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                <title>colluding - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title> जमीनों के खेल में मिलीभगत कर रहे यूआईटी के अधिकारी </title>
                                    <description><![CDATA[नगर विकास न्यास (यूआईटी) के अधिकारी निजी बिल्डरों के साथ मिलकर जमीन बेचान में मिली भगत का खेल खेल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है।  जिसमें थेकड़ा स्थित पूर्व राज परिवार की सात बाग जमीन में से न्यास ने एक बिल्डर को 16 हैक्टेयर जमीन बेच दी। जबकि बिल्डर ने उस जमीन पर कॉलोनी काटकर भूखंड बेचना शुरू कर दिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/uit-officials-colluding-in-the-game-of-land/article-9686"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/baran--jhalawar-railway.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर विकास न्यास (यूआईटी) के अधिकारी निजी बिल्डरों के साथ मिलकर जमीन बेचान में मिली भगत का खेल खेल रहे हैं। स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल के गृह जिले में ही न्यास के अधिकारी निजी बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए जमीनों को बेचने में मिलीभगत कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है।  जिसमें थेकड़ा स्थित पूर्व राज परिवार की सात बाग जमीन में से न्यास ने एक बिल्डर को 16 हैक्टेयर जमीन बेच दी। जबकि बिल्डर ने उस जमीन पर कॉलोनी काटकर भूखंड बेचना शुरू कर दिया है। न्यास ने भी उस कॉलोनी के भूखंडों पर करीब एक तिहाई पट्टे जारी कर ले आउट प्लान तक पास कर दिया है।  इसकी जानकारी कुछ जागरूक लोगों को लगी तो उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में की। वहां शिकायत पहुंची तो इस संबंध में न्यास के अध्यक्ष व जिला कलक्टर से जवाब मांगा। इसके बाद जिला कलक्टर ने पट्टे जारी करने पर रोक लगाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। <br /><br />इस मामले को गत दिनों राज्य स्तरीय एक समाचार पत्र ने प्रकाशित भी किया था। यह तो एक मामला है जो सामने आया है। जबकि इसी तरह के कई अन्य मामले भी हैं। क्योंकि शहर में न्यास से अधिक निजी बिल्डरों व कोलोनाइजर्स द्वारा कॉलोनी कॉटी जा रही है। जिस  बिल्डर व कोलोनाइजर्स नीरज सुवालका को सात बाग वाली जमीन बेची गई है उनकी शहर के कई क्षेत्रों में बड़ी-बड़ी कॉलोनी बनी हुई है। कुन्हाड़ी से लेकर डकनिया स्टेशन रोड तक इनकी कई मल्टी स्टोरी बनी हुई हैं और कई का काम चल रहा है। इस जमीन के बेचान में न्यास के तत्कालीन चेयरमेन से लेकर सचिव और तहसीलदार समेत कई बड़े अधिकारी जुड़े हुए हैं। जबकि मामला सामने आने पर न्यास के अधिकारी इससे बचने का प्रयास करते हुए स्वयं के द्वारा कोई गलत काम करना नहीं बता रहे हैं। <br /><br /><strong>जनवरी में आवेदन, मार्च में ले आउट प्लान पास</strong><br />नगर विकास न्यास में जहां कई लोग ले आउट प्लान पास करवाने के लिए महीनों तक चककर लगाते रहते हैं। वहीं कई बड़े निजी बिल्डर व कोलोनाइजर्स से न्यास अधिकारियों की इतनी अधिक मिली भगत है कि उनके काम बिना किसी देरी के हो रहे हैं। थेकड़ा में सात बाग की 16 हैक्टेयर जमीन को निजी बिल्डर नीरज सुवालका, उसकी पत्नी सुनीता व पुत्री मंशिका को बेचा गया है। उन तीनों के नाम सितम्बर 2021 में रजिस्ट्री की गई और उसके तीन दिन बाद ही उसका नामांतरण खुल गया। न्यास अधिकारियों की निजी बिल्डर से मिली भगत के खेल का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिल्डर ने जनवरी 2022 में कॉलोनी सूजित करने के लिए न्यास में आवेदन किया। दो माह के भीतर ही मार्च में न्यास अधिकारियों ने उस जमीन का नक् शा व ले आउट प्लान पास कर दिया। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />न्यास में मिलीभगत का खेल चल रहा है। ऐसी मुझे कोई जानकारी नहीं है। ऐसे कौन अधिकारी हैं मुझे जानकारी नहीं है। सात बाग वाली जमीन पर किसी तरह की कोई रोक नहीं है। न्यास ने जो भी कार्रवाई की है वह विधिक व पूरी प्रक्रिया अपनाते हुए सही की है। इसमें कोई गलत काम या मिली भगत नहीं हुई है। जिसने भी इस मामले को प्रकाशित किया है वह गलत है। <br /><strong>-राजेश जोशी, सचिव नगर विकास न्यास</strong> <br /><br />मिली भगत या भ्रष्टाचार जैसी कोई जानकारी मेरे सामने नहीं आई है। राज परिवार की जमीन संबंधी मामले  की मुझे कोई जानकारी नहीं है। इस मामले में कुछ भी कहने के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं। न्यास के चैयरमेन व सचिव ही इस बारे में कोई जानकारी दे सकते हैं। <br /><strong>-आर.डी. मीना, विशेषाधिकारी नगर विकास न्यास</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 May 2022 15:46:13 +0530</pubDate>
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                <title>बजरी माफिया से मिलीभगत के आरोपी आरपीएस को मिली जमानत</title>
                                    <description><![CDATA[न्यायाधीश नरेन्द्र सिंह की एकलपीठ ने यह आदेश आरोपी विजय सेहरा की जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%AD%E0%A4%97%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%A4/article-2472"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/hc4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> राजस्थान हाईकोर्ट ने बजरी माफिया से मिलीभगत करने के आरोप में गिरफ्तार दूदू के तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक विजय सेहरा को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश नरेन्द्र सिंह की एकलपीठ ने यह आदेश आरोपी विजय सेहरा की जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए दिए।</p>
<p><br />जमानत याचिका में अधिवक्ता रजनीश गुप्ता ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता प्रार्थी को मामले में राजनीतिक द्वेषता के चलते फंसाया गया है। मामले में दर्ज एफआईआर में उसका नाम भी नहीं है। इसके अलावा उसे पूर्व में ही एपीओ किया जा चुका था। इसके अलावा उससे कोई पूछताछ शेष नहीं है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जाए। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने कहा कि आरोपी पुलिस अधिकारी ने बजरी माफियाओं से मिलीभगत कर लाखों रुपए की वसूली की है। आरोपी दलालों के जरिए बजरी परिवहन करने वालों माफियाओं से प्रति गाड़ी के रुपए वसूल करता था। इसके अलावा प्रकरण में अनुसंधान लंबित है। यदि आरोपी को जमानत पर रिहा किया गया तो वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने के साथ ही गवाहों को प्रभावित भी कर सकता है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने आरोपी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि गत तीन नवंबर को एसओजी ने दूदू सीओ रहते हुए बजरी माफियाओं से मिलीभगत करने, उनकी गाड़ियों को पास कराने और बजरी कारोबारियों को संरक्षण देने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Nov 2021 15:53:46 +0530</pubDate>
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