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                <title>Money Laundering Scam - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Money Laundering Scam RSS Feed</description>
                
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                <title>फर्जी राजनीतिक दलों के जरिए 10 हजार करोड़ रुपये का काला धन हुआ सफेद, जेपीसी करे जांच : कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने भाजपा पर 3,260 फर्जी राजनीतिक दलों के जरिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का काला धन सफेद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चंदा दिखाकर टैक्स छूट ली गई और कमीशन काटकर राशि लौटाई गई। कांग्रेस ने इस मामले में जेपीसी (JPC) जांच की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jpc-should-investigate-if-rs-10000-crore-of-black-money/article-165110"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(1)28.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संरक्षण में देशभर में 3,260 फर्जी राजनीतिक दल बनाकर 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के काले धन को सफेद करने की धांधली से बड़े स्तर पर कर चोरी की गई है। कांग्रेस प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इन पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) के जरिए करोड़ों रुपये का चंदा दिखाकर, कर में छूट का लाभ लिया गया और दो से 15 प्रतिशत तक कमीशन काटकर शेष राशि वापस उन्हीं करोड़पतियों को पहुंचाई गई।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि आयकर विभाग और कर न्यायाधिकरण द्वारा कथित फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ न तो दंडात्मक कार्रवाई की गई और न ही आपराधिक मामला चलाया गया। उन्होंने कहा कि आयकर अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में अभियोजन और सात साल तक की सजा का प्रावधान है। गोहिल ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि राजनीतिक दलों को मिले चंदे और उनके खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करना तथा उसकी जानकारी आयकर विभाग को भेजना आयोग की जिम्मेदारी थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया।</p>
<p>उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फर्जीवाड़े में शामिल कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंटों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश किए जाने के बावजूद सरकार ने उन पर की जाने वाली कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग की और कहा कि बोगस दानदाताओं पर कानूनी जुर्माना लगाकर आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। पार्टी ने फर्जी राजनीतिक दलों के कर्ता-धर्ताओं तथा घोटाले में शामिल चार्टर्ड अकाउंटेंटों के खिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज करने और दानदाताओं तथा संबंधित कंपनियों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 17:02:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राजस्थान में सड़क हादसों की तीन बड़ी घटनाओं में 88 लोगों की मौत, जयपुर हादसे में भी नशे में ड्राइविंग प्रमुख कारण</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने जयपुर में डिजिटल अरेस्ट और आतंकवादी गतिविधियों का डर दिखाकर बुजुर्ग दंपती से हुई 76 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 50 लाख रुपये होल्ड करा दिए हैं। पुलिस ने बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के आरोपी अखंड प्रताप सिंह और सतपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/88-people-died-in-three-major-incidents-of-road-accidents/article-163644"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/road.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में वर्ष 2025 के दौरान हुई कुछ बड़ी सड़क दुर्घटनाओं ने वाहन सुरक्षा, सड़क इंजीनियरिंग, प्रवर्तन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमियों को उजागर किया। सड़क सुरक्षा संबंधी निष्पादन लेखापरीक्षा में दुर्घटनाओं के कई मामलों का अध्ययन किया गया। इनमें जैसलमेर, फलोदी और जयपुर में हुई तीन गंभीर दुर्घटनाएं शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन घटनाओं में मानवीय लापरवाही के साथ सड़क और वाहन सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थागत कमियां भी सामने आईं।</p>
<p><strong>जैसलमेर में चलती बस में लगी आग, 28 की मौत </strong></p>
<p>4 अक्टूबर 2025 को जैसलमेर में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर एक नव-पंजीकृत यात्री बस में चलते समय आग लग गई। हादसे में 28 लोगों की मौत हुई और सात यात्री गंभीर घायल हुए। जांच में आग लगने का कारण एसी गैस का रिसाव और शॉर्ट सर्किट बताया गया। रिपोर्ट में बस में गंभीर विद्युत दोष, निम्न गुणवत्ता के बॉडी फैब्रिकेशन और अनिवार्य अग्नि पहचान और अग्निशमन प्रणाली की कमी का उल्लेख किया गया। इसके अलावा सीटों की गलत स्थिति से आपातकालीन निकास बाधित था। बस में अग्निशामक और सुरक्षा हथौड़े भी उपलब्ध नहीं थे। रिपोर्ट ने इसे वाहन सुरक्षा मानकों के अनुपालन और पंजीकरण के बाद निरीक्षण व्यवस्था से जुड़ी गंभीर कमी के रूप में रेखांकित किया।</p>
<p>फलोदी में खड़े ट्रेलर से टकराया टेम्पो ट्रैवलर </p>
<p>2 नवंबर 2025 को फलोदी के निकट राष्टÑीय राजमार्ग-754-के पर टेम्पो ट्रैवलर और ट्रेलर के बीच भीषण दुर्घटना हुई। ट्रेलर को सड़क के कैरिजवे की लेन में अवैध रूप से खड़ा किया गया था। इसी क्षेत्र में भारतीय राष्टÑीय राजमार्ग प्राधिकरण के मार्गाधिकार क्षेत्र के भीतर एक अनधिकृत ढाबा भी स्थित था। ओवरटेक करते समय ट्रैवलर चालक खड़े ट्रेलर को नहीं देख पाया और पीछे से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में 45 लोगों की मौत हुई, जिनमें 40 महिलाएं और चार बच्चे शामिल थे। दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए।</p>
<p>सड़क सुरक्षा आॅडिट और समन्वित कार्रवाई की जरूरत</p>
<p>रिपोर्ट में इन घटनाओं से परिवहन, पुलिस और राजमार्ग प्राधिकरणों के बीच बेहतर समन्वय, मजबूत अनुपालन व्यवस्था, सड़क सुरक्षा आॅडिट और प्रभावी प्रवर्तन की जरूरत रेखांकित की गई है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर समय पर सुधारात्मक कदम उठाने और वाहन सुरक्षा मानकों की नियमित जांच को भी महत्वपूर्ण माना गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 14:02:16 +0530</pubDate>
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                <title>डिजिटल अरेस्ट के दौरान पुलिस की कार्रवाई: 76 लाख की ठगी, 50 लाख होल्ड, दो गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने जयपुर में डिजिटल अरेस्ट और आतंकवादी गतिविधियों का डर दिखाकर बुजुर्ग दंपती से हुई 76 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 50 लाख रुपये होल्ड करा दिए हैं। पुलिस ने बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के आरोपी अखंड प्रताप सिंह और सतपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/police-action-during-digital-arrest-fraud-of-rs-76-lakh/article-163641"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)84.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। साइबर अपराधियों ने पुलिस, एटीएस और एनआईए अधिकारी बनकर एक बुजुर्ग दंपती को कथित आतंकवादी गतिविधियों एवं मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी देकर की गई 76 लाख की साइबर ठगी के मामले में राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने 50 लाख की राशि होल्ड कराई है। पुलिस ने अखंड प्रताप सिंह निवासी गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश और सतपाल सिंह निवासी गाजीपुर दिल्ली को गिरफ्तार किया है। गत 14 अगस्त को मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने ठगी की रकम की मनी ट्रेल, आरोपियों के मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया।</p>
<p>व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुआ डिजिटल अरेस्ट का खेल: जयपुर निवासी परिवादी ने पुलिस को बताया कि 5 अगस्त को उनकी पत्नी के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आई। आरोपियों ने खुद को पुलिस, एटीएस और एनआईए का अधिकारी बताते हुए उनके आधार कार्ड से आतंकवादी गतिविधियों और करोड़ों रुपए के वित्तीय अपराध होने की बात कही। आरोपियों ने गिरफ्तारी और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ  कार्रवाई का भय दिखाया। आरोपियों ने दंपती के फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जानकारी एवं तस्वीरें मंगवाई। दबाव में आकर दंपती ने अपनी बचत को लिक्विडेट कर अलग-अलग बैंक खातों में 76 लाख ट्रांसफर कर दिए।</p>
<p><strong>बैंकिंग ट्रेल से बचाई रकम </strong></p>
<p>बैंकिंग ट्रेल में सामने आया कि ठगी की रकम एक खाते में पहुंचने के बाद उसी दिन आरटीजीएस के माध्यम से दूसरे खाते में तथा अगले दिन अन्य खाते में ट्रांसफर की गई। पुलिस टीम ने संबंधित बैंकों से समन्वय किया और ठगी की 76 लाख की रकम में से करीब 50 लाख होल्ड कराए।</p>
<p><strong>बैंक खाते उपलब्ध कराने में रही भूमिका  </strong></p>
<p>सतपाल सिंह कपड़ा निर्माण एवं सिलाई के व्यवसाय से जुड़ा है। उसने अपनी कंपनी के मैनेजर अखंड प्रताप सिंह के बैंक खातों की जानकारी साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराई। इन खातों में साइबर ठगी की 10 लाख और 7 लाख की रकम प्राप्त हुई। रकम निकलवाने और अन्य खातों में स्थानांतरित कराने में भी उसकी भूमिका सामने आई। कमीशन के लालच में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में सहयोग किया।    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:58:52 +0530</pubDate>
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