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                <title>UP Cabinet Decision - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>UP Cabinet Decision RSS Feed</description>
                
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                <title>भाजपा सरकार है या दुकानदार? JPNIC को निजी हाथों में सौंपने पर अखिलेश का तंज, बोले-कमीशन भाजपा की गाड़ी का तेल-पानी है और निजीकरण उसका जुगाड़ </title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा लखनऊ स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को 30 वर्ष की लीज पर निजी समूह को सौंपने के फैसले पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने भाजपा पर सार्वजनिक संपत्तियों के अंधाधुंध निजीकरण और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने का प्रयास कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/is-it-bjp-government-or-shopkeepers-akhilesh-taunted-on-handing/article-163900"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/akhilesh.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ के जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) को निजी हाथों में सौंपने के प्रदेश सरकार के फैसले पर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा, ‘‘भाजपा सरकार है या दुकानदार? अब उप्र की भाजपा सरकार ने लखनऊ के जे.पी.एन.आई.सी. को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय कैबिनेट में ले लिया है। अब तो बस सरकार को ही ठेके पर देना या बेचना बचा है।कमीशन भ्रष्ट भाजपा की गाड़ी का तेल-पानी है और निजीकरण उसका जुगाड़।’’</p>
<p>ग़ौरतलब है कि प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके तहत जेपीएनआईसी को संचालन और रखरखाव के लिए निजी समूह को 30 वर्ष की लीज पर दिया जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक चयनित निजी समूह लखनऊ विकास प्राधिकरण को 831 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा। जेपीएनआईसी पिछली समाजवादी पार्टी सरकार की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल रहा है और इसे लेकर लंबे समय से राजनीतिक विवाद भी रहा है। प्रदेश सरकार का कहना है कि करीब 265 करोड़ रुपये की प्रारंभिक योजना वाली यह परियोजना बाद में 800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च वाली परियोजना बन गई।</p>
<p>सरकार के मुताबिक अब इसका उद्देश्य लंबे समय से अधूरे और विवादित रहे इस परिसर को सम्मेलन, संस्कृति और खेल गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कैबिनेट की मंजूरी जेपीएनआईसी की संपत्ति की बिक्री के लिए नहीं है। इसके तहत इस सेंटर को 30 वर्ष की लीज पर संचालन और रखरखाव के लिए दिया जाएगा। जमीन और पूरी संपत्ति का स्वामित्व प्राधिकरण के पास ही रहेगा, जबकि चयनित बोलीदाता निविदा की शर्तों के अनुसार केंद्र के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। हालांकि, अखिलेश यादव ने सरकार के इस फैसले को लेकर सवाल उठाते हुए इसे निजीकरण की नीति का हिस्सा बताया और भाजपा सरकार पर सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 12:13:17 +0530</pubDate>
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                <title>बुजुर्ग माता-पिता से बदसलूकी पड़ेगी भारी! योगी सरकार का बड़ा फैसला, बच्चों को संपत्ति से किया जा सकेगा बेदखल; जानें पूरा प्लान </title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण नियमावली-2014 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत बुजुर्गों से दुर्व्यवहार या भरण-पोषण न करने वाले बच्चों को संपत्ति से बेदखल किया जा सकेगा। मामलों की सुनवाई 30 दिन में होगी तथा सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/atrocities-on-old-parents-will-be-heavy-big-decision-of/article-163889"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/yogi1.png" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश। लखनऊ। बुजुर्ग माता-पिता के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने नियमों में अहम बदलाव करने का फैसला किया है। योगी कैबिनेट ने वर्ष 2014 में बनाए गए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण संबंधी नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। संशोधन के बाद नियम 22 के अंतर्गत 22-क, 22-ख और 22-ग नाम से तीन नए प्रावधान जोड़े जाएंगे। अब इस नियम के तहत बुजुर्ग माता पिता ऐसे बच्चों को अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे जो कि उनकी सही से देखभाल नहीं करते हैं या उन पर अत्याचार करते हैं।</p>
<p>उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। साल 2012 में प्रदेश सरकार ने इसे लागू किया था और साल 2014 में इसके लिए नियमावली भी जारी की गई थी। इन नए प्रविधानों के तहत यदि अब कोई भी व्यक्ति अपने बुजूर्ग माता पिता से दुर्व्यवहार करता है या फिर उनका भरण-पोषण सही तरीके से नहीं करता है तो पीड़ित बुजुर्ग को पूरा हक है कि वो ऐसे बच्चों को अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकते हैं।</p>
<p>ऐसे मामलों की शिकायता जिला स्तरीय भरण पोषण अधिकरण के समक्ष शिकायत की जा सकेगी जिसकी सुनवाई 30 दिनों के अंदर ही की जाएगी, ताकि पीड़ित बुजुर्गो को जल्द न्याय मिल सके। इसके अलावा यदि को बुजुर्ग आवेदन करने में समर्थ है तो कोई भी संस्था उनकी तरफ से आवेदन दाखिल कर सकती है। इतना ही नहीं, संबंधित पुलिस भी इन आदेशों को पालन करने के लिए बा​ध्य होगी। इसके लिए सरकार की तरफ से जल्द ही टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा ताकि किसी भी वरिष्ठ नागरिक को बिना किसी परेशानी के घर बैठे ही न्याय मिल सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 11:32:28 +0530</pubDate>
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