<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan-high-court/tag-915" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Rajasthan High Court - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/915/rss</link>
                <description>Rajasthan High Court RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> बार काउंसिल ऑफ राजस्थान चुनाव : व्यवस्था और फर्जी मतदान की शिकायत, हाईकोर्ट स्थित पोलिंग बूथ में मतदान रद्द </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान बार काउंसिल के चुनावों में जयपुर हाईकोर्ट बूथ पर फर्जी वोटिंग और अव्यवस्थाओं के चलते मतदान रद्द कर दिया गया। 8 साल बाद हो रहे इन चुनावों में 234 प्रत्याशी मैदान में हैं और पहली बार महिला आरक्षण लागू किया गया है। अब जयपुर में मतदान की नई तारीख घोषित होगी, जबकि अन्य जिलों में प्रक्रिया जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/complaint-about-arrangement-and-fake-voting-election-canceled-at-high/article-151286"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)35.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के अधिवक्ताओं की नियामक संस्था बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनाव आज हो रहे हैं। सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक प्रदेश के हर जिले में अदालतों में मतदाता बूथ बनाए गए हैं। वहीं जयपुर के हाईकोर्ट स्थित पोलिंग बूथ में व्यवस्थाओं और फर्जी वोटिंग को लेकर हंगामा हो गया। इसके बाद यहां मतदान को रद्द कर दिया गया। अब चुनाव के लिए नई तारीख घोषित की जाएगी। राजस्थान हाईकोर्ट में स्थित पोलिंग बूथ पर करीब 50 मिनट देरी से मतदान आरंभ हुआ। इस दौरान सबसे पहले 94 वर्षीय रिटायर्ड जस्टिस विजय शंकर दवे ने पहला वोट डाला।</p>
<p>3 साल की देरी के बाद करीब 8 साल बाद हो रहे इन चुनाव में 23 पदों के लिए 234 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इसके लिए कुल 258 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। जहां प्रदेश के 84,247 अधिवक्ता बतौर मतदाता के रूप में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव में इस बार पहली बार महिला वकीलों को आरक्षण दिया गया है। वहीं इस बार सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित कमेटी की निगरानी में चुनाव कराए जा रहे हैं। मतदान के बाद सभी मतपेटियां जिला जज के पास जमा कराई जाएगी, जो कल पुलिस सुरक्षा में जोधपुर पहुंचेगी। जहां 29 अप्रैल से मतगणना शुरू होगी। करीब 1 महीने की लंबी प्रक्रिया के बाद चुनाव परिणाम घोषित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/complaint-about-arrangement-and-fake-voting-election-canceled-at-high/article-151286</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/complaint-about-arrangement-and-fake-voting-election-canceled-at-high/article-151286</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:57:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/111200-x-600-px%2935.png"                         length="1280632"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टेनोग्राफर भर्ती-2024 की मेरिट लिस्ट रद्द, पांच फीसदी की अतिरिक्त छूट को माना गलत</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने स्टेनोग्राफर भर्ती-2024 की अंतिम और प्रोविजनल मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया है। अदालत ने गलतियों में दी गई 5% अतिरिक्त छूट को नियमों के विरुद्ध माना। जस्टिस आनंद शर्मा ने चयन बोर्ड को 45 दिनों के भीतर नियमानुसार नई मेरिट लिस्ट जारी करने के कड़े निर्देश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/merit-list-of-stenographer-recruitment-2024-cancelled-additional-relaxation-of-five/article-147089"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/rajasthan-high-court.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने स्टेनोग्राफर भर्ती-2024 में पर्याप्त अभ्यर्थी उपलब्ध होने के बावजूद भी गलतियों में पांच फीसदी की अतिरिक्त छूट देने को गलत माना है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से गत 25 सितंबर को जारी प्रोविजनल मेरिट लिस्ट और 21 अक्टूबर को जारी अंतिम मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया है। अदालत ने चयन बोर्ड को आदेश दिए हैं कि गलतियों में नियमानुसार सामान्य अभ्यर्थी को बीस और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी को 25 फीसदी की छूट 45 दिन में नई मेरिट लिस्ट जारी करे।</p>
<p>अदालत ने स्पष्ट किया है कि पांच फीसदी की अतिरिक्त छूट उसकी स्थिति में दी जा सकती है, जब संबंधित श्रेणी में बिना छूट के पर्याप्त अभ्यर्थी उपलब्ध ना हो। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश दिनेश शर्मा व अन्य की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में माना कि भर्ती नियम और विज्ञापन की शर्तें बाध्यकारी होती हैं और चयन प्रक्रिया के बीच इनमें बदलाव नहीं किया जा सकता। अदालत ने गत 5 नवंबर को नियुक्तियां देने पर रोक लगा दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/merit-list-of-stenographer-recruitment-2024-cancelled-additional-relaxation-of-five/article-147089</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/merit-list-of-stenographer-recruitment-2024-cancelled-additional-relaxation-of-five/article-147089</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 17:15:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/rajasthan-high-court.png"                         length="806131"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर अपराधों को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय का कड़ा रुख, कहा- देश में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि, हजारों निर्दोष लोग अपनी मेहनत की कमाई खो रहे </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान उच्च न्यायालय ने बढ़ते साइबर अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में देश में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे हजारों निर्दोष लोग अपनी मेहनत की कमाई खो रहे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-strict-on-cyber-crimes-bail-petitions-of/article-141481"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/cyber-security.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने बढ़ते साइबर अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में देश में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे हजारों निर्दोष लोग अपनी मेहनत की कमाई खो रहे हैं। न्यायमूर्ति अनूप कुमार ढंढ ने शनिवार को दो साइबर अपराधियों की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि इंटरनेट के माध्यम से होने वाले इन अपराधों से आम नागरिकों को बचाने के लिए एक मजबूत और प्रभावी तंत्र तैयार किया जाना अब आवश्यक हो चुका है। ऑनलाइन बैंकिंग या किसी भी डिजिटल लेन-देन से पहले लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके लिए प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, टेलीविजन और एफएम रेडियो के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि लोग डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकें।</p>
<p>उच्च न्यायालय ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल और तेज करने पर भी जोर दिया। न्यायालय के अनुसार, शिकायत प्रणाली जटिल होने के कारण कई पीड़ति समय रहते मदद नहीं ले पाते, जिससे उनका पैसा वापस पाना कठिन हो जाता है। अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों के वित्त एवं गृह मंत्रालयों, राजस्थान के पुलिस महानिदेशक और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को निर्देश दिये हैं कि वे मिलकर ऐसा तंत्र विकसित करें, जिससे ग्राहकों की मेहनत की कमाई अनधिकृत लेन-देन से सुरक्षित रहे। साथ ही, न्यायालय ने ग्राहकों का डेटा बेचकर अपराधियों को फायदा पहुंचाने वाली सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिये। अदालत ने कहा कि साइबर अपराध केवल तकनीकी चुनौती नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बन चुके हैं। ऐसे में सभी हितधारकों को मिलकर कदम उठाने होंगे, ताकि आम जनता सुरक्षित डिजिटल माहौल में लेन-देन कर सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-strict-on-cyber-crimes-bail-petitions-of/article-141481</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-strict-on-cyber-crimes-bail-petitions-of/article-141481</guid>
                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 19:02:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-01/cyber-security.jpg"                         length="56231"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लूणी नदी में जहरीले अपशिष्ट का कहर, कोर्ट ने सरकार की लापरवाही पर जताई चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने लूणी नदी में औद्योगिक इकाइयों द्वारा छोड़े जा रहे जहरीले और खतरनाक अपशिष्ट को लेकर राज्य सरकार और संबंधित विभागों के रवैये पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। लूणी नदी के किनारे बसे जोधपुर, बालोतरा और पाली जिलों के शहरों व गांवों में रहने वाले नागरिकों के अस्तित्व से जुड़ा हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/toxic-waste-wreaks-havoc-in-luni-river-court-expresses-concern/article-139745"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(2)25.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने लूणी नदी में औद्योगिक इकाइयों द्वारा छोड़े जा रहे जहरीले और खतरनाक अपशिष्ट को लेकर राज्य सरकार और संबंधित विभागों के रवैये पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर एवं जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह मामला केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि लूणी नदी के किनारे बसे जोधपुर, बालोतरा और पाली जिलों के शहरों व गांवों में रहने वाले नागरिकों के अस्तित्व से जुड़ा हुआ है।</p>
<p>याचिकाकर्ता सांवलराम की ओर से अधिवक्ता दिव्यमान सिंह राठौड़ ने लूणी नदी में छोडे जा रहे जहरीले अपशिष्ट को लेकर जनहित याचिका पेश की थी। कोर्ट ने कहा कि नदी एवं आसपास के खेतों में जहरीले रसायनों का निर्वहन क्षेत्र में व्यापक तबाही मचा रहा है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि पूर्व में कई आदेश पारित किए जाने  अधिकारी अब तक अपेक्षित संवेदनशीलता और तत्परता नहीं दिखा पाए हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/toxic-waste-wreaks-havoc-in-luni-river-court-expresses-concern/article-139745</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/toxic-waste-wreaks-havoc-in-luni-river-court-expresses-concern/article-139745</guid>
                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 12:10:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%281200-x-600-px%29-%282%2925.png"                         length="827001"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शैक्षणिक सत्र के बीच शिक्षकों के तबादले करना गलत : यह शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के हितों के खिलाफ, अधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों की ट्रेनिंग की जताई मंशा</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से एक साथ बड़ी संख्या में शिक्षकों के तबादले करने पर सवाल उठाए। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि बीच सत्र शिक्षकों के तबादले करना न सिर्फ गलत है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के हितों के भी खिलाफ। अदालत ने एक समान मामले में अलग-अलग तरह के फैसले देने पर सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण को आड़े हाथों लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/it-is-wrong-to-transfer-teachers-in-the-middle-of/article-138797"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से एक साथ बड़ी संख्या में शिक्षकों के तबादले करने पर सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि बीच सत्र शिक्षकों के तबादले करना न सिर्फ गलत है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के हितों के भी खिलाफ है। अदालत ने एक समान मामले में अलग-अलग तरह के फैसले देने पर सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण को आड़े हाथों लिया है। अदालत ने कहा कि अधिकरण के अध्यक्ष और सदस्य पारदर्शिता रखें। वहीं अदालत ने कार्मिक सचिव को कहा है कि अधिकरण के अध्यक्ष व सदस्यों के प्रशिक्षण की उचित व्यवस्था करें, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पडे। जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने यह आदेश प्रिंसिपल हरगोविंद मीणा के ट्रांसफर आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए दिए। </p>
<p><strong>शिक्षा प्रणाली प्रशासकों की मनमानी से चल रही है </strong><br />अदालत ने कहा कि शिक्षा कैलेंडर की जानकारी होने के बावजूद सरकार ने शैक्षणिक सत्र के बीच सिंतबर मे प्रिंसिपल के सामूहिक ट्रांसफर कर दिए। ऐसा करना बताता है कि शिक्षा प्रणाली प्रशासकों की मनमानी से चल रही है न कि छात्रों की जरूरत के अनुसार। अदालत ने कहा कि 22 सिंतबर 2025 को शैक्षणिक सत्र के बीच में ही सीनियर सैकंडरी स्कूल के 4,527 प्रिंसिपल के सामूहिक ट्रांसफर करके न केवल शिक्षकों बल्कि इन स्कूलों और उनके छात्रों को भी परेशान किया। अदालत ने कहा कि देश के ज्यादातर प्रदेशों में न तो कोई विस्तृत ट्रांसफर पॉलिसी है न ही टीचर्स सहित अन्य कर्मचारियों के ट्रांसफर को नियंत्रित करने का कोई विशेष नियम है। अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, लेकिन बार-बार और असमय तबादले इस नीति के मूल उद्देश्यों को कमजोर करते हैं।</p>
<p><strong>याचिका में यह कहा</strong><br />याचिका में अधिवक्ता रामरख शर्मा ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता साल 2022 में प्राचार्य पद पर पदोन्नत हुआ था। गत अप्रैल माह में उसका तबादला दूसरी स्कूल में किया गया था। वहीं पांच माह बाद सितंबर माह में उसका तबादला करीब चार सौ किलोमीटर दूर भरतपुर जिले की एक स्कूल में कर दिया गया। इस तबादला आदेश के खिलाफ उसे सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण में अपील दायर की, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। याचिका में यह भी कहा गया कि अधिकरण ने अन्य समान मामलों में तबादला आदेशों पर रोक लगाई, लेकिन याचिकाकर्ता को राहत देने से इनकार कर दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/it-is-wrong-to-transfer-teachers-in-the-middle-of/article-138797</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/it-is-wrong-to-transfer-teachers-in-the-middle-of/article-138797</guid>
                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 11:26:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/hammer.png"                         length="483323"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट का तत्काल छात्रसंघ चुनाव कराने का आदेश से इनकार, कहा- चुनाव संवैधानिक अधिकार हैं, लेकिन यह अधिकार शिक्षा के अधिकार से ऊपर नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव बहाली के मामले में तत्काल चुनाव कराने का आदेश देने से इनकार किया हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव एक संवैधानिक अधिकार हैं, लेकिन यह अधिकार शिक्षा के अधिकार से ऊपर नहीं हो सकता। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-courts-refusal-to-order-immediate-holding-of-student-union/article-136470"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rajasthan-high-court.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव बहाली के मामले में तत्काल चुनाव कराने का आदेश देने से इनकार किया हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव एक संवैधानिक अधिकार हैं, लेकिन यह अधिकार शिक्षा के अधिकार से ऊपर नहीं हो सकता। अदालत ने इस संतुलन को आवश्यक बताते हुए चुनाव आयोग को आदेश दिया हैं कि वह छात्रों के चुनावों के लिए एक स्पष्ट, पारदर्शी और प्रभावी नीति निर्धारित करे, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।</p>
<p>राजस्थान हाईकोर्ट के इस फैसले से जहां प्रदेश के सभी कॉलेज युनिवर्सिटी में वर्ष 2025—26 के छात्रसंघ चुनाव की स्थिती साफ हो गयी हैं. छात्रसंघ चुनाव लड़ने की चाह रखने वाले युवाओं को झटका लगा हैं। वही राजस्थान सरकार को हाईकोर्ट के इस फैसले से बड़ी राहत मिली हैं। हाईकोर्ट ने इस प्रकरण में दाखिल सभी याचिकाओं का निस्तारण करते हुए चुनाव आयोग और राज्य सरकार दोनों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस उमाशंकर व्यास की एकलपीठ ने यह फैसला सुनाया। इससे पूर्व 14 नवंबर को जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने इस मामले में सुनवाई पूरी कर निर्णय सुरक्षित रखा था, जिस पर अब फैसला सुनाया गया है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-courts-refusal-to-order-immediate-holding-of-student-union/article-136470</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-courts-refusal-to-order-immediate-holding-of-student-union/article-136470</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 12:50:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/rajasthan-high-court.png"                         length="806131"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान उच्च न्यायालय को आज फिर मिली बम की धमकी, जांच एजेंसियां एक्शन मोड़ में</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर स्थित राजस्थान उच्च न्यायालय में लगातार दूसरे दिन बम की धमकी वाला ई-मेल मिला। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत परिसर खाली कराकर दो घंटे तक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-again-received-bomb-threat-today-investigation-agencies/article-135479"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/bomb-threat-to-high-court-for-second-consecutive-day.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में बुधवार को उच्च न्यायालय, जयपुर में बम की धमकी मिली। यह लगातार दूसरा दिन है, जब उच्च न्यायालय में बम की धमकी मिली है। न्यायालय प्रशासन को आज एक धमकी-भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें उच्च न्यायालय परिसर में बम लगाए होने की चेतावनी दी गई थी। ई-मेल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गयीं और बिना समय गंवाए पूरे परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। वकीलों, कर्मचारियों, वादकर्ताओं एवं आगंतुकों को सुरक्षित बाहर निकालकर सभी न्यायिक कामकाज तुरंत स्थगित कर दिये गये।</p>
<p>धमकी के बाद पुलिस, आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस), विशेष अभियान दल (एसओजी), बम निरोधक दस्ते और डॉग-स्क्वाड के कई दल उच्च न्यायालय परिसर पहुँचे। सुरक्षाकर्मियों  ने मुख्य भवन से लेकर पार्किंग, रिकॉर्ड रूम, गलियारों और आस-पास के क्षेत्रों तक विस्तृत तलाशी अभियान चलाया। करीब दो घंटे की जांच के बावजूद किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री का पता नहीं चल सका। इसके बाद इसे  झूठी धमकी मानते हुए मामले की साइबर जांच शुरू कर दी गई।      </p>
<p>पिछले छह हफ्तों में यह पांचवीं  बार है जब राजस्थान उच्च न्यायालय को ऐसी धमकी मिली है। इससे पहले 31 अक्टूबर, पांच दिसम्बर, इसके बाद आठ,  नौ और आज दस दिसम्बर को भी ई-मेल के माध्यम से इसी तरह की चेतावनियाँ भेजी गई, जिनके चलते न्यायालय को खाली कराना पड़ा था। लगातार मिल रहीं फर्जी धमकियों ने अदालत के कामकाज में व्यवधान पैदा कर दिया है। वकीलों, कर्मचारियों और आम जनता में ऐसी घटनाओं को लेकर ङ्क्षचता लगातार बढ़ रही है। वकीलों ने बताया कि उच्च न्यायालय में गुरुवार को बार एसोसिएशन के चुनाव भी हैं।  </p>
<p>बार-बार मिलने वाली धमकियों के कारण न्यायिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, सुनवाईयाँ बाधित हो रही हैं और मामलों के निपटान में देरी आ रही है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, फर्जी ई-मेल भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर सेल को जांच सौंपी गई है और तकनीकी स्रोतों के आधार पर त्वरित कार्रवाई की कोशिशें जारी हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, प्रवेश-निरीक्षण बढ़ाने और निगरानी प्रणाली को आधुनिक बनाने पर विचार किया जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-again-received-bomb-threat-today-investigation-agencies/article-135479</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-again-received-bomb-threat-today-investigation-agencies/article-135479</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 14:35:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/bomb-threat-to-high-court-for-second-consecutive-day.png"                         length="1055972"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान हाईकोर्ट परिसर को बम से उडाने की फिर धमकी, सुनवाई हुई बाधित</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन को एक बार फिर बम धमाके की धमकी भरा ईमेल मिला है। यह चार दिनों में दूसरी धमकी है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को खाली कराया और गहन तलाशी ली। अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जांच जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/another-threat-to-bomb-rajasthan-high-court-premises-hearing-disrupted/article-135153"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rajashtna-news.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट परिसर को बम से उड़ाने को लेकर हाईकोर्ट प्रशासन को एक बार फिर धमकी मिली है। बीते चार दिन में यह दूसरा मौका है, जब हाईकोर्ट में बम धमाका करने की धमकी दी गई है। इससे पूर्व गत 31 अक्टूबर को भी यहां बम ब्लास्ट की धमकी का मेल मिल चुका है, हालांकि राहत की बात है कि अभी तक तलाषी में कुछ संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।</p>
<p>हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को भेजे गए इस मेल में हाईकोर्ट परिसर को बम से उडाने की बात कही गई है। मेल की जानकारी मिलने ही उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और पूरे हाईकोर्ट परिसर को खाली करवाया गया। वहीं न्यायाधीशों ने भी प्रकरणों की सुनवाई बीच में बंद कर दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/another-threat-to-bomb-rajasthan-high-court-premises-hearing-disrupted/article-135153</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/another-threat-to-bomb-rajasthan-high-court-premises-hearing-disrupted/article-135153</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 13:26:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/rajashtna-news.png"                         length="1698244"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरक्षण पर प्रदर्शन मामले की जांच की मॉनिटरिंग करें डीएसपी: हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने भरतपुर में सैनी समाज आरक्षण प्रदर्शन से जुड़ी एफआईआर की जांच की मॉनिटरिंग डीएसपी को सौंपी है। कोर्ट ने निर्देश दिए कि निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dsp-high-court-should-monitor-the-investigation-of-protest-case/article-135038"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-08/rajasthan_high_court.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने करीब ढाई साल पहले भरतपुर में सैनी समाज को आरक्षण के मुद्दे पर हो रहे प्रदर्शन को लेकर दर्ज एफआईआर की जांच की मॉनिटरिंग स्थानीय पुलिस उप अधीक्षक को सौंपी है। वहीं अदालत ने जांच अधिकारी को कहा है कि वह प्रकरण की जांच करे और यदि जांच में याचिकाकर्ता दोषी पाए जाए तो उसे नोटिस देकर विधि अनुसार आगे की कार्रवाई करे। जस्टिस अनूप कुमार ने यह आदेश नवल व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। </p>
<p>याचिका में अधिवक्ता वेदप्रकाश सैनी ने अदालत को बताया कि भरतपुर के वैर में 21 अप्रैल, 2023 को सैनी समाज को आरक्षण देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। घटना को लेकर पुलिस ने 22 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसमें याचिकाकर्ता को भी बतौर आरोपी शामिल कर लिया गया। याचिका में कहा गया कि वह छात्र है और मौके पर मौजूद ही नहीं था। पुलिस ने उसे मामले में गलत तरीके से फंसा दिया है। </p>
<p>याचिकाकर्ता ने इस संबंध में जांच अधिकारी को अभ्यावेदन भी दिया, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। याचिका का विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि  घटना को लेकर हुई शिनाख्त परेड से साबित है कि याचिकाकर्ता मौके पर ही मौजूद था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मामले में जांच अधिकारी को निर्देश देते हुए डीएसपी को प्रकरण की मॉनिटरिंग करने को कहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dsp-high-court-should-monitor-the-investigation-of-protest-case/article-135038</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dsp-high-court-should-monitor-the-investigation-of-protest-case/article-135038</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 13:24:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-08/rajasthan_high_court.jpg"                         length="68529"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी : प्रवासी राजस्थानी समारोह और शहर की सजावट के लिए पैसा, लेकिन जर्जर स्कूलों के लिए नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के जर्जर स्कूलों की मरम्मत नहीं करने पर रोडमैप पेश नहीं करने पर नाराजगी जताई है। इसके साथ ही अदालत ने दो दिन में रोडमैप पेश नहीं करने पर 5 दिसंबर को शिक्षा सचिव को व्यक्तिगत या वीसी के जरिए पेश होने को कहा है। सरकार प्रवासी राजस्थानी समारोह के लिए शहर की साज सज्जा के लिए पैसा खर्च कर रही है, लेकिन स्कूलों पर पैसा खर्च नहीं किया जा रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-expressed-displeasure-money-was-given-for-migrant/article-134477"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के जर्जर स्कूलों की मरम्मत नहीं करने पर रोडमैप पेश नहीं करने पर नाराजगी जताई है। इसके साथ ही अदालत ने दो दिन में रोडमैप पेश नहीं करने पर 5 दिसंबर को शिक्षा सचिव को व्यक्तिगत या वीसी के जरिए पेश होने को कहा है। अदालत ने मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार प्रवासी राजस्थानी समारोह के लिए शहर की साज सज्जा के लिए पैसा खर्च कर रही है, लेकिन स्कूलों पर पैसा खर्च नहीं किया जा रहा। अदालत ने मौखिक रूप से चेतावनी दी की यदि स्कूलों के लिए पैसा नहीं दिया तो सरकार के बाकी खर्च रोक दिए जाएंगे। जस्टिस महेन्द्र गोयल और जस्टिस अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने यह आदेश झालावाड़ में सरकारी स्कूल की छत गिरने से बच्चों की मौत के बाद लिए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए। </p>
<p>सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद अदालत में पेश हुए। उनकी ओर से रोडमैप पेश करने के लिए अदालत से समय मांगा। इस पर अदालत ने कहा कि कई बार अवसर दिए जाने के बाद राज्य सरकार की ओर से अभी तक रोडमैप पेश नहीं किया गया है। ऐसे में आगामी सुनवाई तक रोडमैप पेश नहीं करने की सूरत में शिक्षा सचिव पेश होकर अपना जवाब दें। अदालत ने 6 नवंबर को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि सरकार साल 2047 के विजन की बात करती है, लेकिन स्कूलों को लेकर कल की प्लानिंग भी नहीं है। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को जानकारी दी गई थी कि प्रदेश में करीब 86 हजार स्कूली कमरे क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन राज्य सरकार ने यह नहीं बताया था कि इन सभी कमरों को ठीक कैसे किया जा सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-expressed-displeasure-money-was-given-for-migrant/article-134477</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-expressed-displeasure-money-was-given-for-migrant/article-134477</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 11:07:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/1200-x-600-px%298.png"                         length="1404473"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पद रिक्त होने पर यूटीबी चिकित्सकों की सेवाएं जारी रखें </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि नियमित नियुक्ति के बावजूद यदि चिकित्सकों के पद रिक्त हों तो यूटीबी आधार पर कार्यरत याचिकाकर्ता डॉक्टरों की सेवाएं जारी रखी जाएं। करौली व धौलपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत इन चिकित्सकों को अचानक ड्यूटी से रोकने पर अदालत ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें सेवा में बनाए रखने का आदेश दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-decision-of-rajasthan-high-court-to-continue-the-services/article-134133"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/raj-hisgh.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि नियमित रूप से नियुक्ति के बाद भी यदि चिकित्सकों के पद रिक्त रहते हैं तो उन पर याचिकाकर्ता यूटीबी चिकित्सकों की सेवाएं जारी रखी जाएं। जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने यह आदेश राजवीर व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।</p>
<p>याचिका में अधिवक्ता विजय पाठक ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता करौली और धौलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में कई सालों से यूटीबी आधार पर चिकित्सा अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं। विभाग की ओर से समय-समय पर उनकी सेवा अवधि को बढ़ाया गया, लेकिन बीते 28 अक्टूबर को अचानक स्थानीय सीएमएचओ ने उन्हें ड्यूटी पर आने से मना कर दिया। </p>
<p>याचिका में कहा गया कि विभाग की ओर से चिकित्सकों की नियमित नियुक्ति की गई है। जिसमें कई चिकित्सकों ने नियमित पद ग्रहण कर लिया है। इसके बावजूद भी वर्तमान में कई पद रिक्त चल रहे हैं। याचिका में कहा गया कि वे ग्रामीण क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं और इसके बदले उन्हें पीजी पाठ्यक्रम में बोनस अंकों का लाभ मिलेगा। ऐसे में यदि उन्हें अचानक सेवा से हटाया गया तो उनका पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रभावित होगा। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को नियमित नियुक्ति के बाद पद रिक्त रहने पर सेवा में बनाए रखने को कहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-decision-of-rajasthan-high-court-to-continue-the-services/article-134133</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-decision-of-rajasthan-high-court-to-continue-the-services/article-134133</guid>
                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 15:13:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/raj-hisgh.png"                         length="866070"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        