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                <title>munesh gurjar - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>munesh gurjar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>निर्दलीयों का दम: दो चुनावों में बदला जयपुर निगम का सियासी गणित, 2020 में 23 निर्दलीय पहुंचे थे निगम, 2026 में टिकट कटने से बागियों ने बढ़ाई भाजपा-कांग्रेस की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 में परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या 150 रहने के बावजूद 700 से अधिक निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में डटे हैं। 2020 की तरह इस बार भी बागी और निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा-कांग्रेस का समीकरण बिगाड़कर कई वार्डों में मुकाबले को त्रिकोणीय और दिलचस्प बना रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-strength-of-independents-changed-in-two-elections-political-mathematics/article-164809"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/election-commission.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनावों में निर्दलीय प्रत्याशी अब केवल वोट काटने वाले उम्मीदवार नहीं रह गए हैं, बल्कि कई मौकों पर सत्ता के समीकरण बदलने की ताकत दिखा चुके हैं। 2020 के चुनाव में जयपुर ग्रेटर और हेरिटेज के 250 वार्डों में कुल 23 निर्दलीय प्रत्याशी जीतकर पार्षद बने थे। इस बार निगम के एकीकरण और परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या घटकर 150 रह गई है, लेकिन निर्दलीयों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। नामांकन के बाद सात सौ से ज्यादा निर्दलीय मैदान में हैं।</p>
<p>2020 में हेरिटेज में निर्दलीय बने थे किंगमेकर: 2020 का चुनाव निर्दलीयों की प्रभावशीलता का सबसे बड़ा उदाहरण रहा। जयपुर हेरिटेज में कांग्रेस को 47 और भाजपा को 42 सीटें मिली थीं, जबकि 11 निर्दलीय जीते। बहुमत के लिए 51 पार्षद जरूरी थे। ऐसे में बोर्ड गठन और महापौर चुनाव में निर्दलीयों की भूमिका निर्णायक हो गई। महापौर चुनाव में कम से कम नौ निर्दलीयों ने कांग्रेस की मुनेश गुर्जर के पक्ष में मतदान किया और कांग्रेस का बोर्ड बन गया। यही नहीं, 2020 में निर्दलीय जीतीं कुसुम यादव बाद में जयपुर हेरिटेज की महापौर बनीं। 2024 में कांग्रेस के आठ पार्षद भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा ने उन्हें कार्यवाहक महापौर बनाया। यानी निर्दलीय के रूप में जीती एक पार्षद का राजनीतिक सफर आगे चलकर निगम के सत्ता समीकरण का केन्द्र बन गया।</p>
<p><strong>तस्वीर ज्यादा चुनौतीपूर्ण</strong></p>
<p>2026 में हालात अलग हैं। एकीकृत जयपुर नगर निगम में 150 वार्ड हैं। परिसीमन और आरक्षण ने कई पुराने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। भाजपा-कांग्रेस ने भी 2020 में जीते 250 पार्षदों में से महज 43 को दोबारा टिकट दिया है। इनमें 23 निर्दलीय विजेताओं में से केवल तीन को इस बार प्रमुख दलों ने टिकट दिया। इससे टिकट से वंचित दावेदारों के निर्दलीय मैदान में उतरने का रास्ता खुला। नामांकन के दौरान 953 निर्दलीयों ने पर्चे दाखिल किए थे और जांच व वापसी के बाद सात सौ से ज्यादा चुनाव मैदान में बचे।</p>
<p><strong>इस बार कई वार्डों में त्रिकोणीय पेंच</strong></p>
<p>इस बार निर्दलीयों की सबसे बड़ी ताकत स्थानीय पहचान और पार्टी के बागियों का नेटवर्क है। कई वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के असंतुष्ट चेहरे निर्दलीय बनकर मुकाबले में हैं। नाम वापसी के लिए दोनों दलों को बागियों को मनाने की कवायद करनी पड़ी। कुछ वार्ड सीधे भाजपा-कांग्रेस मुकाबले वाले हैं, जबकि कई सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 14:01:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हैरिटेज निगम मेयर मुनेश गुर्जर को हाइकोर्ट से बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से हेरिटेज नगर निगम की मेयर मुनेश गुर्जर को गत 22 सितंबर को पुन: निलंबित करने के आदेश को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-relief-to-heritage-corporation-mayor-munesh-gurjar-from-high/article-63185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/court-hammer05.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से हेरिटेज नगर निगम की मेयर मुनेश गुर्जर को गत 22 सितंबर को पुन: निलंबित करने के आदेश को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में की गई प्रारंभिक जांच को भी निरस्त करते हुए एक माह में पुनः जांच करने को कहा है। जस्टिस अनूप कुमार ढंड की एकलपीठ ने यह आदेश मुनेश गुर्जर की याचिका को स्वीकार करते हुए दिए। अदालत ने मामले में दोनों पक्षों की बहस सुनकर गत 28 नवंबर को याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।</p>
<p>कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मुनेश गुर्जर के पूर्व के निलंबन आदेश के खिलाफ दायर याचिका में सरकार की ओर से नियुक्त ओआईसी को ही इस मामले में प्रारंभिक जांच अधिकारी बनाया गया। उनकी ओर से दी गई जांच रिपोर्ट सद्भावनापूर्वक प्रतीत नही होती है। क्योंकि उन्होंने मुनेश की ओर से दस्तावेज प्राप्त करने की अर्जी को भी उनका लिखित जवाब मानकर जांच रिपोर्ट दी गई। न्याय के नैसर्गिक सिद्धांत के अनुसार जांच अधिकारी निष्पक्ष होना चाहिए। मामले में जांच अधिकारी की ओर से की गई जांच भेदभावपूर्ण प्रतीत होती है। अतः ऐसी जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई अनुचित है। इसलिए उसे निरस्त किया जाता है।</p>
<p>याचिका में अधिवक्ता विज्ञान शाह ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने याचिकाकर्ता का निलंबन नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 39 के प्रावधानों व तथ्यों के विपरीत जाकर किया है। उसके खिलाफ जिन तथ्यों पर जांच हुई हैं, वे एफआईआर से ही साबित नहीं हो पाए थे। इसके अलावा मामले में जांच अधिकारी नियुक्त करने का आदेश डीएलबी निदेशक ने निकाला, जबकि ऐसा आदेश राज्यपाल के निर्देशों के तहत ही जारी हो सकता है। वहीं रूल्स ऑफ बिजनेस के तहत मेयर से संबंधित किसी भी कार्रवाई का मुख्यमंत्री से अनुमोदन जरूरी है, जबकि इस मामले में निलंबन व जांच की कार्रवाई स्वायत्त शासन मंत्री के आदेश पर की गई। मामले की डीएलबी निदेशक और उप निदेशक ने अलग-अलग नोटिस जारी कर जांच कार्रवाई आरंभ की। जबकि एक ही मामले में दो जांच अधिकारी एक साथ जांच नहीं कर सकते। वहीं उप निदेशक की ओर से दी गई जांच रिपोर्ट भेदभावपूर्ण व दुर्भावनापूर्ण है, क्योंकि याचिकाकर्ता को पूर्व में निलंबन करने के खिलाफ हाईकोर्ट में पेश याचिका में उप निदेशक ही ओआईसी के तौर पर विभाग का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता को जांच के बाद निलंबित किया गया है। वहीं रूल्स ऑफ बिजनेस बाध्यकारी नहीं है। गौरतलब है कि मेयर मुनेश गुर्जर के पति सुशील गुर्जर की ओर से नगर निगम के पट्टे जारी करने की एवज में रिश्वत मांगने से जुड़े मामले में एसीबी की कार्रवाई के बाद राज्य सरकार ने मुनेश को निलंबित किया था। इस निलंबन आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने निलंबन आदेश वापस ले लिया था। वहीं बाद में राज्य सरकार ने जांच के बाद मुनेश गुर्जर को 22 सितंबर को पुन: निलंबित कर दिया था। इस आदेश को भी अब हाइकोर्ट ने रद्द कर दिया है।</p>
<p><strong>क्या है मामला </strong><br />निलंबित मेयर के पति सुशील गुर्जर की ओर से नगर निगम के पट्टे जारी करने की एवज में रिश्वत मांगने से जुड़े मामले में एसीबी की कार्रवाई के बाद राज्य सरकार ने मुनेश को निलंबित किया था। इस निलंबन आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने निलंबन आदेश वापस ले लिया था। वहीं बाद में राज्य सरकार ने जांच के बाद मुनेश गुर्जर को पुन: निलंबित कर दिया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Dec 2023 11:03:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुनेश गुर्जर को पुन: निलंबित करने के खिलाफ याचिका पर फैसला सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से नगर निगम हेरिटेज की मेयर मुनेश गुर्जर को गत 22 सितंबर को पुन: निलंबित करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/decision-reserved-on-the-petition-against-re-suspending-munesh-gurjar/article-63039"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/munesh-gurjar.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से नगर निगम हेरिटेज की मेयर मुनेश गुर्जर को गत 22 सितंबर को पुन: निलंबित करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है। इसके साथ ही अदालत ने प्रकरण में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस अनूप ढंड की एकलपीठ ने यह आदेश निलंबित मेयर मुनेश गुर्जर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता विज्ञान शाह ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने याचिकाकर्ता का निलंबन नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 39 के प्रावधानों व तथ्यों के विपरीत जाकर किया है। उसके खिलाफ जिन तथ्यों पर जांच हुई है, वे एफआईआर से ही साबित नहीं हो पाए थे। इसके अलावा मामले में जांच अधिकारी नियुक्त करने का आदेश डीएलबी निदेशक ने निकाला, जबकि ऐसा आदेश राज्यपाल के निर्देशों के तहत ही जारी हो सकता है। वहीं रूल्स आॅफ बिजनेस के तहत मेयर से संबंधित किसी भी कार्रवाई का मुख्यमंत्री से अनुमोदन जरूरी है, जबकि इस मामले में निलंबन व जांच की कार्रवाई स्वायत्त शासन मंत्री के आदेश पर की गई। मामले की डीएलबी निदेशक और उप निदेशक ने अलग-अलग नोटिस जारी कर जांच कार्रवाई आरंभ की, जबकि एक ही मामले में दो जांच अधिकारी एक साथ जांच नहीं कर सकते। वहीं उप निदेशक की ओर से दी गई जांच रिपोर्ट भेदभावपूर्ण व दुर्भावनापूर्ण है, क्योंकि याचिकाकर्ता को पूर्व में निलंबन करने के खिलाफ हाईकोर्ट में पेश याचिका में उप निदेशक ही ओआईसी के तौर पर विभाग का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता को जांच के बाद निलंबित किया गया है। वहीं रूल्स ऑफ बिजनेस बाध्यकारी नहीं है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। </p>
<p><strong>क्या है मामला </strong><br />निलंबित मेयर के पति सुशील गुर्जर की ओर से नगर निगम के पट्टे जारी करने की एवज में रिश्वत मांगने से जुड़े मामले में एसीबी की कार्रवाई के बाद राज्य सरकार ने मुनेश को निलंबित किया था। इस निलंबन आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने निलंबन आदेश वापस ले लिया था। वहीं बाद में राज्य सरकार ने जांच के बाद मुनेश गुर्जर को पुन: निलंबित कर दिया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Nov 2023 10:09:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jaipur: दलाल ने व्हाट्सअप पर मैसेज भेजा था ‘2’</title>
                                    <description><![CDATA[एसीबी की टीम मुनेश गुर्जर के पति सुशील गुर्जर, अनिल दुबे और नारायण सिंह से दो दिन के रिमांड पर पूछताछ कर रही है। टीम इन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश करेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-broker-had-sent-a-message-on-whatsapp-2/article-53906"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/630-400-size-की-कॉपी5.png" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो/नवज्योति, जयपुर। दो लाख रुपए की घूस लेने के मामले में गिरफ्त में चल रहे निलंबित मेयर मुनेश गुर्जर के पति सुशील पट्टों के साथ ठेकेदारों के बिल पास करने की एवज में घूस के रूप में तीन प्रतिशत कमीशन लेता था। यह खुलासा एसीबी की ओर से दर्ज एफआईआर में हुआ है। वहीं सामने आया है कि सुशील के साथी दलाल अनिल ने परिवादी के जानकार का पट्टा जारी करने की एवज में व्हाट्सअप पर मैसेज ‘2’ लिखकर भेजा था। जब परिवादी ने कहा कि ये क्या है तो उसने व्हाट्सअप कॉल पर घूस की रकम दो लाख रुपए बताई। बीती 25 जुलाई को अनिल ने बनीपार्क स्थित प्लॉट का पट्टा जारी करने की एवज में एक लाख रुपए ले लिए। उसने कहा कि अभी आपको 50 हजार रुपए और देने होंगे, जब उसने कहा कि यदि 50 हजार रुपए नहीं दिए तो वह पट्टा वापस मंगा लेगा। गौरतलब है कि एसीबी की टीम मुनेश गुर्जर के पति सुशील गुर्जर, अनिल दुबे और नारायण सिंह से दो दिन के रिमांड पर पूछताछ कर रही है। टीम इन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश करेगी। <br /><br /><strong>बातचीत (28 जुलाई)</strong><br />सुशील गुर्जर ने अपने घर आए परिवादी को पट्टों के बारे में कहा था कि तू अनिल से बात कर लिया कर, जो अनिल ने कह दिया वो मैंने कह दिया समझ लो। <br /><br /><strong>मुनेश गुर्जर का कई बार आया नाम</strong><br />एसीबी की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में निलंबित महापौर मनुेश गुर्जर का कई बार नाम आया है। जब भी परिवादी और दलाल या सुशील गुर्जर से मुलाकात होती है तो महापौर का नाम अवश्य लिया जाता है। ऐसे में माना जा रहा है कि एसीबी की टीम जल्द ही मुनेश गुर्जर को पूछताछ के लिए बुला सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Aug 2023 10:03:33 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>जयपुर हेरिटेज नगर निगम मेयर मुनेश गुर्जर निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[ शुक्रवार शाम एसीबी की टीम ने जयपुर हेरिटेज नगर निगम मेयर मुनेश गुर्जर के घर छापा मारा था। टीम ने पट्टा जारी करने की एवज में 2 लाख रुपए मांगे जाने पर मेयर के पति सुशील गुर्जर और दो दलाल नारायण सिंह और अनिल दुबे को गिरफ्तार किया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-heritage-municipal-corporation-munesh-gurjar/article-53833"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/munesh-gurjar.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने शनिवार को देर रात जयपुर हेरिटेज नगर निगम महापौर मुनेश गुर्जर को निलंबित कर दिया है। उच्च स्तरीय गहन मंथन के बाद यह फैसला किया गया है। मेयर के  पति सुशील गुर्जर को शुक्रवार को एसीबी ने पट्टे की एवज में दो लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। अब  इस मामले में विधिक राय ली जा रही है ताकि मुनेश को आगे बर्खास्त किया जा सके। नगर निगम में पट्टो के लंबित प्रकरणों में को भी खंगाला जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस रिश्वत मामले में प्रथम दृष्टया मेयर  की भी संलिप्तता सामने आई है।</p>
<p>दरअसल, शुक्रवार शाम एसीबी की टीम ने जयपुर हेरिटेज नगर निगम मेयर मुनेश गुर्जर के घर छापा मारा था। टीम ने पट्टा जारी करने की एवज में 2 लाख रुपए मांगे जाने पर मेयर के पति सुशील गुर्जर और दो दलाल नारायण सिंह और अनिल दुबे को गिरफ्तार किया था। सुशील पर पट्टे बनाने की एवज में 2 लाख रुपए की घूस मांगने का आरोप थे। मेयर के घर सर्च में 41 लाख रुपए नकद मिले थे। इसके बाद एसीबी की टीम इस पूरे मामले को लेकर अब नगर निगम की पुरानी फाइलों की जांच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Aug 2023 11:24:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हेरिटेज मेयर-उप महापौर के खिलाफ मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[ शिकायत में वर्मा ने आरोप लगाया कि 16 जून को वह ऑफिस में काम कर रहे थे। तभी दोपहर में कर्मचारी राधा मोहन ने कहा कि आपको मेयर अपने चैंबर में बुला रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/case-filed-against-heritage-mayor-deputy-mayor/article-50397"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/munesh-gurjar.png" alt=""></a><br /><p>नवज्योति,जयपुर। माणकचौक थाने में नगर निगम हेरिटेज के एडिशनल कमिश्नर राजेन्द्र कुमार वर्मा ने बुधवार रात को मेयर मुनेश गुर्जर, उप महापौर असलम फारुखी समेत सहित कई पार्षदों के खिलाफ  राजकार्य में बाधा डालने, बंधक बनाने व अभद्र भाषा बोलने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया है। <br /><br />शिकायत में वर्मा ने आरोप लगाया कि 16 जून को वह ऑफिस में काम कर रहे थे। तभी दोपहर में कर्मचारी राधा मोहन ने कहा कि आपको मेयर अपने चैंबर में बुला रही है। इस पर वर्मा ने कहा कि वह एक फाइल का काम कर दस मिनट में आ रहे हैं। करीब पांच मिनट बाद कुछ पार्षदों सहित करीब 30 लोग उनके चैंबर में घुस गए और टेंडर की फाइल पर हस्ताक्षर नहीं करने की बात पर अभद्र भाषा बोलते हुए जबरन मेयर के कमरे में ले गए। यहां पर मौजूद मेयर मुनेश गुर्जर समेत पार्षदों ने फाइल पर साइन की बात को लेकर अभद्र भाषा बोली। तब वर्मा ने फाइल पर खुद की तरफ  से पेंडिंग नहीं होने की बात कही तो मेयर ने स्वास्थ्य उपायुक्त व चीफ  हेल्थ आॅफिसर को भी फाइल लेकर बुला लिया। इस दौरान कमरे में मेयर मुनेश गुर्जर, उप महापौर असलम फारुखी, पार्षद उमरदराज, नीरज अग्रवाल, शफी कुरैशी, सुनीता महावर, राबिया गुडऐज, अंजलि ब्रह्मभट्ट, पार्षद पति मोहम्मद अख्तर, पार्षद आयशा सिद्दिकी, फरीद कुरैशी, फूलचंद, शाकिर व मेयर के पति सुशील गुर्जर सहित करीब 30 जने मौजूद थे। इन सभी ने मेयर के चैंबर में बंधक बना लिया और जबरन फाइल पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया। शाम के समय केबिनेट मंत्री महेश जोशी भी वहां पहुंच गए थे। वे दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद वापस चले गए। तभी वर्मा मौका पाकर मेयर के चैंबर से निकल गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jun 2023 10:33:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>महापौर ने लगाया अतिरिक्त आयुक्त पर भ्रष्टाचार का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने कहा कि यदि राजेंद्र वर्मा इन फाइलो कि जांच में दोषी नही पाए जाते हैं तो वह स्वयं इस्तीफा देकर धरना समाप्त कर देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-mayor-accused-the-additional-commissioner-of-corruption/article-49557"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(7)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नगर निगम हेरिटेज मुख्यालय में चल रहे धरने के दौरान महापौर मुनेश गुर्जर ने अतिरिक्त आयुक्त राजेंद्र वर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि राजेंद्र वर्मा इन फाइलो कि जांच में दोषी नही पाए जाते हैं तो वह स्वयं इस्तीफा देकर धरना समाप्त कर देगी।<br /><br />नगर निगम हेरिटेज मुख्यालय में अतिरिक्त आयुक्त राजेंद्र वर्मा से विवाद के बाद महापौर मुनेश गुर्जर पार्षदों के साथ धरने पर बैठी है। बुधवार को उन्होंने निगम मुख्यालय में प्रेस वार्ता की। जिसमें उन्होंने राजेंद्र वर्मा पर आपदा प्रबंधन, सुलभ शौचालय और बीट पत्रावली की फाइल में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। गुर्जर ने कहा कि इन फाइलों की जांच की जाए यदि इन फाइलों में राजेंद्र वर्मा दोषी नहीं पाए जाते हैं तो वह स्वयं इस्तीफा दे देगी और वह दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jun 2023 14:26:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>महापौर मुनेश गुर्जर ने दशहरा मैदान में  झाडू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम हैरिटेज की महापौर ने गुर्जर समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन को मध्य नजर रखते हुए आदर्श नगर जोन के दशहरा मैदान का निरीक्षण किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/munesh-gurjar-take-feedback-of-cleaness/article-5345"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/mayor-munesh-gurjar-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नगर निगम हैरिटेज की महापौर ने गुर्जर समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन को मध्य नजर रखते हुए आदर्श नगर जोन के दशहरा मैदान का निरीक्षण किया। सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। तथा स्वयं द्वारा दशहरा मैदान में झाडू से सफाई कर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। महापौर मुनेश गुर्जर ने दशहरा मैदान में 4 मार्च को गुर्जर समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन होने से पूर्व सफाई व अन्य व्यवस्थाओं का फीडबैक ले रही थी। उन्होने गुर्जर समाज के लोगों को विश्वास दिलाया है कि दशहरा मैदान की सामुहिक विवाह सम्पन होने तक सफाई व्यवस्था नियमित नगर निगम जयपुर हैरिटेज द्वारा दी जायेगी।</p>
<p>महापौर ने दशहरा मैदान का जोन के अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों निरिक्षकों के साथ घुमकर सफाई सहित अन्य व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होने सफाई निरीक्षण को के साथ उपयुक्त स्वास्थ्य को निर्देश दिए। दशहरा मैदान की अतिरिक्त टीमें लगाकर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करेगें। उन्होने जोन उपायुक्त एवं अधिशाषी अभियंता को पार्क में मरम्मत के कार्य करने के निर्देश दिए।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/munesh-gurjar-take-feedback-of-cleaness/article-5345</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Mar 2022 15:29:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जयपुर हेरिटेज महापौर को हटाने को लेकर कांग्रेस के 37 पार्षद हुए लामबंद</title>
                                    <description><![CDATA[सत्ता पक्ष के विधायक भी दो खेमों में बंटे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%9C-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%8C%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%87-37-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A6-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6/article-4206"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/munesh-gurjar.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नगर निगम हेरिटेज की महापौर मुनेश गुर्जर को हटाने को लेकर कांग्रेस के 37 पार्षद लामबंद हो गए हैं। हालांकि उच्च स्तर पर असंतुष्ट पार्षदों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन देर रात तक पार्षद नरम नहीं पड़े थे। पार्षदों के साथ ही कांग्रेस के विधायकों का एक गुट भी मेयर को हटाने के पक्ष में है। महापौर की कार्य प्रणाली से उसी की पार्टी के पार्षद नाराज है। </p>
<p><br />नगर निगम हेरिटेज में कुल सौ पार्षद है। इनमें कांग्रेस के 47 पार्षद है। नौ निर्दलीयों के सहयोग से कांग्रेस की मुनेश गुर्जर को नवम्बर 2020 में  महापौर बनाया गया था। महापौर को लेकर शुरू से ही कांग्रेस दो गुटों में बंट हुई थी। अब पार्षदों का असंतोष ज्यादा बढ़ गया है। समितियों के अध्यक्ष बनाने को लेकर निर्दलीयों ने महापौर के खिलाफ पिछले दिनों प्रदर्शन भी किया था। अब कांगे्रस और उसके समर्थक 37 पार्षदों ने महापौर को हटाने को लेकर पिछले दिनों क्षेत्रीय विधायक अमीन कागजी को पत्र भी सौंपा था। इस संबंध में महापौर मुनेश गुर्जर का पक्ष जानने के लिए उनसे कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया और ना ही मैसेज का जवाब दिया। <br /><strong><br />उप महापौर को लेकर भी हो चुका है विवाद</strong><br />जयपुर नगर निगम हेरिटेज में उप महापौर असलम फारूकी को लेकर भी विवाद हो चुका है। कांग्रेस के ही पार्षद उमरदराज ने भारी विरोध किया था। उप महापौर पद पर उमरदराज मजबूत दावेदार थे, लेकिन उस समय क्षेत्रीय विधायक अमीन खान उमरदराज के पक्ष में नहीं थे। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />हे रिटेज की महापौर के खिलाफ कांग्रेस के पार्षदों में खासी नाराजगी है। उन्होंने एक पत्र भी लिखा है। इस संबंध में <br />मैंने मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास को अवगत करा दिया है। जल्द ही पार्षदों के साथ बैठक की जाएगी। -<strong>अमीन कागजी, विधायक</strong><br /><br />विधायक अमीन कागजी ने मुलाकात कर घटनाक्रम के बारे में अवगत कराया है। जल्द ही नगर निगम हेरिटेज के पार्षदों की बैठक बुलाकर मामले को सुलटाया जाएगा। - <strong>प्रतापसिंह खाचरियावास, काबीना मंत्री एवं विधायक सिविल लाइन्स</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jan 2022 11:50:05 +0530</pubDate>
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                <title>मुनेश गुर्जर ने गणेश मंदिर में की पूजा</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम हैरिटेज महापौर मुनेश गुर्जर और नगर निगम ग्रेटर की महापौर शील धाबाई ने मोती डूंगरी गणेश मंदिर और गंगापोल पर गणपति की पूजा-अर्चना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A4%A3%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE/article-2500"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/ganesh-ji-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नगर निगम हैरिटेज महापौर मुनेश गुर्जर और नगर निगम ग्रेटर की महापौर शील धाबाई ने मोती डूंगरी गणेश मंदिर और गंगापोल पर गणपति की पूजा-अर्चना की। गुर्जर और धाबाई ने पार्षदों और अधिकारियों के साथ मोती डूंगरी गणेश में ढोक लगाई।</p>
<p>इसके बाद गंगापोल पर पूजाअर्चना की। गुर्जर और धाबाई ने गणेश की आराधना की। इसके बाद महापौर ने गोविंददेव मंदिर के दर्शन किए। स्थापना दिवस समारोह के तहत गोविंद देव मंदिर में कत्थक नृत्य का आयोजन किया गया।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Nov 2021 13:10:09 +0530</pubDate>
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