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                <title>evaluation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>राजस्थान में दुर्लभ खनिजों का महाभंडार: सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स बनेगा देश की सामरिक सुरक्षा का नया केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा स्थित सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में रेयर अर्थ एलिमेंट्स और क्रिटिकल रेयर मेटल्स के विशाल भंडार की पुष्टि हुई है। 750 वर्ग किलोमीटर में फैले इस क्षेत्र से रक्षा, परमाणु ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कच्चा माल मिलेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने परियोजना के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/balotras-sivana-ring-complex-will-become-the-new-center-of/article-154867"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(2)71.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पश्चिमी राजस्थान का बालोतरा स्थित सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स देश की सामरिक, औद्योगिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है। यहां रेयर अर्थ एलिमेंट्स, हैवी रेयर अर्थ एलिमेंट्स और क्रिटिकल रेयर मेटल्स के विशाल भंडार मिलने से भारत को रक्षा, परमाणु ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और हाईटेक उद्योगों के लिए जरूरी कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा।</p>
<p>केन्द्रीय खान मंत्रालय की टेक्निकल कम कॉस्ट कमेटियों की संयुक्त बैठक में सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स के तीन ब्लॉक्स में दुर्लभ खनिजों के बड़े भंडार होने की पुष्टि की गई है। इन ब्लॉक्स के तकनीकी मूल्यांकन का कार्य तीन कंपनियों को आवंटित किया गया है। करीब 750 वर्ग किलोमीटर में फैले इस ज्वालामुखीय क्षेत्र के सर्वेक्षण में नियोबियम, जिरकोनियम और हाफनियम जैसे महत्वपूर्ण रेयर अर्थ एलिमेंट्स पाए गए हैं। इन खनिजों का उपयोग एयरोस्पेस इंजनों के सुपरअलॉय, सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट, चिकित्सा उपकरणों और वैज्ञानिक अनुसंधान में किया जाता है।</p>
<p>इसके अलावा परमाणु रिएक्टर, इलेक्ट्रिक कार, मिसाइल तकनीक, रोबोटिक्स, माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स और रासायनिक प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में भी इन दुर्लभ खनिजों की बड़ी भूमिका है। विशेषज्ञों के अनुसार ये खनिज देश की सामरिक सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स और सिवाना ग्रेनाइट क्षेत्र में रेयर अर्थ एवं हेवी रेयर अर्थ एलिमेंट्स की उपलब्धता राजस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा केंद्र सरकार के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>राज्य सरकार दुर्लभ खनिजों के अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए रेयर अर्थ एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना भी कर रही है। इसके लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, एटॉमिक मिनरल्स डायरेक्टरेट फॉर एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च, आईआईटी हैदराबाद और आईआईटी आईएसएम धनबाद जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी की जा रही है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन (एनसीएमएम) शुरू किया है। इस मिशन के तहत ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए रणनीतिक खनिजों की खोज और विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:14:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मरुस्थलीय क्षेत्र के वाटर प्रोजेक्ट का मॉनिटरिंग एवं इवैल्युएशन का होगा काम, खर्च होंगे 283.19 लाख</title>
                                    <description><![CDATA[इस कार्य की अनुमानित लागत 283.19 लाख रुपए निर्धारित की गई है और इसे 15 महीने की अवधि में पूरा किया जाना है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monitoring-and-evaluation-of-water-project-of-desert-area-will/article-120912"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/jal-sansadhan-department.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार की ओर से मरुस्थलीय क्षेत्रों में जल प्रबंधन को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से “राजस्थान वॉटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग प्रोजेक्ट फॉर डेजर्ट एरिया” के तहत मॉनिटरिंग एवं इवैल्युएशन (निगरानी व मूल्यांकन) कार्य कराए जाएंगे। इस कार्य की अनुमानित लागत 283.19 लाख रुपए निर्धारित की गई है और इसे 15 महीने की अवधि में पूरा किया जाना है।</p>
<p>जल संसाधन विभाग के उत्तर क्षेत्र ने इस संबंध में निविदा प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इस परियोजना के माध्यम से मरुस्थलीय इलाकों में जल संरचनाओं की निगरानी और उनके कार्यों की गुणवत्ता का मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे जल संसाधनों का बेहतर उपयोग और दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Jul 2025 14:35:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का : फल व छायादार पेड़ों की आई मूल्यांकन रिपोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति ने मजबूती के साथ किसानों का पक्ष रखते हुए प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए थे। इसके बाद अधिकारियों ने किसानों से किए वादे के मुताबिक पूरा मुआवजा देने की सहमति दी और इस पर काम शुरू हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/evaluation-report-of-fruit-and-shade-trees/article-11901"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/a1.jpg" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। दरा-झालावाड़ एनएच 52 पर सिक्स लेन सड़क मार्ग पर पिछले 3 साल से चल रहे किसानों के फलदार छायादार पेड़ों के मुआवजा विवाद की मूल्यांकन रिपोर्ट आने के बाद मुआवजा अवार्ड बनाने का रास्ता साफ हो गया है। मामले में दैनिक नवज्योति ने मजबूती के साथ किसानों का पक्ष रखते हुए प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए थे। इसके बाद अधिकारियों ने किसानों से किए वादे के मुताबिक पूरा मुआवजा देने की सहमति दी और इस पर काम शुरू हुआ।<br /><br />जानकारी के अनुसार वर्ष 2017-18 में यहां सड़क निर्माण के लिए भूमि अवाप्ति की कार्यवाही हुई थी। लेकिन किसान कृषि भूमि की मुआवजा दर से संतुष्ट नहीं थे और अरनिया कलां, बांस्याहेडी, गोला 3 गांव के किसानों के असंतोष के कारण सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया था। वर्ष 2019 में उपखंड अधिकारी चिमनलाल मीणा, परियोजना निदेशक, पटेल कंपनी, तहसीलदार एवं किसानों की संयुक्त बैठक में आपसी समझाइश से यह तय हुआ था कि जमीन की दर कोर्ट से तय करवा ली जाए एवं छूटे हुए पौधों का पुन: सर्वे करवाकर किसानों का उसका मुआवजा दे दिया जाए। जिस पर दोनों पक्ष सहमत हुए। एसडीओ रामगंजमंडी द्वारा गठित टीम ने सर्वे कर किसानों के छूटे हुए पौधों की सूची तैयार की। किसानों को इस सूची के अनुसार पौधों का मुआवजा देने के लिए आश्वस्त किया। जिस पर किसानों ने सहमति जता दी। पिछले एक डेढ़ वर्ष से बंद पड़ा सड़क निर्माण कार्य चालू हो गया। सड़क निर्माण कार्य चालू होते ही निर्माण एजेंसी ने मशीनें लगाकर सारे पौधे तोड़ दिए। मिट्टी खोदकर गिट्टी की कुटाई कर दी और सड़क को जमीन लेवल से 4 से 6 फीट ऊपर उठा दिया। उसके बाद निर्माण विभाग ने किसानों को मौके पर पेड़ नहीं होने की बात कहकर मुआवजा देने से इंकार कर दिया। किसानों ने बहुत हाथ-पैर मारे लेकिन तब उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। भाजपा के किसान नेता वीरेंद्र जैन ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधायक मदन दिलावर एवं सभी उच्चाधिकारियों से संपर्क कर मामले को दोबारा उठाया और किसानों को न्याय दिलाने के  की मांग की। जिसमें दैनिक नवज्योति ने किसानों का पक्ष मजबूती से रखा तो अधिकारियों ने किसानों से किए वादे को पूरा कर मुआवजा देने की सहमति दी और इस पर काम शुरू हुआ। कार्यवाही आगे बढ़ी और पूरे मामले की पुन: समीक्षा की गई। तहसीलदार रामगंजमंडी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई। जिसने वेरीफिकेशन रिपोर्ट तैयार की और सैद्धांतिक सहमति देते हुए माना कि मौके पर किसानों के पेड़ थे। जिसे निर्माण एजेंसी ने आनन-फानन में उखाड़ा है। किसानों से पौधों के शपथ पत्र देकर मूल्यांकन के लिए भेजे गए छायादार पेड़ों की रिपोर्ट वन विभाग और फलदार पेड़ों की मूल्यांकन रिपोर्ट फलोद्यान विभाग ने तैयार कर प्रस्तुत की है। जिससे किसानों के पौधों का मुआवजा अवार्ड बनने की कार्यवाही पूर्ण हो सकेगी।<br /><br /><strong>डेढ़ वर्ष तक बंद रहा निर्माण कार्य</strong><br />किसानों के विरोध के कारण निर्माण एजेंसी 3 गांवों में डेढ़ वर्ष तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं कर पाई। तब उपखंड कार्यालय द्वारा किसानों को समझा कर सहमत किए जाने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पाया। लेकिन अपना काम बनते ही निर्माण एजेंसी ने किसानों की तरफ से मुंह फेर लिया और अपने वादे से मुकर गई। 3 से 4 साल तक चले इस विवाद के दौरान 5 उपखंड अधिकारी बदले। जिनमें तीन आईएएस थे। सभी पांचों अधिकारियों ने मजबूती से किसानों का साथ दिया और माना कि किसानों की कोई गलती नहीं है। <br /><br /><strong>जिला कलक्टर ने दिया था आश्वासन</strong><br />गुरुवार को जनप्रतिनिधियों ने जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा को ज्ञापन दिया था। जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया था कि फलदार पौधों के मामले में किसानों को अवार्ड दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 14:24:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऑन स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली शुरू करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बना अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय</title>
                                    <description><![CDATA[विश्वविद्यालय द्वारा एक सॉफ़्टवेयर तैय्यार किया गया है जिसे ऑनस्क्रीन इवैल्यूएशन सिस्टम नाम दिया गया है ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61961ffb2d699/article-2510"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/devswroop.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय से सम्बद्ध प्रदेश के सभी 80 विधि महाविद्यालयों में भिन्न भिन्न विधि पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों की  परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अब ऑनलाइन किया जा रहा है।  इसके लिए विश्वविद्यालय द्वारा एक सॉफ़्टवेयर तैय्यार किया गया है जिसे ऑनस्क्रीन इवैल्यूएशन सिस्टम नाम दिया गया है ।<br /> <br /> कुलपति डॉ. देव स्वरूप की उपस्थिति में गुरूवार को सभी परीक्षकों को ऑनलाइन डेमो दिया गया जिससे वे सिस्टम की कार्यप्रणाली को समझ सकें।  सभी परीक्षकों ने एक स्वर में कहा कि यह एक अनूठा प्रयोग है जो बहुत आसान तो है ही वर्तमान संदर्भ में बहुत उपयोगी और आवश्यक है। <br /> <br /> कुलपति डॉ. देव स्वरूप ने कहा कि हम नवाचारों को प्रोत्साहन दे रहे हैं एवं तकनीक के माध्यम से गुणवत्ता पूर्ण तथा समयबद्ध ढंग से मूल्यांकन कर परीक्षा परिणाम घोषित करने हेतु प्रतिबद्ध हैं।  इस प्रणाली से जहां एक ओर परम्परागत रूप से होने वाली परीक्षा सम्बन्धी परेशानियों से बचा जा सकेगा वहीं दूसरी ओर लाखों छात्रों का परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो सकेगा तथा सम्पूर्ण रिकोर्ड डिजिटल फ़ॉर्म में सदैव सुरक्षित रखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हमारी इस पहल का आने वाले समय में अन्य विश्वविद्यालय भी ज़रूर अनुसरण करेंगे। यह इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Nov 2021 15:41:54 +0530</pubDate>
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