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                <title>  भारत माता और वंदे मातरम् के जयघोष से गूंजा ब्यावर</title>
                                    <description><![CDATA[ढोल ढमाकों के साथ जगह-जगह स्वागत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer--beawar-reverberated-with-the-chants-of-bharat-mata-and-vande-mataram/article-9138"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/ww.jpg" alt=""></a><br /><p>ब्यावर। कांग्रेस सेवादल की ओर से निकाली जा रही आजादी की गौरव यात्रा बुधवार सुबह ब्यावर पहुंची। यहां शहरवासियों ने जोरदार स्वागत किया। जालिया रोड से लेकर अजमेर रोड तक विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाआें से जुड़े कार्यकर्ताओं सहित कांग्रेस के सभी अग्रिम संगठनों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान देशभक्ति के तरानों ने पूरे माहौल में जोश भर दिया। भारत माता एवं वंदे मातरम् के जयघोष से शहर के मुख्य मार्ग गूंज उठे। </p>
<p>जालिया रोड स्थित बालाजी एकेडमी से शुरू हुई यात्रा अजगर बाबा के थान, होटल राज महल, हेड़ा हॉस्पीटल चौराहा होते हुए चांग गेट पहुंची, जहां यात्रा दल के सदस्यों ने महात्मा गांधी सर्किल स्थित गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद देश भक्ति गीतों के साथ यात्रा दल आगे बढ़ा और पाली बाजार, लौहारान चौपड़ होते हुए भारत माता सर्किल, अजमेरी गेट, सुभाष सर्किल, रोडवेज बस स्टैंड, सतपुलिया होते हुए पीपलाज की ओर प्रस्थान किया। रास्ते में जगह-जगह शहरवासी यात्रा की अगवानी में पलक पावड़े बिछाए खड़े मिले। लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा दल का स्वागत किया। देशभक्ति का जज्बा लिए यात्रा दल के कदम जैसे-जैसे आगे बढ़ते गए, लोगों में जोश उमड़ता गया। यात्रा के साथ कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी भाई देसाई, प्रदेशाध्यक्ष हेमसिंह शेखावत भी मौजूद थे। इनका स्थानीय नेताओं ने माला एवं साफा पहनाकर सम्मान किया। </p>
<p><strong>मेवाड़ा ने किया स्वागत</strong></p>
<p>सेंदड़ा रोड पर नेता प्रतिपक्ष दलपतराज मेवाड़ा ने यात्रा की अगवानी की। अनेक कांग्रेस पार्षद एवं कार्यकर्ता भी मौजूद थे। जिन्होंने यात्रा में शामिल सदस्यों का सूत की माला पहनाकर अभिनंदन किया। यादव ट्रांसपोर्ट पर कांग्रेस नेता सुरेन्द्र यादव, राम यादव, कांग्रेस नेत्री पुष्पांजलि पारीक आदि ने भी पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। </p>
<p><strong>कांग्रेस ने देश की आजादी में दिया योगदान</strong></p>
<p>चांग गेट पर यात्रा के आगमन के बाद प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव पारस पंच ने कहा कि देश की आजादी में कांग्रेस का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस संगठन से जुड़े लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में अपने प्राणों की बाजी लगाई है।</p>
<p><strong>ये रहे मौजूद</strong></p>
<p>यात्रा की अगवानी करने वालों में ओमप्रकाश मिश्रा, मनोज चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष सोहन मेवाड़ा, ब्यावर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष भूपेन्द्रपाल पंवार, सेवादल के जिला मुख्य संगठक एडवोकेट विक्रम सोनी, शैलेश शर्मा, पार्षद भारत बाघमार, विजेन्द्र प्रजापति, एडवोकेट रामेश्वर मेवाड़ा, पूर्व सभापति कमला दगदी, शांति डाबला, भंवरलाल वैष्णव, हारूण छीपा, मीनाक्षी कुमावत, गिरधारी पंवार, प्रकाश सांखला, देवेन्द्रसिंह काठात, प्रकाश मेघलवाल, राजू गुजर्र, राजेन्द्र ओस्तवाल, अशोक रांका, जगदीशसिंह राठौड़ आदि अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 May 2022 12:09:13 +0530</pubDate>
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                <title>अगले 25 साल देश के विधायी सदनों में गूंजे केवल ‘कर्त्तव्य’ का मंत्र' : PM मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[संसद एवं विधानमंडलों के अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के शताब्दी सम्मेलन का नई दिल्ली से वीडियो लिंक के माध्यम से उद्घाटन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%85%E0%A4%97%E0%A4%B2%E0%A5%87-25-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%82%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%B2-%E2%80%98%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E2%80%99-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0----pm-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80/article-2473"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/modi.jpg" alt=""></a><br /><p>शिमला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद एवं देश के पीठासीन अधिकारियों का बुधवार को आह्वान किया कि आज़ादी के अमृत काल में अगले 25 साल तक सदनों में बार बार ‘कर्तव्य’ के मंत्र पर जोर दें तथा विधायी निकायों के सदनों में गुणवत्तापूर्ण परिचर्चा के लिए अलग से समय निर्धारित करें जिसमें मर्यादा, गंभीरता एवं अनुशासन हो तथा इससे स्वस्थ लोकतंत्र का मार्ग प्रशस्त हो।</p>
<p><strong>संसद एवं विधानमंडलों के अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के शताब्दी सम्मेलन का VC से उद्घाटन </strong> <br /> प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को यहां संसद एवं विधानमंडलों के अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के शताब्दी सम्मेलन का नई दिल्ली से वीडियो लिंक के माध्यम से उद्घाटन किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में 82वें पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का आयोजन 16, 17 एवं 18 नवंबर को यहां हो रहा है। देश के पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन की शुरुआत 1921 में हुई थी और पहला सम्मेलन शिमला में हुआ था। इसलिये शताब्दी सम्मेलन का आयोजन भी शिमला में किया जा रहा है।</p>
<p><strong>सदन में हमारा खुद का भी आचार-व्यवहार भारतीय मूल्यों के हिसाब से हो, ये हम सबकी ज़िम्मेदारी है: मोदी</strong><br /> सम्मेलन में बिरला के साथ राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, विधानसभा में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने भी संबोधित किया। सम्मेलन मेंदेश के सभी राज्यों के पीठासीन अधिकारी शामिल हुए। मोदी ने अपने संबोधन में सदन में नयी कार्यप्रणाली को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा, “हमारे सदन की परम्पराएँ और व्यवस्थाएं स्वभाव से भारतीय हों, हमारी नीतियाँ, हमारे कानून भारतीयता के भाव को, ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करने वाले हों, सबसे महत्वपूर्ण, सदन में हमारा खुद का भी आचार-व्यवहार भारतीय मूल्यों के हिसाब से हो, ये हम सबकी ज़िम्मेदारी है।</p>
<p><strong>नकारात्मक भाव को कम करके उनसे जुड़ने और स्वयं राजनीति से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी</strong><br /> उन्होंने पीठासीन अधिकारियों के समक्ष विचारणीय प्रश्न रखते हुए कहा, “क्या साल में 3-4 दिन सदन में ऐसे रखे जा सकते हैं जिसमें समाज के लिए कुछ विशेष कर रहे जनप्रतिनिधि अपना अनुभव बताएं, अपने समाज जीवन के इस पक्ष के बारे में भी देश को बताएं। आप देखिएगा, इससे दूसरे जनप्रतिनिधियों के साथ ही समाज के अन्य लोगों को भी कितना कुछ सीखने को मिलेगा।” उन्होंने कहा कि इससे रचनात्मक समाज के लोगों को भी राजनीतिज्ञों के प्रति नकारात्मक भाव को कम करके उनसे जुड़ने और स्वयं राजनीति से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी। इस प्रकार से राजनीति में बहुत परिवर्तन आएगा।</p>
<p><strong>सदन में ताज़गी लाने और नयी कार्यप्रणाली विकसित करने की जरूरत</strong><br /> उन्होंने विधायी निकायों में परिचर्चा को स्वस्थ बनाने के लिए पीठासीन अधिकारियों को सुझाव देते प्रश्न किया, “हम गुणवत्तापूर्ण परिचर्चा के लिए भी अलग से समय निर्धारित करने के बारे में सोच सकते हैं क्या? ऐसी परिचर्चा जिसमें मर्यादा का, गंभीरता का पूरी तरह से पालन हो, वह राेजमर्रा की राजनीति से मुक्त हो और कोई किसी पर राजनीतिक छींटाकशी ना करे। एक तरह से वो सदन का सबसे स्वस्थ समय हो, स्वस्थ दिवस हो।” उन्होंने कहा कि सदन में ज्यादातर सदस्य पहली बार चुन कर आये होते हैं और उनमें जनता के मुद्दों को लेकर बहुत ऊर्जा होती है। सदन में ताज़गी लाने और नयी कार्यप्रणाली विकसित करने की जरूरत है। नए सदस्यों को सदन से जुड़ी व्यवस्थित ट्रेनिंग दी जाए। सदन की गरिमा और मर्यादा के बारे में उन्हें बताया जाए। हमें सतत संवाद बनाने पर बल देना होगा। राजनीति के नए मापदंड भी बनाने ही होंगे। इसमे सभी पीठासीन अधिकारियों की भूमिका भी बहुत अहम है।</p>
<p><strong>“वन नेशन-वन राशन कार्ड की तर्ज पर मेरा एक विचार ‘वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म’ का है: मोदी</strong><br /> प्रधानमंत्री ने सदन की उत्पादकता को बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए नियमों में बदलाव के लिए एक समिति का गठन किया जाना चाहिए। हमारे कानूनों में व्यापकता तभी आएगी जब उनका जनता के हितों में सीधा जुड़ाव होगा। इसके लिए सदन में सार्थक चर्चा और परिचर्चा बहुत जरूरी है। सदन में युवा सदस्यों को, आकांक्षी क्षेत्रों से आने वाले जनप्रतिनिधियों को, महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा मौका मिलना चाहिए। उन्होंने तकनीक को भी प्रमुख स्थान दिये जाने पर बल देते हुए कहा, “वन नेशन-वन राशन कार्ड की तर्ज पर मेरा एक विचार ‘वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म’ का है। एक ऐसा पोर्टल जो न केवल हमारी संसदीय व्यवस्था को जरूरी तकनीकी बल दे, बल्कि देश की सभी लोकतान्त्रिक इकाइयों को जोड़ने का भी काम करे।”</p>
<p><br /> मोदी ने आजादी के अमृतकाल से लेकर आजादी के शताब्दी वर्ष के बीच 25 वर्ष के दौरान देश में कर्त्तव्य को सर्वाधिक महत्व दिये जाने का आह्वान करते हुए कहा, “अगले 25 वर्ष, भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसमें हम एक ही मंत्र को चरितार्थ कर सकते हैं क्या - कर्तव्य, कर्तव्य, कर्तव्य।” उन्होंने कहा कि हर बात में कर्त्तव्य सर्वोपरि है। 50 साल की कार्यशैली में कर्त्तव्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सदनों में ये संदेश बार बार दोहराया जायेगा तो देश के नागरिकों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। यह 130 करोड़ भारतीयों को कर्त्तव्य का बोध कराके देश को कई गुना बढ़ाने का मंत्र है।</p>
<p><br /> प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लिए लोकतन्त्र सिर्फ एक व्यवस्था नहीं है। लोकतन्त्र तो भारत का स्वभाव है, भारत की सहज प्रकृति है। उन्होंने कहा कि हमें आने वाले वर्षों में, देश को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना है, असाधारण लक्ष्य हासिल करने हैं। ये संकल्प ‘सबके प्रयास’ से ही पूरे होंगे। और लोकतन्त्र में, भारत की संघीय व्यवस्था में जब हम ‘सबका प्रयास’ की बात करते हैं तो सभी राज्यों की भूमिका उसका बड़ा आधार होती है।</p>
<p><br /> उन्होंने कहा कि चाहे पूर्वोत्तर की दशकों पुरानी समस्याओं का समाधान हो, दशकों से अटकी-लटकी विकास की तमाम बड़ी परियोजनाओं को पूरा करना हो, ऐसे कितने ही काम हैं जो देश ने बीते सालों में किए हैं, सबके प्रयास से किए हैं। अभी सबसे बड़ा उदाहरण हमारे सामने कोरोना का भी है। उन्होंने कहा कि हमारा देश विविधताओं से भरा है। अपनी हजारों वर्ष की विकास यात्रा में हम इस बात को अंगीकृत कर चुके हैं कि विविधता के बीच भी, एकता की भव्य और दिव्य अखंड धारा बहती है। एकता की यही अखंड धारा, हमारी विविधता को संजोती है, उसका संरक्षण करती है। तीन दिन के इस सम्मेलन के समापन समाराेह के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 17 Nov 2021 16:08:43 +0530</pubDate>
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