<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/bus-stand/tag-9015" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>bus stand - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/9015/rss</link>
                <description>bus stand RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कापरेन में गहराया पेयजल संकट, तीन दिन से नल सूखे</title>
                                    <description><![CDATA[बस स्टैंड पर लगा वाटर कूलर भी पिछले तीन दिनों से बंद पड़ा होने से यात्री परेशान हो रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/drinking-water-crisis-deepens-in-kapren--taps-run-dry-for-three-days/article-150921"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(4)12.png" alt=""></a><br /><p>कापरेन। नगर पालिका क्षेत्र कापरेन में बढ़ती गर्मी के साथ ही पेयजल संकट गंभीर हो गया है। शहर के कई वार्डों में पिछले तीन दिनों से जलापूर्ति बाधित रहने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि नागरिकों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार वार्ड संख्या 24, 15 और 23 स्थित जोसया का खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से नल सूखे पड़े हैं। स्थानीय निवासियों नंदकिशोर खारोल, बबलू सेन, महावीर एवं सुरेश ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप है कि कभी-कभी एक-दो दिन पानी की आपूर्ति कर फिर मोटर खराब होने का बहाना बनाकर सप्लाई बंद कर दी जाती है।</p>
<p>इधर बस स्टैंड पर नगर पालिका द्वारा लगाया गया वाटर कूलर भी पिछले तीन दिनों से बंद पड़ा है। पानी उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय निवासी राजाराम गुर्जर ने कहा कि व्यस्त स्थान पर भी मूलभूत सुविधा का अभाव प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जहां आमजन पानी के लिए परेशान हैं, वहीं जिम्मेदार अधिकारी स्थिति से बेखबर बने हुए हैं। लोगों ने शीघ्र जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने की मांग की है।<br /> <br /><strong>यह कहा अधिकारी ने </strong></p>
<p>मोटर खराब होने के कारण सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हुई थी, जिसे अब ठीक करवा लिया गया है और पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है<br /><strong>-खुशबू मीणा, जेईएन, जलदाय विभाग </strong></p>
<p> टंकी में पानी भरवाकर जल्द ही नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी।<br /><strong>- प्रवीण कुमार शर्मा, ईओ, नगर पालिका</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/drinking-water-crisis-deepens-in-kapren--taps-run-dry-for-three-days/article-150921</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/drinking-water-crisis-deepens-in-kapren--taps-run-dry-for-three-days/article-150921</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 15:22:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/111200-x-600-px%29-%284%2912.png"                         length="1698898"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चम्बल के तीर बिना नीर- सूखे कण्ठ से यात्रा की मजबूरी </title>
                                    <description><![CDATA[संजय नगर रोडवेज बस स्टैण्ड यात्री सुविधाओं के नाम पर फिसड्डी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/without-water-on-the-banks-of-the-chambal-river--the-compulsion-to-travel-through-a-dry-gorge/article-143928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(11)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संजय नगर स्थित रोडवेज बस स्टैण्ड जिसे शहर का आधुनिक बस अड्डा कहा जाता है, आज यात्री सुविधाओं के नाम पर बदहाली की मिसाल बन चुका है। 22.76 लाख लीज किराया देने वाला यह परिसर सुविधाओं के नाम पर धेला तक खर्च नहीं करता । वर्ष 2013 से संचालित यह बस स्टैण्ड अब मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। यात्रियों का कहना है कि आधुनिक और भव्य भवन होने के बावजूद यदि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हों, तो ऐसी व्यवस्था का कोई औचित्य नहीं रह जाता। सबसे चिंताजनक स्थिति पेयजल व्यवस्था की है, जो पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कोटा शहर जिसे देशभर में 24 घन्टे पेयजल की आपूर्ति के लिये जाना जाता है उस शहर में रोडवेज के उपयोगकतार्ओं को यहां के दयनीय हालात पर गुस्सा आना लाजमी है।</p>
<p><strong>नल टूटे, कनेक्शन कटे, प्याऊ अलमारी बन गये</strong><br />बस स्टैण्ड भवन पोर्च एरिया में बनी प्याऊ में एक भी नल नहीं है। इस प्याऊ के तो कनेक्शन तक हटा दिए गए हैं। जिस स्थान पर यात्रियों को पानी पीना चाहिए, वहां सफाई कर्मचारियों ने झाड़ू और अन्य सामान रख दिया है।प्रबंधन का तर्क है कि इस प्याऊ में पानी चालू करने पर सेनेटरी लाइन चौक हो जाती है, जिससे बरामदे में पानी भर जाता है। हालांकि प्रबंधन मरम्मत का आश्वासन दे रहा है, लेकिन फिलहाल यात्रियों को तत्काल राहत का कोई रास्ता नहीं निकाला जा रहा है।</p>
<p><strong>दो अन्य प्याऊ भी लेकिन पानी सिर्फ एक नल से</strong><br />मंदिर के पास स्थित एक अन्य प्याऊ पर 80 लीटर का वाटर कूलर रखा हुआ है, लेकिन उसका बिजली व पानी का कनेक्शन कटा हुआ है। दूसरा,  बस स्टैण्ड के प्रवेश द्वार के पास एक संस्था द्वारा संचालित प्याऊ ही किसी तरह चालू है। यहां भी दो में से एक नल टूटा हुआ है, जबकि दूसरे में भी टंकियां चोक होने से पानी का प्रेशर नहीं है । पूरे बस स्टैण्ड की जलापूर्ति इसी एक नल पर निर्भर है। गर्मी के मौसम में जब यात्रियों की संख्या और पानी की जरूरत बढ़ जाती है, तब यह व्यवस्था नाकाफी साबित होगी ।</p>
<p><strong>पीना तो दूर हाथ धोने तक के लिए खरीदना पड़ रहा पानी</strong><br />प्रतिदिन कईं यात्री इस बस स्टैण्ड से आवागमन करते हैं। पानी की सुविधा न होने के कारण उन्हें मजबूरन बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है ।निगम की तरफ से हाथ धोने तक का पानी नहीं मुहैय्या नहीं कराया जा रहा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के यात्रियों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन गया है। कई यात्रियों ने बताया कि बस का इंतजार करते समय प्यास लगने पर उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है।</p>
<p><strong>सबसे बड़े अधिकारी का कार्यालय फिर भी यह हाल</strong><br />सबसे हैरानी की बात यह है कि इसी बस स्टैण्ड परिसर में रोडवेज के वरिष्ठ अधिकारी का कार्यालय भी स्थित है। इसके बावजूद यात्री सुविधाओं की यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को दशार्ती है। यही नहीं कोटा आगार का पूरा मेनेजमेंन्ट स्टाफ इसी परिसर में ड्यूटी बजाता है। ऐसे में भी यहां रोड़वेज की छवि को खराब करने वाली यह दुर्दशा पर किसी का ध्यान ना जाना प्रशासनिक अधिकारियों की असंवेदनशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है</p>
<p><strong>राजस्व और छवि पर भी असर</strong><br />सुविधाओं की लगातार कमी के कारण बस स्टैण्ड का राजस्व भी प्रभावित हो रहा है। खराब अनुभव के चलते कई यात्री निजी वाहनों या अन्य साधनों को प्राथमिकता देने लगे हैं। इसी कारण यहां से यात्री भार लगातार कम होता जा रहा है। वर्तमान में ड़िपो की कुल आय का मात्र 2 प्रतिशत से भी कम यहां से प्राप्त होती है।</p>
<p>मै स्वयं संजय नगर रहता हूँ लेकिन इस बस स्टैण्ड़ पर सुविधाओं के नाम कोई जिम्मेदार नहीं इसलिये कोई यात्री परिवार के साथ आना  पसन्द नहीं करता, टेक्सी लेकर नयापुरा जाना बेहतर है।<br /><strong>- गोविन्द सिंह गौड़, निवासी संजय नगर</strong></p>
<p>हमारी संस्था द्वारा एक पक्की प्याऊ लगायी गयी है, जिसे जन सुविधा की दृष्टि से हम देख्रेख भी करवा रहे है, इसे 2 दिनों साफ सफाई करवाकर चालू करवा देंगे ।<br /><strong>- महावीर नागर , कोषाघ्यक्ष श्री धरणीधर जनसेवा संस्थान</strong></p>
<p>मेरी जानकारी में आया है इसके लिये एक टीम बनवाकर शीघ्र ही निस्तारण करवा दिया जायेगा।<br /><strong>- अजय कुमार मीणा मुख्य प्रबंधक कोटा आगार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/without-water-on-the-banks-of-the-chambal-river--the-compulsion-to-travel-through-a-dry-gorge/article-143928</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/without-water-on-the-banks-of-the-chambal-river--the-compulsion-to-travel-through-a-dry-gorge/article-143928</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 15:01:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/12200-x-600-px%29-%2811%292.png"                         length="1135279"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जमीन की उलझन में अटके बस स्टैंड : 30 करोड़ की योजना, 30 नए टर्मिनल ; कई जगह निर्माण अधर में  </title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार की वर्ष 2025-26 की परिवर्तित बजट घोषणा में 30 करोड़ रुपए की लागत से 30 नए बस स्टैंड बनाने की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल जमीन आवंटन की पेचीदगियों में उलझती नजर आ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bus-stand-stuck-in-land-issue-rs-30-crore-plan/article-141704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार की वर्ष 2025-26 की परिवर्तित बजट घोषणा में 30 करोड़ रुपए की लागत से 30 नए बस स्टैंड बनाने की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल जमीन आवंटन की पेचीदगियों में उलझती नजर आ रही है। रोडवेज प्रशासन ने लगभग दो दर्जन स्थानों पर बस स्टैंड निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन कई कस्बों और शहरों में अब तक भूमि उपलब्ध नहीं हो पाने से योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। बजट घोषणा के अनुसार प्रत्येक बस स्टैंड का निर्माण लगभग 7 हजार वर्गमीटर भूमि पर किया जाना है। डीग, खींवसर, सांडेराव और आबूरोड में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इसके अलावा बयाना, अटरू, हनुमानगढ़, गंगापुरसिटी, कैलादेवी, पचपदरा, शाहपुरा, शिवगंज, कोटड़ा, झाड़ौल, बांदीकुई और लाडनूं में भी जल्द निर्माण कार्य शुरू किए जाने की तैयारी है। हालांकि सलूम्बर, सिवाना, थानागाजी, कोटपूतली और कोटा के दीगोद जैसे क्षेत्रों में अब तक रोडवेज प्रशासन को भूमि नहीं मिल सकी है। सलूम्बर में जमीन के अभाव में यह बजट घोषणा स्थानीय स्वायत्त शासन (LSG) विभाग को ट्रांसफर की जा रही है।</p>
<p>सिवाना में कैनाल एरिया डवलपमेंट से भूमि मिलना शेष है, जबकि थानागाजी में वन विभाग की मंजूरी अटकी हुई है। कोटपूतली में वर्कशॉप के लिए आवश्यक भूमि LSG स्तर पर नहीं मिल पाई है और दीगोद में जिला कलक्टर से भूमि आवंटन का इंतजार है। जयपुर के बगरू में नेशनल हाईवे पर जमीन नहीं मिलने से मामला और उलझ गया है। नगरपालिका द्वारा 3 किलोमीटर अंदर दी जा रही भूमि को रोडवेज प्रशासन उपयोगी नहीं मान रहा। इस मुद्दे पर हाल ही में डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में बैठक भी हुई, लेकिन जमीन आवंटन अब भी विभिन्न स्तरों पर अटका हुआ है। वर्ष 2024-25 की परिवर्तित बजट घोषणाओं में भी देरी देखने को मिल रही है। कनवास (सांगोद), श्रीडूंगरगढ़, धोद (सीकर) और बूंदी में बस स्टैंड निर्माण के लिए अभी तक संबंधित विभागों से भूमि आवंटन नहीं हो पाया है। राज्य में कुल 60 शहरों और कस्बों में नए बस स्टैंड प्रस्तावित हैं, लेकिन 10 छोटे कस्बों में अब तक जमीन नहीं मिली है।</p>
<p>कुछ बड़े शहरों—उदयपुर, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर, ब्यावर और भरतपुर—में पीपीपी मोड पर निर्माण के लिए ईओआई जारी की जा चुकी है। रोडवेज प्रशासन बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयासरत है, लेकिन जमीन की बाधा सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।जमीन की उलझन में अटके बस स्टैंड: 30 करोड़ की योजना, 30 नए टर्मिनल, कई जगह निर्माण अधर में   जयपुर। राज्य सरकार की वर्ष 2025-26 की परिवर्तित बजट घोषणा में 30 करोड़ रुपए की लागत से 30 नए बस स्टैंड बनाने की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल जमीन आवंटन की पेचीदगियों में उलझती नजर आ रही है। रोडवेज प्रशासन ने लगभग दो दर्जन स्थानों पर बस स्टैंड निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन कई कस्बों और शहरों में अब तक भूमि उपलब्ध नहीं हो पाने से योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। बजट घोषणा के अनुसार प्रत्येक बस स्टैंड का निर्माण लगभग 7 हजार वर्गमीटर भूमि पर किया जाना है। डीग, खींवसर, सांडेराव और आबूरोड में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इसके अलावा बयाना, अटरू, हनुमानगढ़, गंगापुरसिटी, कैलादेवी, पचपदरा, शाहपुरा, शिवगंज, कोटड़ा, झाड़ौल, बांदीकुई और लाडनूं में भी जल्द निर्माण कार्य शुरू किए जाने की तैयारी है। हालांकि सलूम्बर, सिवाना, थानागाजी, कोटपूतली और कोटा के दीगोद जैसे क्षेत्रों में अब तक रोडवेज प्रशासन को भूमि नहीं मिल सकी है। सलूम्बर में जमीन के अभाव में यह बजट घोषणा स्थानीय स्वायत्त शासन (LSG) विभाग को ट्रांसफर की जा रही है। सिवाना में कैनाल एरिया डवलपमेंट से भूमि मिलना शेष है, जबकि थानागाजी में वन विभाग की मंजूरी अटकी हुई है।</p>
<p>कोटपूतली में वर्कशॉप के लिए आवश्यक भूमि LSG स्तर पर नहीं मिल पाई है और दीगोद में जिला कलक्टर से भूमि आवंटन का इंतजार है। जयपुर के बगरू में नेशनल हाईवे पर जमीन नहीं मिलने से मामला और उलझ गया है। नगरपालिका द्वारा 3 किलोमीटर अंदर दी जा रही भूमि को रोडवेज प्रशासन उपयोगी नहीं मान रहा। इस मुद्दे पर हाल ही में डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में बैठक भी हुई, लेकिन जमीन आवंटन अब भी विभिन्न स्तरों पर अटका हुआ है। वर्ष 2024-25 की परिवर्तित बजट घोषणाओं में भी देरी देखने को मिल रही है। कनवास (सांगोद), श्रीडूंगरगढ़, धोद (सीकर) और बूंदी में बस स्टैंड निर्माण के लिए अभी तक संबंधित विभागों से भूमि आवंटन नहीं हो पाया है। राज्य में कुल 60 शहरों और कस्बों में नए बस स्टैंड प्रस्तावित हैं, लेकिन 10 छोटे कस्बों में अब तक जमीन नहीं मिली है। कुछ बड़े शहरों—उदयपुर, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर, ब्यावर और भरतपुर—में पीपीपी मोड पर निर्माण के लिए ईओआई जारी की जा चुकी है। रोडवेज प्रशासन बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयासरत है, लेकिन जमीन की बाधा सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bus-stand-stuck-in-land-issue-rs-30-crore-plan/article-141704</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bus-stand-stuck-in-land-issue-rs-30-crore-plan/article-141704</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 18:39:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%281200-x-600-px%29-%281%294.png"                         length="818669"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाड़ौती के सबसे व्यस्त बस स्टैंड पर 'मौत का साया' : 14 हजार यात्री रोज जोखिम में, प्रशासन की फाइलों में अटका सुधार</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा आगार को 98% रेवेन्यू देने वाला नयापुरा बस स्टैंड खुद उपेक्षा का शिकार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the--shadow-of-death--looms-over-hadoti-s-busiest-bus-stand--with-14-000-passengers-at-risk-daily--improvements-are-stuck-in-administrative-files/article-140480"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)53.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती संभाग की पहचान और राजस्थान रोडवेज के सबसे व्यस्ततम केंद्रों में शुमार नयापुरा बस स्टैंड आज खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जिस बस स्टैंड से रोजाना 14,000 से अधिक यात्री अपनी मंजिलों की ओर निकलते हैं, वहां की छत से टपकता पानी और गिरता प्लास्टर यात्रियों के लिए 'कैद खाने' जैसा अहसास कराता है। स्थिति यह है कि जयपुर से रोडवेज का प्रतिनिधिमंडल सर्वे कर प्रस्ताव तो दे गया, लेकिन कोटा के स्थानीय प्रशासन (केडीए) और रोडवेज के बीच तालमेल की कमी के कारण सुधार की कोई सूरत नजर नहीं आ रही है।</p>
<p><strong>खतरनाक छत: झांकती सलाखें दे रही हैं दुर्घटना को न्योता</strong><br />नयापुरा बस स्टैंड की इमारत जर्जर हो चुकी है। बारिश के दिनों में छत से पानी का रिसाव आम बात है, लेकिन अब प्लास्टर गिरना यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। पिलरों और छतों से झांकती लोहे की सलाखें विभाग की लापरवाही की गवाही दे रही हैं। यात्रियों को हर वक्त इस डर में रहना पड़ता है कि कहीं ऊपर से सीमेंट का कोई हिस्सा सिर पर न गिर जाए।</p>
<p><strong>रेवेन्यू में अव्वल, सुविधाओं में फिसड्डी</strong><br />कोटा शहर मे कहने को तो दो बस स्टैण्ड संचालत है। आंकड़े गवाह हैं कि कोटा आगार का 98% रेवेन्यू इसी नयापुरा बस स्टैंड से आता है। कोटा डिपो में करीब 400 कार्मिकों का अमला है, जिसमें 200 रनिंग स्टाफ शामिल है। करीब 6,000 स्क्वायर मीटर में फैले इस बस स्टैंड से 80% रोडवेज बेड़ा संचालित होता है। शहर के बीचों-बीच होने के कारण यहां से आॅटो और अन्य साधन आसानी से मिल जाते हैं, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों के यात्री इसे ही प्राथमिकता देते हैं। विडंबना देखिए, जो बस स्टैंड विभाग की तिजोरी भर रहा है, उसे ही मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसाया जा रहा है।<br /> <br /><strong>जयपुर से टीम आई, पर समाधान नहीं निकला</strong><br />करीब दो माह पूर्व जयपुर से रोडवेज के एसई (सिविल) दीपेश नागर और कंस्ट्रक्शन सलाहकार कंपनी 'पिडकॉर' के प्रतिनिधि कोटा पहुंचे थे। उन्होंने विभिन्न विस्तृत मॉडल और खाका तैयार कर केडीए (तत्कालीन यूआईटी) को भी चर्चा विभिन्न मॉडल्स पर हुई, लेकिन अब तक यह तय नहीं हो सका है कि निर्माण कार्य रोडवेज कराएगा या केडीए। अधिकारियों के बीच 'फाइनल निर्णय' के इंतजार में हजारों यात्रियों की सुरक्षा दांव पर लगी है।</p>
<p><strong>यात्रियों और दुकानदारों की जुबानी: डर और उम्मीद</strong><br />हजारों लोगों का आना-जाना है। बारिश में प्लास्टर कभी भी गिर जाता है। हमें यात्रियों को लगातार सावधान करना पड़ता है ताकि कोई बड़ी दुर्घटना न हो जाए।<br /><strong>-प्रकाश धामेजा (स्थानीय दुकानदार)</strong></p>
<p>हम वर्षों से इसी बस स्टैंड को जानते हैं। इसका सुधार होना केवल रोडवेज के लिए नहीं, बल्कि कोटा की पहचान के लिए जरूरी है।<br /><strong>-अरुण जैन (यात्री, अलीगढ़-उनियारा)</strong></p>
<p>पीहर से आते समय बच्चों के साथ यहीं उतरते हैं क्योंकि यहां से साधन सस्ते मिलते हैं। बस स्टैंड को विकसित करना चाहिए और महिलाओं के लिए सुविधाएं बढ़ानी चाहिए।<br /><strong>-सीमा वैष्णव (यात्री, नैनवां)</strong></p>
<p><strong>अधिकारियों की सफाई</strong><br />जयपुर से रोडवेज विभाग की टीम आई थी। विभिन्न मॉडल्स पर चर्चा की गई है, लेकिन फाइनल निर्णय उनकी (रोडवेज) तरफ से ही होना है। वर्तमान में विभागीय रूप से हमारे पास कोई नया अपडेट नहीं आया है।<br /><strong>- मुकेश चौधरी, सचिव, कोटा विकास प्राधिकरण </strong></p>
<p>दो महीने पहले सिविल विंग और सलाहकार कंपनी के साथ लोकल प्रशासन की चर्चा हुई थी। विकल्पों पर विचार किया गया है, लेकिन उसके बाद से अभी तक उच्च स्तर से कोई निर्देश या अपडेट प्राप्त नहीं हुआ है। <br /><strong>-अजय मीणा, प्रबंधक, कोटा आगार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the--shadow-of-death--looms-over-hadoti-s-busiest-bus-stand--with-14-000-passengers-at-risk-daily--improvements-are-stuck-in-administrative-files/article-140480</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the--shadow-of-death--looms-over-hadoti-s-busiest-bus-stand--with-14-000-passengers-at-risk-daily--improvements-are-stuck-in-administrative-files/article-140480</guid>
                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 17:30:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%281200-x-600-px%29-%281%2953.png"                         length="798236"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इन्द्रगढ़ में स्थाई बस स्टैंड की कमी, यात्री, राहगीर और व्यापारी होते हैं प्रतिदिन परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[कई बसों के मुख्य सड़क पर खड़े होने से दिनभर जाम लगा रहता है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-lack-of-a-permanent-bus-stand-in-indragarh-causes-daily-inconvenience-to-passengers--pedestrians--and-traders/article-132945"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(700-x-400-px)-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>इन्द्रगढ़। जिले का महत्वपूर्ण कस्बा इन्द्रगढ़ आज भी स्थाई बस स्टैंड के अभाव से जूझ रहा है। यहां से प्रतिदिन कोटा, बूंदी, बारां, टोंक, सवाई माधोपुर, अलवर, धौलपुर सहित कई जिलों के लिए रोडवेज व प्राइवेट बसों का निरंतर आवागमन होता है। इसके अलावा श्री बिजासन माता, कमलेश्वर महादेव और सहस्त्रफणी पार्श्वनाथ अतिशय तीर्थ होने से प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु यहां से होकर गुजरते हैं। बढ़ती बसों की आवाजाही के बीच निर्धारित बस स्टैंड न होने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थाई व्यवस्था न होने के कारण अलग-अलग स्थानों पर बसें खड़ी होती हैं। कोटा जाने वाली बसें चुंगी नाका पर पेट्रोल पंप के सामने, बूंदी जाने वाली बसें पंडित दीनदयाल उपाध्याय सर्किल के पास, जबकि जयपुर, टोंक, अलवर, दिल्ली व धौलपुर मार्ग की बसें श्रीराम चौराहे पर नहर किनारे मुख्य सड़क पर खड़ी रहती हैं। </p>
<p>इसी प्रकार सवाई माधोपुर, नैनवा, देई, उनियारा मार्ग की प्राइवेट बसें गौण मंडी स्थित अस्थाई बस स्टैंड और मुक्ति धाम तिराहे पर रुकती हैं। कई बसें सीधे मुख्य सड़क पर ही खड़ी हो जाती हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। बसों के पास ही रिक्शा, आॅटो और टेम्पो चालक यात्रियों की प्रतीक्षा में वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे अव्यवस्था और बढ़ जाती है। इसका सीधा असर राहगीरों, आमजन और व्यापारियों पर पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन्द्रगढ़ में स्थाई बस स्टैंड का निर्माण हो जाए तो न केवल जाम की समस्या समाप्त होगी बल्कि यात्रियों को सुरक्षित व सुव्यवस्थित सुविधा भी मिल सकेगी। इसके लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई जा रही है।</p>
<p>बस स्टैंड एक आधारभूत सुविधा है इन्द्रगढ़ मे स्थाई बस स्टैंड नहीं होना गंभीर समस्या है जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं साथ ही बार बार ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न होती है व दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है <br /><strong>- बृज भूषण शर्मा,अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका इन्द्रगढ़। </strong></p>
<p>अगर स्थाई बस स्टैंड बने तो यात्रियों के साथ साथ व्यापारियों को भी राहत मिलेगी क्योंकि विभिन्न स्थानों पर दुकानों के आगे बसे खड़ी होने से व्यापार भी प्रभावित होता है जिससे व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है<br /><strong>- तनिष्क गर्ग, अध्यक्ष किराना व्यापार संघ इन्द्रगढ़ </strong></p>
<p>स्थाई बस स्टैंड के लिए पूर्व में भी प्रयास किया गया था परन्तु अब बस स्टैंड के लिए सभी को एक साथ सामूहिक प्रयास करना चाहिए बस स्टैंड बनने से यात्रियों को भी सुविधा होगी साथ ही व्यापार मे भी बढ़ोतरी होगी <br /><strong>- सन्मति जैन हरकारा, पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष, इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p>इन्द्रगढ़ मे स्थाई बस के लिए प्रस्ताव बना कर जल्द ही भाजपा का एक प्रतिनिधि मंडल राजस्थान सरकार के परिवहन मंत्री से मिलेगा एवं क्षेत्रीय सांसद व लोकसभा अध्यक्ष ओम जी बिरला को भी इससे अवगत कराया जाएगा एवं स्थाई बस बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा<br /><strong>- गिरिराज जैन (गिरु), अध्यक्ष भाजपा शहर मंडल इन्द्रगढ़ </strong></p>
<p>इन्द्रगढ़ मे बस स्टैंड की मांग काफी पुरानी है नगर पालिका स्तर पर भी स्थाई बस स्टैंड बनाने की मांग की जाएगी इन्द्रगढ़ मे बस स्टैंड बनाने के लिए नगर पालिका की ओर से पूरी मदद की जाएगी<br /><strong>- नीलम भारती, चेयरमैन नगर पालिका इन्द्रगढ़ </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-lack-of-a-permanent-bus-stand-in-indragarh-causes-daily-inconvenience-to-passengers--pedestrians--and-traders/article-132945</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-lack-of-a-permanent-bus-stand-in-indragarh-causes-daily-inconvenience-to-passengers--pedestrians--and-traders/article-132945</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 16:37:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/11-%28700-x-400-px%29-%282%292.png"                         length="496748"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस स्टैण्ड बदहाल: यात्रियों की राह में कीचड़ बना रोडा   </title>
                                    <description><![CDATA[बस स्टैंड के आसपास इतना कीचड़ व गंदगी हो रही है जिसकी दुर्गन्ध से राहगीरों को निकलना दुश्वार हो रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/bus-stand-in-bad-condition--mud-becomes-a-hurdle-in-the-way-of-passengers/article-123352"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)26.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर।  खानपुर में अस्थायी बस स्टैण्ड पर अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। यहां पर इतनी गंदगी हो रही है कि यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जैसे ही कोई यात्री बस से उतरता है या चढ़ता है तो वह सीधे कीचड़ में ही गिरता है। यहां बस स्टैंड के आसपास इतना कीचड़ व गंदगी हो रही है जिसकी दुर्गन्ध से राहगीरों को निकलना दुश्वार हो रहा है। आज दिन तक यहां खानपुर में अब तक स्थाई रूप से बस स्टैण्ड नहीं बन पाया है और जो अस्थाई रूप से बना हुआ है वहां भी अव्यवस्था ही फैली हुई है। अभी सारे वाहन बारां झालावाड़ मेगा हाइवे पर होकर ही निकल रहे हैं। जिससे कई बार जाम के हालात बन जाते है। वहीं अस्थायी बस स्टैण्ड परिसर में पानी इतना इकठ्ठा हो गया है कि बस स्टैण्ड तालाब बन गया है। जिसको पार करने में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं जमा पानी से मच्छर व अन्य कीड़े पनप रहे है जिससे गंभीर बीमारियां व मौसमी बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। आसपास के दुकानदार व राहगीर यहां पर कचरा डाल देते है जिससे यहां पर गंदगी के ढेर लग जाते है और पानी की निकासी नहीं हो पाती, ऐसे में पानी यहां भर जाता है। कीचड़ व गंदगी ने कस्बेवासियों के लिए आफत खड़ी कर दी है। कस्बेवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द अस्थायी बस स्टैण्ड की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। </p>
<p>अस्थाई बस स्टैंड के पास इतनी गंदगी हो रही है कि गंदगी का सामना रोजाना यात्रियों को करना पड़ता है, निवेदन है कि इस गंदगी को हटाया जाए।<br /><strong>- सावन मेरोठा, कस्बेवासी </strong></p>
<p>बाहर दूर-दूर से यात्री आते हैं उनको यह भी मालूम नहीं पड़ता है कि बस स्टैंड कहां पर है और जब मालूम पड़ता है कि बस स्टैंड यहां पर है तो वह भी अस्थाई बस स्टैंड है जो भी कीचड़ से सना हुआ है। <br /><strong>- मुकेश सेन, कस्बेवासी</strong></p>
<p>यात्री प्रतीक्षालय के पास गुमटियों ने अतिक्रमण कर रखा है, उसके बाद फिर यह ऊपर से गंदगी का ढेर जो परेशान कर रहा है।<br /><strong>-केशव लक्ष्कार, कस्बेवासी</strong></p>
<p>खानपुर में एक ही अस्थाई बस स्टैंड है और यहां पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। राहगीरों को निकलने में परेशानी उठानी पड़ रही है। <br /><strong>- राम सिंह , कस्बेवासी</strong></p>
<p>जैसे ही यात्री बस से नीचे उतरते हैं या चढ़ते हैं तो उनको कीचड़ का सामना करना पड़ता है व कीचड़ में गंदे हो जाते हैं। <br /><strong>-गोविंद राठौर, कस्बेवासी </strong></p>
<p>अस्थाई बस स्टैंड पर आसपास फल फ्रूट के ठेले लगे रहते हैं, जो कचरा फेंक देते है जिससे पानी निकासी नहीं हो पाता है और पानी जमा हो जाता है। <br /><strong>-संदीप गौतम, कस्बेवासी </strong></p>
<p>जल्द ही कीचड़ वाली जगह पर मलवा डलवाकर समतल जगह बना दी जाएगी और भी कोई समस्या होगी तो उसका समाधान कर दिया जाएगा।      <br /><strong>-पुखराज मीणा (नगर पालिका आयुक्त खानपुर)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/bus-stand-in-bad-condition--mud-becomes-a-hurdle-in-the-way-of-passengers/article-123352</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/bus-stand-in-bad-condition--mud-becomes-a-hurdle-in-the-way-of-passengers/article-123352</guid>
                <pubDate>Tue, 12 Aug 2025 16:31:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws-%281%2926.png"                         length="609721"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुराने से नहीं हो रहा मोह भंग, नया बस अड्डा उजड़ने लगा</title>
                                    <description><![CDATA[2013 में नया बस स्टैंड भवन से ही होता था बसों का संचालन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/not-getting-disillusioned-with-the-old-one--the-new-bus-stand-started-getting-ruined/article-122928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के हृदयस्थल स्थित नयापुरा रोडवेज बस स्टैंड आज भी 50 साल पुरानी बिल्डिंग में ही संचालित हो रहा है। शहर के संजयनगर में स्थित नया रोडवेज बस स्टैंड बनने के बाद 2013 में सभी बसों का यहां संचालन शुरू कर दिया था। रोडवेज के सभी बड़े अधिकारी भी यही शिफ्ट हो गए है। कोरोना के बाद से सभी बसों का संचालन नयापुरा पुराना बस स्टैंड से ही रोडवेज बसों का संचालन रहा है। यूं भी कह सकते हैं कि रोडवेज का पुरानी बिल्डिंग में चल रहे बस स्टैंड से मोह भंग नहीं हो रहा है। वहीं रोडवेजकर्मियों का तर्क है कि यहां यात्रीभार ना के बराबर है तथा सभी नयापुरा बस स्टैंड से अपने गतंव्य के लिए यात्रा करते है। कुछ यह भी कहते हैं यहां केवल कोटा आगार की बसें ही आती है। अधिकारियों का कहना है कि यात्री चाहे तो कार्यशाला से बस स्टैंड जा रही बसों में चढ़ सकते है तथा टिकट बस के अंदर या नयापुरा बस स्टैंड से ले सकते हैं।  यहां वर्तमान में कुल 93 बसें है तथा 9 अनुबंधित है। स्टाफ की कमी के चलते कई बार शेड्यूल भी बदलता रहता है। यहां की बसे रोजाना 32 हजार किलोमीटर का सफर तय करती है। रोडवेज की पुरानी बसों की स्थिति काफी खराब है। नवज्योति के रिपोर्टर ने स्टिंग आॅपरेशन के दौरान व्यवस्थाओं को जाना तो हकीकत कुछ और ही नजर आई। संजयनगर स्थित नए भवन में बने बस स्टैंड में अधिकारियों व कर्मचारियों जब यहां से संचालित बसों के बारे में जानकारी मांगी तो ढुलमुल जवाब देते नजर आए। नवज्योति रिपोर्टर यात्री बनकर वहां खड़े कुछ लोगों से खाली पड़े बस स्टैंड के बारे जानकारी ली।</p>
<p><strong>नयापुरा बस स्टैंड में है तकनीकी खामियां</strong><br />रिपोर्टर जब नयापुरा बस स्टैंड पहुंचा तो हकीकत कुछ और ही नजर आई। हालांकि यह शहर की प्राईम लोकेशन है। लेकिन यह बिल्डिंग को समय के साथ अपडेट नहीं होने के कारण इसमें कई तकनीकी खामियां है। जिनको दूर करना जरूरी है।<br />- यह बिल्डिंग 50 साल से भी ज्यादा पुरानी है। बिल्डिंग की छतों से प्लास्टर गिर रहा है। आरसीसी के सरिए दिख रहे हैं। यहां बने कई कमरे जर्जर अवस्था में है। कमरों की दीवारों की तरेड़े भी आ रखी है। बारिश के दिनों में छतों से पानी टपकता रहता है।<br />- बस स्टैंड में बनी पुलिस चौकी भी जर्जर अवस्था में है। बरसात के दिनों में यहां बैठकर काम करना काफी मुश्किल है। यहां चौकी इंचार्ज कृष्ण गोपाल मीणा को कई बार कमरे में पानी भरे होने के बावजूद सारा काम देखना पड़ता है। इस बारे में आलाधिकारियों को भी अवगत करवा रखा है।<br />- सबसे बड़ी बात बस स्टैंड पर बनी सड़कों लेवल काफी नीचे हैं। बरसात के दिनों में सड़कों से सारा पानी यहां आ जाता है तथा जलभराव या सरोवर बन जाता है। इस दौरान यात्रा करना काफी मुश्किल है।  जब बस स्टैंड का निर्माण हुआ तो गतंव्य की जाने वाली सड़कों का लेवल बराबर था। अब 2025 में मुख्य सड़कों का लेवल काफी उपर हो गया है। इस कारण यहां आने-जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।<br />- बस स्टैंड की सड़क का लेवल काफी नीचे है। इस कारण यहां से निकलने वाली बसों के लिए चढ़ते या उतरते समय आस-पास भीड़ होने से हादसे का भी डर बना रहता हैं। क्योंकि रोडवेज <br />की अधिकांश बसों की स्थिति काफी खराब है। <br />- एक ड्राइवर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अधिकांश बसें काफी पुरानी है यहां कार्यशाला जाने के बावजूद भी ब्रेक फेल या अन्य तकनीकी कारणों से हादसे की आशंका बनी रहती है।</p>
<p><strong>बातचीत के कुछ अंश</strong><br />रिपोर्टर : बुकिंग खिड़की कहां पर है।<br /><strong>कार्मिक :</strong> सामने बनी हुई है।<br />रिपोर्टर : : उस बुकिंग खिड़की में तो अनावश्यक सामान पड़ा है।<br /><strong>कार्मिक :</strong> आपको जाना कहां है<br />रिपोर्टर : बीकानेर जाना है... लेकिन यहां तो टिकट खिड़की भी बंद है और बसे भी नजर नहीं आ रही है।<br /><strong>कार्मिक :</strong> आप कार्यशाला से अभी बस नयापुरा बस स्टैंड के लिए निकलेगी उसमें चढ़ जाएं..टिकट भी वहीं से मिलेगा।<br />रिपोर्टर : क्या यहां से बसों का संचालन नहीं होता है।<br /><strong>कार्मिक :</strong> कोरोना के बाद सभी बसें वहीं से जा रही है। वैसे यहां कोटा आगार की बसें ही यहां आती है कार्यशाला में जाने के लिए<br />रिपोर्टर : धन्यवाद भाई।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />93 कुल बसें <br />09 अनुबंधित <br />32 हजार किमी रोजाना का सफर </p>
<p><strong>एक्सपर्ट व्यू</strong><br /> नयापुरा बस स्टैंड पुराना जरूर है लेकिन प्राइम लोकेशन होने के कारण अधिकांश यात्री इसी बस स्टैंड से सफर करना पसंद करते है। दूसरी बात निजी बस स्टैंड भी पास ही है। इस कारण यात्रियों के पास आॅप्शन रहता है कि किसी भी बस से यात्रा कर सकते हैं। संजय नगर स्थित बस स्टैंड काफी दूर है। यहां से बस नयापुरा पहुंचने में भी 25 से 30 का समय लग जाता है। वहां पहुंचने से पहले ही यात्री निजी बसों की सेवा ले लेते हैं। जिस कारण रोडवेज का आर्थिक नुकसान का भी डर रहता है। ऐसे कई कारण है जिनसे यात्रियों के हितों के लिए बस कार्यशाला से निकल ही सीधे नयापुरा बस स्टैंड ही जाती है। हालांकि यहां आने वाली यात्री कार्यशाला से निकलने वाली बस में बैठकर नयापुरा बस स्टैंड पहुंच सकते हैं। टिकट बस में भी उपलब्ध है और रोडवेज बस स्टैंड से भी ले सकते है।<br /><strong>- अजय मीणा, चीफ मैनेजर, रोडवेज डिपो, कोटा</strong></p>
<p><strong>मानव जीवन भी पड़ सकता हैं खतरे में</strong><br />पुरानी बिल्डिंग के जर्जर होने से हादसे की आशंका भी बनी रहती है। नयापुरा स्थित पुराना बस स्टैंड का रख-रखाव भी सही नहीं है। यहां मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति ही की जाती है। यहां से बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। यहां आने वाले यात्रियों को उनके परिजन भी छोड़ने आते हैं। इस दौरान कोई हादस घटित होता है तो मानव जीवन भी खतरें में पड़ सकता है।<br /><strong>- शैलेन्द्र सिंह यात्री दादाबाड़ी विस्तार योजना </strong></p>
<p>कोटा आगार की सभी बसें कार्यशाला आती है तथा बसों की जांच की जाती है। ड्राइवरों से भी बातचीत की जाती है। हालांकि बसे पुरानी जरूर है लेकिन इस कार्यशाला से सही कंडीशन होने के बाद ही बसें बाहर जाती है। मैकेनिक बसों का रख-रखाव अच्छा करते हैं। यहां पर आ रहे यात्री बस से जा सकते हैं। यहां यात्रीभार ना के बराबर है। यहां से बस निकलकर नयापुरा ही जाती है। वहां से अपने गंतत्वय की और रवाना होती है। नयापुरा बस स्टैंड शहर की प्राइम लोकेशन है। सभी यात्री वहीं पर आते है।<br /><strong>- शुचिता गुप्ता, एमओ, रोडवेज कार्यालय, कोटा</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/not-getting-disillusioned-with-the-old-one--the-new-bus-stand-started-getting-ruined/article-122928</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/not-getting-disillusioned-with-the-old-one--the-new-bus-stand-started-getting-ruined/article-122928</guid>
                <pubDate>Thu, 07 Aug 2025 15:51:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/oer-%282%293.png"                         length="490267"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - अस्थाई बस स्टैण्ड प्रतीक्षालय की समस्याओं का हुआ निस्तारण</title>
                                    <description><![CDATA[रोजाना कचरा गाड़ी की व्यवस्था की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/effect-of-news---problems-of-temporary-bus-stand-waiting-room-resolved/article-121004"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/855842roer-(2).png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर क्षेत्र में अस्थाई बस स्टैण्ड पर बने प्रतीक्षालय में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ था। अस्थाई बस स्टैण्ड पर बसों के रूकने व यात्रियों के ठहरने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। अस्थाई बस स्टैण्ड पर प्रतीक्षालय में बने शौचालय घरों में व अस्थाई बस स्टैण्ड के बाहर गंदगी के ढेर लगे हुए थे। जिसको लेकर दैनिक नवज्योति टीम ने मुद्दा उठाया था जिसके बाद नगर पालिका आयुक्त खानपुर ने तुरंत कार्यवाही करते हुए सफाई कर्मचारियों को भेजकर प्रतीक्षालय में बने शौचालयों में सफाई करवाई तथा अस्थाई बस स्टैण्ड के बाहर व फव्वारा सर्किल पर लगे गंदगी के ढेर हटवाए और आश्वासन दिया कि अब नियमित रूप से सफाई व्यवस्था जारी रहेगी। कचरे व गंदगी के लिए रोजाना कचरे की गाड़ी की व्यवस्था कर दी जाएगी। कस्बेवासियों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी।   कस्बेवासी रामबाबू वैष्णव, राम सिंह, दिनेश सोनी, सत्यनारायण मौर्य, गोविंद राठौर, सोनू पारीक आदि ने अस्थाई बस स्टैण्ड प्रतीक्षालय में बने शौचालयों व अस्थाई बस स्टैण्ड के बाहर गंदगी व कचरे की जो समस्या थी उसका निस्तारण होने पर आभार जताया तथा मांग की कि सफाई व्यवस्था अगर नियमित रूप से सुचारू रहे तो किसी प्रकार की कोई गंदगी नहीं होगी।   वहीं पुखराज मीणा नगर पालिका आयुक्त खानपुर ने बताया कि अस्थाई बस स्टैण्ड प्रतीक्षालय के बाहर जो भी सफाई व्यवस्था को लेकर समस्या थी उसका निस्तारण कर दिया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/effect-of-news---problems-of-temporary-bus-stand-waiting-room-resolved/article-121004</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/effect-of-news---problems-of-temporary-bus-stand-waiting-room-resolved/article-121004</guid>
                <pubDate>Sat, 19 Jul 2025 16:48:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/855842roer-%282%29.png"                         length="672722"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रोडवेज बस स्टैंडों पर कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय : सफाई और सुविधाओं पर रहेगा फोकस, रोडवेज प्रबंध निदेशक ने दिए निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[पुरुषोत्तम शर्मा ने जयपुर, कोटा और भरतपुर जोन की समीक्षा बैठक में बस स्टैंडों को लेकर नई जिम्मेदारियां तय करने के निर्देश दिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-responsibility-of-employees-at-roadways-bus-stands-will-be/article-118582"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान रोडवेज प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने जयपुर, कोटा और भरतपुर जोन की समीक्षा बैठक में बस स्टैंडों को लेकर नई जिम्मेदारियां तय करने के निर्देश दिए। अब प्रत्येक प्लेटफॉर्म को दो हिस्सों में बांटकर दो कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह कर्मचारी अपने हिस्से की सफाई व्यवस्था और यात्री सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे।</p>
<p>बस स्टैंडों के विकास में भामाशाहों को जोड़ने के भी प्रयास किए जाएंगे। साथ ही, चेकिंग टीमों को बसों का निरीक्षण करते समय यात्रियों को टिकट लेने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाई जा सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-responsibility-of-employees-at-roadways-bus-stands-will-be/article-118582</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-responsibility-of-employees-at-roadways-bus-stands-will-be/article-118582</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Jun 2025 15:58:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/4.jpg"                         length="133639"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिप्टी सीएम ने किया बस स्टैंड का औचक निरीक्षण : यात्री सुविधाओं व व्यवस्थाओं का लिया जायजा, यात्रियों से किया संवाद</title>
                                    <description><![CDATA[डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने करौली बस स्टैंड का औचक निरीक्षण कर साफ-सफाई, यात्री सुविधाओं व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/deputy-cm-conducted-surprise-inspection-of-bus-stand-took-stock/article-118578"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्री तथा डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने करौली बस स्टैंड का औचक निरीक्षण कर साफ-सफाई, यात्री सुविधाओं व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डॉ. बैरवा ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से संवाद कर समस्याएं व सुझाव सुने। जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर पहुंचे डिप्टी सीएम ने बस स्टैंड पर गंदगी देख नाराजगी जताई।</p>
<p>निरीक्षण के समय रोडवेज का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था, जिस पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने बस में यात्रियों से भी बातचीत की। साथ ही करौली डिपो का संचालन हिंडौन से होने पर भी असंतोष जताते हुए व्यवस्था सही करने के निर्देश दिए। बैरवा ने अधिकारियों से कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/deputy-cm-conducted-surprise-inspection-of-bus-stand-took-stock/article-118578</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/deputy-cm-conducted-surprise-inspection-of-bus-stand-took-stock/article-118578</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Jun 2025 14:05:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/1.jpg"                         length="148963"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बदहाल व्यवस्था और जानलेवा सफर का सामना कर रहे यात्री </title>
                                    <description><![CDATA[समाजसेवी बने सहारा, पर प्रशासन सोया!]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/passengers-facing-a-bad-system-and-a-life-threatening-journey/article-115508"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(3)31.png" alt=""></a><br /><p>नाहरगढ़।  नाहरगढ़ बस स्टैंड का इन दिनों हाल बेहाल है और यात्रियों की परेशानी चरम पर है। कहने को तो यहां समाजसेवियों की बदौलत कुछ सुविधाएं मिली हैं लेकिन रोडवेज प्रबंधन की घोर लापरवाही ने इन प्रयासों पर पानी फेर दिया है। आलम यह है कि यात्रियों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। काफी समय से नाहरगढ़ बस स्टैंड पर यात्री प्रतीक्षालय तक नहीं था। यात्रियों को खुले आसमान के नीचे धूप, बारिश और ठंड झेलनी पड़ती थी। ऐसे में समाजसेवी डॉ. महेंद्र गर्ग देवदूत बनकर सामने आए और उन्होंने अपनी नेक कमाई से एक शानदार यात्री प्रतीक्षालय विश्रामालय का निर्माण करवाया। इतना ही नहीं यात्रियों को शुद्ध और ठंडा पानी मिल सके, इसके लिए कंपाउंडर नवल किशोर विजय ने वाटर कूलर लगवाकर एक और बड़ी राहत दी। इन प्रयासों से लगा कि अब यात्रियों की मुश्किलें कम होंगी लेकिन रोडवेज प्रबंधन की उदासीनता ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।</p>
<p><strong>खटारा बसें, जानलेवा सफर और बेसुध रोडवेज</strong><br />नाहरगढ़ से गुना (मध्यप्रदेश) तक निजी बसें धड़ल्ले से चल रही हैं, लेकिन नाहरगढ़ से बारां-कोटा रूट पर रोडवेज बसों का हाल बद से बदतर होता जा रहा है। एक समय था जब हर घंटे बसें मिला करती थीं, लेकिन अब लापरवाही की हद तो देखिए, धीरे-धीरे बसों को बंद करते-करते सिर्फ दो खटारा, कबाड़ और छोटे डिब्बे जैसी बसें ही बची हैं। ये बसें इतनी जर्जर हैं कि इनमें सफर करना अपनी जान जोखिम में डालने जैसा है। कुछ महीने पहले एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी, जब एक रोडवेज बस का अंदरूनी फर्श फट गया और चलती बस से एक छोटी बच्ची नीचे गिर गई। गनीमत रही कि बच्ची को गंभीर चोटें नहीं आईं, लेकिन यह घटना रोडवेज प्रबंधन की लापरवाही का जीता-जागसबूत है। ऐसे में यात्री डर के साए में यात्रा करने को मजबूर हैं।</p>
<p><strong>शिकायतें अनसुनी, आखिर कब जागेगा प्रबंधन?</strong><br />यात्रियों की परेशानी जब हद से ज्यादा बढ़ गई तो उन्होंने रोडवेज प्रबंधन के नंबर  पर शिकायतें करना शुरू किया। ग्रामीण लगातार अपनी आपबीती सुना रहे हैं और सुधार की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन मजाल है कि कोई कार्रवाई हो। लगता है रोडवेज प्रबंधन ने अपनी आंखों पर पट्टी बांध रखी है और यात्रियों की सुरक्षा से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। यह लापरवाही साफ तौर पर दर्शाती है कि आम जनता की सुविधाओं और सुरक्षा को ताक पर रखकर बस अपनी मनमानी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन और उच्च अधिकारियों को इस गंभीर मामले पर तुरंत ध्यान देना चाहिए और यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध करानी चाहिए।</p>
<p>हमें रोजगार के लिए या दूसरे कामों से बारां-कोटा जाना पड़ता है लेकिन बसें मिलती ही नहीं। अगर मिल भी जाए, तो वो इतनी खटारा होती हैं कि जान हथेली पर रखकर चलना पड़ता है।<br /><strong>- विजयपाल सिंह बिकावत,  ग्रामवासी</strong></p>
<p>ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए प्रयास जारी है। इस संदर्भ में अधिकारियों से भी बात की है। जल्द ही बस सेवा शुरू होगी। जिससे ग्रामीणों को राहत प्रदान की जा सके। <br /><strong>- ऋषिपाल सिंह बिकावत, भाजपा कार्यकर्ता </strong></p>
<p>इन सभी बसों की पुरानी समय-सारणी को लिखकर मंत्री के पास सूचना दी जाएगी। पहले भी इस संबंध में जानकारी दी जा चुकी है। जनता बेहद परेशान है और जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई करना बहुत जरूरी है।<br /><strong>- डॉ. ललित मीणा, विधायक   </strong></p>
<p>मेरी नई पोस्टिंग है, पुरानी बसों की जानकारी नहीं है। बसों की कमी है इसलिए ज्यादा बसें नहीं लगा पा रहे। जल्द ही सुबह 9:30 बजे वाली कस्बाथाना कोटा बस शुरू होगी और नाहरगढ़ से कोटा के लिए भी एक नई बस चलाई जाएगी।<br /><strong>- योगेंद्र सिंह,  रोडवेज मुख्य प्रबन्ध बारां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/passengers-facing-a-bad-system-and-a-life-threatening-journey/article-115508</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/passengers-facing-a-bad-system-and-a-life-threatening-journey/article-115508</guid>
                <pubDate>Tue, 27 May 2025 17:36:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/news-%283%2931.png"                         length="575753"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बड़ा सवाल : कौन बनाएगा बस स्टैण्ड ?</title>
                                    <description><![CDATA[खानपुर बाईपास पर मेगा हाइवे के समीप सासंद व विधायक कोष से करीब 35 लाख रुपए की लागत से बस स्टैंड का निर्माण करीब तीन साल से अधिक समय से अधूरा पड़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-big-question--who-will-build-the-bus-stand/article-99819"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(4)4.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर बाईपास पर मेगा हाइवे के समीप सासंद व विधायक कोष से करीब 35 लाख रुपए की लागत से बस स्टैंड का निर्माण करीब तीन साल से अधिक समय से अधूरा पड़ा है। नवनिर्मित बस स्टैंड पर चारदीवारी निर्माण में लगी जालियां टूटी हैं। परिसर में बबूल के पेड़ व कंटीली झाड़ियां उगी है तथा कई जहरीले पौधे उग चुके हैं, जिनको जानवर खाकर मर सकते हैं। 20 हजार से अधिक आबादी होने के बावजूद भी स्थाई बस स्टैंड निर्माण नहीं होने से यात्री परेशान है। खानपुर को स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर तैयार किए खाके में सार्वजनिक बस स्टैंड, मुख्य मार्गों पर सीसी सड़कें, मुख्य नालों पर ड्रेनेज सिस्टम से गन्दे पानी की निकासी आदि विकास कार्यों का निर्माण करवाया जाना था, लेकिन आधे अधूरे निर्माण कार्य होने से खानपुरवासियों के लिए स्मार्ट सिटी बनने का सपना अधूरा ही रह गया। स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर मुख्य नालों के ऊपर बने अतिक्रमण हटाने की आधी अधूरी कार्रवाई कर इतिश्री कर दी थी। इससे कस्बे के मुख्य नाले साफ सफाई के अभाव में गंदगियों से अटके हैं। कस्बेवासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। </p>
<p><strong>रात्रि में बना नशेडियों का अड्डा</strong><br />रात्रि में तो बस स्टैण्ड भूमि पर शराबी व नशेडियों का अड्डा बन गया है। कस्बे में करीब आधा दर्जन से अधिक अस्थाई बस स्टैंड के भरोसे से ही यात्रियों को बिना किसी मूलभूत सुविधा के घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। जहां यात्रियों के बैठने की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।   यहां पर अस्थायी बस स्टैंड में पुराना बस स्टैंड, सारोला रोड, पुराना बैंक तिराहर, शहीद स्मारक अटरू रोड, बारां रोड, कृषि उपज मंडी के सामने, मेगा हाइवे स्थित दहीखेड़ा चौराहा, काली तलाई सहित कई नाम से अस्थाई बस स्टैंड बने हुए हैं। अस्थाई बस स्टैण्ड से सवारियों को परिवहन करना पड़ता है। इनकी जगह करीब एक से दो किलोमीटर दूरी होने से अलग-अलग रूटों से आने-जाने वाले यात्रियों को अपने साथ लेकर आए सामान को लेकर पैदल गन्तव्य मार्ग से पहुंचना पड़ता है। यहां तक की घंटे तक बैठे यात्री बसों का इंतजार करते रहते हैं। यहां पर दुकान व फल फ्रूट वाले है जो यह बताते हैं कि यह बस किस समय आएगी, इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तिराहर, शहीद स्मारक अटरू रोड, बारां रोड, कृषि उपज मंडी के सामने, मेगा हाइवे स्थित दहीखेड़ा चौराहा, काली तलाई सहित कई नाम से अस्थाई बस स्टैंड बने हुए हैं। अस्थाई बस स्टैण्ड से सवारियों को परिवहन करना पड़ता है। इनकी जगह करीब एक से दो किलोमीटर दूरी होने से अलग-अलग रूटों से आने-जाने वाले यात्रियों को अपने साथ लेकर आए सामान को लेकर पैदल गन्तव्य मार्ग से पहुंचना पड़ता है। यहां तक की घंटे तक बैठे यात्री बसों का इंतजार करते रहते हैं ।  यहां पर अस्थाई रूप से बस स्टैंड बन चुके हैं जिनका अधूरा निर्माण कार्य रह गया है खानपुर बार रोड स्थित महावीर कॉलोनी में बस स्टैंड बनाया था जो वह भी अधूरा पड़ा हुआ है व खानपुर आबादी से अत्यधिक दूर होने के कारण या कोई और सुविधा न होने के कारण वहां पर कोई यात्री आता जाता ना था इसलिए वह बस स्टैंड भी निरस्त हो गया। </p>
<p> खानपुरवासी दर- दर भटक रहे  है, जल्द बस स्टैंड शुरू होना चाहिए। कस्बेवासियों के लिए यह एक मूलभूत आवश्यकता है, ताकि एक जगह से ही बसों का संचालन शुरू हो। <br /><strong>- गजेंद्र राठौर, व्यापारी</strong></p>
<p> खानपुर में स्थाई बस स्टैंड न होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और जो बसें बंद चल रही है उन्हें चालू किया जाए। <br /><strong>- कमल मालव, व्यापारी</strong></p>
<p> बस स्टैंड का कार्य अधूरा पड़ा होने से यात्री परेशान हो रहे हैं और वह इधर- उधर भटकते रहते हैं, जल्द ही बस स्टैंड का निर्माण हो ताकि यात्री परेशान ना हो। <br /><strong>- रामबाबू वैष्णव, समाजसेवी </strong></p>
<p>खानपुर से जुड़े हुए आसपास के छोटे गांव के छात्र व छात्राओं को आने- जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए यथावत बस स्टैंड का निर्माण होना चाहिए, ताकि छात्रों को परेशानी ना आए। <br /><strong>- दिनेश नागर, मैकेनिक</strong></p>
<p>खानपुर में शहीद मुकुट बिहारी कॉलेज स्थित है, जहां पर आसपास गांव से विद्यार्थी आते हैं। इन विद्यार्थियों को भी बस स्टैंड ना होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। <br /><strong>-नितेश शर्मा, छात्र </strong></p>
<p> कई वर्षों से कस्बेवासी बस स्टैंड का इंतजार कर रहे हैं। व्यापारियों को व्यापार के लिए आने जाने के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। <br /><strong>-सत्यनारायण, व्यापारी </strong><br /> <br />सार्वजनिक निर्माण विभाग को इसका टेंडर दिया गया था , उन्होंने इसकी खाली चार दीवारें करके इसके अलावा इसका कोई काम नहीं हुआ । हमें भी अलॉट नहीं हुआ अगर तैयार हो जाता है तो हम बस स्टैंड प्रारंभ कर सकते हैं, हम भी चाहते हैं कि यात्रियों को बस स्टैण्ड सुविधा मिले। <br /><strong>- प्रतीक मीणा, यातायात प्रबंधक (झालावाड़)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-big-question--who-will-build-the-bus-stand/article-99819</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-big-question--who-will-build-the-bus-stand/article-99819</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Jan 2025 17:54:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/257rtrer-%284%294.png"                         length="724738"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        