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                <title>केरल में ड्रग्स की तस्करी के लिए फ़ूड डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म का हो रहा है गलत इस्तेमाल: गृह मंत्री रमेश चेन्निथला</title>
                                    <description><![CDATA[केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने स्विगी, ज़ोमैटो और एम्बुलेंस का उपयोग ड्रग तस्करी के लिए किए जाने पर "आखिरी चेतावनी" दी है। 'ऑपरेशन तूफान' के तहत दोषियों पर बिना किसी राजनीतिक दबाव के सख्त कार्रवाई होगी। ड्रग्स नेटवर्क को खत्म करने के लिए 26 जून को राज्यव्यापी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/food-delivery-platforms-are-being-misused-for-drug-smuggling-in/article-157697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(2).png" alt=""></a><br /><p>अलाप्पुझा। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने चेतावनी दी है कि स्विगी और ज़ोमैटो जैसे फ़ूड डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल कथित तौर पर ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी की आड़ में नशीले पदार्थों की तस्करी और वितरण के लिए किया जा रहा है। मंत्री ने इन रिपोर्टों को गंभीर बताते हुए इसमें शामिल लोगों को सरकार की ओर से "आखिरी चेतावनी" जारी की। उन्होंने कहा कि जो कोई भी ऐसी गतिविधियां जारी रखेगा, उसे ड्रग्स-विरोधी अभियान 'ऑपरेशन तूफ़ान' के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।</p>
<p>चेन्निथला ने कहा, "लोग ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते हैं और यह उनके घरों तक पहुंचाया जाता है। इन डिलीवरी सिस्टम के गलत इस्तेमाल को लेकर गंभीर शिकायतें भी मिली हैं। यह आखिरी चेतावनी है। अब तक जो हुआ, सो हुआ। अब यह हरकत बंद होनी चाहिए। ऐसी स्थिति न बनाएं कि आपको कानून का सामना करना पड़े।" गृह मंत्री ने कहा कि 'ऑपरेशन तूफ़ान' के तहत मिली शिकायतों से पता चला है कि ड्रग तस्कर नशीले पदार्थों की ढुलाई और वितरण के लिए स्विगी और ज़ोमैटो जैसे फ़ूड डिलीवरी नेटवर्क का गलत इस्तेमाल कर रहे है।</p>
<p>उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियां तुरंत बंद होनी चाहिए और साफ़ कहा कि जो लोग इन्हें जारी रखेंगे, उन्हें बिना किसी रियायत के सख़्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। राज्य में चल रहे हर ड्रग वितरण नेटवर्क को खत्म करने के सरकार के संकल्प पर ज़ोर देते हुए चेन्निथला ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए बनी डिलीवरी सेवाओं को कभी भी आपराधिक गतिविधियों का ज़रिया नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों को निगरानी बढ़ाने और ऐसी सभी गतिविधियों के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>मंत्री ने आगे बताया कि पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे 'ऑपरेशन तूफान' के तहत दर्ज मामलों में किसी भी तरह की सिफारिश, राजनीतिक प्रभाव या बाहरी दबाव को न मानें। उन्होंने कहा कि हर मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। चेन्निथला ने यह भी बताया कि एम्बुलेंस का इस्तेमाल नशीले पदार्थों की ढुलाई और बिक्री के लिए किए जाने की शिकायतें मिली हैं। इन आरोपों को देखते हुए, राज्य के नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान के तहत एम्बुलेंस की भी विशेष जांच और कड़ी निगरानी की जाएगी।</p>
<p>राज्यव्यापी जागरूकता अभियान की घोषणा करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि 26 जून को, जिसे 'नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस' के रूप में मनाया जाता है, केरल के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विधायकों के नेतृत्व में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए इन कार्यक्रमों के दौरान नशीले पदार्थों के खिलाफ शपथ भी दिलाई जाएगी।</p>
<p>नशीली दवाओं की समस्या को खत्म करने के सरकार के संकल्प को दोहराते हुए चेन्निथला ने कहा कि नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान और ज़ोर-शोर से जारी रहेगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे केरल को नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे से बचाने में अधिकारियों का सहयोग करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 11:44:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली में नौ संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार: आईएसआई से जुड़े तार, दिल्ली-मुंबई समेत देश के कई शहरों में आतंकी हमलों की थी साजिश </title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड के निर्देश पर दिल्ली-मुंबई में बड़े हमलों की साजिश रच रहे थे। फंडिंग के लिए एक नेपाली नागरिक भी नेटवर्क से जुड़ा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/nine-suspected-terrorists-arrested-in-delhi-wires-linked-to-isi/article-155530"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/delhi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए नौ संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े नेटवर्क से जुड़े हैं। यह गिरोह दिल्ली, मुंबई समेत देश के कई प्रमुख शहरों में आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को सीमा पार बैठे हैंडलर्स के निर्देश मिल रहे थे। उन्हें महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों के जवानों को निशाना बनाकर हमले करने का जिम्मा सौंपा गया था, ताकि देश में दहशत फैलाई जा सके। </p>
<p><strong>कई राज्यों से जुड़े आरोपी</strong></p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोग दिल्ली, महाराष्ट्र और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से संबंध रखते हैं। इनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, हालांकि पुलिस ने फिलहाल उनकी पहचान और राष्टीयता का खुलासा नहीं किया है।</p>
<p><strong>वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क की पड़ताल</strong></p>
<p>स्पेशल सेल अब आरोपियों के वित्तीय लेनदेन, संचार रिकॉर्ड और उनसे जुड़े व्यापक नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या देश के अन्य हिस्सों में भी इस मॉड्यूल के सदस्य सक्रिय हैं और क्या संभावित हमलों के लिए पहले से रेकी की गई थी।</p>
<p><strong>नेपाली नागरिक भी जुड़ा था</strong></p>
<p>जांच में यह भी सामने आया कि मुन्ना जागड़ा इस पूरे नेटवर्क के सीधे संपर्क में था और एक 66 वर्षीय नेपाली नागरिक भी इनके साथ जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि वह नेपाल से दिल्ली धन की व्यवस्था करने आया था। एजेंसियों के मुताबिकए मुन्ना जागड़ा फिलहाल कराची में छिपा हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 10:25:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान को मिलेगी 200 नई ट्रेनों की सौगात, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा बड़ा विस्तार</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान में 200 से अधिक नई ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। जालोर-दिल्ली नई रेल सेवा के शुभारंभ पर उन्होंने बताया कि प्रदेश में 20 नई पिट लाइनों का निर्माण और जयपुर के पास अत्याधुनिक मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित किया जा रहा है, जिससे रेलवे की क्षमता दोगुनी हो जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-will-get-the-gift-of-200-new-trains-there/article-155107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/railway-minister-as.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में रेलवे विकास को नई रफ्तार देते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आने वाले समय में प्रदेश को 200 से अधिक नई ट्रेनों की सौगात मिलेगी। जालोर को पहली बार दिल्ली से जोड़ने वाली नई रेल सेवा के शुभारंभ के अवसर पर उन्होंने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे में तेजी से आधुनिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे नई ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। रेल मंत्री ने कहा कि राजस्थान में पिट लाइनों, कोचिंग टर्मिनलों, यार्ड आधुनिकीकरण, दोहरीकरण, ट्रैक स्पीड बढ़ाने और स्टेशन पुनर्विकास जैसे बड़े कार्य किए जा रहे हैं।</p>
<p>इन परियोजनाओं से ट्रेनों के रखरखाव, धुलाई और तकनीकी परीक्षण की क्षमता मजबूत होगी तथा रेल संचालन अधिक सुगम बनेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी Amit Sudarshan के अनुसार वर्तमान में रेलवे के पास 22 पिट लाइनें हैं, जबकि मदार, उमरा, लालगढ़, श्रीगंगानगर, हिसार, सूरतगढ़, खातीपुरा, बाड़मेर और जैसलमेर सहित विभिन्न स्थानों पर 20 नई पिट लाइनों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इसके अलावा जयपुर के निकट भट्टो की गली में मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित करने की योजना है, जहां वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों के अनुरक्षण के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।</p>
<p>रेलवे का मानना है कि इन परियोजनाओं से उत्तर पश्चिम रेलवे की रखरखाव क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी, जिससे प्रदेश में नई रेल सेवाओं के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। रेलवे के इस बड़े विस्तार से राजस्थान के सीमावर्ती, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 18:03:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दक्षिण एशिया राउंड टेबल में बोले टिम कर्टिस, यूनेस्को चेयर्स को बताया शिक्षा और नवाचार की सबसे बड़ी ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[अमृता विश्व विद्यापीठम में आयोजित दो दिवसीय राउंड टेबल में यूनेस्को के क्षेत्रीय निदेशक टिम कर्टिस ने हिस्सा लिया। भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका के प्रतिनिधियों ने 'ट्रिपल प्लैनेटरी क्राइसिस' और नैतिक एआई जैसे नीतिगत विषयों पर चर्चा की। अमृता विश्वविद्यालय तीन यूनेस्को चेयर्स वाला भारत का एकमात्र संस्थान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/speaking-at-the-south-asia-round-table-tim-curtis-called/article-154953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-600-px4.png" alt=""></a><br /><p>केरल। यूनेस्को के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक टिम कर्टिस ने अमृता विश्व विद्यापीठम में आयोजित दो दिवसीय राउंड टेबल के दौरान कहा कि यूनेस्को चेयर्स संगठन के वैश्विक नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और नीति-स्तर की चर्चाओं को गहराई से प्रभावित करती हैं। इस कार्यक्रम में भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका से 22 से अधिक प्रतिनिधियों, यूनेस्को चेयरधारकों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय शोध और सामुदायिक पहलों को यूनेस्को की 2026–2027 की प्राथमिकताओं के साथ जोड़ना था। प्रमुख विषयों में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी और प्रदूषण जैसी “ट्रिपल प्लैनेटरी क्राइसिस”, डिजिटल परिवर्तन, नैतिक एआई, लैंगिक समानता और युवाओं की भागीदारी शामिल रहे।</p>
<p>कार्यक्रम में बांग्लादेश के लिए यूनेस्को प्रतिनिधि सुसान वाइज और नेपाल के लिए यूनेस्को प्रतिनिधि जैको डु टॉइट भी शामिल हुए। हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कुलाधिपति माता अमृतानंदमयी देवी से भी मुलाकात की। अमृता विश्व विद्यापीठम भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है, जहां तीन यूनेस्को चेयर्स स्थापित हैं—जेंडर इक्वैलिटी एंड वीमेन एम्पावरमेंट (डॉ.भवानी राव के नेतृत्व में), एक्सपीरिएंशियल लर्निंग फॉर सस्टेनेबल इनोवेशन एंड डेवलपमेंट (डॉ.मनीषा वी.रमेश के नेतृत्व में) और असिस्टिव टेक्नोलॉजीज़ इन एजुकेशन (डॉ.प्रेमा नेदुंगाडी के नेतृत्व में)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 12:28:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़: जयपुर में 3 बुकी गिरफ्तार, 15 मोबाइल-5 लैपटॉप जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर पुलिस की सीएसटी और खोरा बिसल थाना टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगाते तीन सटोरियों को गिरफ्तार किया है। गुजरात और चेन्नई के मैच पर ऑनलाइन आईडी के जरिए सट्टा खिलवा रहे इन आरोपियों से 15 मोबाइल, 5 लैपटॉप और 24 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ipl-betting-racket-busted-in-jaipur-3-bookies-arrested-15/article-154716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/प्च्स्.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर पुलिस ने आईपीएल मैचों पर चल रहे ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के कार्रवाई करते हुए तीन सटोरियों प्रदीप कुमार (36), अंकित पूनिया (21) और संजय कुमार (34) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, लैपटॉप समेत भारी मात्रा में सट्टे से जुड़ा सामान बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया कि सीएसटी टीम और खोरा बिसल थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए क्रिकेट सट्टेबाजी के अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि खोरा बिसल इलाके में स्थित एक मकान से आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है।</p>
<p>इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके पर दबिश दी और गुजरात टाइटंस व चेन्नई सुपर किंग्स के बीच चल रहे मैच पर सट्टा लगाते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी डीएक्स-13 आईडी के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन जोड़कर सट्टा खिलवा रहे थे और संगठित तरीके से नेटवर्क संचालित कर रहे थे। बरामदगी: आरोपियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, सट्टे के हिसाब की 6 रजिस्टर कॉपियां, 11 बैंक पासबुक, 24 एटीएम कार्ड, वाई-फाई सेटअप बॉक्स, चार्जर सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:22:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सीबीआई का एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर सर्च, आरोपियों के परिचित रिश्तेदार भूमिगत</title>
                                    <description><![CDATA[चर्चित नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने राजस्थान के कोचिंग हब सीकर में डेरा डाल दिया है। सिंडिकेट और कोचिंग नेटवर्क के गठजोड़ को खंगालते हुए कई ठिकानों पर दबिश दी गई। जांच एजेंसी की नजर एक नामी कैमिस्ट्री टीचर और कोचिंग संचालक पर है, जबकि आरोपी बिंवाल परिवार के जुड़े लोग भूमिगत हो गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cbi-searches-at-more-than-a-dozen-locations-finds-known/article-154098"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/cbi.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के चर्चित नीट-2026 पेपर लीक मामले में अब जांच का सबसे बड़ा केंद्र शिक्षा नगरी सीकर बनता जा रहा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दो दिन से सीकर में डेरा डाले हुए है। इससे पहले भी दबिश देकर कुछ लोगों से जानकारी जुटाई थी। अब शनिवार को भी एजेंसी ने कई लोगों के ठिकानों पर दबिश दी। सीबीआई की कुछ टीमें दबिश दे रही हैं तो कुछ चुनिंदा कोचिंग संस्थानों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार सीबीआई की नजर एक चर्चित कैमेस्ट्री टीचर और पूर्व कोचिंग संचालक पर टिक गई है, जिनके संबंध गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिवाल और मांगीलाल बिवाल परिवार से जुड़े बताए जा रहे हैं। सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर सीकर के कोचिंग नेटवर्क का इस्तेमाल पेपर लीक सिंडिकेट ने किस तरह किया। </p>
<p>सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार हुए मांगीलाल और दिनेश बिंवाल के परिचित सीबीआई की दबिश के बाद भूमिगत हो गए हैं। जानकारी जुटाई जा रही है कि इस परिवार के अब तक कितने बच्चे सीकर में आकर एमबीबीएस की कोचिंग कर चुके हैं और वह सलेक्शन के दौरान किसके सम्पर्क में थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 09:38:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारतीय फार्मा नेटवर्क्स पर अमेरिका की सख्त कार्रवाई, फेंटानिल की आपूर्ति के लिए 13 दवा विक्रेताओं पर लगाए वीज़ा प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने अवैध फेंटानिल तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत स्थित 'केएस इंटरनेशनल ट्रेडर्स' से जुड़े 13 सहयोगियों पर वीज़ा प्रतिबंध लगा दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा फेंटानिल को 'विनाशकारी हथियार' घोषित करने के बाद यह कदम उठाया गया। दोनों देश इस जानलेवा ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/americas-strict-action-on-indian-pharma-networks-visa-ban-imposed/article-153670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/fentalin.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका ने भारत स्थित ऑनलाइन दवा विक्रेता केएस इंटरनेशनल ट्रेडर्स से जुड़े 13 करीबी व्यावसायिक सहयोगियों पर वीज़ा प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिका ने इस नेटवर्क पर देश में घातक और अवैध फेंटानिल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। विदेश विभाग के प्रवक्ता थॉमस 'टॉमी' पिगॉट ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि यह कार्रवाई उन अंतरराष्ट्रीय तस्करी अभियानों को ध्वस्त करने के एक आक्रामक अभियान का हिस्सा है, जो अमेरिका में परिवारों को तबाह करने वाली अवैध फेंटानिल के लिए जिम्मेदार हैं।</p>
<p>विदेश विभाग के अनुसार, केएस इंटरनेशनल ट्रेडर्स ने कथित तौर पर पूरे अमेरिका में खरीदारों को अवैध फेंटानिल युक्त लाखों जाली दवाएं बेचीं। अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान ने देश भर में अत्यधिक मात्रा में नशीली दवाओं के सेवन से होने वाली मौतों में योगदान दिया और कंपनी ने भारी मुनाफा कमाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक कार्यकारी आदेश के तहत फेंटानिल को 'बड़े पैमाने पर विनाश का हथियार' घोषित किए जाने के बाद, आप्रवासन और राष्ट्रीयता अधिनियम की धारा के तहत ये वीज़ा प्रतिबंध लगाए गए थे।</p>
<p>बयान में घोषणा की गई कि अमेरिकियों को जहर देने में शामिल लोगों को अमेरिका में प्रवेश से वंचित कर दिया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इस कदम को अंतरराष्ट्रीय दवा तस्करों और उनके वित्तीय नेटवर्कों के लिए एक चेतावनी बताया और इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका और भारत फेंटानिल आपूर्ति श्रृंखलाओं को नष्ट करने और इस घातक दवा की बिक्री से लाभ कमाने वाले आपराधिक संगठनों को खत्म करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:13:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नीट पेपर लीक की जांच में सीकर बना बड़ा केंद्र, देशभर तक फैला था नेटवर्क</title>
                                    <description><![CDATA[नीट-यूजी 2026 जांच में खुलासा हुआ है कि प्रश्नपत्र नासिक से लीक होकर सीकर के जरिए देशभर में फैला। गुरुग्राम से जयपुर होते हुए पेपर को "गेस पेपर" के नाम पर केरल और बिहार तक भेजा गया। एक छात्र द्वारा पिता को भेजे गए मैसेज से इस बड़े व्हाट्सएप सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sikar/sikar-became-a-big-center-in-the-investigation-of-neet/article-153602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/sikar.png" alt=""></a><br /><p>सीकर। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच में राजस्थान का सीकर सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। परीक्षा रद्द होने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी और राजस्थान एसओजी लगातार इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही हैं। जांच में सामने आया है कि पेपर नासिक स्थित प्रिंटिंग प्रेस से लीक होकर अलग-अलग राज्यों तक पहुंचा था।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, पेपर सबसे पहले हरियाणा के गुरुग्राम के एक डॉक्टर तक पहुंचा और फिर जयपुर के जमवारामगढ़ होते हुए सीकर आया। यहां से इसे देशभर में “गेस पेपर” के नाम पर फैलाया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह पेपर दिल्ली, बिहार, जम्मू-कश्मीर, केरल और उत्तराखंड तक पहुंचा था।</p>
<p>मामले का खुलासा तब हुआ जब केरल में पढ़ रहे सीकर के एक एमबीबीएस छात्र ने पेपर अपने पिता को भेजा। छात्र ने संदेश में लिखा कि यही सवाल अगले दिन की परीक्षा में आने वाले हैं। इसके बाद पेपर को छात्रावास में रह रही छात्राओं तक पहुंचा दिया गया।</p>
<p>परीक्षा के बाद जब सवालों का मिलान हुआ तो जीवविज्ञान और रसायन विज्ञान के सभी प्रश्न उसी गेस पेपर में पाए गए। इसके बाद मामला पुलिस और एनटीए तक पहुंचा, जिसके बाद बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सीकर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 18:49:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीनगर में अंतरराष्ट्रीय साइबर रैकेट का भंडाफोड़: सात आरोपी गिरफ्तार, छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर की CIK-CID शाखा ने रंगरेठ में छापेमारी कर एक हाई-टेक साइबर रैकेट का पर्दाफाश किया है। सात संदिग्धों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में आईफोन, मैकबुक और वीओआईपी (VoIP) सिस्टम जब्त किए गए। यह गिरोह फर्जी विज्ञापनों और कॉल सेंटरों के जरिए करोड़ों की ठगी कर पैसों को क्रिप्टोकरेंसी में बदल देता था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/international-cyber-racket-busted-in-srinagar-seven-accused-arrested-huge/article-147037"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/cycber.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से संचालित होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) शाखा ने किया है और इस मामले में सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया तथा शहर में समन्वित छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण भी जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, सीआईके-सीआईडी को गुप्त कॉल सेंटरों के बारे में विश्वसनीय तकनीकी जानकारी प्राप्त हुई थी जो विदेशी नागरिकों एवं स्थानीय नागरियों को निशाना बनाकर धोखाधड़ी वाली ऑनलाइन गतिविधियों में शामिल थे।</p>
<p>त्वरित कार्रवाई करते हुए सीआईके ने निगरानी करने और डिजिटल खुफिया जानकारी जुटाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और फील्ड कर्मियों की विशेष टीमें गठित कीं। जांच के बाद श्रीनगर के रंगरेठ औद्योगिक क्षेत्र में एक प्रमुख परिचालन केंद्र की पहचान हुई। छापेमारी के दौरान सात संदिग्धों को मौके पर ही गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने 13 मोबाइल फोन, नौ लैपटॉप, वीओआईपी (वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) सिस्टम, सिम कार्ड, नेटवर्किंग उपकरण और डिजिटल स्टोरेज मीडिया जब्त किया। जब्त किए गए सामानों में कई महंगे स्मार्टफोन, जिनमें आईफोन, सैमसंग गैलेक्सी हैंडसेट, आईपैड और डेल, एचपी और एप्पल मैकबुक ब्रांड के लैपटॉप शामिल थे।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी एक सुसंगठित साइबर अपराध गिरोह का हिस्सा है, जिसके संपर्क जम्मू-कश्मीर से बाहर भी फैले हुए हैं। अधिकारियों ने कहा कि आरोपियों ने वीओआईपी सिस्टम का उपयोग करके एक गैर-पंजीकृत कॉल सेंटर स्थापित किया था जिसके माध्यम से वे अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल नंबर बनाते थे और सर्वर रूटिंग और स्पूफिंग तकनीकों से अपनी असली लोकेशन छिपाते थे। पीड़ितों को फर्जी याहू मेल वेबसाइटों और गूगल विज्ञापनों द्वारा लुभाया जाता था। जैसे ही लोग इन विज्ञापनों पर क्लिक करते थे, उन्हें संदिग्धों द्वारा संचालित टोल-फ्री नंबरों पर भेज दिया जाता था।</p>
<p>खुद को वैध सेवा प्रदाताओं के रूप में प्रस्तुत करते हुए आरोपियों ने पीड़ितों को तकनीकी समस्याओं का समाधान करने या जुर्माने को रोकने के बहाने संवेदनशील बैंकिंग विवरण साझा करने या भुगतान करने के लिए प्रेरित किया। धोखाधड़ी से प्राप्त धन को बैंकिंग चैनलों, फर्जी खातों, डिजिटल वॉलेट के माध्यम से भेजा गया और बाद में पहचान से बचने के लिए इसे क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित किया गया।</p>
<p>अधिकारियों ने कहा कि इन लेन-देन में शामिल राशि कई करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जिसमें नकद शामिल नहीं है जो कि पूरी तरह से डिजिटल धोखाधड़ी का संकेत देता है। पुलिस ने कहा कि धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों सहित कानून की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।</p>
<p>पुलिस ने कहा, जब्त किए गए उपकरणों के फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और आगे की छापेमारी सहित विस्तृत जांच जारी है ताकि व्यापक नेटवर्क का पता लगाया जा सके और अधिक संदिग्धों और पीड़ितों की पहचान की जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 13:25:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर अपराधियों की अब खैर नहीं...TRAI ने शुरू की CNAP सेवा, स्मार्टफोन पर अब दिखेगा असली नाम</title>
                                    <description><![CDATA[TRAI ने स्पैम कॉल्स रोकने के लिए CNAP सेवा शुरू की है। अब अनजान नंबरों से कॉल आने पर KYC आधारित असली नाम दिखाई देगा। मार्च 2026 तक यह सुविधा पूरे भारत में लागू होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/no-more-trouble-for-cyber-criminals-trai-starts-cnap-service/article-138171"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/tria.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आजकल साइबर अपराधियों के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं और इसके लिए सरकार समय समय पर कुछ ना कुछ करती रहती है लेकिन अभी तक इन पर कोई लगाम नहीं लग पाई हैं। इसी बीच अगर आपके फोन पर किसी अनजान नंबर से कॉल आने पर अब कॉलर का नाम दिखाई दे रहा है, तो यह किसी थर्ड-पार्टी ऐप का जादू नहीं बल्कि टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की नई पहल है। भारत में टेलीकॉम ऑपरेटरों ने कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सेवा का विस्तार करना शुरू कर दिया है, जिसका उद्देश्य स्पैम और धोखाधड़ी वाली कॉल्स पर लगाम लगाना है।</p>
<p><strong>केवाईसी (KYC) डेटा पर आधारित पहचान</strong></p>
<p>बता दें कि अभी तक कॉलर की पहचान के लिए लोग Truecaller जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करते थे, जो कि क्राउड-सोर्स डेटा का उपयोग करते हैं। अक्सर ये नाम गलत या अपमानजनक भी हो सकते हैं। लेकिन CNAP के तहत, अब आपके फोन स्क्रीन पर वही नाम दिखाई देगा जो सिम कार्ड खरीदते समय सरकारी पहचान पत्र (KYC) के साथ रजिस्टर्ड किया गया है। इस पहल के द्वारा TRAI का मानना है कि इससे नेटवर्क स्तर पर पारदर्शिता आएगी और टेलीकॉम सेवाओं के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी।</p>
<p><strong>मार्च 2026 तक पूरे भारत में होगा रोलआउट</strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2025 में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई यह सुविधा अब तेजी से लागू की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक यह सेवा पूरे भारत में सक्रिय हो जाएगी। इसके बारे में केंद्र सरकार ने जानकारी देते हुए कहा कि एक बार रोलआउट पूरा होने के बाद, यह फीचर सभी स्मार्टफोन पर डिफॉल्ट रूप से चालू होगा। वर्तमान में, यह सेवा मुख्य रूप से 4G और 5G नेटवर्क वाले स्मार्टफोन यूजर्स के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।</p>
<p><strong>स्पैम और फ्रॉड पर लगेगी लगाम</strong></p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक से उन जालसाजों को पकड़ना आसान होगा, जो अपनी पहचान छुपाकर लोगों को ठगते हैं। हालाँकि, अभी यह सेवा 2G नेटवर्क वाले फीचर फोन और लैंडलाइन पर उपलब्ध नहीं है। TRAI का कहना है कि आधिकारिक रिकॉर्ड से नाम दिखाने के कारण यह व्यवस्था थर्ड-पार्टी ऐप्स की तुलना में कहीं अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित साबित होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/no-more-trouble-for-cyber-criminals-trai-starts-cnap-service/article-138171</link>
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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 18:07:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मेले में मोबाइल नेटवर्क हो जाता जाम : परेशान होता हर आम, मेला समिति व अधिकारी करते वॉकी-टॉकी का उपयोग  </title>
                                    <description><![CDATA[मेला समिति ने मेला परिसर व उसके आस-पास टावर लगाने का किया निवेदन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mobile-network-congestion-occurs-at-the-fair--causing-inconvenience-to-everyone--and-the-fair-committee-and-officials-use-walkie-talkies/article-128515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राष्ट्रीय दशहरा मेले का विधिवत शुभारम्भ तो हो गया है लेकिन पूरी तरह से मेला 2 अक्टूबर को दशहरे के दिन से होगा। उसी दिन से मेले में भीड़ के कारण मोबाइल नेटवर्क जाम होने की समस्या से आमजन को दोचार होना पड़ता है। ऐसे में परिजनों के बिछुड़ने पर उनसे आपस में सम्पर्क करनाा मुश्किल हो जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए मेला समिति व अधिकारी तो वॉकी-टॉकी का उपयोग करते हैं। निगम कोटा दक्षिण व उत्तर की ओर से आयोजित दशहरा मेला शुरु हो गया है। लेकिन अभी यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं होने व पूरी दुकानें भी नहीं लगने से लोग बहुत कम पहुंच रहे हैं। लेकिन जैसे ही 2 अक्टूबर को दशहरे के दिन रावण दहन होगा। उस दिन  से मेले में लोगों की भीड़ उमड़ना शुरु हो जाती है। भीड़ भी इतनी अधिक रहती है कि मेला परिसर में लोग एक दूसरे से सटकर चलते है। विशेष रूप से झूला मार्केट व फूड कोर्ट में सबसे अधिक भीड़ रहती है। वहीं  मेले के दौरान होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों और शनिवार व रविवार को अवकाश के दिन तो मेला परिसर में सांस लेना तक दूभर हो जाता है। इस बार दशहरे पर 215 फीट का विशाल रावण दहन होगा। ऐसे में उसे देखने के कारण भीड़ पहले से काफी अधिक रहने की संभावना है। </p>
<p><strong>खोया-पाया पर उद्घोषणा</strong><br />मोबाइल नेटवर्क जाम होने से फोन नहीं लगने पर कई लोग तो निगम की ओर से मुख्य प्रवेश द्वार श्रीराम द्वार के पास खोया-पाया केन्द्र पर सूचना देते हैं। वहां से बिछड़े लोगों व बच्चों के बारे में उद्घोषणा की जाती है। जिससे बड़ी संख्या में लोगों को आपस में मिलाने का काम किया जाता है। लेकिन मोबाइल से बात करके मिलना संभव नहीं हो पाता है। इस समस्या से कुछ लोग ही नहीं मेले में आने वाले अधिकतर लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मेले में भीड़ के कारण मोबाइल नेटवर्क व फोन जाम होने की समस्या आती है। गत वर्ष भी इसका सामना करना पड़ा था। इसके लिए समिति सदस्यों व अधिकारियों ने वॉकी-टॉकी का उपयोग किया था। करीब 10 वॉकी-टॉकी से आपस में बातचीत व सम्पर्क करना सुविधाजनक रहा था। इस बार तीन मोबाइल कम्पनियों को पत्र लिखे गए हैं। समिति ने जिला कलक्टर के माध्यम से कम्पनियों को पत्र भेजकर मेला परिसर व उसके आस-पास टावर लगाने या अन्य व्ववस्था करने का निवेदन किया है जिससे लोगों को इस समस्या का सामना नहीं करना पड़े। संभावना है कि दशहरे तक इस समस्या का समाधान हो सकता है। <br /><strong>- विवेक राजवंशी, अध्यक्ष मेला समिति </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Oct 2025 15:04:35 +0530</pubDate>
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                <title>खंभों पर झूलते अवैध तारों का जाल बना जंजाल </title>
                                    <description><![CDATA[एक तरफ करंट से हादसों का डर तो दूसरी ओर बिजली गुल होने से परेशानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-network-of-illegal-wires-hanging-on-the-poles-has-become-a-mess/article-96772"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के अंदरुनी इलाकों में बिजली के खंभों पर झूलते तार व केबलों का जाल लोगों के लिए अब जी-जंजाल बन गया है। जिम्मेदारों की लापरवाही से क्षेत्रवासियों को दोहरी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गली-मोहल्लों व कॉलोनियों में बिजली के तार व केबलें इतने नीचे की ओर झूल रहे हैं कि आए दिन लोडिंग वाहनों में उलझकर टूट रहे हैं। जिससे करंट का खतरा तो बढ़ ही रहा है, साथ ही बिजली गुल होने से दिनचर्या प्रभावित हो रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है, निजी बिजली कम्पनी व जेवीवीएनएल से शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा। </p>
<p><strong>बिजली खंभों पर अवैध तारों का जाल</strong><br />विज्ञान नगर छत्रपुरा तालाब, गांधी नगर, संजय नगर, दोस्तपुरा, सकतपुरा, सब्जीमंडी, छावनी सहित विभिन्न इलाकों में लगे बिजली के खंभों पर विद्युत तारों के अलावा अन्य कम्पनियों के अवैध रूप से केबलें डाल रखी है, जिनकी ऊंचाई जमीन से 6 से 7 फीट तक है, ऐसे में लोडिंग वाहनों के आवागमन के दौरान तार उलझकर टूट जाते हैं। इनमें बिजली के तार भी टूट कर सड़कों पर गिर जाते हैं। जिससे बिजली गुल होने व करंट का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, शिकायत पर निजी बिजली कम्पनी के कर्मचारी मौके पर पहुंच समाधान कर जाते हैं लेकिन अवैध रूप से लगे अन्य कम्पनियों के तारों के जाल से बिजली के खंभे मुक्त नहीं हो पा रहे। </p>
<p><strong>लोडिंग वाहन में फंसकर टूटा तार</strong><br />विज्ञान नगर स्थित छत्रपुरा तालाब मुख्य मार्ग पर बिजली के खंभों पर विभिन्न तरह के तार लटक रहे हैं। गत सप्ताह शाम के वक्त लोडिंग वाहनों के गुजरने के दौरान तार उलझकर टूट गए। इसके साथ बिजली का तार भी टूट गया। जिससे इलाके की बिजली गुल होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं क्षेत्रवासी</strong><br />संजय नगर निवासी सुलेमान अहमद, मोहम्मद शाहरुख,  कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि क्षेत्र में बिजली के तार काफी नीचे तक झूले हुए हैं। इलाके में दुकानों पर माल सप्लाई करने आते लोडिंग वाहनों में उलझकर तार टूट कर सड़क पर पड़े रहते हैं। बिजली गुल होने से सड़क पर अंधेरा रहता है, ऐसे में हादसे का खतरा बना रहता है।  छत्रपुरा तालाब व गांधी नगर निवासी रघुवीर सैन, रईस खान, मुख्तार अंसारी का कहना है, खंभों पर बिजली के तार के अलावा बड़ी संख्या में अन्य कम्पनियों के तार अवैध रूप से लगे हुए हैं। जिनका मेंटिनेंस नहीं होता। यह लटके रहते हैं। बरसात के दौरान हादसे का खतरा अधिक रहता है। नगर निगम व जेवीवीएनएल में भी शिकायत की थी लेकिन कोई सुनने वाला ही नहीं है। समस्या जस की तस बनी हुई है। </p>
<p> मामला संज्ञान में आया है। कहीं ऐसे हालात हैं तो टीम भेजकर दिखवाएं और जिन कम्पनियों के तार झूल रहे हैं, उनसे दुरुस्त करवाएंगे।<br /><strong>- शिवचरण सिंह, एसई जेवीवीएनएल</strong></p>
<p>बिजली के खंभों पर विद्युत तारों की नियमित देखरेख की जाती है। यदि, अनुमति प्राप्त कम्पनी के तार लटके हुए मिलते हैं तो उसकी शिकायत जेवीएनएनएल से करते हैं, अन्य कम्पनियों के तारों व केबलों को हम काट देते हैं। <br /><strong>-अनोमित्रो डोली, तकनीकी हैड केईडीएल </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Dec 2024 15:36:31 +0530</pubDate>
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