<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/semester/tag-8987" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>semester - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/8987/rss</link>
                <description>semester RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राजकीय कन्या महाविद्यालय में शास्त्रीय गायन व सितार वादन की दी जाती है शिक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[महाविद्यालय में छह पद स्वीकृत जिनमें गायन व वादन में एक-एक पद खाली हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-music-sparks-employment-opportunities/article-132513"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/500-px)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय कन्या कला महाविद्यालय में संचालित संगीत विभाग के नजदीक से आप गुजर रहे है तो वहां गुरूजनों के पैर छूती और सरस्वती वंदना करती हुई छात्राओं को देखकर आप चौकियें मत ये सभी संगीत  विभाग की छात्राएं हैं। एचओडी प्रेरणा शर्मा ने बताया कि अभी महाविद्यालय में करीब शास्त्रीय गायन व सितार वादन में करीब 100 छात्राएं अध्ययनरत हैं। जो कि हाड़ौती सहित अन्य स्थानों से यहां पर छात्राएं प्रवेश लेती है। वहीं कॉलेज में बरर्सों से छात्राओं को संगीत की  शिक्षा दे रही हूं। अभी तक महाविद्यालय की छात्राओं ने देश सहित विदेश में शहर व कॉलेज का नाम रोशन किया। एचओडी ने बताया कि संगीत में  प्रवेश लेने के लिए उम्र की कोई बाध्यता नहीं होती है। यदि कोई छात्रा बीए करने बाद भी संगीत की शिक्षा लेना चाहते है तो उनका सरकारी प्रक्रिया के तहत एडमिशन होता है। पहले वर्ष में एक बार एग्जाम होता था। अब सेमेस्टर प्रणाली के तहत एग्जाम  का आयोजन होता हैं। वहीं अभी महाविद्यालय में शास्त्रीय गायन व सितार वादन की शिक्षा दी जाती है। शास्त्रीय गायन में तीन अध्यापक जिसमें डॉ. राजेंद्र माहेश्वरी, पुनीता श्रीवास्तव, संतोष कुमार मीणा व सितार वादन में एक अध्यापिका है जिनमें एचओडी प्रेरणा शर्मा, ताबला वादन में देवेंद्र कुमार सक्सेना व महूराज राव द्वारा ताबले की कमान संभाली जाती हैं। महाविद्यालय में छह पद स्वीकृत जिनमें गायन व वादन में एक-एक पद खाली हैं। </p>
<p><strong>इतने है रोजगार के अवसर </strong><br />ऐसी छात्राएं जो कि पढ़ाई-लिखाई से हटकर अन्य किसी फील्ड़ में कामयाब होना चाहते हैं, तो वह संगीत  के क्षेत्र में कामयाब हो सकते है। संगीत के क्षेत्र में  शिक्षा लेने के बाद विद्यार्थी के सामने अपार रोजगार की संभावना है। जिसमें डिग्री पूरी करने के बाद छात्राएं सभी सरकारी नौकरी की तैयारी कर सकती हैं। साथ ही कुछ छात्राएं तो अभी रेल्वे,आकाशवाणी, लेखक, साहित्यकार, विभिन्न शादी- पार्टियों में प्रस्तुति, संगीत स्टूडियों सहित अन्य जगह पर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं </p>
<p><strong>अभी तक इतने प्रसिद्ध सितारे दिए है </strong><br /> एचओडी ने बताया कि कॉलेज द्वारा अभी तक प्रतिभावन छात्राओं को शिक्षा दी। जिनमें से नेहा पांचाल, बरखा राव, आस्था सक्सेना, दर्पण राव, शिवांगी भट्ट, भव्या छाबड़ा, संगीता सक्सेना, ज्योति ठाकुर सहित दर्जनों छात्राओं ने यहां से शिक्षा प्राप्त की जो कि आज भारत के प्रत्येक कोने में संगीत की शिक्षा दे रहे है। और कुछ ने तो टीवी पर संचालित रियलटी शो में प्रस्तुति देकर कॉलेज सहित शहर का नाम रोशन किया। </p>
<p>मैं छाबड़ा की रहने वाली हूं। यहां पर संगीत की शिक्षा ग्रहण करने आई हूं। मेरे को संगीत बचपन से ही पसंद था। जिसके चलते मेने संगीत विषय को चुना। इसमें रोजगार की अपार संभावना है। <br /><strong>- प्रियांशी शर्मा</strong></p>
<p>मेरे पापा बचपन से ही गाना गाते थे। जिसके चलते पापा ने ही मुझे संगीत विषय दिलाया है। संगीत सुने के बाद दिमाग क्रिएटिव रहता है और शांति मिलती हैं।<br /><strong>- हंसिका दुबे</strong></p>
<p>मैेंने जब संगीत विषय लिया तब जाकर थोड़ा पापा ने नाराजगी जाहिर की। पर मैंने उनको राजी किया। इसी के साथ ही संगीत को सुनकर मन को शांति मिलती हैं। वहीं संगीत में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। <br /><strong>- पार्थिवी गौड़</strong></p>
<p>मेरे को बचपन से ही संगीत पसंद था। इस वजह से मेने संगीत की शिक्षा प्राप्त कर रही हूं। इसी के साथ में अभी विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। <br /><strong>- किस्मत सैनी</strong></p>
<p>मैं छाबड़ा की रहने वाली हूं मेरे पापा दुकानदार है। वे डेली मेडिटेशन करते हैं जिससे उनको समझाया कि संगीत कितना जरूरी हैं। इसी के साथ इसमें बीए,एमए, पीएचडी, नेट सहित विभिन्न डिग्रियों की पढ़ाई की जा सकती हैं। <br /><strong>- पूनम साहू </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />संगीत विषय में शहर सहित दूरदराज की छात्राएं अब संगीत की शिक्षा प्राप्त करने के लिए कॉलेज आती हैं। साथ ही इसमें अब कोई उम्र की बाधा नहीं होने की वजह से  अब अच्छी -खासी संख्या में प्रवेश हो रहे हैं। इसकी शिक्षा प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियो के सामने अपार रोजगार की अपार संभावनाएं है। <br /><strong>- प्रेरणा शर्मा, एचओडी संगीत विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-music-sparks-employment-opportunities/article-132513</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-music-sparks-employment-opportunities/article-132513</guid>
                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 14:57:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/500-px%29-%281%293.png"                         length="473662"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेमेस्टर बना जी का जंजाल, डबल फीस और परीक्षा बढ़ा रही दर्द </title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षक बोले-सालभर परीक्षा फिर एडमिशन में ड्यूटी, कक्षाओं में पढ़ाएं कब?
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/semester-has-become-a-problem--double-fees-and-exams-are-increasing-the-pain/article-112754"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। उच्च शिक्षा में जिस उद्देश्य से राष्टÑीय शिक्षा नीति के तहत सेमेस्टर प्रणाली लागू की गई वो सरकारी मशीनरी की लचरता से जी-का जंजाल बन गई। राजकीय महाविद्यालयों में मानव व भौतिक संसाधनों की आवश्यकता पूरी किए बिना ही सेमेस्टर स्कीम थोप दी गई। जिससे न केवल उच्च शिक्षा बेपटरी हुई बल्कि विद्यार्थी मानसिक व आर्थिक बोझ तले दब गए। उच्च शिक्षा में सेमेस्टर स्कीम लॉन्च हुए दो साल से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन फायदा होने की जगह विद्यार्थियों के परेशानी का सबब बन गया। परीक्षाएं तीन-तीन महीने लेट होने लगी, जिसका असर रिजल्ट में देरी  के रूप में सामने आने लगा। हालात यह हैं, राजसेस व रेगुलर कॉलेजों में छात्रसंख्या  के मुकाबले भौतिक व मानव संसाधनों के अभाव के बीच सेमेस्टर ने उच्च शिक्षा का ढर्रा ही बिगाड़ रख दिया। बीए, बीएससी व बीकॉम में हजारों विद्यार्थी बेक  की मार झेल रहे हैं। तीन साल की ग्रेजुएशन डिग्री चार साल में भी पूरी नहीं हो पा रही। दैनिक नवज्योति ने गत वर्षों से सेमेस्टर स्कीम को अनुभव  कर रहे शिक्षकों व विद्यार्थियों से सुधारात्मक नतीजों पर बात की तो छात्रों का दर्द दिल से जुबां पर आ गया। पेश है रिपोर्ट के खास अंश...</p>
<p><strong>सुझाव : सेमेस्टर पर हो सेमीनार </strong><br />गवर्नमेंट कॉलेज कोटा के निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष मीणा का कहना है, 12वीं कक्षा पार कर प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी सेमेस्टर से अनजान होते हैं, सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों को सेमेस्टर प्रणाली क्या है, सिलेबस व पढ़ाई की तैयारी, प्रेक्टिकल तथा मिर्ड टर्म कैसे होंगे, इसकी जानकारी के लिए शुरुआती स्तर पर ही सेमीनार आयोजित कर देनी चाहिए। </p>
<p><strong>कॉलेज स्तर पर हो काउंसलर नियुक्त</strong><br />एनईपी के तहत सेमेस्टर स्कीम के तहत मिर्ड टर्म की तैयारी, प्रेक्टिकल, असाइनमेंट, रिपोर्ट वर्क तैयार करने के तरीके सिखाए जाने तथा क्रेडिट सिस्टम समझाने के लिए कॉलेज स्तर पर काउंसलर्स की नियुक्ति की जानी चाहिए ताकि नवप्रेवेशित विद्यार्थी पहले दिन से ही एग्जाम पैटर्न व प्रक्रिया से रुबरू हो सके।</p>
<p><strong>3 साल की ग्रेजुएशन 4 साल में  </strong><br />राजकीय महाविद्यालयों के छात्रों का कहना है, सरकार कॉलेजों की जमीनी हकीकत से कोसों दूर है, पढ़ाने को शिक्षक नहीं, प्रेक्टिकल के लिए संसाधन नहीं। इसके बावजूद आनन-फानन में सेमेस्टर प्रणाली थोप दी गई। जिसका नकारात्मक प्रभाव कई रूपों में नजर आया। दिसम्बर में होने वाले प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम तीन माह देरी से अप्रेल में हो रहे हैं। वहीं, द्वितीय सेमेस्टर जून की जगह अगले वर्ष सितम्बर में हो रही। छात्र प्रकाश कुमार झा, अक्षय मेहता का कहना है, यूजी प्रथम वर्ष के पहले सेमेस्टर का एग्जाम दिसम्बर 2024 में होना था, जो अप्रेल 2025 में हुए। इसी तरह द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा जून में हो रही। जिसके परिणाम भी देरी से जारी हो रहे। इसकी वजह से 3 साल की ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी होने में 4 साल लग रहे। </p>
<p><strong>डबल फीस का बोझ </strong><br />सेमेस्टर स्कीम का सबसे बड़ा नुकसान आर्थिक रूप से  हो रहा है। इस प्रणाली 6-6 माह में साल में दो बार एग्जाम हो रहे हैं, जिसकी फीस दो से ढाई हजार रुपए  के हिसाब से चार से पांच हजार रुपए प्रति स्टूडेंट्स से यूनिवर्सिटी वसूलती है। इसके अलावा बेक आने पर फिर से एग्जाम फीस, रिचेकिंग फीस से भी आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। जबकि, वार्षिक स्कीम में साल में एक बार पेपर और एक बार ही एग्जाम फीस देनी होती थी।  </p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी  </strong><br />वर्ष 2023 से सेमेस्टर सिस्टम लागू हुआ लेकिन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं की गई। कई विषयों की क्लासें नहीं लग पाती। ओल्ड स्कीम में साल में एक बार एग्जाम व एक बार ही एग्जाम फीस तथा समय पर सिलेबस पूरा हो जाता था लेकिन सेमेस्टर सिस्टम में सब दोगुना हो गई। परीक्षाओं के साथ परीणाम में भी अनावश्यक देरी से कॅरियर प्रभावित हो रहा है।<br /><strong>- सलोनी सेन, छात्रा, तृतीय वर्ष गवर्नमेंट कॉलेज</strong></p>
<p>कॉलेजों में मानव व भौतिक संसाधनों की कमी दूर करने के बजाए सेमेस्टर प्रणाली लागू कर देने से उच्च शिक्षा बेपटरी हो गई।  हालांकि क्रेडिट ट्रांसफर और एबीसी आईडी सिस्टम होने से कॉलेज बदलना या ब्रेक लेना आसान हो गया है और मोडूलर परीक्षाएं होने से छात्रों में स्ट्रेस भी कम रहता है। <br /><strong>- चित्रांक्षा कंवर, बीएससी थर्ड सेमेस्टर </strong></p>
<p>जिस उद्देश्य के साथ सेमेस्टर स्कीम लागू की गई, वह संसाधनों की कमी से पूरे नहीं हो पाए। सेमेस्टर एग्जाम तीन-तीन माह देरी से हो रहे। जिनके परिणाम भी देरी से आ रहे। जिसकी वजह से शैक्षणिक सत्र लेट होता है। बाद में यूनिवर्सिटी द्वारा विद्यार्थियों पर परीक्षा का दबाव डाला जाता है। उन्हें परीक्षा की तैयारी करने का समय नहीं दिया जाता। जिससे विद्यार्थी मानसिक तनाव से गुजरते हैं। इसका खामियाजा परीक्षा परिणाम के रूप में भुगतना पड़ता है। सरकार को संसाधनों में सुधार करना चाहिए। <br /><strong>- आशीष मीणा, निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष, राजकीय महाविद्यालय कोटा</strong></p>
<p>सिस्टम लागू होने से अभी तक छात्रों को कोई फायदा नहीं हुआ है, बल्कि कई गुना नुकसान हो गया। तीन साल की गे्रजुएशन की डिग्री 4 साल से ज्यादा समय में हो रही है। हर सेमेस्टर एग्जाम फीस जमा करने से आर्थिक भार पड़ रहा है। यूनिवर्सिटी भी विद्यार्थियों  की शिकायतों का समाधान भी समय पर नहीं कर रही। जिससे छात्र परेशान हैं।  <br /><strong>- रिद्धम शर्मा, छात्र नेता,राजकीय कला महाविद्यालय कोटा</strong></p>
<p><strong>एक एग्जाम खत्म तो दूसरे शुरू, टीचर ड्यूटी में तो पढ़ाए कौन</strong><br />सेमेस्टर स्कीम को सैद्धांतिक रूप से लागू किया गया है। मानव संसाधन उपलब्ध कराए बिना इस प्रणाली की सफलता पर संशय है। समेस्टर के तहत कॉलेज में पूरे साल परीक्षा होती है। एक सेमेस्टर की परीक्षा खत्म होती तो दूसरे सेमेस्टर की शुरू हो जाती है। जिसके एग्जाम खत्म हुए उनकी कक्षाएं प्रारंभ हो जाती है। इसी बीच एडमिशन प्रक्रिया भी शुरू हो जाती है। जिनमें शिक्षकों की ड्यूटी लगी  होती है। ऐसे में शिक्षक परीक्षा व एडमिशन भी कराए तो क्लासों में कब पढ़ाएंगे।  <br /><strong>- रघुराज परिहार, प्रदेशाध्यक्ष विवि एवं महाविद्यालय संघ रुक्टा </strong></p>
<p>सेमेस्टर प्रक्रिया से उच्च शिक्षा का व्यवस्थित ढांचा बिगड़ गया। स्टूडेंट्स ही नहीं कई टीचर्स को भी सेमेस्टर स्कीम के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।  मिड टर्म व प्रेक्टिकल भी देरी से हो रहे हैं। साल में दो बार एग्जाम से चार से पांच हजार रुपए अतिरिक्त  फीस लग रही है। डिग्री करने में तीन की जगह चार साल तक लग रहे हैं।   <br /><strong>- कृतिका गौतम, छात्रा गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज </strong></p>
<p>नई शिक्षा नीति के तहत सेमेस्टर स्कीम लागू की गई है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वार्गिंण विकास करना है। हर 6 माह में परीक्षा होने से कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ती है। जिससे ज्ञान और कौशल का विकास होता है। हालांकि, संसाधनों की कमी के कारण समय पर परीक्षाएं करवाना चूनौतिपूर्ण है। जिसमें सुधार के प्रयास लगातार जारी है। <br /><strong>- प्रो. कैलाश सोडाणी, कुलपति कोटा विवि </strong></p>
<p>जुलाई से शुरू होने वाले नए शिक्षा सत्र 2025-26 में यूजी फाइनल ईयर भी सेमेस्टर प्रणाली के तहत संचालित होगी। इसी के साथ पूरी ग्रेजुएशन नई शिक्षा नीति के तहत सेमेस्टर स्कीम मे हो सकेगी। सेमेस्टर प्रणाली से शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ रही है।   <br /><strong>- डॉ. विजय पंचौली, सहायक क्षेत्रीय निदेशक आयुक्तालय कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/semester-has-become-a-problem--double-fees-and-exams-are-increasing-the-pain/article-112754</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/semester-has-become-a-problem--double-fees-and-exams-are-increasing-the-pain/article-112754</guid>
                <pubDate>Fri, 02 May 2025 15:08:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/rtrer-%281%299.png"                         length="674630"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परीक्षा के इंतजार में मार्च आधा बीता, असमंजस में विद्यार्थी</title>
                                    <description><![CDATA[यूनिवर्सिटी हर साल परीक्षाओं का आयोजन करवाने में अनावश्यक देरी कर रही है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/half-of-march-has-passed-in-waiting-for-the-examination--students-are-confused/article-107717"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(2)36.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा संबद्ध राजकीय महाविद्यालयों में संचालित प्रथम सेमेस्टर का एग्जाम शेड्यूल अब जारी नहीं किया गया है। जबकि, मार्च माह आधा बीत चुका है। ऐसे में परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में असमंजस बना हुआ है। विद्यार्थियों का तर्क है, परीक्षा में जितनी देरी होगी, उतना ही देरी से परीक्षा परिणाम जारी होंगे। जिसका खामियाजा, यूजी व पीजी फोर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। हालांकि, कोटा विवि ने अपने कैम्पस में संचालित प्रथम व तृतीय सेमेस्टर के एग्जाम शेड्यूल जारी कर दिया है। उनकी परीक्षाएं 19 मार्च से शुरू हो रही है लेकिन हाड़ौती के कॉलेजों में परीक्षाओं का अब तक कोई टाइम टेबल जारी नहीं किया गया है। </p>
<p><strong>परीक्षा में देरी का असर परिणाम पर </strong><br />राजकीय महाविद्यालय कोटा के निवृतमान छात्रसंघ अध्यक्ष आशिष मीणा ने बताया कि यूनिवर्सिटी की लेटलतीफी से  विद्यार्थी परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति में है। मार्च माह आधा बीत चुका है, इसके बावजूद विवि ने एग्जाम शेड्यूल जारी नहीं किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा जितनी देरी से शुरू होगी, उतनी ही देरी परिणाम जारी होने में लगेगा। जिसका खामियाजा बीए, बीएससी व बीकॉम तथा एमए, एमएससी व एमकॉम चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। क्योंकि, यूजी व पीजी के फाइनल ईयर के छात्र अन्य संस्थाओं में एडमिशन लेते हैं, जहां उन्हें ओरिजनल मार्कशीट की आवश्यकता होती है। ऐसे में एग्जाम शेड्यूल जल्द जारी किया जाना चाहिए और पेपर में विद्यार्थियों  को तैयारी के लिए उचित अंतराल भी दिया जाना चाहिए। </p>
<p><strong>अभी तक एग्जाम फॉर्म भरवाए जा रहे</strong><br />छात्रों ने बताया कि इन दिनों महाविद्यालयों में यूनिवर्सिटी द्वारा लेट फीस के साथ प्रथम व तृतीय सेमेस्टर के एग्जाम फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। ऐसे में परीक्षाएं मार्च माह के अंतिम सप्ताह तक शुरू होने की संभावना न के बराबर है। हालात यह है, अभी कई सेमेस्टर की मार्कशीट तक कॉलेजों में नहीं आई। यूनिवर्सिटी हर साल परीक्षाओं का आयोजन करवाने में अनावश्यक देरी कर रही है। जिससे लाखों विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>सवा लाख विद्यार्थी देंगे परीक्षा</strong><br />कोटा विवि से संबद्ध राजकीय व निजी महाविद्यालयों के प्रथम व थर्ड सेमेस्टर के करीब सवा लाख विद्यार्थी इस बार परीक्षा में सम्मलित होंगे। ऐसे में परीक्षा आयोजन में अनावश्यक देरी से परिणाम व मार्कशीट समय पर नहीं मिलने की परेशानियों से जूझना पड़ेगा। वर्तमान में राजकीय महाविद्यालय कोटा में प्राइवेट विद्यार्थियों के प्रेक्टिकल चल रहे हैं। लेकिन, नियमित प्रथम व थर्ड सेमेस्टर के छात्रों का लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में विवि को एग्जाम तिथि निर्धारित कर देनी चाहिए। </p>
<p>अभी यूनिवर्सिटी कैम्पस में संचालित प्रथम व तृतीय सेमेस्टर एग्जाम का शेड्यूल जारी किया है। जल्द ही कॉलेजों का भी परीक्षा टाइम टेबल जारी किया जाएगा। <br /><strong>- प्रवीण भार्गव, एग्जाम कंट्रोलर कोटा विवि</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/half-of-march-has-passed-in-waiting-for-the-examination--students-are-confused/article-107717</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/half-of-march-has-passed-in-waiting-for-the-examination--students-are-confused/article-107717</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 16:15:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/257rtrer-%282%2936.png"                         length="546139"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - प्रथम सेमेस्टर की फिर से लगेगी कक्षाएं, कोर्स अधूरा रहने से परेशान थे विद्यार्थी</title>
                                    <description><![CDATA[राजसेस कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए खुश खबरी है। परीक्षा से पहले बंद की गई फर्स्ट ईयर के प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं डेढ़ माह बाद फिर से संचालित होंगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---classes-of-first-semester-will-be-held-again/article-104878"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(1)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजसेस कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए खुश खबरी है। परीक्षा से पहले बंद की गई फर्स्ट ईयर के प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं डेढ़ माह बाद फिर से संचालित होंगी। जिससे न केवल अधूरे कोर्स पूरे हो सकेंगे बल्कि परीक्षा पैटर्न भी विद्यार्थी समझ सकेंगे। दरअसल, राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के अधीन संचालित सरकारी कॉलेजों में विद्या संबल शिक्षकों को 90 दिन का हवाला देते हुए गत 2 जनवरी से प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं लेने से मना कर दिया था। जबकि, 30 से 40 प्रतिशत कोर्स अधूरा था। परीक्षा से पहले क्लासें बंद होने से विद्यार्थी तनाव में  आ गए। इस पर दैनिक नवज्योति ने छात्र-छात्राओं की परेशानियों को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित आयुक्तालय का ध्यान आकर्षित किया। इस पर कॉलेज  शिक्षा आयुक्तालय ने 18 फरवरी को प्रदेश के समस्त कॉलेज प्राचार्यों को पत्र जारी कर प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं संचालित करवाकर परीक्षा से पहले कोर्स पूरा करवाने के निर्देश दिए। आदेश के बाद विद्यार्थियों ने दैनिक नवज्योति का आभार जताया। </p>
<p><strong>परीक्षा से पहले कोर्स पूरा कराने के निर्देश</strong><br />राजसेस कॉलेजों में बीच सत्र में ही प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं बंद कर दी गई थी। इसके कुछ दिनों बाद तृतीय सेमेस्टर की क्लासें भी बंद कर दी गई। जबकि, 30 से 40 प्रतिशत कोर्स अधूरे थे। इस पर दैनिक नवज्योति में लगातार खबरें प्रकाशित होने पर आयुक्तालय ने मंगलवार को पत्र जारी कर रेस सेंटर से शिक्षक लगाकर संबंधित विषयों के अधूरे कोर्स पूरा करवाने के कालेज प्राचार्यों को निर्देश जारी किए। ऐसे में प्रथम सेमेस्टर के साथ तृतीय सेमेस्टर की कक्षाएं फिर से शुरू हो सकेगी।</p>
<p><strong>छात्राओं ने नवज्योति का जताया आभार</strong><br />शहर में राजकीय कन्या महाविद्यालय रामपुरा में गत 2 जनवरी से ही बीए प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं बंद कर दी गई, जबकि, कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा अब एग्जाम तिथि भी घोषित नहीं की गई, इससे पहले ही बीच सत्र में कक्षाएं बंद होने से छात्राएं परेशान थी। रिजल्ट बिगड़ने का डर सताने लगा। इस पर छात्राओं ने कॉलेज परिसर में धरना प्रदर्शन कर फिर से कक्षाएं लगवाने की मांग की थी। लेकिन, ध्यान नहीं दिया गया। कॉलेज प्रशासन की बेरुखी पर दैनिक नवज्योति ने लगातार खबरें प्रकाशित कर शिक्षा उच्चाधिकारियों को छात्राओं की समस्या से अवगत कराया। इस पर आयुक्तालय ने कक्षाएं लगातर कोर्स पूरा करवाने के निर्देश दिए जाने से छात्राओं को राहत मिली। इसके लिए छात्राओं ने दैनिक नवज्योति का आभार जताया। </p>
<p><strong>रेस सेंटर से लगाए जाएंगे शिक्षक</strong><br />कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय जयपुर के संयुक्त निर्देश  एचआरडी ने प्राचार्यों के नाम पत्र जारी कर निर्देश दिए कि जिन राजकीय महाविद्यालयों  में गेस्ट फैकल्टी द्वारा प्रथम व तृतीय सेमेस्टर का पाठ्यक्रम पूरा नहीं करवाया गया है, उन महाविद्यालयों में संबंधित विषयों का कोर्स परीक्षा से पहले पूरा करवाने के लिए जिले में संचालित रेस सेंटर से शिक्षकों की व्यवस्था कर शेष पाठ्यक्रम परीक्षा से पहले पूर्ण करवाए जाए। इस पर कॉलेज प्राचार्यों ने रेस सेंटर को शिक्षक उपलब्ध करवाने के लिए पत्र भी भेज दिए हैं। </p>
<p><strong>परीक्षा पैटर्न समझने का मिलेगा मौका </strong><br />छात्रा प्रतिनिधि अनसुईया मीणा, दिव्यांशी का कहना है, आखिरकार आयुक्तालय के निर्णय से छात्राओं में  खुशी की लहर है। डेढ़ माह बाद फिर से कक्षाएं शुरू होने से न केवल सिलेबस पूरा हो सकेगा बल्कि पहली बार सेमेस्टर एग्जाम देने विद्यार्थियों को परीक्षा पैटर्न समझने का मौका मिलेगा। एग्जाम की तैयारी होने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और परिणाम में सुधार होगा। </p>
<p>विद्यार्थियों के हित में आयुक्तालय ने कॉलेज प्राचार्यों  को रेस सेंटर से शिक्षक लगाकर संबंधित विषयों के अधूरे कोर्स पूरा करवाने के निर्देश दिए हैं। <br /><strong>- प्रो. गीताराम शर्मा, क्षेत्रिय सहायक निदेशक आयुक्तालय</strong></p>
<p>रेस सेंटर से शिक्षक लगाकर प्रथम व तृतीय सेमेस्टर  के विद्यार्थियों का अधूरा कोर्स पूरा करवाने से संबधित आयुक्तालय के निर्देश मिले हैं। जिसकी शत-प्रतिशत पालना की जा रही है। वहीं, नोड़ल महाविद्यालय को भी पत्र लिखा जा चुका है। आगे की कार्यवाही उन्हीं के द्वारा की जाएगी। <br /><strong>- डॉ. राजेश चौहान, प्राचार्य रामपुरा कला कन्या महाविद्यालय </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---classes-of-first-semester-will-be-held-again/article-104878</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---classes-of-first-semester-will-be-held-again/article-104878</guid>
                <pubDate>Thu, 20 Feb 2025 12:56:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/pze-%281%2913.png"                         length="533100"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>6 माह की परीक्षा 2 माह में, सिलेबस पूरा होना तो दूर, पास होना ही चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[हाड़ौती में खुले 4 नए सरकारी कॉलेजों में विद्यार्थियों का भविष्य अधर में।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/6-months-exam-in-2-months--let-alone-completing-the-syllabus--even-passing-is-a-challenge/article-92809"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(9)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती में खुले 4 नए कॉलेजों के विद्यार्थियों का भविष्य अधरझूल में है। दिसम्बर में बीए फर्स्ट ईयर के प्रथम सेमेस्टर एग्जाम होने हैं लेकिन अभी तक कई कॉलेजों में कक्षाएं ही प्रारंभ नहीं हुई है। ऐसे में आगामी 2 माह में सिलेबस पूरा होना तो दूर विद्यार्थियों का पास होना ही चुनौतिपूर्ण है। दरअसल, मुख्यमंत्री बजट घोषणा में सत्र 2024-25 में सरकार ने कोटा, बूंदी व झालावाड़ में कुल 4 नए राजकीय कला महाविद्यालय खोले  हैं। इनमें प्रवेश प्रक्रिया ही 30 सितम्बर तक जारी रही है।  वहीं, कागजों में एक अक्टूबर से कक्षाएं प्रारंभ कर दी गई लेकिन वास्तविकता में कुछ कॉलेजों में विद्या संबल की फेकल्टी के लिए आवेदन ही 5 अक्टूबर तक निकाले गए हैं। ऐसे में बिना फेकल्टी के कक्षाएं कैसे लग सकती है। वहीं, कुछ महाविद्यालय तो ऐसे हैं, जहां आवंटित सभी विषयों के शिक्षक ही नहीं आए हैं। </p>
<p><strong>टेबल-कुर्सियां तो दूर, बिछाने को दरी पट्टी तक नहीं </strong><br />संभाग के चारों नवीन राजकीय महाविद्यालयों में कुल 447 विद्यार्थियों ने एडमिशन लिया है। इनमें लाखेरी, चेचट व डग महाविद्यालय में विद्यार्थियों को बिठाने के लिए टेबल कुर्सियां तो दूर जमीन पर बिछाने के लिए दरी पट्टियां तक नहीं है। चेचट कॉलेज में 153 तो डग में 96 स्टूडेंट्स कक्षाओं में दरी पट्टी बिछाकर जमीन पर बैठते हैं लेकिन लाखेरी कॉलेज में 132 प्रवेशित छात्र-छात्राओं को बिना दरी पट्टी के जमीन पर बैठना पड़ता है। अव्यवस्थाओं के कारण  नियमित कक्षाएं नहीं लग पा रही है। </p>
<p><strong>जमीन पर बिठाकर पढ़ा रहे विद्यार्थी </strong><br />सरकार की अनदेखी से कॉलेजों में उच्च शिक्षा का मखौल उड़ रहा है। दीगोद को छोड़कर चेचट, डग व लाखेरी सहित तीनों कॉलेजों में विद्यार्थियों को बिठाने के लिए फर्नीचर तक नहीं है। मजबूरी में प्रवेशित प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को जमीन पर बिठाकर पढ़ाया जा रहा है। वहीं, कुछ कॉलेज में तो नल, लाइट  पंखें की व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे हालात में विद्यार्थियों को क्वालिटी एजुकेशन मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती। </p>
<p><strong>2 माह में कैसे होगा कोर्स पूरा</strong><br />शिक्षाविदें का कहना है, सरकार ने संभाग में 4 नए कॉलेज खोले हैं। जिनमें कोटा में चेचट, दीगोद, बूंदी में लाखेरी व झालावाड़ में डग महाविद्यालय   शामिल हैं। सेमेस्टर स्कीम के तहत दिसम्बर में कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम करवाए जाने हैं, लेकिन अभी तक सभी महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रोपर रूप से शुरू नहीं हुआ है। वहीं, अक्टूबर से दिसम्बर तक सरकारी व साप्ताहिक अवकाश को मिलाकर कुल 27 दिन की छुट्टियां हैं। ऐसे में 6 माह की सेमेस्टर परीक्षा  की तैयारी 2 माह में करवाना संभव नहीं है। इस बीच एग्जाम से पहले मिर्ड टर्म भी करवाए जाने हैं, वह कैसे होंगे। सरकार की अव्यवस्थाओं से शिक्षक व विद्यार्थी दोनों ही हैरान हैं। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं प्राचार्य</strong><br />कॉलेज अभी अस्थाई रूप से पुराने अस्पताल भवन में संचालित हो रहा है। यहां बड़ी संख्या में मेडिकल वेस्ट व कचरा-गंदगी के ढेर लगे थे। जिसे साफ करवाने में ही 8 दिन लग गए। करीब 10 ट्रॉली से ज्यादा कचरा निकला है। कक्षाएं  एक अक्टूबर से ही शुरू करवा दी गई है। अभी नल, लाइट, बिजली व फर्नीचर की व्यवस्थाएं कर रहे हैं।<br /><strong>- पवन  शर्मा, नोडल अधिकारी, राजकीय चेचट महाविद्यालय</strong></p>
<p>दीगोद कॉलेज में 75 विद्यार्थियों का एडमिशन हुआ है। बुधवार को ही खादी ग्रामोध्योग से विद्यार्थियों व स्टाफ के लिए फर्नीचर खरीदे हैं।  कक्षाएं आयुक्तालय के निर्देशानुसार विद्या संबल पर शिक्षक नियुक्त कर 1 अक्टूबर से ही शुरू करवा दी गई है। रही बात एग्जाम से पहले कोर्स पूरा करवाने की तो एस्ट्रा क्लासें लगवाकर सिलेबस कम्पलीट करवाया जाएगा। विद्यार्थियों के बेहतर अध्ययन व सुविधाओं के लिए माकूल बंदोबस्त किए जा रहे हैं। आयुक्तालय के दिशा-निर्देशानुसार आगे भी कार्य जारी रहेंगे। <br /><strong>- प्रो. रोशन भारती, प्राचार्य, नोडल राजकीय कला महाविद्यालय कोटा</strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी</strong><br />चेचट कॉलेज पुराने जर्जर अस्पताल भवन में चल   रहा है। यहां अस्पताल का मेडिकल वेस्ट के ढेर लगे हैं, जिसकी सफाई करवाने में ही कॉलेज प्रशासन को 8 दिन लग गए। बैठने के लिए टेबल-कुर्सियां नहीं है, जमीन पर दरी पट्टियां बिछाकर बैठना पड़ता है। कागजों में तो 1अक्टूबर से कक्षाएं लग रही हैं लेकिन हकीकत में सातों विषय की कक्षाएं नहीं लग रही। यहां नल, बिजली व पंखे तक की व्यवस्था नहीं है।<br /><strong>- कुशलपाल, छात्र </strong></p>
<p>हम कॉलेज विद्यार्थी हैं, लेकिन हमारी हालात सरकारी स्कूल के बच्चों से भी बदहाल है। स्कूल के बच्चे  दरी पट्टी बिछाकर बैठते हैं लेकिन हमारे लिए जमीन पर बिछाने के लिए दरी पट्टियां तक नहीं है। धूल जमे फर्श पर ही बैठना पड़ता है, कपड़े खराब हो रहे हैं। यह उच्च शिक्षा के साथ मजाक है। सरकार, टेबल-कुर्सियां नहीं दे सकती तो कम से कम बैठने के लिए दरी पट्टियां ही दे दे।<br /><strong>- कुलदीप कुमार (परिवर्तित नाम), छात्र </strong></p>
<p>कॉलेज स्कूल की पुरानी बिल्डिंग में संचालित हो रहा है। सुविधाएं तो छोड़िए, यहां पढ़ाने के लिए अभी तक शिक्षक नहीं लगे हैं। कक्षाएं ही शुरू नहीं हुई। जबकि, दिसम्बर में प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम प्रस्तावित है। ऐसे में अक्टूबर से दिसम्बर तक सरकारी व साप्ताहिक करीब एक माह की छुट्टियां है। 2 महीने में शिक्षक कोर्स कैसे पूरा करा पाएगी और हम कैसे समझ पाएंगे। यहां एडमिशन लेकर गलती  कर दी, ऐसा महसूस हो रहा है।<br /><strong>- पुष्पेंद्र कुमार (परिवर्तित नाम), छात्र राजकीय महाविद्यालय डग </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />चौमेहला कॉलेज में प्रतिनियुक्ति निरस्त करवाने, स्थाई शिक्षकों की पोस्टिंग व डग के नवीन महाविद्यालय में फर्नीचर सहित अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं के लिए मैंने आज ही उच्च शिक्षा मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री  प्रेमचंद बैरवा से बात की है। उन्होंने जल्द  ही समस्याएं दूर करने का भरोसा दिलाया है।<br /><strong>- कालूराम मेघवाल, विधायक डग झालावाड़</strong></p>
<p>संभाग के सभी नवीन महाविद्यालयों में कक्षाएं 1 अक्टूबर से शुरू करवा दी गई हैं। हमारी कोशिश निर्धारित समय पर सिलेबस पूरा करवाने की रहेगी। इसके लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाने की जरूरत  पड़ी तो लगाई जाएगी। विद्यार्थियों के हित में बेहतर अध्ययन व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।<br /><strong>- डॉ. गीताराम शर्मा, सहायक क्षेत्रिय निदेशक कॉलेज आयुक्तालय कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/6-months-exam-in-2-months--let-alone-completing-the-syllabus--even-passing-is-a-challenge/article-92809</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/6-months-exam-in-2-months--let-alone-completing-the-syllabus--even-passing-is-a-challenge/article-92809</guid>
                <pubDate>Fri, 11 Oct 2024 16:26:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-10/4427rtrer-%289%293.png"                         length="540293"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एलएलबी प्रथम वर्ष में सेमेस्टर लागू, दिसम्बर में परीक्षा, अब तक प्रवेश प्रक्रिया भी नहीं हुई शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षाविदों का तर्क है, अंबेडकर विवि ने सेमेस्टर सिस्टम को जुलाई माह से लागू माना है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/semester-implemented-in-llb-first-year--exam-in-december--admission-process-has-not-started-yet/article-90246"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डॉ. भीमराव अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी ने एलएलबी कोर्स में सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया है। शिक्षा सत्र 2024-25 से एलएलबी प्रथम वर्ष की पढ़ाई सेमेस्टर आधारित होगी। लेकिन, अभी तक हाड़ौती के कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में आधी-अधूरी तैयारियों के बीच सेमेस्टर लागू किए जाने से न केवल शिक्षण व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी बल्कि शैक्षणिक सत्र भी बेपटरी होगा। हालात यह हैं, अम्बेडकर विवि ने दिसम्बर माह में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रस्तावित कर दी है, लेकिन राजकीय व निजी विधि महाविद्यालयों में अब तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में दिसम्बर से पहले प्रथम सेमेस्टर का कोर्स पूरा करवाना कॉलेजों के लिए चुनौती बन गया। </p>
<p><strong>दिसम्बर में परीक्षाए, अब तक एडमिशन नहीं</strong><br />हाड़ौती के कोटा, बूंदी और झालावाड़ के सभी सरकारी व प्राइवेट लॉ कॉलेजों में अभी तक एडमिशन प्रोसेज स्टार्ट नहीं हो सका है। जबकि विश्वविद्यालय ने 30 सितम्बर तक प्रवेश की अंतिम तिथि निर्धारित कर दी है। वहीं, प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं दिसम्बर माह में प्रस्तावित होने से 90 दिन टीचिंग क्लासेस व अन्य गतिविधियों के नियमों की पालना संभव नहीं हो पाएगी।</p>
<p><strong>कोर्स पूरा करवाना ही बनी चुनौती</strong><br />राजकीय विधि महाविद्यालय कोटा व बूंदी के शिक्षकों का कहना है कि यदि सितम्बर माह में एडमिशन प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो अक्टूबर से कक्षाएं संचालित हो जाएंगी लेकिन दिसम्बर से पहले कोर्स पूरा नहीं हो पाएगा। क्योंकि, अक्टूबर से दिसम्बर माह के बीच साप्ताहिक, दीपावली व शीतकालीन अवकाश रहने से 90 दिन कक्षाएं संचालित नहीं हो सकेगी। जबकि, सेमेस्टर स्कीम में परीक्षा से पहले 90 दिन कक्षाएं संचालित होना आवश्यक है। ऐसे में कोर्स व परीक्षा को लेकर असमंजस्य की स्थिति बनी हुई है।</p>
<p><strong>एग्जाम अगले वर्ष फरवरी तक संभव</strong><br />शिक्षाविदों का तर्क है, अंबेडकर विवि ने सेमेस्टर सिस्टम को जुलाई माह से लागू माना है। ऐसे में जुलाई से दिसम्बर माह तक प्रथम सेमेस्टर प्रस्तावित किया गया है, लेकिन हकीकत में सेमेस्टर सिस्टम सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में लागू किया है। उधर, विवि ने कॉलेजों को 30 सितम्बर तक प्रवेश की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। ऐसे में दिसम्बर माह में एग्जाम करवाने तक केवल 90 दिन से भी कम कक्षाएं लग पाएंगी। वहीं, निर्धारित अवधि में कक्षाओं के अलावा अन्य गतिविधियां भी करवाई जानी है। विद्यार्थियों को परीक्षा तैयारी के लिए अतिरिक्त समय देना होगा। ऐसे में फरवरी माह तक एग्जाम संभव हो पाएंगे।</p>
<p><strong>विवि व बीसीआई में तालमेल का अभाव</strong><br />लॉ कॉलेज के तृतीय वर्ष के छात्र हितेंद्र सिंह, दुर्गेश कुमार का कहना है कि अम्बेडकर विश्वविद्यालय व बीसीआई के बीच तालमेल का अभाव होने से शैक्षणिक सत्र बेपटरी हो रहा है। हर साल बीसीआई द्वारा मान्यता देने में देरी होने से कॉलेजों में एडमिशन प्रोसेज समय पर शुरू नहीं हो पाता। वर्ष 2022 में अगस्त में ही मान्यता मिलने से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई थी। जबकि, वर्ष 2023 में 6 सितम्बर को बीसीआई ने मान्यता जारी की थी। ऐसे में एक से डेढ़ माह शैक्षणिक सत्र लेट हो जाता है। लेकिन, इस वर्ष 11 सितम्बर तक भी प्रवेश प्रक्रिया अटकी हुई है। बीसीआई व विवि के बीच कोर्डिनेट के अभाव से विद्यार्थियों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।  </p>
<p>डॉ. अम्बेडकर विश्वविद्यालय ने लॉ कॉलेजों में प्रथम वर्ष में सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया है। चूंकी, अभी बीसीआई से मान्यता नहीं मिलने से एडमिशन प्रोसेज शुरू नहीं हो पाया है। आगामी दिसम्बर माह में प्रथम सेमेस्टर का एग्जाम भी प्रस्तावित है। समयबद्ध तरीके से कोर्स पूरा करवाने की कोशिश रहेगी। हालांकि, सिलेबस पूरा करवाने में चुनौतियों का सामना तो करना पड़ेगा लेकिन अतिरिक्त कक्षाएं लगवाकर व्यवस्थाएं सुचारू करेंगे। <br /><strong>- डॉ. आरके उपाध्याय, प्राचार्य राजकीय विवि महाविद्यालय कोटा</strong></p>
<p>हमारे कॉलेज का बीसीआई द्वारा आॅनलाइन निरीक्षण हो चुका है। जल्द ही मान्यता मिलने की उम्मीद है, मान्यता मिलते ही एक सप्ताह में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करवा देंगे। हालांकि, दिसम्बर तक कोर्स पूरा करवाना चुनौतिपूर्ण रहेगा। <br /><strong>- डॉ. देवेश पाठक, प्राचार्य राजकीय विवि महाविद्यालय बूंदी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/semester-implemented-in-llb-first-year--exam-in-december--admission-process-has-not-started-yet/article-90246</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/semester-implemented-in-llb-first-year--exam-in-december--admission-process-has-not-started-yet/article-90246</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Sep 2024 15:39:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-09/2rtrer-%284%291.png"                         length="488090"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा यूनिवर्सिटी की साख पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[यूनिवर्सिटी के खिलाफ महाविद्यालयों में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/questions-raised-on-the-credibility-of-kota-university/article-88773"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/kota-university-ki-saakh-pr-uthe-sawal...kota-news-27-08-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए विभिन्न परीक्षाओं के परिणामों में लगातार मिल रही खामियों से विश्वविद्यालय की साख पर सवाल खड़ा हो गया है। बीएससी प्रथम सेमेस्टर के परिणाम में दर्जनों विद्यार्थी फेल हो गए तो कईयों को बैक दे दी गई। वहीं, कई मार्कशीट में आंतरिक मूल्यांकन के नम्बर ही नहीं जोड़े गए और विद्यार्थियों को अनुपस्थित दर्शाते हुए फेल कर दिया। जबकि, जेडीबी साइंस कॉलेज ने विवि को दो बार इंटरनल एसेसमेंट के नम्बर भेज चुका है। इसके अलावा टोटल नम्बरों में गलतियां की गई। इधर, छात्रों का आरोप है कि विवि द्वारा लगातार परीक्षा परिणाम में धांधली की जा रही है। जानबूझ कर विद्यार्थियों को बैक दी जा रही है ताकि रिवेल के नाम पर पैसे वसूले जा सके। परिणाम जारी होने के साथ ही कोटा यूनिवर्सिटी के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।  </p>
<p><strong>हिन्दी अनिवार्य में भी छात्राएं फेल</strong><br />जेडीबी कॉलेज की बीएससी प्रथम सेमेस्टर की छात्राएं कीर्ति सुमन, कोमल महावर का कहना है कि हिन्दी अनिवार्य जैसे सब्जेक्ट में भी छात्राओं को फेल कर दिया। जबकि, इन विषयों में तो रिवेल के लिए भी एप्लाई नहीं कर सकते। प्रथम सेमेस्टर में रेगुलर व प्राइवेट को मिलाकर करीब ढाई सौ छात्राएं हैं, जिनमें से अधिकतर छात्राओं को कैमेस्ट्री, जूलॉजी, बॉटनी व गणित के पेपर में शून्य अंक दिए गए, जो संभव नहीं है। इसके अलावा कई मार्कशीट ऐसी भी हैं, जिसमें आरएल व एबसेंट लिखा हुआ है। </p>
<p><strong>मिडटर्म दिया फिर भी मार्कशीट में एबसेंट </strong><br />छात्रा प्रभजीत कौर व प्रीति शर्मा ने बताया कि हमने कॉलेज में मिट टर्म एग्जाम दिया था। जिसके 30 अंक मिलते हैं, जो कोटा विवि ने मार्कशीट में नहीं जोड़े। जिसकी वजह से सब्जेक्ट पेपर में आए नम्बरों के साथ आंतरिक मूल्यांकन के नम्बर नहीं जुड़ने से फेल हो गए। जबकि, कॉलेज प्रशासन द्वारा मिड टर्म के नम्बर विवि को भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद नम्बर अपडेट नहीं किए गए। </p>
<p><strong>छात्राओं ने कलक्ट्री पर किया प्रदर्शन</strong><br />जेडीबी कॉलेज की छात्राओं ने सोमवार को विवि के खिलाफ कलक्ट्री में प्रदर्शन कर विरोध जताया। छात्रा प्रभजीत ने बताया कि कोटा यूनिवर्सिटी ने वनस्पति शास्त्र, प्राणी शास्त्र, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, गणित और अनिवार्य हिन्दी में फेल कर दिया। वहीं, कॉलेज की तरफ से भेजे गए इंटरनल नम्बर भी नहीं जोड़े गए। विवि प्रशासन की लापरवाही से सैंकड़ों छात्राएं मानसिक तनाव झेल रही हैं। कई मार्कशीट तो ऐसी हंै जिनमें नीचे बैक लिखा और ऊपर फेल दर्शाया गया है। बाद में छात्राओं ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंप समाधान की मांग की। </p>
<p><strong>यूनिवर्सिटी व कॉलेज के चक्कर काट रहीं छात्राएं</strong><br />परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर छात्राएं कॉलेज से विश्वविद्यालय तक के चक्कर काट रहीं हैं। लेकिन, सुनवाई कहीं नहीं हो रही। विवि में छात्राओं ने अंक तालिकाओं में इंटरनल एसेस्मेंट के नंबर नहीं जोड़े जाने की शिकायत की तो उन्हें कॉलेज द्वारा नम्बर नहीं भेजे जाने की बात कही गई। जब कॉलेज पहुंची तो वहां से विवि को दो बार आंतरिक मूल्यांकन के नम्बर पूर्व में भेज दिए जाने की जानकारी दी गई।  </p>
<p><strong>अंकों का टोटल भी गलत</strong><br />गवर्नमेंट कॉलेज कोटा के छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष मीणा ने बताया कि कई छात्रों की मार्कशीट में अंकों का टोटल भी गलत कर रखा है। एक सब्जेक्ट के दो पेपर में 46 और 37 नम्बर हैं, जिसका टोटल 56 अंक दर्शा रखे हैं। जबकि, 83 नम्बर होते हैं। इसकी शिकायत को लेकर जब छात्र विवि जाते हैं तो वहां रिवेल डालने के लिए कहा जाता है। जबकि, एक पेपर में रिवेल का खर्चा 300 रुपए है। अधिकतर विद्यार्थियों की आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में एक से अधिक विषय में फेल किए गए छात्र के लिए रिवेल का खर्चा वहन करना आसान नहीं है।  </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />हमारी ओर से जारी किए परीक्षा परिणाम बिलकुल सही है। इंटरनल असेस्मेंट को लेकर कोई मिस्टेक है तो दुरुस्त करवाया जाएगा। <br /><strong>- प्रवीण भागर्व, एग्जाम कंट्रोलर, कोटा विश्वविद्यालय</strong></p>
<p>परीक्षा परिणाम को लेकर छात्राएं परेशान हैं। शिकायत लेकर कॉलेज भी आ रहीं हैं। हमने काफी समय पहले ही आंतरिक मूल्यांकन के नम्बर विश्वविद्यालय को दो बार भेज चुके हैं। ई-मेल के जरिए और हार्डकॉपी में भी नंबर भेजे हैं। लेकिन यूनिवर्सिटी ने अब तक अपडेट नहीं किए हैं। <br /><strong>- प्रो. अजय विक्रम, प्राचार्य, जेडीबी साइंस कॉलेज</strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी</strong><br />मैं बीएससी फर्स्ट सेमेस्टर की छात्रा हूं। पास होते हुए भी मुझे फेल  कर रखा है। दो बार विवि गई तो लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आॅल सब्जेक्ट में भी कम अंक दे रखे हैं। <br /><strong>- वंशिका, जेडीबी साइंस कॉलेज</strong></p>
<p><strong>नहीं आ सकते शून्य अंक </strong><br />मेरा बॉटनी का पेपर बहुत अच्छा रहा था। 70 में से 30 अंक मिलने की उम्मीद से मैं खुश था। लेकिन, रिजल्ट में मेरे शून्य अंक आए जो किसी भी सूरत में संभव नहीं है।  <br /><strong>- अभिषेक, बीएससी प्रथम सेमेस्टर, गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>जूलॉजी में मेरे जीरो अंक आए हैं। जबकि, 10 अंक के एक प्रश्न का उत्तर बिलकुल सही था। इसके अलावा अन्य प्रश्न भी ठीक से किए थे। बॉटनी में 10 अंक आए हैं, जबकि 45 नम्बर आने चाहिए थे।  <br /><strong>- हरिश कुमार, बीएससी प्रथम सेमेस्टर गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>सेमेस्टर के सभी विद्यार्थी परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट हैं। जिन विद्यार्थियों के 12वीं कक्षा में 90% नंबर हैं, उनको भी बैक दे रखी है। साथ ही कई विषयों में 00 अंक है। उत्तर पुस्तिका की जांच में धांधली की जा रही है। रिवेल के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। प्रशासन को हस्तक्षेप करते हुए एक्सपर्ट पैनल से कोपियों की पुन:जांच करवाई जानी चाहिए।<br /><strong>- आशीष मीणा, छात्रसंघ अध्यक्ष, गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/questions-raised-on-the-credibility-of-kota-university/article-88773</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/questions-raised-on-the-credibility-of-kota-university/article-88773</guid>
                <pubDate>Tue, 27 Aug 2024 15:27:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/kota-university-ki-saakh-pr-uthe-sawal...kota-news-27-08-2024.jpg"                         length="491308"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक दर्जन छात्रों को कोटा यूनिवर्सिटी ने थमाए जीरो अंक </title>
                                    <description><![CDATA[विवि द्वारा हाल ही में जारी किए बीए, बीएससी व बीकॉम फर्स्ट सेमेस्टर का मामला। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-university-gives-zero-marks-to-a-dozen-students/article-87302"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(2)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किए गए बीएससी फर्स्ट सेमेस्टर के परिणाम में एक दर्जन से अधिक छात्रों को जीरों अंक दिए गए हैं। इनमें ऐसे छात्र भी शामिल हैं, जिनके 12वीं में 90%अंक हैं। परिणाम जारी होते ही छात्रों का आक्रोश भड़क उठा और जगह-जगह विवि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। हैरानी की बात यह है, मिर्ड-टर्म में उपस्थित होते हुए भी विश्वविद्यालय ने कई छात्राओं को परिणाम में अनुपस्थित दर्शा दिया। रिजल्ट में अव्यवस्थाओं से कोटा यूनिवर्सिटी की कार्यशैली  सवालों के कठघरे में आ गई। इधर, छात्रों का आरोप है कि विवि द्वारा लगातार परीक्षा परिणाम में धांधली की जा रही है। जानबूझ कर विद्यार्थियों को बैक दी जा रही है ताकि रिवेल के नाम पर पैसे वसूले जा सके। परिणाम जारी होने के साथ ही कोटा यूनिवर्सिटी के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। दरअसल, विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में बीए, बीएससी व बीकॉम प्रथम वर्ष के परिणाम जारी किए गए हैं। जिसमें बीएएसी के एक दर्जन से अधिक छात्रों को शून्य अंक आए हैं। जबकि, 30 से 40% प्रतिशत छात्रों के बैक आई है।  </p>
<p><strong>70 में से 0 अंक संभव नहीं</strong><br />गवर्नमेंट कॉलेज कोटा व जेडीबी साइंस कॉलेज के शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा जारी परीक्षा परिणाम पर सवाल उठाए हैं। शिक्षकों का कहना है कि 3 घंटे के पेपर में स्टूडेंट्स ने कुछ तो लिखा ही होगा, कॉपियां तो खाली छोड़ी नहीं होगी फिर जीरो अंक कैसे मिल सकते हैं। एक या दो छात्रों के शून्य अंक आए तो समझ में आता है लेकिन एक दर्जन विद्यार्थियों के जीरो अंक आना समझ से परे हैं। </p>
<p><strong>सबसे ज्यादा बॉटनी में मिले शून्य अंक </strong><br />विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए बीएससी प्रथम सेमेस्टर में सबसे ज्यादा बॉटनी विषय में विद्यार्थियों को शून्य अंक मिले हैं। इनमें कई छात्र ऐसे हैं, जिनके 12वीं साइंस में 90% प्रतिशत अंक हैं। इसके अलावा जूलॉजी, फिजिक्स व कैमेस्ट्री में भी शून्य अंक आए हैं। जबकि, इन विषयों में कुछ छात्रों के इंटरनल असेसमेंट में 30 में से 18 तो कुछ के प्रैक्टिकल में 50 में से 30 अंक मिले हैं। छात्रों ने परिणाम को लेकर विश्वविद्यालय की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। </p>
<p><strong>विद्यार्थियों की पीड़ा-पेपर अच्छा फिर 0 अंक कैसे</strong><br />मेरा बॉटनी का पेपर बहुत अच्छा रहा था। पेपर में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर का घर आकर मिलान किया था। जिसमें कम से कम 70 में से 30 अंक मिलने की उम्मीद से मैं खुश था। लेकिन, रिजल्ट में मेरे शून्य अंक आए जो किसी भी सूरत में संभव नहीं है। विवि के परिणाम में गड़बड़ी है। <br /><strong>- अभिषेक आर्य, बीएससी प्रथम सेमेस्टर छात्र </strong></p>
<p>जूलॉजी का पेपर का स्तर औसत था। उत्तर पुस्तिका में 15 पेज भरे थे। सभी सवालों का अच्छे से जवाब दिए थे। मुझे अभी तक यकीन नहीं हो रहा कि इतने अच्छा पेपर करने के बावजूद मेरे 0 अंक कैसे आए। ऐसा तो बिलकुल भी नहीं हो सकता कि मेरे 1 नंबर भी न आए।<br /><strong>- हरिश शंकर मीणा, बीएससी छात्र, गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>मेरे जूलॉजी में जीरों अंक आए हैं। जबकि, 10 अंक के एक प्रश्न का आंसर बिलकुल सही है। इसके अलावा 2 व 3 अंकों के अन्य प्रश्न भी ठीक से किए हैं। इसके बावजूद मुझे शुन्य अंक आना समझ से बाहर है।  बॉटनी में 10 अंक आए हैं, जबकि 45 नंबर आने की उम्मीद थी।<br /><strong>- हरिश आर्य, बीएससी छात्र, गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>पेपर में मैंने पूरे प्रश्न किए, इसके बावजूद कैमेस्ट्री में मुझे 3 अंक ही मिले। जबकि, 25 से 30 अंक मिलने की उम्मीद थी। एग्जामिनर ने कैसे कॉपियां चैक की है, यह समझ से बाहर है। वहीं, बोटनी के असाइनमेंट में मेरी अनुपस्थिति दर्शा रखी है, जबकि असाइनमेंट कॉलेज में जमा है। <br /><strong>- गीता कुमारी (परिवर्तित नाम) गवर्नमेंट कॉलेज</strong></p>
<p><strong>छात्रनेता बोले-विवि कर रहा भविष्य से खिलवाड़</strong></p>
<p>यूनिवर्सिटी द्वारा परीक्षा परिणाम में लगातार गड़बड़ी की जा रही है। अनिवार्य विषयों में स्टूडेंट्स को शून्य अंक दिए गए जबकि, इन विषयों में शून्य अंक आना सम्भव ही नहीं है। करीब 50 से 60% छात्रों को फेल या बैक दी गई। इसी तरह 8 दिन पहले जारी हुए बीएससी थर्ड ईयर के परिणाम में भी इसी तरह की गड़बड़ियां की गई।  <br /><strong>- सोनम सोनी, छात्रा प्रमुख गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>प्रथम सेमेस्टर के परिणाम में जमकर धांधली की गई है। होनहार विद्यार्थियों के जीरो, एक या दो अंक दिए गए। जबकि, इन विद्यार्थियों के 12वीं बोर्ड में 90% अंक हैं। कोराना काल से ही कोटा विवि द्वारा परिणाम में गड़बड़ी की जा रही है। यदि, ऐसा ही चलता रहा तो कोटा विश्वविद्यालय में स्टूडेंट्स एडमिशन लेना बंद कर देंगे।  <br /><strong>- आशीष मीणा, छात्रसंघ अध्यक्ष राजकीय महाविद्यालय कोटा</strong></p>
<p>कोटा विवि द्वारा जारी किए परिणाम समझ से परे हैं। जेडीबी साइंस कॉलेज की कई छात्राओं को 70 में से 1, 2, 4 अंक मिले हैं। वहीं, कई छात्राओं को तो मिडटर्म में अनुपस्थित दर्शा दिया जबकि, कॉलेज रिकॉर्ड में वे छात्राएं उपस्थित थी। जिसका सबूत लेकर बालिकाएं गुरुवार को यूनिवर्सिटी भी पहुंची।    <br /><strong>- अंजलि मीणा, छात्रसंघ अध्यक्ष जेडीबी साइंस कॉलेज</strong></p>
<p>विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा परिणाम में लगातार धांधली की जा रही है। रिवेल के नाम पर बच्चों से पैसे लूटे जा रहे हैं। छात्र शिकायत करते हैं तो उन्हें रिवेल करवाने का कहा जाता है। जब रिवेल करवाते हैं तो अंक बढ़ जाते हैं। प्रति विषय रिवेल के 300 रुपए फीस लगती है।   <br /><strong>- रोहिताश मीणा, छात्रसंघ महासचिव, कोटा यूनिवर्सिटी</strong></p>
<p>बीकॉम प्रथम सेमेस्टर में साढ़े छह सौ विद्यार्थियों ने पेपर दिया था। जिसमें से 300 से ज्यादा स्टूडेंट्स के बैक दी गई है। सबसे ज्यादा बैक बिजनेस लॉ में आई है। कोटा यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है। कॉपियां चैकिंग में जमकर धांधली की जा रही है। <br /><strong>- अर्पित जैन, छात्रसंघ अध्यक्ष कॉमर्स कॉलेज कोटा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />परीक्षा परिणाम पूरी पारदर्शिता के साथ जारी किया गया है। जिन विद्यार्थियों को डाउट है वे रिवोलेशन  करवा सकते हैं। वहीं, आरटीआई लगाकर अपनी कॉपियां मंगवा सकते हैं। <br /><strong>- प्रवीण भागर्व, परीक्षा नियंत्रक कोटा यूनिवर्सिटी </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-university-gives-zero-marks-to-a-dozen-students/article-87302</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-university-gives-zero-marks-to-a-dozen-students/article-87302</guid>
                <pubDate>Fri, 09 Aug 2024 15:29:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/4111u1rer-%282%2916.png"                         length="844380"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहले साल ही 2 माह लेट हुआ सेमेस्टर, दांव पर लगा लाखों विद्यार्थियों का भविष्य </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा विश्वविद्यालय से संबद्ध सरकारी व निजी कॉलेजों में करीब 2.80 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/semester-delayed-by-2-months-in-the-first-year-itself--future-of-lakhs-of-students-at-stake/article-69055"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/transfer-(3).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा यूनिवर्सिटी की लेटलतीफी से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। यूजी में सेमेस्टर प्रणाली लागू करने के पहले साल ही सेमेस्टर एग्जाम दो माह लेट हो गए। परीक्षा करवाना तो दूर यूनिवर्सिटी अब तक एग्जाम फॉर्म तक नहीं भरवा सकी। जिससे विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यूनिवर्सिटी की लापरवाही से शैक्षणिक सत्र इस बार भी पटरी पर नहीं आ सका। इसका खामियाजा सबसे ज्यादा यूजी व पीजी फाइनल के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। क्योंकि, पेपर दो माह देरी से होने से परीक्षा परिणाम भी देरी से जारी होंगे। ऐसे में छात्र अन्य विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने से वंचित रह सकते हैं। </p>
<p><strong>असमंजस में 2.80 लाख विद्यार्थी</strong><br />कोटा विश्वविद्यालय से संबद्ध सरकारी व निजी कॉलेजों में करीब 2.80 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। जिन्हें परीक्षाएं शुरू होने का इंतजार है। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा पहले जनवरी के आखिरी सप्ताह में एग्जाम करवाने की बात कहीं गई थी, लेकिन परीक्षा करवाना तो दूर अब तक एग्जाम फॉर्म तक नहीं भरवा सकी। इसका प्रमुख कारण विवि द्वारा समय पर  टेंडर प्रक्रिया नहीं करवाए जाना माना जा रहा है। बता दें, परीक्षा से संबंधित कार्य यूनिवर्सिटी, थर्ड पार्टी एजेंसी से करवाती है। हाल ही में टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई है। </p>
<p><strong>सबसे ज्यादा प्रभावित फाइनल के विद्यार्थी</strong><br />यूनिवर्सिटी की लापरवाही का खामियाजा सबसे ज्यादा यूजी व पीजी फाइनल के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। परीक्षाएं देरी से होंगी तो परिणाम में भी देरी होगी। समय पर मार्कर्शीट नहीं मिने से विद्यार्थियों को प्रदेश की अन्य यूनिवर्सिटी में एडमिशन से वंचित रह सकतें हैं। वहीं, रोजगार में भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। </p>
<p><strong>यूं लेट हुआ शैक्षणिक सत्र </strong><br />कॉलेज व यूनिवर्सिटी में जुलाई से ही सत्र 2023-24 प्रारंभ हो चुका था। सितम्बर से सेमेस्टर स्कीम के तहत सिलेबस बनाने के लिए बीओएस शुरू की गई, जो नवम्बर के प्रथम सप्ताह तक जारी रही। इस माह में अकेडिमक काउंसलिंग की बैठक में सिलेबस का अनुमोदन किया गया। जिसके बाद सिलेबस यूनिवर्सिटी की वेबसाइड पर अपलोड हुए। ऐसे में कॉलेजों में सिलेबस के अकोर्डिंग पढ़ाई नहीं हो पाई। वहीं, सेमेस्टर प्रणाली के तहत दिसम्बर में प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम होने थे, लेकिन एक फरवरी तक नहीं हो पाए। </p>
<p><strong>एक्सपर्ट व्यू</strong><br />कॉलेजों में निश्चिित रूप से दो माह शैक्षणिक सत्र लेट हुआ है। प्रवेश प्रक्रिया समयबद्ध हो तो सेमेस्टर को समय पर चलाया जा सकता है। परीक्षाओं में देरी से सैकंड सेमेस्टर में प्रवेश और पढ़ाई देरी से शुरू होगी। विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बनेगी। सत्र में देरी से यूजी व पीजी फाइनल के विद्यार्थी प्रभावित होंगे। समय पर रिजल्ट नहीं आने से मार्कर्शीट भी नहीं मिल पाएगी। <br /><strong>- डॉ. संजय भार्गव, पूर्व प्राचार्य, जेडीबी साइंस कॉलेज</strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी </strong><br />वर्ष में एक बार जिन विद्यार्थियों के एग्जाम होते हैं, उनमें असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि परीक्षा चुनाव के पहले होगी या बाद में, सेमेस्टर एग्जाम लेट होने से विद्यार्थियों को अगले सेमेस्टर में पढ़ने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा, जिसका असर रिजल्ट पर पड़ेगा।<br /><strong>- आशीष मीणा, छात्रसंघ अध्यक्ष, राजकीय महाविद्यालय कोटा</strong></p>
<p>शैक्षणिक सत्र लेट होने से यूनिवर्सिटी द्वारा विद्यार्थियों पर परीक्षा का दबाव डाला जाता है। उन्हें परीक्षा की तैयारी करने का समय नहीं दिया जाता। जिससे विद्यार्थी मानसिक तनाव से गुजरते हैं। जिसका खामियाजा परीक्षा परिणाम के रूप में भुगतना पड़ता है।<br /><strong>- सोनम सोनी, राजकीय महाविद्यालय, कोटा</strong></p>
<p>यूनिवर्सिटी द्वारा परीक्षा फॉर्म अब तक जारी नहीं किए गए। पहला सेमेस्टर लेट होने से दूसरे सेमेस्टर के एग्जाम की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा। क्योंकि, यूनिवर्सिटी 6 माह की जगह 4 माह में एग्जाम करवाने की कोशिश करेगी। विद्यार्थियों में तनाव बढ़ेगा।<br /><strong>- शुभांशी शर्मा, प्रथम वर्ष गवर्नमेंट कॉलेज </strong></p>
<p>शैक्षणिक सत्र लेट होने का असर परीक्षा परिणाम पर भी पड़ेगा। रिजल्ट देरी से आने पर विद्यार्थी कई अवसरों से वंचित रह जाएंगे। राजस्थान विवि में 8 जनवरी तक परीक्षा फॉर्म भर चुके हैं लेकिन यहां अब तक फॉर्म कब भरे जाएंगे, इसका पता तक नहीं है।<br /><strong>- अंजलि मालव, छात्रा, प्रथम वर्ष जेडीबी आर्ट्स कॉलेज</strong></p>
<p>इस बार नियमित एवं स्वयंपाठी दोनों में ही सेमेस्टर प्रणाली लागू है। परीक्षा कब होगी,इसे लेकर असमंजस बना हुआ है। सैकंड सेमेस्टर की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा। विवि को छात्रहित में जल्द एग्जाम तिथि निर्धारित करनी चाहिए। <br /><strong>- प्रियंका मीणा, छात्रा, प्रथम वर्ष, जेडीबी कॉलेज</strong></p>
<p>सेमेस्टर स्कीम के तहत दिसम्बर में एग्जाम होने चाहिए थे लेकिन एक फरवरी तक एग्जाम फॉर्म भरने की तिथि तक निर्धारित नहीं हो सकी। ऐसे में परीक्षाएं कब होंगी इसका पता तक नहीं है। लेटलतीफी से सबसे ज्यादा यूजी व पीजी फाइनल के विद्यार्थी प्रभावित होंगे। <br /><strong>- रोहिताश कुमार मीणा, छात्रसंघ महासचिव कोटा यूनिवर्सिटी</strong></p>
<p>शैक्षणिक सत्र लेट होने के कई कारण है। राजस्थान विधानसभा चुनाव आचार संहिता के कारण टेंडर नहीं हो पाए। नई शिक्षा नीति के तहत 40 से 45 कोर्सेज के सिलेबस तैयार करने में समय लगा। प्रत्येक बीओएस की तीन से चार मिटिंग हुई, फिर अकेडिम काउंसलिंग में सिलेबस का अनुमोदन करवाकर वेबसाइड पर सिलेबस अपलोड करवाए। वहीं, कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया भी देरी तक चले, जिसकी वजह से देरी हुई। <br /><strong>- राजकुमार उपाध्याय, कुल सचिव, कोटा यूनिवर्सिटी</strong></p>
<p>नई शिक्षा नीति की वजह से सिलेबस तैयार करने में समय लगा। इसी सप्ताह में <br />एग्जाम फॉर्म निकाले जाएंगे और फरवरी माह में एग्जाम करवा दिए जाएंगे। शैक्षणिक सत्र लेट नहीं हुआ है।<br /><strong>- प्रवीण भार्गव, एग्जाम कंट्रोलर, कोटा यूनिवर्सिटी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/semester-delayed-by-2-months-in-the-first-year-itself--future-of-lakhs-of-students-at-stake/article-69055</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/semester-delayed-by-2-months-in-the-first-year-itself--future-of-lakhs-of-students-at-stake/article-69055</guid>
                <pubDate>Sat, 03 Feb 2024 19:05:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-02/transfer-%283%29.jpg"                         length="63640"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईआईटी में पहला सेमेस्टर ऑनलाइन 23 से 6 दिसम्बर बीच</title>
                                    <description><![CDATA[आईआईटी एनआईटी, जोसा काउंसलिंग 2021: आंशिक प्रवेश फीस जमा कराने की तिथि 20 से 24 नवम्बर के मध्य]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%86%E0%A4%88%E0%A4%86%E0%A4%88%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%91%E0%A4%A8%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8-23-%E0%A4%B8%E0%A5%87-6-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A/article-2495"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/iit.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश की आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी एवं जीएफटीआई के 114 कॉलेजों की जोसा द्वारा करवाई ज्वाइंट सीट काउंसलिंग के अंतिम एवं छठे राउंड का सीट आवंटन गुरुवार शाम 5 बजे जारी होगा। आईआईटी में प्रवेश के लिए यह अंतिम काउंसलिंग राउंड है। विद्यार्थी जिन्हें इस राउंड में आईआईटी की सीट का आवंटन होगा, उन्हें आवंटित आईआईटी की वेबसाइट से शेष परीक्षा शुल्क एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त करनी होगी। इस वर्ष कोरोना के चलते आईआईटी के पहले सेमेस्टर की पढ़ाई ऑनलाइन कराई जा रही है। आईआईटी द्वारा वेबसाइट पर जारी की गई सूचना के अनुसार ज्यादातर आईआईटी की ऑनलाइन क्लासेज 23 नवंबर से 6 दिसम्बर के मध्य प्रारंभ होगी। इसमें आईआईटी गांधीनगर की क्लासेज 23 नवंबर, आईआईटी इंदौर, भुवनेश्वर, रूड़की की 26 नवंबर, आईआईटी दिल्ली, हैदराबाद, पल्लकड़ की 29 नवंबर, आईआईटी जम्मू की 30 नवंबर, आईआईटी वाराणसी, रोपर, मंडी, तिरुपति, कानपुर, मद्रास की क्लासेज एक दिसम्बर को, आईआईटी गुवाहाटी को 4 दिसम्बर, आईआईटी धनबाद की छह दिसम्बर से प्रारंभ होगी। अभी आईआईटी मुंबई, खरगपुर,पटना, जोधपुर, धारवाड़, गोवा, भिलाई  की वेबसाइट पर क्लासेज प्रारंभ होने की कोई सूचना जारी नहीं की गई है।<br /> <br /> <strong>सीएसएबी काउंसलिंग प्रक्रिया 27 से 13 दिसंबर के बीच होगी</strong><br /> कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि जिन विद्यार्थियों को छठे राउंड में एनआईटी, ट्रिपलआईटी एवं जीएफटीआई की सीट का आवंटन होगा। यदि ये विद्यार्थी एनआईटी सिस्टम से आवंटित अपने कॉलेज से संतुष्ट हैं, उन्हें सर्वप्रथम आंशिक प्रवेश फीस जमा करानी होगी। अन्यथा उनकी आवंटित सीट निरस्त कर दी जाएगी। विद्यार्थियों को आंशिक प्रवेश फीस जमा 20 से 24 नवंबर के मध्य जमा करवानी होगी। विद्यार्थियों द्वारा काउंसलिंग के दौरान जमा करवाई गई सीट असेप्टेंस फीस एवं आंशिक प्रवेश फीस उनके प्रवेश के दौरान शेष कॉलेज की फीस में समायोजित कर ली जाएगी। वे विद्यार्थी जो अपने एनआईटी सिस्टम से आवंटित सीट से संतुष्ट नहीं हैं और खाली सीटों के लिए करवाई जा रही सीएसएबी काउंसलिंग में भाग लेना चाहते हैं, वे अपनी आंशिक प्रवेश फीस जमा कर अपनी आवंटित सीट सुरक्षित कर भी सीएसएबी काउंसलिंग में भाग ले सकते हैं। यह सीएसएबी काउंसलिंग प्रक्रिया 27 नवंबर से 13 दिसंबर के मध्य संपन्न होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%86%E0%A4%88%E0%A4%86%E0%A4%88%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%91%E0%A4%A8%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8-23-%E0%A4%B8%E0%A5%87-6-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A/article-2495</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%86%E0%A4%88%E0%A4%86%E0%A4%88%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%91%E0%A4%A8%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8-23-%E0%A4%B8%E0%A5%87-6-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A/article-2495</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Nov 2021 12:23:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/iit.jpg"                         length="132767"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        