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                <title> कोटा उत्तर के कई वार्डो में बिगड़ी सफाई व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[पार्षदों व निगम अधिकरियों में समंवय का अभाव होने का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cleanliness-system-deteriorated-in-many-wards-of-kota-north/article-90405"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/630400-size-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस 1 - </strong>नगर निगम कोटा उत्तर का रेलवे कॉलोनी पटरी  पार का वार्ड 43 जिसमें भाजपा की महिला पार्षद  हैं। उस वार्ड के कई इलाके ऐसे हैं जहां पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से टिपर ही नहीं आए हैं। जिससे लोगों को मजबूरन सड़क पर ही कचरा डालना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को तो परेशानी हो रही है साथ ही सड़क पर कचरा फेल रहा है। </p>
<p><strong>केस 2 - </strong>नगर निगम कोटा उत्तर में पुराने शहर रामपुरा का वार्ड 54। जिसमें कांग्रेस के पार्षद हैं। इसके पहले वाला वार्ड उप महापौर का और बाद वाला वार्ड महापौर का है। ये तीनों वार्ड कांग्रेस के हैं और कोटा उत्तर में बोर्ड भी कांग्रेस का है। उस वार्ड में सफाई के लिए समय पर टिपर व सफाई कर्मचारी तक नहीं जा रहे हैं। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र हैं शहर के कोटा उत्तर नगर निगम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था का। कोटा उत्तर निगम के अधिकतर वार्डों में सफाई व्यवस्था की यही हालत है। लोग ही नहीं पार्षदों तक का कहना है कि नगर निगम की ओर से घर-घर कचरा संग्रहण में लेगाए गए टिपरों की संख्या कम करने से टिपर समय पर और पूरे वार्ड में नहीं जा पा रहे हैं। जिससे लोग कई-कई दिन तक कचरा नहीं डाल पा रहे हैं। मजबूरन उन्हें सड़क पर ही कचरा डालना पड़ रहा है। नगर निगम कोटा उत्तर में 70 वार्ड हैं। कांग्रेस के पार्षद अधिक होन ेस यहां बोर्ड भी कांग्रेस का ही है। लेकिन पिछले काफी समय से क्षेत्र में भाजपा के ही नहीं कांग्रेस के पार्षद भी परेशान हो रहे हैं। जनता पार्षदों से समस्या समाधान के लिए कह रहे हैं लेकिन पार्षद अधिकारियों पर समस्या समाधान नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं। पार्षदों व निगम अधिकरियों में समंवय का अभाव होने का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। यह है लोगों की पीड़ा: वार्ड 43 की पूनम कॉलोनी निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि पटरी पार के इस वार्ड में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। हालत यह है कि पिछले 8 दिन से यहां कचरा संग्रहण के लिए टिपर ही नहीं आया है। ऐसे में घर के बाहर सड़क पर ही कचरा डालना पड़ रहा है। जिससे जगह-जगह पर कचरा ही कचरा फेल रहा है। रामपुरा निवासी महेश गुप्ता का कहना है कि वार्ड में पहले रोजाना टिपर आता था लेकिन अब दो से तीन दिन में आता है। हालत यह है कि एक तरफ तो नगर निगम अधिकारी शहर को साफ रखने की बातें करते हैं वहीं दूसरी तरफ कई दिन तक टिपर ही नहीं भेज रहे। ऐसे में लोग कचरा डाले तो कहां डाले। </p>
<p><strong>टिपरों की संख्या घटाई, कई खराब</strong><br />वार्ड 43 की पार्षद संतोष बैरवा ने बताया कि उनका वार्ड काफी बड़ा है जिसकी आबादी भी काफी अधिक है। साथ ही शहर की तरह यहां लगातार घर बने हुए नहीं है। घर भी छितराए हुए हैं। ऐसे में पहले तीन टिपर आते थे। उनकी संख्या घटाकर दो कर दी है। उसमें भी एक टिपर कई दिन से खराब पड़ा है। जिसे ठीक तक नहीं कराया जा रहा है। जिससे कई जगह पर तो दो से तीन दिन  में और कई जगह पर 7 से 8 दिन में टिपर पहुंच रहे हैं। इस संबंध में निगम आयुक्त को कई बार अवगत कराया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। स्वास्थ्य अधिकारी को फोन करने पर वह फोन रिसीव ही नहीं कर रहे। ऐसे में लोग परेशान हो रहे हैं। पार्षद को फोन कर रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं होने से पार्षद क्या करेें। </p>
<p><strong>प्राइवेट सफाई कर्मचारी बुलाकर काम करवाना पड़ रहा</strong><br />वार्ड 54 के पार्षद अमरनाथ शर्मा ने बताया कि राजय में सरकार बदलने के बाद से ही शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। वार्डों में टिपरों की संख्या कम कर दी। जिससे कई जगह पर टिपर ही नहीं पहुंच पा रहे। नाला गेंग से लेकर हर वार्ड में पूर्व में दिए जा रहे सफाई श्रमिक भी हटा दिए हैं। स्थायी सफाई कर्मचारियों में से कोई न कोई अवकाश पर रहता है। ऐसे में हालत यह है कि प्राइवेट सफाई कर्मचारी बुलाकर क्षेत्र में सफाई करवानी पड़ रही है।  शर्मा ने बताया कि उनके वार्ड में वर्तमान में एक भी कचरा पॉइंट नहीं है। पूर्व में जो भी थे उन्हें समाप्त कर दिया है। लेकिन टिपर नहीं आने से लोगों को सड़क पर ही कचरा डालना पड़ रहा है। शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य अधिकारी फोन ही नहीं उठाते।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर में पहले टिपरों का संचालन नगर निगम करता था। लेकिन वर्तमान में टिपर संचालन ठेके पर दे दिया है। साथ ही टिपरों की संख्या भी सभी 70 वार्ड में घटाकर दो-दो कर दी है। सफाई श्रमिक हटा दिए हैं। जिससे पूरे उत्तर क्षेत्र की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। निगम अधिकारियों को बोर्ड बैठक बुलाने के लिए कई बार कहा गया लेकिन वे पार्षदों के रोष व जनता की समस्याओं का सामना करने से बच रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारी के फोन नहीं रिसीव करने से कोई जवाब देह तक नहीं है। जिससे सभी पार्षदों व आमजन में रोष है। <br /><strong>- फरीदुद्दीन कुरैशी, उप महापौर नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>
<p>नगर निगम उत्तर में टिपर संचालन की नई व्यवस्था की जा रही है।  साथ ही कई टिपर खराब हो रहे हैं जिन्हें दुरस्त कराया जा रहा है। वार्डों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दो-दो टिपर जा रहे हैं लेकिन सभी टिपर सही होने पर फिर से तीन-तीन कर दिए जाएंगे। कई टिपरों के खराब होने से कुछ वार्डो में समस्या आ रही है। लेकिन शीघ्र ही इसका समाधान हो जाएगा। <br /><strong>- मंजू मेहरा, महापौर, नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>
<p>अभी एक दिन पहले ही पदभार ग्रहण किया व्यवस्थाओं की जानकारी ली जा रही है। शीघ्र ही सफाई समेत सभी व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा।<br /><strong>- राजपाल सिंह, आयुक्त नगर निगम कोटा उत्तर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Sep 2024 15:05:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता की बिगड़ी तबीयत, एसएमएस अस्पताल में भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता की मंगलवार को अचानक तबियत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें तुरंत SMS अस्पताल की इमरजेंसी में  इलाज के लिए लाया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-electoral-officer-praveen-guptas-health-deteriorated-and-admitted-to/article-63022"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/ceo-praveen-gupta.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता की मंगलवार को खाना खाने के दौरान सांस नली में खाना फसने से  अचानक तबियत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें तुरंत SMS अस्पताल की इमरजेंसी में  इलाज के लिए लाया गया है।</p>
<p>SMS मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. राजीव बगरहट्टा, अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा ने बताया कि मेडिकल ICU में गुप्ता को भर्ती किया गया है उनकी हालत स्थिर है। मेडिसिन डिपार्टमेंट के वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। प्राचार्य डॉ. बगरहट्टा ने बताया कि खाना खाते वक्त श्वासन नली में कुछ फंसने के चलते प्रवीण गुप्ता की तबीयत बिगड़ गई थी। बेहोशी की हालत में SMS की इमरजेंसी में वे लाए गए। गुप्ता के परिजनों की सूचना के आधार पर हार्टअटैक की आशंका के चलते उनकी ECG कराई गई लेकिन चिकित्सकों ने जांच में ECG की रिपोर्ट को नॉर्मल माना। चिकित्सकों ने बताया कि गुप्ता को पहले से है अस्थमा की दिक्कत है 'ऐसे में जैसे ही श्वासन नली में कुछ फंसा तो गुप्ता का ऑक्सीजन लेवल डाउन हो गया। हालांकि चिकित्सकों के अनुसार अब CEO प्रवीण गुप्ता की हालत काफी ठीक है लेकिन अगले 24 घंटे अस्पताल में रहने की चिकित्सकों ने सलाह दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Nov 2023 13:27:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परवन नदी की छोटी पुलिया एक साल से खस्ताहाल</title>
                                    <description><![CDATA[मनोहर थाना कस्बे में बरसों पहले बनी हुई परवन नदी पर छोटी पुलिया एक साल से खस्ताहाल है। यह पुलिया गत बारिश में डैमेज हो गई थी जिसे दुरुस्त नहीं कराने से यह राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/small-culvert-of-the-parvan-river-has-deteriorated-for-a-year/article-15433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/parvan-nadi-(manoharthana).jpg" alt=""></a><br /><p>मनोहर थाना। मनोहर थाना कस्बे में बरसों पहले बनी हुई परवन नदी पर छोटी पुलिया एक साल से खस्ताहाल है। यह पुलिया गत बारिश में डैमेज हो गई थी जिसे दुरुस्त नहीं कराने से यह राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। साथ ही इस पुलिया से ही प्रमुख धार्मिक स्थल स्थानेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी दिक्कत होती है। गत बारिश में इस स्टेट टाइम की पुलिया के ऊपर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई सीमेंट की एक पूरी सलेम निकलकर नदी में बह गई थी एवं अन्य जगह से भी क्षतिग्रस्त है।</p>
<p> मनोहर थाना कस्बे में बहने वाली परवन नदी पर स्टेट टाइम की छोटी पुलिया बनी हुई है कुछ वर्षों पूर्व यहां पर राज्य सरकार द्वारा हाई लेवल ब्रिज का निर्माण कर दिया जिससे अब बारिश के समय में परवन नदी में उफान आने पर रास्ता तो अवरुद्ध नहीं होता है जिससे राहत मिली है किंतु अभी भी मनोहर थाना कस्बे में आने के लिए यह स्टेट टाइम की बनी हुई छोटी पुलिया मुख्य रूप से आवागमन का रास्ता बनी हुई है। ऐसे में गत बारिश में इसका डैमेज होने से इस पर अकलेरा की तरफ से आने वाले वाहन चालक एवं मनोहर थाना कस्बे से बाइक से वह चेत्र से आने वाले गांव के बाइक सवार क्षतिग्रस्त पुलिया से हिचकोले खा कर निकलते हैं। <br /><br /><strong>इनका कहना हैं</strong> <br /> गत बारिश में इस पुलिया की क्षतिग्रस्त हो गई थी जिसे दुरुस्त नहीं करने से आवागमन में परेशानी हो रही है। मुख्यत: स्थानेश्वर महादेव मंदिर जाने का भी रास्ता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को बड़ी परेशानी आती है इसे ठीक कराया जाना चाहिए। <br /><strong>गिरिराज अग्रवाल,कस्बावासी</strong><br /><br /> गत बारिश में इस पुलिया की क्षतिग्रस्त हो गई थी जिसे दुरुस्त नहीं करने से आवागमन में परेशानी हो रही है। मुख्यत: स्थानेश्वर महादेव मंदिर जाने का भी रास्ता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को बड़ी परेशानी आती है इसे ठीक कराया जाना चाहिए। <br /><strong>गिरिराज अग्रवाल,कस्बावासीं </strong><br /><br /> मनोहर थाना में हाई लेवल ब्रिज का निर्माण हो चुका जिससे अब नदी में उफान आने पर आवागमन का रास्ता तो अवरुद्ध नहीं होता है जिससे राहत मिली है किंतु स्टेट टाइम की बनी है छोटी पुलिया गत बारिश में डैमेज होने से वाहन चालको में बाइक सवार इस पर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इसे दुरुस्त किया जाना चाहिए। <br /><strong>राधेश्याम लववंशी, कस्बा वासी</strong><br /><br /> अभी सावन का महीना चल रहा है ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रात: काल 5:00 बजे से ही भगवान भोलेनाथ के दर पर पूजा अर्चना करने पहुंच जाते हैं। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन में परेशानी रहती है। विशेषकर बाइक सवारों को इससे अधिक परेशानी आ रही है एवं बारिश होने पर क्षतिग्रस्त पुलिया के होने से उस पर पानी एकत्रित हो जाता है । कीचड़ हो जाता है जिससे सही कराने की आवश्यकता है। <br /><strong>हुकुमचंद नाथ, शिव मंदिर पुजारी</strong><br /><br /> आसपास गांव के ग्रामीण जिन्हें कस्बे के अंदर आना होता है। अधिकांश बाइक सवार व्यवहार एवं रोडवेज की बसें भी हाई लेवल ब्रिज बनने के बाद भी इस छोटी पुलिया से ही गुजरती है, क्योंकि बस स्टैंड भी बस स्टैंड सड़क पर बना होने से यह पुलिया शॉर्टकट रहती है किंतु गत बारिश में इसके डैमेज होने पर इसे अभी तक दुरुस्त नहीं कराया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग को इसे दुरुस्त किया जाना चाहिए।<br /><strong>प्रेम लोधा गुराडी, ग्रामीण</strong><br /><br /> क्षेत्र से आने वाले ग्रामीण के आने-जाने के लिए यह सुगम रास्ता रहता है। इस छोटी पूजा से ही अधिकांश समय आवागमन रहता है। ऐसे में इसे अभी तक ठीक नहीं कराया है जिससे गांव से इस पुलिया से होकर गुजरने में परेशानी आती है। बाइक पर पीछे बैठी हुई महिलाएं पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से अनेकों बार बैलेंस बिगड़ने से गिर जाती है।<br /><strong>राजाराम आवलहैडा, ग्रामीण</strong><br /><br /> बारिश में जब भी यह डैमेज होती है इसे विभाग द्वारा दुरुस्त कराया जाता है। इस बारे में प्लान बनाकर भिजवा दिया जाएगा एवं इसे शीघ्र ही दुरुस्त कर आएंगे। पुलिया के एक हिस्से में सीमेंट की एक स्लैब गत वर्ष के नदी के तेज बहाव में बह गई हो जिससे एक हिस्सा इसका कुछ क्षतिग्रस्त हुआ है जिसे दुरुस्त करा दिया जाएगा। उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।<br /><strong>राहुल मीणा, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी</strong><br /><br /> परवन नदी पर स्थित इस छोटी पुलिया को एक हिस्से को जो टूटी है। ठीक कराने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता से बात की गई है। उन्होंने बताया है कि पूर्व में भी इस को डैमेज होने पर ठीक कराया है। अभी भी उच्च अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया है एवं इसको रिपेयर का प्लान मरम्मत करके भिजवा दिया जा रहा है। शीघ्र ही समस्या का समाधान किए जाने की कोशिश की जाएगी।<br /><strong>छत्रपाल चौधरी, कार्यवाहक एसडीएम मनोहर थाना</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Jul 2022 16:43:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बाड़ेबंदी में तबीयत खराब:  निर्दलीय विधायक हुड़ला अस्पताल में भर्ती  </title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान में दस जून को राज्यसभा की चार सीटों पर होने वाले चुनाव के मद्देनजर उदयपुर में की गई कांग्रेस की बाड़ाबंदी में निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला की आज सुबह तबीयत बिगड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार हुड़ला की सुबह अचानक तबीयत बिगडऩे से उन्हें उदयपुर के एमबी अस्पताल के कार्डियक विभाग में भर्ती कराया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/ill-in-fencing-independent-mla-hudla-hospitalized/article-11333"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/om-prakash-hudla.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उदयपुर</span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">।</span></strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> राजस्थान में दस जून को राज्यसभा की चार सीटों पर होने वाले चुनाव के मद्देनजर उदयपुर में की गई कांग्रेस की बाड़ाबंदी में निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला की शनिवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार हुड़ला की सुबह अचानक तबीयत बिगडऩे से उन्हें उदयपुर के एमबी अस्पताल के कार्डियक विभाग में भर्ती कराया गया है। उल्लेखनीय है कि हुड़ला की दो दिन पहले भी जयपुर में तबीयत बिगड़ी गई थी। उदयपुर की होटल में कांग्रेस एव उसके समर्थित विधायकों के आने का सिलसिला जारी है और नब्बे से अधिक विधायक यहां आ चुके हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jun 2022 16:14:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुविवि : इंजीनियरिंग का बिगड़ा ‘आर्किटेक्चर’, 6 स्टूडेंट्स पर 3 फैकल्टी</title>
                                    <description><![CDATA[सुखाड़िया विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज का पहला बैच उधार के भवन और जुगाड़ की फैकल्टी के साथ गिने-चुने स्टूडेंट्स संग चल रहा है। यह प्रदेश का एकमात्र कॉलेज है, जहां आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग में निर्धारित 40 सीटों पर महज 6 स्टूडेंट्स ने प्रवेश लिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur-news--sukhadia-university--engineering-s--architecture--deteriorated--3-faculty-per-6-students/article-8467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/mohanlal-sukhadia-university-.jpg" alt=""></a><br /><p><br /> उदयपुर। सुखाड़िया विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज का पहला बैच उधार के भवन और जुगाड़ की फैकल्टी के साथ गिने-चुने स्टूडेंट्स संग चल रहा है। यह प्रदेश का एकमात्र कॉलेज है, जहां आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग में निर्धारित 40 सीटों पर महज 6 स्टूडेंट्स ने प्रवेश लिया है। इतना ही नहीं, कॉलेज में फैकल्टी का भी टोटा है। सुविवि प्रबंधन ने फैकल्टी के लिए जब पहली बार इंटरव्यू कॉल किया गया तो एक भी आवेदन नहीं आया, वहीं दूसरी बार में एक अभ्यर्थी ने हिस्सा लिया। ऐसे में पहला बैच संचालित करने के लिए सुविवि प्रबंधन को जुगाड़ करना पड़ा है। आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग के 6 स्टूडेंट्स पर 3 फैकल्टी लगाई गई है। <br /><br />सुविवि प्रबंधन को कुल मिलाकर इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने में जल्दबाजी भारी पड़ गई है। इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए करोड़ों रुपए का फंड जारी कर दिया गया है, जबकि कॉलेज बिल्डिंग अब तक तैयार भी नहीं हुई है। स्थिति यह है कि कॉलेज की विभिन्न ब्रांचों में उपकरण खरीदने के लिए भी उधारी में कार्य चलाना पड़ गया है। सुविवि ने संघटक साइंस कॉलेज को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश में कहा ‘विभिन्न ब्रांचों के लिए उपकरण खरीदने होंगे, जिसकी जिम्मेदारी साइंस कॉलेज को दी जाती है। ऐसे में साइंस कॉलेज उसके स्थानीय निधि में से 15 लाख रुपए के उपकरण खरीदें। यह राशि संकाय से प्राप्त होने वाली आय से वापस लौटा दी जाएगी।’<br /><br /><strong>आईआईएम-यू ने भी किया तीन साल इंतजार</strong><br />नियमों की माने तो किसी भी कॉलेज भवन के लिए तीन वर्ष का इंतजार करना होता है, जब संबंधित कॉलेज में निर्धारित सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित हो जाते हैं तभी बिल्डिंग को लेकर कार्य होता है। प्रदेश के पहले आईआईएम उदयपुर भी तीन साल तक सुविवि परिसर में चला, उसके बाद बलीचा में कैंपस बनाया गया। इतना ही नहीं सुविवि के संघटक लॉ कॉलेज में बीए एलएलबी की तीन वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद भवन बनाया गया। वर्तमान में इंजीनियरिंग कॉलेज शिक्षा संकाय के पुराने भवन में संचालित किया जा रहा है। राजस्थान विद्यापीठ में कृषि संकाय शुरू किया, लेकिन वर्तमान में विभिन्न संकायों भवनों का उपयोग किया जा रहा है तथा फैकल्टी सदस्यों की भर्ती की जा रही है।<br /><br /> </p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;" colspan="3"><strong>महज 26 फीसदी सीटों पर प्रवेश</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>ब्रांच </td>
<td>कुल सीट</td>
<td>इतने प्रवेश</td>
</tr>
<tr>
<td>कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग                        </td>
<td>60                         </td>
<td>60</td>
</tr>
<tr>
<td>सिविल इंजीनियरिंग                                      </td>
<td>60                        </td>
<td>09</td>
</tr>
<tr>
<td>मैकेनिकल इंजीनियरिंग                                 </td>
<td>60                        </td>
<td>05</td>
</tr>
<tr>
<td>इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्युनिकेशन                      </td>
<td>60                         </td>
<td>03</td>
</tr>
<tr>
<td>इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग                                   </td>
<td>60        </td>
<td>07</td>
</tr>
<tr>
<td>आर्किटेक्चर        </td>
<td>40       </td>
<td>06</td>
</tr>
<tr>
<td>योग            </td>
<td>340        </td>
<td>90</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>                                                             <br /><br /><br /><br /></p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Apr 2022 11:36:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[udaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिग्नल फ्री शहर बनाने के प्रयास में बिगड़ी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था </title>
                                    <description><![CDATA[शहर को ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री बनाने के लिए चौराहों पर फ्लाई ओवर व अंडरपास बनाए गए हैं। लेकिन उस प्रयास में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इतनी अधिक बिगड़ गई है कि कौन सा वाहन कब और किधर से आ जाए कुछ भी पता नहीं है। जिससे दिनभर हादसों का खतरा बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-system-of-the-city-deteriorated-in-an-attempt-to-make-a-signal-free-city/article-7604"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/dddd-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर को ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री बनाने के लिए चौराहों पर फ्लाई ओवर व अंडरपास बनाए गए हैं। लेकिन उस प्रयास में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इतनी अधिक बिगड़ गई है कि कौन सा वाहन कब और किधर से आ जाए कुछ भी पता नहीं है। जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। शहर को ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री बनाने के  लिए नगर विकास न्यास द्वारा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करोड़ों रुपए की लागत से अंडरपास व फ्लाई ओवर बनाए गए हैं। झालावाड़ं रोड पर अनंतपुरा में फ्लाई ओवर, गोबरिया बावड़ी में अंडरपास, सिटी मॉल के सामने एलिवेटेड रोड, एरोड्राम चौराहे पर अंडरपास, गुमानपुरा में इंदिरा गांधी तिराहे पर फ्लाई ओवर व अंटाघर चौराहे पर अंडरपास का निर्माण कराया गया है। जिससे अनंतपुरा से रेलवे स्टेशन तक वाहन बिना किसी ट्रैफिक लाइट की बाधा से आसानी से निकल सके। लेकिन हालत यह है कि सभी फ्लाई ओवर व अंडरपास के मुहानों पर ट्रैफिक इतना अस्त-व्यस्त चल रहा है कि वहां आसानी से वाहन निकलना मुश्किल हो रहा है।  शहर के ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री बनने से शहर वासियों को कितना लाभ होगा इसका तो काम पूरा होने के बाद ही पता चलेगा। लेकिन उससे पहले वर्तमान में ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने से हर वाहन चालक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। <br /><br /><strong>हादसों का खतरा</strong><br />शहर में जिस तरह से ट्रैफिक व्यवस्था चल रही है। उससे दिनभर अधिकतर जगहों पर हादसों का खतरा बना हुआ है। एरोड्राम चौराहा हो या डीसीएम रोड पर पॉलिटेक्नीक कॉलेज के सामने, छावनी चौराहे पर हो या बड़ तिराहे पर। गुमानपुरा स्थित इंदिरा गांधी तिराहे पर हो या जेडीबी कॉलेज के सामने। सभी जगहों पर इस तरह के दृश्य दिनभर होने से हादसों का खतरा बना हुआ है। <br /><br /><strong>ट्रैफिक पुलिस कर्मी ही नहीं</strong><br />शहर में नगर विकास न्यास व स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के  तहत विकास कार्य के अलावा आरयूआईडीपी द्वारा सीवरेज लाइन डालने के कार्य करवाए जा रहे हैं। जिससे सड़कों पर काम होने से जगह-जगह से रास्ते बंद हैं और ट्रैफिक डायवर्ट किया हुआ है। जिससे परेशानी का सामना तो करना ही पड़ रहा है। लेकिन उसके बावजूद शहर में ऐसी जगहों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी नजर ही नहीं आते हालांकि शाम के समय डीसीएम रोड पर मल्टीमेटल के सामने, शॉपिंग सेंटर मोड, घोड़ा चौराहे पर और सीएडी रोड पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी बिना हैलमेट वालों को पकड़ने के पुलिस नजर आती हैं। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को देखकर बिना हैलमेट वाहन चालक वापस इस तरह से वाहन मोड़कर भागते हैं। जिससे पीछे से आने वाले अन्य वाहन चालक जिन्होंने हैलमेट भी लगाया हुआ है और परिवार के साथ जा रहे हैं उनके लिए हादसों का खतरा अधिक हो गया है।</p>
<p>- घोड़े वाले बाबा तिराहे पर वल्लभ नगर चौराहे से सीएडी की तरफ, सीएडी से एरोड्राम की तरफ, डीसीएम रोड से सीएडी की तरफ और घोड़ा तिराहे से वल्लभ नगर की तरफ जब एक साथ कई वाहन निकले तो वहां कुछ देर तक तो लोगों के समझ ही नहीं आया कि आखिर कौन सा वाहन कहां से आ रहा है और किधर जा रहा है। कई वाहन चालकों का संतुलन ही बिगड़ गया।</p>
<p>- ज्वाला तोप के पास कई वाहन सरोवर टॉकीज की तरफ से गुमानपुरा जाने के लिए, कई वाहन सरोवर से फ्लाई ओवर पर जाने के लिए, कई वाहन फ्लाई ओवर से उतरकर सरोवर व कई सेवन वंडर्स की तरफ और कई वाहन गुमानपुरा से सरोवर की तरफ जाने के  लिए एक साथ आए तो वहां जाम लग गया। कई वाहन आपस में टकराते हुए बचे। कई वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ गया।<br /><br /><strong>- </strong>वल्लभ नगर चौराहे पर कई वाहन घोड़ा तिराहे से गुमानपुरा जाने के लिए, कई वाहन घोड़ा तिराहे से फर्नीचर मार्केट  के लिए, कई वाहन मल्टीपरपज स्कूल की तरफ जाने के लिए,कई वाहन फ्लाई ओवर से उतरकर घोड़ा तिराहे की तरफ व कई वल्लभ नगर कॉलोनी में जाने के लिए पहुंचे तो  नजारा देखने लायक था। किसी भी वाहन चालक के कुछ भी समझ नहीं आया कि आखिर जाएं कैसे। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के हालात बताने के लिए ये दृश्य तो उदाहरण मात्र हैं। शहर में इस तरह के दृश्य किसी एक दिन या एक समय पर नहीं पूरे शहर में दिनभर देखने को मिल जाएंगे। <br /><br />शहर में विकास के काम चलने से कई जगह पर ट्रैफिक डायवर्ट किया हुआ है। उस कारण से कुछ जगहों पर परेशानी हो सकती है। फिर भी जहां अधिक समस्या हो रही है वहां का मौका देखकर ट्रैफिक पुलिस के जवानों को लगाने का प्रयास किया जाएगा। जिससे ट्रैफिक को बिना किसी बाधा के चलाया जा सके। <br /><strong>- धर्माराम गिला, उपअधीक्षक यातायात</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-system-of-the-city-deteriorated-in-an-attempt-to-make-a-signal-free-city/article-7604</link>
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                <pubDate>Fri, 08 Apr 2022 14:59:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनशन और फोटो सेशन की तह तक जानने के लिए पढ़े यह ख़बर.....</title>
                                    <description><![CDATA[अनशनकारी पूनम का स्वास्थ्य बिगड़ा, डॉक्टरों ने एसएमएस के लिए रैफर किया, अनशनकारी अभी भी धरनास्थल पर मौजूद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%B9-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AA%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%AF%E0%A4%B9-%E0%A4%96%E0%A4%BC%E0%A4%AC%E0%A4%B0---/article-2477"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/anshan.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी के शहीद स्मारक स्थल पर सम्पूर्ण शराबबंदी व सशक्त लोकायुक्त की मांगों को लेकर अनशन कर रहीं पूनम छाबड़ा का स्वास्थ्य खराब हो गया है और उनके स्वास्थ्य की जांच करने वाली डॉक्टर्स की टीम ने उनको एसएमएस रैफर करने की सलाह दी है किंतु पूनम छाबड़ा अभी भी अनशनस्थल पर जमी हुई हैं। वहीं अनशनस्थल पर ही बुधवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, इस शिविर में सैकड़ों की तादाद में लोग पहुंचे और अपना समर्थन दिया।</p>
<p><br /> पूनम छाबड़ा का अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा किंतु तीन दिन से जल का ही सेवन करने से उनके स्वास्थ्य में भारी गिरावट को चिकित्सकों की टीम ने दर्ज किया। उनका रक्तचाप बहुत कम हो गया है और इस कारण चिकित्सकों ने उनको तुरंत प्रभाव से सवाई मानसिंह अस्पताल के लिए रैफर कर दिया।</p>
<p>हालांकि इस दौरान पूनम छाबड़ा टीम की ओर से बनाया गया विडियो काफी चर्चा में जहां पूनम छाबड़ा के साथ खड़े युवक अनशन की मार्केटिंग के लिए विजुअल बनाते वक्त ही इशारे कर क्या-क्या शूट करना है समझा रहे है। वैसे ये सब पार्ट होता है अपनी जानकारी टेक्नोलोजी के माध्यम से तेज रफ्तार से दूसरे लोगों तक पहुंचाने का लेकिन कई बार किरकिरी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><br /> वहीं अनशन के संबंध में अंकुर छाबड़ा ने बताया कि पूनम अभी भी अनशनस्थल पर ही हैं। उनके समर्थन में राजधानी ही नहीं अपितु प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी लोग पहुंच रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सम्पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर करीबन एक दशक पहले पूर्व विधायक गुरुशरण छाबड़ा ने आंदोलन आरंभ किया था और गत सरकार के शासनकाल में उन्होंने अनशन करते हुए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया था।</p>
<p><br /> उनके बलिदान और पूनम छाबड़ा के संघर्ष को देखते हुए बुधवार को अनशनस्थल पर दर्जनों संगठनों के सैकड़ों लोग धरनास्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने रक्तदान शिविर में भी भाग लिया। इस मौके पर पूनम छाबड़ा ने कहा, सरकार बेशक हमारा खून बेच दे उससे रेवन्यू अर्जित करे। मगर शराब रूपी जहर व अन्य नशे के पदार्थों को बेचना बंद करे, ताकि आने वाली पीढिय़ों का भविष्य बचाया जा सके। देश को बचाना है, इसलिए नशामुक्ति की ओर अग्रसर होना होगा। सशक्त लोकायुक्त से ही भरष्टाचार को रोक कर देश के गरीबों को सशक्त कर नया जीवन दिया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Nov 2021 16:47:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कंगना ने गांधीजी को बताया सत्ता का भूखा,  लिखा: वह चाहते थे भगत सिंह को फांसी हो</title>
                                    <description><![CDATA[अभिनेत्री के फिर बिगड़े बोल : इंस्टाग्राम पर किए मैसेज पोस्ट, राष्ट्रपिता पर साधा निशाना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AC%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%96%E0%A4%BE---%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE--%E0%A4%B5%E0%A4%B9-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%A5%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A4%97%E0%A4%A4-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%8B/article-2458"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/kangana_ranaut_ians_41.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई</strong>। कंगना रनौत ने एक बार फिर से महात्मा गांधी के खिलाफ विवादित बयान दिया है। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर लंबे मैसेज पोस्ट किए हैं। पोस्ट में महात्मा गांधी पर निशाना साधा है। पहले मैसेज में कंगना ने उन्हें सत्ता का भूखा और चालाक बताया है वहीं दूसरे पोस्ट में लिखा है कि गांधी जी चाहते थे कि भगत सिंह को फांसी हो जाए। कंगना ने लोगों को सलाह दी है कि वह अपने हीरो समझदारी से चुनें। उन्होंने यह भी लिखा है कि झापड़ मारने वाले के सामने दूसरा गाल आगे करने से आजादी नहीं मिलती<strong>।<br /> <br /> जो लोग स्वतंत्रता के लिए लड़े उन्हें उन लोगों ने अपने मालिकों को सौंप दिया</strong><br /> कंगना रनौत के पिछले बयान पर बवाल अभी थमा नहीं इस बीच उन्होंने कुछ और आपत्तिजनक पोस्ट कर दिए हैं। कंगना ने लिखा है, जो लोग स्वतंत्रता के लिए लड़े उन्हें उन लोगों ने अपने मालिकों को सौंप दिया जिनमें हिम्मत नहीं थी, न ही खून में उबाल। वे सत्ता के भूखे और चालाक थे..., ये वही थे जिन्होंने हमें सिखाया अगर कोई तुम्हें थप्पड़ मारे तो उसके आगे एक और झापड़ के लिए दूसरा गाल कर दो और इस तरह तुमको आजादी मिल जाएगी..., ऐसे किसी को आजादी नहीं मिलती सिर्फ भीख मिलती है। अपने हीरो समझदारी से चुनें। <br /> <br /> <strong>लोगों को पता होना चाहिए इतिहास</strong><br /> कंगना ने दूसरे पोस्ट में लिखा है, गांधी ने कभी भगत सिंह और नेताजी को सपोर्ट नहीं किया। कई सबूत हैं जो इशारा करते हैं कि गांधीजी चाहते थे कि भगत सिंह को फांसी हो जाए। इसलिए आपको चुनना है कि आप किसे सपोर्ट करते हैं। क्योंकि उन सबको अपनी याद के एक ही बॉक्स में रख लेना और उनकी जयंती पर याद कर लेना काफी नहीं सच कहें तो मूर्खता नहीं बल्कि गैरजिम्मेदाराना और सतही है। लोगों को अपना इतिहास और अपने हीरो पता होने चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Nov 2021 12:09:37 +0530</pubDate>
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