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                <title> Water Bills - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> Water Bills RSS Feed</description>
                
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                <title>पीएचईडी : चार साल पुराने एईएन के हस्ताक्षर से जारी हो रहे पानी के बिल, जयपुर में जलदाय विभाग की बिलिंग व्यवस्था कटघरे में</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में अप्रैल-मई 2026 के पानी के बिल अगस्त में जारी, जिन पर चार साल पुराने सहायक अभियंता दिनेश शर्मा के हस्ताक्षर दिखाई दे रहे। करीब छह हजार बिल जारी हो चुके। कई उपभोक्ताओं को बिना मीटर रीडिंग हजारों रुपये के बिल मिले। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/phed-water-bills-are-being-issued-under-the-signature-of/article-163795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/jal-bhavan.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी में जलदाय विभाग की पानी की बिलिंग व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। विभाग द्वारा मानसरोवर एरिया में अप्रैल व मई 2026 के बिल अगस्त माह में जारी किए गए पानी के बिलों पर करीब चार वर्ष पूर्व सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत रहे दिनेश शर्मा के हस्ताक्षर दिखाई दे रहे हैं, जबकि वर्तमान में दिनेश शर्मा जलदाय विभाग की विशेष परियोजना जयपुर में अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर पुराने हस्ताक्षर वाले बिल वर्तमान में किस प्रक्रिया और किस अधिकृत व्यवस्था के तहत जारी किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अब तक क्षेत्र में करीब छह हजार बिल जारी किए जा चुके हैं।</p>
<p><strong>मीटर की रीडिंग नहीं, फिर भी हजारों के बिल :</strong></p>
<p>अनेक उपभोक्ताओं के घरों पर वास्तविक मीटर रीडिंग लिए बिना ही पानी के बिल जारी किए जाने के मामले सामने आए हैं। कुछ उपभोक्ताओं को तो 30 हजार रुपए तक के बिल जारी होने की बात सामने आई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब मौके पर मीटर की रीडिंग ही नहीं ली गई तो बिल में दर्ज खपत का आधार क्या है। पुरानी रीडिंग को आधार बनाकर नए बिल जारी किए जाने के आरोपों ने विभाग की बिलिंग प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला केवल एक-दो उपभोक्ताओं का नहीं बल्कि जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों में बिना वास्तविक मीटर रीडिंग के पानी के बिल जारी किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>रीडिंग से प्रिंटिंग और वितरण तक निजी एजेंसी के हवाले :</strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार बिल प्रिंटिंग, मीटर रीडिंग और बिल वितरण का ठेका रूद्र एजेंसी जयपुर के पास है। एजेंसी ने यह कार्य आगे पुरानी बिल कंपनी को सबलेट कर दिया। सवाल यह है कि विभाग द्वारा अधिकृत कार्य किसी दूसरी कंपनी के माध्यम से कैसे कराया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 11:46:47 +0530</pubDate>
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