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                <title>Health Department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Health Department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> सब-डर्मल इम्प्लांट इंसर्शन प्रशिक्षण सह कार्यशाला : आधुनिक गर्भनिरोधक सेवाओं को सुदृढ़ करना उद्देश्य, विशेषज्ञ हुए शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[उम्मेद अस्पताल में UNFPA और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आधुनिक गर्भनिरोधक सब-डर्मल इम्प्लांट पर कार्यशाला आयोजित हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि यह विधि तीन वर्षों तक सुरक्षित सुरक्षा देती है। जोधपुर में अब तक 1300 सफल इम्प्लांट हो चुके हैं। अब यह सुविधा जिला चिकित्सालय महिलाबाग में भी सुलभ होगी, जिससे परिवार नियोजन सेवाओं को मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/promotion-of-modern-contraceptive-services-in-jodhpur-two-day-sub-dermal-implant/article-151567"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)52.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। शहर के उम्मेद अस्पताल में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय सब-डर्मल इम्प्लांट इंसर्शन प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले में आधुनिक गर्भनिरोधक सेवाओं को सुदृढ़ करना और स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता बढ़ाना रहा। इस प्रशिक्षण में उम्मेद अस्पताल, मथुरा दास माथुर अस्पताल, महिलाबाग जिला चिकित्सालय और एम्स जोधपुर के वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। साथ ही जैसलमेर जिले से भी विशेषज्ञ इस कार्यशाला में शामिल हुए।</p>
<p>प्रशिक्षण सत्रों का संचालन डॉ. ओबी नागर (जयपुर) और डॉ. संतोष खोखर (जोधपुर) ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। राज्य कार्यक्रम अधिकारी कृष्ण गोपाल सोनी ने एसडी इम्प्लांट की राज्य स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता के आंकड़े साझा किए, जबकि जिला स्तर पर समन्वय डॉ. गिरीश माथुर ने किया। कार्यशाला में बताया गया कि सब-डर्मल इम्प्लांट एक सुरक्षित, प्रभावी और दीर्घकालिक गर्भनिरोधक विधि है, जो महिलाओं को लगभग तीन वर्षों तक गर्भधारण से सुरक्षा देती है। इसे प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी द्वारा महिला की बांह में लगाया जाता है और प्रसव या गर्भपात के तुरंत बाद भी उपयोग किया जा सकता है। जोधपुर जिले में इस सुविधा की शुरुआत जनवरी 2025 में हुई थी और अब तक करीब 1300 सफल इम्प्लांट इंसर्शन किए जा चुके हैं। यह सेवाएं एम्स, उम्मेद अस्पताल, मथुरा दास माथुर अस्पताल और जिला चिकित्सालय पावटा में उपलब्ध हैं। अब महिलाबाग जिला चिकित्सालय में भी यह सुविधा शुरू की जा रही है, जिससे आमजन को और अधिक सुलभ सेवाएं मिल सकेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:12:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एंबुलेंस कर्मचारियों की जल्द बहाली का आश्वासन, राठौड़ ने अधिकारियों से की वार्ता </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने राजेंद्र राठौड़ से मुलाकात कर अपनी बेरोजगारी की समस्या उठाई। राठौड़ की मध्यस्थता के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में सकारात्मक वार्ता हुई। अधिकारियों ने 104 जननी एक्सप्रेस सेवा को जल्द पुनः शुरू करने का भरोसा दिलाया है, जिससे हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rathore-talks-to-officials-assuring-early-reinstatement-of-ambulance-staff/article-151479"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rajendra-rathore.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को 104 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि सुबह एंबुलेंस कर्मचारी राठौड़ के निवास पर पहुंचे और अपनी बेरोजगारी की समस्या से अवगत कराया। इस पर राठौड़ ने कर्मचारियों की बात गंभीरता से सुनी और आश्वासन दिया कि वे तुरंत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव से बात करेंगे, ताकि जल्द सेवा बहाल की जा सके।</p>
<p>शेखावत के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे राठौड़ का फोन आया, जिसमें उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा से उनकी बातचीत हो चुकी है और दोपहर 12:30 बजे का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय सचिवालय में अखिल अरोड़ा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए भरोसा दिलाया कि 104 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा को जल्द ही पुनः शुरू किया जाएगा। शेखावत ने बताया कि इस पहल के लिए सभी एंबुलेंस कर्मचारियों ने राठौड़ का आभार व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 16:43:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भू्रण लिंग जांच में लिप्त गिरोह का भंडाफोड़ : गर्भ में लिंग जांच के लेते थे 80 हजार; फ्लैट से पोर्टेबल मशीन भी जब्त, डॉ राजावत सहित  एक महिला, एक पुरुष गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान PCPNDT टीम ने जयपुर में डिकॉय ऑपरेशन कर अवैध भ्रूण लिंग जांच गिरोह को दबोचा है। डॉ. शेरसिंह समेत तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए, जबकि मुख्य आरोपी हरी कुमावत आदतन अपराधी और बिना डिग्री जांचकर्ता निकला। टीम ने 80 हजार रुपये और पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन जब्त कर फ्लैट में चल रहे इस काले कारोबार को उजागर किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gang-involved-in-fetal-sex-determination-busted-rs-80000-used/article-147126"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jaipur-crime.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चिकित्सा विभाग की पीसीपीएनडीटी सैल की टीम ने गुरूवार को जयपुर के सांगानेर-मानसरोवर इलाके में गर्भ में भू्रण लिंग जांच करने वाले गिरोहों का डिकॉय ऑपरेशन कर भंडाफोड किया है। इस ऑपरेशन के दौरान मुहाना रोड के केसर चौराहे पर कुबेर हैल्थ केयर क्लिनिक से 48 वर्षीय दौसा निवासी डॉ.शेरसिंह राजावत सहित एक व्यक्ति और एक महिला को पकड़ा है। बाकी एक व्यक्ति अभी फरार है। वहीं सोनोग्राफी से भू्रण लिंग जांच करने की पोर्टेबेल मशीन भी जब्त की गई है।  एनएचएम के निदेशक डॉ.अमित यादव ने बताया कि मुखबिर से सूचना के बाद पीसीपीएनडीटी सैल के सीआई सत्यपाल यादव के नेतृत्व में टीम गठित की। एक गर्भवती महिला को इसके लिए तैयार किया गया। </p>
<p>महिला को डॉ.शेर सिंह के क्लीनिक पर भेजा गया। जहां जांच की एवज में महिला से 80 हजार रूपए लिए गए। इसके बाद महिला को जगबीर नाम का व्यक्ति अपनी गाड़ी में बिठाकर सांगानेर के चौरडिया पेट्रोल पंप लेकर गया। यहां से उसे दूसरा व्यक्ति कोटपूतली निवासी हरी कुमावत अपनी सेंट्रो कार में मयूर रेजीडेंसी के फ्लैट नंबर 16 में ले गया। जहां पोर्टेबल मशीन से जांच कर भू्रण लिंग जांच में गर्भ में बेटी होना बताया। गर्भवती का इशारा मिलती ही टीम ने मौके से झूंझुनूं की हनुमानपुरा की शिला देवी और हरी कुमावत को दबोचा। डॉक्टर को पहले ही पकड़ लिया गया था। </p>
<p><strong>आदतन अपराधी है कुमावत, बिना डिग्री जांच करता है  </strong></p>
<p>पीसीपीएनडीटी के पीडी डॉ.राकेश मीणा ने बताया कि हरी कुमावत आदतन अपराधी है। पहले भी भू्रण लिंग जांच में उस पर दो एफआईआर दर्ज है। केवल दसवीं पास है और बिना डिग्री जांच करता है। पकड़ी गई महिला शिला देवी भी कम पढ़ी लिखी है। वह भी कुमावत के पास महिलाओं को जांच को भेजती थी। डॉक्टर की डिग्री की भी जांच चल रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 09:28:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शुद्ध आहार–मिलावट पर वार: 650 किलोग्राम मिलावटी पनीर मौके पर नष्ट, खाद्य सुरक्षा दल की कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य सुरक्षा विभाग ने मदीना डेयरी पर छापा मारकर 650 किलो मिलावटी पनीर नष्ट किया, नमूने लिए गए, फर्म को नोटिस जारी होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pure-food-%E2%80%93-attack-on-adulteration-650-kg-of-adulterated/article-142513"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(21)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शुद्ध आहार – मिलावट पर वार अभियान के अंतर्गत आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशानुसार एवं अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में प्राप्त सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल, जयपुर प्रथम द्वारा मदीना डेयरी एंड बेकर्स, बालाजी की कोठी, चौकड़ी तोपखाना, हजूरी घाट गेट, जयपुर पर निरीक्षण की कार्रवाई की गई।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान मौके पर रखे गए लगभग 650 किलोग्राम पनीर के संबंध में खाद्य कारोबारकर्ता एवं फर्म मालिक मुस्तफा खान से जांच-पड़ताल की गई। पूछताछ में फर्म मालिक द्वारा पनीर को 200 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से रामगढ़, अलवर से मंगवाना बताया गया। साथ ही यह भी स्वीकार किया गया कि उक्त पनीर तेल, मिल्क पाउडर आदि से तैयार किया गया है।</p>
<p>खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत मौके से पनीर का नमूना संग्रहित किया गया तथा जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शेष लगभग 650 किलोग्राम मिलावटी पनीर को मौके पर ही नष्ट करवाया गया।</p>
<p>इस संबंध में अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के क्रम में संबंधित फर्म को नोटिस जारी किया जाएगा एवं नमूना जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे संदिग्ध एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों की सूचना विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर जनस्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 18:04:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एपीओ चल रहे 956 डॉक्टरों को लंबे इंतजार के बाद मिली पोस्टिंग, मरीजों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग आदेश जारी कर 900 से अधिक डॉक्टरों को नई पोस्टिंग दी। ये सभी डॉक्टर पिछले तीन माह या उससे अधिक समय से एपीओ की स्थिति में चल रहे थे। विभागीय आदेशों के अनुसार कुल 956 डॉक्टरों को प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में नियुक्त किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/956-doctors-running-apo-got-posting-after-long-wait-patients/article-141217"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)68.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग आदेश जारी कर 900 से अधिक डॉक्टरों को नई पोस्टिंग दी है। ये सभी डॉक्टर पिछले तीन माह या उससे अधिक समय से एपीओ (कार्य प्रतीक्षा) की स्थिति में चल रहे थे। विभागीय आदेशों के अनुसार कुल 956 डॉक्टरों को प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में नियुक्त किया गया है। जारी सूची में एनेस्थीसिया, दंत रोग, जनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, टीबी, त्वचा रोग, ऑर्थोपेडिक, नेत्र रोग सहित अन्य विषयों के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं। इनमें से अधिकांश डॉक्टर किसी न किसी विषय में स्नातकोत्तर (पीजी) योग्यता प्राप्त हैं। इन डॉक्टरों को प्रदेशभर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), उप जिला अस्पताल, जिला अस्पताल, सेटेलाइट अस्पताल सहित अन्य बड़े सरकारी अस्पतालों में पदस्थापित किया गया है।</p>
<p>लंबे समय से एपीओ चल रहे इन चिकित्सकों को बिना कार्य के वेतन-भत्तों का भुगतान हो रहा था, जिससे सरकारी खजाने पर भी भार पड़ रहा था। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती से मरीजों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। अभी तक कई सीएचसी और जिला स्तर के अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी के कारण छोटी सर्जरी और विशेष उपचार प्रभावित हो रहे थे। अब नई पोस्टिंग के बाद इन स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार सुविधाएं बेहतर होंगी और मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों की ओर रेफर होने से भी राहत मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 18:36:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह चरमराया, जूली ने कहा- राज्य सरकार को नहीं पता कि कौन सी दवा बांटी जा रही</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा है कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह चरमरा गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-health-department-of-rajasthan-completely-crumble-julie-said-the/article-128814"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/tikaram-jully.png" alt=""></a><br /><p>झुंझुनू। राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा है कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह चरमरा गया है। जूली रविवार को झुंझुनू में संगठन सृजन अभियान में शामिल होने आए थे। इस दौरान उन्होंने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान में जिन दवाओं की जरूरत है, वे खरीदी नहीं जा रही हैं और जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, उन्हें मुफ्त में बांटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में दिल्ली में जिस कंपनी को दुष्प्रभाव वाली दवाएं बनाने के कारण प्रतिबंधित किया गया था, राजस्थान में वही सिरप बच्चों को बांटा जा रहा है। </p>
<p>जूली ने कहा कि यह बहुत बड़ी लापरवाही है। राज्य सरकार को यह तक नहीं पता कि कौन सी दवा बांटी जा रही है। वह राज्य के अस्पतालों की स्थिति देखने के बजाय दिल्ली दौरों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। बाड़मेर में दवा नहीं मिलने से बच्ची की मौत हो गई है। कई जगह चिकित्सक नहीं हैं और अस्पतालों में अपर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं हैं। यह सरकार लोगों की जान से खेल रही है। </p>
<p>उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के प्रदेशाध्यक्ष की गिरफ्तारी पर भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा शासन में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। हमारे बच्चे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोगों ने उन पर लाठियां बरसाईं। शिक्षा के मंदिरों को राजनीतिक अखाड़ा बनाया जा रहा है। यह वही आरएसएस है जिस पर सरदार पटेल ने प्रतिबंध लगा दिया था। </p>
<p> जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्हें अब मोदी चालीसा पढऩा बंद कर जनता के दुखदर्द पर ध्यान देना चाहिए। राजस्थान की जनता ने उन्हें सत्ता दी है, लेकिन वे सत्ता के अहंकार में डूब गए हैं। जनता ने इसलिए नहीं जिताया कि वे दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाएं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को समझना चाहिए कि जनता की सेवा ही सच्ची राजनीति है। राज्य में पेंशन योजना से लेकर स्वास्थ्य तंत्र तक सब कुछ चरमराया हुआ है, लेकिन मुख्यमंत्री राजनीतिक कार्यक्रमों और दिल्ली दौरों में व्यस्त हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Oct 2025 18:44:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कोटा के बड़े मंदिरों के प्रसाद की अब होगी जांच</title>
                                    <description><![CDATA[मंदिर, गुरुद्वारा, भंडारे, प्रसाद की दुकानों की होगी जांच।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-now-the-prasad-of-big-temples-of-kota-will-be-inspected/article-91350"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/427rtrer-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दक्षिण भारत के तिरुपति मंदिर में बनने वाले लड्डू प्रसाद में जानवरों की चर्बी और मछली के तेल मिलाए जाने की खबरों के बाद पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है। कोटा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की भी अलर्ट मोड पर आ गया है। शहर के विभिन्न मंदिरों के बाहर लगी प्रसाद की दुकानों, प्रसाद और भंडारे और लंगर के अलावा बड़े मंदिरों के प्रसाद की भी जांच के लिए तैयारियां कर ली है। 23 से 26 सितंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिसमें सभी बड़े मंदिरों और उसके बाहर बिकने वाली प्रसाद सामग्री की जांच व नमूने लिए जाएंगे। खाद्य सुरक्षा टीम की ओर से 23 से शुरू होने वाले अभियान को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली है। सीएमएचओ डॉ. जगदीश कुमार सोनी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।  इसके तहत कोटा के ऐसे बड़े मंदिरों, जहां प्रसाद मंदिरों में तैयार होते हैं और भक्तों को वितरित किए जाते हैं वहां अब प्रसाद की जांच की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से यह अभियान 23 सितंबर से 26 सितंबर तक चलाया जाएगा। इस दौरान मंदिरों में तैयार होने वाले प्रसाद के नमूने लिए जाएंगे। बड़े मंदिर, जिनमें सवामणि और अन्य प्रायोजन नियमित रूप से किए जाते हैं और भोग लगाकर प्रसाद वितरित किए जाते हैं, उन सभी में तीन से पांच दिन का एक विशेष निरीक्षण व नमूनीकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सभी मंदिरों में बनने वाले प्रसाद और सवामणि में बनने वाले विभिन्न खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांची जाएगी। </p>
<p><strong>देवस्थान विभाग आया अलर्ट मोड पर </strong><br />कोटा बूंदी जिले के सभी देवस्थान विभाग के अधीन आने वाले मंदिर में बनने वाले प्रसाद सामग्री की गुणवत्ता के लिए सभी पुजारियों को विभाग की ओर से दिशा निर्देश जारी कर दिए है। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता युक्त खरीदने के लिए कहा गया है। </p>
<p><strong>मंदिरों ने किया सर्टिफिकेट के लिए आवेदन </strong><br />राजस्थान के बड़े मंदिरों को हाल ही में ईट राइट सर्टिफिकेट जारी किया गया था और जयपुर का मोती डूंगरी गणेश मंदिर पहला मंदिर था, जिसे ये सर्टिफिकेट मिला था। इसके अलावा प्रदेश से कुल 54 मंदिरों की ओर से सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया गया है। उनका भी वेरिफिकेशन किया जाएगा, जिसमें प्रसाद की गुणवत्ता के साथ गंदगी, हाइजीन का निरीक्षण किया जाएगा। राजस्थान में अब तक 14 धार्मिक स्थलों व मंदिरों के पास भोग का प्रमाणपत्र है। दरअसल, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने इट राइट प्रोग्राम के तहत भोग के लिए एक सर्टिफिकेशन स्कीम शुरू की है। इस स्कीम के तहत धार्मिक स्थलों पर प्रसाद बेचने वाले वेंडर्स और खाने-पीने की चीजों का सर्टिफिकेट दिया जाता है और ये सर्टिफिकेट दो साल तक मान्य होते हैं।<br /><strong>- पंकज ओझा अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त</strong></p>
<p>कोटा जिले के सभी मंदिरों, गुरुद्वारा के बाहर प्रसाद सामग्री बेचने वालों के सैंपल 23 सितंबर से लिए जाएंगे। जहां प्रसाद तैयार होता या भंडारे या सवामणि का आयोजन होता है। वहां के भी सैंपल लिए जाएंगे। इसके लिए टीम अलर्ट मोड पर है। जयपुर से कोटा सर्टिफिकेट के लिए आवेदन वाली लिस्ट आने के बाद उन मंदिरों की गुणवत्ता भी चेक किए जाएंगे। प्रदेश से कुल 54 मंदिरों की ओर से सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया गया है। उनमें कोटा कोई मंदिर है तो उनका भी वेरिफिकेशन किया जाएगा, जिसमें प्रसाद की गुणवत्ता के साथ गंदगी, हाइजीन का निरीक्षण किया जाएगा। <br /><strong>- संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा</strong></p>
<p>देवस्थान के सभी मंदिरों में भोग सामग्री कच्ची बाजार से पुजारी खरीदकर लाते है और स्वयं भोग तैयार करते है। वैसे सभी पुजारियों को गुणवत्ता युक्त भोग तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए है। बाजार से लाए जाने वाले घी तेल की गुणवत्ता जांच कर ही उपयोग में लेने के निर्देश दिए। <br /><strong>- ऋचा बल्देवा, सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Sep 2024 17:26:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Food Poisoning से शादी समारोह में लोगों की बिगड़ी तबीयत, एक बच्ची की स्थिति गंभीर</title>
                                    <description><![CDATA[नाश्ते में मावे से बनी रबड़ी खाने के करीब दो घंटे बाद लोगों को उल्टी दस्त होना शुरू हो गई, जिससे लगभग 80 से 90 लोग बीमार हो गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/health-of-people-deteriorated-at-wedding-ceremony-due-to-food/article-79005"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/6633-copy54.jpg" alt=""></a><br /><p>लालसोट। उपखंड क्षेत्र के बिलौना कलां ग्राम में तलाई वाली ढ़ाणी में आयोजित विवाह समारोह में भात भरने आए रिश्तेदारों को फूड प्वाइजनिंग हो गया। पेट दर्द, उल्टियां एवं दस्त की शिकायतें आने पर सभी को उपचार के लिए बगड़ी सीएचसी भर्ती कराया गया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार बिलौना कला ग्राम की तलाई वाली ढाणी में भरत लाल मीणा के बेटे की शादी है, जिसका मांडा था। भरत लाल के ससुराल वाले भात भरने आए थे, यहां नाश्ते में मावे से बनी रबड़ी खाने के करीब दो घंटे बाद सभी को उल्टी दस्त होना शुरू हो गई, जिससे लगभग 80 से 90 लोग बीमार हो गए। सभी की तबीयत बिगड़ने पर विवाह समारोह के दौरान हड़कंप मच गया। सभी को उपचार के लिए बगड़ी सीएचसी एवं लालसोट जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया।</p>
<p>इस मामले की सूचना मिलते ही सीएमएचओ डॉ. सीताराम मीना एवं बीसीएमओ लालसोट डॉ. पवन जैन बगड़ी सीएचसी पहुंचे एवं मेडिकल टीम को सभी का उपचार किए जाने के निर्देश दिए। बीसीएमओ डॉ.पवन जैन ने बताया कि रात्रि को करीब 80 से 90 लोग फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए, जिन्हें सीएचसी बगड़ी एवं लालसोट जिला चिकित्सालय में भर्ती कर उपचार कराया गया। उन्होंने बताया कि 27 पीड़ितों को जिला चिकित्सालय लालसोट भेजा गया। यहां डॉ.अनुराग दैमन एवं डॉ.टीकम नर्सिंग स्टाफ के साथ सभी के उपचार में जुटे नजर आए। जहां सभी का उपचार कर डिस्चार्ज होने पर उन्हें घर भेजा गया। उन्होंने बताया कि एक 5 वर्षीय बच्ची मीनाक्षी की स्थिति गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि अब स्थिति कंट्रोल में है तथा सभी पीडित स्वस्थ होकर लौट गए हैं। बीसीएमओ डॉ.जैन ने बताया कि खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए हैं, जिनकी लैबोरेट्री से जांच के बाद ही आवश्यक कार्रवाई की जावेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 May 2024 11:47:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[डब्ल्यूएचओ के मुताबिक निपाह वायरस चमगादड़ और सूअर जैसे जानवरों से इंसानों में फैलता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/instructions-for-checking-travel-history-of-patients/article-57752"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/marizo-ki-travel-history-khangalne-k-nirdesh...kota-news-22-09-2023.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा। केरल में निपाह वायरस के केस मिलने और मौत होने के बाद राज्य सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने भी इसको लेकर अलर्ट और एडवाइजरी जारी की है। इसमें राज्य सभी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और सभी जिलों के सीएमएचओ को अलर्ट जारी करते हुए जांच और ट्रीटमेंट के लिए हेल्थ वर्कर्स को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए है। साथ ही दक्षिण भारत खासकर उन राज्यों से जहां इस वायरस के केस मिल रहे हैं, वहां से आने वाले यात्रियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं । मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट के डायरेक्टर से जारी एडवाइजरी के मुताबिक केरल में 7 केस मिलने और 2 मरीजों की मौत होने के बाद इसके फैलने का खतरा दूसरे राज्यों में बढ़ गया है। ऐसे में अगर कोई इस तरह के लक्षण वाला मरीज आता है तो उसके जांच के सैंपल लेकर उसे भिजवाए। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक निपाह वायरस चमगादड़ और सूअर जैसे जानवरों से इंसानों में फैलता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह वायरस एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है। हालांकि केरल में  मंगलवार को 71 सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजे गए थे जिसमें से सभी निगेटिव पाए गए हैं। इसके अलावा 200 से अधिक हाई रिस्क वालों की भी रिपोर्ट निगेटिव आई है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है सभी लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए प्रयास करते रहना चाहिए।</p>
<p><strong>30 शहरों में जोखिम को लेकर किया अलर्ट</strong><br />सीएमएचओं ने बताया कि दक्षिणी राज्य केरल इन दिनों गंभीर और जानलेवा निपाह वायरस की चपेट में है। संक्रमण के कारण अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, सात लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई थी। केरल का कोझिकोड जिला संक्रमण के सबसे ज्यादा चपेट में है, इसके अलावा करीब 30 शहरों में जोखिमों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। केरल में संक्रमण के खतरे को देखते हुए आसपास के राज्यों को भी सतर्क किया गया है। विशेषज्ञो के अनुसार कोरोना की तुलना में निपाह गंभीर संक्रमण और जोखिमों को बढ़ाने वाला हो सकता है, इसका मृत्युदर भी अधिक हो सकता है, जो फिलहाल चिंता का विषय है।</p>
<p><strong>ट्रेवल हिस्ट्री पता करने के निर्देश</strong><br />सीएमएचओं डॉ. जगदीश कुमार सोनी ने बताया कि एडवाइजरी में अगर इस तरह का कोई लक्षण वाला मरीज हॉस्पिटल में दिखाने आता है तो उसकी ट्रैवल हिस्ट्री जाननी जाएगी। अगर वह केरल या उसके आसपास के स्टेट जहां इस वायरस के केस मिले हो तो उसकी तुरंत जांच के लिए सैंपल भिजवाने के निर्देश जारी किए है। </p>
<p><strong>ये  लक्षण दिखाई दें तो बरतें सावधानी</strong><br />डिप्टी सीएमएचओं डॉ. घनश्याम मीणा  ने बताया कि निपाह के जोखिमों को लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। इसके लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान दें। संक्रमितों को शुरूआत में फ्लू जैसे लक्षण होते हैं। निपाह वायरस मुख्य रूप से फेफड़ों और मस्तिष्क पर अटैक करता है। इसके लक्षणों में खांसी और गले में खराश से लेकर तेजी से सांस लेने, बुखार-मतली और उल्टी जैसी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में, इसके कारण इन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क की सूजन) हो सकती है, जो कोमा और मृत्यु के खतरे को बढ़ाने वाली मानी जाती है।इस मुख्य लक्षणों में बुखार आना, सिरदर्द, कफ बनना, गले में खराश होना, सांस में तकलीफ और उल्टी होना इस वायरस की चपेट में आए मरीज के सामान्य लक्षण है। </p>
<p><strong>कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों को रहना होगा सावधान</strong><br />विशेषज्ञों का कहना है कि इस जानलेवा संक्रमण का खतरा किसी को भी हो सकता है, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में इसके जोखिम देखे जाते रहे हैं। संक्रमित व्यक्ति या जानवर के संपर्क में आने वाले किसी भी व्यक्ति को यह बीमारी हो सकती है। जिन लोगों की रोग प्रतिरक्षा कमजोर है उनमें इस रोग के कारण गंभीर समस्याओं के विकसित होने का जोखिम अन्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है, ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। </p>
<p><strong>संक्रमण से बचाने को रखनी होगी सावधानी</strong><br />डॉक्टरों का कहना है कि  निपाह संक्रमण से बचाव के लिए कोई भी टीका उपलब्ध नहीं है, इसके अलावा संक्रमण से बचाव के लिए कोई विशिष्ट दवा भी नहीं है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को बचाव के लिए सुरक्षात्मक उपायों का पालन करते रहने की सलाह दे रहे है। निवारक उपायों में सावधानियां बरतने के साथ, हाथ की स्वच्छता का ध्यान रखकर जोखिमों को कम किया जा सकता है। जिन राज्यों में इसका जोखिम अधिक हैं वहां सभी लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सभी चिकित्सा अधिकारियों व सीएचसी पीएचसी पर निपाह वायरस को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय से जारी गाइड लाइन की पालना करने और दक्षिण भारत से आने वाले लोगों की केस हिस्ट्री की जानकारी लेने के निर्देश जारी किया है। साथ लोगों से अपील की जा रही है।  केरल व संक्रमित शहरों में जाने से बचने के लिए कहा जा रहा है। अस्पताल में निपाह के लक्षणों वाले मरीजों की जांच कराने के भी  निर्देश जारी किए। सभी को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया। <br /><strong>- डॉ. जगदीश कुमार सोनी, सीएमएचओं कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Sep 2023 16:34:06 +0530</pubDate>
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                <title>डेंगू विकराल: अब तक चार की मौत, सीएमएचओ कहते कोई डेंगू से नहीं मरा, अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करूंगा</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में अब तक चार लोगों की डेंगू उपचार के दौरान मौत हो चुकी है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dengue-severe--four-deaths-so-far--cmho-says-no-one-has-died-due-to-dengue--will-take-action-against-hospitals/article-55946"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/dengue-vikral--ab-tk-char-ki-maut,-chmo-khte-ab-tk-koi-dengue-s-nhi-mra,-aspatalo-k-khilaf-karwayi-krunga...kota-news-31-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में लगातार डेंगू के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लेकिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग डेंगू के मरीजों के घटने के दावे कर रहा है। जबकि हकीकत यह है कि शहर के अधिकांश निजी व सरकारी अस्पताल में डेंगू से ग्रसित मरीजों को हालात बिगड़ने औ प्लेटलेट्स रेट गिरने से एसडीपी की मांग हो रही है। शहर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की 808 टीमें एंटी लार्वा गतिविधियां कर लार्वा नष्ट कर रही है लेकिन डेंगू के मच्छर और लार्वा कहीं कम होने का नाम ही नहीं ले रहे हंै। लोग अब तो सर्वे को शक की नजर से देख रहे हंै। अधिकांश लोगों का मानना है कि सर्वे कागजों में ही चल रहा है। यदि रोज 42 हजार पात्रों का लार्वा नष्ट कर रहे हैं तो फिर शहर में मच्छर क्यों फैल रहा है यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है। </p>
<p><strong>अस्पताल भेज रहे भ्रमित जानकारी</strong><br />शहर में 9 ब्लड बैक में प्रतिदिन चार से पांच एसडीपी डोनेट कर मरीजों को चढाई जा रही है। रोज 30 से 40 एसडीपी की मांग चल रही है। शहर में डेंगू इतना विकराल रूप ले रहा है। शहर में चार लोगों की  मौत हो चुकी है। इसके बावजूद सीएमएचओ कहते हैं कि शहर में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई। अस्पतालों द्वारा उन्हें भेजी जा रही रिपोर्ट में ओपीडी मरीजों तक का हवाला नहीं दिया जा रहा। यानी सरकारी आकड़ों में कहीं डेंगू है ही नहीं।  सीएमएचओं जगदीश कुमार सोनी इतना तक कह रहे हैं कि जिन लोगों और अस्पतालों ने चार लोगों की मौत डेंगू होना बताया है हम उनसे जवाब मांगेंगे। उन्होंने कहा कि रोज सभी निजी व सरकारी अस्पतालों से डेंगू के मरीजों की रिपोर्ट मांगी जा रही है। अस्पताल डेंगू मरीज बता ही नहीं रहे हैं। जिन अस्पतालों ने चार लोगों के डेंगू से मरीजों की मौत होने की जानकारी दी उनके खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा। उनसे जानकारी हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल किस आधार पर डेंगू से मौत बता रहे हैं, जबकि रोज की रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं बताया जा रहा। </p>
<p><strong>फिर इनकी कैसे हो गई मौत</strong><br />शहर में अब तक चार लोगों की डेंगू उपचार के दौरान मौत हो चुकी है।  केशवपुरा निवासी मोबाइल व्यवसायी पारस वर्मा के पुत्र वेदांत वर्मा 12 को बुखार की शिकायत पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। डेंगू का कार्ड टेस्ट कराया गया। प्लेट्लेट्स रेट डाउन होने पर एसडीपी डिमांड की गई। एसडीपी चढ़ाने की तैयारी कर रहे थे। उसी दौरान दोपहर तीन बजे उसकी मौत हो गई।</p>
<p>इंद्र विहार निवासी चिराग बिनानी 30 की डेंगू एन्सेंफलाइटिस से उपचार के दौरान मौत होना बताया जा रहा है। चिराग को 23 अगस्त को बुखार आया था। 25 अगस्त को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उपचार के दौरान  प्लेट्स रेट डाउन हो गई और वो कोमा में चला गया। 28 अगस्त को उसकी मौत हो गई थी।</p>
<p>पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के भतीजे की भी डेंगू की से मौत होना बताया जा रहा है। वहीं एक अन्य अन्य महिला की भी स्क्रबटायफस से मौत होना बताया लेकिन सीएमएचओं डॉ. जगदीश कुमार सोनी का कहना है कि तीनों मौत डेंगू से ही हुई है इसकी पुष्टि नहीं हुई है। ना ही इन अस्पतालों ने इसकी सूचना दी है। </p>
<p><strong>डेंगू कम हो रहा तो रोज 30 से 40 एसडीपी किसे चढ़ रही</strong><br />टीम जीवन दाता के संयोजक व ब्लड बैक चेयरमैन भुवनेश गुप्ता ने बताया कि शहर में तेजी से डेंगू फैल रहा है। शहर में 11 ब्लड बैक हैं जिसमें से 9 ब्लड बैंक में एसडीपी का संग्रह किया जाता है।  प्रतिदिन 30 से 40 एसडीपी की अस्पतालों से मांग आ रही है। हमारे पास मरीजों का रिकार्ड है। किस मरीज को एसडीपी दी गई, किसी अस्पताल से मांग आ रही है। सरकारी आंकडो में डेंगू कम  हो गया तो फिर एसडीपी की मांग लगातार क्यों बढ़ रही है। ये यक्ष प्रश्न बना हुआ है। लोगों की प्लेट्स रेट कम हो रही इसका मतलब डेंगू के मरीज बढ़  रहे हैं और डेंगू खतरनाक हो रहा है। </p>
<p><strong>प्रिंसीपल को क्याहुआ, पता नहीं</strong><br />स्थिति यह कि पिछले दिनों मेडिकल कॉलेज  प्रिंंसीपल डॉ. श्रीमती संगीता सक्सेना भी डेंगू से पीड़ित हुई थी। लेकिन चिकित्सा विभाग के आंकड़े उन्हें भी डेंगू से पीड़ित नहीं मान रहे। सबसे ज्यादा डेंगू के शिकार कोचिंग विद्यार्थी हो रहे  हैं। अब शहरवासी भी इसकी चपेट में तेजी से आ रहे हैं। शहर के महावीर नगर, तलवंडी, जवाहर नगर, इंदिरा विहार, राजीव गांधी नगर में सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं। कार्ड टेस्ट में लोग पॉजिटिव आ रहे हैं।  लेकिन चिकित्सा विभाग एलाइजा टेस्ट में पॉजिटिव आने पर उसको डेंगू का मरीज मान रहा है। जबकि सरकारी से लेकर निजी अस्पताल इन दिनों डेंगू के लक्षणों के आधार पर ही लोगों का इलाज कर रहे हैं । आंकडो में मानने को कोई तैयार नहीं है। </p>
<p><strong>सीएमएचओं डॉ. जगदीश कुमार सोनी का दावा एक भी मौत डेंगू से नहीं</strong><br />नवज्योति ने सीएमएचओं डॉ. जगदीश कुमार सोनी से शहर में बढ़ते डेंगू  के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि शहर में हुई चार मौत को डेंगू से होने की पुष्टि किसी अस्पताल ने नहीं की है।<br /><br /><strong>सवाल :</strong> कोटा में डेंगू से कितने लोगों की मौत हुई है ?<br />जवाब : शहर में सभी सरकारी व निजी अस्पतालों से डेंगू के मरीजों संख्या और मौत के आंकडे लिए जाते है। किसी ने भी डेंगू  से मौत की जानकारी नहीं दी है। अभी तक जनवरी से लेकर 30 अगस्त तक 308 डेंगू के पॉजिटव मरीज आए हैं। </p>
<p><br /><strong>सवाल: </strong>शहर में डेंगू तेजी से फैल रहा या नियंत्रण में है। मरीजो की संख्या बढ रही या घट रही<br />जवाब : शहर में पिछले सप्ताह की अपेक्षा अब मरीजों की संख्या में कमी आई है। अब 15 से 16 मरीज ही रोज आ रहे है। पहले कुछ इलाकों में एक ही दिन 60  से 70 मरीज तक आ रहे उन इलाकों में मरीज आना कम हुआ है।<br /><strong><br />सवाल:</strong> निजी अस्पतालों से डेंगू के मरीजों की संख्या और मौत के आंकडे नहीं लिए जाते हैं क्या ?<br />जवाब: रोज शाम को सभी सरकारी व निजी अस्पतालों से डेंगू, स्क्रब टायफस के आंकडे लिए जा रहे है। किसी ने भी डेंगू से मौत नहीं दर्शायी। <br /><strong><br />सवाल:</strong> जिन अस्पतालों ने डेंगू से मौत होना बताया उनके खिलाफ विभाग क्या कार्रवाई करेंगा ?<br />जवाब: जिन अस्पतालों ने डेंगू से मौत होना बताया उनसे रिपोर्ट मांगी जा रही है।  उन्होंने किस आधार डेंगू से मौत बताई और उसकी सूचना विभाग को क्यो नहीं दी। जबकि सभी अस्पतालों से रोज आंकडे मांगे जा रहे हैं। एक दो दिन इंतजार करने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong><br />सवाल:</strong> शहर में डेंगू इतना विकराल रूप ले रहा है सर्वे और एंटी लार्वा गतिविधियां कितनी कारगार साबित हुई ?<br />जवाब: शहर में लगातार घरों में सर्वे किया जा रहा है। एंटी लार्वा गतिविधियों के कारण ही शहर में अब डेंगू के मरीजों की संख्या में कमी आना शुरू हुई है। शहर में प्रतिदिन आठ से अधिक टीमें 17 हजार से अधिक घरों में सर्वे कर रही है। रोज 42 हजार से अधिक कंटेनरों कूलर और अन्य पात्रों की जांच कर लार्वा नष्ट कर रही है। मंगलवार को नो लोगों को नोटिस दिए गए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Aug 2023 16:14:56 +0530</pubDate>
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                <title>खाद्य सुरक्षा एवं सीएमएचओ को नोटिस जारी</title>
                                    <description><![CDATA[उल्लेखनीय है कि इस संबंध में दैनिक नवज्योति ने 23 मई को समाचार प्रकाशित कर शहर में नकली दूध के धंधे को उजागर किया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notice-issued-to-food-security-and-chmo/article-47435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/khadhya-surakha-evam-chmo-ko-notice-jari...kota-news-01-05-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्थाई लोक अदालत ने बुधवार को कोटा शहर में बड़ी मात्रा में नकली दूध की बिक्री पर सुनवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोटा को नोटिस जारी कर 20 जून 2023 तक जवाब तलब किया है। इस मामले में एडवोकेट लोकेश कुमार सैनी और रेखा सैनी ने न्यायालय में एक जनहित याचिका पेश करते हुए बताया कि कोटा शहर में बड़ी मात्रा में नकली दूध बेचा जा रहा है,जो कि स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग में वर्ष भर में मात्र 125 नमूने लिए हैं। हाल ही में कोटा डेयरी में 35 सौ लीटर नकली दूध पकड़कर उसे नष्ट भी किया है, जो इस बात का प्रमाण भी है। शहर में रोजाना हजारों लीटर नकली दूध बेचा जा रहा है, जो कि लोग इस दूध को काम में लेकर गंभीर बीमारियों के शिकार भी हो रहे हैं। नकली दूध असली के साथ मिलाकर या उसका कोई उत्पादन बनाकर मार्केट में बेचा जा रहा है। याचिका में बताया गया कि असली दूध की गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं है, खुला दूध शहर में 40 से 50000 लीटर बिकता है जबकि सिंथेटिक दूध में साबुन जैसी गंध आती है। नकली दूध का स्वाद डिटर्जेंट्स व सोडा मिला होने के कारण कड़वा हो जाता है। सिंथेटिक दूध में यूरिया मिलने पर वह गाड़े पीले रंग का दिखाई देता है हाथों से रगड़ने पर डिटर्जेंट जैसे चिकनाहट महसूस होती है। सिंथेटिक दूध बनाने के लिए सबसे पहले इसमें यूरिया डालकर उसे हल्की आंच पर उबाला जाता है, बाद में डिटर्जेंट्स सोड़ा व वासिंग पाउडर मिलाया जाता है। ऐसा दूध पीने से फूट पायजनिंग हो सकता है। उल्टी, दस्त की शिकायत भी होती है किडनी और लीवर पर भी बुरा असर पड़ता है। इस दूध के सेवन से कैंसर तक की बीमारी हो सकती है। इस मामले में खाद सुरक्षा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनदेखी के कारण यह मामले दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं।</p>
<p><strong>नवज्योति ने चेताया था</strong><br />उल्लेखनीय है कि इस संबंध में दैनिक नवज्योति ने 23 मई को समाचार प्रकाशित कर शहर में नकली दूध के धंधे को उजागर किया था। समाचार में कहा गया था कि नकली दूध से लोगों में सैकड़ों बीमारियां हो रही हैं। कई लोग पैसा कमाने के लिए सिंथेटिक व यूरिया से नकली दूध बनाकर मार्केट में बेच रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jun 2023 14:55:02 +0530</pubDate>
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                <title>चिकित्सा विभाग का हेल्थ ‘कमजोर’,चिकित्साकर्मियों के 9,603 पद खाली,3 हजार डॉक्टरों की भी कमी</title>
                                    <description><![CDATA[चिकित्साकर्मियों नर्स ग्रेड द्वितीय, ईसीजी टेक्नीशियन, डेंटल टेक्नीशियन, नेत्र सहायक, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर, एनएनएम के कुल 48661 पदों में से 9603 पद खाली पड़े हैं।  लेकिन अभी पदों पर भर्ती को लेकर विभाग की कोई प्रक्रिया जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/health-weak-of-medical-department-9603-posts-of-medical-workers/article-23861"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/q-113.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान की गहलोत सरकार का हेल्थ मॉडल देश भर में चर्चित है। यूनिवर्सल बीमा स्कीम और नि:शुल्क इलाज आमजन के लिए प्रदेश के निरोगी राजस्थान के लिए लाइफ लाइन जैसा है। लेकिन चिकित्सा महकमें की हेल्थ खाली पदों से कमजोर है। मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की रीढ़ की हड्डी चिकित्साकर्मियों के 19.73 फीसदी पर खाली पड़े हैं। राजस्थान में चिकित्साकर्मियों नर्स ग्रेड द्वितीय, ईसीजी टेक्नीशियन, डेंटल टेक्नीशियन, नेत्र सहायक, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर, एनएनएम के कुल 48661 पदों में से 9603 पद खाली पड़े हैं। इसे लेकर इस संवर्ग की पढ़ाई कर रहे छात्र पिछले काफी दिनों से आंदोलित भी हैं, लेकिन अभी पदों पर भर्ती को लेकर विभाग की कोई प्रक्रिया जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रही है। प्रदेश में चिकित्साकर्मियों के अलावा वर्तमान में पूर्णत: सात सरकारी मेडिकल कॉलेज और 2863 अस्पतालों में करीब 16 हजार डॉक्टर हैं। कुल मिलाकर करीब 3 हजार डॉक्टरों की भी कमी है। हालांकि 824 डॉक्टरों की भर्ती को वित्त विभाग ने मंजूरी दिए साढ़े पांच माह हो गए हैं, लेकिन अभी तक भर्ती प्रक्रिया अधर में ही है। </p>
<p><br /><strong>सबसे ज्यादा नर्स-एएनएम-फार्मासिस्ट की जरूरत, लेकिन पद सर्वाधिक रिक्त</strong><br />प्रदेश के अस्पतालों में में चिकित्सक की एडवाइज, जांच और दवा की एडवाइज के बाद मरीज का इलाज करने का काम नर्स, एएनएम करती हैं। लेकिन प्रदेश में इनके सर्वाधिक पद खाली हैं। नर्स ग्रेड द्वितीय के 2625 और एएनएम के 3736 पद खाली पड़े हैं। वहीं सरकार की सीएम नि:शुल्क दवा योजना के तहत दवा वितरण केन्द्रों पर पुख्ता सेवाओं के लिए फार्मासिस्ट की जरुरत है। लेकिन 4332 पदों में से आधे के करीब 2077 पद रिक्त हैं।</p>
<p><strong>नए अस्पतालों से और बढ़ेगी परेशानी</strong><br />प्रदेश में 15 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। वहीं नए अस्पतालों का निर्माण और पुराने अस्पतालों का विस्तारीकरण का काम भी चल रहा है। लेकिन पदों में उसके मुताबिक बढ़ोतरी नहीं हो रही है, उलट पुराने स्वीकृत्त पद भी रिक्त पड़े हैं। ऐसे में सेवाओं का और अधिक प्रभावित होना तय है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Sep 2022 11:56:45 +0530</pubDate>
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