<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/plantation-dispute/tag-89071" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>plantation dispute - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/89071/rss</link>
                <description>plantation dispute RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नरेगा पौधारोपण विवाद : मौके पर न काम मिला न जिन्दा पौधे, 2.77 लाख व्यय</title>
                                    <description><![CDATA[सरपंच बोली पौधे जानवर खा गए, अधिकारी बोले हमने मस्टररोल का भुगतान किया सुरक्षा का नहीं ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mnrega-plantation-dispute--no-work-or-surviving-saplings-found-on-site-despite-%E2%82%B92-77-lakh-expenditure/article-163723"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(2)61.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सुल्तानपुर पंचायत समिति क्षेत्र की अमरपुरा (उमरपुरा) ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत हुए वृक्षारोपण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। लोकपाल द्वारा जारी अवार्ड में पीडब्लयूडी अधिकारियों पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाते हुए वसूली के आदेश दिए गए थे। इसके जवाब में जयपुर में आयोजित उच्चस्तरीय सुनवाई के दौरान पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता, और ग्राम पंचायत सरपंच ने पेश होकर अपना-अपना पक्ष रखा। मामले की अगली सुनवाई 1 सितम्बर को होगी। 18 अगस्त को जयपुर में अपीलेट अथॉरिटी के समक्ष ढहऊ अधिकारियों व पंचायत प्रतिनिधियों ने एस्टीमेट, ॠढर साक्ष्य एवं संबंधित दस्तावेज जमा करा दिए हैं। फिलहाल अंतिम निर्णय लंबित है और अगली सुनवाई की तिथि नियत की गई है।</p>
<p><strong>लोकपाल ने जारी किया था वसूली अवार्ड</strong><br />लोकपाल जगदीश शर्मा ने 30 अप्रैल 2026 को सुरेला से खेड़ली घाटा तक वृक्षारोपण कार्य (कार्य कोड: ऊढ/112908987839) का औचक निरीक्षण किया गया था। इस कार्य की स्वीकृत राशि13.87 लाख रुपये में से 2.77 लाख रुपये व्यय होने के बावजूद मौके पर कार्य शून्य मिला और एक भी पौधा जीवित नहीं पाया गया। लोकपाल ने इसे वित्तीय अनियमितता मानते हुए 2 जून 2026 को जारी अवार्ड कर दिया जिसमें ढहऊ दीगोद के अएल्ल मोनू खंगार से राशि वसूली, तथा समय पर जवाब न देने व अनुशासनात्मक कार्रवाई के1,000 रुपये शास्ति का आदेश दिया था।</p>
<p><strong>पौधे जानवर खा गए, केवल लेबर उपलब्ध करवाई,हमें घसीटा जा रहा</strong><br />पुरे मामले पर नवज्योति ने अमरपुरा सरपंच गायत्री देवी से पक्ष जाना तो उन्होनें कहा कि पौधारोपण की मुख्य कार्यदायी एजेंसी पीडब्ल्यूडी थी। पंचायत का काम केवल नियमानुसार श्रमिक उपलब्ध कराना था, जिनका लगभग 2 लाख रुपये का भुगतान पीडब्ल्यूडी द्वारा सीधे किया गया। 3 मस्टरोल चले करीब 45दिनों की हाजरी भरी गई थी। मस्टररोल केवल रिकॉर्ड सुरक्षा हेतु पंचायत में रखी गई थी। सरपंच ने कहा कि पंचायत का वित्तीय लेन-देन या सुरक्षा से कोई सरोकार नहीं था, अतः पीडब्ल्यूडी के मामले में पंचायत को घसीटना अनुचित है। 3 साल बाद आप देखोगे तो क्या मिलेगा वहां पर? ऑन द रोड पर पौधे लगाओगे, जानवर ऐसे ही खा जाते हैं।<br /><strong>आरोप तथ्यहीन, ॠढर साक्ष्य उपलब्ध</strong></p>
<p>पीडब्ल्यूडी अएल्ल मोनू खंगार ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि एस्टीमेट के तहत 300 पौधों का रोपण कराया गया था, जिसके ॠढर फोटो व प्रशासनिक दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि लोकपाल टीम ने बिना पूर्व सूचना निरीक्षण किया था, जिससे भ्रम की स्थिति बनी। ट्री-गार्ड का कोई बजट स्वीकृत नहीं था। विभाग ने 30 दिवस की सीमा में अपीलेट अथॉरिटी के समक्ष अपील दर्ज करा दी थी।</p>
<p>लोक कल्याण व पौधारोपण के लिए सरकार पैसा खर्च करती है। हमारा काम लोकहित के कार्यो में खर्च धन की मोनिटरिंग व कार्यो की समीक्षा करने का है। मैने जो मौके पर देखा उसी आधार पर अवार्ड जारी किया है।<br /><strong>-जगदीश शर्मा लोकपाल जिला परिषद कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mnrega-plantation-dispute--no-work-or-surviving-saplings-found-on-site-despite-%E2%82%B92-77-lakh-expenditure/article-163723</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mnrega-plantation-dispute--no-work-or-surviving-saplings-found-on-site-despite-%E2%82%B92-77-lakh-expenditure/article-163723</guid>
                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 15:16:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/111200-x-600-px%29-%282%2961.png"                         length="1907896"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        