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                <title>Health Department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Health Department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जोधपुर में 24 घंटे में दो प्रसूताओं की मौत, मातृ स्वास्थ्य तंत्र पर उठे गंभीर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में प्रसूताओं की मौत के बढ़ते मामलों के बीच अब जोधपुर भी चिंता का केंद्र बन गया। गत 24 घंटे में दो प्रसूताओं की मौत ने सरकारी मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए। इससे पहले कोटा, बीकानेर और बांसवाड़ा में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। गंभीर तथ्य यह है कि गत एक माह में जोधपुर में 16 प्रसूताओं की हालत बिगड़ी, जिनमें से 7 महिलाएं अभी भी अस्पतालों में भर्ती। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/there-was-a-stir-in-the-health-department-two-mothers/article-160415"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(5)14.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान में प्रसूताओं की मौत के बढ़ते मामलों के बीच अब जोधपुर भी चिंता का केंद्र बन गया है। गत 24 घंटे में दो प्रसूताओं की मौत ने सरकारी मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इससे पहले कोटा, बीकानेर और बांसवाड़ा में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। गंभीर तथ्य यह है कि गत एक माह में जोधपुर में 16 प्रसूताओं की हालत बिगड़ी, जिनमें से 7 महिलाएं अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। </p>
<p>फिलहाल उम्मेद अस्पताल में 5 प्रसूताओं का इलाज जारी।</p>
<p>महात्मा गांधी अस्पताल में 2 प्रसूताएं भर्ती।</p>
<p>इन्हीं मरीजों में वह प्रसूता भी शामिल, जिसे हाल ही में गलत रक्त चढ़ाने के मामले के बाद गंभीर अवस्था में भर्ती कराया गया था।</p>
<p><strong>जवाब मांगते सवाल</strong><br />क्या गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में एनीमिया की समय पर पहचान और उपचार हो रहा है।<br />क्या जिला और उपजिला अस्पतालों में प्रसवोत्तर रक्तस्राव से निपटने की पर्याप्त व्यवस्था है।<br />क्या रेफ रल प्रणाली समय पर और प्रभावी ढंग से काम कर रही है।<br />क्या लगातार सामने आ रहे मामलों की स्वतंत्र चिकित्सकीय ऑडिट कराई जाएगी।</p>
<p><strong>पहला मामला: अत्यधिक रक्तस्राव ने ली जान</strong><br />तिंवरी अस्पताल में 24 जून को समू की सामान्य प्रसव के दौरान बच्ची हुई। प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। गंभीर स्थिति में उसे उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया,रक्तस्राव नहीं रुकने पर चिकित्सकों को उसकी बच्चेदानी निकालनी पड़ी। इसके बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ और उसे महात्मा गांधी अस्पताल भेजा गया। लगातार वेंटिलेटर, डायलिसिस व बड़े पैमाने पर रक्त, प्लाज्मा और अन्य रक्त घटक चढ़ाने के बावजूद रविवार देर रात उसकी मृत्यु हो गई। चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसे हाइपोवोलेमिक शॉक हुआ, जिससे किडनी सहित अन्य महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो गए।</p>
<p><strong>दूसरा मामला: 20 दिन इलाज के बाद मौत</strong><br />दूसरी प्रसूता डिंपल को 30 जून को मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसी दिन प्रसव हुआ। प्रसव के बाद उसकी तबीयत लगातार खराब बनी रही और लगभग 20 दिन इलाज चलता रहा। रविवार रात अचानक हालत बिगड़ने पर दोबारा अस्पताल लाया गयाए लेकिन चिकित्सक उसे बचा नहीं सके।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 09:26:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टैगोर ब्रांड सरसों के तेल के तीन बैचों पर रोक, असुरक्षित पाए जाने पर विभाग की बड़ी कार्रवाई </title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए एम/एस गोयल ऑयल उद्योग द्वारा निर्मित टैगोर ब्रांड सरसों के तेल के तीन बैचों की बिक्री, वितरण, निर्माण, भंडारण और प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से रोक। राज्य खाद्य प्रयोगशाला, जयपुर की जांच रिपोर्ट में इन बैचों को असुरक्षित पाए जाने के बाद यह कार्रवाई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/major-action-taken-by-department-after-ban-on-three-batches/article-159446"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/helath-department-.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए एम/एस गोयल ऑयल उद्योग द्वारा निर्मित टैगोर ब्रांड सरसों के तेल के तीन बैचों की बिक्री, वितरण, निर्माण, भंडारण और प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। राज्य खाद्य प्रयोगशाला, जयपुर की जांच रिपोर्ट में इन बैचों को असुरक्षित पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण डॉ. टी. शुभमंगला द्वारा जारी आदेश के अनुसार टैगोर ब्रांड सरसों के तेल के बैच नंबर 01, 02 और 10 खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत असुरक्षित घोषित किए गए हैं। इन बैचों पर लगाया गया प्रतिबंध प्रारंभिक रूप से दो माह अथवा नियमानुसार निर्धारित अवधि तक प्रभावी रहेगा।</p>
<p>मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर प्रथम के अभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) डॉ. रवि शेखावत ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि उनके पास इन बैचों का सरसों का तेल उपलब्ध है तो उसका उपयोग नहीं करें और संबंधित विक्रेता को वापस कर दें। वहीं सभी थोक एवं खुदरा विक्रेताओं को भी प्रतिबंधित बैच का स्टॉक तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित उत्पाद की बिक्री या भंडारण पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं से खाद्य पदार्थ खरीदते समय ब्रांड, बैच नंबर और निर्माण व समाप्ति तिथि की जांच करने की अपील भी की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/major-action-taken-by-department-after-ban-on-three-batches/article-159446</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 16:04:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान में इबोला की आशंका से स्वास्थ्य विभाग सतर्क, आर यू एच एस में विदेशी महिला आइसोलेशन में भर्ती </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में इबोला वायरस के संभावित संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर। युगांडा से पर्यटन के लिए आई एक विदेशी महिला में इबोला जैसे लक्षण मिलने के बाद उसे जयपुर के RUHS अस्पताल में विशेष निगरानी में रखा गया। फिलहाल महिला को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज और जांच की प्रक्रिया जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/health-department-alert-due-to-fear-of-ebola-in-rajasthan/article-156066"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ebloa.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में इबोला वायरस के संभावित संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। युगांडा से पर्यटन के लिए आई एक विदेशी महिला में इबोला जैसे लक्षण मिलने के बाद उसे जयपुर के RUHS अस्पताल में विशेष निगरानी में रखा गया है। फिलहाल महिला को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज और जांच की प्रक्रिया जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार महिला में कुछ ऐसे लक्षण पाए गए हैं, जो इबोला संक्रमण से मेल खाते हैं। हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि केवल लक्षणों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। संक्रमण की पुष्टि के लिए महिला के सैंपल पुणे स्थित राष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशाला में भेजे गए हैं।</p>
<p>रिपोर्ट आज शाम या शुक्रवार सुबह तक आने की संभावना जताई जा रही है। RUHS अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि एहतियात के तौर पर सभी जरूरी प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं और मरीज की लगातार निगरानी की जा रही है। उधर, वैश्विक स्तर पर इबोला के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ाई है। हालांकि भारत में अब तक इबोला संक्रमण का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 12:28:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> सब-डर्मल इम्प्लांट इंसर्शन प्रशिक्षण सह कार्यशाला : आधुनिक गर्भनिरोधक सेवाओं को सुदृढ़ करना उद्देश्य, विशेषज्ञ हुए शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[उम्मेद अस्पताल में UNFPA और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आधुनिक गर्भनिरोधक सब-डर्मल इम्प्लांट पर कार्यशाला आयोजित हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि यह विधि तीन वर्षों तक सुरक्षित सुरक्षा देती है। जोधपुर में अब तक 1300 सफल इम्प्लांट हो चुके हैं। अब यह सुविधा जिला चिकित्सालय महिलाबाग में भी सुलभ होगी, जिससे परिवार नियोजन सेवाओं को मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/promotion-of-modern-contraceptive-services-in-jodhpur-two-day-sub-dermal-implant/article-151567"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)52.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। शहर के उम्मेद अस्पताल में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय सब-डर्मल इम्प्लांट इंसर्शन प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले में आधुनिक गर्भनिरोधक सेवाओं को सुदृढ़ करना और स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता बढ़ाना रहा। इस प्रशिक्षण में उम्मेद अस्पताल, मथुरा दास माथुर अस्पताल, महिलाबाग जिला चिकित्सालय और एम्स जोधपुर के वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। साथ ही जैसलमेर जिले से भी विशेषज्ञ इस कार्यशाला में शामिल हुए।</p>
<p>प्रशिक्षण सत्रों का संचालन डॉ. ओबी नागर (जयपुर) और डॉ. संतोष खोखर (जोधपुर) ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। राज्य कार्यक्रम अधिकारी कृष्ण गोपाल सोनी ने एसडी इम्प्लांट की राज्य स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता के आंकड़े साझा किए, जबकि जिला स्तर पर समन्वय डॉ. गिरीश माथुर ने किया। कार्यशाला में बताया गया कि सब-डर्मल इम्प्लांट एक सुरक्षित, प्रभावी और दीर्घकालिक गर्भनिरोधक विधि है, जो महिलाओं को लगभग तीन वर्षों तक गर्भधारण से सुरक्षा देती है। इसे प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी द्वारा महिला की बांह में लगाया जाता है और प्रसव या गर्भपात के तुरंत बाद भी उपयोग किया जा सकता है। जोधपुर जिले में इस सुविधा की शुरुआत जनवरी 2025 में हुई थी और अब तक करीब 1300 सफल इम्प्लांट इंसर्शन किए जा चुके हैं। यह सेवाएं एम्स, उम्मेद अस्पताल, मथुरा दास माथुर अस्पताल और जिला चिकित्सालय पावटा में उपलब्ध हैं। अब महिलाबाग जिला चिकित्सालय में भी यह सुविधा शुरू की जा रही है, जिससे आमजन को और अधिक सुलभ सेवाएं मिल सकेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/promotion-of-modern-contraceptive-services-in-jodhpur-two-day-sub-dermal-implant/article-151567</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:12:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एंबुलेंस कर्मचारियों की जल्द बहाली का आश्वासन, राठौड़ ने अधिकारियों से की वार्ता </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने राजेंद्र राठौड़ से मुलाकात कर अपनी बेरोजगारी की समस्या उठाई। राठौड़ की मध्यस्थता के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में सकारात्मक वार्ता हुई। अधिकारियों ने 104 जननी एक्सप्रेस सेवा को जल्द पुनः शुरू करने का भरोसा दिलाया है, जिससे हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rathore-talks-to-officials-assuring-early-reinstatement-of-ambulance-staff/article-151479"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rajendra-rathore.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को 104 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि सुबह एंबुलेंस कर्मचारी राठौड़ के निवास पर पहुंचे और अपनी बेरोजगारी की समस्या से अवगत कराया। इस पर राठौड़ ने कर्मचारियों की बात गंभीरता से सुनी और आश्वासन दिया कि वे तुरंत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव से बात करेंगे, ताकि जल्द सेवा बहाल की जा सके।</p>
<p>शेखावत के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे राठौड़ का फोन आया, जिसमें उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा से उनकी बातचीत हो चुकी है और दोपहर 12:30 बजे का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय सचिवालय में अखिल अरोड़ा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए भरोसा दिलाया कि 104 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा को जल्द ही पुनः शुरू किया जाएगा। शेखावत ने बताया कि इस पहल के लिए सभी एंबुलेंस कर्मचारियों ने राठौड़ का आभार व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 16:43:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भू्रण लिंग जांच में लिप्त गिरोह का भंडाफोड़ : गर्भ में लिंग जांच के लेते थे 80 हजार; फ्लैट से पोर्टेबल मशीन भी जब्त, डॉ राजावत सहित  एक महिला, एक पुरुष गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान PCPNDT टीम ने जयपुर में डिकॉय ऑपरेशन कर अवैध भ्रूण लिंग जांच गिरोह को दबोचा है। डॉ. शेरसिंह समेत तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए, जबकि मुख्य आरोपी हरी कुमावत आदतन अपराधी और बिना डिग्री जांचकर्ता निकला। टीम ने 80 हजार रुपये और पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन जब्त कर फ्लैट में चल रहे इस काले कारोबार को उजागर किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gang-involved-in-fetal-sex-determination-busted-rs-80000-used/article-147126"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jaipur-crime.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चिकित्सा विभाग की पीसीपीएनडीटी सैल की टीम ने गुरूवार को जयपुर के सांगानेर-मानसरोवर इलाके में गर्भ में भू्रण लिंग जांच करने वाले गिरोहों का डिकॉय ऑपरेशन कर भंडाफोड किया है। इस ऑपरेशन के दौरान मुहाना रोड के केसर चौराहे पर कुबेर हैल्थ केयर क्लिनिक से 48 वर्षीय दौसा निवासी डॉ.शेरसिंह राजावत सहित एक व्यक्ति और एक महिला को पकड़ा है। बाकी एक व्यक्ति अभी फरार है। वहीं सोनोग्राफी से भू्रण लिंग जांच करने की पोर्टेबेल मशीन भी जब्त की गई है।  एनएचएम के निदेशक डॉ.अमित यादव ने बताया कि मुखबिर से सूचना के बाद पीसीपीएनडीटी सैल के सीआई सत्यपाल यादव के नेतृत्व में टीम गठित की। एक गर्भवती महिला को इसके लिए तैयार किया गया। </p>
<p>महिला को डॉ.शेर सिंह के क्लीनिक पर भेजा गया। जहां जांच की एवज में महिला से 80 हजार रूपए लिए गए। इसके बाद महिला को जगबीर नाम का व्यक्ति अपनी गाड़ी में बिठाकर सांगानेर के चौरडिया पेट्रोल पंप लेकर गया। यहां से उसे दूसरा व्यक्ति कोटपूतली निवासी हरी कुमावत अपनी सेंट्रो कार में मयूर रेजीडेंसी के फ्लैट नंबर 16 में ले गया। जहां पोर्टेबल मशीन से जांच कर भू्रण लिंग जांच में गर्भ में बेटी होना बताया। गर्भवती का इशारा मिलती ही टीम ने मौके से झूंझुनूं की हनुमानपुरा की शिला देवी और हरी कुमावत को दबोचा। डॉक्टर को पहले ही पकड़ लिया गया था। </p>
<p><strong>आदतन अपराधी है कुमावत, बिना डिग्री जांच करता है  </strong></p>
<p>पीसीपीएनडीटी के पीडी डॉ.राकेश मीणा ने बताया कि हरी कुमावत आदतन अपराधी है। पहले भी भू्रण लिंग जांच में उस पर दो एफआईआर दर्ज है। केवल दसवीं पास है और बिना डिग्री जांच करता है। पकड़ी गई महिला शिला देवी भी कम पढ़ी लिखी है। वह भी कुमावत के पास महिलाओं को जांच को भेजती थी। डॉक्टर की डिग्री की भी जांच चल रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 09:28:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शुद्ध आहार–मिलावट पर वार: 650 किलोग्राम मिलावटी पनीर मौके पर नष्ट, खाद्य सुरक्षा दल की कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य सुरक्षा विभाग ने मदीना डेयरी पर छापा मारकर 650 किलो मिलावटी पनीर नष्ट किया, नमूने लिए गए, फर्म को नोटिस जारी होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pure-food-%E2%80%93-attack-on-adulteration-650-kg-of-adulterated/article-142513"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(21)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शुद्ध आहार – मिलावट पर वार अभियान के अंतर्गत आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशानुसार एवं अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में प्राप्त सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल, जयपुर प्रथम द्वारा मदीना डेयरी एंड बेकर्स, बालाजी की कोठी, चौकड़ी तोपखाना, हजूरी घाट गेट, जयपुर पर निरीक्षण की कार्रवाई की गई।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान मौके पर रखे गए लगभग 650 किलोग्राम पनीर के संबंध में खाद्य कारोबारकर्ता एवं फर्म मालिक मुस्तफा खान से जांच-पड़ताल की गई। पूछताछ में फर्म मालिक द्वारा पनीर को 200 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से रामगढ़, अलवर से मंगवाना बताया गया। साथ ही यह भी स्वीकार किया गया कि उक्त पनीर तेल, मिल्क पाउडर आदि से तैयार किया गया है।</p>
<p>खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत मौके से पनीर का नमूना संग्रहित किया गया तथा जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शेष लगभग 650 किलोग्राम मिलावटी पनीर को मौके पर ही नष्ट करवाया गया।</p>
<p>इस संबंध में अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के क्रम में संबंधित फर्म को नोटिस जारी किया जाएगा एवं नमूना जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे संदिग्ध एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों की सूचना विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर जनस्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 18:04:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एपीओ चल रहे 956 डॉक्टरों को लंबे इंतजार के बाद मिली पोस्टिंग, मरीजों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग आदेश जारी कर 900 से अधिक डॉक्टरों को नई पोस्टिंग दी। ये सभी डॉक्टर पिछले तीन माह या उससे अधिक समय से एपीओ की स्थिति में चल रहे थे। विभागीय आदेशों के अनुसार कुल 956 डॉक्टरों को प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में नियुक्त किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/956-doctors-running-apo-got-posting-after-long-wait-patients/article-141217"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)68.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग आदेश जारी कर 900 से अधिक डॉक्टरों को नई पोस्टिंग दी है। ये सभी डॉक्टर पिछले तीन माह या उससे अधिक समय से एपीओ (कार्य प्रतीक्षा) की स्थिति में चल रहे थे। विभागीय आदेशों के अनुसार कुल 956 डॉक्टरों को प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में नियुक्त किया गया है। जारी सूची में एनेस्थीसिया, दंत रोग, जनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, टीबी, त्वचा रोग, ऑर्थोपेडिक, नेत्र रोग सहित अन्य विषयों के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं। इनमें से अधिकांश डॉक्टर किसी न किसी विषय में स्नातकोत्तर (पीजी) योग्यता प्राप्त हैं। इन डॉक्टरों को प्रदेशभर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), उप जिला अस्पताल, जिला अस्पताल, सेटेलाइट अस्पताल सहित अन्य बड़े सरकारी अस्पतालों में पदस्थापित किया गया है।</p>
<p>लंबे समय से एपीओ चल रहे इन चिकित्सकों को बिना कार्य के वेतन-भत्तों का भुगतान हो रहा था, जिससे सरकारी खजाने पर भी भार पड़ रहा था। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती से मरीजों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। अभी तक कई सीएचसी और जिला स्तर के अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी के कारण छोटी सर्जरी और विशेष उपचार प्रभावित हो रहे थे। अब नई पोस्टिंग के बाद इन स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार सुविधाएं बेहतर होंगी और मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों की ओर रेफर होने से भी राहत मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 18:36:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह चरमराया, जूली ने कहा- राज्य सरकार को नहीं पता कि कौन सी दवा बांटी जा रही</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा है कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह चरमरा गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-health-department-of-rajasthan-completely-crumble-julie-said-the/article-128814"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/tikaram-jully.png" alt=""></a><br /><p>झुंझुनू। राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा है कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह चरमरा गया है। जूली रविवार को झुंझुनू में संगठन सृजन अभियान में शामिल होने आए थे। इस दौरान उन्होंने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान में जिन दवाओं की जरूरत है, वे खरीदी नहीं जा रही हैं और जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, उन्हें मुफ्त में बांटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में दिल्ली में जिस कंपनी को दुष्प्रभाव वाली दवाएं बनाने के कारण प्रतिबंधित किया गया था, राजस्थान में वही सिरप बच्चों को बांटा जा रहा है। </p>
<p>जूली ने कहा कि यह बहुत बड़ी लापरवाही है। राज्य सरकार को यह तक नहीं पता कि कौन सी दवा बांटी जा रही है। वह राज्य के अस्पतालों की स्थिति देखने के बजाय दिल्ली दौरों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। बाड़मेर में दवा नहीं मिलने से बच्ची की मौत हो गई है। कई जगह चिकित्सक नहीं हैं और अस्पतालों में अपर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं हैं। यह सरकार लोगों की जान से खेल रही है। </p>
<p>उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के प्रदेशाध्यक्ष की गिरफ्तारी पर भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा शासन में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। हमारे बच्चे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोगों ने उन पर लाठियां बरसाईं। शिक्षा के मंदिरों को राजनीतिक अखाड़ा बनाया जा रहा है। यह वही आरएसएस है जिस पर सरदार पटेल ने प्रतिबंध लगा दिया था। </p>
<p> जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्हें अब मोदी चालीसा पढऩा बंद कर जनता के दुखदर्द पर ध्यान देना चाहिए। राजस्थान की जनता ने उन्हें सत्ता दी है, लेकिन वे सत्ता के अहंकार में डूब गए हैं। जनता ने इसलिए नहीं जिताया कि वे दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाएं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को समझना चाहिए कि जनता की सेवा ही सच्ची राजनीति है। राज्य में पेंशन योजना से लेकर स्वास्थ्य तंत्र तक सब कुछ चरमराया हुआ है, लेकिन मुख्यमंत्री राजनीतिक कार्यक्रमों और दिल्ली दौरों में व्यस्त हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Oct 2025 18:44:35 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कोटा के बड़े मंदिरों के प्रसाद की अब होगी जांच</title>
                                    <description><![CDATA[मंदिर, गुरुद्वारा, भंडारे, प्रसाद की दुकानों की होगी जांच।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-now-the-prasad-of-big-temples-of-kota-will-be-inspected/article-91350"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/427rtrer-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दक्षिण भारत के तिरुपति मंदिर में बनने वाले लड्डू प्रसाद में जानवरों की चर्बी और मछली के तेल मिलाए जाने की खबरों के बाद पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है। कोटा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की भी अलर्ट मोड पर आ गया है। शहर के विभिन्न मंदिरों के बाहर लगी प्रसाद की दुकानों, प्रसाद और भंडारे और लंगर के अलावा बड़े मंदिरों के प्रसाद की भी जांच के लिए तैयारियां कर ली है। 23 से 26 सितंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिसमें सभी बड़े मंदिरों और उसके बाहर बिकने वाली प्रसाद सामग्री की जांच व नमूने लिए जाएंगे। खाद्य सुरक्षा टीम की ओर से 23 से शुरू होने वाले अभियान को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली है। सीएमएचओ डॉ. जगदीश कुमार सोनी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।  इसके तहत कोटा के ऐसे बड़े मंदिरों, जहां प्रसाद मंदिरों में तैयार होते हैं और भक्तों को वितरित किए जाते हैं वहां अब प्रसाद की जांच की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से यह अभियान 23 सितंबर से 26 सितंबर तक चलाया जाएगा। इस दौरान मंदिरों में तैयार होने वाले प्रसाद के नमूने लिए जाएंगे। बड़े मंदिर, जिनमें सवामणि और अन्य प्रायोजन नियमित रूप से किए जाते हैं और भोग लगाकर प्रसाद वितरित किए जाते हैं, उन सभी में तीन से पांच दिन का एक विशेष निरीक्षण व नमूनीकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सभी मंदिरों में बनने वाले प्रसाद और सवामणि में बनने वाले विभिन्न खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांची जाएगी। </p>
<p><strong>देवस्थान विभाग आया अलर्ट मोड पर </strong><br />कोटा बूंदी जिले के सभी देवस्थान विभाग के अधीन आने वाले मंदिर में बनने वाले प्रसाद सामग्री की गुणवत्ता के लिए सभी पुजारियों को विभाग की ओर से दिशा निर्देश जारी कर दिए है। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता युक्त खरीदने के लिए कहा गया है। </p>
<p><strong>मंदिरों ने किया सर्टिफिकेट के लिए आवेदन </strong><br />राजस्थान के बड़े मंदिरों को हाल ही में ईट राइट सर्टिफिकेट जारी किया गया था और जयपुर का मोती डूंगरी गणेश मंदिर पहला मंदिर था, जिसे ये सर्टिफिकेट मिला था। इसके अलावा प्रदेश से कुल 54 मंदिरों की ओर से सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया गया है। उनका भी वेरिफिकेशन किया जाएगा, जिसमें प्रसाद की गुणवत्ता के साथ गंदगी, हाइजीन का निरीक्षण किया जाएगा। राजस्थान में अब तक 14 धार्मिक स्थलों व मंदिरों के पास भोग का प्रमाणपत्र है। दरअसल, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने इट राइट प्रोग्राम के तहत भोग के लिए एक सर्टिफिकेशन स्कीम शुरू की है। इस स्कीम के तहत धार्मिक स्थलों पर प्रसाद बेचने वाले वेंडर्स और खाने-पीने की चीजों का सर्टिफिकेट दिया जाता है और ये सर्टिफिकेट दो साल तक मान्य होते हैं।<br /><strong>- पंकज ओझा अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त</strong></p>
<p>कोटा जिले के सभी मंदिरों, गुरुद्वारा के बाहर प्रसाद सामग्री बेचने वालों के सैंपल 23 सितंबर से लिए जाएंगे। जहां प्रसाद तैयार होता या भंडारे या सवामणि का आयोजन होता है। वहां के भी सैंपल लिए जाएंगे। इसके लिए टीम अलर्ट मोड पर है। जयपुर से कोटा सर्टिफिकेट के लिए आवेदन वाली लिस्ट आने के बाद उन मंदिरों की गुणवत्ता भी चेक किए जाएंगे। प्रदेश से कुल 54 मंदिरों की ओर से सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया गया है। उनमें कोटा कोई मंदिर है तो उनका भी वेरिफिकेशन किया जाएगा, जिसमें प्रसाद की गुणवत्ता के साथ गंदगी, हाइजीन का निरीक्षण किया जाएगा। <br /><strong>- संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा</strong></p>
<p>देवस्थान के सभी मंदिरों में भोग सामग्री कच्ची बाजार से पुजारी खरीदकर लाते है और स्वयं भोग तैयार करते है। वैसे सभी पुजारियों को गुणवत्ता युक्त भोग तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए है। बाजार से लाए जाने वाले घी तेल की गुणवत्ता जांच कर ही उपयोग में लेने के निर्देश दिए। <br /><strong>- ऋचा बल्देवा, सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Sep 2024 17:26:37 +0530</pubDate>
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                <title>Food Poisoning से शादी समारोह में लोगों की बिगड़ी तबीयत, एक बच्ची की स्थिति गंभीर</title>
                                    <description><![CDATA[नाश्ते में मावे से बनी रबड़ी खाने के करीब दो घंटे बाद लोगों को उल्टी दस्त होना शुरू हो गई, जिससे लगभग 80 से 90 लोग बीमार हो गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/health-of-people-deteriorated-at-wedding-ceremony-due-to-food/article-79005"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/6633-copy54.jpg" alt=""></a><br /><p>लालसोट। उपखंड क्षेत्र के बिलौना कलां ग्राम में तलाई वाली ढ़ाणी में आयोजित विवाह समारोह में भात भरने आए रिश्तेदारों को फूड प्वाइजनिंग हो गया। पेट दर्द, उल्टियां एवं दस्त की शिकायतें आने पर सभी को उपचार के लिए बगड़ी सीएचसी भर्ती कराया गया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार बिलौना कला ग्राम की तलाई वाली ढाणी में भरत लाल मीणा के बेटे की शादी है, जिसका मांडा था। भरत लाल के ससुराल वाले भात भरने आए थे, यहां नाश्ते में मावे से बनी रबड़ी खाने के करीब दो घंटे बाद सभी को उल्टी दस्त होना शुरू हो गई, जिससे लगभग 80 से 90 लोग बीमार हो गए। सभी की तबीयत बिगड़ने पर विवाह समारोह के दौरान हड़कंप मच गया। सभी को उपचार के लिए बगड़ी सीएचसी एवं लालसोट जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया।</p>
<p>इस मामले की सूचना मिलते ही सीएमएचओ डॉ. सीताराम मीना एवं बीसीएमओ लालसोट डॉ. पवन जैन बगड़ी सीएचसी पहुंचे एवं मेडिकल टीम को सभी का उपचार किए जाने के निर्देश दिए। बीसीएमओ डॉ.पवन जैन ने बताया कि रात्रि को करीब 80 से 90 लोग फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए, जिन्हें सीएचसी बगड़ी एवं लालसोट जिला चिकित्सालय में भर्ती कर उपचार कराया गया। उन्होंने बताया कि 27 पीड़ितों को जिला चिकित्सालय लालसोट भेजा गया। यहां डॉ.अनुराग दैमन एवं डॉ.टीकम नर्सिंग स्टाफ के साथ सभी के उपचार में जुटे नजर आए। जहां सभी का उपचार कर डिस्चार्ज होने पर उन्हें घर भेजा गया। उन्होंने बताया कि एक 5 वर्षीय बच्ची मीनाक्षी की स्थिति गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि अब स्थिति कंट्रोल में है तथा सभी पीडित स्वस्थ होकर लौट गए हैं। बीसीएमओ डॉ.जैन ने बताया कि खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए हैं, जिनकी लैबोरेट्री से जांच के बाद ही आवश्यक कार्रवाई की जावेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 May 2024 11:47:31 +0530</pubDate>
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                <title>मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[डब्ल्यूएचओ के मुताबिक निपाह वायरस चमगादड़ और सूअर जैसे जानवरों से इंसानों में फैलता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/instructions-for-checking-travel-history-of-patients/article-57752"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/marizo-ki-travel-history-khangalne-k-nirdesh...kota-news-22-09-2023.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा। केरल में निपाह वायरस के केस मिलने और मौत होने के बाद राज्य सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने भी इसको लेकर अलर्ट और एडवाइजरी जारी की है। इसमें राज्य सभी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और सभी जिलों के सीएमएचओ को अलर्ट जारी करते हुए जांच और ट्रीटमेंट के लिए हेल्थ वर्कर्स को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए है। साथ ही दक्षिण भारत खासकर उन राज्यों से जहां इस वायरस के केस मिल रहे हैं, वहां से आने वाले यात्रियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं । मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट के डायरेक्टर से जारी एडवाइजरी के मुताबिक केरल में 7 केस मिलने और 2 मरीजों की मौत होने के बाद इसके फैलने का खतरा दूसरे राज्यों में बढ़ गया है। ऐसे में अगर कोई इस तरह के लक्षण वाला मरीज आता है तो उसके जांच के सैंपल लेकर उसे भिजवाए। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक निपाह वायरस चमगादड़ और सूअर जैसे जानवरों से इंसानों में फैलता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह वायरस एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है। हालांकि केरल में  मंगलवार को 71 सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजे गए थे जिसमें से सभी निगेटिव पाए गए हैं। इसके अलावा 200 से अधिक हाई रिस्क वालों की भी रिपोर्ट निगेटिव आई है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है सभी लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए प्रयास करते रहना चाहिए।</p>
<p><strong>30 शहरों में जोखिम को लेकर किया अलर्ट</strong><br />सीएमएचओं ने बताया कि दक्षिणी राज्य केरल इन दिनों गंभीर और जानलेवा निपाह वायरस की चपेट में है। संक्रमण के कारण अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, सात लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई थी। केरल का कोझिकोड जिला संक्रमण के सबसे ज्यादा चपेट में है, इसके अलावा करीब 30 शहरों में जोखिमों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। केरल में संक्रमण के खतरे को देखते हुए आसपास के राज्यों को भी सतर्क किया गया है। विशेषज्ञो के अनुसार कोरोना की तुलना में निपाह गंभीर संक्रमण और जोखिमों को बढ़ाने वाला हो सकता है, इसका मृत्युदर भी अधिक हो सकता है, जो फिलहाल चिंता का विषय है।</p>
<p><strong>ट्रेवल हिस्ट्री पता करने के निर्देश</strong><br />सीएमएचओं डॉ. जगदीश कुमार सोनी ने बताया कि एडवाइजरी में अगर इस तरह का कोई लक्षण वाला मरीज हॉस्पिटल में दिखाने आता है तो उसकी ट्रैवल हिस्ट्री जाननी जाएगी। अगर वह केरल या उसके आसपास के स्टेट जहां इस वायरस के केस मिले हो तो उसकी तुरंत जांच के लिए सैंपल भिजवाने के निर्देश जारी किए है। </p>
<p><strong>ये  लक्षण दिखाई दें तो बरतें सावधानी</strong><br />डिप्टी सीएमएचओं डॉ. घनश्याम मीणा  ने बताया कि निपाह के जोखिमों को लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। इसके लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान दें। संक्रमितों को शुरूआत में फ्लू जैसे लक्षण होते हैं। निपाह वायरस मुख्य रूप से फेफड़ों और मस्तिष्क पर अटैक करता है। इसके लक्षणों में खांसी और गले में खराश से लेकर तेजी से सांस लेने, बुखार-मतली और उल्टी जैसी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में, इसके कारण इन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क की सूजन) हो सकती है, जो कोमा और मृत्यु के खतरे को बढ़ाने वाली मानी जाती है।इस मुख्य लक्षणों में बुखार आना, सिरदर्द, कफ बनना, गले में खराश होना, सांस में तकलीफ और उल्टी होना इस वायरस की चपेट में आए मरीज के सामान्य लक्षण है। </p>
<p><strong>कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों को रहना होगा सावधान</strong><br />विशेषज्ञों का कहना है कि इस जानलेवा संक्रमण का खतरा किसी को भी हो सकता है, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में इसके जोखिम देखे जाते रहे हैं। संक्रमित व्यक्ति या जानवर के संपर्क में आने वाले किसी भी व्यक्ति को यह बीमारी हो सकती है। जिन लोगों की रोग प्रतिरक्षा कमजोर है उनमें इस रोग के कारण गंभीर समस्याओं के विकसित होने का जोखिम अन्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है, ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। </p>
<p><strong>संक्रमण से बचाने को रखनी होगी सावधानी</strong><br />डॉक्टरों का कहना है कि  निपाह संक्रमण से बचाव के लिए कोई भी टीका उपलब्ध नहीं है, इसके अलावा संक्रमण से बचाव के लिए कोई विशिष्ट दवा भी नहीं है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को बचाव के लिए सुरक्षात्मक उपायों का पालन करते रहने की सलाह दे रहे है। निवारक उपायों में सावधानियां बरतने के साथ, हाथ की स्वच्छता का ध्यान रखकर जोखिमों को कम किया जा सकता है। जिन राज्यों में इसका जोखिम अधिक हैं वहां सभी लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सभी चिकित्सा अधिकारियों व सीएचसी पीएचसी पर निपाह वायरस को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय से जारी गाइड लाइन की पालना करने और दक्षिण भारत से आने वाले लोगों की केस हिस्ट्री की जानकारी लेने के निर्देश जारी किया है। साथ लोगों से अपील की जा रही है।  केरल व संक्रमित शहरों में जाने से बचने के लिए कहा जा रहा है। अस्पताल में निपाह के लक्षणों वाले मरीजों की जांच कराने के भी  निर्देश जारी किए। सभी को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया। <br /><strong>- डॉ. जगदीश कुमार सोनी, सीएमएचओं कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Sep 2023 16:34:06 +0530</pubDate>
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