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                <title>blockade - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर: होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर झुका ईरान, जहाज़ों से टोल नहीं लेने पर बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौते के तहत होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। ईरान वहां से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल टैक्स नहीं लेगा, जिसके बदले अमेरिका अपनी आर्थिक नाकेबंदी हटाएगा। इस रणनीतिक कदम के बाद क्षेत्र से बारूदी सुरंगें हटाने का काम शुरू होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-news-from-the-middle-east-iran-bent-on-the/article-156942"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/mojtaba.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरान अमेरिका के साथ एक समझौते के तहत होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाज़ों से टोल न लेने पर सहमत हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान उस रणनीतिक जलडमरूमध्य को खोल देगा जहाँ कोई टोल नहीं लिया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चैनल को बताया कि अगर यह समझौता हो जाता है, तो ईरान के जलडमरूमध्य खोलने के साथ ही अमेरिका नाकेबंदी हटा लेगा, जिसके बाद बारूदी सुरंगें हटाने का काम शुरू होगा। इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि ईरान और ओमान जल्द ही होर्मुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग मैनेजमेंट पर एक संयुक्त बयान जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि टोल लेने के बारे में कोई बात नहीं हुई है, लेकिन सेवाओं के लिए शुल्क लिए जाने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 16:50:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नेतन्याहू के पास अमेरिका-ईरान समझौता स्वीकारने के अलावा कोई विकल्प नहीं : डोनाल्ड ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते को स्वीकार करने के अलावा इजरायल के पास कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि फैसले लेने का अधिकार सिर्फ उनका है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि बातचीत विफल होने पर ईरान की नाकेबंदी या सैन्य बल का इस्तेमाल किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/netanyahu-has-no-option-but-to-accept-us-iran-agreement-donald/article-156334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पास अमेरिका-ईरान के बीच होने वाले किसी भी संभावित समझौते को स्वीकार करने के अलावा 'कोई विकल्प' नहीं होगा। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि इजरायल इन वार्ताओं के परिणाम तय नहीं करता है। ट्रंप ने कड़े लहजे में कहा, "फैसले मैं लेता हूं। सारे फैसले मैं ही करता हूं। वह फैसले नहीं लेते।"</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा भी किया कि इजरायल पर ईरान के किये गये हाल के मिसाइल हमलों का ईरान से बातचीत जारी रखने की उनकी इच्छा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, "इस घटना का समझौते पर कोई प्रभाव नहीं होने वाला है।" इसके साथ ही, ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि यह बातचीत विफल रहती है तो अमेरिका या तो ईरान की नाकेबंदी जारी रख सकता है या सैन्य बल का उपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक नाकेबंदी उस देश पर किये गये 'किसी भी हमले से कहीं अधिक शक्तिशाली' रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 16:44:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>खाड़ी में महायुद्ध की शुरुआत: ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमला, जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका द्वारा ईरानी सैन्य केंद्र और तेल टैंकर पर हेलफायर मिसाइल दागने के बाद खाड़ी में युद्ध छिड़ गया है। ईरान ने पलटवार करते हुए कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस भीषण हमले में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारी नुकसान पहुंचा है और कई लोग घायल हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-targets-us-military-bases-in-response-to-us-attack/article-155867"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran-attack1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका की सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री नाकेबंदी का उल्लंघन करने वाले एक तेल टैंकर को रोकने के कुछ ही घंटे बाद, मंगलवार रात को ईरान के रणनीतिक केशम द्वीप पर बने एक सैन्य नियंत्रण केंद्र पर हमला कर दिया। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से पलटवार किया। इस दौरान कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हमला हुआ, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है और कई लोग घायल हुए हैं। केशम द्वीप पर हमले से पहले अमेरिकी सेना ने बोत्सवाना के झंडे वाले ‘एम/टी लेक्सी’ नाम के एक सुपरटैंकर को अपने हेलफायर मिसाइल से पंगु बना दिया था। अमेरिका का दावा है कि इस टैंकर ने नाकेबंदी के नियमों को मानने से बार-बार इनकार कर दिया था।</p>
<p>अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक, यह खाली जहाज ईरान के खार्ग द्वीप की ओर जा रहा था और उसने 24 घंटे के भीतर कई बार सैन्य निर्देशों को मानने से इनकार किया था। इसके बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन रूम पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। सेंटकॉम ने कहा, “ एक अमेरिकी विमान ने आखिरकार जहाज के इंजन रूम पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे निष्क्रिय कर दिया, जिससे वह ईरान नहीं पहुंच सका। ” अमेरिकी सेना के अनुसार, 13 अप्रैल को नाकेबंदी लागू होने के बाद से रोका गया यह छठा जहाज है, लेकिन अरब खाड़ी के भीतर किसी जहाज पर हमले का यह पहला मामला है।</p>
<p>ईरान ने भी इस पर बहुत तेजी से पलटवार किया। उसने कुवैत और बहरीन की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। सेंटकॉम ने बताया कि कुवैत की ओर दागी गयी, दो मिसाइलें या तो रास्ते में ही गिर गयीं या हवा में नष्ट हो गयीं, जबकि बहरीन को निशाना बनाकर दागी गयी तीन मिसाइलों को अमेरिका और बहरीन के एयर-डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया। ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (आईआरजीसी) ने इस इलाके में कई हथियारबंद ड्रोन भी भेजे। सेंटकॉम का हालांकि दावा है कि आम जहाजों को नुकसान पहुंचाने से पहले ही तीन ड्रोनों को नष्ट कर दिया गया।</p>
<p>बाद में कुवैत ने पुष्टि की कि ईरान के ड्रोनों ने उसके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया है, जिससे हवाई अड्डे की इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है और कई लोग घायल हुए हैं। इस हमले के बाद बुधवार सुबह से वहां विमानों की आवाजाही रोक दी गयी है। प्रशासन ने हालांकि अभी तक घायल होने वाले लोगों की सही संख्या या उनकी हालत के बारे में जानकारी नहीं दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने हमले की कड़ी निंदा की और इसे ‘ईरान की आपराधिक हरकत’ करार दिया।</p>
<p>दूसरी तरफ, ईरान की आईआरजीसी ने अपनी इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए अमेरिका को आगे तनाव न बढ़ाने की चेतावनी दी और एक बयान में कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की अमेरिकी सेना को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है, जब इस महीनों पुराने विवाद को सुलझाने की राजनयिक कोशिशें पूरी तरह नाकाम होती दिख रही हैं। कुछ दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि ईरान ‘वाकई एक समझौता करना चाहता है, जो अमेरिका के हक में होगा।’ लेकिन सप्ताहांत में हुई बातचीत तब टूट गयी, जब अमेरिका ने यूरेनियम संवर्धन और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नई शर्तें सामने रख दीं। ईरान ने इन प्रस्तावों को सिरे से खारिज करते हुए अमेरिका पर बातचीत के दौरान अपना स्टैंड बदलने का आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा, “ अमेरिका लगातार अपना रुख बदल रहा है और नयी एवं विरोधाभासी मांगें सामने रख रहा है।”</p>
<p>इस विवाद के शुरू होने के बाद पहली बार अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के सामने पेश हुए विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के बदले ईरान को प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी गयी है। उन्होंने कहा कि कोई भी राहत केवल शर्तों के आधार पर होगी, जो सीधे तौर पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी होंगी। रुबियो ने यह दावा भी किया कि ‘अब युद्ध खत्म हो चुका है।’ उनका यह दावा हालांकि बुधवार के जमीनी घटनाक्रम से मेल नहीं खाता, क्योंकि खाड़ी में दोनों ओर से सैन्य हमले जारी हैं और क्षेत्र में तनाव कम होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:35:34 +0530</pubDate>
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                <title>होर्मुज में बढ़ा युद्ध का खतरा: होर्मुज में अमेरिका और ईरान आमने-सामने, मिसाइल और ड्रोन हमलों से टूटा युद्धविराम</title>
                                    <description><![CDATA[होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच भारी गोलाबारी शुरू हो गई है। ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जिन्हें अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने इंटरसेप्ट कर नाकाम कर दिया। यह टकराव अमेरिकी विमान द्वारा ईरान की ओर बढ़ रहे एक टैंकर पर हेलफायर मिसाइल दागने के बाद बढ़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/danger-of-war-increases-in-hormuz-america-and-iran-face/article-155847"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य टकराव शुरू हो गया है। ईरानी की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि केश्म द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले के जवाब में उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय, सैन्य एयरबेस और हेलीकॉप्टरों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किये गये। उधर अमेरिका ने कहा है कि उसने कुवैत और बहरीन पर हुए ईरानी मिसाइल एवं ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया है।</p>
<p>अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम )ने बताया कि कुवैत पर दागी गई दो ईरानी मिसाइलें रास्ते में ही गिर गईं या टूट गईं, जबकि बहरीन को निशाना बनाने वाली तीन मिसाइलों को अमेरिका और बहरीन के रक्षा बलों ने इंटरसेप्ट (रोक) कर लिया। इसके अतिरिक्त, कुवैत में अमेरिकी बलों को निशाना बनाने वाले छोडे़ गये असंख्य ड्रोन को बिना किसी नुकसान के निष्क्रिय कर दिया गया। इससे पहले अमेरिकी बलों ने ईरान के केश्म द्वीप पर स्थित सैन्य ठिकानों और एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर भी हवाई हमले किये। सेंटकॉम ने यह भी जानकारी दी कि उसने क्षेत्रीय जलक्षेत्र से वैध रूप से गुजर रहे नागरिक नाविकों की ओर ईरान द्वारा लॉन्च किए गए तीन 'वन-वे अटैक ड्रोन' को हवा में ही मार गिराया।</p>
<p>दोनों तरफ से हुई इस भारी गोलाबारी ने ईरान-अमेरिका के बीच लागू युद्धविराम समझौते पर संकट गहरा गया है। सेंटकॉम के अनुसार, यह ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब मंगलवार को अमेरिकी बलों ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य की अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने का प्रयास कर रहे एक खाली टैंकर को रोकने की कार्रवाई की। बोत्सवाना के ध्वज वाले इस 'एम/टी लेक्सी' नामक टैंकर को चालक दल ने 24 घंटे की अवधि में बार-बार दी चेतावनियों को नजरअंदाज करने के बाद निशाना बनाया। जब यह टैंकर कुवैत के पास जलडमरूमध्य के उत्तर में स्थित ईरान के खार्ग द्वीप की ओर बढ़ रहा था, तब अमेरिकी विमान ने इसके इंजन को निष्क्रिय करने के लिए एक हेलफायर मिसाइल दागी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 16:21:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी का एक्शन: ईरान पर टूटा दुखों का पहाड़, अमेरिका ने जब्त किए एक करोड़ क्रिप्टोकरेंसी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार, "ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी" के तहत अमेरिका ने ईरान से जुड़ी 1 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर ली है। इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से पूरी तरह अलग-थलग करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने कई ईरानी क्रिप्टो वॉलेट्स पर सीधा नियंत्रण हासिल कर लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/a-mountain-of-sorrow-fell-on-iran-america-seized-one/article-155547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/us.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 30 मई (वार्ता) अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान से जुड़े लगभग एक अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्तियां जब्त कर ली हैं। उन्होंने इसे ईरान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली तक पहुंच को बाधित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे आर्थिक अभियान का हिस्सा बताया। बेसेंट ने रीगन राष्ट्रीय आर्थिक मंच में शुक्रवार को बोलते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन के प्रतिबंध अभियान "ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी" ने हाल के सप्ताहों में ईरान पर आर्थिक दबाव को काफी बढ़ा दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "लगभग साढ़े पांच से छह सप्ताह के अत्यंत सफल सैन्य अभियान और ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी के बाद हमने उन्हें वित्तीय रूप से लगभग पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है। वे अब आर्थिक रूप से बेहद कठिन स्थिति में हैं।" मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी वित्तीय नेटवर्क से जुड़े कई क्रिप्टोकरेंसी बटुओं (वॉलेट) पर सीधा नियंत्रण हासिल कर लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 17:30:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का दावा : अमेरिका हटाएगा होर्मुज जलडमरूमध्य से नाकेबंदी, ईरान के साथ कई मुद्दों पर बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते के बाद नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाएगी। समझौते के तहत ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा। वैश्विक कच्चे तेल की 20% आपूर्ति वाले इस मार्ग से समुद्री बारूदी सुरंगें भी नष्ट की जाएंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-claims-america-will-remove-the-blockade-from-the-strait/article-155448"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ एक प्रस्तावित समझौते पर सहमति बनने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जायेगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा कि प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान को अमेरिका की शर्तें स्वीकार करनी होंगी, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी समुद्री जहाजों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने कहा, “ईरान को इस बात पर सहमत होना होगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार या परमाणु बम हासिल नहीं करेगा।”</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के कारण जलडमरूमध्य में फंसे जहाज अब अपने गंतव्य की ओर लौटने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमारी अभूतपूर्व नौसैनिक नाकेबंदी, जिसे अब हटाया जाएगा, के कारण जो जहाज जलडमरूमध्य में फंसे हुए थे, वे अब घर लौटने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि जलडमरूमध्य में कोई समुद्री बारूदी सुरंगें मौजूद हैं तो उन्हें तत्काल हटाया या नष्ट किया जाएगा। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी नौसेना पहले ही कई सुरंगों को अपने विशेष माइन-स्वीपर जहाजों की मदद से नष्ट कर चुकी है और शेष सुरंगों को हटाने या विस्फोट से नष्ट करने का काम ईरान करेगा।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भूमिगत दबे संवर्धित परमाणु पदार्थ को अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के समन्वय से बाहर निकाला जायेगा और नष्ट कर दिया जायेगा। उन्होंने दावा किया कि यह सामग्री 11 महीने पहले अमेरिकी बी-2 बमवर्षक विमानों द्वारा किए गए हमलों के बाद पहाड़ों के नीचे दब गयी थी। ट्रंप ने कहा कि इस प्रक्रिया में कोई धनराशि का आदान-प्रदान नहीं किया जाएगा और अन्य कम महत्व के मुद्दों पर भी सहमति बन गयी है। उन्होंने बताया कि वह अंतिम निर्णय लेने के लिए व्हाइट हाउस के 'सिचुएशन रूम' में बैठक करने जा रहे हैं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि फरवरी के अंत में शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्रीय तनाव का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। वैश्विक कच्चे तेल की लगभग 20 प्रतिशत आपूर्ति इसी सामरिक समुद्री मार्ग से होकर गुजरती है। इसके अलावा प्राकृतिक गैस, उर्वरक और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की वैश्विक आपूर्ति के लिए भी यह जलमार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 11:39:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी नाकाबंदी के चलते ईरान तेल उत्पादन में कर सकता है कटौती, अमेरिकी सेना ने की ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी : रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के दबाव में ईरान ने अपने तेल उत्पादन में कटौती शुरू कर दी है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, ईरानी इंजीनियरों ने कुओं को बंद करना शुरू किया है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने शत्रुता समाप्ति की घोषणा की है, लेकिन क्षेत्र में तनाव और अमेरिकी सेना की मौजूदगी बरकरार है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-may-cut-oil-production-due-to-us-blockade-us/article-152526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/iran.png" alt=""></a><br /><p>माॅस्को। ईरान ने कथित तौर पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के चलते तेल उत्पादन में कटौती शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से यह दावा किया है। एजेंसी ने कहा कि ईरान तेल उत्पादन में कटौती कर रहा है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, ईरानी इंजीनियर कुओं को बंद करने और गंभीर नुकसान पहुंचाए बिना उत्पादन को तुरंत फिर से शुरू करने में सक्षम हैं। गौरतलब है कि 28 फरवरी को, अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में लक्ष्यों पर हमले शुरू किए, जिसमें 3,000 से अधिक लोग मारे गए। </p>
<p>अमेरिका और ईरान ने आठ अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा की थी और पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बाद में हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। दाेनों देशों के बीच फिलहाल किसी तरह की गोलीबारी की कोई खबर नहीं है, लेकिन अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी। ब्लूमबर्ग के अनुसार, ईरानी इंजीनियर कुओं को बंद करने और गंभीर नुकसान पहुंचाए बिना उत्पादन फिर से शुरू करने में सक्षम हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कांग्रेस को पत्र भेजकर ईरान के खिलाफ शत्रुता समाप्त करने की घोषणा की और स्पष्ट किया कि ईरान से संभावित खतरों को रोकने के लिए अमेरिकी सेना क्षेत्र में बनी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iran-may-cut-oil-production-due-to-us-blockade-us/article-152526</link>
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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:29:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाके पर निगरानी, हर वाहन पर नजर : अपराध कर फरार होने की कोशिश की तो तुरंत दबोचे जाएंगे बदमाश, 40 नाकाबंदी पॉइंट और 200 पुलिसकर्मी, रोज 500 वाहनों की जांच</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में रात्रि नाकाबंदी अभियान ने सुरक्षा को नई मजबूती दी है। 40 नाकों पर 200 पुलिसकर्मी हर रात सक्रिय रहकर जनवरी–अप्रैल 2026 में 61,861 वाहनों की जांच कर चुके हैं। रोजाना 500+ वाहन चेक हो रहे हैं। इससे अपराध नियंत्रण, चोरी की गाड़ियों की बरामदगी और ट्रैफिक नियमों के पालन में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/surveillance-at-the-blockade-keeping-an-eye-on-every-vehicle/article-152017"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)64.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस की ओर से चलाया जा रहा रात्रि नाकाबंदी अभियान अब असरदार साबित हो रहा है। शहर में कुल 40 नाकाबंदी पॉइंट बनाए गए हैं, जहां हर पॉइंट पर 5 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। इस तरह हर रात करीब 200 पुलिसकर्मी सड़कों पर मुस्तैदी से वाहनों की जांच कर रहे हैं। जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, इन चार महीनों में कुल 61861 वाहनों की चेकिंग की गई। यदि औसत की बात करें तो ही दिन पुलिस रोजाना करीब 500 से 520 वाहनों की जांच कर रही है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि हर नाके पर लगातार और व्यवस्थित तरीके से वाहनों की निगरानी की जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नाकाबंदी सिर्फ औपचारिकता नहीं</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चार महीनों के आंकड़े बताते हैं कि नाकाबंदी सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सख्त और योजनाबद्ध अभियान है। पुलिस की यह रणनीति अपराधों की रोकथाम में भी कारगर साबित हो रही है। संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, चोरी की गाड़ियों की बरामदगी और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने में नाकाबंदी अहम भूमिका निभा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यह होती है जांच</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नाकाबंदी के दौरान हर गुजरने वाले वाहन को रोका जाता है और दस्तावेज, ड्राइविंग लाइसेंस, हैलमेट, सीट बेल्ट सहित अन्य यातायात नियमों की जांच की जाती है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ<span>  </span>मौके पर चालान किया जाता है, जबकि संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर वाहनों को जब्त भी किया जा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जिलेवार नाकाबंदी का शिकंजा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यदि जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जिला पश्चिम सबसे आगे रहा, जहां चार महीनों में 20483 वाहनों की जांच की गई। जिला उत्तर में 18673 वाहन, जिला पूर्व में 14324 वाहन और जिला दक्षिण में 8381 वाहनों की जांच की गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मासिक ट्रेंड में भी दिलचस्प पैटर्न का हुआ खुलासा</span></strong></p>
<ul>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>जनवरी में कुल 16622 वाहन चेक हुए, जिसमें उत्तर में 5354 और पश्चिम में 5075 आगे रहे। </span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>फरवरी में 14861 वाहन जांचे गए, यहां भी पश्चिम 4814 और उत्तर में 4530 का दबदबा रहा। </span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>मार्च में 15613 वाहनों की जांच में पश्चिम 5134 सबसे आगे रहा। </span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>अप्रैल में कुल 14765 वाहन चैक हुए जिसमें पश्चिम 5460 ने फिर बढ़त बनाई। </span></li>
</ul>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नाकाबंदी क्यों है असरदार</span></strong></p>
<ol>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>रात के समय अपराधियों की मूवमेंट पर सीधा नियंत्रण</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>चोरी, लूट और वाहन अपराधों में कमी</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>संदिग्ध व्यक्तियों की तत्काल पहचान</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>ट्रैफिक नियमों के पालन में सुधार</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>पुलिस की विजिबिलिटी से आमजन में सुरक्षा का भरोसा</span></li>
</ol>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">श हर में कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की रात्रि नाकाबंदी व्यवस्था लगातार प्रभावी साबित हो रही है। शहर में बनाए गए 40 नाकाबंदी प्वाइंट्स पर हर नाके पर औसतन 5 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">-राजीव पचार, एडिशनल कमिश्नर, कानून-व्यवस्था</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 10:59:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप की ईरान को चेतावनी : समय के साथ नाकेबंदी और भी बदतर होगी, बोले- युद्ध खत्म करने के लिए बेचैन</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नकेल कसते हुए कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी अब और सख्त होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी समझौता केवल अमेरिकी हितों के आधार पर होगा। ट्रंप ने ईरान की सैन्य शक्ति के पतन का दावा करते हुए कहा कि उनके पास दुनिया भर का समय है, लेकिन ईरान के पास नहीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-warning-to-iran-that-the-blockade-will-get-worse/article-151534"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran2.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि घड़ी की सुई टिक-टिक कर रही है और यह नाकेबंदी तब तक और भी बदतर होती जाएगी, जब तक कि कोई ऐसा समझौता नहीं हो जाता जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए फायदेमंद हो। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, "समय उनके पक्ष में नहीं है। यह नाकेबंदी पूरी तरह से अभेद्य और मज़बूत है और अब यहाँ से स्थिति और भी खराब होती जायेगी। कोई भी समझौता तभी किया जाएगा, जब वह अमेरिका, उसके सहयोगियों और बाकी दुनिया के लिए उचित और हितकारी होगा।"</p>
<p>अमेरिकी मीडिया पर एक बार फिर निशाना साधते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स और सीएनएन जैसे मीडिया संस्थानों को लगता है, "मैं ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बेचैन हूँ।" उन्होंने कहा, "कृपया यह जान लें कि इस पद पर रहते हुए शायद मैं अब तक का सबसे कम दबाव महसूस करने वाला व्यक्ति हूँ। मेरे पास दुनिया भर का समय है, लेकिन ईरान के पास नहीं। घड़ी की सुई टिक-टिक कर रही है।" उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना समुद्र की रसातल में है, उनकी वायुसेना पूरी तरह से तबाह हो चुकी है, उनके विमान-रोधी और रडार हथियार नष्ट हो चुके हैं, और उनके नेता अब हमारे बीच नहीं रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-warning-to-iran-that-the-blockade-will-get-worse/article-151534</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 15:15:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच अमेरिकी नौसेना प्रमुख ने दिया त्यागपत्र, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ थे अच्छे संबंध : युद्ध विभाग ने की पुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी नौसेना प्रमुख जॉन फेलन ने युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के साथ मतभेदों के चलते तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। हंग काओ कार्यवाहक प्रमुख होंगे। यह इस्तीफा ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की रणनीतिक घेराबंदी कर रखी है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़ी सफलता बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-navy-chief-resigns-amid-west-asia-crisis-had-good/article-151407"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/अमेरिकी-नौसेना-प्रमुख.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी नौसेना प्रमुख जॉन फेलन ने त्यागपत्र दे दिया है। इसकी जानकारी अमेरिका के युद्ध विभाग ने दी। विभाग ने बुधवार को एक बयान में कहा, "नौसेना प्रमुख जॉन सी. फेलन तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं।” बयान में कहा गया है कि उप प्रमुख हंग काओ नौसेना के कार्यवाहक प्रमुख के रूप में सेवा देंगे। एक्सियोस समाचार पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, फेलन की विदाई कई लोगों के लिये आश्चर्यजनक रही। उनके संबंध युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के साथ ‘ठीक नहीं’ थे, लेकिन कथित तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके संबंध अच्छे थे।</p>
<p>समाचार पोर्टल ने एक सूत्र के हवाले से कहा, “फेलन यह नहीं समझ पाये कि वह सर्वोच्च अधिकारी नहीं थे। उनका काम दिये गये आदेशों का पालन करना है, न कि उन आदेशों का पालन करना जो उनके अनुसार दिये जाने चाहिये। ” फेलन ने मंगलवार को नौसेना के भविष्य और 'गोल्डन फ्लीट' पहल सहित इसके प्रमुख निवेशों पर चर्चा करने के लिये संवाददाताओं से बात की थी। फेलन का त्यागपत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है। अमेरिकी नौसेना ने 13 अप्रैल को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के दोनों ओर ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले सभी समुद्री यातायात की घेराबंदी शुरू कर दी है। दुनिया के तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और तरल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।</p>
<p>अमेरिका का कहना है कि गैर-ईरानी जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिये स्वतंत्र हैं, जब तक कि वे तेहरान को मार्ग कर नहीं देते। ईरानी अधिकारियों ने मार्ग कर लगाने की घोषणा नहीं की है, लेकिन ऐसी योजनाओं पर चर्चा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी घेराबंदी को ‘एक जबरदस्त सफलता’ बताया है और कहा है कि वाशिंगटन तब तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलेगा, जब तक कि उसके पास ‘अंतिम समझौता’ न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:04:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>होर्मुज में भड़का तनाव: अमेरिकी सेना द्वारा जहाज को रोके जाने के बाद ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी, नाकाबंदी का उल्लंघन करने का प्रयास</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सेंटकॉम ने ओमान की खाड़ी में नाकाबंदी का उल्लंघन करने पर ईरानी मालवाहक जहाज 'तौस्का' को गोले दागकर निष्क्रिय कर दिया। राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा के बाद अमेरिकी नौसेना ने जहाज पर नियंत्रण कर लिया है। ईरान ने इस कार्रवाई को 'सशस्त्र डकैती' करार देते हुए जवाबी सैन्य कार्रवाई की कड़ी चेतावनी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-warns-of-retaliation-after-us-military-intercepts-ship-attempt/article-151044"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hormuz2.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरानी सशस्त्र बलों ने अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने द्वारा इस बात की पुष्टि किये जाने के बाद की उसने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी व्यापारिक जहाज को रोका है, त्वरित प्रतिक्रिया देने का वादा किया है। यह जहाज कथित तौर पर क्षेत्र में अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करने का प्रयास कर रहा था। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की थी कि अमेरिकी बलों ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज को रोका है , जिससे उसके इंजन कक्ष को नुकसान पहुंचा है।</p>
<p>कमान ने एक बयान में कहा, "अरब सागर में तैनात अमेरिकी बलों ने 19 अप्रैल को एक ईरानी बंदरगाह की ओर जाने का प्रयास कर रहे एक ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी लागू की।" सेंटकॉम के अनुसार, ईरानी पोत को नाकाबंदी उल्लंघन के बारे में कई चेतावनियाँ दी गई थीं। बयान में कहा गया है, "छह घंटे की अवधि में बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद, जब तौस्का के चालक दल ने पालन नहीं किया, तो स्पूरांस ने पोत को अपने इंजन कक्ष को खाली करने का निर्देश दिया। स्पूरांस ने विध्वंसक पोत की 5-इंच एमके 45 तोप से तौस्का के इंजन कक्ष में कई गोले दागकर तौस्का के प्रणोदन तंत्र को निष्क्रिय कर दिया।"</p>
<p>इसके बाद, अमेरिकी मरीन मालवाहक पोत पर सवार हो गए। कमांड के अनुसार, पोत वर्तमान में अमेरिकी नियंत्रण में है। कमान ने कहा, "नाकाबंदी शुरू होने के बाद से, अमेरिकी सेना ने 25 वाणिज्यिक पोतों को वापस मुड़ने या किसी ईरानी बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।" अमेरिकी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए, ईरान के खातम अल-अनबिया सैन्य कमान के एक प्रवक्ता ने कहा कि ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना द्वारा एक ईरानी पोत को जब्त करने पर ईरान तुरंत जवाब देगा।</p>
<p>एक समाचार एजेन्सी के अनुसार, ईरानी सैन्य कमान के एक प्रवक्ता ने कहा, “हम चेतावनी देते हैं कि अमेरिकी सेना द्वारा की जा रही इस सशस्त्र डकैती का जवाब ईरान के सशस्त्र बल जल्द ही देंगे।” 13 अप्रैल को, अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के दोनों ओर स्थित ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकाबंदी शुरू कर दी। यह जलडमरूमध्य विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और एलएनजी आपूर्ति का स्रोत है। वाशिंगटन का कहना है कि गैर-ईरानी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से तब तक स्वतंत्र रूप से गुजर सकते हैं जब तक वे तेहरान को कोई शुल्क नहीं देते। ईरानी अधिकारियों ने शुल्क लगाने की घोषणा नहीं की है, लेकिन ऐसी योजनाओं पर चर्चा की है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 12:27:31 +0530</pubDate>
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                <title>प्रदेश में 935 प्वॉइंट पर ए-श्रेणी की नाकाबंदी</title>
                                    <description><![CDATA[ इस कार्रवाई में आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट एवं एनडीपीएस एक्ट के तहत भी कार्रवाई कर कुल 532 लोगों को गिरफ्तार किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-category-blockade-at-935-points-in-the-state/article-60315"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sizte--(3)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नवरात्र और दशहरा पर्व में मध्येनजर डीजीपी उमेश मिश्रा के निर्देश पर रविवार को प्रदेश के 935 पॉइंट पर पुलिस की ओर से चार घंटे ए-श्रेणी की हथियारबंद नाकाबंदी कराई गई। इसमें एक लाख चार हजार 891 दुपहिया एवं चौपहिया वाहनों की जांच कर 3067 वाहन एमवी एक्ट और संदिग्ध लगने पर 102 सीआरपीसी में 19 वाहन जब्त कर 44 प्रकरण दर्ज किए गए। इस कार्रवाई में आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट एवं एनडीपीएस एक्ट के तहत भी कार्रवाई कर कुल 532 लोगों को गिरफ्तार किया गया।</p>
<p>डीजी कानून एवं व्यवस्था राजीव शर्मा ने बताया कि रविवार शाम पांच से लेकर रात नौ बजे तक नोडल अधिकारी आईजी कानून एवं व्यवस्था गौरव श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में त्योहारों के समय आमजन की सुरक्षा एवं अपराधियों के विरूद्ध सख्ती करने के उद्देश्य से ए-श्रेणी की नाकाबंदी करवाई थी। इसमें बड़ी संख्या में संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की चैकिंग की गई। इस नाकाबंदी में अपराधियों के खिलाफ 34 प्रकरण अवैध हथियार, 83 प्रकरण अवैध शराब के एवं 14 प्रकरण अवैध मादक पदार्थों के भी दर्ज हुए। साथ ही 47 एफआईआर अलग से दर्ज कर उनमें अन्य प्रकार की अवैध सामग्री जब्त की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Oct 2023 10:23:28 +0530</pubDate>
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