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                <title>Central Asia Diplomacy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Central Asia Diplomacy RSS Feed</description>
                
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                <title>मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे से भारत को मिले बड़े रणनीतिक फायदे, यूरेनियम समझौते से मजबूत होगी भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज़्बेकिस्तान दौरे को ऐतिहासिक करार दिया है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बताया कि ताशकंद में यूरेनियम आपूर्ति का समझौता देश की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद अहम है। इसके अलावा, 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी सहमति बनी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-got-big-strategic-benefits-from-modis-visit-to-uzbekistan/article-164271"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच यूरेनियम आपूर्ति को लेकर हुआ समझौता देश की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को यहां मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संवाददाताओं से कहा मोदी की उज़्बेकिस्तान की यात्रा ऐतिहासिक रही है। उन्होंने कहा, "पूरा देश जानता है कि ताशकंद ही वह जगह है, जहाँ हमारे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गयी थी।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि उस दौर में कई ऐसी ताकतें भी थीं जो परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों के पक्ष में नहीं थीं। आज, लगभग 60 साल बाद ताशकंद की उसी धरती से श्री मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में यूरेनियम आपूर्ति को लेकर एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। यह समझौता भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम है।</p>
<p>भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह बदलाव सिर्फ़ एक समझौते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि पिछले छह दशकों में भारत की वैश्विक स्थिति और रणनीतिक क्षमताएँ कैसे बदली हैं। उन्होंने बताया कि मोदी की यात्रा के दौरान यूरेनियम आपूर्ति के साथ-साथ, 2030 तक व्यापार को मौजूदा लगभग एक अरब डॉलर से बढ़ाकर पांच अरब डॉलर करने का लक्ष्य भी तय किया गया है। साथ ही, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति को लेकर भी एक अहम समझौता हुआ है।</p>
<p>त्रिवेदी ने कहा कि भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों के नज़रिये से मोदी की यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण रही है। उज़्बेकिस्तान के टर्मेज़ क्षेत्र में भगवान बुद्ध से जुड़ी विरासत स्थलों के संरक्षण की ज़िम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा लेना हमारी साझा सभ्यतागत विरासत को नयी मज़बूती देता है। उन्होंने कहा कि इस दौरान उज़्बेकिस्तान द्वारा मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करना भी एक ऐतिहासिक क्षण है। यह केवल प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, पहचान और राष्ट्रीय गौरव का सम्मान है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 14:36:58 +0530</pubDate>
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                <title>अजरबैजान-उज्बेकिस्तान संबंधों में नया अध्याय, राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव की यात्रा के दौरान शाश्वत मैत्री संधि पर हस्ताक्षर होंगे</title>
                                    <description><![CDATA[अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव की ताशकंद यात्रा के दौरान उज्बेकिस्तान और अज़रबैजान ने 'शाश्वत मैत्री संधि' पर हस्ताक्षर किए हैं। राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ हुई बैठक में दोनों देशों ने अपने रणनीतिक संबंधों और व्यापारिक साझेदारी को नए शिखर पर पहुंचाने तथा 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 1 अरब डॉलर तक बढ़ाने का संकल्प लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/new-chapter-in-azerbaijan-uzbekistan-relations-eternal-friendship-treaty-to-be/article-163697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/uzbekistan.png" alt=""></a><br /><p>ताशकंद। अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान शाश्वत मैत्री संधि पर हस्ताक्षर करेंगे। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव की प्रेस सेवा ने यह जानकारी दी। अजरबैजान के राष्ट्रपति अलीयेव रविवार को राजकीय यात्रा पर उज्बेकिस्तान पहुंचे। इसी दिन ताशकंद स्थित 'कुकसरॉय' निवास में दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने सीमित प्रारूप में बैठक की और सर्वोच्च अंतरराज्यीय परिषद की तीसरी बैठक में हिस्सा लिया।</p>
<p>मिर्जियोयेव ने कहा, "इसका प्रमाण शिखर बैठक के बाद शाश्वत मैत्री संधि पर हस्ताक्षर के रूप में सामने आएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारी रणनीतिक साझेदारी और गठबंधन के प्रत्येक पहलू को ठोस और प्रत्यक्ष कार्यों में बदला जाएगा।" अजरबैजान के राष्ट्रपति के सहायक हिकमत हाजीयेव ने भी शाश्वत मैत्री संधि पर हस्ताक्षर करने की देश की मंशा की पुष्टि की। उन्होंने अजरबैजान के मीडिया से कहा, "इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष जनता की इच्छा, साझा इतिहास और सांस्कृतिक जड़ों पर आधारित शाश्वत मैत्री संबंधों की संधि पर हस्ताक्षर करेंगे। दूसरे शब्दों में, उज्बेकिस्तान और अजरबैजान के बीच जो शाश्वत मैत्री व्यवहार में पहले से मौजूद है, उसे राजनीतिक क्षेत्र में भी औपचारिक रूप दिया जाएगा।"</p>
<p>अलीयेव के सहायक के अनुसार, उज्बेकिस्तान और अजरबैजान दोनों देशों के संबंध पहले ही रणनीतिक गठबंधन का रूप ले चुके हैं। राष्ट्रपति अलीयेव के सहायक हाजीयेव ने कहा, "2022 में दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच संपर्क के बाद अजरबैजान-उज्बेकिस्तान संबंध विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर नए स्तर पर पहुंचे। तब से दोनों देशों के संबंध रणनीतिक साझेदारी से गठबंधन और अब शाश्वत मैत्री की ओर बढ़े हैं। अजरबैजान के कूटनीतिक इतिहास में यह इस तरह का पहला मामला है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 17:24:48 +0530</pubDate>
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