<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/rasuwa-hydroelectric-project/tag-90066" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Rasuwa Hydroelectric Project - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/90066/rss</link>
                <description>Rasuwa Hydroelectric Project RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नेपाल में बाढ़ का कहर: अब तक 1,000 से अधिक लोगों की मौत, सैकड़ों अभी भी लापता</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 1,000 पार कर गई है, जबकि सैकड़ों लोग लापता हैं। इसमें कई विदेशी नागरिक और जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे मजदूर शामिल हैं। सेना और अंतरराष्ट्रीय बचाव दल राहत कार्यों में जुटे हैं तथा लावारिस शवों का डीएनए सुरक्षित रख अंतिम संस्कार किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/flood-wreaks-havoc-in-nepal-more-than-1000-people-dead/article-164409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/nepal3.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। नेपाल में बुधवार को अचानक आयी बाढ़ की आपदा में मरने वालों की संख्या 1,000 के आंकड़े को पार कर गयी है, जबकि चीन में भी कई लोगों की जानें गयीं है और सैकड़ों लोग लापता हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, देश में बाढ़ के कारण कम से कम 1,003 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 3,916 लोग अब भी लापता हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के अनुसार बाढ़ आपदा के बाद से अब तक 11,379 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।</p>
<p>नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, लापता लोगों में 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। राहत कार्यों के दौरान हालांकि भारत, चीन, जर्मनी, बुल्गारिया, तुर्की, इटली, अमेरिका, माल्टा, स्विट्जरलैंड, रूस, पुर्तगाल और ओमान सहित विभिन्न देशों के 315 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं, स्पेन, बेल्जियम और अमेरिका के पांच अन्य विदेशी नागरिक स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। चीन में भी बाढ़ ने भारी तबाही मचायी है। चीन के सरकारी बयान में कहा गया है कि बाढ़ के कारण कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है और 546 से अधिक लोग लापता हैं।</p>
<p>चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी ने चीन के जल संसाधन मंत्रालय का हवाला देते हुए बताया है कि हिमालयी इलाके में आयी भीषण और जानलेवा बाढ़ के कुछ दिनों बाद भी, नेपाल में टकराव से बने गड्ढे के आस-पास मौजूद ग्लेशियर ‘गिर सकते हैं, जिससे बड़ा खतरा हो सकता है।’ यह लगातार दूसरा दिन है जब मंत्रालय ने ग्लेशियरों के गिरने की संभावना जतायी है। इससे पहले चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया था कि पहाड़ के किनारे बने उस गढ्ढे के पास जमा पानी वाले इलाके ‘लबालब’ की स्थिति में थे। यह गढ्ढा पिछले सप्ताह ग्लेशियर के गिरने से बना था। मंगलवार सुबह लिये गये नये ड्रोन फ़ुटेज के आधार पर, चीनी मंत्रालय ने आकलन किया कि नेपाल की छोचेन खोला नदी के इम्पैक्ट क्रेटर में जमा पानी ‘काफ़ी हद तक निकल चुका है’ और नदी का बहाव सामान्य है। मंत्रालय ने हालांकि चेतावनी दी है कि ग्लेशियर के गिरने का खतरा अभी भी बना हुआ है।</p>
<p>नेपाल में जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान अभी भी जारी है। रसुवा जिले के ‘अपर त्रिशूली-1’ प्रोजेक्ट में लगभग 300 मजदूरों के टनल में फंसे होने की आशंका जतायी गयी थी। वहीं, 'त्रिशूली-3ए' प्रोजेक्ट के पावरहाउस और टनल में फंसे लगभग 42 तकनीकी कर्मियों तक पहुंचने के लिए नेपाली सेना ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग का सहारा ले रही है। सुरंग के भारी मलबे को हटाने के साथ-साथ वेंटिलेशन पाइप के जरिए अंदर ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है और कैमरों की मदद से फंसे हुए लोगों की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p>नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में आयी भीषण आपदा के दौरान करीब 600 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की जानकारी सामने आयी थी। त्रिशूली और भोटेकोशी नदी घाटी में लगभग 10 से 12 अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाएं काम कर रही थीं। इनमें 'अपर त्रिशूली-1', 'त्रिशूली-3ए' और 'रसुवागढ़ी' प्रमुख हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण इन सभी परियोजनाओं की सुरंगों, काम करने वाली जगहों और पावरहाउस में अलग-अलग जगहों पर मजदूर फंस गये थे।</p>
<p>नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू टीमें एक साथ कई अलग-अलग जगहों पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। भारी मलबे, कीचड़ और रास्ते बंद होने की वजह से रेस्क्यू टीमों को ड्रिलिंग करके टनल तक पहुंचना पड़ रहा है। कई सुरंगों में वेंटिलेशन पाइप के जरिए ऑक्सीजन और पानी पहुंचाया जा रहा है तथा कैमरों की मदद से अंदर फंसे लोगों की स्थिति का पता लगाने की कोशिशें लगातार जारी हैं।</p>
<p>नेपाल में बरामद शवों की पहचान और उनके अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया जारी बनी हुयी है। लगातार हो रही बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण बहकर आये शवों की स्थिति काफी खराब) हो गयी है। अस्पतालों के शवगृहों में जगह कम पड़ने और सड़ते शवों से बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने अनाम और लावारिस शवों को दफनाना शुरू कर दिया है। चितवन जिले के देवघाट के जंगलों में अस्थायी तौर पर गड्ढे खोदकर शवों को दफनाया जा रहा है।</p>
<p>जल्दबाजी में दफनाये जाने के बावजूद भविष्य में परिजनों द्वारा पहचान स्थापित करने की पूरी व्यवस्था की गयी है। शवों को दफनाने से पहले उनके डीएनए सैंपल एकत्र किये जा रहे हैं। साथ ही, शवों पर मौजूद खास निशानों (जैसे अंगूठी, टैटू, या कपड़े)और चेहरे के फोटो खींचकर एक स्पेशल रेफरेंस नंबर के साथ जियो-टैग किया जा रहा है। अगर बाद में कोई परिवार दावा करता है, तो डीएनए मैच कराकर शव को उनके सुपुर्द किया जा सकेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अस्थायी व्यवस्था है, ताकि स्वास्थ्य संकट न पैदा हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/flood-wreaks-havoc-in-nepal-more-than-1000-people-dead/article-164409</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/flood-wreaks-havoc-in-nepal-more-than-1000-people-dead/article-164409</guid>
                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 17:33:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/nepal3.png"                         length="806110"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        