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                <title>China Nepal Border - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>China Nepal Border RSS Feed</description>
                
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                <title>तिब्बत में भूस्खलन से हाहाकार, लापता लोगों की तलाश के लिए चीन कर रहा हर संभव प्रयास: शी जिनपिंग  </title>
                                    <description><![CDATA[चीन-नेपाल सीमा पर स्थित गिरोंग चेकपॉइंट और तिब्बत क्षेत्र में भीषण भूस्खलन के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सभी लापता नागरिकों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। आपदा के बाद प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर खोज अभियान जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/more-than-900-people-died-due-to-landslide-in-tibet/article-164272"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/shi-jinping.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि उनकी सरकार तिब्बत क्षेत्र में भूस्खलन के बाद लापता लोगों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। नेपाल में 26 अगस्त को बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ था, जिससे तिब्बत क्षेत्र में चीन-नेपाल सीमा पर स्थित गिरोंग चेकपॉइंट के पास भारी तबाही हुई। ताजा आंकड़ों के अनुसार, चीन-नेपाल में आयी इस प्राकृतिक आपदा के कारण 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 4,000 से अधिक लोग लापता हैं।</p>
<p>किर्गिस्तान की राजधानी बिशकेक में वहां के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के साथ बैठक में जिनपिंग ने कहा, "तिब्बत क्षेत्र में आये मलबे के बहाव के बाद लापता दर्ज चीनी और विदेशी नागरिकों की तलाश के लिए चीन हर संभव प्रयास कर रहा है।" स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस भीषण भूस्खलन के कारण तीन रूसियों सहित 23 देशों के 261 विदेशी नागरिकों से संपर्क टूट गया था। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि भीषण भूस्खलन के बाद चीन-नेपाल सीमा पर चलाये जा रहे बचाव कार्य अपनी जटिलता और गंभीरता के मामले में अभूतपूर्व हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 18:13:18 +0530</pubDate>
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                <title>नेपाल में बाढ़ में 270 की मौत: 1500 लोग लापता, विदेशी पर्यटक भी शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल की भोटेकोशी नदी में हिमस्खलन के कारण आई अचानक बाढ़ से भारी तबाही हुई है। इस हादसे में 160 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों पर्यटक व स्थानीय नागरिक लापता हैं। बाढ़ से पुल, राजमार्ग तथा कई जलविद्युत परियोजनाएं ध्वस्त हो गई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/162-dead-826-people-missing-in-bhotekoshi-flood-in-nepal/article-163998"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/floods.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ में कम से कम 270 लोगों की मौत हो गयी और बाढ़ में लापता लोगों की संख्या बढ़कर 1500 हो गई है। इनमें 590 पर्यटक और 177 भारतीय सहित स्थानीय निवासी, सुरक्षाकर्मी तथा विदेशी और नेपाली पर्यटक शामिल हैं।</p>
<p>बताया गया है कि भोटेकोशी की सहायक नदी ल्हेंदे के प्रवाह को हिमस्खलन से अवरुद्ध होने के बाद अचानक पानी का भारी दबाव बना और बाढ़ ने सबसे पहले चीन की सीमा से लगे रसुवा जिले के तिमुरे क्षेत्र को अपनी चपेट में लिया। सैकड़ों लोगों की आबादी वाला यह इलाका देखते ही देखते बह गया और इसके बाद बाढ़ का पानी नीचे की ओर बढ़ गया। क्षेत्र में बारिश नहीं होने के कारण लोगों को किसी बड़ी बाढ़ की आशंका नहीं थी और वे रोजमर्रा के काम में लगे थे।</p>
<p>प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ में नौ जलविद्युत परियोजनाएं और नौ वाणिज्यिक बैंकों की शाखाएं तबाह हो गयी हैं। इसके अलावा 19 मोटर योग्य पुल और करीब 40 किलोमीटर राजमार्ग बह गये हैं। निजी और सरकारी संपत्ति को हुए कुल नुकसान का अभी आकलन नहीं हो सका है। नुवाकोट के बिदुर नगरपालिका-7 के अध्यक्ष रवींद्र नेपाल ने बताया कि सोले से अक्करे बाजार तक सैकड़ों मकान बाढ़ में नष्ट हो गये हैं। कई लोग सुरक्षित स्थानों तक पहुंच गये, लेकिन बड़ी संख्या में बुजुर्ग और बच्चे अभी लापता हैं। स्थानीय निवासी गोकरण अधिकारी ने बताया कि उनके गांव में लगभग कुछ भी नहीं बचा है और अधिकांश परिचित लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं।</p>
<p>आपदा के बाद समय पर चेतावनी नहीं मिलने को लेकर भी सवाल उठे हैं। रसुवा जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार उन्हें तिब्बत से उत्पन्न बाढ़ के बारे में पहले कोई जानकारी नहीं थी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सीमा पार आपदा की तत्काल सूचना उपलब्ध होती तो जान-माल का नुकसान कम किया जा सकता था। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने उपग्रह तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर प्रारंभिक तौर पर बताया कि रसुवागढ़ी सीमा चौकी से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व, तिब्बत में हिमस्खलन के कारण ल्हेंदे नदी में मलबे के साथ बाढ़ आयी।</p>
<p>पूर्व एनडीआरआरएमए प्रमुख अनिल पोखरेल ने कहा कि नेपाल और चीन के बीच ऐसी आपदाओं के लिए सूचना साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल आपदा के बाद राहत और बचाव तक सीमित रहने के बजाय ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे समय रहते जान बचायी जा सके। बाढ़ के बाद नेपाल के जल तथा मौसम विज्ञान विभाग और चीन के मौसम प्रशासन के अधिकारियों के बीच बुधवार को ऑनलाइन बैठक हुई। इसके बाद चीन ने सहमति जताई कि अपनी ओर पानी का स्तर बढ़ने पर वह नेपाल को तत्काल सूचना देगा।</p>
<p>नेपाल और चीन ने 2019 में आपदा जोखिम न्यूनीकरण और आपात प्रतिक्रिया में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे। इसमें सूचना साझा करने, प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी, प्रशिक्षण और आपदा जोखिम न्यूनीकरण परियोजनाओं समेत नौ क्षेत्रों में सहयोग का प्रावधान है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 15:11:15 +0530</pubDate>
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