-electricity-bill-amount/article-6709"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/161.jpg" alt=""></a><br /><p> अजमेर। एसीबी की अजमेर यूनिट ने गुरुवार को अजमेर डिस्कॉम के सेन्दरिया फीडर के इंचार्ज को 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उसने यह रिश्वत परिवादी के विद्युत कनेक्शन के खर्च से ज्यादा आए बिल को कम कराने की एवज में मांगी थी। एसीबी टीम उसके आवास व अन्य ठिकाने पर भी कार्रवाई कर रही है।  एसीबी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अमर सिंह है, जो हैल्पर प्रथम, सेन्दरिया, फीडर इंचार्ज, कार्यालय कनिष्ठ अभियन्ता मदार, एवीवीएनएल अजमेर है।  आरोपी के खिलाफ अजमेर निवासी परिवादी ने पिछले दिनों शिकायत दी थी। उसमें बताया कि उसके घर का 27 हजार रुपए का बिजली का बिल आया है, जो उसे बहुत ज्यादा लग रहा है। अमर सिंह ने उसका बिल कम करवाने का भरोसा दिलाया। लेकिन उसकी एवज में वह उससे रिश्वत की मांग करने लगा। उसने पहले उससे 10 हजार रुपए ले लिए और चैक कर बताने को कहा था। उसके बाद आरोपी अमर सिंह ने परिवादी को कहा कि वह 27 हजार के बिल को 18 हजार रुपए तक में निस्तारण करवा देगा। लेकिन 3 हजार रुपए रिश्वत के अलग से वह स्वयं के लिए लेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Mar 2022 14:17:49 +0530</pubDate>
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                <title>राफेल घोटाले के मुद्दे पर केंद्र पर बरसे गौरव वल्लभ बोले भाजपा सर यंत्रों को कवरअप करने में जुटी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर।  कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने राफेल विमान घोटाले मैं केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर आरोप लगाते हुए 4 बड़े सवालों के जवाब मांगे हैं।प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि मोदी सरकार का राफेल डील में भ्रष्टाचार, रिश्वत और मिलीभगत को दफनाने के लिए ऑपरेशन कवर अप फिर से उजागर हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6193917f12727/article-2449"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/cong-pc.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने राफेल विमान घोटाले मैं केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर आरोप लगाते हुए 4 बड़े सवालों के जवाब मांगे हैं।प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि मोदी सरकार का राफेल डील में भ्रष्टाचार, रिश्वत और मिलीभगत को दफनाने के लिए ऑपरेशन कवर अप फिर से उजागर हो गया है। ऑपरेशन कवर अप में नित नए खुलासे से राफेल भ्रष्टाचार को दफनाने के लिए मोदी सरकार सीबीआई ईडी के बीच संदिग्ध सांठगांठ का पता चलता है। </p>
<p>4 अक्टूबर 2018 को भाजपा के दो पूर्व केंद्रीय मंत्रियों और एक वरिष्ठ वकील ने राफेल सौदा में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का हवाला देते हुए निदेशक सीबीआई को शिकायत सौंपी।  11 अक्टूबर 2018 को मोरेश्वर सरकार ने अपने अटॉर्नी जनरल के माध्यम से राफेल सौदे से जुड़े कमीशन के कथित भुगतान के संबंध में सीबीआई को दस्तावेजों की आपूर्ति की थी। 23 अक्टूबर 2018 को पीएम मोदी की अगुवाई वाली एक समिति ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को मध्य रात्रि में तख्तापलट कर हटा दिया। </p>
<p>दिल्ली पुलिस के माध्यम से सीबीआई मुख्यालय पर छापा मारा और इसके नायक एम नागेश्वरराव को सीबीआई प्रमुख नियुक्त किया यह सीबीआई के माध्यम से राफेल भूत को दफनाने की एक और साजिश का हिस्सा था हमारा सवाल है कि मोदी सरकार और सीबीआई ने पिछले 36 महीनों से कमीशन और भ्रष्टाचार के सबूतों पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की। इस मामले को क्यों दफनाया गया और मोदी सरकार ने मध्य रात्रि तख्तापलट में सीबीआई प्रमुख को क्यों हटाया। राफेल घोटाला तथाकथित 60 से 80 करोड़ का कमीशन भुगतान नहीं है यह सबसे बड़ा रक्षा घोटाला है और केवल एक स्वतंत्र जांच ही घोटाले का खुलासा करने में सक्षम है। </p>
<p>फ्रांस की मीडिया के माध्यम से राफेल सऊदी में बिचौलिए सुशेन गुप्ता का पता लोगों को चला ईडी ने जब सुशेन गुप्ता के घर कार्यवाही की तो राफेल डील से जुड़े कई गोपनीय और अहम दस्तावेज गुप्ता के घर मिले जिसके बाद भाजपा सरकार ने आज तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई और ना ही जांच की। गुप्ता के घर हासिल हुए दस्तावेजों में राफेल कंपनी डेसोल्ड को लिखा एक पत्र भी मिला जिसमें गुप्ता ने राफेल डील में देश के पॉलिटिकल हाईकमान से मिलाने की बात कही थी यह जनता के सामने आना चाहिए कि वह पॉलिटिकल हाईकमान कौन है। भाजपा सरकार यह बताएं कि राफेल घोटाला मैं अपनी भूमिका की जांच के आदेश ना देकर सुशेन गुप्ता की रक्षा क्यों की गई केंद्र सरकार ने भारतीय वायु सेना से परामर्श किए बिना राफेल विमानों की संख्या को 126 से घटाकर 36 कैसे और क्यों कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Nov 2021 18:38:00 +0530</pubDate>
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