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                <title>छुट्टियों के फेर में घंटों भटकते रहे परिजन : सर्जरी के बाद बंद हुआ मासूम मानवी का यूरीन</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजिस्ट नहीं मिला, क्रिएटिनिन 5 के पार पहुंचने पर मानवी जयपुर रेफर
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/family-wandered-for-hours-amidst-holiday-closures--little-manvi-stopped-passing-urine-after-surgery/article-164278"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(2)67.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।कोटा के संभागीय अस्पतालों की इमरजेंसी सेवाओं और त्योहारों के दौरान मिलने वाली बदहाली की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। 20 अगस्त को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑपरेशन के बाद 26 अगस्त को डिस्चार्ज हुई मासूम मानवी की छुट्टी के बाद से ही यूरीन आउटपुट (पेशाब) पूरी तरह बंद हो गया। पेशाब रुकने से मासूम का पेट गुब्बारे की तरह फूल गया था, ऑपरेशन के टांके अत्यधिक खिंच चुके थे और बच्ची दर्द से बेहाल होकर कराह रही थी। मासूम को तड़पता देख रोती हुई माँ की जुबां से बस यही निकला—कुछ भी हो जाए, मैं मेरी बच्ची को मरने नहीं दूंगी। 28 अगस्त को झालावाड़ के इकलेरा से गंभीर स्थिति में कोटा पहुंचे परिजनों को राखी की छुट्टियों के चलते दर-दर भटकना पड़ा और बच्ची करीब 8 घंटे तक बिना इलाज के तड़पती रही।</p>
<p><strong>मेडिकल कॉलेज से जेके लोन तक भटके परिजन</strong><br />पिता रूप सिंह मीणा ने बताया कि, 26 अगस्त को डिस्चार्ज होने के बाद से ही बच्ची को पेशाब नहीं आ रहा था और उसका पेट लगातार फूल रहा था। रक्षाबंधन की छुट्टी वाले दिन 28 अगस्त की शाम 5 बजे हम उसे लेकर कोटा पहुंचे। सबसे पहले न्यू मेडिकल कॉलेज गए, जहां से उन्हें यह कहकर जेके लोन अस्पताल भेज दिया गया कि मामला पीडियाट्रिक मेडिसिन का है। जेके लोन पहुंचे तो वहां केस मेडिकल कॉलेज का होने की बात कहकर टाल दिया गया। हम रात 12 बजे मानवी को निजी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां भी भर्ती करने से मना कर दिया गया।</p>
<p><strong>ड्यूटी डॉक्टर ने दिखाई संवेदना</strong><br />आधी रात करीब डेढ़ बजे परिजन जब फिर निराश होकर न्यू मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तब वहां सर्जरी विभाग की ड्यूटी डॉक्टर मान्सी ने संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने सीनियर डॉक्टरों को फोन लगाना शुरू किया, लेकिन कई डॉक्टरों के फोन बंद आ रहे थे। करीब 15 मिनट में 8 से अधिक फोन घुमाने और स्थिति की गंभीरता बताने के बाद आखिरकार मासूम को रात को अस्पताल में एडमिट किया गया।</p>
<p><strong>कोटा में पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजिस्ट न होने से जयपुर रैफर</strong><br />भर्ती के बाद कराई गई जांचों में बच्ची का क्रिएटिनिन लेवल बढ़कर 5 के पार पहुंच चुका था, जो किडनी के फेलियर या गंभीर रूप से प्रभावित होने का संकेत था। सर्जिकल साइड में अड़चन न होने पर उसे जेके लोन अस्पताल में पीडियाट्रिक मेडिसिन विभाग के में भर्ती किया गया। डॉ. गोपी किशन ने जानकारी देते हुए बताया कि वह ऑफ पर है। लेकिन यूनिट इंचार्ज ड्यूटी डॉ से परामर्श के बाद डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने क्रिएटिनिन व युरिया के अत्यधिक बढ़ने और को देखते हुए आखिरकार बच्ची को आगे के इलाज के लिए जयपुर रैफर कर दिया गया। डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि पूरे कोटा संभाग में एक भी 'पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजिस्ट' (बच्चों के किडनी विशेषज्ञ) उपलब्ध नहीं है।</p>
<p>बच्ची मानवी को किडनी से संबंधित गंभीर (नेफ्रो) समस्या आ गई थी और उसका क्रिएटिनिन लेवल हाई हो गया था। जेके लोन अस्पताल में आए पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने गहन विचार-विमर्श और सलाह के बाद परिजनों की सहमती से बच्ची को बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है।<br /><strong>-डॉ. गोपी किशन पीडियाट्रिशियन, जेके लोन अस्पताल</strong></p>
<p>बच्ची का ऑपरेशन वरिष्ठ सर्जन डॉ. अशोक गोयल के निर्देशन में हुआ था और सर्जिकल साइड से कोई अड़चन नहीं थी। 8 दिन बाद घर जाने पर उसे किडनी से संबंधित मेडिकल प्रॉब्लम हुई। कोटा में बच्चों के किडनी रोग विशेषज्ञ ('पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजिस्ट') का पद उपलब्ध नहीं है, इसलिए पीडियाट्रिक मेडिसिन विभाग ही इसे संभालता है।<br /><strong>-डॉ. प्रदीप अग्रवाल (पीडियाट्रिक सर्जन, जेके लोन / मेडिकल कॉलेज):</strong></p>
<p>बच्ची पूर्व में मेरे ही अंडर में भर्ती हुई थी और ऑपरेशन के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज की गई थी। बाद में उसे मेडिकल मैनेजमेंट के लिए जेके लोन अस्पताल रैफर किया गया था।<br /><strong>-डॉ. अशोक गोयल (सीनियर सर्जन, न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 15:04:13 +0530</pubDate>
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